Blackmail – Part 2

Blackmail – Part 2

Blackmail

सनी मोंटी और चंदन तीनो परेशान बैठे पैसो के बारे में सोच रहे थे कुछ देर बाद सनी ने कहा,”बैंक से लोन ले लेते है।”
“किस बिहाल्फ पर लेंगे , लॉन लेने के लिए बैकग्राउंड भी होना चाहिए और कितने झमेले है ये कागज वो कागज , लॉन मिलने में ही एक महीना निकल जाएगा और घर पर इस बारे में पता चला तो उल्टा मार पड़ेगी। बेड आइडिआ कुछ और सोचो !”,चंदन ने कहा
“तो बैंक लूट लेते है।”,मोंटी ने कहा
“तू पागल है क्या ? जिंदगीभर जेल में चक्की पिसेंगे तीनो”,चंदन ने कहा
“तो भाई तू ही बता दे क्या करे ?”,सनी ने खीजते हुए कहा
“सोचने दे यार क्या हो सकता है ? देख हम तीनो के पास ही इतने पैसे नहीं है की मिलाकर 6 लाख बन सके ना ही हमारे घरवाले हमे इतने पैसे देंगे ,,, क्यों ना हम लोग कोई नौकरी ढूंढ ले”,चंदन ने कहा
“हाँ ये की तूने होशियारों वाली बात साले , एक दिन में कौन हमे नौकरी देगा ? और नौकरी छोड़ 6 लाख कौन देगा ये बता ?”,सनी ने कहा तो चंदन अपने ही आईडिया पर झेंप गया !
“भाई मैंने सूना है वो श्रीवास्तव क्लिनिक है ना वहा किडनी खरीदने बेचने का काम होता है , 50000 से 2 लाख तक मिल जाते है। मैं सोच रहा था क्यों ना हम भी किसी की किडनी बिकवा दे ?”,मोंटी ने कहा (Blackmail)

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मोंटी हमेशा यु तो बेवकुफो वाली बाते करता था पर आज उसकी इस बात में सनी और चंदन को थोड़ी अच्छाई दिखी। दोनों उसके पास आये और कहा,”ये सही रहेगा लेकिन किडनी देगा कौन ?”
“हम्म्म्म वो तो मुझे नहीं पता”,मोंटी ने कहा
“पास ही कचरा बीनने वालो की एक बस्ती है वहा के कुछ लोगो को पैसो का लालच देकर राजी कर लेते है”,सनी ने अपने दिमाग के घोड़े दौड़ाते हुए कहां
“वो लोग मानेंगे ?”,चंदन ने शंका जताई
“दो चार हजार का लालच देंगे तो क्यों नहीं मानेंगे ? वैसे भी हम उनसे कहेंगे की कुछ पैसो के बदले में उन्हें सिर्फ अपना खून देना है उन्हें क्या पता हम उनकी किडनी बेचेंगे ?”,सनी ने बेशर्मी से कहा
“लेकिन भाई ये सही नहीं है !”,मोंटी ने कहा
“हां तो फिर बैठकर जेल में चक्की पीसना”,सनी ने कहा तो चंदन सोच में पड़ गया वह नहीं चाहता था किसी भी वजह से उसकी बहन की शादी में कोई परेशानी आये। उसने कहा,”उन्हें कन्विंस कौन करेगा ?”
“सब मैं कर लूंगा उन्हें क्लिनिक तक लाने का काम मेरा है तुम दोनों श्रीवास्तव से मीटिंग करके उसे राजी कर लो और हां 6 लाख से कम की बात मत करना”,सनी ने कहा
“ठीक है तू शाम तक तीन लोगो का इंतजाम कर ले मैं और चंदन श्रीवास्तव से मिलकर आते है”,मोंटी ने कहा और फिर चंदन के साथ वहा से चला गया। सनी बस्ती में आया। रईस घर में पले बढे लड़के ने जैसे ही बस्ती में कदम रखा वहा की दुर्गन्ध से नाक बंद कर लिया। दिनभर सनी उस बस्ती में घूमता रहा और शाम तक मुश्किल से वह एक आदमी को ही खून देने का बहाना कर राजी कर पाया और उसे अपने साथ लेकर क्लिनिक चला आया। 20% हिस्से की बात पर श्रीवास्तव भी मान गया था। सनी उस आदमी को लेकर जैसे ही अंदर आया श्रीवास्तव हसने लगा और तीनो लड़को से कहा,”ये किसे पकड़ लाये तुम लोग शराब पिने की वजह से इसकी एक किडनी पहले से ही ख़राब है दूसरी का भी वही हाल है , अगर निकाल भी ली तो 4000-5000 से ज्यादा कोई नहीं देगा उसका , ऊपर से इसके मर मुर जाने की गारंटी मैं नहीं ले सकता।” (Blackmail)

