Manmarjiyan Season 5 – 31

Manmarjiyan Season 5 – 31

Manmarjiyan Season 5
Manmarjiyan Season 5 by Sanjana Kirodiwal

राजकुमारी भुआ पर तो आदर्श फूफा का जोर चला नहीं और बाकि सब घरवालों ने भी उन्हें दुत्कार दिया तो आदर्श फूफा ने गुस्से में आकर गोलू की धुलाई कर दी। गुड्डू ने देखा तो आदर्श फूफा को साइड में फेंकते हुए कहा,”अरे बस करो फूफा का जान ले लोगे सब मिलके इह बेचारे की,,,,,,,,,,,,,!!!”
गोलू को अब तक सबसे इतनी मर पड़ चुकी थी कि वह नीचे गिर पड़ा। गोलू को आज अच्छा खासा सबक मिल चुका था , अब तक उसने जितने भी कांड किये थे उनमे सबसे भारी उसे यही काण्ड पड़ा।

मिश्रा जी उठकर अंदर चले गए , पीछे पीछे आदर्श फूफा भी चले गए। बचे गुड्डू , लवली , गोलू और मंगल फूफा तो मंगल फूफा गुड्डू के पास आये और कहा,”लगता है इह बार गोलू ने कुछो जियादा ही बड़ी गलती कर दी”
गोलू को मार पड़ी और गुड्डू उसे बचा भी नहीं पाया , गुड्डू को इस बात का मलाल था और ऊपर से मंगल फूफा आकर गुड्डू के जले पर नमक छिड़क रहे थे गुड्डू ने गुस्से में आकर मंगल फूफा की धुलाई कर दी ! लवली ने देखा तो मंगल फूफा को गुड्डू से दूर किया और कहा,”अबे पगलाय गए हो का तुम सब लोग ? साला आपस मा ही एक दूसरे को मार रहे हो”

गोलू हिम्मत करके तब तक उठ चुका था उसने मरे हुए  स्वर में गुड्डू से कहा,”,इह सही कह रहे है गुड्डू भैया , आपस मा एक दूसरे को मारने से का फायदा ? आप मंगल को मारो हम इनको लपेटते है”
कहते हुए गोलू ने लवली को भी दो तीन घुसे मार ही दिए लेकिन लवली ठहरा उस से ज्यादा मजबूत तो उसने गोलू को उठाकर नीचे फेंक दिया और कहा,”साले तुम्हायी जे ही हरकतों की वजह से मार खाये हो आज तुमहू,,,,,,,,,हिया हम तुमको समझाय रहे है और तुमहू हमे ही मार रहे हो”

गोलू उठा और झल्लाकर कहा,”मारे नहीं तो और का करे ? साला बिंदिया भाभी को उठाने में सब साथ थे लेकिन मार कौन खाया गोलू ? कांड करने के टाइम सबका हाथ था लेकिन सुताई किसकी हुई , गोलू की ,, साला हम कहे थे हुआ चकिया मा जाकर चरस बोने को सबसे लेकिन नहीं तब तो सब मिश्रा जी की पूछ पकड़ कर पीछे पीछे चल दिए,,,,,,,,,,,,,,,!!!!”
गोलू का गुस्सा जायज था , माना की चकिया जाकर बिंदिया को उठाने का आइडिआ उसका था लेकिन लवली गुड्डू मना भी तो कर सकते थे।  

गोलू की बाते सुनकर लवली तो आसमान की तरफ देखने लगा ये देखकर गोलू ने खीजते हुए कहा,”और आप हुआ का देख रहे है आसमान मा ? आप भी कुछो कम नाही है गुड्डू भैया,,,,,,,,,,,!!!”
“अरे अब हमने का किया हम तो बचाने की कोशिश किये थे लेकिन तुम्हाये कांड पर कांड पिताजी के सामने आय रहय तो हम का करे,,,,,,,,,!!!”,गुड्डू ने चिढ़कर कहा

