Pasandida Aurat Season 3 – 22

Pasandida Aurat Season 3 – 22

Pasandida Aurat Season 3
Pasandida Aurat Season 3 by Sanjana Kirodiwal

अवनि चॉकलेट्स के डिब्बे हाथो में उठाये पृथ्वी के पीछे चली जा रही थी कि तभी सामने से आता शख्स उस से टकरा गया और जैसे ही उसने नीचे गिरा डिब्बा उठाकर अवनि की तरफ बढ़ाया अवनि हैरान रह गयी। वह शख्स कोई और नहीं बल्कि मुकुल था। हाँ वही मुकुल जिस से अवनि की शादी तय हुई थी और अपने पापा के कहने पर मुकुल शादी के मंडप से उठ गया था। मुकुल को अपने सामने देखकर अवनि की आँखों के सामने उसका अतीत आ गया। उसका मन गुस्से और तकलीफ से भर उठा और आँखों में नमी तैर गयी।

अवनि डिब्बे हाथो में सम्हाले उठी और जाने लगी तो मुकुल ने कहा,”मैंने सोचा नहीं था हमारी दोबारा कभी मुलाकात होगी,,,,,,,,!!!”
अवनि ने मुकुल की बात का कोई जवाब नहीं दिया और जैसे ही जाने के लिए कदम बढ़ाने को हुई मुकुल ने फिर कहा,”मैंने सुना है तुमने शादी कर ली,,,,,,,आई हॉप की तुम उसके साथ खुश हो”

इस बार अवनि खुद को नहीं रोक पायी वह मुकुल की तरफ पलटी और गुस्से से कहा,”तुम्हे मेरे लिए सहानुभूति दिखाने की जरूरत नहीं है,,,,,,,,मैंने शादी की या नहीं मैं खुश हूँ या नहीं ये सब जानने का तुम्हे कोई हक़ नहीं है इसलिए दूर रहो मुझसे,,,,,,,,,!!!”

मुकुल ने सुना तो उसे अवनि की बात पर गुस्सा नहीं आया और वह मुस्कुराते हुए उसके सामने आकर बोला,”अरे तुम तो गुस्सा हो गयी , मैंने तो बस तुमसे पूछा कि अब तो तुम खुश हो ना अपनी शादी से,,,,,,,,उस दिन मंडप में तो सबके सामने तुमने बहुत घमंड से शादी तोड़ी थी,,,,,,,,,!!!”
मुकुल का यू करीब आकर खड़े होना अवनि को अच्छा नहीं लगा , वह गुस्से से मुकुल को घूरती रही और मुकुल उसके सामने खड़ा मुस्कुराता रहा।

पृथ्वी ने देखा अवनि अभी तक नहीं आयी है तो वह चलते चलते रुका और पलटकर देखा अवनि उसे कही दिखाई नहीं दी तो वह वापस उसी जगह चला आया और जब उसने अवनि को मुकुल के साथ खड़े हैरान हुआ। मुकुल का यहाँ आना इत्तेफाक हो सकता है पृथ्वी ये भली भांति जानता था इसलिए वह उसी तरफ  चला आया। मुकुल को अपने करीब देखकर अवनि ने अपने कदम पीछे बढ़ाये लेकिन मुकुल बेशर्मो की तरफ अवनि की तरफ बढ़ते हुए बोला,”तुम्हारी शक्ल बता रही है अवनि कि शादी के नाम पर तुमने सिर्फ समझौता किया है,,,,,,,!!!”

“वो समझौता मैं हूँ”,पृथ्वी ने एकदम से अवनि और मुकुल के बीच आकर कहा तो मुकुल रुक गया और जैसे ही उसकी नजर पृथ्वी पर पड़ी उसे वो दिन याद आ गया जब पृथ्वी ने उसे उसके घर आकर थप्पड़ मारा था। मुकुल के होंठो की मुस्कुराहट एकदम से गायब हो गयी और आँखों में डर के भाव तैरने लगे। वही  पृथ्वी को अपने सामने देखकर अवनि ये सोचकर कि कही पृथ्वी उसे और मुकुल को साथ देखकर कुछ गलत ना समझ ले मन ही मन थोड़ा घबरा गयी।

