Kitni Mohabbat Hai – 35
Kitni Mohabbat Hai – 35

( भाग-34 पढ़कर कुछ पाठक असमझ में थे की अमर के सामने आने के बाद भी मीरा उसे पहचान क्यों नहीं पाई ? जबकि वह भोपाल से लौटते वक्त अमर को देखकर डर गयी थी ! वो इसलिए क्योकि अमर से जब मीरा पहली बार मार्किट में मिली थी तब राधा ने उसे अमर से दूर रहने की चेतावनी दी थी , भोपाल में उसने अपने पिता की जो तस्वीर देखी थी वो अमर की जवानी की तस्वीर थी !! अपने पिता का सच जानकर जब वो टूट चुकी थी , जब अमर को अपनी और घूरते पाया तो डर गयी ! हॉस्पिटल में अमर से मिली तब सहज थी क्योकि वो जान चुकी थी उसे अमर से कोई खतरा नहीं है ! अब आगे !)
अक्षत दिल्ली से निकल चूका था मीरा से बढकर उसके लिए इस वक्त कुछ नहीं था ये अहसास उसे अब हो रहा था !! 2 घण्टे बाद अक्षत इंदौर पहुंचा उसने
कैब की और अर्जुन को फोन किया लेकिन फोन बंद था ! तभी अक्षत का फोन बजा तनु का फोन था अक्षत ने फोन उठाया तो दूसरी तरफ सोमित जीजू थे उन्होंने अक्षत के सही सलामत इंदौर पहुँचने की बात पूछी और बताया की मीरा भी ठीक है !! अक्षत ने उनसे हॉस्पिटल का नाम पूछा और कैब वाले से हॉस्पिटल चलने को कहा !
जैसे ही कैब हॉस्पिटल के सामने पहुंची अक्षत बिना समय गवाए उतरकर जाने लगा तो कैब वाले ने पीछे से आवाज लगाई,”अरे सर मेरे पैसे ?”
अक्षत वापस आया और पैसे देकर कहा,”सॉरी यार जल्दी में हु !”
“सर ये बाकि पैसे”,ड्राइवर ने जैसे ही कहा अक्षत वहां से जा चुका था ! दौड़कर वह अंदर आया और रिसेप्शन पर मीरा के रूम नंबर के बारे में पूछा ! अक्षत का दिल अब जोर जोर से धड़क रहा था पता नहीं मीरा को इस हालत में वो देख पायेगा भी या नहीं !
अक्षत कमरे के सामने आया और धीरे से दरवाजा खोलकर अंदर आया उसे देखते ही राधा और निधि हैरान हो गयी और उनके साथ साथ मीरा भी !!
“आशु तुम यहाँ , कैसे ? तुम ठीक तो हो ना”,राधा ने उसके पास आकर कहा
“मैं ठीक हु माँ”,अक्षत ने कहा , राधा फोन आने की वजह से बाहर निकल गयी , अक्षत मीरा के पास आया ! अक्षत को अपने सामने देखकर मीरा खुश भी थी लेकिन हैरान भी की वो इस वक्त यहाँ क्या कर रहा है ? अक्षत सब भूल गया उसे बस अपने सामने मीरा दिखाई दे रही थी
पुरे 26 दिनों के बाद देख रहा था वो उसे , उस पर ऐसी हालत में उसका दिल किया अभी आगे बढ़कर मीरा को गले लगा ले लेकिन रोक लिया खुद को ! अक्षत को खामोश मीरा ने कहा,”आप यहाँ ?”
“वो सब छोडो तुम ठीक हो ना ?”,अक्षत ने बेचैनी से कहा
“हां हम ठीक है , पर इस तरह चले आये !”,मीरा ने कहा
“ये सब कैसे हुआ ?”,अक्षत ने पूछा
“भाई वो ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!”,निधि ने कहना चाहा तो मीरा ने उसे रोक दिया वो नहीं चाहती थी सच्चाई जानकर अक्षत अपनी पढाई से ध्यान भटकाए और परेशान हो !
“क्या निधि ? तुम कुछ कहना चाहती हो ?”,अक्षत ने कहा
“नहीं अक्षत जी निधि तो बस ऐसे ही !”,कहते हुए मीरा ने निधि को घुरा !!