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तीनो ने सूना तो तीनो एक दूसरे का मुंह ताकने लगे सनी ने मोंटी से उस आदमी को वापस छोड़कर आने को कहा। आदमी चला गया तो सनी ने डॉक्टर श्रीवास्तव से कहा,”सर हमे पैसो की बहुत जरुरत है , प्लीज हेल्प अस” (Blackmail)
“तुम तो बहल साहब के लड़के हो ना”,श्रीवास्तव ने सनी को गौर से देखते हुए कहा
“मर गए सनी ये तो तुम्हारे पापा को जानता है”,चंदन ने फुसफुसाते हुए कहा
“आप मेरे पापा के दोस्त हो ?”,सनी ने डरते डरते पूछा तो श्रीवास्तव मुस्कुराया और कहा,”नहीं मैं कोई उनका दोस्त वोस्त नहीं हूँ वो तो एक नंबर का घमंडी इंसान है मेरी उस से बनती भी नहीं है”,श्रीवास्तव ने नाक भौ सिकोड़ते हुए कहा तब तक मोंटी भी वहा चला आया सनी को गुस्सा आया लेकिन इस वक्त वह कुछ नहीं बोला और कहा,”ये सब छोडो ये बताओ की आप हमारी मदद करोगे या नहीं”
श्रीवास्तव ने तीनो को देखा और कहा,”तुम तीनो जवान हो तुम्हारी किडनियां भी सही है एक एक किडनी देने के बाद तुम तीनो एक किडनी के सहारे ज़िंदा रह सकते हो अगर तुम तीनो चाहो तो मैं तुम्हारी एक किडनी निकाल सकता है कीमत भी अच्छी मिलेगी”
“कितना मिलेगा ?”,चंदन ने कहा
“एक किडनी पर दो से ढाई लाख मिलेंगे , तुम्हारी किड्नी फ्रेश है वेल्यू भी ज्यादा होगी”,श्रीवास्तव ने कहा तो सनी चंदन और मोंटी एक दूसरे की और देखने लगे तीनो ने साइड में आकर कुछ देर बाद बात की और फिर सनी ने श्रीवास्तव से कहा,”हम लोग तैयार है कब आना होगा ?”
“कल सुबह 6 बजे आजाना तुम्हारे टेस्ट होंगे उसके बाद कल रात में ऑपरेशन करके किडनी निकाल ली जाएगी लेकिन सुनो किसी को इसकी कानो कान खबर तक नहीं होनी चाहिए”,श्रीवास्तव ने उन्हें चेतावनी देकर कहा (Blackmail)

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तीनो वहा से निकल गए उनके जाने के बाद श्रीवास्तव का वफादार वार्ड बॉय आया और कहा,”सर वो तीनो अभी बच्चे है , उनके माँ बाप की परमिशन के बिना उनकी किडनी निकाल लेना सही है क्या ?”
“बीजू ! लड़को ने जरूर कोई बड़ा कांड किया इसलिए लाखो में पैसे मांग रहे है , मैंने भी उनकी मज़बूरी का थोड़ा सा फायदा उठा लिया ,, उनकी किडनियां मैं विदेश में बेचूंगा 2 4 लाख में नहीं बल्कि 10-12 लाख में।” (Blackmail)

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श्रीवास्तव के क्लिनिक से निकलने के बाद सनी , मोंटी और चंदन बाइक पर बैठकर घर की और निकल गए। कुछ देर बाद ही चंदन का फोन बजा उस पर कोई मेसेज आया था। डरते डरते उसने जेब से फोन निकाला स्क्रीन पर स्क्रेच होने की वजह से उसे चलाने में काफी परेशानी होती थी। ये फोन चंदन को सनी ने दिया था जब उसने नया लिया तो पुराना फोन चंदन को दे दिया। चंदन ने सनी से बाइक रोकने को कहा और तीनो निचे उतरे जैसे तैसे मेसेज ओपन हुआ जिसमे लिखा था “गुड़ जॉब पैसे इस संडे लाने है जगह और टाइम मैं बताऊंगा”
“इसे कैसे पता की हम लोग पैसो का इंतजाम करने में लगे है ?”,मोंटी ने सवाल किया
“ये जो कोई भी है हम पर पूरी नजर रख रहा है , संडे तक पैसो का इंतजाम हो जाएगा। एक बार पैसो का इंतजाम हो फिर मैं भी तो देखु आखिर ये है कौन जो हमे इतना परेशान कर रहा है ?”,सनी ने कहा
“ये कोई आदमी ही है”,चंदन ने सोचते हुए कहा
“तुझे कैसे पता ?”,सनी ने हैरान होकर कहा
“उसने मैसेज में लिखा है “बताऊंगा” नार्मल इंसान टाइप करता है तो लड़की लड़की की तरह और लड़का लड़के की तरह ही बात करेगा। समझ आया कुछ”,चंदन ने कहा
“लेकिन ये मेरे दिमाग में क्यों नहीं आया ?”,मोंटी ने कहा
“दिमाग होगा तो आएगा ना , चलो यार कल सुबह 6 बजे यहाँ भी आना है”,सनी ने बाइक स्टार्ट करते हुए कहा (Blackmail)

