Pasandida Aurat Season 2 – 39
Pasandida Aurat Season 2 – 39

लक्षित अवनि को अपनी टीम में शामिल करने के लिए मान गया क्योकि आज उसे पृथ्वी को हराना ही था और अपनी टीम के लिए जीतना था हालाँकि लक्षित ने अवनि को अभी अपनी भाभी के रूप में स्वीकार नहीं किया था। अवनि पृथ्वी के खिलाफ खेलने वाली थी फिर भी खुश थी क्योकि उसके दिमाग में तो कुछ और ही चल रहा था और उसे यकीन था कि आज शाम के मैच के बाद पृथ्वी की जिंदगी में कुछ तो ठीक हो जाएगा।
अवनि वही खड़ी खड़ी अपने जहन में चल रहे विचारो से उलझती रही और फिर घर जाने के लिए ख़ुशी ख़ुशी जैसे ही पलटी अपने पीछे खड़े पृथ्वी से जा टकराई। अवनि का सर जाकर लगा पृथ्वी के सीने से और उसने पीछे हटकर कहा,”तुम यहाँ क्या कर रहे हो ?”
अवनि ज्यादा पीछे नहीं जा पायी क्योकि उसके गले में पड़ा मंगलसूत्र पृथ्वी की टीशर्ट के बटन में फंस गया और वह पीछे जाकर फिर पृथ्वी के करीब आयी और झुंझलाकर कहा,”क्या कर रहे हो ?”
पृथ्वी ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा दिए और कहा,”मैंने कुछ नहीं किया है ये फंस गया है”
अवनि ने देखा तो खुद ही पृथ्वी के करीब आकर उसे निकालने लगी और अवनि की इन नजदीकियों का असर ये हुआ कि पृथ्वी को कुछ देर के लिए अपनी साँसो को रोकना पड़ा। वह बेचारा अपने दोनों हाथो को उठाये साइड में देख रहा था लेकिन देख नहीं पा रहा था नजरे बार बार अवनि के चेहरे पर आ टिकती। उसी पार्क में घूमते सोसायटी के लोग दोनों को देख रहे थे। कुछ आपस में बाते कर रहे थे कुछ उन्हें देखकर मुस्कुरा रहे थे।
अवनि ने बहुत ध्यान से मंगलसूत्र को निकाला और पृथ्वी से पीछे हटकर कहा,”तुम यहाँ क्या कर रहे हो ?”
“मैं , मैं वो , मैं भी बाहर तजा हवा खाने आया था बस”,पृथ्वी ने अटकते हुए कहा
अवनि ने अपने हाथो को अपनी कमर पर रखा और अपनी आँखों को छोटा करके पृथ्वी को घूरकर कहा,”पृथ्वी ! कही तुम मेरा पीछा तो नहीं कर रहे ?”
“हाह ! मैं आपका पीछा क्यों करूंगा ? अब आप इतनी भी सुंदर नहीं है कि मैं आपका पीछा करू ,,, मैं बस पार्क में घूमने आया था और आप मुझसे टकरा गयी अब आप ये मत सोचना कि मेरा अकेले का आपके बिना मन नहीं लग रहा था इसलिए मैं आया हूँ,,,,,मैं तो बस,,,,,,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने इतरा कर कहा
“तुम तो बस पार्क में घूमने आये हो”,अवनि ने अपने हाथो को बांधकर मुस्कुराते हुए कहा
“कुछ भी कहो मैडम जी ! मेरे साथ रहकर थोड़ी स्मार्ट तो हो गयी है आप”,पृथ्वी ने अपने बालों में से हाथ घुमाकर कहा।
