Sanjana Kirodiwal

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और प्यार हो गया – 5

Aur Pyar Ho Gaya – 5

Aur Pyar Ho Gaya
Aur Pyar Ho Gaya by Sanjana Kirodiwal

कार्तिक और उसके सभी दोस्त मौली की बर्थडे पार्टी के लिए घर पर जमा थे l चंदन को यु भागते हुए आता देखकर सभी हैरान हो गए और चंदन को घेर लिया l
“क्या हुआ ? क्या देख लिया तूने ?”,कार्तिक ने पूछा
“भ….भ……..भूत , उधर बालकनी में भूत है”,चंदन ने घबराकर कहा l
“तुम्हे वहम हुआ है यहाँ ऐसा कुछ नहीं है”,अखिलेश जी ने कहा
“अजीब लड़का है , सारा का सारा शेम्पू गिरा दिया मुझपे , इसे तो मैं छोडूंगी नही “,सामने से बड़बड़ाती हुई मौली आ रही थी l चंदन को देखते ही उसका गुस्सा और चढ़ गया और वह चंदन को मारने के लिए जैसे ही आगे बढ़ी चंदन चिल्लाने लगा
“ये ही है , बचाओ कोई मुझे इससे”,कहकर चंदन इधर उधर भागने लगा l
“मौली क्या बात है बेटा ? चंदन तुम्हे देखकर ऐसे बिहेव क्यों कर रहा है ?”,रंजना ने कहा
“वो…….वो एक नंबर का गधा है मम्मा ! मैं बालकनी की तरफ शेम्पू का बोतल लिए उसे बंद करने की कोशिश कर रही थी इतने ये आया और सारा शेम्पू गिरा दिया , मेरा फेसपेक भी बर्बाद कर दिया”,मौली ने गुस्से से कहा
“कोई बात नहीं आओ चलो केक काटते है”,अखिलेश जी ने मौली के कंधो पर हाथ रखते हुए कहा l
सभी आकर हॉल में खड़े हो गए l चंदन भी सबसे पीछे आकर खड़ा हो गया l मौली ने केक काटा और अखिलेश जी और रंजना को खिलाया l एक टुकड़ा लेकर वह कार्तिक की तरफ बढ़ी और घूरते हुए उसे भी खिला दिया l मौली ने अपने हाथ से केक खिलाया है कार्तिक तो बस इतने में ही खुश था l श्रुति , त्यागी और नंदिनी ने अपने साथ लाये गिफ्ट मौली को दिए और उसे बर्थडे विश किया l मौली ने नंदिनी को पहले कभी नहीं देखा था इसलिए जब नंदिनी अकेली खड़ी थी तब मौली ने आकर कहा,”तुम कार्तिक की नई दोस्त हो ?
नंदिनी – हां , कॉलेज फ्रेंड !
मौली – तुम्हारी चॉइस बहुत ख़राब है
नंदिनी – पर बन्नी इतना भी बुरा नहीं है (नंदिनी ने कार्तिक की तरफ देखते हुए कहा जो की बाकि दोस्तों के साथ खड़ा किसी बात पर हंस रहा
मौली – बन्नी ? (चौंकते हुए)
नंदिनी – मेरा मतलब कार्तिक , वो थोड़ा ज्यादा क्यूट है ना इसलिए मैंने उसका नाम “bunny” रखा है
मौली – व्हाटएवर , बाय द वे थैंक्स फॉर कमिंग , एन्जॉय पार्टी
मौली वहा से चली गयी लेकिन नंदिनी का व्यवहार उसे कुछ ठीक नहीं लगा l कार्तिक ने नंदिनी को अकेले खड़े देखा तो उसके पास आया और कहा,”यहाँ क्यों खड़ी है चल ना सबके साथ डांस करते है”
कार्तिक नंदिनी का हाथ पकड़ कर उसे सबके बिच ले गया और डांस करने लगा l सबको बहुत मजा आ रहा था l कुछ देर बाद रंजना ने सबको आवाज दी और खाने के लिए बुला लिया l अखिलेश जी को किसी काम से बाहर जाना था इसलिए वो चले गए l सभी आकर डायनिंग टेबल के चारो और बैठ गए l रंजना ने सबक लिए खाना लगाया सब बातें करते हुए खाने लगे चंदन आज रोजाना से कम बोल रहा था और खाना भी बहुत धीरे धीरे खा रहा था l खाते हुए उसकी नजर बार बार मौली पर चली जाती l मौली को भी आज चंदन बहुत अजीब लग रहा था l उसे भी जानना था की चंदन आज उसे ऐसे क्यों देख रहा है ? चंदन ने जल्दी जल्दी खाना खाया और उठकर हाथ धोने के लिए वाशबेसिन की तरफ गया