पृथ्वी ने गर्दन घुमाकर अवनि को देखा और प्यार से कहा,”तुम ठीक हो ?”
अवनि कुछ बोल नहीं पायी बस नम आँखों से पृथ्वी को देखती रही तो पृथ्वी समझ गया कि अवनि के दिमाग में इस वक्त क्या चल रहा है। वह मुकुल की तरफ पलटा और उसके सीने पर हाथ रखकर उसे पीछे करके बहुत ही सहजता से कहा,”अवनि से क्या पूछ रहे हो जो पूछना है मुझसे पूछो , मैं देता हूँ ना जवाब”

पृथ्वी को सामने देखकर मुकुल की सारी हेकड़ी एक पल में निकल गयी और उसने खिंसियाकर कहा,”अरे मैं  तो बस अवनि को शादी के लिए कोन्ग्रेचुलेट कर रहा था। अब गिफ्ट तो मैं लाया नहीं तो सोचा क्यों न तुम दोनों को एक छोटी सी ट्रीट ही दे दू”
“थैंक्यू ! हमे तुम्हारी ट्रीट और तुम्हारे गिफ्ट की जरूरत नहीं है,,,,,,,,,,हाँ एक चीज तुम कर सकते हो”,पृथ्वी ने अपना गाल खुजाते हुए कहा
“हाँ बोलो न,,,,,,,,,,!!”,मुकुल ने खुश होकर कहा

पृथ्वी ने एक हाथ से नकुल की कोलर पकड़कर उसे अपने पास किया और उसकी आँखों में देखकर गुस्से से कहा,”दूर रहो अवनि से , पिछली बार सिर्फ एक थप्पड़ मारकर छोड़ दिया था क्योकि तब अवनि मेरी नहीं थी , अब वो मेरी पत्नी है और अगर तुम्हारी वजह से उसे जरा भी तकलीफ हुई तो ज़िंदा गाड़ दूंगा तुम्हे समझे”
कहकर पृथ्वी ने उसे पीछे धकिया दिया। पृथ्वी की धमकी सुनकर मुकुल घबरा गया। वह समझ गया कि अवनि ने जिस से शादी की है वह कोई और नहीं बल्कि उसके सामने खड़ा पृथ्वी ही था।

उसने एक नजर पृथ्वी को देखा और चुपचाप वहा से चला गया। पृथ्वी अवनि की तरफ पलटा और ख़ामोशी से उसे देखने लगा। अवनि अपना सर और नजरे झुकाकर खड़ी थी , उसके हाथो में चॉकलेट्स के डिब्बे थे और उसके हाथ काँप रहे थे। उसके जहन में अभी भी मुकुल को लेकर एक डर था। अवनि को खमोश देखकर पृथ्वी ने उसके बगल में आकर प्यार से उसके कंधो पर हाथ रखा उसे अपनी तरफ किया और कहा,”जब तक मैं तुम्हारे साथ हूँ तुम्हे किसी से डरने की जरूरत नहीं है,,,,,,,,,,,,,!!!”

अवनि ने सुना तो उसने नम आँखों से पृथ्वी को देखा और पृथ्वी ने अवनि की आँखों में देखते हुए कहा,”मुझसे भी नहीं”
अवनि ने धीरे से हामी में गर्दन हिला दी तो पृथ्वी उसे वहा से लेकर चला गया।

रिसोर्ट के कमरे में आकर अवनि ने डिब्बे टेबल पर रख दिए। उसके चेहरे पर अभी भी उदासी और परेशानी के भाव थे पृथ्वी ने देखा तो वह अवनि के पास आया। उसका हाथ पकड़कर उसे बिस्तर पर बैठाया और खुद टेबल की तरफ चला आया। उसने गिलास में पानी लिया और अवनि की तरफ आकर गिलास उसकी तरफ बढ़ा दिया। अवनि ने गिलास हाथो में थामा और पानी पीकर गिलास वापस पृथ्वी की तरफ बढ़ा दिया तो बचा हुआ पानी पृथ्वी ने पीया और गिलास को साइड में रखकर कुर्सी खिसकाई और अवनि के ठीक सामने आ बैठा।  

