Pasandida Aurat – 103

Pasandida Aurat – 103

Pasandida Aurat
Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal

सिद्धार्थ अवनि को लेकर अपनी गाड़ी में आ बैठा। उसने अपना सीट बेल्ट लगाया और देखा बगल में बैठी अवनि परेशान सी अपनी उंगलिया तोड़ मरोड़ रही है। अपने पापा को लेकर अवनि बहुत घबराई हुई थी और ये उसके चेहरे से साफ़ झलक रहा था। सिद्धार्थ ने देखा अवनि ने सीट बेल्ट नहीं लगाया है तो उसने कहा,”अवनि ! सीट बेल्ट”
सिद्धार्थ की आवाज से अवनि की तंद्रा टूटी उसने सीट बेल्ट लगाया , उसके हाथ काँप रहे थे जिस वजह से वह सीट बेल्ट भी ठीक से लगा नहीं पा रही थी ये देखकर सिद्धार्थ ने उसके हाथ से सीट बेल्ट लिया और लगाने लगा।

ना चाहते हुए भी अवनि की नजर सिद्धार्थ के चेहरे पर जा पड़ी , सिद्धार्थ के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे उसका पूरा ध्यान सीट बेल्ट लगाने में था। सिद्धार्थ अवनि से दूर हटा , गाड़ी स्टार्ट की और आगे बढ़ा दी। अवनि ने सिद्धार्थ को रास्ता बताया और अपने नए फ्लेट के वाली गली के मोड़ पर ही उतर गयी। अवनि इतनी परेशान और घबराई हुई थी कि उसने सिद्धार्थ से थैंक्यू भी नहीं कहा और चली गयी। गाडी में बैठा सिद्धार्थ अवनि को जाते हुए देखता रहा।

फ्लेट में आकर अवनि ने जल्दी से अपना एक बैग उठाया उसमे जल्दी जल्दी दो जोड़ी कपडे रखे और जरुरी सामान लेकर फ्लेट से बाहर चली आयी। कैब बुक करने का सोचा लेकिन इतना टाइम नहीं था इसलिए वह गली के मोड़ की तरफ चली आयी जिस से ऑटो करके बस स्टेण्ड चली आये। अवनि जैसे ही मोड़ पर आयी हैरान रह गयी सिद्धार्थ की गाड़ी अभी भी मोड़ पर ही खड़ी थी और सिद्धार्थ अपनी गाडी के बाहर हाथ बांधे खड़ा था।

अवनि सिद्धार्थ से मदद लेकर पहले ही एक गलती कर चुकी थी और अब दूसरी गलती करना नहीं चाहती थी इसलिए उसने जानबूझकर  सिद्धार्थ को नजरअंदाज किया और आगे बढ़ गयी। अवनि ने सामने से गुजरते ऑटो को रोका और उसमे आ बैठी। सिद्धार्थ ने अवनि को जाते देखा तो उसका चेहरा उदासी से घिर गया और वह उसे जाते हुए देखता रहा।

अवनि बस स्टेण्ड पहुंची और उदयपुर का टिकट लेकर बस में आ बैठी। किसी अनहोनी के डर से अवनि का दिल बहुत घबरा रहा था लेकिन अवनि ने अपने डर और घाबरहट को चेहरे पर आने नहीं दिया और खामोश बैठी रही। लगभग तीन घंटे बाद बस उदयपुर पहुंची। अवनि बस स्टेण्ड से बाहर आयी तो कार्तिक अपनी बाइक लिये उस बाहर ही मिल गया। अवनि कार्तिक के पास आयी और कहा,”पापा कैसे है ?”

