Kitni Mohabbat Hai – 46

Kitni Mohabbat Hai – 46

Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal

मीरा की कही बात से अक्षत शरमा कर वहा से चला गया ! मीरा भी उसके पीछे बाहर चली आयी और तनु निधि में शामिल हो गयी ! धूमधाम और बैंड बाजे के साथ अर्जुन की बारात रवाना हुई जीजू अक्षत और लक्ष्य को लेकर आये और डांस करने लगे ये देखकर निधि तनु सुनीता और मीरा भी वहा चले आये , सभी खुशिया मना रहे थे ! विजय , दादू बहुत खुश थे घर में नया मेहमान आने वाला था ! अर्जुन घोड़ी पर बैठे बैठे ही डांस कर रहा था

अक्षत की नजर मीरा से मिलती तो दोनों ही मुस्कुरा उठे मीरा अक्षत को देखते हुए मन ही मन कहने लगी,”कब आएगा वो दिन जब आप नशे में कही बात हमसे पुरे होश में कहेंगे !”
उधर अक्षत मीरा को देखते हुए सोच रहा था,”बस भाई की शादी हो जाये उसके बाद मैं घरवालों से साफ कह दूंगा की तुम सिर्फ मेरी हो !”

बाराती आगे बढे ! नीता की शादी के लिए जो गेस्ट हॉउस बुक हुआ था वो ज्यादा दूर नहीं था सभी नाचते गाते वहा पहुंचे , दरवाजे पर नीता की बहने फूलो की थालिया लेकर सबके स्वागत के लिए खड़ी थी जैसे ही बारात दरवाजे पर पहुंची , अर्जुन घोड़ी से निचे उतरा और अक्षत व् जीजू के साथ आकर खड़ा हो गया ! अर्जुन का तिलक हुआ उसकी आरती उतारी गयी , लड़कियों ने फूल बरसाए ! बहुत ही ग्रेंड वेलकम हुआ था उसका !! सभी बाराती अंदर आये हॉल लगा था स्टेज के सामने लोगो के बैठने के लिए सॉफे कुर्सियां लगाए हुए थे !

अर्जुन सामने स्टेज पर पड़ी कुर्सी पर आकर बैठ गया और उसकी बगल में आ बैठा अक्षत ! अर्जुन ने देखा तो कहा,”तू अपनी भाभी की जगह क्यों बैठा है ?”
“हक़ बनता है मेरा , अगर भाभी को यहाँ बैठना है तो नेग देना होगा !”,अक्षत ने कहा
“अबे मेरी शादी हो जाने दे उसके बाद जो चाहिए मुझसे ले लेना !”,अर्जुन ने कहा !
“देख रहे हो जीजु सरे आम रिश्वत ऑफर की जा रही है !”,अक्षत ने पास खड़े जीजू से कहा ! जीजू ने अर्जुन की और देखकर कहा,”न ना साले साहब पिघलना नहीं है !”

अर्जुन ने जीजू को घुरा तो जीजू अक्षत की साइड आकर बोले,”देखो साले साहब माना की आप बड़े हो लेकिन फेवरेट तो मेरे छोटे साले साहब ही रहेंगे !”
“लव यू जीजू !”,अक्षत ने कहा
“लव यू टू साले साहब”,जीजू ने भी उतने ही प्यार से कहा !
“कभी कभी तो मुझे आप दोनों पर शक होता है !”,अर्जुन ने कहा
“छी छी कैसी बाते कर रहे हो साले साहब , मेरे पास मेरी तनु है !”,जीजू ने कहा

“और मेरे पास मेरी मीरा है !”,अक्षत ने सामने बैठी मीरा को प्यार से देखते हुए कहा !
“तो फिर जाकर मीरा के पास बैठ ना यहाँ क्यों बैठा है ?”,अर्जुन ने कहा
“उसके साथ भी बैठूंगा , पर वहा नहीं यहाँ फुल कॉन्फिडेंस के साथ और आप और जीजू अगल बगल खड़े हम दोनों पर फूल बरसायेंगे ,, उफ़ ये मेरे ख्यालात”,अक्षत ने नौटंकी करते हुए कहा !
जीजू और अर्जुन हंस पड़े कुछ देर बाद नीता दुल्हन के जोड़े में सजी अपनी सहेलियों और बहनो के साथ आयी !