सामने बैठे पृथ्वी को देखकर अवनि ने रोआँसा होकर कहा,”मुझे नहीं पता था वो यहाँ है,,,,,,,,,,,!!!!”
पृथ्वी ने सुना तो अवनि के हाथ को अपने दोनों हाथो के बीच रखा और उसके हाथ को अपने होंठो से छूकर कहा,”अवनि ! मैंने तुमसे कुछ पूछा क्या ?”
“नहीं लेकिन मैं सच में नहीं जानती वो यहाँ क्यों आया है ?”,अवनि ने कहा और कहते कहते कहते उसकी आँखों में आँसू भर आये

अवनि की आँखों में आँसू देखकर पृथ्वी की जान जल जाती थी इसलिए उसके अवनि के हाथ को थोड़ा और मजबूती से थामा और कहने लगा,”पता है अवनि ! जो लोग हमे तकलीफ देते है , वो लोग हमारी जिंदगी से चले जाने के बाद दोबारा लौटकर क्यों आते है जानती हो ? ताकि वो ये देख सके कि हम उनके बिना खुश है और बेहतर हालातो में है और उन्हें ये अहसास हो सके कि उन्होंने अपनी जिंदगी में क्या खोया है ? अगर तुम अपनी नयी जिनगी में खुश हो तो तुम्हे मुकुल के यहाँ आने से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए ना ही तुम्हे डरना चाहिए”

पृथ्वी ने अवनि को बहुत प्यार से समझाया , अवनि ने देखा ये सब कहते हुए पृथ्वी के चेहरे पर ना कोई शिकन थी ना ही शिकायत के कोई भाव थे बल्कि उसकी आँखों में अवनि के सिर्फ बेइंतहा मोहब्बत थी। अवनि ने पृथ्वी की तरफ देखा और कहा,”मुझे लगा उसे मेरे साथ देखकर आप मुझे गलत समझ लेंगे,,,,,,,,,,,!!!”

पृथ्वी ने सुना तो अपना हाथ अपने ललाट पर मारा और कहा,”अवनि ! तुम्हे क्या मैं इतना बेवकूफ लगता हूँ ? मुझे तुम पर खुद से ज्यादा भरोसा है मैं जानता हूँ तुम कभी कुछ भी ऐसा नहीं करोगी जिस से मैं तुम्हे गलत समझू और मैंने तुम से शादी है की है , तुम कोई मेरी गुलाम नहीं हो जो मेरी मर्जी से जिओ ,, तुम अपनी हदें मुझसे बेहतर जानती हो,,,,,,,,,,,,,,,मुझे तुम्हारे लिए कोई भी बाउंड्रीज सेट करने की जरूरत नहीं है”

अवनि ने सुना तो आगे बढ़कर पृथ्वी के गले लगी और कहा,”आई लव यू”
पृथ्वी मुस्कुराया लेकिन अगले ही पल उसे याद आया कि वह तो अवनि से नाराज है उसने धीरे से अवनि हटाया और वापस अपने सामने करके कहा,”बेटा ! मैं आई लव यू सुनकर नहीं पिघलने वाला , भूलो मत मैं तुम से नाराज हूँ,,,,,,,,,,,,,,,बहुत ज्यादा नाराज हूँ”

अवनि ने सुना तो पृथ्वी की तरफ देखा और कहा,”आप मुझसे क्यों नाराज है , मुझसे कोई गलती हुई है क्या ?”
“गलती ? जानती भी हो तुमने कल रात क्या किया है ?”,पृथ्वी ने अवनि को घूरकर कहा तो अवनि थोड़ा डर गयी और धीरे से कहा,”क्या किया मैंने ?”
पृथ्वी कुर्सी से उठा और कमरे में घूमते हुए कहने लगा,”कल तुमने मुझे बहुत परेशान किया , मेरे मना करने के बाद भी तुमने शराब पी ली और नशे सबसे सामने क्या तमाशा किया तुमने,,,,,,,,,,,,!!!!”

कहते हुए पृथ्वी ने अपने घुटनो से थोड़ा ऊपर इशारा करके कहा,”इतनी , इतनी छोटी सी ड्रेस पहनी थी तुमने,,,,,,,,,,,,,,हाह ! आज से पहले मेरे सामने तुमने ऐसा कुछ नहीं पहना लेकिन कल रात सबके सामने तुम वो पहनकर घूम रही थी। सब कितना घूर रहे थे तुम्हे , मुझे पता है मैं कैसे तुम्हे वहा से यहाँ लेकर आया था और उसके बाद,,,,,,,,,,,,!!!”

