Kitni Mohabbat Hai – 47

Kitni Mohabbat Hai – 47

Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal

विजय को जो तस्वीरें मिली वो अक्षत और मोना की थी ! अक्षत ने जब देखा तो वह समझ गया ये मोना की ही कोई ना कोई घटिया चाल है ! वह अपने पापा को सच बता पाता इस से पहले ही उन्होंने उसे थप्पड़ रसीद करके चुप करा दिया और अंदर चले गए ! घर में मेहमान थे और अभी अभी घर में नया मेहमान आया है तो विजय ने खुद को शांत रखने की कोशिश की वह नहीं चाहता था घर में किसी को अक्षत की इस हरकत के बारे में पता चले ! विजय अपने कमरे में चले आये राधा ने उनको परेशान देखा तो उनके पास आयी और कहा,”क्या बात है जी ? आप कुछ परेशान दिख रहे है !”

विजय राधा की और पलटा कुछ कहता इस से पहले ही अक्षत वहा आया और कहा,”पापा एक बार मेरी बात तो सुन लीजिये !”
विजय ने अक्षत की और देखा भी नहीं और राधा से कहा,”राधा इसे कहो इसी वक्त यहा से चला जाये !”
“पापा मेरी बात तो !”,अक्षत ने कहना चाहा
“राधा इस से कहो जाए यहाँ से !”,विजय ने गुस्से से कहा !
“एक बार उसकी बात तो सुन लीजिये , वो कुछ कह रहा है !”,राधा ने डरते हुए कहा

“कुछ नहीं सुनना है मुझे , बहुत सुन चूका हु मैं इसकी सफाई ,, इसे कहो अभी और इसी वक्त यहाँ से जाए !”,विजय ने कहा !
राधा अक्षत से जाने के लिए कहती इस से पहले ही अक्षत वहा से चला गया ! राधा विजय के पास आयी और कहा,”क्या बात हो गयी ? आज से पहले आपको इस तरह गुस्सा करते नहीं देखा !”
“तुम्हारे बेटे ने हमे कही मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा राधा , एक लड़की की जिंदगी बर्बाद कर दी उसने !”,विजय ने उदास होकर कहा !

“ऐसा क्या किया उसने ?”,राधा ने घबराकर कहा
विजय ने राधा को सारी बाते बता दी , राधा मोना का सच जानती थी इसलिए उसने विजय से कहा,”देखिये जी , वो लड़की सिर्फ अक्षत को फंसा रही है ,, आप सच नहीं जानते इसलिए आशु को गलत समझ रहे है !”
“बात सही और गलत की नहीं है राधा , अक्षत ने उसके साथ रिश्ता ,,, मुझे तो कहते हुए भी शर्म आ रही है की उसने ये सब !”,विजय ने कहा
“आप ठन्डे दिमाग से सोचिये , उसे एक मौका तो दीजिये खुद को सही साबित करने का !”,राधा ने आँखों में आंसू भरकर कहा

“नहीं राधा , उसकी गलतियों को हर बार नजरअंदाज किया है मैंने अब और नहीं ! उसने जो किया वो सही नहीं है अब इस घर में वही होगा जो मैं चाहूंगा !”,कहते हुए विजय कमरे से बाहर निकल गए !
“मेरी बात तो सुनिए !”,पीछे खड़ी राधा कहते ही रह गयी लेकिन विजय ने ध्यान नहीं दिया ! राधा की आँखों से आंसू बहने लगे ये कैसी मुसीबत आयी थी , कुछ दिनों से सब अच्छा चल रहा था और ऐसे अचानक मुसीबत आ गयी !

राधा वही बिस्तर पर बैठ गयी उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था विजय का गुस्सा वह जानती थी ! राधा परेशान सी अकेले बैठी थी की उधर से गुजरते हुए दादू ने राधा को देखा तो कमरे में चले आये और कहा,”अरे राधा बेटा यहाँ क्या कर रही हो तुम , घर में इतने सारे काम बाकि है , रस्मे बाकि है !”
राधा ने कुछ नहीं कहा तो दादू उसके सामने आकर बैठ गए और कहा,”क्या बात है राधा ? क्या हुआ ?”

