Love You जिंदगी – 35

Love you Zindagi
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Love You Zindagi – 35

शीतल रुचिका और नैना की जिंदगी में फिर से एक नयी समस्या आ चुकी थी ! रात के समय तीनो सुनसान सड़क पर बैठी दूसरे ऑटो का इंतजार कर रही थी ! ऑटोवाला भी भला आदमी था और उस वक्त वही रुका हुआ था ! नैना अपना माथा अपने हाथो पर लगाकर आँखे बंद किये सोच में डूबी थी की इस मुसीबत से कैसे निकला जाये ? कुछ देर बाद ही अवि बाइक लेकर उधर से गुजरा अवि की नजर रुचिका पर पड़ी तो उसने बाइक रोकी और उनके पास आकर कहा,”इस वक्त तुम तीनो यहाँ और ये बैग्स ? सब ठीक तो है ?”
अवि को वहा देखकर रुचिका और शीतल की जान में जान आयी लेकिन नैना के चेहरे पर कोई भाव नहीं थी ! शीतल ने अवि को सारी बात बताई तो अवि को गुस्सा आया और उसने कहा,”व्हाट ? वो ऐसा कैसे कर सकता है ? और सोसायटी के लोगो ने उन्हें रोका नहीं , और तुम तीनो पागल हो क्या ऐसे बैग्स उठाकर चली आयी ? मुझे फोन कर दिया होता !”
“तुम्हारा नंबर नहीं था और सोसायटी वाले , वो कबसे किसी की हेल्प करने लगे !”,शीतल ने कहा !
“और सार्थक ? वो तो था ना उसने भी कुछ नहीं किया , मतलब वो तो तुम सबका दोस्त है न !”,अवि ने कहा
“अवि पैनिक मत हो तुम , देखते है क्या कर सकते है ?”,रुचिका ने कहा
“कुछ नहीं करना मैं अभी गाड़ी मंगवाता हूँ अपना सामान लो और मेरे साथ वापस अपार्टमेंट चलो !”,अवि ने अपने फ़ोन से किसी का नंबर डॉयल करते हुए कहा ! रुचिका ने शीतल की और देखा और फिर खामोश बैठी नैना की और उसके दिमाग में क्या चल रहा था किसी को नहीं पता था ! अवि ने गाड़ी मंगवाई और फिर वही खड़े होकर सबके साथ इंतजार करने लगा !!
“तुम ये सब क्यों कर रहे हो ?”,नैना ने अवि से कहा ?
“पडोसी हूँ न इसलिए , और इतनी रात में तुम सबको अकेला नहीं छोड़ सकता मैं !”,अवि ने कहा तो नैना उठ खड़ी हुई और अवि के सामने आकर कहा,”तुम्हे इतनी फ़िक्र करने की जरूरत नहीं है , वैसे भी ये सब करके क्या जताना चाहते हो तुम की तुम बहुत अच्छे हो , लोगो की मदद करते हो !”
अवि को नैना की ये बात अच्छी नहीं लगी तो उसने नैना को घूरते हुए कहा,”तुम पागल वागल हो क्या ? मैं जेनुअन तुम तीनो की हेल्प कर रहा हूँ और मुझे अच्छा बनने की जरूरत नहीं है मैं आलरेडी अच्छा हूँ !”
अवि की बात सुनकर नैना को भी गुस्सा आ गया तो उसने कहा,”हां तुम तो बहुत अच्छे हो , यू आर द परफेक्ट मेन”
“तुमसे ना बात करना ही बेकार है , तुमसे बात करने से अच्छा है बंदा चुप ही रहे क्योकि प्यार से बात करना तो तुम्हे आता ही नहीं है !”,अवि ने भी नैना को घुरा तो नैना ने कहा,”हां तो फिर क्यों कर रहे हो ? मैंने कोई इन्विटेशन नहीं दिया है तुम्हे”
शीतल और रुचिका दोनों उन्हें झगड़ते हुए देख रही थी , दोनों बच्चो की तरह झगड़ा कर रहे थे ! नैना शेर थी तो अवि सवाशेर था वह भी कहा पीछे रहने वाला था उसने कहा,”तुमसे बात करके मुझे अपना दिमाग ख़राब नहीं करना है , जब देखो तब गुस्सा तुम्हारी नाक पर रहता है !”