अर्जुन उठा और स्टेज से निचे चला आया उसने नीता की तरफ अपना हाथ बढ़ाया और उसे लेकर स्टेज पर आ गया लेकिन स्टेज पर नीता का सामना अभी अक्षत से होना बाकि था ! वो सीट पर फैलकर बैठा था ! नीता के पीछे पीछे उसकी बहने भी चली आयी ! अक्षत नेग के लिए अड़ गया तो नीता ने मुस्कुराते हुए कहा,”बताईये क्या चाहिए आपको ?”

“जो आप देना चाहे !”,अक्षत ने भी मुस्कुराते हुए कहा !
नीता ने अर्जुन की और देखा और फिर थोड़ा अक्षत की और झुककर उसके कानो में धीरे से कहा,”मीरा और आपकी रिश्ते की बात कर देंगे घर में पापा से”

अक्षत ने सूना तो मुस्कुराने लगा वह हैरान था की घर में सबको उसके और मीरा के बारे में पता है ! वह उठा और नीता को गले लगाकर कहा,”लव यू भाभी” उसने खुद नीता के दोनों हाथ पकड़कर अर्जुन की बगल में बैठा दिया ! नीता खुश थी की उसे अक्षत जैसा प्यारा देवर मिलने वाला था !
हंसी मजाक के बाद वरमाला का समय हुआ तो निधि तनु और मीरा भी स्टेज पर चली आयी और अर्जुन वाली साइड खड़ी हो गयी अक्षत और जीजू भी उस और चले आये !

अक्षत मीरा की बगल में आकर खड़ा हो गया उसने मीरा की हथेली से फूल उठाये और सामने देखने लगा मीरा ने उसकी और देखा तो अक्षत ने अपने कंधे से मीरा के कंधे पर हलके से मारा और सामने देखने का इशारा किया ! बेचारी मीरा सामने देखने लगी ! अर्जुन की हाइट नीता से थोड़ी ज्यादा थी और उसके बाद वह और भी तनकर खड़ा हो गया ! नीता का हाथ वहा तक नहीं पहुँच पा रहा था ! अर्जुन और उसकी साइड खड़े लोग नीता को चिढ़ा रहे थे और नीता कोशिश कर रही थी की किसी तरह वह अर्जुन को वरमाला पहना दे !

अक्षत ने ये देखा तो नीता की और आया उसने नीता को अपनी गोद में उठाया और कहा,”भाभी पहना दो वरमाला !” नीता ने अर्जुन को वरमाला पहनाई सबने उन पर फूलो की बारिश कर दी ! उसके बाद अर्जुन ने नीता को वरमाला पहनाई ! बैकग्राउंड में बहुत ही रोमांटिक म्यूजिक बज रहा था अक्षत एक बार फिर मीरा की बगल में आकर खड़ा हो गया उसे शरारत सूझ रही थी तो उसने मीरा के कंधे को एक बार फिर अपने कंधे से टकरा दिया ! मीरा ने अक्षत की और देखा तो वह अनजान बनकर खड़ा हो गया !

मीरा ने कोई रिएक्ट नहीं किया तो अक्षत ने फिर वही हरकत की लेकिन इस बार बदले में उसके कंधे पर भी हल्का धक्का लगा अक्षत खुश हुआ उसने बिना साइड में देखे फिर से अपना कंधा लगा दिया ! फिर वही रिएक्शन आया इस बार अक्षत ने प्यार से मुस्कुराते हुए जैसे ही साइड में देखा उसकी मुस्कराहट एकदम से गायब बगल में सोमित जीजू खड़े मुस्कुरा रहे थे ! उन्हें देखकर अक्षत झेंप गया और वहा से साइड में चला गया !
वरमाला के बाद अर्जुन और नीता स्टेज पर रखे सोफे पर बैठ गए और आशीर्वाद समारोह शुरू हुआ !