दादू के सामने राधा फफक पड़ी और कहा,”कुछ सही नहीं हो रहा है पिताजी , किसी ने उनके पास मोनालिसा और अक्षत की तस्वीरें भिजवा दी और उन्हें देखकर वो अक्षत से नाराज है , गुस्सा है और गुस्से में वो उसके लिए कोई गलत फैसला ना लेले सोचकर मन घबरा रहा है ! वो ना सच जानते है ना जानना चाहते है ! मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है मैं क्या करू ?”
दादू ने सूना तो उनके चेहरे पर भी चिंता की लकीरे उभर आयी !

उन्होंने सुस्त आवाज में कहा,”विजय को सच बताने में तुमने बहुत देर कर दी राधा , अगर वक्त पर तुम उसे सच बता देती तो आज बच्चो को परेशान नहीं होना पड़ता !”
“मैं जानती हु मुझसे गलती हुई है , मीरा को भी अब तक सच कहा बता पाई हु ! सब गलत हो रहा है !”,राधा ने सुबकते हुए कहा !
“तुम चिंता मत करो विजय से मैं बात करूंगा , उसे समझाऊंगा ! जल्दी ही कोई हल निकल जायेगा ,, एक गलती तुम कर चुकी हो अब मीरा से सच छुपाकर दूसरी गलती मत करो !

आज शाम अर्जुन का रिसेप्शन है उसके बाद मीरा को सच्चाई बता दो राधा , यही सही वक्त है अब तक उसे तुम पर भरोसा हो ही चुका है तो वो जरूर समझेगी !!”,दादू ने कहा
“हम्म्म्म !”,राधा ने अपने आंसू पोछते हुए कहा
“अब उठो और बाहर चलो , इस तरह अकेले रहोगी तो घर में सबको शक हो जायेगा”,कहते हुए दादू उठे और बाहर निकल गए ! राधा ने भी बाथरूम में जाकर मुंह धोया और चेहरे पर झूठी मुस्कान लेकर बाहर आ गयी !!

अक्षत बहुत परेशान था और उसे मोना पर गुस्सा भी आ रहा था ! वह अपने कमरे में आया उसने मोना को फोन लगाया और कहा,”तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी डेड को फोटोज भेजने की , हेव यू लोस्टेड ?”
”रिलेक्स बेबी , एक ना एक दिन तो ये सच सामने आना ही था !”,मोना ने शांति से कहा
“सच क्या है ? ये तुम अच्छी तरह जानती हो मोना ! ये तुमने ठीक नहीं किया है”,अक्षत ने गुस्से से कहा
“एवरीथिंग इज फेयर इन लव एंड वॉर”,मोना ने कहा

“जस्ट शट-अप मोना , और कैसा प्यार ? तुम जो कर रही हो वो एक जिद है प्यार नहीं “,अक्षत ने तेज आवाज में कहा
“जिद समझो या प्यार , लेकिन जो मेरा है वो किसी और का न हो सकता है ना मैं होने दूंगी !”,मोना ने कड़े शब्दों में कहा
“तुम पागल हो मोना , मैं तुमसे प्यार नहीं करता ! एक पल को लगा था की तुम बदल जाओगी लेकिन तुम आज भी वही हो , बददिमाग ,, तुम्हे प्यार का मतलब भी नहीं पता है , अपनी घटिया सोच और इरादों को तुम प्यार का नाम दे रही हो शेम ऑन यू मोना !”,अक्षत ने कहा

“ओह्ह्ह रियली , तुम्हे उस मीरा में प्यार नजर आता है ना , ऐसा क्या है उस लड़की में हाँ ? जो मुझमें नहीं है ! मैं पागलो की तरह तुम्हरे पीछे पड़ी हु और तुम उस मीरा से प्यार करते हो , उसे तो मैं छोडूंगी नहीं बेबी ,, गलत पंगा लिया है उसने मुझसे !”,मोना ने धमकी देते हुए कहा
“अगर मीरा को तुमने ज़रा सा भी नुकसान पहुंचाने का सोचा तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा मोना , हां करता हु मैं उस से प्यार , और बेइंतहा करता हु तुम्हारा ये खेल अब ज्यादा दिन नहीं चलेगा !! अब तक मैं पापा की वजह से चुप था , तुम्हारी हर बदतमीजी बर्दास्त की लेकिन अब और नहीं मोना !”,अक्षत ने कहा

“ओह्ह्ह्हह्हह सो स्वीट ऑफ़ यू बेबस , तुम मोना का कुछ नहीं कर सकते , पहले तुम्हारी जिंदगी में आ जाऊ फिर देखना कैसे उस मीरा को तुम्हारी जिंदगी से और इस घर से निकालती हु मैं !”,मोना ने अक्षत का मजाक उड़ाते हुए कहा
“मोना “,अक्षत आगे कुछ कहता इस से पहले ही मोना ने फोन काट दिया अक्षत ने गुस्से से फोन दिवार से दे मारा
फोन के साथ साथ बिखर चुका था अक्षत का मन भी !!