“अच्छा मतलब हमहू अकेले सब किये ,, आप जे सब मा शामिल नाही थे ? ऐसे तो बहुत सबके सामने गोलू हमाओ भाई है गोलू हमाओ भाई है चिल्लाते हो लेकिन हिया मिश्रा जी के सामने हमे आगे कर दिए,,,,,,,,,,,,,,इह भी नाही सोचे की हमाओ का हाल होइ है ओह्ह्ह के बाद,,,,,,,,,,,,,,,और हमे तो मारे सो मारे जे मंगलू की बत्ती काहे बनाये ?”,गोलू ने जमीन पर उकडू बैठे मंगल फूफा को देखकर कहा

“इह ससुरा मार खाने लायक ही है ! तुमको रोकने के बजाय हिया लेकर चला आया इह नाही कि पहिले पता कर ले कि कोनो पिरोगराम सच मा है भी कि नाही,,,,,,,,,लेकिन नाही गाजर के पीछे चलने वाले गधे के जैसे तुम्हाये पीछे पीछे चले आये , तो चखे अब थोड़ी परसादी जे भी,,,,,,,,,,,,,,,!!!”,गुड्डू ने मंगल फूफा को देखकर गुस्से से कहा

लवली का तो ये सब देखकर सर दुखने लगा था उसने गुड्डू से कहा,”सुनो गुड्डू ! शांत हो जाओ , गोलू को आज जोन मार पड़ी है ओह्ह्ह के बाद हमे नाही लगता अब इह दोबारा कोनो कांड करेगा और बचे मंगल फूफा तो उनका फैसला भी कल सुबह हो जाही है,,,,,,,,,,,,बस आज रात की बात है सम्हाल ल्यो और हाथ जोड़कर बिनती है तुम लोगन से सुबह तक अब कोई कांड नाही करना , साला बहुत झेल लिए है हमहू अब और नाही झेल पाएंगे,,,,,,,,,,,,,!!!!”

लवली का उतरा हुआ चेहरा देखकर गुड्डू समझ गया कि लवली को इन सबकी आदत नहीं है इसलिए कहा,”अरे आप चिंता नाही करो लवली भैया ! अब कोई कांड नाही होगा,,,,,,,,!!”
लवली ने हामी में गर्दन हिलाई और अपने कमरे में जाने के लिए सीढ़ियों की तरफ जाने लगा तो गोलू ने मरे हुए स्वर में फिर कहा,”ए लवली भैया ! इत्ता सब किये तो हमाये पे एक अहसान और करि दयो”

“अब का चाहिए तुम्हे ?”,लवली ने गोलू को घूरकर पूछा
“थोड़ी सी जगह , आपके कमरे मा , आज रात के लिए हमे यही रख लो,,,,,,,,,,,घर नाही जायेंगे पता चले हुआ घर मा गज्जू गुप्ता लठ लिए बैठे हो और मिश्रा जी का गुस्सा हमाये पे उतार दे,,,,,,,,,,,,,हमहू पिरोमिस करते है लवली भैया आज के बाद कोनो काण्ड नाही करेंगे”,गोलू ने कहा

गुड्डू ने सुना तो लवली को देखकर बोला,”इह बेचारा सही कह रहा है लवली भैया ! आज रात जे का यही रहने देते है घर गया तो फिर कोई ना कोई कांड होगा”
“ठीक है लेकिन जमीन पर सोना पडेगा हमहू अपने बिस्तर पर नाही सुलायेंगे”,लवली ने कहा और जाने लगा तो मंगल फूफा ने कहा,”ए लवली बबुआ”
“अब तुमका का चाही ?”,लवली ने खीजकर कहा

“अब जब गोलुआ हिया रुक रहा है तो हमको भी रुक जान दयो , सुबह रूपा जब अपना फैसला सुना दिहिस तो ओह्ह्ह का अपने साथ ही लेकर चले जायेंगे”,मंगल फूफा ने खिंसियाकर कहा
गुड्डू और गोलू ने एक साथ हैरानी से मंगल को देखा और फिर गुड्डू ने कहा,”इत्ती नेगेटिव सिचुएशन मा भी इत्ता पॉजिटिव कैसे सोच लेते हो फूफा ? मान लो अगर कल सुबह रूपा तुमको ना चुने तो फिर,,,,,,,,,,,,,,,,!!!!”
“तो हमहू यही सर पटक के अपनी जान दे देंगे”,मंगल फूफा ने कहा