“नहीं मीरा बहुत हो गया , भाई को सच का पता चलना बहुत जरुरी है की इनकी सो कोल्ड गर्लफ्रेंड ने तुम्हारे साथ क्या किया है ?”,निधि ने गुस्से से मीरा का हाथ झटककर कहा !
“मोना ने कुछ किया ?”,अक्षत ने हैरानी और गुस्से के मिले जुले भावो के साथ कहा
“निधि प्लीज़ !!”,मीरा ने उसे रोकने की कोशिश की तभी अक्षत बोल पड़ा,”मीरा स्टॉप दिस नॉनसेंस , मुझे सुनने दो निधि क्या कहना चाहती है ? हां निधि बोलो क्या किया मोना ने ?”
निधि ने अक्षत को मोना के घर आकर राधा से बदतमीजी करने से लेकर मीरा और उसके झगडे के बारे में सब बता दिया ! मीरा के साथ जो हादसा हुआ उसके बाद मोना का उसे धमकी देकर जाना सब बता दिया निधि ने और जब अक्षत ने ये सूना तो गुस्से से भर उठा !
उसने एक नजर मीरा की और देखा जो ख़ामोशी से नजरे झुकाकर बैठी थी !! अक्षत कमरे से बाहर निकल गया बाहर कॉरिडोर में उसे शुभ मिल गया अक्षत को अचानक वहा देखकर वह भी हैरान था उसने उसके पास आकर कहा,”भाई तू कब आया ? मीरा से मिला !”
“अपनी बाइक की चाबी दे !”,अक्षत ने गुस्से से कहा
“हां ये ले पर हुआ क्या ?”,शुभ ने चिंता जताते हुए कहा !
“बाद में मिलता हु !”,कहते हुए अक्षत वहा से चला गया !
अक्षत को जाते हुए देखकर शुभ मीरा के पास आया और कहा,”ये अक्षत यहाँ क्या कर रहा है ? और मीरा ये सब कब हुआ ? मैं तो आज सुबह घर आया तब पता चला और बाकि लोग कहा है ?”
शुभ ने आते ही सवालों का ढेर लगा दिया ! निधि उसके पास आयी और कहा,”मीरा अब ठीक है , थैंक गोड उसे ज्यादा चोट नहीं आयी !!”
“निधि वो तो ठीक है पर अक्षत इतने गुस्से में क्यों था ?”,शुभ ने मीरा के पास पड़ी कुर्सी पर बैठते हुए कहा !
“शुभ भाई वो निधि की वजह इसने अक्षत जी को सब बता दिया”,मीरा ने परेशान होकर कहा
“क्या बता दिया ?”,शुभ अब भी असमझ की स्तिथि में था !!
“शुभ भैया इन सबके पीछे मोना का हाथ है , कुछ देर पहले ही वो मीरा को धमकी भी देकर गयी है ! बताओ मैंने गलत किया भाई को ये सब बताकर”,निधि ने गुस्से से उबलते हुए कहा !
“बहुत अच्छा किया निधि , उस मोना की तो मैं ,, अक्षत को उसकी गन्दी नियत का पता होना जरुरी है !! मीरा के साथ उसने जो किया है वो सही नहीं है !”, शुभ ने निधि की हां में हां मिलाते हुए कहा !
“शुभ भाई , निधि ये सही नहीं किया आपने !”,मीरा ने कहा
“ओह्ह रियली तुम्हे अब भी उस मोना की फ़िक्र हो रही है !”,निधि ने कहा
“नहीं निधि हमे मोना की परवाह नहीं है बल्कि हमे अक्षत जी की परवाह है जिस तरह गुस्से में वो गए है ,, उनका दिल्ली से बिना बताये यहाँ चले आना हमे डरा रहा है”,मीरा ने कहा !
शुभ उसके पास आया और कहा,”मीरा वो तुम्हारे लिए यहाँ आया है , और तुम बिल्कुल परेशान मत हो अक्षत को कुछ नहीं होगा हां मोना को जरूर सबक मिल जाएगा आज !” कहते हुए उसने निधि को हाई-फाइव दिया ! मीरा मन ही मन अक्षत के लिए परेशान हो रही थी ! शुभ और निधि उसे हँसाने की कोशिश करने लगे!