शुरुआत घर के बड़ो से हुई अर्जुन और नीता के घरवालों ने एक एक करके उन दोनों को आशीर्वाद देना शुरू किया , जीजू और तनु ने दोनों को तोहफे दिए ! अक्षत भी अपनी भाभी के लिए तोहफा लेकर आया था उसने उसे दिया और दोनों के बिच में बैठकर फोटो क्लिक करवाई ! जब आखिर में फॅमिली फोटो की बारी आयी तो दादू दादी , विजय राधा और सोमित जीजू तनु दी अर्जुन नीता के पीछे खड़े हो गए ! काव्या उन दोनों के बिच में बैठी थी ! सुनीता और लक्ष्य अर्जुन की साइड में खड़े थे और निधि अपनी भाभी की साइड में सोफे के हत्थे पर बैठी थी

अक्षत भी निधि की साइड आकर खड़ा हो गया ! उसने देखा सब है मीरा नहीं है जैसे ही केमरामेन ने फोटो लेनी चाही अक्षत ने उसे रोका और इधर उधर देखा मीरा निचे साइड में खड़ी थी !
अक्षत निचे मीरा के पास आया और उसका हाथ पकड़ कर उसे स्टेज पर लेकर आया जगह ना होने की वजह से वह निचे ही बैठ गया नीता के आगे मीरा को खड़े देखकर उसने उसका हाथ खींचकर उसे निचे बैठाते हुए कहा,”तुम भी इसी परिवार का हिस्सा हो !”

केमरामेन ने फोटो ली और उसके बाद सभी निचे आ गए ! स्टेज के साइड में ही स्पीकर्स लगे थे नीता की बहने और सहेलिया नीता और अर्जुन को पकड़कर वहा ले आयी और दोनों को डांस करने को कहा ! अर्जुन और नीता ने बहुत ही रोमांटिक गाने पर डांस किया , सभी बहुत खुश थे !! उसके बाद लड़किया नीता को वहा से ले गयी ! निधि , लक्ष्य काव्या को भूख लगी थी तो वो तीनो बाहर लॉन में चले आये !
निधि काव्या का हाथ पकडे हुए लॉन में घूम रही थी की लक्ष्य उन दोनों के लिए खाने को कुछ ले आया !

निधि लक्ष्य और काव्या तीनो साथ साथ खा रहे थे की तभी हनी वहा आया और निधि से कहा,”अकेले अकेले !”
“अरे तुम , तुम कहा थे ? दिखाई नहीं दिए आज !”,निधि ने हनी से कहा
“आज एग्जाम थी मेरी तो उसी के लिए आउट ऑफ़ टॉउन था , बस अभी अभी पहुंचा हु तो पता चला बारातियो का स्वागत तो हो चुका !”,हनी ने हसते हुए कहा
“अच्छा जी तो अब कर लो खातिरदारी !”,निधि ने इतराते हुए कहा !

“बिल्कुल मैडम बंदा हाजिर है बताईये क्या किया जाये ?”,हनी ने अदा से निधि की आँखों में झांकते हुए कहा तो निधि मुस्कुरा दी !
“हम्म्म फ़िलहाल तो भूख लगी है , कुछ खिला ही दीजिये !”,निधि ने कहा !
“जी जरूर !”,कहकर हनी चला गया निधि काव्या का हाथ पकडे आकर कुर्सी पर बैठ गयी ! लक्ष्य किसी काम से चला गया हनी ने प्लेट में निधि के लिए कुछ मीठा और स्नेक्स रखा और आकर उसके सामने बैठ गया ! काव्या निधि की बगल में ही बैठी जूस पी रही थी ! हनी ने प्लेट निधि की और खिसकाकर कहा,”वैसे बड़ी मतलबी हो यार तुम !”

