Manmarjiyan Seaon 4 – 16
Manmarjiyan Seaon 4 – 16

गुड्डू और गोलू ने लवली की मदद से आखरी वक्त में सब सही कर दिया और नाश्ता करने चले आये। नाश्ता करके दोनों सोनू से मिले और फिर गाड़ी में आ बैठे। गुड्डू ने गाड़ी स्टार्ट की और वहा से निकल गया।
“गुड्डू भैया अब ?”,गोलू ने कहा
“पहिले तुम्हाये घर चलेंगे”,गुड्डू ने कहा
“हमाये घर काहे ? अरे पहिले उह्ह्ह चांडाल फूफा को ढूंढते है , गाडी को ऐसे हमरे घर के सामने छोड़कर आखिर कहा चले गए ?”,गोलू ने कहा
“अरे हमायी तरफ से जहन्नुम मा जाए तुम्हरे मंगल फूफा , आज उनकी वजह से हमाई छीछा लेदर होते होते बची है गोलू,,,,,,!!”,गुड्डू ने गुस्से से भड़क कर कहा वह मंगल फूफा से कुछ ज्यादा ही नाराज था।
“अरे गुड्डू भैया बात को समझो,,,,,,,,अगर मंगल फूफा को कुछो हो गवा तो कौन जिम्मेदार होगा ?”,गोलू ने बहुत ही सस्पेंस के साथ कहा
गुड्डू ने गोलू की तरफ देखा तो गोलू ने अपने दोनों हाथ गुड्डू की तरफ करके कहा,”आप”
“हम , हम काहे जिम्मेदार होंगे , हमरा का रिश्तेदार लगता है उह्ह” ?”,गुड्डू ने गोलू की बात को नजरअंदाज करके कहा
“अरे गुड्डू भैया बात की गंभीरता को समझो , मंगल को सुबह काम पर किसने रखा था ?”,गोलू ने कहा
“हमने,,,,,,,,लेकिन वो तो तुम्हरे कहने पर रखा था न”,गुड्डू ने परेशानी भरे स्वर में कहा
“हाँ लेकिन आपकी गाड़ी में जाते उसे किसने देखा था ?”,गोलू ने कहा
“किसने ?”,गुड्डू ने कहा
“अरे निर्मल चाय वाले ने उह्ह्ह भी तो वही था जब मंगल फूफा और ड्राइवर जे गाडी लेकर निकले थे , अब मंगल गायब है और गाड़ी का ड्राइवर भी तो अगर मंगल फूफा को कुछो हो गवा और पुलिस दुकान पर आयी तो सबसे पहले किसको धरेगी ?”,गोलू ने बहुत ही सस्पेंस से कहा
“हमे,,,,,,,,!!”,गुड्डू ने घबराकर कहा
“जेल किसको लेकर जाएगी ?”,गोलू ने फिर कहा
“हमे,,,,,,,!!”,गुड्डू ने और घबराकर कहा
“तशरीफ़ किसकी लाल करेगी ?”,गोलू ने अपने दाँत कुरेदते हुए कहा
“हमायी,,,,,,,,,,,,!!!”,गुड्डू बस अब रोने ही वाला था तो गोलू ने उसे और डराकर कहा
अरे इह सब छोडो मिश्रा जी को पता चला तो का होगा ?”
“पिताजी तो दुकान ही बंद करवा देंगे गोलू , शायद घर से भी निकाल दे”,गुड्डू ने कहा
“इसलिए हम कह रहे है गुड्डू भैया”,गोलू ने कहा
“का कह रहे हो ?”,गुड्डू ने रोआँसा होकर कहा कोई मंगल नाम की मुसीबत उसके गले जो पद जो पड़ चुकी थी।
“चलकर पहिले मंगल फूफा को ढूंढते है , एक बार उह्ह मिल जाए बस”,गोलू ने दाँत पीसते हुए कहा
“अरे लेकिन उनको ढूंढेंगे कहा ?”,गुड्डू ने कहा “लवली भैया को जे गाडी कहा मिली ?”, गोलू ने कहा “तुम्हारे घर के बाहर”,गुड्डू ने कहा
“फिर तो मंगल फूफा भी घर के आस पास ही होंगे , पर जे साला वहा लेने का गए है पिताजी ने तो सुबह ही उनको घर से निकाला था,,,,,,,,,,,,अरे गुड्डू भैया”,गोलू एकदम से चिल्लाया
गुड्डू ने डरकर जल्दी से ब्रेक मारा और दोनों डेशबोर्ड से टकराकर वापस अपनी सीटों पर , गुड्डू ने गोलू की गुद्दी पर एक चपत मारी और कहा,”अबे का हार्ट अटैक दोगे , एक तो पहिले से जिंदगी मा इत्ती भसड़ है ऊपर से साले तुम,,,,,,,,आराम से नाही बोल सकते कोनो बात,,,,,,,,,,जब देखो तब गुड्डू भैया , गुड्डू भैया चिल्ला पड़ोगे,,,,,,,,,,,,का हुआ बकोगे अब ?”