उधर अक्षत गुस्से में बाहर आया बाइक स्टार्ट कर तेजी से वहा से निकल गया ! अंदर ही अंदर वह गुस्से की आग में जल रहा था ! अक्षत ने बाइक मोना के घर के सामने आकर रोकी और उतरकर अंदर आया ! अंदर आते ही उसने नौकर से पूछा,”मोना कहा है ?”
“सर वो ऊपर है !”,नौकर ने कहा और चला गया !
गुस्से में अक्षत सीढिया चढ़ता हुआ ऊपर जाने लगा निचे किचन में काम कर रही मोना की माँ ने अक्षत को देखा तो ख़ुशी से भरकर कहा,”आज तो अक्षत खुद चलकर आया है , जरूर कोई अच्छी बात होगी !”
अक्षत ऊपर आया मोना अक्षत को देखते ही उसके पास आयी और कहा,”हे बेबी तुम कब आये ? व्हाट अ प्लेजेंट सरप्राइज ? देखा मेरे बिना नहीं रह पाए ना तुम !”
“सटाक !”,अक्षत ने एक जोरदार थप्पड़ मोना के गाल पर मारा और कहा,”तुम खुद को समझती क्या हो ? तुम्हारे जैसी घटिया लड़की मैंने आज तक नहीं देखी मोना , मतलब किसी से बदला लेने के लिए तुम इतना गिर जाओगी मैंने सोचा नहीं था !!”
गुस्से से मोना का चेहरा तमतमा उठा ! उसने अपना गाल सहलाते हुए कहा,”हाउ डेयर यू ? तुमने मुझपर हाथ उठाया !”
“सिर्फ हाथ उठाया है , तुम्हारी जगह कोई और होता तो जान ले लेता मैं उसकी !”,अक्षत ने दांत पीसते हुए कहा !
“मैंने किया क्या है ?”,मोना ने गुस्से से चिल्लाकर कहा
“मीरा के साथ तुमने जो किया वो ठीक नहीं किया मोना , आखिर क्या बिगाड़ा है उस लड़की ने तुम्हारा ? क्यों उसके पीछे पड़ी हो ?”, अक्षत ने कहा
“ओह्ह्ह तो उस मीरा के लिए यहाँ आये हो , नफरत करती हु मैं उस से ,, मैं इतने सालो से तुम्हारे साथ हु लेकिन फिर भी तुम्हारे घर में हर कोई उसे प्यार करता है !! आई जस्ट हेट हर !”,मोना ने नफरत से कहा !
“सब उस से प्यार करते है क्योकि वो इस लायक है ! तुम एक लड़की होकर दूसरी लड़की से नफरत कैसे कर सकती हो ? तुम्हारी वजह से आज वो हॉस्पिटल में है मोना !”,अक्षत ने मोना की बांह पकड़कर उसे अपनी और करके गुस्से कहा
“मेरी वजह से ? तुम होश में तो हो !”,मोना ने हैरानी से कहा
“हां होश में हु मैं , अपनी घटिया सोच को अंजाम देने के लिए पहले तुमने उसे डराया धमकाया जब उसमे कामयाब नहीं हुई तो उसे किडनेप तक करवा दिया , वो लोग कुछ भी कर सकते थे उसके साथ , यू नो देट !!”,अक्षत ने उसे दूर करके कहा
“डराया , धमकाया , और किडनेप ? आर यू मेड ? मैं ऐसा क्यों करुँगी ?”,मोना ने असमझ की स्तिथि में कहा
“ऐसा नहीं है तो फिर जो पार्सल मैंने मीरा के लिए भेजा था वो तुम्हारे घर कैसे आया ?”,अक्षत ने कहा
अक्षत की बात सुनकर मोना बगले झाँकने लगी तो अक्षत ने उसकी दोनों बांहो को पकड़ा और कहा,”जवाब दो , वो पार्सल तुम्हारे पास कैसे आया ?”
