मनमर्जियाँ – 78

Manmarjiyan – 78 मनमर्जियाँ – 78 सुबह गुड्डू की आँखे खुली तो उसने पाया की शगुन उसकी और चेहरा किये सो रही है। सोते हुए उसके बालों की एक लट चेहरा पर आकर ठहर गयी है और इस से शगुन बहुत...

मनमर्जियाँ – 77

Manmarjiyan – 77 मनमर्जियाँ – 77 गुड्डू और शगुन के दिलो में एक दूसरे के लिए भावनाये पनपने लगी थी। शीशे के सामने खड़ी शगुन गुड्डू के बारे में ही सोच रही थी और नीचे बैठा गुड्डू भी शगुन के साथ...

मनमर्जियाँ – 76

Manmarjiyan – 76 मनमर्जियाँ – 76 गोलू को लेकर गुड्डू दुकान पहुंचा। उसे बैठाया और कहा,”अबे का जरूरत थी दूसरे के फट्टे में टाँग अड़ाने की अब पड़ी ना जोर की ,, साले गोलू हम सब सही करने का सोच रहे...

मनमर्जियाँ – 75

Manmarjiyan – 75 मनमर्जियाँ – 75 शगुन वेदी को समझा बुझाकर घर ले आयी लेकिन मन ही मन बहुत परेशान भी थी रमेश की वजह से , उसे समझ नहीं आ रहा था की वह गुड्डू को इन सब बातो के...

मनमर्जियाँ – 74

Manmarjiyan – 74 मनमर्जियाँ – 74 गुड्डू शगुन को लेकर मार्किट पहुंचा। थोड़े सूखे और थोड़े भीगे हुए गुड्डू शगुन दुकान के अंदर आये। शगुन ने देखा ये एक आर्टिफिशियल ज्वैलरी शॉप था। दुकान का मालिक गुड्डू को जानता था इसलिए...
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