Pasandida Aurat Season 2 – 89

Pasandida Aurat Season 2 – 89

Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal

लता जी का दिया डिब्बा लेकर पृथ्वी अपने अपार्टमेंट में चला आया। रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे और अवनि जागकर पृथ्वी का इंतजार कर रही थी। उसने पृथ्वी के कपडे प्रेस करके रखे और फिर हॉल में चली आयी। अवनि सोफे पर आ बैठी उसकी आँखों के सामने दो दिन में घटने वाली सभी घटनाएं किसी फिल्म की तरह चलने लगी। ना जाने कितनी ही बार ऐसे पल आये जब अवनि को हार मान लेनी चाहिए थी लेकिन अवनि डटी रही और आज महादेव की कृपा से वही घरवाले अवनि के साथ थे जो कभी उसके खिलाफ हुआ करते थे। वही नीलम भुआ उस से माफ़ी मांग रही थी जिसने अब तक उसे दुःख पहुंचाया था।

नीलम भुआ के के इतना सब करने के बाद भी अवनि ने उन्हें एक पल में माफ़ कर दिया क्योकि अपनों की नाराजगी से अवनि बखूबी वाकिफ थी।
अपने ही विचारो में डूबी अवनि खुश थी और उसका मन भी सुकून से भरा हुआ था कि तभी डोरबेल बजी। अवनि उठी और ख़ुशी ख़ुशी आकर दरवाजा खोला तो देखा सामने पृथ्वी खड़ा था।
“अरे ! आप इतनी जल्दी आ गए आपने तो कहा था आप आई बाबा के साथ है”,अवनि ने पृथ्वी के साथ अंदर आते हुए कहा

“हाँ मैं उनके साथ कुछ वक्त बिताने वाला था कि फिर कुछ ऐसा हुआ कि मुझे आना पड़ा”,पृथ्वी ने थोड़ा गंभीर होकर कहा
पृथ्वी को गंभीर देखकर अवनि के चेहरे पर परेशानी के भाव झिलमिलाने लगे और उसने कहा,”पृथ्वी ! आई ने फिर कुछ कहा क्या ?”
पृथ्वी ने ना में गर्दन हिलायी और फिर अपने हाथ में छुपाया डिब्बा अवनि के सामने करके कहा,”लेकिन उन्होंने तुम्हारे लिए ये भेजा है”
अवनि ने पृथ्वी के हाथ से डिब्बा लिया और हैरानी से कहा,”क्या , मेरे लिए ? आप सच कह रहे है न ?”

“हाँ अवनि ! आई ने ये खुद अपने हाथ से दिया है तुम्हारे लिए,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने मुस्कुराकर कहा
अवनि ने सुना तो उसे अपने कानो पर यकीन नहीं हुआ उसने डिब्बे का ढक्कन हटाया और देखा उसमे खीर है। अवनि ने उसे सूंघकर देखा एक सोंधी सी महक उसके ना को छूकर गुजरी। वह मुस्कुराई और कहा,”आपकी आई ने ये मेरे लिए भेजा है ?”
“हाँ अवनि”,पृथ्वी ने कहा
अवनि की आँखों में आँसू भर आये जबकि उसके होंठो पर मुस्कुराहट थी और उसके हाथ काँप रहे थे। अवनि सोफे की तरफ चली आयी

उसने डिब्बा टेबल पर रखा और खुद किचन की तरफ चली गयी। पृथ्वी को कुछ समझ नहीं आया वह सोफे पर आ बैठा। कुछ देर बाद अवनि वापस आयी और पृथ्वी के सामने पड़े सोफे पर आ बैठी। उसने टेबल पर रखे खीर के डिब्बे को उठाया और चम्मच भरकर मुँह में रखा और मारे सुकून के अपनी आँखे बंद कर ली। पृथ्वी ने देखा तो मुस्कुराया और कहा,”अच्छी है ?”