“अरे चंदन , बेटा ये नल खराब हो गया है तुम अंदर जाकर हाथ धो लो”,रंजना ने कहा
चंदन अंदर चला गया l मौली भी उठकर उसके पीछे पीछे अंदर आ गयी और दरवाजे पर हाथ लगाकर खड़ी हो गयी l चंदन हाथ धोकर जैसे ही पलटा मौली को अपने सामने देखकर घबरा गया l उसके मुंह से आवाज ही नहीं निकली , मौली अंदर आयी और कहां,”अच्छा तो तुम्हे मैं भूत नजर आ रही हु l दिखाओ कहा है मेरे बड़े बड़े नाख़ून और लम्बे लम्बे दांत”
“मुझे कुछ मत करना मौली दी , प्लीज़ l मैं आपके छोटे भाई जैसा हु ,, अभी तो मेरी शादी भी नहीं हुई है ,, मैं मैं किसी से नहीं कहूंगा आप पर आत्मा आती है l बस मुझे छोड़ दो “,चंदन निचे बैठकर मौली से विनती करने लगा
“तुम्हारा दिमाग तो सही है क्या अंट शंट बके जा रहे हो? कोनसी आत्मा कैसी आत्मा ? और मुझपे की आना होगा किसी आत्मा को”,मौली ने परेशान होकर कहा
“अरे आपको नहीं पता आप पर आत्मा का साया है , पिछली बार जब आप अपनी दोस्त के साथ घूमने गयी थी तब आप पर वो आत्मा आ गयी तबसे आप हमेशा गुस्से में रहती है और कुछ ना कुछ बड़बड़ाती रहती है”,चंदन ने लगभग रोते हुए कहा
“पिछले महीने तो मैं साक्षी के साथ गयी थी , पर साक्षी की आत्मा मुझपर क्यों आएगी ? नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं है”,मौली धीरे धीरे बुदबुदाने लगी
मौली को बुदबुदाते हुए देखकर चन्दन डर गया और कहा ,”देखो अब वो आत्मा तुम पर हावी होने लगी और तुमने बड़बड़ाना शुरू कर दिया l अब तुम मुझे मारकर मेरा खून पि जाओगी ,, मुझे छोड़ दो “
“शट-अप , किसने कहा तुमसे ये सब ? बताओ नहीं तो बहुत मारूंगी “,रोली ने उसे घूरते हुए कहा

चन्दन ने डरकर मौली को वो सारी बातें बता दी जो कार्तिक ने सुबह कॉलेज जाते हुए बताई थी l अब तो मौली का गुस्सा सातवें आसमान पर था वह बाहर आयी और कार्तिक को घूरकर देखने लगी l मौली को अपनी और घूरता पाकर कार्तिक ने कहा,”क्या है ?
मौली उसकी तरफ लपकी कार्तिक उठा और सोफे की तरफ भाग गया लेकिन अगले ही पल उलझ कर सोफे पर गिर पड़ा मौली आयी और कार्तिक पर लात घुसो की बरसात कर दी l तब तक चंदन भी आ गया चंदन को वहा देखकर कार्तिक समझ गया की उसने मौली को सुबह वाली बात बता दी है l मौली सोफे पर पड़े कुशनो से उसे मारे जा रही थी l नंदिनी , श्रुति और त्यागी ये सब हैरानी से देख रहे थे उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था की आखिर यहां हो क्या रहा है ? दोनों बुरी तरह लड़ झगड़ रहे थे l तभी रंजना ने कहा,”मौली क्या है ये सब ? कमसे कम मेहमानो की तो शर्म करो , ऐसे जानवरो की तरह क्यों झगड़ रहे हो ?”