“व्हाट डू यू मीन ? मैं भी मरी नहीं जा रही हूँ तुमसे बात करने के लिए समझे !”,नैना ने कहा और जाकर वापस बैठ गयी ! अवि मन ही मन मुस्कुराने लगा उसे नैना को परेशान करके बहुत मजा आ रहा था ! पत्थर पर बैठी नैना अवि को बुरी तरह से घूरे जा रही थी अवि ने देखा तो कहा,”तुम ये मुझे घूरना बंद करो”
नैना ने सूना तो उठकर उसके पास आयी और उसकी आँखों में देखते हुए कहा,”घुरुंगी मैं , मेरी आँखे है , क्या कर लोगे ?”
अवि प्यार से उसकी आँखों में देखते रहा और फिर एकदम से उसका लहजा बदल गया और उसने प्यार से कहा,”काश तुम मुझे हमेशा ऐसे ही देखती रहो , जब तुम ऐसे देखती हो ना तो कसम से मेरा दिल इतना तेज धड़कता है लगता है जैसे बाहर आ गिरेगा !”
अवि के मुंह से ऐसी बात सुनकर नैना खामोश हो गयी वह आगे कुछ बोल ही नहीं पाई बस अवि की आँखों में देखती रही ! पास खड़ी रुचिका ने शीतल से कहा,”यार ये कितना स्वीट है”
“यही एक लड़का है जो नैना को चुप करवा सकता है !”,शीतल ने फुसफुसाकर कहा !
अवि और नैना बस एक दूसरे की आँखों में देखते रहे , उन्हें किसी का भी ख्याल नहीं था और फिर नैना को होश आया और वह पीछे हटी ! नैना पलटकर वहा से कुछ दूर चली गयी और बुदबुदाने लगी,”ये क्या कर रही हो तुम नैना ? तुम जानती हो ना वो लड़का आँखों से जादू करता है फिर बार बार उसकी आँखों में क्यों देखती हो तुम ? लिस्टन इस बार कुछ भी हो जाए उसकी आँखों में नहीं देखना है ! देट्स इट !”
अवि मुस्कुराता हुआ रुचिका और शीतल के पास आया तो शीतल ने कहा,”अवि क्यों परेशान कर रहे हो उसे वो पहले से इतना परेशान है !”
“जानता हूँ इसलिए तो ये सब किया ताकि वो सब परेशानी भूलकर मेरा टॉर्चर याद रखे !”,अवि ने कहा
नैना ने पलटकर तीनो को देखा और खुद से कहा,”जरूर इन्हे मेरे बारे में उलटी सीधी पट्टी पढ़ा रहा होगा !” लेकिन अवि ने जैसे ही नैना की और देखा नैना पलट गयी ! अवि फिर मुस्कुराने लगा और कहा,”ये लड़की ना सच में पागल है , इसे समझने में मुझे बहुत वक्त लगेगा !”
“कुछ भी हो लेकिन तुम दोनों साथ में झगड़ते हुए भी अच्छे लगते हो , मेड फॉर इच अदर , एक शांत तो दूसरी तूफ़ान!”,रुचिका ने कहा तो अवि ने उस से कहा,”इसमें कोई कमी नहीं है सब अच्छा है बस इसका गुस्सा थोड़ा कम हो जाए ना तो बहुत अच्छी लवर साबित होगी !”
“वो कैसे ?”,शीतल ने कहा
“दोस्तों से इतना प्यार करती है सोचो अपने स्पेशल वन के लिए कितना प्यार होगा इसके दिल में !”,अवि ने नैना की और देखते हुए कहा
“वो बात तो है दोस्तों पर जान छिड़कती है नैना , लेकिन मिस्टर मजनू कोई और भी है जो हमारी नैना मैडम के दिल पर दस्तक देने की सोच रहा है !”,रुचिका ने अवि को छेड़ते हुए कहा !
“चांस ही नहीं है उसके दिल में मेरा नाम फिट हो चुका है , अब किसी और की एंट्री नामुमकिन है !”,अवि ने कॉन्फिडेंस से कहा उसकी आँखों में नैना को लेकर जो विश्वास और प्यार था वो साफ नजर आ रहा था ! तीनो कुछ देर वही खड़े बातें करते रहे आधे घंटे बाद गाड़ी वहा पहुँच गयी अवि ने शीतल और रुचिका का सामान उठाकर गाड़ी में रखा और उन्हें बैठने को कहा ! नैना कुछ ही दूर पीठ किये खड़ी थी तो अवि ने आवाज देकर कहा,”ओह्ह हेलो मिस , चलना नहीं है !”
नाना गुस्से से पलटी और कहा,”तुम्हारे साथ जाने से अच्छा है मैं जहन्नुम में चली जाऊ !”