“कैसे ?”,निधि ने कहा
“ये भी नहीं पूछा की कैसा हु मैं ?”,हनी ने मुंह बनाकर कहा
“अरे इसमें कोनसी बड़ी बात है लो अभी पूछ लेती हु मैं , बताओ कैसे हो तुम ?”,निधि ने कहा
“बहुत बुरा हाल है यार , कुछ अच्छा नहीं लगता न भूख लगती है , ना नींद आती है”,हनी ने निधि को देखते हुए कहा

“ऐसा क्या ?”,निधि ने अपनी पलके झपकाते हुए कहा
“हां सच में !”,हनी ने कोहनी टेबल पर टीकाकर हाथ गाल से लगाते हुए कहा !

“फिर तो तुम्हे डॉक्टर की जरूरत है !”,निधि ने हँसते हुए कहा , हँसते हुए वह बड़ी प्यारी लग रही थी हनी एकटक उसे देखता रहा ! खाते हुए निधि के होंठो पर कुछ लग गया तो हनी ने उसे हटाने का इशारा किया निधि को कुछ समझ नहीं आया तो हनी ने आगे बढ़कर खुद ही अपनी ऊँगली से हटा दिया ! जैसे ही हनी ने निधि को छुआ , उसके मन के तार झनझना उठे ! दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते रहे , नन्ही काव्या जूस पीते हुए दोनों को देखे जा रही थी उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था

कुछ देर बाद घूमते हुए मीरा वहा पहुंची निधि और हनी को एक दूसरे में खोया देखकर वह ख़ासी तो हनी और निधि होश में आये , मीरा को वहा देखकर वह एकदम से पीछे हट गया और कहा,”अरे मीरा जी आप , आईये न !”
मीरा मुस्कुराते हुए वहा आकर बैठ गयी उसने निधि और हनी को साथ में खोये हुए जो देख लिया था ! मीरा के वहा आते ही काव्या भी अपना ग्लास लिए उसके पास चली आई और उसकी गोद में आते हुए कहा,”मीरु दीदी हनी भैया को डॉक्टर के पास जाना है !”
“क्यों ?”,मीरा ने पूछा

“क्योकि वो मौसी से बोल रहे है उन्हें भूख नहीं लगती , नींद नहीं आती हाल बुरा है ! ऐसा तो तभी होता है न जब हम बीमार होते है”,काव्या ने प्यार से कहा
काव्या की बात सुनकर हनी इधर उधर देखने लगा और मीरा हसने लगी उसने काव्या के बाल ठीक करते हुए कहा,”ये दिसम्बर का महीना है काव्या इस महीने में लोग बीमार हो ही जाते है !” कहते हुए मीरा शरारत भरी नजरो से निधि को देख रही थी ! हनी ने सूना तो उठते हुए कहा,”मीरा जी मैं आपके लिए कुछ ले आता हु !”

हनी वहा से निकल गया मीरा मुस्कुराते हुए निधि को देख रही थी तो निधि ने कहा,”क्या है मीरा ? घूरना बंद करो !”
“क्या बात है निधि मैडम आँखों में आँखे , होंठो पर मुस्कराहट , गालो पे ब्लश सही है !”,मीरा ने निधि को छेड़ते हुए कहा !
“ऐसा कुछ भी नहीं है !”,निधि ने मीरा से नजरे चुराते हुए कहा
“इश्क़ छुपता नहीं छुपाने से”,मीरा ने गाते हुए कहा !
“स्टॉप इट मीरा !”,निधि ने उसे रोकते हुए कहा

“सुनो अगर कोई पसंद हो तो बोल देना चाहिए , ज्यादा देर करोगी तो पछताओगी !”,मीरा ने कहा
“वाह वाह ये बात भी कौन बोल रही है मिस मीरा राजपूत , खुद तो भाई के सामने कुछ बोल नहीं पाती और मुझे ज्ञान दे रही है !”,निधि ने मीरा की पोल खोलते हुए कहा !
भाई के नाम पर मीरा खामोश हो गयी तो निधि ने कहा,”हो गयी ना बोलती बंद ये हो तुम , बोलना आसान है मीरा करना मुश्किल !”