(Blackmail) अगली सुबह तीनो जल्दी ही क्लिनिक पहुंचे। ऑपरेशन से पहले उनके कुछ टेस्ट होने थे तीनो को लेबोरेट्री लेकर जाया गया वहा उन्हें बैठने को कहा। तीनो बैठे बैठे लेबोरेट्री का मुआयना करने लगे। हर जगह खून ही खून के सेम्पल , इंजेक्शन और दवाईयों का ढेर लगा हुआ था। लैब में उनका दम घुटने लगा था एक भभक सी चारो और फैली हुई थी जिसकी वजह से तीनो ने अपने मुंह को रुमाल से ढका हुआ था। कुछ देर तीनो ख़ामोशी से बैठे रहे , फिर जैसे ही उनका ब्लड लेने लगे मोंटी चिल्लाया और बेहोश होकर गिर पड़ा उसे देखकर चंदन और सनी भी घबरा गए। मौंटी जब होश में आया तो रोने लगा और कहा की वह अपनी किडनी नहीं देगा। ये देखकर सनी और चंदन ने बहुत समझाया जब वह नहीं माना तो चंदन और सनी ने भी इंकार कर दिया लेकिन श्रीवास्तव आती हुई लक्ष्मी को कैसे जाने देता ? उसने जबरदस्ती मोंटी को बेहोशी का इंजेक्शन दे दिया ये देखकर सनी और चंदन घबरा गए उन्होंने श्रीवास्तव और वहा काम करने वाले वार्ड बॉय को नोच डाला और मोंटी को लेकर जैसे तैसे वहा से निकले। तीनो फिर स्कूल ना जाकर सीधा खंडर वाली जगह चले आये सनी और चंदन ने मोंटी को पत्थर पर लिटाया और हवा करने लगे। चंदन भागकर पानी ले आया और उसके छींटे मोंटी पर डाले तो मौंटी उठकर बैठ गया और रोते हुए कहने लगा,”प्लीज यार मैं ये सब नहीं करूंगा , बहुत दर्द होगा मर जायेंगे हम लोग। प्लीज प्लीज मत करो ऐसा”
सनी ने उसे गले लगाया और कहा,”चुप हो जा मोंटी , हम लोग कही नहीं जा रहे। तेरी किडनी कोई नहीं निकलेगा ,, हम लोग कोई दुसरा रास्ता ढूंढेंगे” (Blackmail)

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मोंटी शांत हुआ तो सनी और चंदन भी वही बैठ गए और सोच में डूब गए कुछ देर बाद सनी ने कहा,”अब क्या करे चंदन ? पैसो का इंतजाम तो हो ही नहीं रहा है ,, संडे का टाइम दिया है सिर्फ 4 दिन है हम लोगो के पास कैसे करेंगे 6 लाख रूपये का इंतजाम ?”
“सनी अपनी अपनी पॉकेट मनी लाते है और अपनी तरफ से कुछ जुगाड़ लगाते है , जितना हो सके उतना तो करते है उसके बाद बाकि पैसो का इंतजाम कर लेंगे।”,चंदन ने कहा
“हां भाई चंदन सही कह रहा है , अपनी अपनी तरफ से कुछ करते है बाकि जो बचेगा उस ब्लेकमेलर से कह देंगे की हमे थोड़ा वक्त दे”,मोंटी ने कहा !
“शायद तुम लोग ठीक कह रहे हो , कल सुबह हम तीनो फिर यही मिलेंगे पैसो के साथ जिसके पास जो हो जितना हो ले आये बाकि का इंतजाम हम लोग बाद में करेंगे”,सनी ने कहा तो चंदन और मोंटी ने भी हामी भर दी। तीनो वहा से एक साथ ना जाकर अपने अपने घर चले गए। घर आकर सनी पैसे जुटाने के तरीके सोचने लगा। उधर मोंटी भी अपने गुलक्क तोड़कर पैसे जोड़ रहा था। इधर चंदन निराश था भला उसके पास पैसे आते भी तो कहा से , घर में चार दिन बाद बहन की शादी होने वाली थी ऐसे में घरवालों से भी क्या मदद मांगे ? परेशान चंदन रात तक सिर्फ घर के कामो में हाथ बटाता रहा , देर रात उसे कुछ सामान लाने बाहर भेजा जो पैसे दिए गए उनमे से कुछ बचे तो वो चंदन ने रख लिए और सामान थोड़ा महंगा बता दिया। बात आयी गयी हो गयी। (Blackmail)

