Sanjana Kirodiwal

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कितनी मोहब्बत है – 31

Kitni mohabbat hai – 31

“कितनी मोहब्बत है”

By Sanjana Kirodiwal

Kitni mohabbat hai – 31

अक्षत के मुंह से पार्सल का नाम सुनकर मीरा को सुबह वाली बात याद आ गयी जिसने उसे बहुत डरा दिया था ! मीरा ने अक्षत से नाराज होकर फोन काट दिया और वहा से चली गयी ! मीरा के फोन काटने पर अक्षत को बहुत अजीब लगा और वह सोचने लगा,”मैंने तो उसकी मदद के लिए पार्सल भेजा था , इसमें मजाक जैसा क्या था !”
उसने दोबारा फोन लगाया तो अर्जुन ने उठाया और अक्षत के बोलने से पहले ही बोल उठा,”क्यों दूरिया बर्दास्त नहीं हो रही तुमसे , तुम एक काम करो उसका नंबर ही ले लो न फिर आराम से बात करना !”
“भाई मैं मजाक के मूड में बिल्कुल नहीं हु ! मीरा कहा है उस से बात करवाईये ?”,अक्षत ने गुस्से से कहा
“रिलेक्स इतना गुस्सा क्यों हो रहा है ? मीरा अपने कमरे में चली गयी है !!”,अर्जुन ने कहा
“हम्म्म्म !”,अक्षत ने बुझे मन से कहा
“तू ठीक है ना अक्षत ?”,अर्जुन ने चिंतित स्वर में कहा !
“हां भाई मैं ठीक हु , आप अपना ख्याल रखना और माँ का भी कल फोन करता हु !”,अक्षत ने कहा और फोन काट दिया ! अक्षत ने फोन जेब में डाल लिया और वही छत की रेलिंग से पीठ लगाकर खड़ा हो गया ! मीरा का अचानक से बदला व्यवहार उसे समझ नहीं आ रहा था , वो जानना चाहता था आखिर बात क्या है लेकिन इस वक्त मीरा से पूछकर उसे परेशान करना नहीं चाहता था ! अक्षत वही खड़ा मीरा के बारे में सोचता रहा तभी उसका फोन बजा मीरा का होगा सोचकर अक्षत ने जल्दी से अपनी जेब से फोन निकाला लेकिन स्क्रीन पर मोना का नंबर देखकर मायूस हो गया और फोन उठाकर कहा,”हेलो !
“हे बेबी , पहुँच गए दिल्ली ? , तुम्हे मेरी याद भी नहीं आयी “
“सुबह पहुंचा था , कॉलेज के कामो में बिजी था
“इट्स ओके बेबी , आई रियली मिस्ड यू
“हम्म्म्म
“क्या कर रहे हो ?
“कुछ खास नहीं ( परेशान सा !)
“तुम कुछ परेशान नजर आ रहे हो ? (अक्षत का मन टटोलते हुए पूछती है !)
“नहीं ऐसी कोई बात नहीं है , थक गया हु कल बात करे ?
“ठीक है , गुड़ नाईट ,, लव यू
“हम्म्म गुड़ नाईट !

अक्षत ने फोन काट दिया ! मोना से बात करते हुए उसे हमेशा एक घुटन महसूस होती थी , ऐसा नहीं था की मोना से उसे नफरत थी उसने अनजाने में ही सही उस रात मोना के साथ जो कुछ भी किया उसके लिए वह आज भी खुद को जिम्मेदार मानता था ! उसे मोना से हमदर्दी थी लेकिन प्यार नहीं था !! प्यार उसे मीरा से होने लगा था कब उस से झगड़ते हुए वह उस से प्यार कर बैठा वह खुद नहीं जानता था !! अक्षत वही खड़ा रहा दिल्ली में ठण्ड ज्यादा पड़ती है लेकिन अक्षत को कुछ महसूस नहीं हो रहा था !! कुछ देर बाद उसे ढूंढते हुए तनु ऊपर चली आयी और अक्षत को देखकर कहा,”आशु यहाँ क्या कर रहे हो ? ठण्ड में बीमार पड़ जाओगे तुम !”