पृथ्वी जान बूझकर अवनि को छेड़ रहा था और अवनि चिढ भी गयी , उसने मुँह बनाया और वहा से जाने के लिए आगे बढ़ गयी तो पृथ्वी ने उसकी कलाई पकड़कर उसे रोक लिया। पहली बार था जब पृथ्वी ने अवनि पर इस तरह से हक़ जताया था। अवनि का दिल धड़कने लगा , वह और पृथ्वी दोनों एक दूसरे की तरफ पीठ करके खड़े थे। अवनि को खामोश पाकर पृथ्वी मुस्कुराया और फिर अवनि का हाथ छोड़ दिया। अवनि ने हैरानी से पृथ्वी को देखा और वहा से चली गयी। पृथ्वी पलटा और जाती हुई अवनि को देखकर धीरे से कहा,”अब मुझे पूरा यकीन हो गया है मैडम जी कि आप मुझे छोड़कर कभी नहीं जाएँगी”
“अरे पृथ्वी ! आज तुम सुबह सुबह यहाँ”,हिमांशु भैया की आवाज पृथ्वी के कानो में पड़ी जो सुबह सुबह सोसायटी के बाहर से आ रहे थे
“हाँ आज संडे है ना तो फ्री था इसलिए चला आया , आप कहा से आ रहे है और ये आपके हाथ में क्या है ?”,पृथ्वी ने पार्क से बाहर हिमांशु की तरफ आते हुए कहा।
“शादी के बाद के साइड इफेक्ट्स,,,,,,,,!!!”,हिमांशु ने हाथ में पकडे बैग पृथ्वी को दिखाकर कहा
“मतलब ?”,पृथ्वी ने कहा जिसे बैग देखकर कुछ समझ नहीं आया सिवाय इसके कि उसमे कुछ तो खाने का सामान था
“बेटा ! अभी तुम्हारी नयी नयी शादी हुई है न तुम्हे समझ नहीं आएगा , शादी को एक डेढ़ साल होने दो फिर तुम्हे नवरे से नौकर बनते देर नहीं लगेगी,,,,,,,,,साक्षी को सुबह सुबह समोसे खाने थे वही लेकर आ रहा हूँ नेरुल से”,हिमांशु ने कहा
“अरे लेकिन समोसे तो अपनी सोसायटी के बाहर भी मिलते है”,पृथ्वी ने कहा
“हाँ लेकिन मैडम को तो नेरुल के समोसे ही खाने है न,,,,,,,पता है सुबह सुबह कितना ट्रेफिक था हालत खराब हो गयी ड्राइव करते करते,,,,,,,,,,!!!”,हिमांशु भैया ने चिढ़े हुए स्वर में कहा
“अरे तो फिर एक समोसा आपको भी खा लेना चाहिए था , भाभी को झेलने की थोड़ी हिम्मत आ जाती आप में,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने हसंते हुए कहा
“हाँ हाँ बेटा उड़ा लो मजाक , जब तुम्हारी बारी आएगी ना तब पूछूंगा”,हिमांशु भैया ने चिढ़कर कहा
पृथ्वी मुस्कुराया और कहा,”दादा ! मैं तो चाहता हूँ अवनि मुझसे ये सब लाने की डिमांड करे पर वो कभी कुछ कहती ही नहीं है उलटा वो मेरे लिए रोज खाना बनाती है,,,,,,,,,वो भी बहुत अच्छा,,,,,!!”
“लकी हो तुम,,,,,,!!”,हिमांशु ने कहा तो पृथ्वी फिर मुस्कुराने लगा। उसे मुस्कुराते देखकर हिमांशु ने गंभीर स्वर में कहा,”अच्छा घर जाने का क्या सीन है ? काका ने बात की तुमसे , घर आने को कहा या नहीं ? तुम कहो तो मैं जाकर उनसे एक बार बात करू ?”
हिमांशु की बात सुनकर पृथ्वी को बीती रात वाली बात याद आ गयी जब लता ने अवनि को अपने पास आने से भी मना कर दिया था।
मुस्कराहट उसके होंठो से गायब हो गयी और पृथ्वी ने उदास होकर कहा,”नहीं दादा ! रहने दीजिये,,,,आई बाबा का गुस्सा अभी तक शांत नहीं हुआ है , अवनि को लेकर उनके मन में कड़वाहट अब भी है,,,,,,,मैं नहीं चाहता मेरी वजह से आई अवनि के लिए अपना गुस्सा जाहिर करे,,,,,,,वैसे मैं धीरे धीरे उनके बिना रहने की आदत डाल रहा हूँ, मैं सीख जाऊंगा दादा”