“मंगल फूफा पटकापुर में है”,गोलू ने हैरानी से कहा
गुड्डू ने गाड़ी फिर से स्टार्ट की और आगे बढाकर कहा,”और अगर उह्ह्ह वहा नहीं हुआ ना गोलू तो उसी पटकापुर मा पटक पटक के मारेंगे तुमको याद रखना”
“अरे भैया हमको पूरा यकीन है उह्ह्ह वही है सूअर कही भी रहे लौटकर जाएगा कीचड़ मा ही”,गोलू ने कहा
“तुम का फुलवारी को कीचड़ बोल रहे हो ?”,गुड्डू ने कहा
“अरे नाही उह्ह्ह तो कीचड़ मा उगे वाला कमल है , कीचड़ तो उह्ह्ह ससुरा यादववा है जो ओह्ह्ह के आस पास फैला है”,गोलू ने मुँह बनाकर कहा
गुड्डू ने सुना तो धीरे से बड़बड़ाया,”पूरा खानदान पागल है”
“कुछो कहा आपने ?”,गोलू ने पूछा
“नाही कुछो नहीं चलते है पटकापुर”,गुड्डू ने कहा और गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी।
गुप्ता जी से बचकर मंगल फूफा वापस गुड्डू की दुकान पर चले आये रवि ने जब उन्हें देखा तो कहा,”अरे तुमहू हिया का कर रहे हो ? तुम तो गुड्डू भैया और गोलू भैया के साथ गए थे ना इतनी जल्दी वापस आ गए”
मंगल फूफा ने सुना तो खामोश हो गए अब भला वो रवि को कैसे बताये कि वो तो गुड्डू गोलू के साथ गए ही नहीं उठा उनकी गाडी छोड़कर भाग आये है। मंगल फूफा को खामोश देखकर रवि उनके पास आया और उनका कंधा थपथपाकर कहा,”अरे हम तुमसे बात कर रहे है ,, का हुआ कहा खोये हो ?”
“अह्ह्ह्ह हां हां वो हमहू सब सामान लोकेशन पर पहुचा दिए तो गुड्डू और गोलू ने कहा कि उह्ह्ह दोनों सब काम देख लेंगे और हमे दूकान भेज दिया”,मंगल फूफा ने झूठ कहा।
“तो आप हिया का करेंगे ? अभी के लिए तो हिया कोनो काम भी नाही है,,,,,,,,जाईये आप घर जाईये”,रवि ने कहा
“घर तो तब जाऊंगा ना जब हमरा कोनो घर होगा”,मंगल फूफा बड़बड़ाये रवि ने सुना तो उसे कुछ समझ नहीं आया उसने मंगल फूफा की तरफ देखा और कहा,”अकेले में बात करने की बिमारी है का तुम्हे ? जाओ घर जाओ”
काहे जाए ? तुमहू गुड्डू गोलू के का लगते हो ?”, मंगल फूफा ने अकड़कर कहा
“का लगते है से का मतलब ? स्टाफ है 10 हजार रूपये तनख्वाह है हमायी,,,,,,,!!!”,रवि ने भी अकड़कर कहा
“अच्छा और जानते हो हम कौन है ?”,मंगल फूफा ने कहा
“कौन हो ?”,रवि ने पूछा
हम है मंगल फूफा , गोलू के ख़ास आदमी समझे और हमहू तुम्हायी तरह तनख्वाह नाही लेंगे जे समझ ल्यो हमहू पार्टनर ही है गोलू के,,,,,,,,,,!!!”,मंगल फूफा ने इतरा कर कहा
“हाँ तो गोलू भैया भी 50% के ही पार्टनर है,,,,,,,,!!”,रवि ने कहा
“हाँ तो 25% का पार्टनर हमे समझ ल्यो , चलो जाओ भागकर दुइ चाय लेकर आओ”,मंगल फूफा ने कहा और दुकान के बाहर पड़ी बेंच पर आ बैठे।