“उस दिन मैं तुम्हारे घर गयी थी लेकिन अंदर जाने से पहले ही मुझे पार्सल वाला लड़का मिला उसने मीरा का एड्रेस पूछा तो मीरा के नाम से मैंने वो पार्सल ले लिया और घर ले आयी लेकिन मैंने उसे खोलकर नहीं देखा !”,मोना ने कहा
“और उसके बदले तुमने मीरा को गलत पार्सल भिजवा दिया !”,अक्षत ने कहा
“नो बेबी , मैंने मैंने ऐसा कुछ नहीं किया , मैंने मीरा को कोई पार्सल नहीं भिजवाया !”,मोना ने सफाई दी !
“झूठ बोल रही हो तुम , तुमने ही भेजा था , वो सब धमकी भरी चिट्ठियां भी तुम्हारी थी और जो घटिया हरकत उसे किडनेप करवाकर तुमने की है उसके लिए मैं तुम्हे कभी माफ़ नहीं करूंगा !”,अक्षत ने कहा
“ट्रस्ट मी बेबी मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है , हां ये बात सही है की तुम्हारा पार्सल मैं ले आयी थी पर मैंने उसे दूसरा कोई पार्सल नहीं भेजा , और मैं उसे किडनेप क्यों करवाउंगी ? मैं दो दिन से शहर में नहीं थी अपनी कजिन की इंगेजमेंट में थी , तुम्हे यकींन नहीं तो मैं तुम्हारी बात करवा सकती हु !”,मोना ने कहा !
“नो मोना तुम्हे मैं बहुत अच्छे से जानता हु तुम किस हद तक जा सकती हो ! तुम्हारे साथ अब तक मैं इसलिए था क्योकि मुझे लगता था शायद उस रात तुम्हारे साथ वो सब मोमेंट्स सच थे ! मैं तुम्हे या तुम्हारी फीलिंग को हर्ट नहीं करना चाहता था ! पर आज मीरा को चोट पहुंचाकर तुमने अच्छा नहीं किया मोना !”,अक्षत ने कहा
“तुम्हे उसकी इतनी परवह क्यों हो रही है ?”,मोना ने चिल्लाकर कहा
“प्यार करता हु मैं उस से , और उसे कोई चोट पहुंचाए ये कभी बर्दास्त नहीं करूंगा मैं !”,अक्षत ने गुस्से से कहा
“ओह्ह्ह्ह तो ये बात है , तुम्हे क्या लगता है मैं तुम्हे इतनी आसानी से जाने दूंगी ! मीरा के साथ जो हुआ वो मैंने नहीं किया पर जिसने भी किया है अच्छा किया है ,,वो इसी लायक है दुसरो के प्यार पर नजर रखने वालो के साथ यही होना चाहिए , शी इज ब्लडी बिच !”,मोना ने हरारत से कहा
अक्षत ने एक और थप्पड़ मोना को मारा और कहा,”जस्ट शट अप , जब तक मैं उसके साथ हु उसे छू भी नहीं सकती हो तुम ,, अब तक मैं चुप था तो सिर्फ डेड के लिए नाउ यू लिस्टन मोना , आज के बाद अगर तुमने मीरा को चोट पहुंचाने का सोचा भी तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा , ये याद रखना तूम”
अक्षत वहा से चला गया और मोना किसी घायल शेरनी की तरह उसे घूरती रही !! अक्षत गुस्से में सीढिया उतरते हुए आया तो सामने मोना की माँ मिल गयी और कहा,”अरे बेटा मैं तो तुम्हारे लिए जूस लेकर आयी थी और तुम जा रहे हो !”
“नो थेक्स आंटी , मैं थोड़ा जल्दी में हु !”,कहते हुए अक्षत जाने लगा तो उन्होंने कहा,”अच्छा बेटा सुनो , अगले महीने मेरी भतीजी की शादी है उनकी तरफ से ये कार्ड आया है आपकी मम्मी को देना है ! फॅमिली फक्शन है सो बुलाया है उन्होंने राधा जी को !”
“शादी ?”,अक्षत ने कहा
“हां बेटा अभी कल ही सगाई हुई है , मोना भी गई थी वहा बताया होगा उसने ,, सुबह ही आये है वापस !”,मोना की माँ ने कार्ड अक्षत की और बढाकर कहा !