“ऐसे ही दी , माँ से बात कर रहा था !”,अक्षत ने उदास होकर कहा
“घर की याद आ रही है ? कभी बाहर निकले नहीं ना इसलिए ,, धीरे धीरे मन लग जाएगा और फिर एक महीने की ही तो बात है !”,तनु ने उसके पास आकर प्यार से कहा
“हां दी , बस एंट्रेस क्लियर हो जाये !”,अक्षत ने कहा
“हो जाएगा , मुझे पूरा भरोसा है ! उसके बाद क्या सोचा है तुमने ?”,तनु ने कहा
“उसके बाद तीन साल एल.एल.बी.”,अक्षत ने कहा
“उसके बाद ?”,तनु उसके दिल की बात जानना चाहती थी शायद
“उसके बाद प्रेक्टिस , नौकरी , वकालत !”,अक्षत ने कहा
“तो फिर शादी कब करोगे ?”,तनु ने कहा
“शादी ? ये अचानक से आप शादी के बारे में क्यों पूछ रही है ?”,अक्षत ने कहा
“देखो अक्षत मुझसे कुछ छुपा नहीं है , मीरा ही है ना वह लड़की जिसके लिए आधी रात को यहाँ ठंड में परेशान खड़े हो तुम !”,तनु ने कहा तो अक्षत बगले झाँकने लगा !
“जवाब दो !”,तनु ने उसे चुप देखकर कहा
“ऐसी बात नहीं है दी !”,अक्षत ने धीरे से कहा
“मतलब तुम मीरा को पसंद नहीं करते चलो अच्छा है मैं अपने जेठ के लड़के के साथ उसका रिश्ता करवा देती हु !”,तनु ने नौटंकी करते हुए कहा
“अरे नहीं दी !”,अक्षत ने जल्दबाजी में उन्हें रोकते हुए कहा
“क्यों ?”,तनु ने झूठ मुठ के हैरानी के भाव दिखाकर कहा
“मेरा मतलब इतनी भी क्या जल्दी है , अभी उसके फाइनल के एग्जाम्स है इतनी जल्दी शादी !”,अक्षत ने बात पलट दी तो तनु ने उसका कान पकड़ा और कहा,”तुमसे कितनी बड़ी हु मैं ?”
“7-8 साल”,अक्षत ने दर्द से कहा
“तो तुम्हे ज्यादा पता होगा या मुझे ?”,तनु ने उसका कान नहीं छोड़ा
” आपको पता होगा !”,अक्षत ने कहा
“तो जब वो तुम्हे पसंद है तो फिर छुपा क्यों रहे हो मुझसे ?”,कहते हुए तनु ने अक्षत का कान छोड़ दिया ! तनु की बात सुनकर अक्षत थोड़ा शरमा गया और कहने लगा,”पसंद है दी लेकिन !”
“लेकिन वेकिन कुछ नहीं पसंद है मतलब पसंद है , अर्जुन की शादी में जब मैं और सोमित आएंगे ना तब मीरा से बात करेंगे !! देखना वो ना नहीं कह पायेगी तुम्हे कोई लड़की पसंद आ जाए इस से बड़ी बात भला और क्या हो सकती है !”,तनु ने मुस्कुराते हुए कहा
“अरे मैने तो उसी दिन कह दिया था तुमसे की इन दोनों के बिच कुछ तो चल रहा है !”,सामने से जीजू ने आते हुए कहा
“अच्छा तो आप छुपकर हम दोनों की बाते सुन रहे है , ये अच्छी बात नहीं है सोमित !”,तनु ने कहा
“अच्छी हो या बुरी , बात जब हमारे साले साहब की है तो सुनने में क्या हर्ज है ! नई साले साहब !”,सोमित ने अक्षत के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा !
“अरे हां जीजू बिल्कुल सुन सकते हो , वैसे भी इतनी पर्सनल नहीं है सबको तो पता चल चुका है !”,अक्षत ने झेंपते हुए कहा
“फिर तो अर्जुन के साथ ही तुम दोनों के भी फेरे पड़वा देते है !”,तनु ने कहा
“अरे नहीं दी , ये ज्यादा जल्दी हो जाएगा”,अक्षत ने शरमाते हुए कहा
“क्या फेरे पड़वा दो ? अभी तक अर्जुन ने मीरा से अपने दिल की बात भी नहीं कही है , अभी तो इनका रोमांस बाकि है , साथ साथ घूमना , मूवी देखना , शाम में साथ साथ आइसक्रीम खाना , बच्चो के नाम सोचना कितना कुछ करना बाकि है !”,जीजू ने कहा
अक्षत मुस्कुराने लगा तो तनु ने सोमित को कहा,”वो सब तो शादी के बाद भी हो सकता है ना !”
