पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 13

Pakizah – 13 Pakizah – 13 सुख विलास , दुसरी मंजिलफ्लैट नम्बर 301 शाम 7 बजे दरवाजे की घंटी लगातार बजती है l शिवेन उठकर दरवाजा खोलता है सामने मयंक ओर राघव खड़े है “दरवाजा खोलने में इतनी देर क्यों लगा...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 12

Pakizah – 12 Pakizah – 12 बेल्ट की मार से पाकीजा सुबह से दोपहर तक बेसुध सी बिस्तर पर पड़ी रही l खिडकी से आती धुप की किरणे जब आकर उसके चेहरे पर पड़ी तो उसकी आँख खुली सारा बदन दर्द...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 11

Pakizah – 11 Pakizah – 11 अंधेरे कमरे में बिस्तर पर पड़ी पाकीजा की आंख खुली l उसे कुछ याद नही था ना ये पता था कि वो कहा है ! सर दर्द से फटा जा रहा था बाहर से आती...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 10

Pakizah – 10 Pakizah – 10 पाकीजा की कहानी पढ़ने के बाद रूद्र सारी रात सो नहीं पाया और सारी रात बिस्तर पर करवटे बदलता रहा ! उसका दर्द सारी रात रूद्र की आँखों में घूमता रहा lलेकिन ये तो पाकीजा...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 9

Pakizah – 9 Pakizah – 9 पाकीजा के आश्चर्य का कोई ठिकाना नही था सामने बैठा अधेड़ उम्र का सख्स खुद को उसका शौहर बता रहा था l पाकीजा ने सर पर ओढ़ा दुपट्टा उतार फेका ओर बिस्तर से उतर कर...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 8

Pakizah – 8 Pakizah – 8 रूद्र के हाथ में पन्नो में सिमटा पाकीजा की जिंदगी का सच था l वो सच जिसे जानने के लिए रूद्र के साथ साथ सारे पाठक भी बेसब्र थे l रूद्र स्टडी टेबल के पास...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 7

Pakizah – 7 Pakizah – 7 रूद्र को वहा देखकर पाकीजा ने अपना चेहरा घुमा लिया l रूद्र पाकीजा के पास ना आकर सीधा महेश के पास चला गया l पाकीजा आकर वापस बेंच पर बैठ गयी और सामने दूर तक...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 6

Pakizah – 6 Pakizah – 6 किसी अनहोनी के डर से रुद्र तुरन्त घर के लिए निकला l रास्ते भर परेशानी के भाव उसके चेहरे पर आते जाते रहे l रुद्र घर पहुचा दरवाजा खुला हुआ था रुद्र सीधा अंदर गया...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 5

Pakizah – 5 Pakizah – 5 सुबह का समय रूद्र अपने कमरे में सो रहा है l बाहर हलकी बारिश हो रही है l तभी दरवाजे पर दस्तक होती है रूद्र नींद में अलसाया हुआ सा उठकर बाहर आता है l...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 4

Pakizah – 4 Pakizah – 4 सेंट्रल जेल -: रूद्र इन्वेस्टिगेशन रूम में बैठा था l कुछ देर बाद जेलर पाकीजा को लेकर कमरे में दाखिल हुआ l हरे रंग के लिबास में लिपटी पाकिजा हाथ बंाधे रूद्र के सामने खड़ी...
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