अक्षत कार्ड लेकर बाहर चला आया और सोचते हुए चलने लगा,”इसका मतलब मोना सच कह रही थी वो दो दिन यहाँ थी ही नहीं , तो फिर के साथ ये सब कौन कर सकता है ?”
उधर मीरा को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया वह घरवालों के साथ वहा से घर चली आयी !! उसकी तबियत को देखते हुए राधा ने उसे अपने ही कमरे में रुकने की सलाह दी , विजय कुछ दिन के लिए पास के गेस्ट रूम में शिफ्ट हो गए ! सारे घरवाले राधा के कमरे में ही मौजूद थे राधा उनके लिए चाय नाश्ते का इंतजाम करने चली गयी ! कमरे में बैठकर सब मीरा को आराम करने और वक्त पर दवाईया लेने की सलाह दे रहे थे और मीरा ख़ामोशी से सबकी बाते सुन रही थी ! कुछ देर बाद दादू ने कहा,”मैंने सूना था अक्षत दिल्ली से वापस आ गया है , पर वो है कहा ?”
“रुकिए दादू मैं फोन करता हु !”,कहकर अर्जुन उठकर बालकनी की तरफ आया और अक्षत को फोन लगाया,”हेलो कहा है तू ?”
“भाई बाहर हु , रुकिए हॉस्पिटल ही आ रहा हु !”,अक्षत ने उदास होकर कहा !
“अरे सुन ! सब घर आ गए है तू घर आजा !”,अर्जुन ने कहा
“मीरा ठीक है !”,अक्षत ने कहा
“घर आकर खुद ही देख लेना अपनी मीरा को , चल अब जल्दी आ !”,अर्जुन ने हँसते हुए कहा और फोन काट दिया
अर्जुन वापस सबके बिच आया और अक्षत के कुछ देर में आने की बात कह दी !
राधा सबके लिए चाय ले आयी सबने चाय पि शुभ मीरा को अपना ख्याल रखने का बोलकर चला गया ! निधि किचन में राधा की हेल्प करवाने लगी ! दो दिन से सब काम डिस्टर्ब था इसलिए विजय ऑफिस निकल गए अर्जुन को उन्होंने घर रुकने को कहा क्योकि वो रातभर हॉस्पिटल में था ! अर्जुन नहाकर अपने कमरे में लेट गया उसे नींद आ गई ! मीरा दादू और दादी के पास बैठी थी उसे परेशान ना करके दादू ने उसे आराम करने को कहा और दादी माँ के साथ वहा से बाहर चले गए !
मीरा का सर भारी हो रहा था इसलिए वह लेट गयी और उसे नींद आ गयी
अक्षत घर आया आते ही हॉल में उसकी मुलाकात दादू से हुई दादू ने उसे अपने पास बुलाया और कहा,”अक्षत तू ऐसे अचानक चला आया , सब ठीक तो है ना ?”
“सब ठीक है दादू , माँ कहा है ?”,अक्षत ने कहा
“किचन में होगी जा मिल ले !”,दादी ने कहा तो अक्षत किचन की और चला गया !! किचन में निधि और राधा दोनों काम कर रही थी अक्षत अंदर आया तो राधा ने कहा,”आशु , जाकर नहा लो मैं तब तक तुम्हारे लिए नाश्ता बना देती हु !”
“ह्म्म्मम्म !”,कहकर अक्षत वहा से चला गया ऊपर अपने कमरे में आया और नहाने चला गया नहाने के बाद उसे अच्छा लग रहा था ! अक्षत निचे आया और आकर डायनिंग के पास बैठ गया ! राधा उसके लिए पूरी , सुखी आलू की सब्जी और कॉफी ले आयी !!” अक्षत ने राधा से कहा,”मीरा ने कुछ खाया ?”
“सुबह चाय पि थी”,राधा ने कहा
“कहा है वो ?”,अक्षत ने कहा
“मेरे कमरे में !”,राधा ने कहा
अक्षत उठा और प्लेट उठाकर कहा,”मैं वही खा लूंगा , उसे भी खिला दूंगा !” अक्षत जाने लगा तो राधा ने कहा,”आशु सुनो !”