अवि उसके पास आया और कहा,”लेकिन वहा भी तुम्हे कोई नहीं रखेगा क्योकि तुम्हारा गुस्सा वो लोग बर्दास्त नहीं कर पाएंगे !”
“जस्ट शट अप , मुझे तुम्हारे साथ नहीं जाना !”,नैना ने कहा और वापस चेहरा दूसरी और घुमा लिया ! अवि ने उसके कान के पास अपना मुंह लाकर धीरे से अपनी सर्द आवाज में कहा,”ठीक है मत चलो , लेकिन रात का वक्त है सुनसान सड़क है और सूना है यहाँ आस पास जंगली जानवर भी है ! लेकिन तुम्हे क्या फर्क पड़ता है तुम तो स्ट्रांग हो ब्रेव हो !” नैना ने सूना तो उसकी आँखे फ़ैल गयी अंदर ही अंदर उसे डर लग रहा था उसे चुप देखकर अवि कुछ कदम पीछे हटा और डरावनी सी आवाज निकाली जैसे ही आवाज नैना के कानो में पड़ी नैना डरकर पलटी और अपने पीछे खड़े अवि से टकरा गयी उसने अभी की शर्ट की कॉलर दोनों हाथो से पकड़कर चेहरा उसके सीने में छुपा लिया ये दूसरी बार था जब अवि को 440 वॉल्ट का झटका लगा था ! नैना को अपने इतने करीब पाकर उसकी तो धड़कने ही रुक गयी हो जैसे , अवि बुत बना वही खड़ा रहा और नैना उसके बिल्कुल पास , नैना को इस तरह खुद से चिपका देखकर अवि ने घबराई हुई आवाज में कहा,”अगर दो मिनिट ऐसे और रही ना तो कसम से मैं सब भूलकर तुम्हे गले लगा लूंगा !”
अवि की बात सुनकर नैना उस से दूर हटी और खुद से कहा,”शिट शिट शिट ये नहीं करना था नैना !”
अवि जाने लगा तो नैना को फिर से उसकी कही बातें याद आ गयी उसने देखा सड़क सच में बहुत सुनसान थी उसने कहा,”रुको , मैं भी चलती हूँ !”
अवि मुस्कुरा उठा नैना आकर गाड़ी में पीछे शीतल और रुचिका के साथ बैठ गयी , अवि ड्राइवर के साथ आगे बैठा और उसे अपार्टमेंट का एड्रेस बताकर चलने को कहा ! गाड़ी के अंदर लगे मिरर में अवि को नैना का चेहरा नजर आ रहा था ! गाड़ी में फैली ख़ामोशी तोड़ने के लिए अवि ने म्यूजिक सिस्टम चला दिया गाना बजने लगा
“तोसे नैना जबसे मिले , तोसे नैना जबसे मिले
बन गए सिलसिले !
तोसे नैना जबसे मिले
है सुध बुध खोयी है खोयी मैंने
हां जान गवाई , गवाई मैंने ,,
हां तुझको बसाया है धड़कन में सांवरे !! “

अवि की नजरे शीशे में नजर आती नैना की नजरो से जा मिली ! अवि की नजरो ने नैना को बैचैन कर दिया उसे लगा तो उसने कहा,”भैया गाना चेंज करो !”
ड्राइवर ने अगला गाना चला दिया लेकिन ये पहले वाले से भी ज्यादा रोमांटिक सांग था
“आज फिर तुम पे प्यार आया है , आज फिर तुम पे प्यार आया है
बेहद और बेशुमार आया है !!”
अवि के कानो में जब ये गाना पड़ा तो उसकी आँखों के आगे कुछ देर पहले नैना का गले लगने वाला सीन आ गया ! उसके दिल की धड़कने बढ़ गयी , उसने ड्राइवर से कहा,”भाई गाना चेंज कर दो !” बेचारा ड्राइवर कुछ नहीं बोला और गाना चेंज कर दिया लेकिन एक बार फिर गाना कुछ ऐसा बजने लगा
“मिला हूँ अब जो तुमसे , है दिल को मेरे कसम से
सुकून मिला , सुकुन मिला !!
तुझे है पाया रब से है दिल को मेरे कसम से
सुकून मिला , सुकुन मिला !!
