Pasandida Aurat Season 2 – 83

Pasandida Aurat Season 2 – 83

Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal

रवि जी का घर , पनवेल
रवि जी सभी घरवालों से नाराज होकर अपने घर चले आये। घरवालों के द्वारा अवनि के साथ किये गए बर्ताव से रवि जी आहत थे। उन्होंने सोचा नहीं था घरवाले अवनि के साथ ऐसा बर्ताव करेंगे। रवि जी ने तो उसी दिन अवनि को अपनी बहू स्वीकार कर लिया था जब उन्होंने पृथ्वी को उसके साथ खुश देखा था लेकिन अब तक सिर्फ लता के लिए खामोश थे। घर के हॉल में रखे सोफे पर रवि जी उदास से बैठे थे तभी दरवाजे पर किसी की दस्तक हुई। रवि जी ने देखा सामने लता खड़ी थी।

लता को देखकर रवि जी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन जब लता के पीछे खड़े बाकी घरवालों को देखा तो उनके चेहरे के भाव बदल गए और एक बार फिर गुस्से के भाव तैरने लगे। सभी अंदर चले आये ये देखकर रवि जी ने कहा,”आप सब यहाँ क्या कर रहे है ?”
“रवि तुम्हारा गुस्सा मैं समझ सकता हूँ , जो कुछ भी हुआ उसके लिए हम सब जिम्मेदार है। अवनि और पृथ्वी को लेकर तुम जो भी फैसला करोगे वो हम सभी को मंजूर है,,,,,,,,,!!”,बड़े पापा ने रवि जी के पास आकर कहा

रवि जी ने सुना तो पास ही खड़ी लता जी को देखकर कहा,”ये कहने से पहले एक बार लता से भी पूछ लीजिये दादा क्योकि अवनि के लिए सबसे ज्यादा नफरत इसी के मन में है,,,,,,,,,,!!!”
“अब और शर्मिन्दा मत कीजिये,,,,,,, मानती हूँ कि मुझे उस से कई शिकायते है लेकिन मैंने कभी उसका बुरा नहीं चाहा”,लता ने मायूसी भरे स्वर में कहा
“रवि अब मान भी जाओ,,,,,,,,,,,,,जो हुआ उसे भूल जाओ , कोई अच्छा मुहूर्त देखकर धूमधाम से हम पृथ्वी को घर लेकर आएंगे,,,,,वैसे भी उन दोनों ने रजिस्ट्रार मैरिज की है विधि विधान से शादी करना तो अभी बाकि है ना”,बड़ी मम्मी ने कहा

“हाँ दादा ! वहिनी सही कह रही है ,अब जब सब पृथ्वी को माफ़ कर ही चुके है तो क्यों न उसकी इस शादी को पुरे रस्मो रिवाज से किया जाए और फिर बहू को घर लाया जाए,,,,,,,,,,,!!!!”,चाचा ने कहा
“हाँ रवि पंकज सही कह रहा है ,मैं आज ही आई से बात करता हूँ और उन्हें जल्द से जल्द यहाँ बुलवा लेता हूँ,,,,,,,,,,,आखिर उनके सबसे प्यारे पोते की शादी है”,बड़े पापा ने कहा तो सबके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे लें लता के चेहरे पर अभी भी उदासी और मायूसी के भाव थे।

इसलिए नहीं कि उन्हें अवनि को अपनाने में अब भी कोई परेशानी थी बल्कि वे तो इसलिए उदास थी कि अब तक उन्होंने अवनि से जो जो कहा था ,उसे साथ जो बर्ताव किया था वो कितना गलत था।  

सबकी बाते सुनकर रवि का गुस्सा भी शांत हो गया। उन्होंने बड़े पापा को देखकर हामी में गर्दन हिलाई और उसके बाद सभी रवि जी के घर में होली खेलने लगे , एक दूसरे को प्यार से रंग लगाने लगे और बधाईया देने लगे। पूरा परिवार मौजूद था बस 4 लोग नहीं थे। पृथ्वी ,अवनि ,लक्षित और नीलम भुआ,,,,,,,,,,,,,,!!!