“मॉम ये सब अपने इस नालायक बेटे से पूछिए मेरे बारे में अपने दोस्तों से झूठी झूठी बातें कहता है ये , मैं इसे नहीं छोडूंगी”,कहकर मौली फिर से कार्तिक को लतियाने लगी l
“अरे ! पर इसने किया क्या ?”,रंजना ने परेशान होकर कहा
“इसने चंदन से कहा की मुझपर आत्मा आती है”,मौली ने रोआँसा होकर कहा
“फिर तो दो चपेड़ और लगा इसे मेरी तरफ से भी”,रंजना ने गुस्सा होकर कहा
“अरे आंटी हम किसलिए है”,कहकर श्रुति और त्यागी भी मौली के साथ साथ कार्तिक को पीटने लगे l “
बेचारी नंदिनी चुपचाप बैठी सब तमाशा देख रही थी ऐसा माहौल तो उसने पहले कभी नहीं देखा था l
“पता नहीं कब सुधरेगा ये लड़का”,कहकर रंजना वहा से चली गई
नंदिनी उन सबको वही छोड़कर रंजना के पीछे पीछे किचन की और बढ़ गयी l नंदनी को वहा देखकर रंजना ने कहा,”अरे बेटा कुछ चाहिए था आपको ?
“जी आंटी वो पानी “,नंदनी ने कहा
“रुको मैं देती हु “,रंजना ने मुस्कुराते हुए कहा और फ्रीज़ से बोतल निकालकर नंदिनी की तरफ बढ़ा दी l नंदिनी ने पानी पीया और कहा,”थैंक्यू आंटी , आप बुरा ना माने तो आपसे एक बात पुछु ?
“हाँ बेटा पूछो ?”,रंजना ने कहा
“वो मौली दी और कार्तिक इस तरह , आप उनसे कुछ कहती क्यों नहीं ?”,नंदिनी ने डरते डरते कहा

रंजना मुस्कुराई और कहा,”कार्तिक बचपन से ही ऐसा है शरारती , उसे अपने आस पास का शांत माहौल पसंद ही नहीं है जब तक वह दो चार ताने ना सुन ले , अपने पापा की डाट ना खा ले उसे चैन नहीं l हमेशा मस्ती मजाक बस यही उसकी जिंदगी है l मौली उसकी बड़ी बहन है लेकिन वो उसे भी तंग करता रहता है l 2 साल से दोनों के बिच बातचीत बिलकुल बंद है अब ये झगड़ा ही रह गया है जो इन्हे एक रिश्ते में बांधे हुए है ,, झगडे की वजह से ही सही दोनों एक दूसरे के साथ तो है”,कहते कहते रंजना भावुक हो उठी
“आई ऍम सॉरी आंटी , आप चिंता मत कीजिये जल्दी ही ये दोनों पहले जैसे साथ हसने बोलने लगेंगे “,नंदिनी ने प्यार से रंजना के कंधो पर हाथ रखते हुए कहा l
“तुम बहुत प्यारी हो बेटा , कहा रहती हो ?”,रंजना ने पूछा
“जी मम्मी पापा लखनऊ में रहते है और मैं यहाँ हॉस्टल में”,नंदिनी ने कहा
“जब भी कभी घर का खाना खाने का मन हो यहाँ चली आना”,रंजना ने प्यार से कहा
“जरूर आंटी , वैसे भी आप खाना बहुत टेस्टी बनाती है लगता है जल्दी ही वापस आना पड़ेगा”,नंदिनी ने हँसते हुए कहा
“बिल्कुल बेटा इसे अपना अपना घर समझो , तूम चलकर बैठो मैं सबके लिए आइस क्रीम लेकर आती हु”,रंजना ने कहा
नंदिनी बाहर आ गयी उसने देखा सब के सब बेचारे कार्तिक के पीछे पड़े है l नंदिनी कार्तिक के पास आयी और सबको दूर करके कहा,”बस अब कोई इसको नहीं पिटेगा “
सब दूर हो गए तो कार्तिक उठा और सोफे पर बैठते हुए कहा,”नंदू तू ही मेरी सबसे सच्ची दोस्त है”
“दोस्ती बाद में पहले ये बताओ की तुमने चंदन से झूठ क्यों बोला ?”,नंदिनी ने कमर पर हाथ रखकर कार्तिक को घूरते हुए कहा l
“मौली दी की दोस्त साक्षी से मैंने इनको बात कराने को कहा पर इन्होने नहीं करवाई इसलिए”,कार्तिक ने होठो को दांत के निचे दबाते हुए कहा l
नंदिनी ने अपना सर पिट लिया l मौली वहा से चली गयी l त्यागी , श्रुति और चंदन भी आकर सोफे पर बैठ गए l नंदिनी कार्तिक के बिल्कुल सामने निचे बैठ गयी और धीरे से कहा,”सबको परेशान करके बहुत ख़ुशी मिलती है ना तुम्हे ?