अवि को ये गाना सच में सुकूनभरा लगा तो उसने चलने दिया लेकिन पीछे बैठी नैना को ये लव सांग्स खटक रहे थे उसने ड्राइवर से अपनी भाषा में कहा,”ओह्ह्ह दादा (बड़ा भाई) , का प्यार व्यार में हो तबसे ऐसे गाने चलाये रखे है ! इह से अच्छा है बंद कर दो”
“तुम्हे नहीं पसंद आ रहे तो तुम अपने कान बंद कर लो , वैसे भी बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद ?”,अवि ने एक बार फिर नैना को छेड़ते हुए कहा
“मेरी पसंद इतनी बुरी भी नहीं है !”,कहकर नैना ने सच में अपने कानो पर हाथ रख लिया और अवि मन ही मन मुस्कुराता रहा ! शीतल ने सच ही कहा था ‘अवि ही वो लड़का था जिसके सामने नैना चुप हो जाती थी , वरना अब तक कोई और होता तो नैना के गुस्से से बच नहीं पाता !”
गाड़ी अपार्टमेंट पहुंची अवि निचे उतरा उसके साथ साथ तीनो लड़किया भी उतर गयी ! सामने ही कॉरिडोर में खड़ा शुभ उन्हें देखकर दौड़ता हुआ आया और सबसे कहा,”आई ऍम सो सॉरी गाईज मेरी माँ ने उस वक्त,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,आई ऍम सॉरी !”
“इट्स ओके शुभ ! लेकिन एक दोस्त का पहला फर्ज यही बनता है की जब एक दोस्त मुसीबत में हो तो दूसरा उसी मदद करे !”,अवि ने शुभ के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा ! शुभ शर्मिंदगी से निचे देखने लगा तो नैना ने कहा,”अरे इट्स ओके , वैसे भी लोगो ने कोनसा मदद करके झंडे गाड़ दिए है !”
नैना का इशारा अवि की तरफ था लेकिन अवि ने जवाब नहीं दिया और शुभ से कहा,”रुचिका से वो बैग लो और चलो !”
“हां भाई !”,कहकर शुभ ने रुचिका से बैग लिया और अवि के साथ आगे बढ़ गया ! शीतल और नैना का बैग अवि के पास था ! सभी अंदर आये कॉरिडोर में आते ही उन्हें सोसायटी के कुछ लोग मिल गए तभी मिस्टर मेहता ने कहा,”क्या मैं पूछ सकता हूँ ये सब क्या हो रहा है ? अपार्टमेंट से निकाले जाने के बाद ये तीनो लड़किया यहाँ क्यों आयी है ?”
मिस्टर मेहता की बात सुनकर अवि को गुस्सा आया तो उसने कहा,”जब ये तीनो इतनी रात में अकेले यहाँ से जा रही थी तब आपने पूछा इनसे की क्यों जा रही है ? आप सब लोग एक इस सोसायटी में रहते है लेकिन एक दूसरे के प्रति आप लोगो की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है ! इतनी रात में इन्हे यहा से जाने के लिए कह दिया ! बाहर इनके साथ कोई भी दुर्घटना हो सकती थी , इनके साथ गलत हो सकता था ,, उसका जिम्मेदार कौन होता ? अगर आप परेशानी में इनकी हेल्प नहीं कर सकते तो आपको इनसे सवाल करने का भी कोई हक़ नहीं है ! ये मेरे साथ , मेरे फ्लैट में रहेगी किसी को प्रॉब्लम है तो मुझसे आकर बात करे !”
अवि का गुस्सा देखकर किसी की कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई ! वह सबको लेकर लिफ्ट की और बढ़ गया सभी खामोश थे ! लिफ्ट ऊपर आकर रुकी अवि ने अपने फ्लैट का दरवाजा खोला सामान के साथ सबको अंदर आने को कहा ! सभी अंदर आ गए तो अवि ने कहा,”शीतल तुम तीनो तब यहाँ रह सकती हो जब तक तुम्हारे रहने का इंतजाम नहीं हो जाता ! इसे अपना घर समझ सकती हो तुम तीनो को यहाँ कोई प्रॉब्लम नहीं होगी !”
“थैंक्यू !”,शीतल ने कहा
“ये अपने घर में रख रहा है हो सकता है इसके दिमाग में कुछ ना कुछ चल रहा हो”,नैना ने मन ही मन सोचते हुए कहा
“कुछ नहीं चल रहा मेरे दिमाग में”,अवि ने नैना की और पलटकर कहा तो नैना ने हैरानी से अपने आप से कहा,”ये मन की बात भी सुन लेता है क्या ?”