“बहुत,,,,,,,,,,,,,,बहुत अच्छी है”,अवनि ने आँखे मूँदे कहा और अगले ही पल उसकी आँख में भरा आँसू गाल पर बह गया। पृथ्वी ने देखा तो समझ गया कि अवनि भी इस वक्त उसी अहसास से गुजर रही है जिस से कुछ देर पहले वह गुजरा था। वह ख़ामोशी से अवनि को देखता रहा। अवनि ने जल्दी जल्दी दो चार चम्मच और खाये और फिर पृथ्वी को अपनी तरफ देखते पाया तो आराम से खाने लगी।
“अरे यार ! क्या सब अकेले खाने का इरादा है थोड़ा मुझे भी टेस्ट करने दो”,पृथ्वी ने कहा
“बिल्कुल नहीं ये उन्होंने मेरे लिए भेजा है इसे मैं ही खाउंगी,,,,,,,,,आप पिछले इतने सालो से उनके हाथ का बना खा रहे है न”,अवनि ने कहा

“अच्छा ठीक है तुम खा लो”,पृथ्वी ने मुस्कुरा कर कहा क्योकि इस वक्त अवनि उसे छोटी बच्ची लग रही थी जो अपने हिस्से का खाना किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहती थी
“पृथ्वी ! आज मैं बहुत खुश हूँ”,अवनि ने पृथ्वी की तरफ देखकर एकदम से कहा
“मैं भी,,,,,,,,,और मेरी ख़ुशी की वजह तुम हो अवनि , आई ने तुम्हारे लिए अपने हाथ से बना मीठा भेजा इसका मतलब जानती हो तुम ?”,पृथ्वी ने कहा
अवनि ने अपनी भँवे उचकाई तो पृथ्वी ने कहा,”उन्होंने तुम्हे अपना लिया है अवनि”

अवनि ने सुना तो खाते खाते रुक गयी और पृथ्वी की तरफ देखकर कहा,”आप सच कह रहे है ?”
“मैं भला तुम से झूठ क्यों कहूंगा ?”,पृथ्वी ने कहा
“और बाबा , क्या बाबा ने मुझे माफ़ नहीं किया ?”,अवनि ने मासूमियत से पूछा
पृथ्वी एकटक प्यार से अवनि को देखता रहा और फिर कहा,”कभी कभी तुम मुझे दुनिया की सबसे मासूम लड़की लगती हो”

“लड़की नहीं अब मैं औरत हु”,अवनि ने कहा
“मेरे लिए तुम हमेशा लड़की ही रहोगी,,,,,,,,,,और मासूम इसलिए कहा क्योकि तुम कुछ बातें देर से समझती हो , बाबा ने अगर हमे माफ़ नहीं किया होता तो वो हमारे यहाँ खाना थोड़े खाते,,,,,,,,,,आई बाबा को देखकर लग रहा है जैसे कुछ तो पक रहा है घरवालो के बीच,,,,,,,,,!!!”,कहते कहते पृथ्वी सोच में पड़ गया।

“जो भी पके मैं इस पकने से खुश हूँ”,अवनि ने कहा
पृथ्वी ने देखा अवनि लता की भेजीं खीर खाकर बहुत खुश है तो उसने कहा,”अवनि”
“हाँ”,अवनि ने खाली डिब्बा टेबल पर रखकर कहा
“तुम्हे अपने घरवालों की याद नहीं आती ?”,पृथ्वी ने पूछा

अवनि ने सुना तो एकदम से उदास हो गयी और उसकी आँखों के सामने उदयपुर , अपना घर , विश्वास जी और बाकि सब घरवालों के साथ बिताया वक्त याद आ गया और आखिर में याद आया सब घरवालों के गुस्से से भरे चेहरे और कौशल चाचा का उस से हमेशा हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ देना।

वो सब याद आते ही अवनि की आँखों में नमी तैर गयी और वह कहने लगी,”कौनसा घर पृथ्वी ? वो घर जिसके दरवाजे मेरे लिए हमेशा हमेशा के लिए बंद कर दिए गए है , वो घर जिसमे मेरे अपने रहते है लेकिन मेरा अब उन से कोई रिश्ता नहीं या फिर वो घर जहा मैंने अपने माँ-बाप , अपना सम्मान ,अपना सब कुछ खो दिया,,,,,,,,,,,मैं उस घर में वापस नहीं जा सकती पृथ्वी ना उस घर के लोग कभी यहाँ आएंगे”