वह वही बैठकर सोचने लगा इस स्तिथि में उसके दिमाग ने काम करना लगभग बंद कर दिया था ! निचे अर्जुन और नीता की रस्मे चल रही थी सभी ख़त्म होते होते 12 बज चुके थे ! सभी नाश्ता करके आराम करने लगे ! नीता को गेस्ट रूम में ही रखा गया ! अर्जुन सोमित जीजू ऊपर के कमरे में चले आये थकान के कारण उन्हें नींद आ गयी ! मीरा भी राधा के कमरे में आकर काव्या के साथ लेट गयी और उसे नींद आ गयी ! मेहमान एक एक करके जाने लगे ! विजय और राधा ने सबको अच्छे तोहफे और मिठाईयों के डिब्बों के साथ विदा किया !

सुनीता लक्ष्य , सोमित जीजू की फॅमिली और एक दो मेहमान और रुक गए ! विजय ने घडी देखी और बाहर निकल गए दादू ने उस से बात करनी चाही तो उसने कहा की वह किसी जरुरी काम से बाहर जा रहे है !! राधा को अक्षत का ख्याल आया तो वह ऊपर उसके कमरे के सामने आयी दरवाजा बंद पाकर वह वापस निचे चली आयी इस वक्त अक्षत के मन का हाल अगर कोई समझ सकता था तो वो थी राधा !
राधा निचे आ गयी दादू ने उसे देखा तो अपने पास बुलाया और कहा,”तुमने कुछ खाया ?”

“आशु ने सुबह से कुछ नहीं खाया है , पता नहीं उसपे क्या गुजर रही होगी इस वक्त पहली बार उन्होंने आशु पर हाथ उठाया है !”,राधा ने उदास होकर कहा !
“तुम्हारी परेशानी मैं समझ सकता हु , तुम एक माँ हो ! हमारा आशु बहुत समझदार है वो इस परेशानी का कोई ना कोई हल जरूर निकाल लेगा !”,दादू ने कहा तो राधा खो सी गयी और कहने लगी,”उसने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया फिर उसके साथ ये सब क्यों हो रहा है ?”

“अच्छे लोगो की भगवान् हमेशा परीक्षा लेता है , तुम जाकर कुछ खा लो , विजय के आने पर मैं उस से बात करके समझाता हु !”,दादू ने कहा
“ह्म्म्मम्म !”,कहकर राधा किचन की और चली आई उसने मुश्किल से दो निवाले खाये और कमरे में चली आयी ! मीरा और काव्या को सोया देखकर राधा ने पास पड़ी कम्बल उन दोनों को ओढ़ा दी ! उसने मीरा के सर पर प्यार से हाथ फिराते हुए मन ही मन सोचा और कहा,”मुझे माफ़ करना मीरा इतने दिन मैंने तुम्हे सच से दूर रखा पर अब वक्त आ गया है जब तुम्हे एक सच और जानना है !!” राधा वहा से हटकर कमरे में बिखरे सामान को व्यवस्तिथ करने लगी !!

शाम को अर्जुन के रिसेप्शन की सारी तैयारियां हो चुकी थी ! ग्रीन लहंगे और रेड दुपट्टे में नीता बहुत प्यारी लग रही थी ! मांग में सिंदूर , गले में मंगलसूत्र , हाथो में लाल चूड़ा पहने वह बहुत अर्जुन के साथ स्टेज पर खड़ी थी ! मीरा , निधि , जीजू , लक्ष्य सुनीता और तनु सभी मौजूद थे ! अक्षत को वहा ना पाकर जीजू ने मीरा से पूछा,”ये साले साहब कहा है ?”
“पता नहीं जीजू , हमने भी सुबह से उन्हें नहीं देखा है !”,मीरा ने कहा

” रुको मैं फोन लगाता हु !”,कहते हुए जीजू ने जेब से फोन निकाला और अक्षत का नंबर डॉयल किया लेकिन फोन बंद था ! जीजू ने कहा,”उसका फोन बंद आ रहा है वो नालायक अभी तक सो रहा होगा मैं उसे लेकर आता हु , आप सब लोग एन्जॉय करो !”
जीजू वहा से निकलकर अक्षत के कमरे के सामने आये ! उन्होंने दरवाजा खटखटाया काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद अक्षत ने दरवाजा खोला !