नैना को खामोश देखकर अवि ने कहा,”तुम लोगो की जगह अगर कोई और भी होता तो मैं यही करता , मेरी मॉम से मैंने पहली चीज यही सीखी है ‘ऑलवेज रिस्पेक्ट अ वुमन’
“तुम्हारी मॉम सच में बहुत लकी है अवि !”,रुचिका ने कहा तो अवि ने रुचिका की और पलटकर कहा,”तुम सब लोग बैठो मैं आता हूँ !”
अवि के जाने के बाद नैना ने झुंझलाकर कहा,”हम लोग यहाँ कर क्या रहे है ? यहाँ आना जरुरी था !”
“नैना इस वक्त हम किसी पर भरोसा भी तो नहीं कर सकते , निरंजन सर ने जिस तरह से अपना फ्लैट खाली करवाया है मुझे नहीं लगता उसके इरादे नेक है ! उसके दिमाग में जरूर कुछ ना कुछ पक रहा है !”,शीतल ने कहा
“उस निरंजन की तो मैं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!”,नैना ने गुस्से से कहा लेकिन खुद को रोक लिया और फिर शांत होकर कहा,”कल सुबह हम लोग यहाँ से चले जायेंगे !
“अच्छा ठीक है पहले तुम बैठो और थोड़ा शांत हो जाओ !”,शीतल ने कहा तो नैना सामने पड़े सोफे पर बैठ गयी ! रुचिका उसकी बगल में बैठी थी , शीतल उसके सामने वाली कुर्सी पर और सार्थक शीतल के बांयी और निचे बिन बैग पर !
“यार मम्मी पापा को ये सब के बारे में पता चला तो वो तो मुझे वापस बुला लेंगे और मेरी शादी कर देंगे !”,रुचिका ने सोचते हुए कहा
“ये घूम फिर के तुम्हारी सुई हमेशा लौंडे पर ही क्यों अटक जाती है ? और घरवालों को बताएगा कौन ? इतना बड़ा पेट है तेरा इतनी छोटी सी बात नहीं रख सकती इसमें !”,नैना ने कहा तो रुचिका मुंह बनाकर दूसरी और देखने लगी ! “देखो जो कुछ भी हुआ है उसके बारे में घरवालों से कोई बात नहीं करेगा ! हमारी वजह से वे लोग परेशान होंगे , मैं कोई न कोई हल निकाल लुंगी !”,नैना ने कॉन्फिडेंस से कहा तो शीतल ने हामी भर दी ! सार्थक भी इस बात से सहमत था क्योकि वह नहीं चाहता था किसी भी हालत में शीतल वहा से जाये ! नैना कुछ देर खामोश रही और फिर कहने लगी,”सब हमाय गलती है , मैनेजर ने जब नौकरी के साथ फ्लैट दिया हमे तब ही समझ जाना चाहिए था की उसकी नियत में खोट है लेकिन उसे अच्छा समझ लिया ! फ़िलहाल उस से दूर रहना ही सही रहेगा हमारी वजह से तुम लोगो की जिंदगी में भसड़ नहीं मचा सकते है ! तुम लोगो की सेफ्टी जरुरी है घरवालो को पता चला तो उनका भरोसा टूटेगा और ये मैं नहीं चाहती !”
“वॉव , तुम हमेशा ऐसे ही बात किया करो ना अच्छी लगती हो !”,अवि ने उनके बिच आते हुए कहा उसके हाथ में ट्रे थी जिसमे कुछ कप रखे हुए थे ! अवि ने कप सबको दिए और कहा,”मेरी मॉम कहती है मैं कॉफी बहुत अच्छी बनाता हूँ !” सबको कॉफी देने के बाद अवि ने आखरी कप नैना की और बढ़ा दिया तो नैना ने कहा,”मैं कॉफी नहीं पीती !”
“जानता हूँ इसलिए तुम्हारे लिए चाय बनाई है , पीकर देखो कैसी है ? वैसे पहली बार बनाई है आई हॉप तुम्हे पसंद आये !”,अवि ने कप नैना को देते हुए कहा ! नैना ने देखा कप में सच में चाय ही थी उसने हैरानी से अवि की और देखा तो अवि ने बड़े प्यार से कहा,”अब तुम तो बदलोगी नहीं तो सोचा खुद को ही बदल लू !”
अवि की बातें सुनकर नैना एक बार फिर उसकी आँखो में देखने लगी और फिर आँखे जोर से मींच ली ! अवि उसके सामने से हटकर शीतल की बगल में आकर बैठ गया अवि का शीतल के पास बैठना सार्थक को आज बिल्कुल बुरा नहीं लगा क्योकि वो जानता था शीतल तो सिर्फ उसकी है !

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संजना किरोड़ीवाल

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