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पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 40

Pakizah – 40 Pakizah – 40 रूद्र ने जैसे ही शिवेन का नाम देखा चौंक गया l सारी बातें साफ साफ नजरो के सामने घूमने लगी l अब उसे समझ आने लगा की क्यों पाकीजा को पहली बार देखते ही उसे...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 39

Pakizah – 39 Pakizah – 39 शिवेन की मौत की खबर सुनकर पाकीजा बेहोश होकर गिर पड़ी l सुबह तक उसे होश आया तब तक शिवेन के मम्मी पापा भी हॉस्पिटल आ गए l अविनाश जी ने शिवेन के बारे में...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 38

Pakizah – 38 Pakizah – 38 शिवेन का इंतजार करती हुयी पाकीजा अपने कमरे की खिड़की से बाहर देख रही थी l उसने अपने कंधे पर किसी का हाथ महसूस किया l शिवेन होगा सोचकर पाकीजा ख़ुशी से जैसे ही पलटी...

पाकिजा – एक नापाक जिंदगी 37

Pakizah – 37 Pakizah – 37 “ये तुम दोनों के लिए मेरी तरफ से शादी का तोहफा है” , राघव ने मुस्कुराकर शिवेन से कहा l “तू होश के तो है , ये मैं कैसे रख सकता हु यार”,शिवेन ने हैरान...

पाकिजा – एक नापाक जिंदगी 35

Pakizah – 35 Pakizah – 35 “एक वेश्या के बेटे से आखिर इस से ज्यादा ओर क्या उम्मीद की जा सकती है”,अविनाश जी ने शिवेन से ये कड़वे शब्द कहे ओर वहां से चले गए “वेश्या का बेटा” शिवेन को छोड़कर...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 34

Pakizah – 34 Pakizah – 34 “मैं दूंगा गवाही”,कहते हुए वह सख्स थाने के अंदर आया सबकी नजरे उस पर जम गयी l सभी हैरानी से उसे देख रहे थे पर कोई सबसे ज्यादा हैरान था तो वो थी सोनाली…………………..!! सामने...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 33

Pakizah – 33 Pakizah – 33 कॉन्स्टेबल की बात शिवेन के सीने में चुभ सी गयी l वह आकर गाड़ी में बैठा l “अब कहा चलना है अपनी बेइज्जती करवाने ?”,राघव ने गुस्से से ड्राइवर सीट पर बैठते हुए कहा शिवेन...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 32

Pakizah – 32 Pakizah – 32 पाकीजा की कहानी में अपना नाम पढ़कर रूद्र एकदम से चौंक गया l उसने किताब बंद कर दी l घडी की तरफ देखा जो की सुबह के 5 बजा रही थी l पाकीजा की कहानी...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 31

Pakizah – 31 Pakizah – 31 “पाकीजा” अम्माजी को सौंपकर पाटिल वहा से चला गया lपाकीजा बेहोशी की हालत में अम्माजी के बिल्कुल सामने पड़ी थी l गुस्से से भरी अम्माजी पकीजा को खा जाने वाली नजरो से देख रही थी...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 30

Pakizah – 30 Pakizah – 30 शिवेन ने पाकिजा को अम्माजी के पास छोड़ा और जल्दी आने का कहकर राघव ओर मयंक को घर छोड़ने के लिए चला गया l शिवेन चुपचाप किसी सोच में डूबा गाड़ी चला रहा था l...
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