Manmarjiyan Season 4 – 15
Manmarjiyan Season 4 – 15

गुड्डू के कहने पर लवली उसके भेजी लोकेशन के लिए निकल गया। उधर गुड्डू और गोलू भी बाइक सही करवा कर लोकेशन के लिए निकल गए। मंगल फूफा और गाड़ी का ड्राइवर कहा गए किसी को पता नहीं और सबसे बड़ी मुसीबत अगर किसी पर आयी थी तो वो थे गुप्ता जी। गुप्ता जी घर के अंदर आये तो देखा सोफे पर बैठी गुप्ताइन अपना सर पकड़े रो रही थी। पिंकी हैरान परेशान सी वही खड़ी थी उसे नहीं पता था गुप्ताइन को क्या हुआ है ? गुप्ता जी गुप्ताइन के सामने आये और कहा,”अरे गोलू की अम्मा गला फाड़कर काहे रो रही हो ?”
“काहे रो रहे है ? आप नहीं जानते काहे रो रहे है ? अरे दिन दहाड़े खुली आँखों से आपका रंगरलिया देखकर आये है और आप पूछ रहे है काहे रो रहे है ?”,गुप्ताइन ने रोते हुए गुस्से से कहा
गुप्ता जी ने देखा पिंकी वही है तो उन्होंने पिंकी की तरफ पलटकर कहा,”बिटिया तुमहू अंदर जाओ”
“कही नाही जाएगी बिटिया , काहे जाएगी अंदर ? अरे जे भी तो देखे अपने रंगबाज ससुर के असली रंग,,,,,,!!!”,गुप्ताइन ने कहा
“अरे का कुछ भी अंट शंट बक रही हो गुप्ताइन , अरे तुमहू जो समझ रही वैसा कुछो नाही है यार कैसे समझाए तुम्हे ? जे सब ना तुम्हाये उह्ह मंगल फूफा की वजह से हुआ है ,, उह्ह्ह साला मंगलिया खुद तो डूबेगा हमे भी ले डूबेगा,,,,,,,,,!!!”,गुप्ता जी ने कहा
गुप्ताइन ने अपने आँसू पोछे और उठकर गुप्ता जी की तरफ आकर कहा,”अपने कारनामों पर पर्दा डालने के लिए हमाये मंगल फूफा का नाम नाही ल्यो गोलू के पिताजी,,,,,,,,,,,,उह्ह्ह बेचारे को तो सुबह ही घर से निकाल दिए रहय आप , उह्ह्ह हिया का लेने आएगा,,,,,,,,,,अरे जे कहो ना आपकी चोरी पकड़ी गयी तो अब आप ओह्ह्ह का नाम लेकर बचना चाह रहे है”
गुप्ता जी ने सुना तो गुस्से से झल्ला उठे और कहा,”अरे कैसी चोरी ? अरे हमहू बाहिर कोनो काम से गए रहय , अब मोहल्ला हमाये पिताजी का तो है नहीं जो किसी को सड़क पर आने से रोक लेंगे,,,,,,,,,,,और कौनसा फुलवारी अकेले थी उह्ह्ह भैंसा भी तो खड़ा था ना ओह्ह्ह के साथ ओह्ह्ह ना दिखाई दिया तोह का ? तुम्हरे मंगल फूफा आँखे सेकने के लिए हिया आये रहए , खुद तो आये ही साथ मा लौंडा और लेकर आये अब बताओ ओह्ह्ह का डाँटकर का गलती किये रहय हम , अरे बहन बेटियों का मोहल्ला है बाहिर का कोनो आदमी आकर झांकेगा तो झाँकने देंगे का ओह्ह्ह का ?”