अक्षत पलटा तो राधा ने उसकी प्लेट में दो पूरी और रखते हुए कहा,”2 से क्या होगा।, पेट भरके खाओ !”
“माँ , आप मुझसे नाराज तो नहीं है ना !”,अक्षत ने कहा
“मुझे अच्छा लगा तुम आये ! ऐसे वक्त में मीरा को तुम्हारी जरूरत है ! अब जाओ नाश्ता ठंडा हो रहा है !”,राधा ने कहा तो अक्षत उनके कमरे की और बढ़ गया !
अक्षत कमरे में आया मीरा सो रही थी ! अक्षत ने प्लेट बेड के पास टेबल पर रखा और खुद मीरा को प्यार से देखने लगा ! कितने दिनों बाद वो उसे ऐसे देख रहा था !
तभी मीरा की आँख खुल गयी अक्षत को अपने पास देखकर वह उठने लगी तो अक्षत ने उसकी मदद की और पीछे तकिया लगा दिया जिस से मीरा आराम से बैठ सके !! मीरा ख़ामोशी से अक्षत को देखती रही और अक्षत मीरा को जब उसकी नजरे अक्षत को बैचैन करने लगी तो उसने अपनी नजरे झुकाकर धीरे से कहा,”ठीक हो ना तुम ?”
“हम्म्म !”,मीरा ने कहा
“इतना सब हो रहा था तुम्हारे साथ तुमने किसी को बताया क्यों नहीं ? एटलीस्ट मुझसे या निधि से तो कह सकती थी तुम !”,अक्षत की आवाज में दर्द और परवाह साफ झलक रही थी !
“हम आप सबको परेशान करना नहीं चाहते थे !”,मीरा ने कहा
“और तुम जो अकेले सब सहती रही उसका क्या ? मीरा हम सब लोग यहाँ तुम्हारे लिए है ,, तुम इस घर में रह रही हो इसका मतलब तुम हम सबकी जिम्मेदारी हो !”,अक्षत ने कहा
“अरे वाह दिल्ली जाकर आप तो बड़ी अच्छी बाते करने लगे है !”,मीरा ने बात बदलते हुए कहा !
अक्षत ने मीरा को घुरा और कहा ,”बाते बनाना बहुत अच्छे से आता है ना तुम्हे ? नाश्ता लेकर आया हु तुमने कुछ खाया नहीं होगा ?”
“आपने खाया ?”,मीरा ने कहा
“नहीं !”,अक्षत ने कहा
“चलिए साथ में खाते है कहते हुए उसने वह हाथ उठाया जिसमे पट्टी बंधी थी , अक्षत ने देखा तो उसका हाथ वापस निचे रखते हुए कहा,”रुको मैं खिला देता हु !! अक्षत ने एक निवाला तोड़कर मीरा को खिला दिया दूसरा खुद खा लिया ऐसा करते हुए उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था वह अंदर ही अंदर शायद किसी उलझन में था ! मीरा बड़े गौर से उसके चेहरे को देख रही थी दिल्ली जाकर पहले से थोड़ा कमजोर हो गया था अक्षत , आँखे बता रही थी रात रात भर जैसे सोया ना हो ! मीरा ने कहा,”मुस्कुराईये !
“क्या ?”,अक्षत ने हैरानी से कहा
“हमने कहा मुस्कुराईये”,मीरा ने कहा
अक्षत उसकी और देखने लगा तो मीरा ने बच्चो की तरह कहा,”मुस्कुराईये ना !!
अक्षत मुस्कुराने लगा लेकिन अगले ही पल उसकी आँखों में नमी उतर आयी मीरा ने देखा तो अक्षत ने चेहरा घुमा लिया !!
“मुस्कुराने के लिए किसी को मेहनत करते पहली बार देख रहे है हम !”,मीरा ने कहा
अक्षत ने आँखों के किनारे साफ किये और कहने लगा,”ऐसी बात नहीं है , बहुत बुरा लग रहा है की ये सब तुम्हारे साथ क्यों हुआ ? मोना ने जो कुछ भी किया सही नहीं था , मेरी वजह से वो तुम्हे नुकसान पहुंचा रही है !!”