“शादी से पहले ये सब करने की ख़ुशी तुम क्या जानो !”,सोमित ने तनु को चिढ़ाते हुए कहा
“क्या मतलब है आपका ? शादी के बाद ये सब नहीं हो सकता , हमारे बिच नहीं हुआ ?”,तनु ने चिढ़ते हुए कहा
“अरे बाबा ! मेरे चक्कर में कही आप दोनों ना झगड़ पड़ना”,अक्षत ने बिच में आते हुए कहा
“अरे नहीं आशु , इन्ही छोटी छोटी बहस में तो प्यार छुपा है , और फिर वो प्यार ही क्या जिसमे झगड़ा ना हो ?”,सोमित ने अपना हाथ तनु के कंधे पर रखकर उसे अपनी और करते हुए कहा !
सोमित और तनु का प्यार देखकर अक्षत मन ही मन मुस्कुरा उठा तो सोमित ने कहा,”पर साले साहब आप इतनी जल्दी शादी मत करना वरना इसी तरह झूठ बोलबोल कर सब सेट करना पड़ेगा !”
सोमित की बात सुनकर तनु ने अपनी कोहनी हल्के से उनके पेट पर दे मारी ! अक्षत को अब ठण्ड महसूस होने लगी थी इसलिए उसने तनु और सोमित से निचे चलने को कहा ! काव्या सो चुकी थी ! तनु और सोमित अपने कमरे मे चले गए और अक्षत अपने कमरे में आ गया ! तनु और सोमित से बात करने के बाद उसे अब कुछ अच्छा लग रहा था ! वह जाकर बिस्तर पर लेट गया और कुछ देर बाद उसे नींद आ गयी !!
अगले दिन से अक्षत की एक महीने की इंटर्नशिप शुरू हो गयी ! उसने अपना पूरा ध्यान बस एंट्रेस एग्जाम के तैयारी में लगा रखा था ! जब भी मीरा की याद आती वह चाय पीने केंटीन में चला आता ! उधर मीरा भी अपने एग्जाम्स में बिजी हो गयी ! एक हफ्ता गुजर गया लेकिन अक्षत की मीरा से बात नहीं हुई ! उधर मीरा भी अक्षत को याद करती रहती लेकिन ना उसने कोई फ़ोन किया ना मेसेज !! दोनों के दिल में एक दूसरे के लिए प्यार भी था और परवाह भी थी पर गुस्सा दोनों में बराबर था !!
एक हफ्ते बाद संडे के दिन दोपहर में मीरा निधि के साथ निचे हॉल में बैठकर पढाई कर रही थी तभी डोरबेल बजी ! निधि ने उठना चाहा तो मीरा ने कहा,”हम देखते है !”
मीरा ने आकर दरवाजा खोला सामने खड़े लोगो को देखकर उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी और उसने हाथ जोड़कर नमस्ते करते हुए कहा,”नमस्ते आंटी जी नमस्ते अंकल , अंदर आईये ना !!”
“कैसी हो मीरा ?”,नीता के पापा ने प्यार से पूछा !
“जी हम ठीक है , आप बताईये अंकल ?”,मीरा ने सबके साथ अंदर आते हुए कहा !
“हम सब भी ठीक है !”,नीता के पापा ने कहा और सभी हॉल में आ गए ! संडे था इसलिए सब घर पर थे अर्जुन अपने कमरे में था निधि ने जैसे ही नीता और उसके घरवालों को देखा तो उठकर उनके पांव छुए और बैठने को कहा ! उनके बैठने के बाद मीरा राधा को बुलाने चली गयी ! विजय और दादाजी भी आकर बैठ गए ! नीता ने उनके पांव छुए और फिर मीरा के पास किचन की और चली गयी !! नीता को वहा देखकर मीरा ने कहा,”अरे आप , आईये ना !”