पृथ्वी ने सुना तो उसे अपने सीने मे चुभन का अहसास हुआ , परिवार वालो को लेकर वह अवनि का दर्द बखूबी समझ सकता था इसलिए उसने कहा,”अवनि ! अगर तुम्हारे चाचा तुम्हे माफ़ कर दे और उदयपुर आने को कहे तब क्या तुम वहा जाओगी ?”
“ऐसा कभी नहीं होगा पृथ्वी , मैंने दो बार उन्हें शर्मिन्दा किया है,,,,,,,,,,,,सबको छोड़कर मैंने आपका हाथ थामा है , उस घर के दरवाजे मेरे लिए सच में बंद हो चुके है”,अवनि ने नम आँखों से उदास होकर कहा

पृथ्वी ख़ामोशी से अवनि को देखता रहा उसके दिमाग में क्या चल रहा था ये तो बस वही जानता था लेकिन कुछ तो ऐसा था जो आगे जाकर अवनि की जिंदगी में  खुशिया लाने वाला था। पृथ्वी को खामोश देखकर अवनि ने अपनी आँखों के किनारे साफ किये और जबरदस्ती मुस्कुरा कर कहा,”आप ऐसे मत सोचना यहाँ मुझे अपने घरवालों की कमी खलती है !! मेरे लिए अब आप ही मेरा परिवार है और मैं आपके साथ खुश हूँ”
“सिर्फ मैं ही नहीं मेरा परिवार भी अब तुम्हारा परिवार है और मेरे आई बाबा तुम्हारे आई बाबा इसलिए आइंदा ये सब सोचकर उदास नहीं होना”,पृथ्वी ने कहा

अवनि ने हामी में गर्दन हिलाई और खाली डिब्बा लेकर किचन की तरफ बढ़ गयी। उसने डिब्बा धोकर रखा और बाहर चली आयी। अवनि ने देखा पृथ्वी हॉल में बैठा लेपटॉप पर कुछ काम कर रहा है तो उसने कहा,”पृथ्वी,,,,,,,,,,,,,!!!”
“अवनि मुझे एक जरुरी रिपोर्ट तैयार करके भेजना है तुम सो जाओ मैं आता हूँ थोड़ी देर में,,,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने अवनि की तरफ देखकर कहा और वापस अपना ध्यान लेपटॉप में लगा लिया।

“गुड नाईट पृथ्वी”,अवनि ने कहा
“गुड नाईट,,,,,,,,,और ज्यादा सोचना नहीं ,मैं हूँ तुम्हारे साथ और हमेशा रहूंगा”,पृथ्वी ने कहा तो अवनि ने पलकें झपकाई और कमरे में चली गयी।

अगले दिन , हिमांशु का घर पनवेल
लक्षित , मोहित और हिमानी को छोड़कर बाकि सब घरवाले बड़े पापा के घर में जमा इकट्ठा हुए। पृथ्वी की दादी आने वाली थी और सभी उनका इंतजार कर रहे थे। नीलम भुआ ने जब अवनि से माफ़ी मांगी तो अवनि ने बहुत ही प्यार से उन्हें समझाया कि उन्हें ये माफ़ी घरवालों से माफ़ी मांगनी चाहिए क्योकि घरवाले सबसे ज्यादा भरोसा नीलम भुआ पर करते थे और नीलम भुआ ने सबसे ज्यादा दिल उनका ही दुखाया था। अवनि के शांत स्वाभाव और बातो का नीलम भुआ पर ऐसा असर पड़ा कि वे ऑफिस ना जाकर सीधा हिमांशु के घर चली आयी।

नीलम भुआ को देखकर बड़े पापा और रवि जी के चेहरे पर गुस्से के भाव उभरे लेकिन चाचा ने बड़े पापा के कंधे पर हाथ रखकर धीरे से कहा,”दादा ! आज यहाँ सब अच्छे काम के लिए इक्क्ठा हुए है इसलिए थोड़ा आराम से,,,,,,,,,,,!!”
पंकज की बात सुनकर बड़े पापा ने आहिस्ता से उनका हाथ नीचे किया और नीलम भुआ के सामने आकर कहा,”नीलम ! अब तुम यहाँ क्यों आयी हो ?”
“क्यों दादा ! क्या मैं यहाँ नहीं आ सकती ?”,नीलम भुआ ने पूछा