उदास चेहरा , थकी आँखे देखकर जीजू ने कहा,”कमाल है साले साहब वहा बड़े भाई का रिसेप्शन चल रहा है यहाँ आप मजे से सो रहे है , चलो जल्दी से तैयार होकर निचे चलो यार सब मिस कर रहे है तुमको !”
“पापा कहा है ?”,अक्षत ने पूछा
“मौसाजी तो निचे ही है , नीता के घर से मेहमान आये है उनके साथ ही है !”,जीजू ने कहा
“ह्म्म्मम्म!”,अक्षत ने थके हुए स्वर में कहा
“क्या हुआ ? सब ठीक है ना !”,जीजू ने पूछा

“नहीं जीजू कुछ नहीं , आप चलिए मैं आता हु !”,अक्षत ने कहा
“जल्दी आना !”,कहकर जीजू चले गए ! अक्षत का निचे जाने का बिल्कुल मन नहीं था लेकिन वह नहीं चाहता था उसके ना जाने की वजह से घर में सबको पता चले ! वह तैयार होकर निचे चला आया ! आज उसके होंठो पर मुस्कराहट और चेहरे पर रोज वाली ख़ुशी नहीं थी ! अक्षत जीजू के पास आकर खड़ा हो गया मीरा ने उसकी और देखा तो अक्षत फीका सा मुस्कुरा दिया ! मीरा ने देखा अक्षत आज कुछ उदास है फिर उसे लगा की शायद थकान की वजह से ऐसा हो ! सभी प्रोग्राम को एन्जॉय कर रहे थे !

घर के लोगो ने अर्जुन और नीता को आशीर्वाद और तोहफे दिए ! आशीर्वाद होने के बाद विजय स्टेज पर आये और कहने लगे,”लेडीज एंड जेंटलमेन आज मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत ही ख़ुशी का दिन है ! मेरे बड़े बड़े अर्जुन की शादी हुई है और बहुत प्यारी बिटिया हमारे घर आयी है ! इन दोनों को आने वाले सुखी जीवन के लिए ढेर सारी शुभकामनाये (सभी तालिया बजाने लगे , विजय रुका और फिर आगे कहने लगा) आज इस ख़ुशी के मौके पर मैं आप सबको एक और खुश खबरी देना चाहता हु जिसके लिए मैं अपने छोटे बेटे अक्षत को स्टेज पर बुलाना चाहूंगा , अक्षत यहाँ आओ”

सबकी नजरे निचे खड़े अक्षत पर चली गयी ! अक्षत ने जब अपना नाम सूना तो उसका दिल किसी अनहोनी के डर से धड़कने लगा था ! वह विजय के पास चला आया !
अक्षत को बिल्कुल अंदाजा नहीं था विजय ने उसे वहां क्यों बुलाया है ? अक्षत जब स्टेज पर आया तो विजय ने उसके कंधो पर अपना हाथ रखते हुए कहा,”आज इस ख़ुशी के मौके पर मैंने अक्षत के लिए एक जीवनसाथी चुनने का फैसला किया है , और वो है मोनालिसा !”

अक्षत ने जैसे ही सुना उसके चेहरे का रंग उड़ गया ! वहा मौजूद लोग ताली बजाने लगे , अक्षत के साथ साथ जीजू , तनु , निधि , लक्ष्य , अर्जुन , नीता और राधा भी हैरान थे और बेचारी मीरा उसे तो यकीन ही नहीं हो रहा था अपने कानो पर , भगवान उसके प्रति इतने निर्दयी कैसे हो सकते है ? वह भीगी आँखों से सामने खड़े अक्षत को देख रही थी जो की चुप था ! अक्षत ने विजय की और देखा उसकी आँखे उस वक्त नम थी तो विजय ने उसका कंधा दबाते हुए धीरे से कहा,”आज शाम मैं उस लड़की से मिला वो सब भूलकर तुमसे शादी करने के लिए तैयार है ,