“इंतजार का मजा तुम क्या जानो निधि , जो सुकून इंतजार में है वो इजहार में कहा !”,मीरा ने कहा
“कही ऐसा ना हो की तुम इंतजार करती ही रह जाओ और भाई को कोई और ले जाये !”,निधि ने मीरा को छेड़ते हुए कहा !
“वो कही नहीं जाने वाले”,मीरा ने इत्मीनान से कहा
“अच्छा तुम इतना यकीन के साथ कैसे कह सकती हो ?”,निधि ने पूछा
“कल रात हमने उनकी आँखों में अपने लिए बहुत सारी फीलिंग्स देखी है , वो जाना भी चाहे तो नहीं जा पाएंगे !”,मीरा ने कहा

“हां वो इतना आलसी है ना की उन्हें सिर्फ सोना और घूमना पसंद है !”,निधि ने कहा
“आलसी नहीं है वो , वो अपने आप में बहुत खास है निधि , तुम उनकी बहन होकर भी उन्हें नहीं समझ पाई !”,मीरा ने ताना कसा !
“धन्य हो मैडम आपने समझ लिया ये ही काफी है , उन्हें झेलने की शक्ति घर में किसी में नहीं है शिवाय माँ के और अब आपके !”,निधि ने नौटंकी करते हुए कहा !
“उन्हें छोडो अपनी बताओ , क्या चल रहा था अभी थोड़ी देर पहले यहाँ ?”,मीरा ने फिर से पुरानी बात छेड़ते हुए कहा !

“अरे कुछ भी नहीं बस अच्छे दोस्त है !”,निधि ने दोस्त शब्द पर जोर देते हुए कहा
हनी को आते देखकर मीरा ने उठते हुए निधि के पास से गुजरते हुए कहा,”ध्यान रखना जरा ये दोस्तिया प्यार में बहुत जल्दी बदलती है !”
मीरा अंदर चली आयी तो सामने से आते अक्षत से टकरा गयी ! अक्षत ने उसे सम्हाला और कहा,”अरे ध्यान कहा है तुम्हारा ?”

“सॉरी !”,मीरा ने कहा
”अच्छा वो सब छोडो , कुछ खाया तुमने ?”,अक्षत ने पूछा
“नहीं !”,मीरा ने कहा

“चलो , मैंने जीजू और तनु दी को भी बुला लेता हु , शादी भाई की है अपन क्यों भूखे रहे”,अक्षत ने कहा और मीरा को लेकर लॉन में आ गया ! जीजू और तनु भी आ गए , सबने खाना खाया और अंदर चले आये , अंदर हॉल के एक साइड में बहुत ही खूबसूरत मंडप लगा हुआ था जहा अर्जुन और नीता बैठे थे ! अक्षत , जीजू , हनी और लक्ष्य भी आकर उन लोगो के पीछे पड़ी कुर्सियों पर बैठ गए मीरा और निधि नीता के पास बैठ गयी , जीजू और अक्षत को अर्जुन के जूते सम्हालने की जिम्मेदारी मिली थी ताकि नीता की बहने उन्हें चुरा ना सके !

सभी वहा बैठकर शादी की रस्मो का मजा ले रहे थे ! नीता की बहने अर्जुन के जूते चुराने की ताक में यहाँ से वहा घूमने लगी और आखिर में जूते उनके हाथ लग ही गए ! जूते लेकर वे सभी चलते बनी ! कुछ देर बाद अक्षत ने जीजू को परेशान सा यहाँ वहा घूमते देखा ! अक्षत ने जीजू से ध्यान हटाकर मीरा पर लगा दिया ! नीता के पास बैठी वह कितनी प्यारी लग रही थी , अक्षत बस उसे देखे जा रहा था ! अर्जुन ने नीता की मांग में सिंदूर भरा , गले में मंगलसूत्र बांधा और उसके बाद दोनों फेरो के लिए खड़े हो गए !

मीरा उस वक्त उठकर पीछे हो गयी तो अक्षत ने उसे अपने पास आकर बैठने का इशारा किया ! मीरा आकर अक्षत की बगल में पड़ी खाली कुर्सी पर बैठ गयी ! अर्जुन और नीता फेरे लेने लगे मीरा उन्हें बड़े गौर से देख रही थी तो अक्षत ने कहा,”क्या देख रही हो ?”
“देख रहे है की जिंदगी में शादी कितना खूबसूरत पल होता है ना , दो अनजान लोग एक बंधन में हमेशा हमेशा के लिए कभी न टूटने वाले रिश्ते में बध जाते है”,मीरा ने फेरो में जलती अग्नि को देखते हुए कहा !
अक्षत ने मीरा के चेहरे की और देखते हुए कहा,”तुम्हे ऐसी शादी पसंद है ?”