पृथ्वी को उदास देखकर हिमांशु का मन भी भारी हो गया उसने पृथ्वी के कंधे पर हाथ रखा और कहा,”सब ठीक हो जाएगा , अपना ख्याल रखो और हाँ अवनि का भी ,, देखना उसे किसी चीज की कमी ना हो,,,,,,,,,वो तुम्हारे भरोसे इस शहर में आयी है”
“मैं ख्याल रखूंगा”,पृथ्वी ने अपनी पलकें झपकाकर कहा तो हिमांशु वहा से चला गया और पृथ्वी भी वापस अपार्टमेंट की तरफ बढ़ गया क्योकि अवनि के बिना उसे अब कुछ अच्छा नहीं लगता था।
सिद्धार्थ के घर , सिरोही
सुबह के 11 बज रहे थे और सिद्धार्थ हॉल में पड़े बिस्तर पर सो रहा था। सुरभि अंदर सिद्धार्थ के कमरे में सो रही थी। बीती रात उसने कुछ ज्यादा ही पी ली थी और उसका ही असर था कि सुरभि की अभी तक आँख नहीं खुली थी ना ही उसे कोई होश था कि वह कहा है ? डोरबेल बजने से सिद्धार्थ की नींद टूटी , वह आँखे मसलता हुआ उठा हालाँकि वह भी भूल गया कि बीती रात वह सुरभि को नशे की हालत में अपने घर लेकर आया था और वह उसी के कमरे में सो रही है। सिद्धार्थ बाहर आया और दरवाजा खोला तो देखा सामने उनकी पड़ोसन खड़ी है।
“गिरिजा जी ने कहा था वो शादी में जा रही है और तुम घर पर अकेले हो तो ये नाश्ता तुम्हारे लिए,,,,,,,,और खाने का झंझट मत करना दोपहर में घर आकर खा लेना ठीक है,,,,,,,,,!!!”,पड़ोसन ने कहा
“नहीं ये काफी है,,,,,,,,!!!”,सिद्धार्थ ने कहते हुए साइड में देखा तो उसकी नजर सुरभि के सैंडिल्स पर पड़ी और उसे एकदम से याद आया कि सुरभि उसके घर में ही है और वही उसे लेकर घर आया था।
“मैं इसे अंदर रख देती हूँ”,पड़ोसन ने प्लेट हाथो में उठाये अंदर आने की कोशिश करते हुए कहा लेकिन सिद्धार्थ ने उन्हें अंदर आने से रोका और प्लेट उनके हाथ से लेकर कहा,”अरे आप क्यों परेशान होंगी इसे मैं रख दूंगा,,,,,,,,,,आप जाईये”
“अह्ह्ह्हह हां ठीक है , और चाहिए तो तुम मांग लेना हां शर्माना मत”,पड़ोसन ने अंदर झांकते हुए कहा जैसे उन्हें सिद्धार्थ के साथ किसी के होने का शक हो
“नहीं आंटी थैंक्यू ये बहुत है,,,,,,,,!!!”,सिद्धार्थ ने कहा
पड़ोसन चली गयी तो सिद्धार्थ ने दरवाजा बंद किया और राहत की साँस लेकर जैसे ही पलटा उसकी नजर सामने खड़ी सुरभि पर पड़ी। सुरभि को एकदम से सामने देखकर सिद्धार्थ घबरा गया लेकिन अपनी घबराहट को चेहरे पर नहीं आने दिया वह कुछ कहता इस से पहले सुरभि ने गुस्से से कहा,”मैं यहाँ क्या कर रही हूँ और ये किसका घर है ? कही तुमने मेरा किडनेप तो नहीं किया है ?
मेरी वजह से अवनि तुम्हारे हाथ से चली गयी और तुम्हे लग रहा होगा मैंने उसे तुम्हारे खिलाफ भड़काया है इसलिए उसने तुम से ब्रेकअप कर लिया , कही तुम मुझसे बदला लेने की तो नहीं सोच रहे ,,, मुझे मारकर मेरी लाश को छुपा दोगे और लोगो से कहोगे मैं ज्यादा शराब पीने की वजह से मर गयी,,,,,,,,,,या फिर तुम मेरे साथ,,,,,,,,,!!”