मैंने तुम्हे हर तरह की आजादी दी है बेटा लेकिन एक लड़की की जिंदगी ख़राब करने की आजादी मैं बिल्कुल नहीं दे सकता
अक्षत को कुछ समझ नहीं आ रहा वह क्या करे ? दिल किया यहाँ से चला जाये लेकिन विजय का हाथ उसके कंधो पर था एक बार वह विजय को ठेस पहुंचा चुका था लेकिन दोबारा नहीं पर वह मीरा को इस तरह चुप देखकर और ज्यादा दुखी था ! मीरा और अक्षत दोनों नम आँखों से एक दूसरे को देखते रहे ! जीजू को बहुत गुस्सा आ रहा था उन्होंने गुस्से में कहा,”ये साले साहब चुप क्यों है ? बोलते क्यों नहीं ! जो हो रहा है गलत हो रहा है मैं अभी मौसाजी को रोकता हु !”

जीजू जैसे ही आगे बढ़ने को हुए मीरा ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें रोक लिया और ना में गर्दन हिला दी ! जीजू बेबस हो गए लेकिन उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था ! तभी विजय ने आगे कहा,”मोनालिसा भी हमारे बिच ही है तो मैं उसे स्टेज पर बुलाना चाहूंगा ! मोनालिसा यहाँ आओ बेटा !”
भीड़ से निकलकर मोना स्टेज पर आयी उसने काले रंग का गाउन पहना हुआ था ! वह मुस्कुरा रही थी उसने अक्षत की और देखा और अदा से अपनी बाई आँख दबा दी ! वह अपनी चाल में कामयाब हो चुकी थी !

अक्षत का दिल अंदर ही अंदर टूटता जा रहा था और वह उस वक्त वह कुछ नहीं कर सकता था उसने सोचा भी नहीं था की ऐसा कुछ होगा ! अर्जुन ने मोना को वहा देखा तो उसने एक कोशिश की और विजय के पास आकर कहा,”पापा एक बार अक्षत से तो पूछ लीजिये वह मोनालिसा से शादी करना चाहता भी है या नहीं !”
“मैं फैसला कर चुका हु बेटा !”,विजय ने मुस्कुराकर कहा तो अर्जुन वापस नीता की और आकर खड़ा हो गया !

बेचारी नीता कुछ वक्त पहले ही इस घर में आयी थी और उसे ये सब देखने को मिल गया ! उसने अक्षत का उतरा हुआ चेहरा देखा तो उसे बहुत बुरा लगा ! सभी अक्षत और मोना के लिए तालियां बजा रहे थे ! विजय स्टेज से निचे आ गया ! अक्षत भी निचे चला आया मोना तो ख़ुशी से फूली नहीं समा रही थी वही मीरा का दिल टुटा हुआ होने के बावजूद भी वह मुस्कुराते हुए सबसे मिल रही थी ! सभी अक्षत और मोना को बधाईया दे रहे थे ! जैसे ही दोनों मीरा के सामने आये मीरा ने अक्षत और मोना को देखकर कहा,”मुबारक हो !”

“मीरा “,अक्षत ने कहना चाहा लेकिन तब तक मीरा वहा से चली गयी ! उसकी आँखों में आयी नमी को अक्षत साफ़ देख पा रहा था ! जीजू को बहुत गुस्सा आ रहा था वे अक्षत के सामने आये और कहा,”आपसे ये उम्मीद नहीं थी साले साहब !”
जीजू का गुस्सा अक्षत साफ देख रहा था पर वह उस वक्त कुछ कहने की हालत में नहीं था ! जीजू , तनु , निधि और लक्ष्य बिना अक्षत से बात किये वहा से चले गए ! खाने के बाद सभी अपने अपने घरो को निकल गए !

विजय का किया फैसला किसी को पसंद नहीं आया खुद अक्षत को भी नहीं लेकिन उनके सामने किसी की बोलने की हिम्मत नहीं हो रही थी ! दादू ने जब विजय से बात करनी चाही तो उन्होंने कहा,”आपके पोते ने जो किया है उसके बाद कुछ कहने की जरूरत मुझे महसूस नहीं हो रही पापा , मैंने जो फैसला किया है सही किया है !”
दादू इसके आगे कुछ बोल ही नहीं पाए ! कोई भी पिता उस जगह होता तो वह चीज कभी स्वीकार नहीं करता शायद और विजय ने भी अपनी तरफ से सही फैसला किया !