कहते कहते पृथ्वी अचानक से रुक गया तो अवनि ने कहा,”उसके बाद क्या ? क्या मैंने आपको परेशान किया ?”
पृथ्वी ने अवनि की तरफ देखा और थोड़ा नौटंकी करते हुए कहा,”परेशान ? ये पूछो अवनि क्या नहीं किया तुमने कल रात मैंने अपनी इज्जत कैसे बचाई है ? सिर्फ मैं ही जानता हूँ”
अवनि ने सुना तो उसके चेहरे पर परेशानी के भाव उभर आये , उसे कुछ याद नहीं था और नशे में उसने जरूर कुछ उल्टी सीधी हरकत की होगी ये सोचकर उसे पृथ्वी की बातों पर अब पूरा विश्वास था।  

 अवनि ख़ामोशी से पृथ्वी को देखने लगी तो पृथ्वी उसकी मासूमियत देखकर रुक गया लेकिन उसे अवनि को परेशान करने में बड़ा बजा आ रहा था इसलिए उसने रात में घटी बाते ना बताकर अपनी तरफ से कहानी सुनाकर कहा,”हाँ तुमने मुझे बहुत परेशान किया , तुमने पूरी रात मुझे सोने नहीं दिया अवनि ,, तुम्हे होश नहीं था और नशे में तुमने कितनी बार मुझसे अपने प्यार का इजहार किया , मेरे हाथ , मेरे गाल , ललाट , गर्दन और मेरे होंठ,,,,,,,,,,,,,,ना जाने कितने बार वहा अपना प्यार जाहिर किया , मैं तुम्हे क्या बताऊ अवनि मैं शर्म के मारे कैसे पानी पानी हो रहा था लेकिन तुम तुम तो मुझसे दूर जाने का नाम ही नहीं ले रही थी”

कहते कहते पृथ्वी ने अपना हाथ दिवार से लगाया और सर झुकाकर खड़ा हो गया सच में अवनि ने उसके साथ ये सब किया हो , बेचारी अवनि उसने जब सुना तो मन ही मन खुद  पर खीजने लगी कि उसने नशे की हालत में पृथ्वी के साथ कही कुछ गलत तो नहीं कर दिया। वह उठकर पृथ्वी के पास आयी और उसके कंधे पर हाथ रखकर धीरे से कहा,”आई ऍम सॉरी पृथ्वी ! मैंने ये सब जान बूझकर नहीं किया”

पृथ्वी अवनि की तरफ पलटा और उसके करीब आकर कहा,”अब क्या फायदा अवनि अब तो हो चुका , तुमने , तुमने मुझे कही मुँह दिखाने लायक नहीं छोड़ा,,,,,,,,,!!”
अवनि ने सुना तो मायूस होकर पृथ्वी को देखने लगी ये देखकर पृथ्वी को मन ही मन बहुत हंसी आ रही थी लेकिन  चेहरे पर अफ़सोस के भाव रखे और कहा,”मुझे नहीं पता था अवनि तुम्हारी अपने ही पति पर गन्दी नजर है,,!!!”

“पृथ्वी ! आई ऍम सॉरी , मुझे कुछ भी याद नहीं है सच में ,, मुझे नहीं याद मैंने कल रात आपके साथ क्या किया ? आई ऍम रियली सॉरी , मुझे माफ़ कर दीजिये”, अवनि ने रोआँसा होकर कहा
पृथ्वी ने कुछ पल अवनि को देखा और फिर एकदम से हँसते हुए कहा,”ऐसा कुछ नहीं हुआ था मैं बस तुम्हे परेशान कर रहा हूँ”

अवनि ने सुना तो पृथ्वी को घूरने लगी। पृथ्वी अवनि के पास आया और शरारत भरे स्वर में कहा,”पर तुम चाहो तो मेरा फायदा उठा सकती हो , मैं किसी से नहीं कहूंगा”
“आप बहुत बुरे है”,अवनि ने पृथ्वी को पीछे धकियाकर बिस्तर की तरफ जाते हुए कहा तो पृथ्वी हसने लगा और कहा,”लेकिन एक बात तो सच है अवनि,,,,,,,,,!!!”
“क्या ?”,अवनि ने पलटकर कहा