रवि इस अनचाहे मेहमान से चिढ गया लेकिन गोलू का रिश्तेदार है तो बेचारा ज्यादा कुछ कह भी नहीं सकता था वरना उसकी नौकरी खतरे में पड़ जाती। फूफा के कहने पर रवि उनके लिए चाय लेने चला गया और मंगल फूफा बेंच पर पेट के बल लेटकर मिटटी में ऊँगली घुमाने लगे। मंगल फूफा ने जो गलती की उसका अहसास उनको रत्तीभर भी नहीं था वे तो बस फुलवारी के ख्यालों में खोये हुए थे। रवि उनके लिए चाय रखकर चला गया लेकिन फूफा तो फूफा है उन्हें कोई होश नहीं था और चाय पड़े पड़े ठंडी हो गयी।
गुड्डू गोलू को साथ लेकर पटकापुर उसके घर के सामने पहुंचा। मिश्रा जी की गाड़ी गुप्ता जी के घर के बाहर ही खड़ी थी। गुड्डू और गोलू गाड़ी से नीचे उतरे
गोलू और गुड्डू फूफा को ढूंढने लगे। ढूंढते ढूंढते गोलू अपने घर के मेन गेट के सामने चला आया और तभी उसे पिंकी की बात याद आयी। वह गुड्डू की तरफ देखकर चिल्लाया,”गुड्डू भैय्ययया”
गुड्डू ने सुना तो जल्दी से गोलू के पास आकर कहा,”का मिले का फूफा ?”
“नाही,,,,,,,,,,!!!”,गोलू ने कहा
अबे तो फिर चिल्लाये काहे ?”,गुड्डू ने झुंझलाकर कहा
“हमाये पिताजी”,गोलू ने सीढ़ियों पर उदास बैठे गुप्ता जी की तरफ इशारा करके कहा
“गोलू हम मंगल फूफा को ढूंढने निकले है तुम्हाये पिताजी को नाही”,गुड्डू ने कहा
“अरे यार गुड्डू भैया ! मंगल फूफा हिया नाही है हिया होते तो मिल जाते , लेकिन लवली भैया ने अपनी गाड़ी यही देखी थी तो हो सकता है पिताजी ने उन्हें देखा हो , उन से चलकर पूछते है ना”,गोलू ने कहा
“बात तो तुम्हायी सही है चलो का पता उन्हें पता हो,,,,,,!!”,गुड्डू ने कहा और गोलू के साथ अंदर चला आया।
गुप्ता जी गाल से हाथ लगाए उदास से घर की सीढ़ियों पर बैठे थे। गुड्डू और गोलू उनके सामने आ खड़े हुए और दोनों हैरानी से कभी गुप्ता जी को देखते तो कभी एक दूसरे को , गुड्डू ने गोलू से बात करने का इशारा किया तो गोलू ने उलटा गुड्डू से ही बात करने का इशारा किया।
दोनों एक दूसरे को पहले बात करने का इशारा कर रहे थे। गुप्ता जी ने सामने खड़े गुड्डू गोलू को देखा तो उनके चेहरे से उदासी गायब हो गयी और गुस्से से भँवे तन गयी। गुप्ता जी को अपनी ओर देखते पाकर गोलू ने कहा,”वो गुड्डू भैया को आपसे कुछो बात करनी है”
“जे साले गोलू ने हमे काहे फंसा दिया ?”,गुड्डू मन ही मन बड़बड़ाया उसे चुप देखकर गुप्ता जी ने कहा,”का मुहूर्त का इंतजार कर रहे हो ?”
गुड्डू ने ना में गर्दन हिलाई तो गुप्ता जी ने झिड़ककर कहा,”तो बोलते काहे नाही ?”
“अह्ह्ह्ह वो हम जे पूछ रहे थे कि मंगल फूफा हिया आये थे का ?”,गुप्ता जी को गुस्से में देखकर गुड्डू ने डरते डरते पूछा
मंगल फूफा का नाम सुनते ही गुप्ता जी का चेहरा गुस्से से लाल हो गया उन्होंने कहा,”हमका पहिले जे बाताओ उह्ह मंगलवा को काम पर रखा किसने ?”