कार्तिक ने कुछ नहीं कहा उसने अपनी बाइक स्टार्ट की और अवनि से बैठने को कहा। अवनि कार्तिक के पीछे आ बैठी और वह अवनि को साथ लेकर आगे बढ़ गया। कुछ देर बाद बाइक “हार्ट स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल” के सामने पहुंची। अवनि का दिल धड़कने लगा और अब उसे कुछ कुछ अंदाजा हो चुका था कि उसके पापा की तबियत खराब है। अवनि कार्तिक के साथ हॉस्पिटल के अंदर आयी। कार्तिक अवनि को लेकर 2nd फ्लोर पर आया जहा ICU था। अवनि ने देखा कौशल चाचा , मयंक चाचा और सीमा ICU के बाहर खड़े थे।

मीनाक्षी बच्चो के साथ घर पर थी। अवनि कौशल चाचा की तरफ आयी और कहा,”चाचाजी !
क्या हुआ है पापा को ?”
कौशल चाचा कुछ देर शांत रहे और फिर उदासी भरे स्वर में कहा,”भाई साहब को दिल का दौरा पड़ा है अवनि , शाम तक सब ठीक था , सब साथ ही थे उसके बाद भाईसाहब बाहर घूमने निकल गए वापस आये और जब दीपिका उन्हें खाने के लिए बुलाने गयी तो देखा वे दर्द से तड़प रहे थे। मैं घर पर नहीं था मयंक और कार्तिक उन्हें यहाँ लेकर आये। डॉक्टर ने चेक किया तो पता चला उन्हें दिल का दौरा पड़ा है,,,,,,अभी उन्हें ICU में रखा है”

अवनि ने सुना तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गयी , सब कितना सही चल रहा था और अचानक से कुछ ऐसा होगा अवनि ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी। उसने कौशल की तरफ देखा और रोआँसा होकर कहा,”मुझे उनसे मिलना है चाचाजी ! उन्हें देखना है,,,,,इतना सब हो गया और आप लोगो ने मुझे बताया तक नहीं,,,,,,,,,,मुझे उनके पास जाना है”
कहते हुए अवनि ICU की तरफ जाने लगी तो बाहर खड़े वार्ड बॉय ने उसे रोक दिया ये देखकर अवनि ने गुस्से से कहा,”मुझे जाने दो अंदर मेरे पापा है मुझे उनसे मिलना है , हटो यहाँ से”

“देखिये आप अंदर नहीं जा सकती है , ICU में ऐसे जाने की परमिशन नहीं है अभी डॉक्टर भी राउंड पर आने वाले है,,,,,,,,प्लीज”,वार्ड बॉय ने अवनि को समझाने की कोशिश की पर इन हालातों में भला अवनि कहा समझती वह अंदर जाने की जिद करती रही ये देखकर मयंक चाचा उसके पास आये और उसे वार्ड बॉय के सामने से हटाकर साइड में लाते हुए कहा,”अवनि पागल मत बनो !

भाईसाहब अंदर है और उनकी हालत अभी बहुत गंभीर है ऐसे में तुम उन से मिलोगी तो उन्हें इंफेकशन का खतरा है , तुम यही रुको डॉक्टर को आने दो मैं उनसे बात करता हूँ उसके बाद तुम भाईसाहब से मिल लेना”


मयंक की बात सुनकर अवनि टूट गयी वह वही पास पड़ी बेंच पर बैठी और आँसू बहाते हुए कहा,”पापा ठीक तो हो जायेंगे ना मयंक चाचा ? सब मेरी गलती है मुझे उन्हें छोड़कर वापस सिरोही जाना ही नहीं चाहिए था,,,,,!!”
कहते कहते अवनि अपना चेहरा अपने हाथो में छुपाकर रोने लगी। सीमा ने देखा तो वे अवनि के पास आयी और उसके बगल में बैठकर उसे समझाते हुए कहा,”अवनि ! पागल हो बेटा ये कैसी बाते कर रही हो ? भाईसाहब ठीक हो जायेंगे तुम खुद को दोष मत दो,,,,,,!!”