“बिल्कुल आ सकती हो ये घर और इस घर में मौजूद लोग अब भी तुम्हारे है लेकिन अवनि के साथ जो तुमने किया वो बहुत गलत था नीलम”,रवि जी ने कहा
नीलम की आँखों में आँसू भर आये ,कल से वह पश्चाताप की आग में जल रही थी। नीलम ने रवि जी की तरफ देखा और कहा,”मैंने जो कुछ भी किया उसके लिए मैं बहुत शर्मिंदा हु दादा , मैं यहाँ किसी तरह की सफाई देने नहीं बल्कि आप सबसे माफ़ी मांगने आयी हूँ। अवनि के साथ मैंने जो किया वो सच में बहुत गलत  था और मुझे इस बात का बेहद अफ़सोस भी है।

मैंने कल ही जाकर अवनि से माफ़ी मांगी तो जानते है उसने क्या कहा ? उसने कहा उस से माफ़ी मांगने के बजाय मैं आप सब से माफ़ी मांगू कोई उसे तकलीफ पहुंचाकर मैंने आप सब का भरोसा जो तोडा है। मुझे माफ़ कर दीजिये , उसे नापसंद करते करते अब मैं उस से नफरत करने लगी मैं समझ ही नहीं पायी,,,,,,,,,,,मैं बहुत बुरी इंसान हूँ मुझे माफ़ कर दीजिये दादा , मुझे माफ़ कर दीजिये”

कहते कहते नीलम भुआ की आँखों में भरे आँसू बहने लगे और उन्होंने सबके सामने अपने हाथ जोड़ लिए। नीलम भुआ की बातो में सच्चाई और आँखों में पश्चाताप के आँसू देखकर सबका दिल पिघल गया। लता और नीलम के बीच हमेशा से अच्छी बनती आयी थी और लता नीलम को बहुत मानती भी थी इसलिए जब उन्होंने नीलम भुआ को रोते देखा तो उनके पास आयी और सबकी  तरफ पलटकर कहा,”अगर ये सब में इनकी गलती है तो फिर गलत मैं भी हूँ क्योकि ये सब जानते हुए भी मैंने इन्हे कभी नहीं रोका उलटा इनका साथ दिया। मैं भी आप सब से माफ़ी चाहती हूँ और चाहूंगी कि आप सब इन्हे माफ़ कर दे,,,,,,,,,,,,!!!”

बड़ी मम्मी ने देखा तो नीलम और लता के पास चली आयी और लता जी से कहा,”अगर तुम्हारी गलती है तो फिर थोड़ी गलत मैं भी हूँ लता ,घर में सबसे बड़ी होने के बाद मैंने भी तो तुम सबको सही सलाह नहीं दी , नीलम के साथ मिलकर अवनि को बुरा भला कहा। थोड़ी गलत तो मैं भी हुई ना,,,,,,,,,,,,!!!”
लता ने सुना तो उनकी आँखों में आँसू भर आये। साक्षी भी उदास सी चाची के पास चली आयी क्योकि दोनों शुरू से ही अवनि के साथ थी बस घरवालों के डर से दोनों ने खुलकर दिखाया नहीं

बड़े पापा , रवि जी और चाचा ने जब ये देखा कि बड़ी मम्मी , लता जी और नीलम भुआ तीनो अपने किये पर पछता रही है तो उन्होंने सबको माफ़ कर दिया और फिर सब हॉल में आ बैठे।

नीलम भुआ ने देखा सबने उन्हें माफ़ कर दिया है और सब उनके साथ पहले की तरह पेश आ रहे है तो उन्हें अवनि पर और प्यार आने लगा क्योकि अवनि ने ही उनसे कहा था कि वे जाकर घरवालों से माफ़ी मांगे।
“हाँ तो रवि क्या सोचा है तुमने , अपने बेटे और बहू को घर कब ला रहे हो ?”,बड़े पापा ने पूछा
“एक बार आई आ जाये उनके बिना सब कैसे तय कर सकते है दादा ?”,रवि जी ने कहा  
“हाँ दादा आपकी बात सही है ,आज शाम आई भी पहुंच ही जाएँगी उनसे बात करके फिर चलते है पृथ्वी और अवनि को लेने”,पंकज ने खुश होकर कहा

“अरे ऐसे कैसे जायेंगे ? ना शादी की कोई रस्मे हुई ना रिवाज ,, पहले पुरे रीती रिवाज से दोनों की शादी करवाएंगे उसके बाद ही नयी बहू घर में आएगी , क्यों लता सही कहा ना मैंने ?”,बड़ी मम्मी ने लता जी की तरफ देखकर कहा
“हाँ आपने सही कहा,,,,,,,,!!!”,लता ने मुस्कुरा कर कहा
“ठीक है फिर आज शाम ही पंडित जी को बुलाकर शादी के लिए शुभ मुहूर्त निकलवा लेते है उसी के हिसाब से सभी रस्मे भी हो जाएगी”,बड़े पापा ने कहा