“हाँ तो देइ दयो वैसे भी तुम्हाये और तुम्हायी उह्ह्ह रूपा के चक्कर मा पहिले से ही हमायी बत्ती बनी हुई है”,गोलू ने कहा
“ऐसा तो ना कहो गोलू हमायी रूपा के बारे मा,,,,,,,,उह्ह्ह तो उह्ह्ह साला नवरतनवा ओह्ह्ह का अपनी मीठी मीठी बातो मा फसाये रहा वरना बहुते मासूम है हमायी रूपा”,मंगल फूफा ने बड़े प्यार से कहा

“तुमहाओ जे रूपा पुराण खत्म हो गओ तो ऊपर जाकर मरो दोनों”,लवली ने गुस्से से कहा तो गोलू और आदर्श फूफा सीढ़ियों की तरफ बढ़ गए। गोलू ने पलटकर लवली से कहा,”ए लवली भैया ! मिश्रा जी को नाही बताना हमहू हिया है नहीं तो ऊपर आकर फिर मारेंगे”
लवली ने गोलू की गुड्डी पकड़कर उसे ऊपर धकेला और कहा,”अबे आगे बढ़ो तुम”
गोलू , मंगल फूफा और लवली ऊपर चले गए और गुड्डू ने राहत की साँस ली , आज के लिए इतना ड्रामा काफी जो था।

गुड्डू अपने कमरे की तरफ आया लेकिन दरवाजे पर आकर रुक गया। उसने देखा शगुन गुस्से से कमरे में यहाँ वहा चक्कर काट रही है तो वह उलटे पाँव वापस चला आया और सीढिया चढ़कर ऊपर चला आया। गुड्डू बड़बड़ाते हुए लवली के कमरे की तरफ जा रहा था कि सामने से आते लवली से ही टकरा गया तो लवली ने कहा,”अब तुम हिया का लेने आये हो ?”

“लवली भैया ! शगुन का गुस्से वाला रूप देखकर आये है आज की रात हमको भी यही जगह दे दो”,गुड्डू ने हाथ जोड़कर कहा लवली की छाती पर पहले ही गोलू और मंगल फूफा मूंग दल रहे थे ऊपर से गुड्डू भी आ गया तो लवली ने झुंझलाकर कहा,” आओ मरो”
गुड्डू ख़ुशी ख़ुशी लवली के कमरे की तरफ बढ़ गया और लवली कमरे के बाहर ही चक्कर लगाने लगा क्योकि इन लोगो के साथ रहना लवली के लिए किसी खतरे से कम नहीं था

गोलू मंगल से कहकर अपने लिए नीचे जमीन पर बिस्तर लगवा रहा था , गुड्डू को अंदर आते देखकर कहा,”गुड्डू भैया ! आप भी हिया,,,,,,,,,,,!!!”
“हाँ गोलू ! हमहू सोचे तुमको मार खाने से नाही बचा सके , कम से कम चलकर तुम्हाये जख्मो पर नमक ही लगाय दे”,गुड्डू ने बिस्तर पर बैठते हुए कहा
गुड्डू की बात सुनकर गोलू ने मंगल फूफा को एक थप्पड़ जड़ दिया तो गुड्डू ने चौंककर कहा,”अरे उसको काहे मार रहे हो ?”

“इह ससुरा कुछ देर पहिले हम से कहत रहा कि ल्यो देख ल्यो तुम्हाये गुड्डू भैया का प्यार तुमको मार पड़ी और पूछे तक नाही,,,,,,,,,,,,,,,,साला आग लगाता है,,,,,,,,,,,,!!!”,गोलू ने गुड्डू के बगल में आकर बैठते हुए कहा
“एक और मारो,,,,,,,,,,!!!”,गुड्डू ने मंगल फूफा को घूरकर कहा तो मंगल फूफा अपने दोनों गालों पर हाथ लगाते हुए पीछे हट गए। गोलू ने मुँह बनाया और गुड्डू की तरफ पलटकर कहा,”अरे आप चिंता नाही करो गुड्डू भैया !  हमहू जे आंडू पांडू की बातो मा नाही आने वाले हमको पता है आप हमसे कित्ता प्यार करते हो , बस आज आपका उह्ह्ह प्यार हमको कही नजर नाही आया”