(Blackmail) अगली सुबह तीनो स्कूल ना जाकर फिर खंडर वाली जगह पर मिले। तीनो एक जगह आकर बैठे और एक करके रूपये निकालकर सामने रखने लगे। सबसे पहले मोंटी ने रखे,”ये मैंने अपने सारे गुल्लक तोड़कर निकाले है पुरे 20000 रूपये है , और ये 1700 रूपये मैंने अपनी साईकिल गिरवी रख दी दोस्त के पास”
“मेरे पास ज्यादा नहीं थे ये 1200 घरसे मिले और ये 200 में मैंने अपनी स्कूल की बुक्स बेच दी”,चंदन ने उदास होकर कहा
“तू पागल है क्या ? किताबे क्यों बेचीं ? एग्जाम्स कैसे देगा अब ?”,सनी ने उसे डाँटते हुए कहा(Blackmail)
“भाई जिन्दा बचे तो देंगे एग्जाम , मुझे तो लगता है हम लोग ऐसे दलदल में फंसे है जहा से बाहर निकलना मुश्किल है”,चंदन ने कहा
“चिंता मत करो ये मेरे 42000 है ,, 30000 में अपनी बाइक बेचीं है और बाकि के अपनी पॉकेटमनी से लाया हूँ”,सनी ने कहा
“लेकिन ये सब मिलाकर भी सिर्फ 65100 बनते है , बाकि के पैसे कहा से लाएंगे ?”,मोंटी ने कहा
“अभी हमारे पास 3 दिन है , कुछ ना कुछ कर ही लेंगे”,सनी ने कहा और फिर तीनो पैसे समेटकर बैग में रखने लगे ! (Blackmail)

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(Blackmail) सनी , चंदन और मोंटी वही बैठकर बाकि के पैसो के बारे में सोचने लगे अभी तीनो बैठे बैठे सोच ही रहे थे की तभी मोंटी का फोन बजा और उस पर एक मेसेज आया,”बैठे रहने से कुछ नहीं होगा , पैसो का इंतजाम करो इस संडे मुझे पुरे पैसे चाहिए”
मोंटी ने मेसेज सनी और चंदन को दिखाया तो सनी ने कहा,”हो ना हो वो यही कही है।”
सनी की बात सुनकर मोंटी और चंदन भी उसके साथ मिलकर यहाँ वहा ढूंढने लगे। उन्होंने बैग वही छोड़ दिया आधे घंटे ढूंढने के बाद जब उन्हें कोई नहीं मिला तो तीनो वापस उसी जगह आये लेकिन बैग नरारद था साथं ही पैसे भी। सनी ने देखा तो कहा,”अबे बैग कहा गया ?”
“मुझे क्या पता मैंने तो यही रखा था ?”,मोंटी ने कहा
“ये सब क्या हो रहा है मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा ?”,चंदन अपना सर पकड़ कर बैठ गया ये देखकर सनी ने बिफरते हुए कहा,”तू क्यों रो रहा है पैसे तो मेरे डूबे है ?”
“तो क्या उसमे हमरे पैसे नहीं थे ?”,चंदन भी तेश में आ गया और सनी से झगड़ पडा। बात हाथा-पाई पर पहुँच गयी तब मोंटी ने छुड़ाया और कहा,”पागल हो गए हो क्या दोनों ? ये वक्त लड़ाई झगडे का नहीं है , पहले से हम लोग इतनी बड़ी मुसीबत में फंसे हुए है और ये नयी नयी मुसीबते हमारा पीछा नहीं छोड़ रही है। तुम दोनों के झगड़ने से क्या ये सब ख़त्म हो जाएगा ? नहीं होगा ,,,इसलिए झगड़ना और एक दूसरे को बुरा भला बोलना बंद करो।” (Blackmail)

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मोंटी की बात सुनकर दोनों अलग हो गए और फिर चंदन ने कहा,”तीन दिन से हम लोग स्कूल नहीं गए है अगर बात घरवालों तक पहुंची तो हम फिर नयी मुसीबत में फंस जायेंगे ,,, कल सुबह स्कूल चलेंगे ताकि किसी को हम पर शक ना हो !”
“हां चंदन सही कह रहा है , लेकिन प्रिंसिपल सर से क्या बोलेंगे ?”,मोंटी ने कहा
“वो सब मुझ पर छोड़ दो , कल टाइम से स्कूल पहुँच जाना तुम लोग”,सनी ने कहा और उसके बाद तीनो वहा से चले गए
अगली सुबह तीनो स्कूल पहुंचे। तीन दिन सभी बच्चे और टीचर्स खुश थे क्योकि ये तीनो स्कूल नहीं आये थे लेकिन आज इन्हे देखते ही टीचर्स का मुंह बन गया। प्रिंसिपल ने तीनो को अपने ऑफिस में बुलाया और कहा,”तीन दिन से कहा थे तुम लोग ? स्कूल क्यों नहीं आ रहे थे ?”
तीनो एक लाइन में खड़े थे सबसे पहले सनी ने कहा,”सर मेरे दादाजी बहुत बीमार थे इस वजह से सभी घरवाले उन्हें लेकर गाँव चले गए थे , घर में मैं अकेला था इसलिए नहीं आ सका”
“और तुम तुम्हारे घर में कौन बीमार था ?”,प्रिंसिपल ने सनी का झूंठ भांपकर मोंटी से पूछा
“मैं मैं खुद बीमार था सर , आज भी सर दुःख रहा है लेकिन बोर्ड आ रहे है ना इसलिए चला आया”,मोंटी भी झूठ बोल गया जैसे ही प्रिंसिपल चंदन की और मुड़े उसने कहा,”सर चार दिन बाद मेरी बहन की शादी है इसलिए उसी में बिजी था और आज भी मैं आपसे छुट्टी लेने ही आया हूँ , शादी तक”
“ठीक है लेकिन बोर्ड्स है इस साल पढाई में भी ध्यान दो , वैसे भी तुम सबकी शिकायते कम नहीं आ रही है स्कूल से , चलो जाओ और अब कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए तुम्हारी”,प्रिंसिपल ने कहा (Blackmail)