“आपने तो मेरे दिल की बात कह दी दादा,,,,,,,,यही करते है और पंडित जी ने कोई आस पास की तारीख बता दी फिर तैयारियां भी तो करनी है”,रवि जी ने खुश होकर कहा
“उसकी चिंता तुम मत करो रवि , पंकज और हिमांशु है ना ये दोनों सब देख लेंगे तुम तो बस पृथ्वी और अपनी बहू को घर लाने की तैयारी करो।”,बड़े पापा ने रवि जी के कंधो पर अपनी बाँह रखकर कहा

सभी बैठकर बातें करने लगे। साक्षी और चाची किचन में जाकर सबके लिए खाना बनाने की तैयारी करने लगी और दोनों उस पल हैरान और खुश एक साथ हुई जब कभी किचन में ना झाँकने वाली नीलम भुआ भी उनकी मदद करने किचन में चली आयी।

मौर्या Pvt. Ltd. कम्पनी , नवी मुंबई
पृथ्वी के घरवाले बड़े जोर शोर से उसे और अवनि को घर लाने की तैयारी कर रहे थे और पृथ्वी को इसकी खबर तक नहीं थी। वह अपने केबिन में लेपटॉप के सामने बैठकर अपना काम कर रहा था।
“पृथ्वी सर ! बॉस ने आपको अपने केबिन में बुलाया है”,ऑफिस बॉय ने आकर पृथ्वी से कहा
पृथ्वी ने अपना लेपटॉप बंद किया और उठकर जाने लगा तो अंकित ने कहा,”लगता है बॉस को आजकल तुम पर कुछ ज्यादा ही प्यार आने लगा है , तुम अपना डेस्क उनके केबिन में शिफ्ट क्यों नहीं कर लेते”

“मैं सोच रहा हूँ क्यों ना तुम्हारा डेस्क इस केबिन से बाहर शिफ्ट कर दू ?”,पृथ्वी ने अंकित को घूरकर कहा
“अह्ह्ह अरे नहीं नहीं मैं तो बस मजाक कर रहा था , तुम जाओ ना बॉस इंतजार कर रहे होंगे”,अंकित ने कहा और अपना ध्यान अपने काम में लगा लिया।
पृथ्वी ने अपना सर झटका और वहा से चला गया।

जयदीप के केबिन में आकर पृथ्वी ने कहा,”आपने मुझे बुलाया सर ?”
जयदीप पृथ्वी की तरफ पलटा और परेशानी भरे स्वर में कहा,”ये सब क्या हो रहा है पृथ्वी ? पिछले 40 घंटो में देसाई ग्रुप की तरफ से हमारी कम्पनी की 6 डील बेक टू बेक केंसल हुई है,,,,,,,,,,,मुझे समझ नहीं आ रहा आखिर मिस्टर देसाई को हो क्या गया है ? डील कन्फर्म होने के बाद वो इसे केंसल क्यों कर रहे है ? सब
सही चल रहा था और एकदम से ये सब,,,,,,,,,,,पृथ्वी क्या तुम जानते हो मिस्टर देसाई ये सब क्यों कर रहे है ?”

पृथ्वी ने सुना तो उसकी आँखो के सामने भरत से हुई मुलाकात याद आ गयी और उसे तुरंत समझ आ गया कि ये सब क्यों हो रहा है ? पृथ्वी को सोच में डूबा देखकर जयदीप पृथ्वी के पास आया और कहा,”पृथ्वी कही ये सब के पीछे प्राची देसाई तो नहीं है ?”

( अवनि को उस के परिवार से मिलवाने के लिए क्या करेगा पृथ्वी ? क्या पृथ्वी की दादी स्वीकार करेगी पृथ्वी और अवनि की इस शादी को ? क्या भरत और प्राची देसाई मिलकर खेल रहे है कोई खेल ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89

Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89Pasandida Aurat Season 2 – 89

Continue With Pasandida Aurat Season 2 – 90

Read Pasandida Aurat

Follow Me On https://www.instagram.com/sanjanakirodiwal/

संजना किरोड़ीवाल 

Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal

One Comment

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!