“कैसी हो मीरा ?”,नीता ने कहा
“हम ठीक है , आप कैसी है ?”,मीरा ने उतने ही प्यार से जवाब दिया तो नीता मुस्कुरा उठी मीरा सबके लिए चाय बना रही थी उसने पलटकर कहा,”चाय पियेंगी ना आप ?”
“हां बिल्कुल , वैसे मैंने किसी से सूना था तुम चाय बड़ी अच्छी बनाती हो !”,नीता ने शरारत से कहा
“किस से ?”,मीरा ने हैरानी से पलटकर कहा
“हमारे होने वाले देवर जी , अक्षत जी से”,नीता ने जैसे ही अक्षत का नाम लिया मीरा का दिल धड़क उठा ! उसने कोई जवाब नहीं दिया और वापस चाय बनाने लगी ! नीता उसके पास आयी और बगल में आकर खड़ी होकर कहने लगी
“अक्षत जी मुझे बहुत अच्छे लगे , मतलब जैसे वो दिखते है वैसे वो बिल्कुल नहीं है , काफी सोच समझकर फैसला लेने वालो में से है ! वो लड़की बहुत लकी होगी जिसकी उनसे शादी होगी जानती हो क्यों ?”
मीरा ने ना में गर्दन हिला दी तो नीता ने कहा,”क्योकि वो उस लड़की को समझने की पूरी कोशिश करेंगे और हमेशा उसका साथ देंगे !”
“ये अच्छी बात है नीता जी !”,मीरा ने कहा
“मीरा !”,नीता ने रा पर जोर देकर कहा
“जी !”,मीरा ने कहा
“अक्षत और निधि की तरह तुम भी मुझे भाभी कहकर बुलाओगी तो मुझे ज्यादा अच्छा लगेगा ! वैसे भी अर्जुन की दोस्त हो और दोस्त की वाइफ को भाभी बुला सकते है !”,नीता ने प्यार से मीरा का हाथ थामते हुए कहा !
“बिल्कुल ! हम सबको चाय देकर आते है !”,मीरा ने मुस्कुराकर कहा और चाय की ट्रे लेकर बाहर चली गयी ! नीता का व्यवहार मीरा को हमेशा पॉजिटिव अहसास दिलाता था ! बाहर आकर मीरा ने सबको चाय दी लेकिन नीता के पापा ने उसे वही बैठने को कहा और बाते करने लगे ! नीता किचन से निकलकर जैसे ही बाहर आयी उसका हाथ पकड़कर किसी ने उसे साइड में खिंच लिया ! नीता ने देखा वो अर्जुन था उसे देखकर नीता ने कहा,”क्या कर रहे हो ? कोई देख लेगा !!”
“देखने दो , अपनी होने वाली बीवी से मिलना जुर्म है क्या ?”,अर्जुन ने कहा
“होने वाली हु अभी हुई नहीं हु !”,नीता ने जाते हुए कहा तो अर्जुन ने उसका हाथ पकड़कर उसे वापस अपनी और करके कहा,”तुम्हे नहीं लगता जबसे सगाई हुई है , तुम कुछ ज्यादा ही नखरे दिखाने लगी हो !”
नीता ने अर्जुन को प्यार से साइड में धक्का दिया और कहा,”हक़ है मेरा !!”
हँसते हुए नीता वहा से हॉल में चली आयी पीछे पीछे अर्जुन भी चला आया , उसने नीता के मम्मी पापा के पैर छुए और उनके बिच आकर बैठ गया ! नीता के पापा और अर्जुन के पापा ने मिलकर नीता और अर्जुन की शादी की सभी बाते की और उनकी शादी की डेट फिक्स कर दी ! अर्जुन ने जब नीता की और देखा तो वह शरमा कर वहा से चली गयी ! मीरा और निधि की एग्जाम में परेशानी ना हो इसलिए शादी की तारीख एक महीने बाद की रखी ! राधा ने सबका मुंह मीठा करवाया ! दोपहर का खाना सबने साथ ही खाया और इस बिच ढेर सारी बाते भी हुई ! सभी हंसी ख़ुशी बैठे थे की तभी मोना वहा आयी मोना को देखते ही नीता का मुंह बन गया उसे मोना बिल्कुल पसंद नहीं थी , वह उठकर अर्जुन के साथ बाहर बगीचे की और चली गयी ! राधा ने मोना से बैठने को कहा ! मोना ने मीरा को एक नजर देखा और फिर वहा से जाकर डायनिंग टेबल की और बैठकर फोन पर किसी से बाते करने लगी !! नीता और उसके घरवालों को विदा करने के बाद राधा मोना के पास आयी और कहा,”तुम यहाँ कैसे ? कुछ काम था क्या ?”