“बड़ी चाची पापा को ये क्या हो गया ? मैं जब गयी थी तब कितना खुश थे वो आप सबके साथ फिर अचानक ये सब,,,,,,,मेरा दिल बहुत घबरा रहा है बड़ी चाची”,अवनि ने रोते हुए कहा
अवनि को बच्चो की तरह रोते देखकर सीमा का मन भी भारी हो गया उन्होंने अवनि को अपने सीने से लगाया और उसका सर सहलाते हुए कहा,”अवनि शांत हो सब ठीक हो जाएगा , तुम्हारे पापा को कुछ नहीं होगा वो ठीक हो जायेंगे”  

रात का 1 बज रहा था। कौशल चाचा ने मयंक से सीमा और अवनि को घर लेकर जाने को कहा और खुद कार्तिक के साथ वही रुक गए लेकिन अवनि ने घर जाने से मना कर दिया। वह अपने पापा से मिले बिना वहा से नहीं जाना चाहती थी ये देखकर सीमा भी उसके साथ वही रुक गयी और मयंक अकेले घर चला गया क्योकि घर पर मीनाक्षी और बाकि बच्चे अकेले थे।

कौशल चाचा एक खाली बेंच पर उदास और खामोश बैठे थे तो वही दूसरी बेंच पर अवनि सीमा के कंधे पर अपना सर टिकाये बैठी थी। उसने सीमा का हाथ मजबूती से थाम रखा था और सीमा के बगल में कार्तिक बैठा था। 

पनवेल , मुंबई
रात के 2 बज रहे थे और पृथ्वी अपनी फ्लेट की बालकनी में खामोशी से खड़ा सामने खड़े नकुल को देख रहा था और नकुल चेहरे पर गुस्सा लिए पृथ्वी को घूर रहा था। पृथ्वी को खामोश देखकर नकुल और चिढ गया और कहा,”साले कुछ बोलेगा या पूरी रात यही खड़े रहना है,,,,,और क्या बकवास कर रहा था तू फोन पर कि तू कही दूर चले जाना चाहता है,,,,,,,,,,,ज़रा बताना मुझे कहा जायेगा ? तू कही भी जाये लेकिन अवनि का ख्याल तेरे साथ जाएगा ,, देख अगर तू अवनि के बिना नहीं रह सकता तो फिर चल ,

अभी चलते है उसके पापा के पास और उन्हें सब सच बता देते है और ले आते है उसे अपने साथ,,,,,,,,और रही तेरे घरवालों की बात तो सुन लेंगे दो चार ताने , खा लेंगे दो चार लाते , इस से ज्यादा क्या होगा ? लेकिन मैं तुझे ऐसे नहीं देख सकता यार,,,,,,,,,,,,अब तक तेरा प्यार सिर्फ पागलपन लगता था अब साला लगता है अगर वो लड़की तुझे नहीं मिली तो मैं तुझे खो दूंगा भाई और ये मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा नुक्सान होगा,,,,,,,तू चल मैं बात करूंगा उस से ,उसके हाथ जोड़ूंगा , जरूरत पड़ी तो उसके पैर पकड़ लूंगा , उस से तेरे प्यार की भीख माँग तक मांग लूंगा , मैं,,,,,,,,,,,!!”

नकुल की बात सुनकर पृथ्वी आगे बढ़ा और उसे गले लगाकर कहा,”बस कर पगले रुलाएगा क्या ?”
नकुल ने सुना तो कमजोर पड़ गया उसकी आँखों में आँसू भर आये और उसने पृथ्वी के गले लगे कहा,”तो और क्या करू बता ? मैं तुझे इस हाल में नहीं देख सकता भाई,,,,,,,,,,मैं अवनि से बात करूंगा उसे समझाऊंगा कि वो बस तुझे एक मौका दे अपना प्यार साबित करने का”

पृथ्वी ने सुना तो नकुल से दूर हटा और कहा,”वो नहीं समझेगी नकुल , वो कभी मेरे घरवालों के खिलाफ नहीं जाएगी और मेरे घरवाले कभी उसके लिए राजी नहीं होंगे,,,,,,,,!!”
पृथ्वी इतना कहकर मुस्कुराया और आगे कहा,”अब तो लगता है ये कहानी खुद महादेव ने ही लिखी है,,,,,,,,,,,!!!”
पृथ्वी मुस्कुरा रहा था लेकिन उसकी आँखों में इस वक्त जो दर्द था वो सिर्फ नकुल देख पा रहा था और आज पृथ्वी से ज्यादा नकुल उदास था।  