गोलू मुस्कुराते हुए गुप्ता जी के पास आया और अपनी छाती थपथपाकर कहा,”हमने , हमने रखा पिताजी”
गुप्ता जी गोलू को देखकर मुस्कुराये और फिर खींचकर एक थप्पड़ गोलू के गाल पर मारा। बेचारा गोलू गुप्ता जी के एक थप्पड़ से ही 10 कदम दूर जा गिरा और नीचे पैर पसारे बौखलाया हुआ सा गुप्ता जी को देखने लगा।
गुड्डू को भी कुछ समझ नहीं आया कि गुप्ता जी ने गोलू को थप्पड़ क्यों मारा ?
वह अवाक् सा गुप्ता जी को देखने लगा तो गुप्ता जी उठे और सीढ़ियों से नीचे उतरकर गोलू को हाथ दिखाते हुए कहा,”अबे गोलू गुप्ता उर्फ़ पिंकेश गुप्ता , हमको एक ठो बात बताओ साला तुमहू हमायी ही औलाद हो ना ? अरे भूत प्रेत भी 7 घर छोड़कर आतंक मचाते है पर तुमहू तो अपने ही घर मा आतंक मचाये की कसम खा लिए हो ,, जोन मंगलवा को हमहू घर से बाहिर कर दिए रहय ओह्ह्ह का काम पर रखने की का जरूरत थी,,,,,,,,,,,,,साले तुमको और कोनो नाही मिला ?”
गुड्डू ने देखा गोलू फिर पिटने वाला है तो वह गुप्ता जी की तरफ आया और उन्हें रोकते हुए कहा,”अरे चचा ! गोलू ने नाही हमने रखा था ,, का हुआ आप ओह्ह्ह के नाम पर इत्ता भड़के हुए काहे है ? ऐसा तो का कर दिया उह्ह्ह बेचारे ने ?”
गुप्ता जी गोलू पर तो गुस्सा थे ही अब उन्हें गुड्डू पर भी बराबर गुस्सा आने लगा , उन्होंने लगभग गुड्डू पर चढ़ते हुए कहा,”उह्ह और बेचारा ? अरे एक नंबर का रंगबाज आदमी है उह्ह्ह्ह गुडडुआ , एक तो साला खुद यादववा की घरवाली के पीछे पड़ा है ऊपर से गली मोहल्ले के लौंडो को भी हिया लेकर आने लगा
, साला ओह्ह्ह की वजह से आज फिर गोलुआ की अम्मा की नजरो मा गिरे है हमहू , अंदर उह्ह्ह अलग मातम मचाये बैठी है”
गुड्डू ने सुना तो उसने गोलू को घूरकर देखा क्योकि गोलू के कहने पर ही उसने मंगल फूफा को काम पर रखा था और ये जो सब भसड़ मची थी उसकी असल वजह थे मंगल फूफा अब तो गुप्ता जी के साथ साथ गुड्डू को भी उन पर भयंकर गुस्सा आने लगा और उसने कहा,”अरे चचा ! हमहू कहे रहे जे गोलुआ से कि ओह्ह्ह का काम पर नाही रखो लेकिन जे दया की मूर्ति नाही माने कहा हमायी छत्र छाया मा रहेंगे तो कुछो गड़बड़ नाही करेंगे फूफा,,,,,,,,,!!!”
गुप्ता जी ने पैर से चप्पल निकाली और गोलू पर फेंककर कहा,”पहिले जे महामूर्ति खुद तो अपनी छत्रछाया से निकले,,,,,,,,इनकी महानता के चक्कर मा साला पुरे मोहल्ला मा छीछा लेदर हुई है हमायी,,,,,,,,,!!!”
“साले,,,,,,,,,,,,,,,!!”,गोलू चिल्लाया , गुड्डू और गुप्ता जी हैरानी से देखा तो गोलू ने आगे कहा,”मंगलू ! जिस थाली में खाया उसी में छेद किया,,,,,,!!!”
गुड्डू ने राहत की साँस ली कम से कम गोलू ने साले गुप्ता जी को नहीं कहा था। गुप्ता जी ने कुछ नहीं कहा बस गुस्से से अंदर चले गए। गोलू उठा और गुड्डू के पास आकर कहा,”एक बार जे मंगल फूफा हाथ लग जाये साले को छोड़ेंगे नाही गुड्डू भैया,,,,,,,,,!!!”