सुरभि कुछ उलटा सीधा कहती इस से पहले सिद्धार्थ ने आकर अपना हाथ सुरभि के मुँह पर रखा और उस का मुँह बंद करके कहा,”ए तुम्हारे मुँह में कोई सेंसर नहीं है क्या ? जो मुँह में आता है बोलती चली जाती हो”
सुरभि ने सुना तो अपनी बड़ी बड़ी आँखों से सिद्धार्थ को देखने लगी। इस वक्त सिद्धार्थ उसके बहुत करीब और आँखों के बिल्कुल सामने खड़ा था। दोनों की हाइट भी बराबर थी।
सुरभि कुछ कहती या समझती इस से पहले प्लेट में रखे पराठो की खुशबु ने सुरभि की नाक को छुआ , एक तो कल रात उसने ठीक से कुछ खाया नहीं था ऊपर से सुबह सुबह पराठे देखकर उसके मुँह में पानी आ गया। उसने मुश्किल से थूक निगला और प्लेट की तरफ इशारा किया। सुरभि की आँखों में पराठे खाने का लालच देखकर सिद्धार्थ ने उसके मुँह से अपना हाथ हटाया और प्लेट उसे थमाकर कहा,”लो खा लो लेकिन अंदर चलकर , यहाँ तुम्हे किसी ने देखा तो मेरे लिए प्रॉब्लम खड़ी हो जाएगी,,,,,,,,,,अंदर चलो”
सुरभि प्लेट उठाये अंदर चली आयी। सिद्धार्थ ने एक बार फिर राहत की साँस ली और सुरभि के पीछे अंदर चला आया। सुरभि हॉल में पड़ी सेंटर टेबल पर बैठकर इत्मीनान से पराठे खा रही थी। उसने जब सिद्धार्थ को देखा तो कहा,”तुम्हारा घर तो बड़ा अच्छा है,,,,,,तुम तो बड़े अमीर निकले यार,,,,,,,लेकिन मै यहाँ क्या कर रही हूँ ? डोंट से कि कल रात मैंने तुमसे कहा कि मुझे अपने घर लेकर चलो ऐन आल”
सिद्धार्थ ने एक नजर सुरभि को देखा और बीती रात हुई सारी बातें उसे बता दी। सुरभि ने सुना तो हैरानी से सिद्धार्थ को देखा और अगले ही पल उसे खुद पर शर्म आयी कि उसने बीती रात कितना तमाशा किया है वो भी सिद्धार्थ के सामने,,,,,,,,,,,!!”
“मैं तुम्हारा घर नहीं जानता था और तुम होश में ना होने की वजह से ठीक से बता नहीं पा रही थी , ऐसी हालत में मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ सकता था इसलिए घर लेकर आया,,,,,,,,,!!!”,सिद्धार्थ ने अपनी बात खत्म की
“लेकिन तुम्हारे मम्मी पापा वो कहा है , क्या कल रात उन्होंने मुझे यहाँ नहीं देखा ?”,सुरभि ने कहा
“मम्मी पापा शहर से बाहर एक रिश्तेदार के यहाँ शादी में गये हुए है आज शाम तक आ जायेंगे”,सिद्धार्थ ने कहा
“पानी,,,,,,,,,,,,,!!”,सुरभि ने शर्मिंदगी का थूक निगलकर कहा
“क्या ?”,सिद्धार्थ चौंका
“एक गिलास पानी मिलेगा मुझे ?”,सुरभि ने कहा
सिद्धार्थ उठा और किचन की तरफ चला गया। उसने गिलास में पानी भरा और लाकर सुरभि को दे दिया। सुरभि प्लेट में रखे दो पराठो में से डेढ़ खा चुकी थी आधा बचा सिद्धार्थ की तरफ बढ़ा दिया और कहा,”ये तुम खा लेना,,,,,,,,,,,!!!”
“No Thankyou ! तुम्हे भूख लगी है तुम खा लो,,,,,,,,,!!”,सिद्धार्थ ने कहा
सुरभि ने बचा हुआ पराठा भी उठाया और मुँह में भर लिया।
सिद्धार्थ ने देखा तो अफ़सोस में अपना सर हिलाया और कहा,”इसे जल्दी खत्म करो तब तक मैं तुम्हारे लिए कैब बुक कर देता हूँ,,,,,,,,,,तुम्हे अब घर जाना चाहिए मम्मी पापा किसी भी वक्त यहाँ आते होंगे उन्होंने अगर तुम्हे यहाँ देखा तो प्रॉब्लम हो जाएगी,,,,,,,,,!!!”