कार्तिक ने नजरे उठाकर सामने बैठी नंदिनी को देखा और मुस्कुराने लगा और फिर धीरे से गर्दन हाँ में हिला दी l नंदिनी ने पास पड़ा कुशन उठाकर कार्तिक की तरफ फेंका और कहा,”जिस दिन कोई तुम्हे परेशान करने लगी ना तब पता चलेगा”
“मुझे परेशान करने के लिए तुम हो ना नंदू”,कार्तिक ने नंदू शब्द पर कुछ ज्यादा ही जोर देकर कहा

नंदिनी कार्तिक की तरफ देखने लगी रंजना सबके लिए आईस क्रीम ले आयी सब साथ बैठकर खाने लगे l बातें करते हुए रात के 9 बज चुके थे l नंदिनी ने हॉस्टल जाने की बात कही तो रंजना ने कार्तिक से उसे हॉस्टल तक छोड़ आने को कहा l त्यागी , श्रुति के साथ निकल गया और चंदन अकेले अपनी बाइक से l कार्तिक नंदिनी के साथ बाहर आया रंजना भी उन्हें छोड़ने दरवाजे तक आ गयी l बाहर आकर कार्तिक को कुछ याद आया और उसने कहा,”नंदू तुम रुको मैं चाबी लेकर आता हु” कार्तिक जाने लगा तो नदिनी ने उसके चेहरे के सामने बाइक की चाबी लहराते हुए कहा,”चाबी यहाँ है मिस्टर bunny , मुझे पता था तुम भूल जाओगे”
“नंदू मैं कभी कुछ नहीं भूलता”,कार्तिक ने कहा
“ओह रियली”,नंदिनी ने मुंह बनाकर कहा
“बिल्कुल , पागल नंदू “,कहते हुए कार्तिक ने नंदिनी के हाथ से चाबी ली और और एक हलकी सी चपत उसके गाल पर लगाकर जाकर बाइक पर बैठ गया l नंदिनी झूठी नाराजगी दिखाते हुए मुंह फुलाकर खड़ी हो गयी l कार्तिक ने देखा तो बाइक से उतरा और वापस नंदिनी के सामने आकर खड़ा हो गया और कहा,”मैंने सूना था गुस्से में लड़किया बहुत खूबसूरत लगती है पर तुम तो……………………!!”, कार्तिक ने बात अधूरी छोड़ दी
“मैं तो क्या ?”,नंदिनी ने पूछा
“बदसूरत लग रही हो और क्या”,कार्तिक ने कहा
नंदिनी ने एक मुक्का कार्तिक की पीठ पर जमा दिया l बदले में कार्तिक ने भी वापस जमा दिया l बस फिर क्या था जो झगड़ा कुछ देर पहले मौली और कार्तिक के बिच हो रहा था वो अब कार्तिक और नंदिनी के बिच हो रहा था l रंजना दरवाजे पर खड़ी चुपचाप तमाशा देख रही थी l तभी नंदिनी ने अपनी आँख पे हाथ रखा और चिल्लाने लगी l कार्तिक रुक गया और कहा,”मैंने कहा था ना लग जाएगी ? लाओ दिखाओ “
कार्तिक नदिनी के करीब आया और उसकी आँख में फूंक मारने लगा ” अब ठीक है ?”,कार्तिक ने पूछा
“हम्म्म्म”,नंदिनी ने अपनी गर्दन हिला दी l
“मेरी ही गलती है , मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था l सॉरी नंदू”,कार्तिक ने कहा