“बहन बेटियों का मोहल्ला है तो फुलवारी आपकी बहिन कैसे नाही है ? काहे उह्ह्ह आपको गुप्ता जी कहकर बुलाती है , भैया काहे नाही बुलाती ? पर हमहू सब जानते है गोलू के पिताजी अंदर ही अंदर आपका जो मेटर चल रहा है ना फुलवारी के साथ उह्ह सब समझते है हम,,,,,,,,इश्क़ लड़ाने के लिए जे पड़ोसन ही मिली आपको,,,,,,,,,,,,समाज खानदान मा का मुँह दिखाएंगे हम और गोलू,,,,,,,,,!!!”,गुप्ताइन ने एक बार फिर अपना सर पकड़कर सोफे पर बैठते हुए कहा
पिंकी अब तक समझ चुकी थी कि एक बार फिर फुलवारी आंटी को लेकर कुछ गड़बड़ हुई है वह गुप्ताइन के बगल में आकर बैठी और उन्हें समझाते हुए कहा,”अम्मा आप पिताजी को गलत समझ रही है,,,,,,,,,,पिताजी ऐसे नहीं है”
गुप्ता जी ने सुना तो उन्हें थोड़ी तसल्ली मिली , पिंकी का सपोर्ट पाकर गुप्ता जी ने कहा,”सुना गुप्ताइन ! तुम से जियादा तो तुम्हायी जे बहू समझदार है,,,,,,,,,,अरे तुमहू 30 साल से हमाये साथ रहकर हमे नाही समझ पायी जे बिटिया इत्ते कम बख्त मा समझ गयी और अपने उह्ह्ह तिकड़मबाज लौंडे का नाम नाही ल्यो तुमहू समझी,,,,,,,,,,,,,उह्ह्ह तो जैसे बहुते गोल्ड मैडल लेने वाले काम किये है ना समाज मा , और खानदान मा मुँह दिखाने की का बात कर रही हो,,,,,,,,,,हमहू सबको जानते है सबका कच्चा चिट्ठा है हमाये पास समझी,,,,,,,,,,!!”
गुप्ताइन एक तो पहले ही गुप्ता जी से गुस्सा थी ऊपर से ऐसी बात करके गुप्ता जी उन्हें और भड़का रहे थे। गुप्ताइन गुस्से से उठी और कहा,”अब हम नाही हमाये शनि भैया करी है आपका इलाज,,,,,,,,,,!!”
“अम्मा , अम्मा बात सुनिए”,पिंकी ने कहा लेकिन गुप्ताइन ने पिंकी को साइड किया और अपने कमरे में चली गयी साथ ही गुप्ता जी को देखकर जो दरवाजा बंद किया है
एक बार तो बेचारे वे भी घबरा गए लेकिन अगले ही पल गुस्से से दबे स्वर में कहा,”सारे ग्रह इनके ही खानदान मा पैदा हुई गए लगता है पहिले मंगल अब शनि , एक काम करो राहू और केतू को भी बुलाय ल्यो और काम ही ख़त्म करो हमारा , का है कि एक ही जन्म मा इत्ती भसड़ नाही सह पाए है हमहू,,,,,,,,,,!!!”
पिंकी ने सुना तो चुपचाप अपने कमरे में चली गयी और गोलू को फोन लगाने लगी। बेचारे गुप्ता जी आँगन से निकलकर घर की बाहर वाली सीढ़ियों पर आ बैठे और अपना सर पकड़ लिया।
लोकेशन लवली से काफी दूर थी इसलिए गुड्डू और गोलू उस से पहले ही वहा पहुँच गए। गुड्डू ने बाइक साइड में लगाईं और दोनों नीचे उतरे तभी सामने से परेशान सोनू भैया उनकी तरफ आये और कहा,”यार गुड्डू ! तुमसे कहे थे बख्त पर सब अरेजमेंट हो जाना चाहिए लेकिन अभी तक तो टेंट भी नहीं लगा है,,,,,,,,वहा मौसाजी भड़के हुए है और लड़के वाले किसी भी बख्त आते ही होंगे,,,,,,,,,,तुमहू हमायी नाक कटवाके मानोगे”
“अरे सोनू भैया का बताये यार कित्ती उलझनों से निकलकर हमहू हिया पहुंचे है , आप चिंता नाही करो गाडी बस पहुँचने वाली है आते ही सबसे पहिले टेंट लगवाते है”,गुड्डू ने कहा
“कुछ भी करो गुड्डू लेकिन लड़के वाले पहुंचे इस से पहले टेंट लगवा देना वरना मौसा हमे कच्चा चबा जायेंगे,,,,,,,,,,और तुम्हे भी , सम्हाल लेना भाई”,कहकर सोनू भैया चले गए
आज थी सोनू भैया की मौसी की लड़की की सगाई और उसी के लिए सोनू भैया ने गुड्डू को यहाँ सिर्फ टेंट लगाने की जिम्मेदारी दी थी साथ ही अगले दिन अपने ऑफिस की पार्टी के लिए भी बड़ा एडवांस दिलवाया था लेकिन अब सोनू भैया को लग रहा था कि उन्होंने शायद गलती कर दी। गुड्डू गोलू उन्हें मौसा से तो मार खिलवाने वाले थे ही साथ ही साथ ऑफिस से भी निकलवाने वाले थे। सोनू भैया गुड्डू से रिक्वेस्ट करके वहा से चले गए।
गुड्डू ने अपना फोन निकाला और लवली का नंबर डॉयल कर साइड में चला गया। उधर गोलू का फोन बजा उसने जेब से निकाला तो स्क्रीन पर पिंकी का नंबर देखकर फोन उठाया और कहा,”हाँ पिंकिया कहो का हुआ ?”