रात बहुत हो चुकी थी इसलिए विजय ने मोना से घर पर ही रुकने को कहा ! अक्षत परेशान सा लॉन में बैठा था , वह मीरा को किसी भी हाल चाहता था ! वह उठा और अंदर चला आया उसने देखा मीरा सामान उठाने में रघु की मदद कर रही है ! अक्षत ने उसे आवाज दी मीरा ने सुनकर भी अनसुना कर दिया और अपना काम करती रही ! अक्षत आया उसने मीरा की कलाई पकड़ी और उसे घर के पीछे वाले लॉन में ले आया ! अक्षत ने मीरा का हाथ छोड़ दिया मीरा वही खड़ी अक्षत को देखने लगी !

अक्षत उसके सामने यहाँ से वहा घूमने लगा मीरा को अपनी और देखता पाकर अक्षत ने बेचैनी से कहा,”ऐसे मत देखो मीरा !”
मीरा ने पलके झुका ली तो अक्षत कहने लगा,”जब तुम्हे पहली बार देखा तो बस देखता ही रह गया था ! तुम पहली लड़की थी जिसकी आँखों में देखकर बात कर रहा था मैं ! उस वक्त थोड़ी पागल लगी थी तुम मुझे ! तुम्हारे आने से पहले मैं हमेशा अपने कमरे में ही नाश्ता करता था , खाना भी वही पर सिर्फ तुम्हे देख सकू इसलिए निचे आकर सबके साथ खाता था !

मुझे चाय पसंद नहीं थी पर जब तुम्हे बनाते देखा तो पीने का मन किया और तुम्हारे हाथो से बनी चाय मेरी फेवरेट हो गयी ! तुम हमेशा मेरी चाय में चीनी डालना भूल जाती हो लेकिन मैं फिर भी पि लेता था क्योकि उसमे तुम्हारे हाथो की मिठास होती थी ! तुम हमेशा मेरा झूठ बहुत आसानी से पकड़ लेती थी , मुझे किसी की एडवाइज सुनना पसंद नहीं था और इसी के चलते मैंने तुम्हारी किताब फाड् दी ! लेकिन जब उसी किताब को लेकर तुम्हारी आँखों में आंसू देखे तो अच्छा नहीं लगा ! एक छोटी सी किताब के लिए पहली बार किसी को रोते देखा था !

फिर जब तुम नहीं थी तो पूरा दिन बैठकर उसे चिपकाया और तुम्हारे कमरे में रख दिया ! मैंने सोचा नहीं की मैं किसी की परवाह करने लगूंगा ! जब अर्जुन भाई तुम्हे पढ़ा रहे थे तो पहली बार मुझे जलन की भावना महसूस हुई मैंने ही उन्हें फोन करके घर से बाहर भेजा ताकि निधि मुझसे तुम्हे पढ़ाने को कहे और मैं तुम्हे देख सकू ! छोटी छोटी चीजों के लिए तुम्हे परेशान करना मुझे बहुत अच्छा लगता था ! पर जब तुम मेरी परवाह करती थी तो बहुत अच्छा लगता था ! एक ही बुरी आदत थी मुझमे और वो थी सिगरेट पर छोड़ दी इसलिए नहीं की तुमने छोड़ने को कहा बस इतने प्यार से किसी ने आज तक रोका ना था !

तुम्हारे कॉलेज में स्कॉलरशिप मैंने ही भिजवाई थी क्योकि उस वक्त तुम्हे उन बहुत जरुरत थी , पर तुम सच में पागल हो तुमने उन पैसो से मेरे लिए तोहफा खरीदा तुम्हारा दिया वो पहला तोहफा आज भी मुझे बहुत अजीज है मीरा ! पायल पहनने से मैंने इसलिए नहीं रोका था की वो शोर कर रही थी बल्कि उनकी खनक मेरे दिल की धड़कन बढ़ा देती थी !! तुम बहुत सुंदर हो लेकिन उस से भी ज्यादा सुंदर तुम्हारा मन है जो किसी की भी मदद करने को तैयार रहता है , मेरे गुस्से , मेरी चिढ , मेरे बुरे बर्ताव को भी तुमने हमेशा मुस्कुरा कर सहा !