“क्यों बिना काम मैं यहाँ नहीं आ सकती क्या ?”,मोना ने बहुत ही रूखे स्वर में कहा
“नहीं बेटा ऐसी बात नहीं है , तुम जब चाहे आ सकती हो !”,राधा ने गुस्से का घूंठ पीते हुए कहा !
“व्हाटएवर ! नीता के घर वाले क्यों आये थे ?”,मोना ने कहा
“वो हमारे घर का मामला है तुम्हे उस से क्या ?”,निधि ने आकर कहा
“व्हाट ?”,मोना ने गुस्से कहा
“निधि मेहमानो से इस तरह बात नहीं करते सॉरी बोलो इसे”,राधा ने निधि को फटकार लगाते हुए कहा
“लेकिन माँ “,निधि ने बोलना चाहा लेकिन राधा ने उसकी बात पूरी होने से पहले कहा,”निधि मैंने कहा ना माफ़ी मांगो !”
“सॉरी !”,निधि ने कहा और वहा से चली गयी !
मोना ने मुंह बना लिया और राधा से कहा,”सासु माँ आप तो जानती ही हो की सच क्या है ? तो जितनी जल्दी अपने घर में मेरे बारे में बता दो अच्छा है ,, आफ्टर आल इस घर की होने वाली छोटी बहु हु मैं”
“सही कहा तुमने की सच कब तक छुपेगा , एक ना एक दिन तो उसे बाहर आना ही है !! रही बात इस घर की छोटी बहु की तो तुम तो हरगिज नहीं बनोगी ,, खाना खाकर जाना !”,कहते हुए राधा किचन की और चली गयी !
मोना बेशर्मी से मुस्कुराई और कहा,”इस घर की छोटी बहु तो मैं ही बनूँगी सासु माँ , फिर उसके लिए चाहे मुझे जो करना पड़े ! क्योकि मोना को हारना बिल्कुल पसंद नहीं है !! जस्ट वेट एंड वाच !!
मोना वहा से चली गयी लेकिन वह अपना पर्स वही भूल गयी ! कुछ देर बाद मीरा जब किचन की और जा रही थी तो उसकी नजर मोना के बैग की और गयी उसने बैग उठाकर देखा और सामने से आती निधि से कहा,”निधि ये बेग शायद मोना जी का है वो यहाँ भूल गयी है !”
“तो होने दो जब जरुरत होगी खुद ले जाएगी वो !”,निधि ने मीरा के हाथ से बैग लेकर टेबल पर फेंक दिया ! बैग में रखा सामान बाहर आ गिरा जिसमे कुछ दवाईया , मोना का पासपोर्ट और मेकअप का सामान था ! ! मीरा ने बैग उठाया और उसमे सामान वापस रखते हुए कहने लगी,”निधि इसमें उसका जरुरी सामान है जिसकी जरूरत उन्हें पड़ सकती है , देखो इसमें कुछ दवाईया भी है शायद ये उसकी हो !! हमे चलकर उसे ये बैग दे आना चाहिए”
“नो वे मीरा , मुझे वो मोना बिल्कुल पसंद नहीं है , जानती हो उसने आज मम्मा से कितने गंदे तरीके से बात की”,निधि ने गुस्सा होकर कहा
“जानते है वो थोड़ी बद्तमीज है निधि , पर उसकी दवाईया यहाँ है उसे प्रॉब्लम हो सकती है , ठीक हम लोग नहीं जायेंगे रघु के हाथ भिजवा देते है !”,मीरा ने कहा
“मर जाये मेरी बला से वो !”,निधि ने चिढ़ते हुए कहा
“निधि , ऐसा नहीं कहते वो बद्तमीज है अब अगर तुम भी उसके जैसे बात करोगी तो उसमे और तुम में क्या फर्क है ? , कोई नहीं जाएगा हम उन्हें फोन करके कह देंगे वो खुद आ जाएँगी अब ठीक है !”,मीरा ने निधि को शांत करते हुए कहा
“नहीं , तुम उसे फोन नहीं करोगी बल्कि मैं खुद जाउंगी उसे ये देने और उसे ये सीखाने की किसी की मोम से कैसे बात करते है ?”,निधि ने कहा
निधि ने मोना का बैग लिया और कहा,”मैं अभी उसे उसकी औकात दिखाकर आती हु”
निधि जाने लगी तो मीरा भी उसके पीछे पीछे चली आयी और कहा,”रुको निधि , हम भी तुम्हारे साथ चलते है”
निधि ने स्कूटी निकाली और मीरा को साथ लेकर मोना के घर की और चल पड़ी आधे घंटे बाद ही दोनों मोना के घर के सामने थी , मीरा ने निधि को पहली बार इतने गुस्से में देखा था l निधि मीरा के साथ अंदर आयी और उसके घर की बेल बजा दी दरवाजा नोकर ने खोला तो निधि ने गुस्से से कहा,”मोना कहा है ?”