“इट्स ओके , अब चले वरना हॉस्टल वाले अंदर नहीं घुसने देंगे मुझे”,नंदिनी ने मुस्कुराते हुए कहा l
कार्तिक ने बाइक स्टार्ट की और नंदिनी को साथ लेकर वहा से निकल गया l
कभी किसी से सॉरी ना बोलने वाले कार्तिक के मुंह से सॉरी सुनकर रंजना को बहुत हैरानी हुई l उसने जाते हुए कार्तिक और नंदिनी को देखा और कहा,”लगता है ये लड़की मेरे नालायक बेटे को सुधार देगी” l

खाली सड़क पर , ठंडी हवाओ के झोंको से गुजर कर नंदिनी और कार्तिक बाइक पर बैठे चले जा रहे है l दोनों ही खामोश है बाइक के साइड में लगे शीशे में नंदिनी को कार्तिक का चेहरा नजर आ रहा है वो सोचने लगती है ,”कितना मासूम चेहरा है bunny तुम्हारा , पर ये बहुत कम लोग जानते है की इस मासूम चेहरे के पीछे कितनी शरारते छुपी है l कभी कभी तो सोचती हु क्या होगा तुम्हारा ? पर जो भी हो बस तुम हमेशा ऐसे ही मुस्कुराते रहो , तुम्हारी मुस्कराहट दुनिया की सबसे खूबसूरत है”
नंदिनी कार्तिक के बारे में सोच ही रही थी की तभी बाइक को हल्का सा ब्रेक लगा और नंदिनी का हाथ कार्तिक के कंधे पर आ गया l कार्तिक मुस्कुरा उठा और चुपचाप बाइक चलाता रहा l अभी कुछ ही दूर चले थे की हाईवे से निचे आकर कार्तिक ने गाड़ी साइड में लगाई और कहा,”नंदू आजा तुझे अपनी फेवरेट पानी पूरी खिलाता हु”
“bunny 9.35 हो रहे है , फिर कभी खाते है”,नंदिनी ने घड़ी में समय देखते हुए कहा
“नंदू तुझे 10 बजे से पहले हॉस्टल छोड़ दूंगा , अब ज्यादा भाव मत खा”,कार्तिक ने कहा
“अच्छा बाबा चलो”,कहकर नंदिनी और कार्तिक दोनों जाकर ठेले वाले के पास खड़े हो गए l
“भैया दो प्लेट पानी पूरी लगाना”,कार्तिक ने कहा
लड़के ने कार्तिक और नंदिनी को प्लेट दी और खिलाने लगा l कार्तिक नंदिनी के सामने खड़ा खड़ा ही खा रहा था नंदिनी ने एक दो पीस ही खाये और फिर उसका पेट भर गया l प्लेट में एक आखरी पीस बचा था नंदिनी ने जैसे ही उठाने के लिए हाथ बढ़ाया कार्तिक ने उठाकर अपने मुंह में रख लिया l नंदिनी उसका मुंह ताकते ही रह गयी तो कार्तिक हसने लगा l दोनों वहा से निकलकर बाइक के पास आये तो नंदिनी ने कहा,”बाइक की चाबी दो , अब मैं चलाऊंगी”
“हे बाइक चलाना बच्चो का काम नहीं है मेडम जी”,कार्तिक ने मजाक उड़ाते हुए कहा
“तुम चाबी दो और पीछे बैठो , लखनऊ में ऐसी बाइक मैंने बहुत चलाई है”,कहकर नंदिनी ने कार्तिक से चाबी ली और बाइक स्टार्ट करके कार्तिक से कहा,”बैठो !!”