“हमे नहीं गोलू ये पूछो पापाजी को का हुआ है ?”,पिंकी ने बहुत ही गंभीरता से कहा
“अरे उनको का होगा उनके रहते हम सबकी ही बत्ती बनेगी , तुमहू जे पहेलियाँ नहीं बुझाओ साफ साफ बताओ बात का है ?”,गोलू ने उखड़े स्वर में कहा क्योकि सुबह वाले थप्पड़ का दर्द उसे अभी तक था
“तुम्हायी अम्मा ने आज फिर पिताजी को रंगे हाथ पकड़ा है”,पिंकी ने कहा
“रंगे हाथ पकड़ा है , का रंगरेज बन गए का पिताजी ?”,गोलू ने कहा
“गोलू ! हम उस रंग की बात नाही कर रहे हम धोखे वाले रंग की बात कर रहे है , पापाजी मोहल्ले के बीच में खड़े होकर फुलवारी के लिए यादव जी को धमका रहे थे , अम्मा ने अपनी आँखों से देख लिया बस फिर का अम्मा छाती पीटकर जो रोई है का बताये,,,,,,,पिताजी भी बहुते टेंशन मा है”,पिंकी ने अफ़सोस भरे स्वर में कहा
गोलू ने सुना तो उसका दिल किया या तो फुलवारी को मार दे या खुद मर जाए क्योकि उस एक फुलवारी के चक्कर में इन सबके पत्ते बिखरे हुए थे। गोलू ने अपने गुस्से को कंट्रोल किया और कहा,”जे अम्मा भी ना किसी दिन छाती पीटकर भगवान् को पियारी हो जाएगी और जे पिताजी इनको का जरूरत पड़ी फिर से फुलवारी के चक्कर में पड़ने की,,,,,,,,,,,अरे इत्ती बार समझाय है जे सबको कि औरत का चक्कर छोड़ दयो लेकिन नाही इह उम्र मा भी सबको शाहरुख़ खान बनना है,,,,,,,,,,,,,,अब तुम्ही बताओ का करे हम ? हिया टेंट लगाए या फांसी लगा ले खुद को,,,,,,,,,,,!!!”
“अरे नाही गोलू तुम काहे फांसी लगाओगे ? हमको तो ना बहुते चिंता हो रही है तुम्हायी अम्मा ने कहा है किसी शनि भैया को बुलाने वाली है,,,,,,,,,,बेचारे पिताजी”,पिंकी ने कहा
“जे अम्मा का ना दिमाग खराब हो गवा है , एक मंगल फूफा कम थे जो अब शनि भैया को भी बुला रही है उह्ह्ह,,,,,,,,,,ए पिंकिया सुनो हमको हिया से काम निपटाने दो फिर सीधा घर ही आते है हमहू,,,,,,,!!”,गोलू ने परेशानी भरे स्वर में कहा
“ठीक है गोलू जल्दी आना”,कहकर पिंकी ने फोन काट दिया
उधर लवली से बात करके गुड्डू ने देखा गोलू आस पास नहीं है तो उसने गर्दन घुमाकर देखा गोलू फोन पर किसी से बात कर रहा था ये देखकर गुड्डू उसके पास आया और उसका कंधा थपथपाया तो गोलू ने पलटकर कहा,”कौन है बे ?”