“तो आप इसलिए परेशान है , अक्षत जी मानते है मोना थोड़ी बद्तमीज है , गुस्सैल है लेकिन वो ऐसी हरकत कभी नहीं करेगी !!”,मीरा ने कहा तो अक्षत उसकी और देखने लगा मीरा थोड़ा सा आगे बढ़ी और अक्षत के गले लगकर कहने लगी,”हम बहुत डर गए थे उस दिन , कोई नहीं था वहा हमारी मदद करने के लिए आप भी नहीं थे !
उस वक्त लगा हम बहुत अकेले है ,, अगर कुछ हो जाता तो हम कभी खुद को माफ़ नहीं कर पाते !! कमजोर नहीं है लेकिन उस वक्त जब उस अनजान ने छुआ तो बहुत गन्दा महसूस हुआ था !”
बोलते हुए मीरा का गला भर आया अक्षत उसका दर्द महसूस कर रहा था ! उसने मीरा के सर को सहलाते हुए कहा,”वो जो भी है मैं उसे ढूंढ निकलूंगा मीरा , तुम्हे डरने की जरूरत नहीं है मैं हमेशा तुम्हारे साथ हु !”
मीरा अक्षत से दूर हुई उसकी आँखों में आंसू देखकर अक्षत ने अपने हाथ से उसके आंसू पोछे और कहा,”तुम आराम करो मैं जाता हु !!”
“हम्म्म !”,मीरा ने हां में गर्दन हिला दी ! अक्षत उठा और जाने लगा जाते जाते रुका और पलटकर मीरा से कहा,”तुम ठीक हो ना मीरा ?”
“हां !”,मीरा ने कहा तभी निधि ने कमरे में आते हुए कहा,”वो बिल्कुल ठीक है !
पर आपका फोन बिल्कुल ठीक नहीं है , कबसे बज रहा है !”
अक्षत ने निधि के हाथ से फोन लिया ओर बाहर चला गया ! निधि मीरा के पास आयी और कहा,”सो कैसा लगा ?”
“क्या कैसा लगा ?”,मीरा ने अनजान बनते हुए कहा
“भाई को गले लगाकर कैसा लगा ?”,निधि ने शरारत से कहा
“तुमने सब देख लिया ?”,मीरा ने कहा
“हां , पर रोमांटिक था न तो ज्यादा नहीं देखा !”,निधि ने कहा
“पाप लगेगा तुम्हे चोरी छुपे किसी को देख रही थी !”,मीरा ने कहा तो निधि हसने लगी और कहा,”अच्छा मीरा तुमने कहा था न मैं अपनी दोस्ती के बदले तुमसे कुछ मांगू तो तुम मुझे दोगी !”
“हां , मांगो !”,मीरा ने कहा
“अक्षत भैया से शादी कर लो !”,निधि ने थोड़ा सीरियस होकर कहा तो मीरा ख़ामोशी से निधि की और देखने लगी ! निधि ने मीरा को अपनी और देखता पाकर कहा,”अक्षत भाई हम सबसे अलग है उन्हें आज तक कोई नहीं समझ पाया लेकिन तुम समझती हो मीरा , तुम्हारे साथ होते है तो खुश रहते है , तुम उनकी जिंदगी में आओगी तो सब सही हो जाएगा उनकी लाइफ में ! बोलो ना मीरा करोगी ना शादी ?”
“हम्म्म्म !”,मीरा ने पलके झुका दी !
निधि ने अपना हाथ मीरा की और बढाकर कहा,”ऐसे नहीं मानूंगी पहले हाथ रख के वादा करो !”
मीरा ने अपना हाथ निधि के हाथ में रखा और कहा,”हम वादा करते है हम जब भी शादी करेंगे तुम्हारे भाई से ही करेंगे !”
निधि मुस्कुराते हुए उसके गले लग गयी और कहा,”थैंक्यू मीरा मैं बहुत बहुत बहुत खुश हु !
Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35Kitni Mohabbat Hai – 35
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संजना किरोड़ीवाल


Kitni mohabbat hai
Hello mam
This story is so good. It’s touch the heart .but I want to know, how you can imagine this story so nicely.I love story kitni mohabbat hai
❤️❤️❤️🤩as always ❤️
Ye video me rahta to kahani ko aur bhi khubsurat banata