कार्तिक नंदिनी से कुछ दूरी बनाकर बैठ गया l नंदिनी ने तेजी से बाइक चलाना शुरू किया l बेचारा कार्तिक उसे डर लग रहा था पर कैसे कहता इसलिए चुपचाप आँखे मींचे बैठा रहा l कुछ ही वक्त बाद बाइक हॉस्टल के सामने थी l जैसे ही नंदिनी ने ब्रेक लगाया कार्तिक की आँख खुली l
“क्यों bunny आया ना मजा”, नंदिनी ने बाइक से उतरकर उसके सामने चुटकी बजाते हुए कहा
“हां , तू जीती मैं हारा”,कार्तिक ने खोये हुए स्वर में कहा
“अच्छा अब मैं चलती हु , गुड़ नाईट”,नंदिनी ने बाइक की चाबी कार्तिक को देते हुए कहा

कार्तिक चाबी लेकर जैसे ही मुडा उसकी नजर सामने फुटपाथ पर सोये लोगो पर गयी जिनमे एक बच्चा बिना कपड़ो के सोया हुआ था और मच्छरों की वजह से बार बार हाथ पांव खुजला रहा था l कार्तिक ने नदिनी की तरफ देखा और कहा,”नंदिनी एक मिनिट”
कार्तिक उस बच्चे के पास गया और अपना जैकेट उतारकर उसे ओढ़ा दिया l नींद में भी बच्चे के चेहरे पर सुकून के भाव आ गए l कार्तिक उसे देखकर मुस्कुराने लगा और फिर वापस नंदिनी के पास आया l कार्तिक का ये रूप नंदिनी ने पहली बार देखा था अपने अलावा भी वह दुसरो के लिए सोचता है l जैसे ही कार्तिक पास आया नंदिनी ने कहा,”bunny , तुम बहुत अच्छे हो”
मैंने तो पहले ही कहा था दुनिया में सिर्फ दो ही लोग अच्छे है……………..!!”,कार्तिक ने कहा
“हां हां पता है एक तुम और दूसरे भी तुम”,नंदिनी ने बिच में ही कार्तिक की बात काटते हुए कहा
“नहीं एक मैं और दूसरी तुम”,कार्तिक ने नंदिनी की आँखों में देखते हुए कहा
एक बड़ी सी मुस्कान नंदिनी के होंठो पर आ गयी l कार्तिक का ये बदला रूप देखकर उसे एक अलग सी ख़ुशी का अहसास करा रहा था l कार्तिक ने नंदिनी को बाय कहा और बाइक स्टार्ट करके वहा से चला गया l
नंदिनी हॉस्टल आई और अपने रूम में आकर कपडे बदलने लगी
“कौन था वो लड़का ?”,नंदिनी की रूममेट कविता ने कहा
“कौन लड़का ? अच्छा वो………..वो कॉलेज फ्रेंड है”,नंदिनी ने कपड़ो को तह करके रखते हुए कहा
“सिर्फ दोस्त ही है या……………..!!”,लड़की ने बात अधूरी छोड़ दी l
“सिर्फ दोस्त ही है इससे आगे ना है ना होगा”,नंदिनी ने आँखे तरेरते हुए कहा
“हम्म्म्म , लेकिन अक्सर दोस्ती प्यार में बदल जाती है”,कविता ने नंदिनी को चिढ़ाने के लिए कहा
“वो मेरा अच्छा दोस्त है मुझे उस से प्यार नहीं होगा”,नंदिनी ने कविता के सामने अपने बेड पर बैठते हुए कहा
“ये सब कहने की बाते है दोस्ती कब प्यार में बदलेगी , कब दोस्त महबूब लगने लगेगा तुझे पता भी नहीं चलेगा”,कविता ने मुस्कुराते हुए कहा
“तू अपने प्यार का लेक्चर बंद कर और चुपचाप सो जा सुबह जल्दी उठना है ना”,नंदिनी ने कहा और आँखे बंद करके लेट गयी लेकिन मन में सिर्फ एक ही ख्याल आ रहा था,
“क्या सच में हर दोस्ती प्यार में बदल जाती है ?”

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