(Blackmail) तीनो सरपट वहा से निकल कर बाहर आये और मोंटी ने कहा,”बच गए यार”
“हां लेकिन अब सिर्फ दो दिन है हमारे पास , कल और परसो उसके बाद संडे को हमारी बेंड बजेगी”,सनी ने कहा
“उस से पहले ही हमे पैसो का इंतजाम करना पड़ेगा , मैं नही चाहता नीलिमा मिस के खून का इल्जाम हम लोगो पर लगे और हमारा भविष्य खराब हो”,चंदन ने कहा
“लेकिन इतने पैसे लाएंगे कहा से ? सब बेच बाच कर जो पैसे मिले थे वो भी चोरी हो गए अब कहा से आएंगे पैसे ?”,मोंटी ने कहा
“कुछ भी करके पैसो का इंतजाम तो करना ही पडेगा”,सनी ने कुछ सोचते हुए कहा
तीनो क्लास में आकर बैठ गए और स्कूल खत्म होने के बाद सनी उन्हें लेकर होटल आया वहा वह किसी रॉकी भाई से मिला रॉकी ने सनी को कुछ पैकेट्स दिए और साथ में एड्रेस भी दिया। सनी सामान लेकर बाहर आया तो चंदन ने पूछा,”भाई ये क्या है ?”
“ड्रग्स है , रॉकी भाई ने दिया है इसे उनके बताये एड्रेस पर पहुंचाया तो बदले में 10000 रूपये मिलेंगे ! चलो चलते है”,सनी ने कहा
“सनी पहले हम लोग इतनी गलतिया कर चुके है अब ये और नहीं , ड्रग्स का मतलब जानता है ना तू। अगर बलैकमेलर को पैसे नहीं दिए तो सिर्फ हम तीनो को नुकसान होगा लेकिन इस ड्रग्स से ना जाने कितनो को नुकसान होगा ,,, तू इसे वापस दे आ इस से हमे पैसे नहीं कमाने है”
“हां सनी चंदन सही कह रहा है ये वापस देकर आ तू , हम लोग ये काम नहीं करेंगे”,मोंटी ने भी चंदन का समर्थन करते हुए कहां तो सनी रॉकी को उसका सामान देकर वापस चला आया और तीनो उदास मन से घर की और चले गए ! अगले दिन तीनो स्कूल पहुंचे और आखरी बेंच पर बैठकर टीचर के आने का इंतजार करने लगे कुछ देर बाद सनी की नजर खिड़की में रखे अख़बार पर गयी उसने उसे उठाया और देखा तो उसकी आँखे चमक उठी वह मोंटी और चंदन के पास आया और उन्हें अखबार दिखाते हुए कहा,”पैसो का इंतजाम हो गया” (Blackmail)

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“ये अख़बार हमे पैसे देगा , क्या सनी तू भी !”,मोंटी ने खीजते हुए कहा
“पैसे नहीं देगा पैसे कमाने का आईडीया देगा”,सनी ने कहा
“मतलब ?”,चंदन ने कहा
“मतलब ये की शहर में आजकल बहुत चोरिया हो रही है , हम लोग भी मौका देखकर एक बड़ी चोरी करते है और 6 लाख का इंतजाम कर लेते है। चोरी तो हो ही रही है तो किसी का हम पर शक भी नहीं जाएगा !”,सनी ने अपना नया प्लान बताते हुए कहा
“चोरी करेंगे तो पकडे नहीं जायेंगे ?”,मोंटी ने आशंका जताई
“वही तो मैं समझाना चाह रहा हूँ , हम चोरी अपने घर में करेंगे और घरवालों को लगेगा शहर में जो चोरिया हो रही है ये वही चोरी है , इसमें ना हम लोग पकडे जायेंगे न ही कोई हम पर शक करेगा,,,,,,,देखो गाईज हमारे पास सिर्फ एक दिन है और कल हमे कैसे भी करके ये करना ही पडेगा ? अब चाहे ये रास्ता गलत ही क्यों ना हो ?”,सनी ने कहा तो चंदन और मोंटी सोच में पड़ गए। कुछ देर बाद मोंटी मान गया लेकिन चंदन का दिल अभी भी नहीं मान रहा था पर सामने खड़ी मुसीबत की वजह से उसे मानना पड़ा और तीनो दोस्त मिलकर प्लान बनाने लगे। अगले दिन शनिवार था सुबह तीनो स्कूल आये और शाम को चाय की टपरी पर मिलकर अपने ही घर में चोरी की योजना बनाने लगे ! (Blackmail)