“मोना मेमसाहब अंदर है , आप अंदर आईये”,नोकर ने कहा और साइड हो गया
निधि अंदर आयी उसने मोना की और उसका पर्स बढाकर कहा,”ये तुम्हारा पर्स तुम घर पर भूल आयी थी”
“ओह्हः थेंक्स निधि , आओ बैठो”,मोना ने कहा
“नो थेंक्स मुझे यहां रुकना बिल्कुल पसंद नहीं है , वैसे भी मैं तुमसे ये कहने आयी थी की आज के बाद अगर तुमने मॉम से बदतमीजी की तो मैं भाई को तुम्हारे इस असली चेहरे के बारे में बता दूंगी”,निधि ने गुस्से का घुट पीकर कहा
“ओह्हः कम ऑन बेबी बाहरवालों के सामने तुम ऐसे बात क्यों कर रही हो”,मोना ने बेपरवाही से कहा
“यहाँ कौन बाहर वाला है ?”,निधि ने कहा तो मोना ने अपनी नजर मीरा की और कर दी ये देखकर निधि ने कहा,”वो कोई बाहरवाली नही है समझी , और तुम ये अच्छा बनने का नाटक करना बंद करो ल”
“रिलेक्स , क्या लोगी तुम लोग ?”,मोना ने ऐसे कहा जैसे उसे कोई खास फर्क न पड़ा हो
“तुम क्या पागल वागल हो क्या ? , मैं क्या कह रही हु समझ नही आ रहा”,निधि ने कहा तो मीरा ने उसे रोक लिया और कहा,”निधि चलो यहाँ से !”
मोना मीरा के पास आई और उसका गाल छूते हुए कहा,”मीरा इतनी सीधी सादी , सबसे प्यार करने वाली कैसे बन जाती हो तुम ? बोर नहीं होती ये सब करके हां ?”
मीरा ने उसका हाथ साइड किया वो उस से कुछ कहना नही चाहती थी l जब वह जाने लगी तो मोना ने उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे रोकते हुए कहा,”तुम अपना ये जादू चाहे जिसपे चलाओ लेकिन अक्षत पर नही वो सिर्फ मेरा है और उसे मुझसे कोई नही छीन सकता”
मीरा ने उसका हाथ झटका और कहा,”कौन किसका है ? ये फैसला वक्त करेगा हम ऐसी बातो के लिए परवाह भी नही करते ,, वो क्या है ना हमारे पास इतना फालतू दिमाग नहीं है”
“यु बीच !’,मोना ने मीरा को जैसे ही गाली देते हुए हाथ उठाना चाहा मीरा ने उसका हाथ पकड़ा और मोड़कर पीठ से लगाते हुए शालीनता से कहा,”आप जैसा बदतमीज बनने में हमे 2 मिनिट लगेंगे पर आप 7 जन्म लेकर भी हमारी तरह नही बन पायेगी ,, ये अंग्रेजी गालियां कही और दीजियेगा वरना हिंदी में ऐसी ऐसी गालियां देंगे की समझने के लिए डिक्शनरी खरीदनी पड़ेगी !!”