“हां , ऐसी शादी जिसमे बहुत सारे लोग हो , नाच गाना , मस्ती , ढेर सारी रस्मे हो”,मीरा ने अक्षत की और देखकर कहा
“हम्म्म्म , ऐसे ही होगा !”,अक्षत ने कहा
“मतलब ?”,मीरा ने कहा
“कुछ नहीं शादी देखो !”,अक्षत ने कहा और दोनों एकटक फिर अग्नि को देखने लगे ! दोनों के ख्यालात इस वक्त एक ही थे दोनों अर्जुन और नीता की जगह एक दूसरे को देख रहे थे ! उधर जीजू घूमते हुए राधा के पास आये और कहा,”मौसी माँ किसी ने जूते चुरा लिए !”

“अरे तो ये रस्म होती है बेटा !”,राधा के पास खड़ी नीता की दादी माँ ने कहा
उनकी इस बात से जीजू ने चिढ़ते हुए कहा,”रस्म है तो जीजा के चुराए ना , बारातियो के जूते क्यों चुरा लिए ?”
नीता की बहनो ने अर्जुन के जूतों की जगह जीजू के जूते चुरा लिए थे ! राधा और दादी ने देखा तो हसने लगी बेचारे जीजू वापस मंडप में नंगे पैर ही चले आये ! अक्षत ने देखा तो पूछा उन्होंने जूतों वाली बात बताई तो अक्षत हसने लगा और कहा,”भाई के जूते तो मेरे पास है !”

“जिसने भी मेरे जूते चुराए है न छोड़ूंगा नहीं मैं उसे !”,जीजू ने कहा
“अरे छोडो यार जीजू , शादी एन्जॉय करते है !”,अक्षत ने कहा

मंडप में सभी रस्मे होने के बाद अर्जुन और नीता को खाना खिलाने ले गए ! उनके लिए बड़ी सी टेबल का इंतजाम किया गया जहा दोनों परिवार के लोग मौजूद थे ! सबने साथ खाना खाया , जीजू तनु मीरा निधि और अक्षत पहले ही खा चुके थे इसलिए वे सब बैठकर गप्पे लड़ा रहे थे ! खाना खाने के बाद सभी हॉल में जमा हो गए यहाँ नीता की बहने अर्जुन से जूतों के लिए नेग की मांग कर रही थी लेकिन अर्जुन के जूते तो अक्षत के पास थे इसलिए उसने अक्षत को जूते पहना दिये बेचारी लड़किया अक्षत का मुंह देखते ही रह गयी ! उनमे से एक ने कहा,”जीजाजी के जूते यहाँ है तो फिर हमने किसके जूते चुराए ?”

“मेरे !”,जीजू ने आगे आकर कहा तो बेचारी लड़की शरमाँ कर पीछे चली गयी ! माहौल हंसी मजाक से भर गया विजय ने अपने जेब से पैसे निकालकर शगुन दिया ! सब रस्मे खत्म होते होते सुबह हो गयी और उसके बाद विदाई का वक्त आया ! विदाई के वक्त नीता की आँखे नम थी वह अपने सभी घरवालों से मिली , सबने उसे ढेर सारा प्यार और दुआए दी और विदा किया ! सभी गाड़ियों में आ बैठे बारात वापस रवाना हो चुकी थी ! अर्जुन और नीता जिस गाड़ी में थे उस गाड़ी को अर्जुन चला रहा था और उसके साथ बैठे थे सोमित जीजू !