कहते हुए गोलू ने एक मुक्का गुड्डू की पीठ पर दे मारा और गुड्डू की रीढ़ की हड्डी एकदम से सीधी हो गयी।
“अबे हमे काहे मार रहे हो ?”,गुड्डू ने अपना हाथ अपनी पीठ से लगाकर कराहते हुए कहा
“का है कि गुड्डू भैया हमको ना एकदम से आपके सारे अहसान याद आ गए”,कहकर गोलू ने गुड्डू की धुलाई कर दी। मंगल फूफा ने दोनों को छुड़ाना चाहा तो दोनों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा और दे घुसे दे लात दे मुक्का,,,,,,,,,,,,,5 मिनिट के अंदर लवली का कमरा तबेला बन गया था।

बेडशीट कही जा रही थी , गद्दे कही , ड्रेसिंग का आधा सामान ड्रेसिंग पर तो बाकि आधा जमीन पर फैला था। गुड्डू के हाथ में लोहे का गुलदस्ता था जो उसने गोलू को मारने के लिए उठाया था , गोलू के हाथ में गुड्डू का पुराना बेट जो लवली के कमरे में ही पड़ा था

“ए ए ए गुड्डू भैया देखो मारना नहीं हां लग जाएगी हमको,,,”,गोलू ने हाथ में पकड़ा बेट इधर उधर घुमाते हुए कहा
मंगल तो बेडशीट पकडे एक कोने में खड़ा था उसे सब धुंधला धुंधला दिख रहा था क्योकि कुछ देर पहले ही गुड्डू ने घुसे मारकर उनकी दोनों आँखे काली की थी। गुड्डू गोलू से बहुत ज्यादा गुस्सा था इसलिए उसने गोलू की बात नहीं सुनी और फेंक के मारा गुलदस्ता उसकी तरफ लेकिन गोलू मोहल्ले का विराट कोहली उसने बेट घुमाया और गुलदस्ता बेट से टकराकर सीधा बाहर लेकिन गोलू कुछ करे और गड़बड़ ना हो ऐसा भला कैसे हो सकता है ?

गुलदस्ता जाकर लगा सामने से आते आदर्श फूफा के सर पर और फूफा पीठ के बल धड़ाम से जमीन पर , लवली बालकनी के पास खड़ा था वह भागकर आया फूफा को नीचे गिरे देखा उनका गाल थपथपाया लेकिन फूफा तो एक ही मार से बेहोश हो गए थे। लवली ने घबराकर पीछे देखा तो पाया कमरे में खड़े गुड्डू और गोलू एक दूसरे का गला दबा रहे है। लवली भागकर कमरे में आया लेकिन कमरे का हाल देखकर तो उसने अपना सर ही पकड़ लिया और जोर से चिल्लाया,”बाहिर निकलो हमाये कमरे से,,,,,,,,,,,,,!!!!”

गोलू ने गुड्डू को छोड़ दिया और घूरते हुए बाहर चला गया। गुड्डू ने भी अपने बाल सही किये और बाहर चला आया। मंगल फूफा हाथ में पकड़ी बेडशीट लिए लवली की तरफ आये तो लवली ने उनके हाथो से बेडशीट छीनकर कहा,”तुमको अलग से कहे , निकलो हिया से”
मंगल फूफा भी कमरे से बाहर निकल गए , लवली ने कमरे की हालत देखी और बिस्तर पर बैठकर अपना सर पकड़ लिया।

गोलू बड़बड़ाते हुए लवली के कमरे में बाहर आया कि नीचे गिरे आदर्श फूफा के पैरो में उलझकर उन्ही पर जा गिरा। आदर्श फूफा गिरे तो गिरे , बेहोश भी हुए लेकिन उनकी आँखे खुली रह गयी और इस वक्त वो बहुत ही भयानक लग रहे थे। गोलू ने जैसे ही आदर्श फूफा को देखा डरकर चिल्लाया और उठकर जैसे ही भागने लगा गुड्डू से टकराया और गुड्डू के साथ फिर आदर्श फूफा पर आ गिरा। दोनों के एक साथ आदर्श फूफा पर गिरे और उनके वजह से आदर्श फूफा के मुँह से धीरे से एक साँस भी निकली।