मोना दर्द और गुस्से से कराह रही थी लेकिन निधि को ये सब देखकर मजा आ रहा था l मीरा ने मोना का हाथ छोड़ दिया और कहा,”आज के बाद राधा माँ तो क्या उस घर के किसी भी शख्स से अगर आपने बदतमीजी की तो हम भूल जाएंगे आप अक्षत जी की दोस्त है , चलो निधि !”
निधि और मीरा दोनों दरवाजे की और बढ़ गयी चलते हुए मीरा को नजर टेबल पर पड़ी जहा एक पार्सल रखा था मीरा ने उसे उठाया तो हैरान थी वो उसी के नाम से था उसने मोना की और देखा और कहा,”ये हमारे नाम का पार्सल आपके घर कैसे ? “
मीरा के हाथ में पार्सल देखकर मोना डर गई और कहा,”वो गलती से यहाँ आ गया मै तुम्हे देने ही आ रही थी”
“शुक्रिया ! हम ले जायेंगे”,कहते हुए मीरा निधि और पार्सल के साथ वहा से बाहर निकल गयी ll
मोना के घर से बाहर निकलते ही निधि जोर जोर से हँसने लगी तो मीरा ने कहा,”क्या हुआ ? ऐसे क्यों हंस रही हो तुम ?
निधि ने अपने आपको सम्हाला और कहा,”तुमने क्या मस्त क्लास लगायी मोना की उसी के घर में आई लव यू मीरा यू आर द बेस्ट”
कहते हुए निधि उसके गले आ लगी और उसके गाल पर किस कर दिया ! मीरा को भी हंसी आ गयी अचानक से वो इतनी बदतमीज हो गयी की उसने मोना को धमकी दे दी ! उसने कहा,”अब वो दूर ही रहेगी !!”
“हमेशा के लिए दूर हो जाये तो और भी अच्छा है , वैसे भी मेरी भाभी तो मेरे पास है”,कहते हुए उसने फिर से मीरा को गले लगा लिया !!
“अच्छा अब चलो घर चलते है , आंटी इंतजार कर रही होगी”,मीरा ने कहा !
दोनों घर चली आई निधि अपने कमरे में चली गयी और मीरा राधा के पास उसने जाकर राधा को गले लगाया तो राधा ने कहा,”अरे क्या हुआ मीरा ?
“आज हमने किसी को डांट दिया , इसलिए आपको गले लगाने का मन किया जब बचपन में गलती करते थे तो आकर माँ के गले लग जाया करते थे”,मीरा ने प्यार से गले लगे हुए कहा
“अच्छा तो ये बात है पर मुझे पता है मेरी मीरा ने किसी को बेवजह डाँट नही लगाई होगी !”,राधा ने कहा तो मीरा मुस्कुरा उठी l
रात के खाने के बाद मीरा ने जब पार्सल खोला तो मुस्कुरा उठी उसमे कुछ फ्रेम्स थे जिनमें मीरा की प्यारी प्यारी तस्वीरे थी l मीरा भी नही जानती की किसने और कब ये तस्वीरें ली उसने सारी तस्वीरे एक एक करके देखनी शुरू की पहली तस्वीर उसकी उन बच्चों के साथ थी जब वह भोपाल जाते वक्त उनसे मिली थी l ये बहुत प्यारी तस्वीर थी मीरा ने जैसे ही उसे पलटा उसके पीछे लिखा था – दुनिया की सबसे बड़ी ख़ुशी इस तस्वीर में है , किसी को ख़ुशी देकर जो ख़ुशी मिले वो सबसे अनमोल होती है !!”
मीरा ने दूसरी तस्वीर उठायी ये अर्जुन की सगाई के वक्त की तस्वीर थी जब मीरा अपने लहंगे को सम्हाले चल रही थी और उसके बाल बार बार उसकी आँखों पर आ रहे थे मीरा उसे देखकर मुस्कुरा दी और जब पलटा तो वहां भी कुछ लिखा था – सादगी में भी कोई इतना खूबसूरत दिख सकता है पहली बार देखा !!