पृथ्वी ने मुस्कुरा कर अवनि की तरफ देखा और कहा,”तुम बहुत मासूम हो , कल रात के बाद से मुझे तुमसे और प्यार हो गया है”
अवनि ने सुना तो उसका दिल धड़का , वह सोचने लगी बीती रात उसने ऐसा तो क्या किया होगा जो पृथ्वी ये सब कह रहा है। पृथ्वी एकटक उसे देखते हुए धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा और इसी के साथ अवनि की धड़कने भी,,,,,,,,,,,,,,,,,,लेकिन जैसे ही पृथ्वी अवनि के करीब आया और अपने होंठो को अवनि की गर्दन की तरफ बढ़ाया वहा रखा लेडलाइन बजा और पृथ्वी ने जोर से अपनी आँखे मीच ली।   

सिरोही , राजस्थान
एक जबरदस्त झगड़े और एक दूसरे की शक्ल ना देखने के वादे के बाद एक बार फिर सुरभि और सिद्धार्थ साथ साथ बैठे थे। चाय की टपरी के बाहर पड़ी बेंच पर बैठे दोनों चाय के आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही चाय आयी सिद्धार्थ उठा और बिस्किट का डिब्बा ले आया। उसने अपनी चाय का गिलास साइड में रखा और बिस्किट का डिब्बा खोलकर सुरभि की तरफ बढ़ा दिया। सुरभि ने एक बिस्किट उठाया और जैसे ही चाय में डुबाया बिस्किट चाय में ही रह गया।

उसने मायूसी से सिद्धार्थ की तरफ देखा तो सिद्धार्थ ने एक बिस्किट लिया और अपनी चाय में भिगाकर डूबने से पहले ही निकाल लिया और सुरभि की तरफ बढ़ा दिया। सुरभि ने बिस्किट के साथ साथ जान बुझाकर सिद्धार्थ की ऊँगली भी चबा डाली और बेचारा सिद्धार्थ चिल्ला दिया। उसने गुस्से से सुरभि की तरफ देखा तो सुरभि ने अपने दाँत दिखा दिए , अब आदमी चाहे जितना सख्त हो यहाँ आकर पिघल ही जाता है।

सिद्धार्थ ने अपना सर झटका और चुपचाप अपनी चाय पीने लगा। सुरभि भी मुस्कुराते हुए चाय पीने लगी ये नजारा देख रहे थे सड़क के उस पार ऑटो में बैठे जगदीश जी और गिरिजा,,,,,,,,,,,,,,,,!!!
“मैं सिद्धू को आवाज देती हूँ”,गिरिजा जी ने कहा
“कोई नहीं जरूरत नहीं है , इस बारे में मैं उस से घर पर बात करूंगा,,,,,,,,चलो भाई”,जगदीश जी ने गुस्से से कहा और ऑटोवाले से आगे बढ़ने को कहा
गिरिजा जी ने सुना तो उनके चेहरे पर परेशानी के भाव उभर आये , जगदीश जी के गुस्से से वे अच्छी तरह से वाकिफ थी।    

चाय पीने के बाद सिद्धार्थ ने पैसे चुकाए और पानी की बोतल खोलते हुए सुरभि के पास आकर कहा,”अब ?”
“अब शादी कर लेते है”,सुरभि ने एकदम से कहा सिद्धार्थ तब तक बोतल से एक घूंठ पानी पी चुका था। उसने जैसे ही सुरभि की बात सुनी मुँह में भरा पानी बाहर आ गिरा और वह बुरी तरह खांसने लगा। सुरभि ने देखा तो उसकी पीठ थपथपाई और कहा,”तुम ठीक हो ?”