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(Blackmail) चाय की टपरी पर बैठकर तीनो ने चोरी का प्लान बनाया और फिर अँधेरा होने से पहले अपने अपने घरो की और चल पड़े। सनी अपने घर आया वह अच्छी तरह जानता था की उसके पापा अपना सारा पैसा अलमारी की तिजोरी में रखते थे और तिजोरी की चाबी अपने तकिये के निचे रखकर सोते थे। सनी उनके सोने का इंतजार करने लगा। रात में सबके सोने के बाद जब वह अपने मम्मी पापा के कमरे के पास आया तो कमरे की लाइट जलती देखकर वापस जाने लगा तभी उसके कानो में अपने पापा की आवाज पड़ी वे सनी की माँ से कह रहे थे,”सनी हमारा इकलौता बेटा है , मैं आजकल उस पर कुछ ज्यादा ही सख्ती करने लगा हूँ और इसी वजह से आजकल वह गुम सुम रहने लगा है। ना ठीक से खाता है ना ही हसता मुस्कुराता है ,,, मुझे लगता है उसे पढाई में रुचि नहीं है , अगर वह पढाई नहीं करना चाहता तो कोई बात नहीं हमारे घर में कहा किसी चीज की कमी है ,,,,,, अपने घर का ही बिजनेस सीखा दूंगा और जब सीख जाएगा तो सबके उसके नाम कर दूंगा। फिर वो जैसे चाहे वैसे ये सब सम्हाल सकता है”
“इतनी कम उम्र में उस पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी डाल देंगे आप ?”,सनी की मम्मी ने कहा
“मुझे उस पर पूरा भरोसा है वो सम्हाल लेगा सब , बाकि मैं हमेशा उसके साथ रहूंगा। मेरा बेटा मुझ पर गया है वो कभी मेरा भरोसा नहीं तोड़ेगा ! ये जो आज मैं कमा रहा हूँ वो किसके लिए है उसी के लिए तो है ताकी भविष्य में उसे कोई परेशानी ना हो”,सनी के पापा ने कहा
“आप अपने बेटे से कितना प्यार करते है , मैं आज बहुत खुश हूँ”,सनी की मम्मी ने कहा
सनी ने ये सब सूना तो उसकी आँखों में आंसू भर आये वह वापस अपने कमरे में चला आया और फुट फुट कर रोने लगा। उसे अहसास हुआ की आज वह कितनी बड़ी गलती करने जा रहा था। उसके माँ बाप उस पर कितना भरोसा करते है और वह उन्ही के घर में चोरी करने जा रहा था। सनी को खुद पर ही शर्म आने लगी थी वह रात भर सुबकता रहा। (Blackmail)

(Blackmail) मोंटी चोरी की योजना बनाकर अपने कमरे में आकर सोने का बहाना करने लगा। उसने अपनी आँखे बंद कर ली और गर्दन तक चददर ओढ़ ली। कुछ देर बाद ही मोंटी के पापा कमरे में आये मोंटी को सोया हुआ देखकर मुस्कुरा उठे और आकर उसके पास बैठकर उसका सर सहलाते हुए प्यार से कहा,”सो गया मोंटी ,, थक गया होगा ना दिनभर पढाई , स्कूल , भाग-दौड़ में लगा रहता है। कई दिनों से तुझे कुछ बताना था बेटा लेकिन इन कुछ दिनों में तुमसे बात करना तो दूर तुम्हे ठीक से देखा भी नहीं ,,, कहा गुम रहते हो शायद अपने पापा से नाराज हो। होना भी चाहिए सब बच्चो के बाप उनकी हर इच्छा पूरी करते है लेकिन मैं हमेशा पैसे ना होने का बहाना बनाकर तुम्हे ना बोल देता हूँ ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,क्या करू बेटा हमारे काम में इतना पैसा नहीं है जिस से मैं तेरी हर इच्छा पूरी कर पाऊ लेकिन आज तेरा जन्मदिन था , हर साल तू अपने जन्मदिन पर तोहफे में कुछ ना कुछ मांगता था आज नहीं माँगा तब अहसास हुआ की तू सच में बड़ा हो गया है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,लेकिन अपने पापा की कही बात का बुरा मत मानना बेटा , ये जो चार पैसे मैं बचा रहा हूँ वो किसके लिए ? तुम्हारे लिए ही है बेटा इस बार मैंने खुद से ही तेरे लिए तोहफा लिया है ,,,,,,,,,,,,,,हां हां वही बाइक जो तुझे चाहिए थी , अब इस पर बैठकर तू कॉलेज जाना , बस मेरा तो एक ही सपना है की तू पढ़ लिखकर एक अच्छा आदमी बन जाये और अच्छी नौकरी हासिल करे ताकि तुझे मेरी तरह इस दुकान में काम करने की जरूरत ना पड़े।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,मैं भी कैसा पागल हूँ ना बेटा ? तू सो रहा है और मैं ये बेफिजूल की बातें कर रहा हूँ। ये बाइक की चाबी तेरे टेबल पर रखी है सुबह उठाकर देखेगा तो तेरे चेहरे पर वो ही मुस्कुराहट आयेगी जो पिछले कई दिनों से देखने को नहीं मिली , तुम्हारे पापा तुमसे बहुत प्यार करते है मोंटी !”
इतना कहकर मोंटी के पापा कमरे से बाहर चले गए और जाते जाते कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। मोंटी ने जब ये सब सूना तो उसका दिल भर आया। वह बिस्तर पर उठकर बैठ गया और फफक पड़ा , अनजाने में वह कितनी बड़ी गलती करने जा रहा था। उसने भीगी आँखों से टेबल पर रखी बाइक की चाबी को देखा आज वह चाभी उसे आँखों में चुभ रही थी उसकी असली ख़ुशी तो उसके पापा थे , उसका घर था। सनी देर तक सुबकता रहा (Blackmail)