नीता अभी भी थोड़ा सुबक रही थी तो अर्जुन ने कहा,”अरे यार भाभी अब बस भी करो ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अपने घर में ही तो जा रही हो !”
“जब आपके वाली आएगी ना तब आपसे पूछेंगे ये बात !”,नीता ने अपने आंसू पोछकर कहा
“मेरे वाली नहीं रोयेगी देखना हँसते हँसते आएगी”,अक्षत ने कहा जीजू जो अब तक खामोश बैठे थे तपाक से बोल पड़े,”वैसे भी एक कमरे से दूसरे कमरे में ही तो शिफ्ट होना उसको , है ना आशु ?”
“सही पकडे है !”,अक्षत ने हाई फाइव देते हुए कहा तो पीछे बैठी नीता हसने लगी !

उसे हँसता देखकर अक्षत ने नीता से कहा,”बस ऐसे ही हसते रहना है आपको , और जब भी घर की याद आये ना तो मुझे बताना मैं लेकर चलूँगा आपको !”
“अच्छा अभी से भाभी की जी हुजूरी शुरू !”,अर्जुन ने ताना कसा !
“भाभी तो वैसे ही माँ जैसी होती है , और मेरी भाभी तो माँ भी है , दोस्त भी है और मेरी सपोर्टर भी !”,अक्षत ने कहा।
“जी देवर जी , देवर वैसे भी भाभियो के फेवरेट होते है !”,नीता ने कहा तो अक्षत ख़ुशी से मुस्कुराने लगा !

कुछ देर में सभी घर पहुंचे राधा और बाकि घरवाले पहले ही पहुँच चुके थे ! सबने मिलकर धूमधाम से नीता और अर्जुन का वेलकम किया ! सभी अंदर चले आये ! कुछ सोने चले गए कुछ वही हॉल में पड़े सोफों पर बैठकर सुस्ताने लगे ! निधि मीरा और तनु नीता को लेकर निचे गेस्ट रूम में लेकर चली गयी वह घर की बाकी औरते भी मौजूद थी सभी नीता को देखकर उसकी तारीफ करने लगी !

अर्जुन दूसरे रूम में आकर बैठ गया जहा जीजू अक्षत और बाकि लोग भी थे !! राधा ने रसोईये से सबके नाश्ते का इंतजाम करने को कहा ताकि बाद में रस्मे कर सके और खुद दूसरे कामो में लग गयी ,,

विजय बाहर गेट के पास खड़े फोन पर शाम के रिसेप्शन का इंतजाम करने को कह रहे थे तभी एक लड़का आया और उनको एक लिफाफा थमाकर चला गया ! विजय जी उस से कुछ पूछ पाते इस से पहले ही वह चला गया !! विजय जी ने फोन जेब में रखा और लिफाफा खोला उसमे कुछ तस्वीरें थे विजय एक एक करके उन्हें देखने लगा जैसे जैसे देखते गए उनके चेहरे के भाव बदलते गए उन्होंने वही खड़े खड़े जोर से आवाज लगाई,”अक्षत ! अक्षत !”
बाहर काम करते हुए रघु ने देखा

विजय गुस्से से अक्षत को बुला रहे है तो वह भागता हुआ अंदर गया और अक्षत को बाहर आने को कहा ! अक्षत को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था की बाहर क्या होने वाला है ? वह विजय के सामने आया और कहा,”आपने बुलाया ?”
विजय ने हाथ में पकडे फोटोग्राफ्स अक्षत की और बढ़ा दिए अक्षत ने जैसे ही उन फोटोग्राफ्स को देखा उसकी ख़ुशी एकदम से गायब हो गयी और उसने विजय की तरफ देखकर कहा,”पापा वो मैं ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!”

“सटाक !”,अक्षत आगे कुछ बोलता इस से पहले ही विजय ने एक तेज थप्पड़ अक्षत के गाल परे रसीद कर दिया ! अक्षत का दिमाग झनझना उठा उसने फिर भी सफाई देने की कोशिश की और विजय ने दूसरा थप्पड़ उसके गाल पर रसीद किया और अक्षत को घूरने लगे ! अपने पिता से नजरे मिलाने की हिम्मत उस वक्त अक्षत में नहीं थी वह सर झुकाये खड़ा रहा , विजय वहा चला गया !!

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संजना किरोड़ीवाल

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