रातभर डॉक्टर नहीं आया और सुबह होते होते अवनि की आँखे मूंदने लगी। अवनि अपनी आँखे बंद करने जा ही रही थी कि तभी ICU का दरवाजा खुला और अवनि एकदम से जाग गयी उसने देखा डॉक्टर अपने स्टाफ के साथ अंदर जा रहे है। अवनि उठी और जल्दी से दरवाजे के सामने चली आयी लेकिन इस बार भी उसे अंदर जाने नहीं दिया और इंतजार करने को कहा गया। कौशल चाचा और सीमा भी अवनि के पास चले आये।

कुछ देर बाद डॉक्टर बाहर आया तो अवनि ने कहा,”सर कैसे है मेरा पापा ? वो वो ठीक तो हो जायेंगे ना , जवाब दीजिये उन्हें क्या हुआ है ?”
डॉक्टर ने पहले अवनि को देखा फिर कौशल को तो कौशल चाचा ने कहा,”ये उनकी बेटी है , अब कैसे है वो ?”
“आई ऍम सो सॉरी लेकिन उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं है उनकी हालत बिगड़ती ही जा रही है। हम पूरी कोशिश कर रहे है बाकि उपरवाले की मर्जी,,,,,,,!!”,डॉक्टर ने सहजता से कहा

अवनि ने सुना तो उसकी बची हुई हिम्मत भी टूट गयी और आँखों में आँसू भर आये , उसने काँपते होंठो से कहा,”क्या मैं उन से मिल सकती हूँ प्लीज ?”
“वार्ड बॉय इन्हे पेशेंट से मिलने दीजिये”,कहकर डॉक्टर अपनी टीम के साथ वहा से चला गया।
अवनि ने अपने आँसू पोछे और धडकते दिल के साथ अंदर चली गयी। अंदर आते ही नर्स ने उसे मास्क और मेडिकल केप पहनने को दी साथ ही सेनेटाइजर से अवनि के हाथो को भी साफ किया।

अवनि का दिल जोरो से धड़क रहा था वह आगे बढ़ी उसकी नजर सामने बिस्तर पर लेटे विश्वास जी पर पड़ी। मशीनों से घिरे विश्वास जी उखड़ी सांसे ले रहे थे। अवनि उनके पास आयी उसके पैरों में जैसे जान ही नहीं बची थी वह अपने पैरो को घसीटते हुए चल रही थी।  

अवनि बिस्तर के बगल में पड़ी कुर्सी पर आकर बैठी और कहा,”पापा,,,,,,,,,,!!”
अवनि की आवाज विश्वास जी के कानों में पड़ी तो उन्होंने गर्दन घुमाकर अवनि की तरफ देखा , अवनि को देखते ही उनके होंठो पर हलकी सी मुस्कान तैर गयी। अवनि ने उनके हाथ को अपने हाथो में लिया और कहा,”कैसे है आप , आप ठीक तो है ना पापा ?”

विश्वास जी अभी बोलने की हालत में नहीं थे उन्होंने अपनी पलकें झपकाई। अवनि उनके हाथ को अपने ललाट से लगाकर रो पड़ी और कहने लगी,”ये सब क्यों हो गया पापा ? मुझे आपको छोड़कर सिरोही वापस नहीं जाना चाहिए था। मुझे यहाँ रहना चाहिए था आपके पास , आपका ख्याल रखना चाहिए था। आपको मेरी जरूरत थी और मैं आपको छोड़कर चली गयी , मुझे माफ़ कर दीजिये पापा,,,,,!!”
विश्वास जी अवनि का रोना नहीं देख पाए इसलिए दूसरे हाथ से अपना ऑक्सीजन मास्क हटाया और उखड़े स्वर में कहा,”अवनि”

अवनि ने जैसे ही सुना अपना सर उठाकर देखा उसने विश्वास जी का ऑक्सीजन मास्क लगाने के लिए हाथ बढ़ाया तो उन्होंने मना कर दिया वे अपने आखरी वक्त में अवनि से कुछ कहना चाहते थे शायद,,,,,,,,,अवनि ने उनके हाथ को और मजबूती से थाम लिया तो विश्वास जी ने गहरी साँस ली और कहा,”जो हुआ और जो हो रहा है वो ईश्वर की मर्जी है बेटा इसके लिए खुद को दोष मत दो,,,,,,,हहहहह ! मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं है अवनि और अपने आखरी वक्त में मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हू,,,,,,,,,,!!”