सिद्धार्थ जैसे तैसे करके शांत हुआ और सुरभि की तरफ देखकर कहा,”तुम्हारे मुँह में कोई फ़िल्टर नहीं है क्या ? जो मुँह में आता है बोल देती हो”
“तुमने ही पूछा अब ? ये कपडे पहनकर ये झोला उठाकर इस वक्त कहा जा सकती हूँ मैं ? ऑफिस ही जाउंगी ना”,सुरभि ने मुँह बनाकर कहा
सिद्धार्थ ने सुरभि के सामने अपने दोनों हाथ जोड़े और कहा,”ठीक है देवी ! मुझसे गलती हो गयी माफ़ करो मुझे,,,,,,,,तुम्हारे चक्कर में मैं भी अपने ऑफिस के लिए लेट हो चुका हूँ,,,,,,,,,,,बाद में मिलता हूँ बाय”

“बाय ध्यान से जाना”,सुरभि ने जाते हुए सिद्धार्थ को देख चिल्लाते हुए कहा
सिद्धार्थ ने सुना तो ठिठका और पलटकर सुरभि को देखा जिस से उसे ऐसे शब्दों की उम्मीद बिल्कुल नहीं थी और वह धीरे से बड़बड़ाया,”ध्यान तो मुझे तुम्हारे साथ होता हूँ तब रखने की जरूरत है अकेले तो मैं बहुत ज्यादा सेफ हूँ”
सुरभि ने हाथ हिलाया और वहा से चली गयी , सिद्धार्थ भी ऑटो पकड़कर सुरभि के अपार्टमेंट के लिए निकल गया क्योकि उस बेचारे की गाडी वही खड़ी थी।

पृथ्वी अवनि के करीब आने की कोशिश कर ही रहा था कि तभी फोन बजा और पृथ्वी को अवनि के सामने से हटना पड़ा। उसने बिस्तर के बगल में पड़े रिसीवर को उठाकर कान से लगाया और कहा,”हेलो !”
“हेलो पृथ्वी ! एंथनी दिस साइड , मैंने तुम्हे डिस्टर्ब तो नहीं किया ना ?”,दूसरी तरफ से एंथनी की चहकती आवाज पृथ्वी के कानो में पड़ी
“अह्ह्ह्ह नहीं ! कहिये क्या बात है ?”,पृथ्वी ने कहा

“रिसोर्ट के ग्राउंड में एक क्रिकेट मैच है , क्या तुम खेलना पसंद करोगे ?”,एंथनी ने पूछा
क्रिकेट का नाम सुनते ही पृथ्वी के होंठो पर मुस्कान तैर गयी उसे याद आया कितने ही दिनों से उन बेट को छुआ तक नहीं है। उसने रिसीवर को हाथ से दबाकर अवनि की तरफ देखा और कहा,”अवनि ! एंथनी मुझे क्रिकेट के लिए बुला रहे है , मैं जाऊ क्या ?”

अवनि मुस्कुराई और हामी में गर्दन हिला दी , पृथ्वी की नाराजगी दूर करने के लिए उसके दिमाग में कुछ चल रहा था और उसके लिए पृथ्वी को यहाँ से भेजना बहुत जरुरी था।
पृथ्वी ने फोन कान से लगाया और कहा,”ठीक है मैं आता हूँ”
पृथ्वी ने फोन रखा और अवनि की तरफ आया तो अवनि ने कहा,”क्रिकेट का नाम सुनकर आपके चेहरे पर कैसे ख़ुशी आ जाती है ना,,,,,,,जाईये जाईये खेलिए और जीतकर आईयेगा”

“तुम साथ आना चाहोगी ?”,पृथ्वी ने पूछा
“नहीं , वहा सब जेंट्स होंगे मैं आकर क्या करुँगी , तुम जाओ”,अवनि ने कहा
“ठीक है लेकिन मैंने अभी तुम्हे माफ़ नहीं किया है,,,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने मुँह बनाकर कहा
अवनि मुस्कुराई और कहा,”मुझे पूरा विश्वास है आज रात आप मुझे  माफ़ कर देंगे”
पृथ्वी ने सुना तो अवनि को देखते हुए कमरे से बाहर निकल गया और अवनि दरवाजा बंद कर बिस्तर की तरफ चली आयी।

( पृथ्वी की धमकी के बाद क्या मुकुल रोक देगा अपने कदम यही या आगे भी करेगा अवनि को परेशान ? सिद्धार्थ और सुरभि को साथ साथ देखकर क्या होगी जगदीश जी की प्रतिक्रया ? पृथ्वी की नाराजगी दूर करने के लिए अब क्या करेगी अवनि ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत सीजन 3” मेरे साथ )

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 संजना किरोड़ीवाल  

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