मीरा ये पढ़कर शरमा गयी उसके गाल गुलाबी हो गए उसने तीसरी फ्रेम उठायी ये तस्वीर थोड़ी अच्छी नही लगी उसे इसमें वो आँखों में आंसू भरे हुए थी अपनी फटी हुई किताब के पन्नो को पकडे मीरा ने फ्रेम पलटा तो लिखा था – पहली बार किसी लड़की की आँखों में इतनी छोटी सी चीज के लिए आंसू देखे , चीज मामूली थी पर आंसू अनमोल थे जो मेरी वजह से बहे – so i am sorry
मीरा मुस्कुरा दी पर इस वक्त भी उसकी आँखों में आंसू भर आये ये तीन तस्वीरे बहुत खूबसूरत थी सबसे आखिर में एक कार्ड था जिस पर लिखा था – उम्मीद है पार्सल पसन्द आया होगा , आज से पहले किसी को कोई तोहफा नही दिया तो समझ नही आ रहा था कि क्या दू ? फिर ये सब दिया l l अब इन्हें देखकर रोने मत लग जाना , आई नो आंसू बहुत जल्दी आते है तुम्हारी आँखों में !! मैंने तुम्हे बहुत परेशान किया है लेकिन सच में वो सब झगडे बहुत मिस करूंगा मैं और तुम्हे भी !!
अक्षत !! “

मीरा की आँख से निकलकर आंसू कार्ड पर आ गिरा l अनजाने में उसने अक्षत को गलत समझ लिया था l उसे ऐसे देखकर निधि ने कहा,”भाई से बात करना चाहोगी !!”
मीरा ने हां में गर्दन हिला दी तो निधि ने अक्षत को फोन लगाया अक्षत उस वक्त जरुरी काम से बाहर था उसने फोन उठाते ही कहा ,”निधि बाद में करता हु अभी अर्जेंट में बाहर हु”
“भाई मीरा आपसे बात करना चाहती है”,निधि ने धीरे से कहा
अक्षत मीरा का नाम सुनकर साइड में आया वो सब भूल गया जिस काम से आया था उसे भी केंसल कर दिया और कहा,”फोन दो उसे l
निधि ने फोन मीरा को दे दिया और खुद उठकर कमरे से बाहर चली गयी ताकि मीरा बात कर सके
“हैलो !”,मीरा ने तड़पकर कहा
पुरे एक हफ्ते बाद वो मीरा की आवाज सुन रहा था l उसने अपनी आँखे मूंद ली और कहा,”पुरे 167 घण्टे 22 मिनिट और 15 सेकेण्ड बाद तुम्हारी आवाज सुन रहा हु”
मीरा की आँखों से आंसू बहने लगे तो अक्षत ने कहा,”रो रही हो फिर से , अच्छा बाबा सोररी मुझे वो पार्सल नही भेजना चाहिए था ,, बताया ना आदत नही है ये सब करने की लगा तुम्हे अच्छा लगेगा इसलिए ll i m sorry”
“आप सोररी मत कहिये वो अनजाने में हमने ही आपसे गलत बोल दिया आपसे sorry कहना है”,मीरा ने कहा
“ठीक है माफ़ किया”,अक्षत ने सहजता से कहा
“सोररी तो कहने दीजिये”,मीरा ने कहा
“मीरा तुम्हे मुझसे सोररी कहने की जरूरत नही है , तुम कभी गलत नही हो सकती इतना भरोसा है मुझे”,अक्षत ने कहा
“thankyou !”,मीरा ने कहा
“इतनी सी बात के लिए क्या thankyou “,अक्षत ने हैरानी से कहा
“थैंक्यू पार्सल के लिए वो बहुत अच्छा था”,मीरा ने कहा l
“तुम्हे सच में पसन्द आया ?”,अक्षत ने धड़कते दिल के साथ कहा
“हमारी जिंदगी में मिला दुसरा बेहतरीन तोहफा है ये”,मीरा ने कहा
“और पहला तोहफा ?”,अक्षत ने मीरा का मन टटोलते हुए पूछा
“दुसरा तोहफा………..”,मीरा आगे बोलती इस से पहले फोन कट गया l
अक्षत ने देखा बैट्री ना होने की वजह से उसका फोन बंद हो चुका था वह आगे कुछ सुन ही नही पाया उसने फोन जेब में रख लिया पर आज वह बहुत खुश था l उधर मीरा भी मुस्कुरा उठी अक्षत से बात करके उसका मन अब काफी हल्का हो चुका था l जब निधि कमरे में आयी तो मीरा ने उसे गले लगा लिया l

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संजना किरोड़ीवाल

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