अवनि ने जैसे ही विश्वास जी के मुँह से आखरी वक्त सुना उसकी आँखों से झर झर आँसू बहने लगे वह समझ ही नहीं पा रही थी कि इस वक्त क्या कहे और क्या करे बस बुत बनी विश्वास जी के सामने बैठी रही। विश्वास जी ने एक दो गहरी सांसे और ली , उन्हें अपनी सांसो के साथ संघर्ष करते देखकर अवनि ने रोते हुए कहा,”पापा पापा आप कुछ मत कहिये , आपको तकलीफ हो रही है”
“हहहहहह नहीं बेटा ! आज अगर मैंने नहीं कहा तो तुम्हे जिंदगीभर तकलीफ होगी,,,,,,,,,!!”,विश्वास जी ने कहा

अवनि ने उनके हाथ को अपने होंठो से लगा लिया और फफक पड़ी , उसने विश्वास जी की तरफ देखा तो विश्वास जी ने कहा,”मेरे जाने के बाद तुम उसका हाथ थाम लेना अवनि,,,,,,,,,सिरोही में उसका तुम से मिलना कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि तुम्हारे महादेव की मर्जी थी ,, हहहहह वो तुम से बहुत प्यार करता है अवनि ,, तुम उसकी पसंदीदा औरत हो अवनि,,,,,,,,,मर्द कभी अपनी पसंदीदा औरत का साथ कभी नहीं छोड़ता,,,,,,,,,,वो भी तुम्हारा साथ कभी नहीं छोड़ेगा अवनि ,, मेरे जाने के बाद तुम उस से शादी कर लेना अवनि,,,,,,,

वो तुम्हारे बिना अधूरा है या यू कहू वो तुम्हारा ही हिस्सा है,,,,,,,मुझसे वादा करो अवनि तुम उस से शादी करोगी,,,,,,,,मैं मरने से पहले तुम्हे सुरक्षित हाथो में सौंपना चाहता हूँ मुझसे वादा करो”
विश्वास जी की साँसे उखड़ने लगी और ये देखकर अवनि ने उनके हाथ पर हाथ रखकर काँपते स्वर में कहा,”मैं वादा करती हूँ पापा लेकिन आप किसकी बात कर रहे है ?”

विश्वास जी ने सुना तो मुस्कुराये और उखड़े स्वर में कहा,”वो खुद तुमसे मिलने आएगा अवनि , जब उसे पता चलेगा मैं इस दुनिया में नहीं रहा तो वो यहाँ जरूर आएगा और तब तुम उसका हाथ थाम लेना”
विश्वास जी की बात सुनकर ना जाने क्यों अवनि के दिल में पृथ्वी का ख्याल आया और अगले ही पल वह ख्याल गायब भी हो गया क्योकि अवनि के हिसाब से विश्वास जी तो कभी पृथ्वी से मिले ही नहीं थे।  

विश्वास जी की आँखों के सामने धुंधलापन छाने लगा और तभी ICU का दरवाजा खुला। अवनि की तन्द्रा टूटी और जैसे ही उसने पलटकर देखा उसकी आँखे फ़टी की फ़टी रह गयी। मॉनिटर पर बीप की आवाज आने लगी और विश्वास जी का हाथ अवनि के हाथो से फिसलकर एक तरफ जा गिरा और वे दुनिया से चले गए।

( क्या विश्वास जी के अचानक यू चले जाने के बाद अवनि सम्हाल पायेगी खुद को ? क्या अवनि निभाएगी विश्वास जी से किया वादा और समझ पायेगी विश्वास जी की बातों का मतलब ? आखिर वो कौन हो सकता है जिसे देखकर अवनि हुयी हैरान ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल

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