अपने घर के कमरे में उदास सी बैठी नीलम भुआ आँसू बहा रही थी। आज उनके अपने घरवाले एक परायी लड़की के साथ थे और उनके खिलाफ थे। नीलम भुआ को अवनि से नफरत इसलिए थी क्योकि वे पृथ्वी की शादी अपनी दोस्त की बेटी से करवाना चाहती थी लेकिन पृथ्वी ने अवनि को चुनकर उनके इस सपने को तोड़ दिया और जब पृथ्वी ने सबके खिलाफ जाकर अवनि से शादी की तो फिर नीलम भुआ की नफरत अवनि के लिए और ज्यादा बढ़ गयी।

वे हमेशा अवनि को नीचा दिखाने की ,उसके खिलाफ लता को भड़काने का काम करती थी और यही वजह थी कि अब तक लता अवनि को माफ़ नहीं कर पायी थी वरना कोई भी माँ का दिल इतना कठोर नहीं होता कि वह अपने बच्चे की ख़ुशी ना देख पाए।
नीलम भुआ अवनि से पहले से नफरत करती थी और अब तो उन्हें अवनि से नफरत करने की एक और वजह मिल चुकी थी। आज होली थी फिर भी नीलम भुआ अपने घर में अकेली थी।

आँसू बहाते हुए उन्हें एकदम से अपनी शादीशुदा जिंदगी याद आने लगी। शादी के बाद सब कितना अच्छा था , नीलम भुआ के पति मिथिलेश कितना चाहते थे उन्हें लेकिन कुछ गलतफहमियों के चलते नीलम भुआ और उनके रिश्ते में ऐसी दूरिया आयी की तलाक पर आकर खत्म हुई। मिथिलेश से दूर हुए आज नीलम भुआ को 15 साल हो चुके थे और उसके बाद उन्होंने दूसरी शादी भी नहीं की और अपने घरवालों के साथ ही रहने लगी। रोने की वजह से नीलम भुआ का सर दर्द होने लगा।  

नीलम उठी और मुँह धोने वाशबेसिन के सामने चली आयी और मुँह धोकर जैसे ही शीशे में खुद को देखा एकदम से उन्हें अवनि का चेहरा याद आया साथ ही याद आयी उसके साथ की गयी बदतमीजियां , नीलम भुआ ने तौलिया लिया और मुँह पोछते हुए हॉल में चली आयी। एक बार अवनि का ख्याल आया तो फिर आता ही चला गया। नीलम भुआ के सामने वो सारे पल एक एक करके आने लगे जब जब उन्होंने अवनि का अपमान किया था और उसे दुत्कारा था और अवनि ने हर बार उतनी ही सहजता से उन्हें जवाब देकर बात को सम्हाल लिया था।

नीलम भुआ ने महसूस किया कि अवनि चाहती तो उनकी हर बदतमीजी हर अपमान का जवाब दे सकती थी लेकिन अवनि ने हमेशा ख़ामोशी को चुना और यही उसकी सबसे बड़ी  ताकत भी थी। धीरे धीरे नीलम भुआ को अपनी गलतियों पर पछतावा होने लगा और वे अवनि से मिलने के बैचैन हो उठी ! नीलम भुआ उठी , अपनी हालत ठीक की और अपना फोन लेकर घर से बाहर निकल गयी।

उनके दिमाग में क्या चल रहा था ये तो बस वही जानती थी लेकिन अवनि से मिलने की बेचैनी उनके चेहरे पर साफ दिखाई पड़ रही थी। वे सोसायटी के फुटपाथ से होकर पृथ्वी के अपार्टमेंट जाने वाले रास्ते की ओर बढ़ गयी।

उसी रास्ते पर रिया , मोहित और लक्षित अपने बाकि दोस्तों के साथ होली खेल रहे थे जबकि पृथ्वी और नकुल बिल्डिंग गार्ड के साथ साइड में भांग बना रहे थे। पृथ्वी का अपार्टमेंट कुछ ही दूर सामने था। नीलम भुआ का दिल धड़क रहा था और साथ ही घबराहट भी हो रही थी कि अगर पृथ्वी ने उसे देखा तो पता नहीं कैसे रिएक्ट करेगा ? नीलम भुआ ने एक गहरी साँस ली और जैसे ही आगे बढ़ी पानी और रंग से भरे गुब्बारे आकर उनको लगे और उनके पुरे कपडे खराब हो गए ये देखकर नीलम भुआ ने गुस्से से गुब्बारा मारने वालों की तरफ देखा
“हैप्पी होली भुआ”,लक्षित ने हँसते हुए कहा