“हम है तुम्हाये बाप”,गुड्डू ने गुस्से से कहा
“ए गुड्डू भैया ! ए यार तुमहू हमाये चाचा , ताऊ , मौसा , मामा , फूफा , भाई , जीजा , साला जो बनना है बन जाओ पर जे हमाये बाप ना बनो यार , हमहू साला एक बाप से बहुते परेशान है दुसरा नाही चाहिए”,गोलू ने हाथ जोड़कर कहा
“अब का हुआ तुमको , काहे रोना मचाये हो ?”,गुड्डू ने कहा
“का बताये गुड्डू भैया लोगो के बच्चे बिगड़ते है हमाये तो पिताजी बिगड़ गए , आज फिर रंगे हाथ पकडे गए है फुलवारी के चक्कर मा”,गोलू ने कहा
“अबे तुम्हाये पिताजी भी का बवाल इंसान है बे मतलब उनको चक्कर चलाने के लिए हर बार फुलवारी ही मिलती है ?”,गुड्डू ने हैरानी भरे स्वर में कहा
“फुलवारी ना हो गयी राशन की दुकान पर मिलने वाला सरकारी गेंहू हो गयी साला सबको वही चाहिए”,गोलू ने कहा
“तो अब ?”,गुड्डू ने कहा
“अब का बत्ती बनेगी पिताजी की और का , बहुते रंगबाजी का शोक है न उनको तो झेले अब अम्मा का गुस्सा,,,,,,,!!!”,गोलू ने मुँह बनाकर कहा
“अबे तुमहू बचाने नाही जाओगे ओह्ह का ? का पतो पिछली बार की तरह कोनो गलतफहमी हुई हो तुम्हरी अम्मा को,,,,,,,,,,,!!!”,गुड्डू ने कहा
“गुड्डू भैया गलतफहमी एक बार होती है दूसरी बार तो कांड ही होता है,,,,,,,,और आप काहे इत्ता गज्जू गुप्ता की साइड ले रहे है आपके रिश्तेदार लगते है उह्ह , टेंट लगाने आये है ना तो टेंट लगाइये और चलिए हिया से,,,,,,,,,!!!”,गोलू ने भड़क गया।
“ए तुम दोनों में से टेंटवाला कौन हैं ?”,एक बड़े पेट वाले भारी भरकम आदमी ने आकर गुड्डू और गोलू से कहा
“हम है,,,,,,,,!!!”,गुड्डू ने आदमी की तरफ पलटकर कहा
“तो टेंट कब लगाओगे सगाई होने के बाद ? तुमको सोनुआ सुबह 8 बजे का बख्त दिए रहा अभी बज रहे है 12 , कब लगाओगे ?”,आदमी ने गुस्से से कहा
गुड्डू और गोलू कुछ कहते इस से पहले मिश्रा वेडिंग प्लानर की गाड़ी आकर रुकी और उसे देखकर गोलू जो खुश हुआ है , वह सामने खड़े आदमी को साइड में धक्का देकर गाडी की तरफ बढ़ गया। बेचारे सोनू भैया के मौसा एक ही धक्के में नीचे जा गिरे ये देखकर गुड्डू उन्हें उठाने गया लेकिन घास पर उसका जूता फिसला और वह मौसा से दो कदम आगे जाकर गिरा।
लवली गाडी से बाहर आया , लवली को देखते ही गोलू मारे ख़ुशी के उस से चिपक गया और कहा,”लवली भैया अअअअअअअ आप भैया नाही , सुपरमेन है , आप बेटमेन है अरे आप हीमेन है , का सही बख्त पर एंट्री मारी है,,,,,,,,,आई लव यू,,,,,,,मुह्हह्हआ”
कहते हुए गोलू ने आखिरकार एक चुम्मा लवली की बाँह पर चिपका ही दिया तो लवली ने उसे खुद से दूर कर साइड में फेंकते हुए कहा,”जे चुम्मा चाटी हमाये साथ नाही समझे,,,,,,,,गुड्डू कहा है ?”
“अरे भैया ! हम हिया है”,नीचे गिरे गुड्डू ने उठकर लवली की तरफ आकर कहा
लवली ने गुड्डू को इस हाल में देखा तो कहा,”जे का हालत बना रखी है अपनी और जे सब का है ?”
गोलू भी गुड्डू और लवली के पास चला आया। गुड्डू ने लवली को पूरी राम कहानी सुनाई तो लवली ने एक नजर गोलू को देखा और कहा,”हमको तो जे समझ नाही आता गुड्डू तुम इसे अपने साथ रखते ही क्यों हो ? तुम्हायी आधी परेशानियों की जड़ तो इह गोलू है”
गोलू ने सुना तो लवली को खा जाने वाली नजरो से देखा लेकिन लवली ठहरा गुड्डू का बड़ा भाई तो उसके सामने बोलने की गोलू में हिम्मत थी नहीं इसलिए वह बस लवली को घूरकर रह गया लेकिन उसकी जगह गुड्डू ने कहा,”अरे नाही भैया , गोलू इत्ता बुरा भी नाही है,,,,,,,,वो तो बस कभी कभी गड़बड़ हो जाती है और फिर जे वाली गड़बड़ तो उह्ह्ह मंगल फूफा की वजह से हुई ना,,,,,,,,आज ही ओह्ह का काम पर रखे और आज ही उह्ह इत्ता बड़ा कांड कर दिए”
“और मंगल को काम पर रखने को किसने कहा ?”,लवली ने पूछा
“और कौन कहेगा जे गोलू ही लेकर आया था साथ मा”,गुड्डू ने कहा तो लवली ने गर्दन घुमाकर गोलू को देखा और अगले ही पल गुड्डू को समझ आ गया कि लवली ने जो पहले कहा वो कही न कही सच था।
“अरे तुम लोग बाते करोगे या टेंट भी लगाओगे,,,,,,,,,,,,साला जे सोनुआ भी कौन नमूना लोगन को पकड़कर लाया है”,मौसा ने उठकर कहा और पैर पटकते हुए कहा से चला गया।
गुड्डू को याद आया उसे टेंट भी लगना है तो उसने गोलू से सामान उतारने को कहा और खुद भी उसकी मदद करने चल पड़ा। लवली कुछ देर खामोश वैसे ही खड़ा रहा और फिर आकर गुड्डू की मदद करने लगा ये देखकर गुड्डू को अच्छा लगा लेकिन फिर भी उसने कहा,”अरे भैया ! आप रहने दीजिए हम और गोलू कर लेंगे,,,,,,,,,,!!!”