(Blackmail) चंदन देर रात तक बहन की शादी के कामो लगा रहा। पूरा घर रौशनी से जगमगा रहा था घर में रिश्तेदार जमा थे। रात के दो बजने को आये ,, कल शाम बहन की बारात आनी थी सब तैयारियां हो चुकी थी मेहमान सब सोने जा चुके थे। चंदन भी थक चुका था लेकिन अभी उसे जागना था अपने मकसद को पूरा करने को लिए शादी के दहेज में देने के लिए जो पैसे उसके पिताजी आज शाम लेकर आये थे चंदन उन्हें ही चुराने वाला था। जब सब सो गए तो चंदन चोरी छुपे अपने पिताजी के कमरे में गया वे सो रहे थे और पैसो का बैग अलमारी में रखा हुआ था चंदन ने पैसे वहा से उठाये और लेकर घर से बाहर चला गया कुछ घंटो बाद चंदन वापस आया तो देखा घर में लोग जमा है। उसके पिताजी और घरवाले रो रहे थे किसी ने दहेज़ के पैसे चुरा लिए थे। चंदन डर गया लेकिन कुछ नहीं कहा सभी मेहमान उसके घरवालो को दिलासा देने लगे तो पिताजी ने रोते हुए कहा,”ये घर गिरवी रखकर मैंने बेटी के दहेज़ के लिए पैसे जमा किये थे लेकिन अब मैं क्या करूंगा ?” चदंन ने सूना तो पिताजी के आंसू उसके दिल को भिगाने लगे वह घर से चला गया। उदास सा यहाँ वह घूमता रहा उसने अपने ही घर से चोरी करके अपने पिता को ठेंस पहुंचाई !
10 बजे मोंटी , सनी और चंदन खंडर वाली जगह पहुंचे , सनी और चंदन को देखकर मोंटी ने कहा,”यार सॉरी भाई मैं अपने पापा के पैसे नहीं चुरा सका , मैं उनका भरोसा नहीं तोड़ सकता !”
“हां भाई मैं भी पैसे नहीं ला सका , हम चलकर उस ब्लेकमेलर से कह देंगे की उसे जो सजा देनी है हमे दे”,सनी ने कहा
चंदन ने सूना तो उसने कहा,”पैसो का इंतजाम हो गया है !” (Blackmail)