मोहित को तो आज सुबह घर में हुए झगडे के बारे में पता था इसलिए उसने भुआ पर रंग नहीं फेंका लेकिन लक्षित को इसकी खबर नहीं थी। वह अपने हाथो में रंग मलते हुए भुआ की तरफ आया और उन्हें रंग लगाकर कहा,”हैप्पी होली”

“हाँ भुआजी ! बुरा ना मानों होली है”,लक्षित के साथ रिया ने भी भुआ को रंग लगा दिया। भुआ ने जब उन दोनों के खिलखिलाते चेहरे देखे तो उनके हाथ से थोड़ा रंग लेकर दोनों के गालों पर लगा दिया और उन्हें हैप्पी होली कहकर आगे बढ़ गयी। मोहित ने देखा तो रिया और लक्षित के पास आया और कहा,”ये भुआ को क्या हो गया है ?
“भुआ को क्या होगा और उन्हें छोडो ये बताओ वो लोग कहा है ?”,लक्षित ने कहा
“वो दोनों वहा है”,मोहित ने कहा और दोनों उसके साथ पृथ्वी और नकुल की तरफ बढ़ गए।

नीलम भुआ अपार्टमेंट के अंदर चली आयी और लिफ्ट से सातवे माले पर आ पहुंची। पृथ्वी के फ्लेट के सामने आकर उन्होंने बेल बजायी हालाँकि उनका दिल तेजी से धड़क रहा था लेकिन वो एक मजबूत फैसला करके आयी थी इसलिए अपने आपको शांत रखा !
कुछ देर बाद अवनि ने दरवाजा खोला और जब उसने नीलम भुआ को बाहर खड़े देखा तो हैरान रह गयी। नीलम भुआ ने अवनि को देखा और धीरे से कहा,”क्या मैं अंदर आ सकती हूँ ?”
“हाँ ! आईये ना”,अवनि ने साइड होकर कहा

नीलम भुआ अंदर चली आयी। अवनि ने दरवाजा बंद कर दिया और नीलम भुआ की तरफ पलटी तो उन्होंने कहा,”पृथ्वी घर में है ?”
“नहीं वो नीचे अपने दोस्तों के साथ गए है,,,,,,,मैं बुला दू उन्हें ?”,अवनि ने कहा
नीलम भुआ ने देखा अवनि के चेहरे पर ना शिकायत के भाव थे ना ही शब्दों में नाराजगी , उन्होंने कहा,”नहीं रहने दो , मुझे यहाँ देखकर उसे अच्छा नहीं लगेगा,,,,,वैसे भी मैं यहाँ तुम से बात करने आयी हूँ”
“आप खड़ी क्यों है बैठिये ना”,अवनि ने कहा

नीलम भुआ सोफे पर आ बैठी और अवनि किचन में चली आयी उसने गिलास में ठंडा पानी लिया और ट्रे में रखकर बाहर चली आयी। नीलम भुआ अपनी ही सोच में खोयी हुई थी कि तभी अवनि की आवाज उनके कानो में पड़ी,”भुआ जी ! पानी”
नीलम ने देखा की उसके इतना परेशान करने के बाद भी अवनि उसके साथ तमीज से पेश आ रही थी। नीलम ने पानी का गिलास लिया एक घूंठ भरा और गिलास को सामने टेबल पर रखकर कहा,”आओ बैठो,,,,,,,,,,!!!”

 अवनि नीलम के सामने पड़े सोफे पर आ बैठी और ख़ामोशी से उन्हें देखने लगी। नीलम कुछ देर खामोश रही और फिर नजरे झुकाकर कहने लगी,”समझ नहीं आ रहा कहा से शुरू करू ? अवनि पृथ्वी हमारे खानदान का वो लड़का है जो सबसे अजीज है , मेरी आई से लेकर रवि दादा और लता वहिनी तक ,बड़े दादा से लेकर छोटे दादा तक सब उस से बहुत प्यार करते है और इसलिए सब चाहते थे कि उसी शादी धूमधाम से हो। सब उसके लिए रिश्ता देखते गए और वह मना करता गया तब वजह कुछ और थी लेकिन बाद में वो वजह तुम बन गयी।