“हमहू तुमसे पहिले ही कहे थे गोलू जे मंगल फूफा के चक्कर मा नाही पड़ो लेकिन तुमने हमायी बात नाही सुनी,,,,,,,,पक्का उसने कुछो बहुते बड़ी गड़बड़ की है वरना तुम्हाये पिताजी इत्ता गुस्सा नाही होते”,गुड्डू ने कहा
“अरे नाही गुड्डू भैया ! पिताजी अभी गुस्सा है बाद मा माफ कर देंगे का है कि उनका दिल मक्खन है मक्खन”,गोलू ने कहा कि तभी एक बैग आकर उसके मुँह नीचे गिर गया। गोलू ने गर्दन उठाकर देखा तो पाया सामने गुस्से से भरा चेहरा लिए गुप्ता जी खड़े थे।
“उठाओ अपना बोरिया बिस्तर और भाग जाओ यहाँ से,,,,,,,,,,,,!!!”,गुप्ता जी ने कहा तो गुड्डू ने गोलू की तरफ देखा और कहा,”गोलू लगता है इह बार मक्खन कुछो जियादा ही सख्त हुई गवा है”
( क्या मंगल फूफा गुड्डू और गोलू के हाथ आएगा या फिर से गायब हो जायेगा ? मंगल फूफा का सच जानने के बाद क्या गुड्डू देगा उसे दूसरा मौका ? क्या मंगल फूफा के बाद अब गोलू का नंबर है ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “मनमर्जियाँ सीजन 4” मेरे साथ )
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संजना किरोड़ीवाल


फिर तो मंगल फूफा भी घर के आस पास ही होंगे , पर जे साला वहा लेने का गए है पिताजी ने तो सुबह ही उनको घर से निकाला था,,,,,,,,,,,,अरे गुड्डू भैया”,गोलू एकदम से चिल्लाया
गुड्डू ने डरकर जल्दी से ब्रेक मारा और दोनों डेशबोर्ड से टकराकर वापस अपनी सीटों पर , गुड्डू ने गोलू की गुद्दी पर एक चपत मारी और कहा,”अबे का हार्ट अटैक दोगे , एक तो पहिले से जिंदगी मा इत्ती भसड़ है ऊपर से साले तुम,,,,,,,,आराम से नाही बोल सकते कोनो बात,,,,,,,,,,जब देखो तब गुड्डू भैया , गुड्डू भैया चिल्ला पड़ोगे,,,,,,,,,,,,का हुआ बकोगे अब ?”
फिर तो मंगल फूफा भी घर के आस पास ही होंगे , पर जे साला वहा लेने का गए है पिताजी ने तो सुबह ही उनको घर से निकाला था,,,,,,,,,,,,अरे गुड्डू भैया”,गोलू एकदम से चिल्लाया
गुड्डू ने डरकर जल्दी से ब्रेक मारा और दोनों डेशबोर्ड से टकराकर वापस अपनी सीटों पर , गुड्डू ने गोलू की गुद्दी पर एक चपत मारी और कहा,”अबे का हार्ट अटैक दोगे , एक तो पहिले से जिंदगी मा इत्ती भसड़ है ऊपर से साले तुम,,,,,,,,आराम से नाही बोल सकते कोनो बात,,,,,,,,,,जब देखो तब गुड्डू भैया , गुड्डू भैया चिल्ला पड़ोगे,,,,,,,,,,,,का हुआ बकोगे अब ?”
फिर तो मंगल फूफा भी घर के आस पास ही होंगे , पर जे साला वहा लेने का गए है पिताजी ने तो सुबह ही उनको घर से निकाला था,,,,,,,,,,,,अरे गुड्डू भैया”,गोलू एकदम से चिल्लाया
गुड्डू ने डरकर जल्दी से ब्रेक मारा और दोनों डेशबोर्ड से टकराकर वापस अपनी सीटों पर , गुड्डू ने गोलू की गुद्दी पर एक चपत मारी और कहा,”अबे का हार्ट अटैक दोगे , एक तो पहिले से जिंदगी मा इत्ती भसड़ है ऊपर से साले तुम,,,,,,,,आराम से नाही बोल सकते कोनो बात,,,,,,,,,,जब देखो तब गुड्डू भैया , गुड्डू भैया चिल्ला पड़ोगे,,,,,,,,,,,,का हुआ बकोगे अब ?”