मेरी इन्ही हरकतों की वजह से तुम्हारा मुझे सडु कहकर बुलाना मुझे बहुत अच्छा लगता है ! जानता हु मैं थोड़ा वैसा हु भी लेकिन तुमने मुझे बदल दिया मीरा , तुम्हारा साथ पाकर सोचने लगा था मैं , हसने लगा था , जीने लगा था !
भोपाल में जब तुमने रोते हुए मुझे गले लगाया तो बस उसी पल मुझे तुमसे प्यार हो गया था ! और मैंने जाना की अब तक जो मैं महसूस कर रहा था वो प्यार ही था ! दिल्ली में रहकर तुम्हारी कमी को हमेशा महसूस किया ! और जब तुम्हारे साथ वो एक्सीडेंट हुआ तो तुम्हारा प्यार वापस खिंच लाया मुझे तुमसे प्यार हो चुका था और वो बढ़ता जा रहा था !

तुम्हारी आँखों में हमेशा अपने लिए फीलिंग्स देखी है मैंने मीरा पर तुमने कभी कहा नहीं ! आज जब पापा ने सबके सामने मेरे और मोना के रिश्ते की बात कही तब भी तुम खामोश थी पर मैं जानता हु तुम भी मुझसे उतना ही प्यार करती हो जितना मैं , या शायद मुझसे भी ज्यादा क्योकि जितना तुम मुझे जानने लगी हो उतना तो कभी मैं भी अपने बारे में नहीं जान पाया था !”

इतना सब कहकर अक्षत एक पल के लिए खामोश हो गया उसके दिल में मीरा को लेकर जितनी बाते थी सब कह दी मीरा ने अक्षत की और देखा तो अक्षत मीरा के पास आया और कहा,”मैं जानता हु हमारे बिच जो कुछ है वो कहने की जरूरत नहीं है लेकिन चुप रहकर एक दूसरे को खो देंगे मीरा , मैं तुमसे बहुत प्यार करता हु मीरा और चाहता हु तुम हमेशा मेरे साथ रहो , क्योकि सिर्फ तुम ही हो जो मुझे समझ सकती हो , मेरा दर्द मेरी तकलीफ महसूस कर सकती हो , मेरी अच्छाई मेरी बुराई सिर्फ तुम जानती हो !!

तुम्हारा साथ रहा तो कोई मोना हमारे बिच नहीं आ सकती !! चुप क्यों हो मीरा ? एक बार बस एक बार कह दो की तुम मुझसे प्यार करती हो उसके बाद मुझे चाहे जिस से लड़ना पड़े , चाहे किसी के भी खिलाफ जाना पड़े मैं जाने को तैयार हु ! बोलो मीरा ऐसे चुप मत रहो !”
मीरा अब भी खामोश थी अक्षत उसके और करीब आया तो मीरा ने उसे खुद से दूर करके कहा,”हम आपसे प्यार नहीं करते !”

अक्षत ने सूना तो बेचैनी से कहा,”झूठ बोल रही हो ना तुम , ऐसे मत कहो मीरा एटलीस्ट मुझसे सच बोल सकती हो
“हम झूठ नहीं बोल रहे है , हम आपसे प्यार नहीं करते है ! हमारे हंसने मुस्कुराने , परवाह करने को आपने प्यार समझ लिया , हमने कभी नहीं कहा आपसे की हम आपसे प्यार करते है , फिर आप ऐसा कैसे सोच सकते है ?”,मीरा ने सहजता से कहा !

“नाराज हो मुझसे जानता हु वहा पापा के सामने कुछ नहीं बोल पाया इसलिए ये सब बोल रही हो ना , मीरा जानता हु तुम्हारे दिल में भी वही है जो मेरे दिल में है !”,कहते हुए अक्षत जैसे ही उसे समझाने के लिए आगे बढ़ा मीरा ने एक थप्पड़ अक्षत के गाल पर रसीद करते हुए कहा,”दूर रहिये हमसे !”
अक्षत को मीरा से इस व्यवहार की उम्मीद नहीं थी ! उसका दिल टूट गया , मीरा वहा से चली गयी अक्षत घुटनो के बल गिर पड़ा और सोचने लगा की उस से कहा गलती हुई !!

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संजना किरोड़ीवाल

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Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal
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