“अरे करने दो ना गुड्डू भैया वैसे भी लड़के लोग नहीं आये है अकेले इत्ता सब कैसे कर पाएंगे ?”,गोलू ने सामन उठाते हुए कहा लेकिन नजरे जैसे ही लवली से मिली वह झेंप गया और कहा,”वो हम तो बस ऐसे ही,,,,,,,,!!!”
” आखरी बार अपना मुँह कब किये थे तुमहू ? नहीं मतलब जब देखो तब बक बक चालू रहती है तुम्हायी ,, वरना टेंट की जगह तुम्ही को टाँग देंगे समझे”
गोलू ने सुना तो घबराकर गुड्डू की तरफ चला आया। लवली ने गुड्डू गोलू की मदद की और आधे घंटे में सब टेंट लगकर तैयार हो गया बाकि आधे घंटे में डेकोरेशन हो गया
ये देखकर सोनू भैया गुड्डू के पास आये और कहा,”थैंक्यू गुड्डू बचा लिया तुमने , वैसे डेकोरेशन बहुते अच्छा हुआ है कल की ऑफिस पार्टी भी तुम्ही देखना,,,,,,,,,,,,और सुनो नाश्ता लगा है उधर तो कुछो खाकर जाना”
लवली ने कलाई पर बंधी घडी में बख्त देखा और गुड्डू से कहा,”गुड्डू हम अब चलते है पिताजी इंतजार कर रहे होंगे”
“लेकिन आप जाओगे कैसे ? एक ठो काम करो हमायी बाइक ले जाओ हम और गोलू गाड़ी से चले जायेंगे,,,,,,,!!”,गुड्डू ने कहा
“लेकिन पिताजी की गाड़ी गुप्ता जी के घर के बाहर खड़ी है”,लवली ने कहा
“काहे ! आप भी फुलवारी के चक्कर मा है का ?”,गोलू ने अपने मुंहफटपन की वजह से फिर मुँह खोला लवली ने एक नजर उसे देखा और फिर गुड्डू से कहा,”ए भाई ! ए तुमहू ना इसके साथ मत रहा करो पगला जाओगे कसम से,,,,,,,,,,!!”
गुड्डू से खाकर लवली गोलू की तरफ पलटा और कहा कहा,”सुनो बे झंडू ! हम किसी के चक्कर मा नाही है और दोबारा हमसे बदतमीजी की ना तो ऐसा कंटाप मारेंगे दिनभर चक्कर खाते फिरोगे , समझे”
गुड्डू ने सुना तो गोलू की शर्ट पकड़कर उसे पीछे खींचा और कहा,”अरे भैया ! आप जाईये ना ये तो बस मजाक कर रहा था”
लवली ने गुड्डू से बाइक की चाबी ली और वहा से चला गया। गुड्डू ने राहत की साँस ली और फिर गोलू की तरफ देखा तो दोनों ने आँखों ही आँखों में एक दूसरे से इशारा किया और दोनों नाश्ते की तरफ बढ़ गए।
( क्या गुप्ताइन के सामने खुद को सही साबित कर पाएंगे गुप्ता जी ? क्या गुड्डू की तरह गोलू बन पायेगा कभी लवली का चहेता ? सोनू भैया के मौसा का फंक्शन तो गुड्डू गोलू ने सम्हाल लिया पर क्या सोनू के ऑफिस की पार्टी बिना किसी कांड के अरेंज कर पाएंगे ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “मनमर्जियाँ सीजन 2” मेरे साथ )
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संजना किरोड़ीवाल