“मैं तो चाहती हूँ तुम्हारी लाइफ में प्रॉब्लम हो,,,,,,,,,!!!”,सुरभि ने सिद्धार्थ की तरफ देखकर कहा सिद्धार्थ ने सुना तो सुरभि को घूरने लगा और सुरभि ने अपनी बात बदलकर कहा,”अह्ह्ह लेकिन तुम इतने बुरे भी नहीं हो कि मैं तुम्हारे लिए प्रॉब्लम क्रिएट करू,,,,,,कैब बुक करो मुझे घर जाना है”
“सच में कितनी अजीब लड़की हो तुम , अच्छा हुआ कल रात तुम्हारा ब्रेकअप हो गया बच गया वो बेचारा लड़का”,सिद्धार्थ ने मुँह बनाकर कहा
सुरभि ने जैसे ही ब्रेकअप का सुना हॉल में पड़े अपने बैग को उठाकर उसमे से फोन निकाला तो देखा फोन बंद है। उसने जल्दी से अपना फोन ऑन किया और हड़बड़ी में अनिकेत का नंबर डॉयल किया। एक दो रिंग के बाद ही अनिकेत ने फोन उठाया और गुस्से से कहा,”आज के बाद मुझे फोन मत करना समझी तुम”
“अनिकेत , अनिकेत , मेरी बात,,,,,,,,,,,हाह ! उसकी ये हिम्मत मेरा फोन काटा उसने,,,,,,,,,उसे तो मैं,,,,,,,,ओह्ह्ह्हह ये मैंने क्या किया ? जरूर कल रात मैंने उसे कुछ ज्यादा ही बोल दिया तभी वो इतना गुस्से में है,,,,,,,,,,,,!!!”,सुरभि ने अपने बाल नोचते हुए कहा
सामने बैठा सिद्धार्थ ख़ामोशी से सब देख रहा था , सुरभि ने जब सिद्धार्थ को अपनी तरफ देखते पाया तो गुस्से से उठी और ऊँगली दिखाते हुए उसकी तरफ बढ़ी,”ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है , तुम जब भी मुझसे टकराते हो मेरे साथ कुछ बुरा,,,,,,,,,,,,,,अह्ह्ह्हह्हह”
सुरभि सिद्धार्थ तक पहुँच पाती इस से पहले ही उसका पैर नीचे कालीन पर फिसला और सीधा सिद्धार्थ की बांहो में आ गिरी। सिद्धार्थ को कुछ समझ नहीं आया और सुरभि भी एकटक उसकी आँखों में देखने लगी।
सुरभि का यू एकटक आँखों में देखना सिद्धार्थ का दिल धड़का गया लेकिन अगले ही पल उसे अहसास हुआ कि सुरभि को बिल्कुल पसंद नहीं करता इसलिए उसने सुरभि को साइड किया और उठकर कहा,”कैब का पता नही कब आयेगी ? चलो मैं तुम्हे तुम्हारे घर छोड़ देता हूँ”
सुरभि का दिमाग भी काफी उलझ चुका था इसलिए उसने चुपचाप अपना बैग उठाया और सिद्धार्थ के पीछे चल पड़ी। सिद्धार्थ ने घर से बाहर आकर पहले चारो तरफ देखा और फिर सुरभि से बाहर आने का इशारा किया।
सिद्धार्थ ड्राइवर सीट पर आ बैठा और सुरभि उसके बगल में आ बैठी। सिद्धार्थ ने गाड़ी स्टार्ट की और सुरभि को साथ लेकर वहा से निकल गया।
“देखा मैंने कहा था ना ये गिरिजा जी का लड़का कल रात अपने साथ किसी लकड़ी को लेकर आया था,,,,,,अभी देखा ना तुमने उस लड़की को उसके साथ जाते हुए”,सिद्धार्थ की पड़ोसन ने दिवार से झांकते हुए कहा
“अरे तुम्हे इन सब में क्यों पड़ना है वो उसकी जिंदगी है वो जो चाहे करो,,,,,,,तुम अंदर चलकर मुझे खाना दो”,पड़ोसन के पति ने कहा तो पड़ोसन मुँह बनाकर वह से अंदर चली गयी और पीछे पीछे पडोसी भी चला गया।
( क्या पृथ्वी जान पायेगा अवनि के पार्क में होने की असली वजह ? क्या हिमांशु की तरह पृथ्वी भी होने वाला है शादी के बाद परेशान ? क्या सिद्धार्थ की पड़ोसन सुरभि की वजह से डालने वाली है सिद्धार्थ को किसी नयी मुसीबत में ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ ) 10
Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39
Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39Pasandida Aurat Season 2 – 39
- Continue With Pasandida Aurat Season 2 – 40
- Visit https://sanjanakirodiwal.com
- Follow Me On http://instagram.com/sanjanakirodiwal/
संजना किरोड़ीवाल


Ab to pakka hai ki Aniket se Surbhi ka breakup hoga aur Siddarth k sath Surbhi ko jodi banegi…waise yeh Aniket ko samjhna chahiye ki Surbhi ki job kitni muskilo se lagi hai aur wo usko job ya khud m se kisi ko bol rha hai…yeh galat hai bhai…idhar hamare Prithvi Avni ko hee guma rhe hai ki aap itni sunder nhi ho ki jo main aapko dekhu…but asal m bina Avni k Prithvi ka bhi Mann nhi lagta hai…wo bhi kya kare…ab sham ko match dekhna hai ki Avni kaise Prithvi ko harati hai.