जब पहली बार उसने घर में तुम्हारे बारे में बताया तब सब बहुत गुस्सा हुए और सबसे ज्यादा बुरा मुझे लगा क्योकि मैं उसकी शादी अपनी दोस्त की बेटी से करवाना चाहती थी लेकिन वो तुम्हारे लिए पागल था,,,,,,,,,,,,,,बस उसी दिन से मैं तुमसे नफरत करने लगी। हम सबको लगा वक्त के साथ वो तुम्हे भूल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ और फिर उसने तुम से शादी कर ली,,,,,,,,,,,,,हम सब का दिल तोड़ने के लिए ये काफी था। सब घरवालों के साथ साथ मुझे भी पृथ्वी से शिकायत थी। सबको लगा तुम और पृथ्वी ये शादी ज्यादा दिन नहीं निभा पाओगे लेकिन तुम दोनों ने सबको गलत साबित कर दिया।

होली पर तुम्हे घर बुलाने की बात रवि दादा और वहिनी के सामने मैंने ही की ताकि सबके सामने ये दिखा सकू कि पृथ्वी ने जिसे चुना वो इस घर के लायक नहीं है लेकिन तुमने मुझे गलत साबित कर दिया”
कहकर नीलम भुआ खामोश हो गयी और अवनि को देखने लगी , अवनि ने नीलम भुआ की तरफ देखा तो नीलम भुआ ने आगे कहा,”हाँ अवनि ! तुमने मुझे गलत साबित कर दिया। अपनी समझदारी से , अपनी सरलता और सादगी से तुमने सब घरवालों का दिल जीत लिया लेकिन मैंने मैंने तुम्हारा बहुत अपमान किया और तुम्हे दुःख पहुंचाया जिसके लिए मैं बहुत शर्मिन्दा हूँ,,,,,,,,,,,,,,

मैंने तुम्हे कितना गलत  कहा और तुमने एक बार भी पलटकर मुझे जवाब नहीं दिया , तुम्हे जलील किया ,ताने मारे लेकिन तुमने हसकर सब स्वीकार किया क्यों अवनि ? आखिर क्यों किया तुमने ऐसा ?”
अवनि ने नम आँखो से नीलम भुआ को देखा और कहा,”क्योकि मैं पृथ्वी से बहुत प्यार करती हूँ भुआजी , अगर वो मेरे लिए सबसे लड़ सकता है तो फिर मेरा फर्ज बनता है कि मैं उसे उसका परिवार वापस लौटा सकू”

अवनि की आँखों में नमी देखकर नीलम भुआ को सीने में चुभन का अहसास हुआ , उन्होंने महसूस किया कि अब तक उन्होंने अवनि को आपने शब्दों से कितना दुःख पहुंचाया था। नीलम भुआ का चेहरा उदासी से घिर गया और उन्होंने दुखी स्वर में कहा,”मुझे माफ़ कर दो अवनि , अब तक मैंने तुम्हारे साथ जो कुछ भी किया उसके लिए मैं बहुत शर्मिन्दा हूँ,,,,,,,,,,,,,,,,,मैंने तुम्हारा दिल दुखाया , तुम्हे तकलीफ दी मैं सच में तुम्हारी माफ़ी के लायक भी नहीं हूँ फिर भी मैं हाथ जोड़कर तुमसे माफ़ी मांगती हूँ

अवनि ने सुना तो हैरानी से नीलम भुआ को देखने लगी। कल रात तक नीलम भुआ का बर्ताव कुछ और था और अब नीलम भुआ उस से माफ़ी माँग रही थी। नीलम भुआ की आँखों में भरे आँसू गालो पर लुढ़क आये तो उन्होंने उन्हों पोछा और कहा,”तुम्हे लग रहा होगा मैं दिखावा कर रही हूँ या झूठ बोल रही हूँ , मेरे शब्द झूठ हो सकते है अवनि लेकिन ये आँसू ये आँसू झूठे नहीं है। आज मुझे अहसास हुआ कि तुम्हे लेकर मैं कितनी गलत थी। जब सब घरवाले तुम्हे अपना सकते है तो फिर मैं क्यों नहीं ?