गुड्डू ने गोलू को साइड किया और खुद उठा तो देखा आदर्श फूफा आंखे खोले , नीचे पड़े है तो झुंझलाकर कहा,”अरे का यार फूफा ! इह का कोनो सोने की जगह है,,,,,,,,,,,,,,,इत्तो बड़ो घर है तो फिर हिया काहे लेटे है ?”
“और का बिस्तर भी नाही लगाए , जमीन पर ही लेट गए”,गोलु ने गुड्डू के बगल में आकर कहा लेकिन आदर्श फूफा कुछ बोले ना , अरे बोले तो तब ना जब बेचारा होश में हो।

गुड्डू ने देखा आदर्श फूफा उसकी और गोलू की बात का कोई जवाब नहीं दे रहे तो कहा,”फूफा ! ए फूफा ! अरे इत्ती भी का नाराजगी है यार , हमने थोड़े ना किया था भुआ को मैसेज , हमसे काहे नाराज हो ?”
“ऐटिटूड गुड्डू भैया ! आपके घर के फूफा है ना इहलीये ऐटिटूड दिखाय रहे है,,,,,,,,,,,,!!!!”,गोलू ने कहा

“उह्ह्ह बात तो ठीक है गोलू लेकिन जे फूफा हिल काहे नाही रहे ?”,गुड्डू ने आदर्श फूफा को ध्यान से देखकर कहा जो कि बिना हिले डुले पड़े थे। गोलू ने भी झुककर ध्यान से देखा और कहा,”अरे हाँ गुड्डू भैया ! जे तो अपनी पलकें भी नाही झपकाय रहे,,,,,,,,,,एक मिनिट”
कहकर गोलू ने अपना कान फूफा के सीने से लगाया तो गुड्डू ने कहा,”अरे तुम का जे का हग कर रहे हो , जगाओ इन्हे का पतो नींद मा हो,,,,,,,,,,,,!!!!”

“आ गवा”,गोलू ने उठते हुए बड़े ही सस्पेंस भरे स्वर में कहा
“का आ गवा ?”,गुड्डू ने पूछा
“भुआ के चुडिया तोड़ने का टाइम आ गवा”,गोलू ने उतने ही सस्पेंस से कहा लेकिन गुड्डू नहीं समझा और बोला,”मतलब ?”
गोलू ने गुड्डू की तरफ देखा और अफ़सोस भरे स्वर में कहा,”मतलब इह कि फूफा नाही रहा , जे का पिरोगराम सेट हुई गवा गुड्डू भैया,,,,,,,,!!!!”
गुड्डू ने सुना तो उसको चक्कर जैसा महसूस हुआ और वह वही फूफा के बगल में जा बैठा

 ( क्या सच में नहीं रहे आदर्श फूफा हमारे बीच या ये है सिर्फ गोलू की ग़लतफ़हमी ? )

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संजना किरोड़ीवाल 

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मिश्रा जी उठकर अंदर चले गए , पीछे पीछे आदर्श फूफा भी चले गए। बचे गुड्डू , लवली , गोलू और मंगल फूफा तो मंगल फूफा गुड्डू के पास आये और कहा,”लगता है इह बार गोलू ने कुछो जियादा ही बड़ी गलती कर दी”
गोलू को मार पड़ी और गुड्डू उसे बचा भी नहीं पाया , गुड्डू को इस बात का मलाल था और ऊपर से मंगल फूफा आकर गुड्डू के जले पर नमक छिड़क रहे थे गुड्डू ने गुस्से में आकर मंगल फूफा की धुलाई कर दी ! लवली ने देखा तो मंगल फूफा को गुड्डू से दूर किया और कहा,”अबे पगलाय गए हो का तुम सब लोग ? साला आपस मा ही एक दूसरे को मार रहे हो”

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