आज सारे घरवाले तुम्हारी तरफ है अवनि जानती हो क्यों क्योकि तुम डिजर्व करती हो,,,,,,,,मुझे ये समझ आ चुका है अवनि कि इस घर को और पृथ्वी को सिर्फ तुम्हारी जरूरत है,,,,,,,,,,,,,हो सके तो मुझे माफ़ कर देना अवनि , मुझे माफ़ कर देना”
कहते हुए नीलम भुआ अपना चेहरा अपने हाथो में छुपाकर रोने लगी।

 नीलम भुआ की  बातों में अवनि को अपने किये का पछतावा साफ नजर आ रहा था और जब उसने नीलम भुआ को रोते देखा तो अपनी जगह से उठकर उनके बगल में आ बैठी और उनके कंधे पर अपना हाथ रखकर कहा,”भुआ जी ! रोईए मत प्लीज ,आपको ऐसे देखकर मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा।

आप चाहे तो मुझे डांट लीजिये , दो चार ताने और सुना दीजिये मैं सुन लुंगी लेकिन प्लीज ऐसे खुद को कमजोर मत बनाइये। आपने मेरे साथ जो किया उसके लिए आपको शर्मिन्दा होने की जरूरत नहीं है,,,,,,,,,,,मैं समझ लुंगी आपने मेरी परीक्षा ली और मैं उस में पास हो गयी लेकिन ऐसे रोकर मेरे सामने उन बातो के लिए खुद को शर्मिन्दा मत कीजिये,,,,,,,,,!!!!”

नीलम ने सुना तो सुबकते हुए अपने आँसू पोछे और अवनि का हाथ अपने दोनों हाथो में थामकर कहा,”मुझे माफ़ कर दो अवनि मैंने तुम्हारे साथ बहुत गलत किया मुझे माफ़ कर दो प्लीज”
अवनि धीरे से मुस्कुराई और कहा,”भुआ जी ! अगर आपको सच में माफ़ी मांगनी ही है तो आप जाकर सब घरवालों से माफ़ी मांगिये क्योकि सबसे ज्यादा भरोसा आप पर वही लोग करते थे और आज पृथ्वी के सामने आपने उन्ही लोगो को शर्मिंदा किया,,,,,,,,,,,,

मैंने देखा है भुआ जी सब घरवाले आपसे बहुत प्यार करते है और आपको बहुत मानते भी है शायद वो इसलिए आपकी कही हर बात मान लेते है और भरोसा कर लेते है,,,,,,,,,,,,,माफ़ी मांगनी ही है तो उन सबसे मांगिये मुझे और पृथ्वी को आपसे कोई शिकायत नहीं है,,,,,,,,,,,,,!!!!”
अवनि की बाते सुनकर नीलम को अपनी गलती का अहसास हुआ उसने अपने आँसू पोछे और कहा,”मैं उन सब से जरूर माफ़ी मांगूंगी अवनि,,,,,,,,,,,तुम बहुत अच्छी हो अवनि,,,,,,,,,,,,!!!”

“इंसान अच्छा या बुरा नहीं होता भुआजी हालात अच्छे और बुरे होते है,,,,,,,,,,,,आप मुँह धो लीजिये मैं आपके लिए चाय लेकर आती हूँ”,अवनि ने उठते हुए कहा और किचन की तरफ चली गयी। नीलम भुआ प्यार भरी नजरो से अवनि को जाते देखती रही। वे उठी और वाशबेसिन के सामने आकर मुँह धोने लगी। अवनि से माफ़ी मांगने के बाद नीलम भुआ को काफी हल्का महसूस हो रहा था। वे अपना मुँह पोछते हुए हॉल में चली आयी और पहली बार पृथ्वी के घर को ध्यान से देखने लगी जिसे अवनि ने बहुत ही प्यार और मेहनत से सजाया था।

( क्या लता बिना किसी ड्रामे के ख़ुशी ख़ुशी लेकर आएगी अपनी बहू को अपने घर ? क्या घरवाले करेंगे नीलम को उसकी इस गलती के लिए माफ़ ? क्या सच में है नीलम भुआ को अपनी गलती पर पछतावा या ये है उनकी कोई नयी चाल ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल

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