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(Blackmail) चंदन ने जैसे ही कहा पैसो का इंतजाम हो गया है तो सनी के फोन पर मेसेज आया “वैरी गुड़ , अब सारे पैसे लेकर इस एड्रेस पर पहुंचो और अगर होश्यारी की या किसी को खबर की तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा”
“हुंह्ह ! तुमसे बुरा कोई है भी नहीं”,मोंटी ने मुंह बनाकर कहा
“लेकिन इसे हमारे बारे में इतना सब कैसे पता ?”,सनी ने कहा
“भाई वो ब्लेकमेलर है कही से भी पता लगा सकता है अब जल्दी चलो और इस मुसीबत से पीछा छुड़ाओ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,लेकिन एक मिनिट चंदन तू इतने पैसे लाया कहा से ?”,मोंटी ने पूछा
“वो सब मैं तुम्हे बाद में बताऊंगा ,, सनी तू थोड़ी देर के लिए प्लीज मुझे अपना फोन दे और ये बैग लेकर इस एड्रेस पर चल”,चंदन ने कहा
तीनो पैसे लेकर मेसेज में बताये एड्रेस पर पहुंचे। ये जगह धनबाद से बाहर किसी सुनसान इलाके में थी वहा पहुंचकर तीनो ने देखा सिर्फ एक टूटा फूटा मकान है बाकि वहा कोई भी नहीं था। मोंटी को डर भी लग रहा था उसने डरते हुए कहा,”भाई यहां तो कोई भी नहीं है चलो चलते है”
“उसने यही आने को बोला था”,चंदन ने इधर उधर देखते हुए कहा
“हेलो कोई है ? हम लोग पैसे ले आये है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,हमारी आवाज पहुँच रही है तुम तक ब्लेकमेलर,,,,,,,,,,,,,,,देखो तुम जो भी हो ये पैसे लो और वो विडिओ हमे दे दो”,सनी ने चिल्लाकर कहा कुछ देर बाद सामने दिवार के पीछे से किसी के चलने की आवाज आयी। तीनो ने नजरे दिवार पर जमा ली दिवार के पीछे से एक 40-45 साल का लड़का निकलकर आया उसे देखते ही मोंटी , चंदन और सनी की आँखे फ़ैल गयी और उनके मुंह से एक साथ निकला,”विनोद तू ?”
“हां मैं , मुझे यहाँ देखकर तुम लोगो को झटका कैसे लगा ?”,विनोद ने मुस्कुराकर कहा
“अच्छा तो ये सब तूने किया कमीने तुझे मैं छोडूंगा नहीं”,कहते हुए सनी ने जैसे ही उन की और बढ़ने की कोशिश की उन्होंने ने कहा,”खबरदार जो मेरी तरफ आया तुम्हारी एक गलती तुम्हे सीधा ऊपर पहुंचा सकती है और तुम लोगो ने कैसे सोच लिया मैं तुम लोगो के साथ ये सब करने की हिम्मत करूंगा ? असली गेमर तो कोई और है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,नीलिमा आंटी !”,विनोद ने पीछे मुंह करके कहा तो दिवार ले पीछे से नीलिमा निकलकर बाहर आयी उसे देखते ही तीनो की आँखे एक बार फिर सिकुड़ने लगी और मोंटी ने डरते डरते कहा,”मिस आप आप ज़िंदा है ?” (Blackmail)

(Blackmail)
“हां मोंटी !”,नीलिमा ने मुस्कुरा कर कहा
“तो फिर वो आपकी मौत की खबर स्कूल में पुलिस वाले ने दी थी वो क्या था ?”,सनी ने कहा
“वो सब हमारे प्लान का हिस्सा था !”,नीलिमा ने सहजता से कहा
“लेकिन आपने हम तीनो के साथ ये गंदा खेल क्यों खेला ? और इस विनोद से आपका क्या रिश्ता है ?”,इस बार चंदन ने गुस्से से कहा
“विनोद कोई और नहीं बल्कि मेरी बड़ी बहन का बेटा है , तुम्हे याद होगा पिछले साल विनोद ने तुम्हारे स्कूल में एडमिशन लिया था। ये पढाई में इतना अच्छा था की इसने दसवीं में पुरे जिले में सबसे ज्यादा नंबर प्राप्त किये थे और 11वी में तुम्हारे स्कूल में चला आया। विनोद डॉक्टर बनना चाहता था ये इसका बचपन से ही सपना था। 11वी में ये तुम लोगो के साथ ही था , तुम लोगो की शैतानियों की वजह से पूरा स्कूल परेशान था। एक बार जब तुमने टीचर को गाली दी तब विनोद ने प्रिंसिपल से तुम सबकी शिकायत कर दी तुम तीनो को बहुत मार पड़ी लेकिन उसके बाद भी तुम लोग नहीं सुधरे और उसके बाद से तुम तीनो ने विनोद को अपना दुशमन मान लिया और इसे परेशान करने लगे , इसकी किताबे फाड् देना , इसकी शर्ट पर श्याही फेंकना , इसे बेइज्जत करना और तो और स्कूल में इसे लेकर झूठी अफवाहे फैलाना शुरू कर दिया तुम लोगो ने ,,, इन सबका इसके दिमाग पर इतना असर पड़ा की ये परेशान रहने लगा , अकेले रहने लगा , ना ये अपना ध्यान पढाई में लगा पा रहा था ना ही किसी काम में ,,,,, सबके बिच होकर भी ये अकेला था और इसके बाद तुम लोगो ने इसे इतना परेशान किया की थक कर इसने ये स्कूल ही छोड़ दिया। घर में बंद रहने लगा और जब कुछ समझ नहीं आया तो इसने खुद को खत्म करने की कोशिश की उस दिन अगर मैं सही वक्त पर नहीं पहुँचती तो शायद ये आज ज़िंदा नहीं होता। तुम लोगो की शैतानी ने एक बच्चे को अपनी जान लेने पर मजबूर कर दिया था और उसके बाद इसने ये सब मुझे बताया तब मैंने तुम लोगो को सबक सीखाने के लिए ये सब प्लानिंग की ताकि तुम महसूस कर सको की इस एक हफ्ते में जो प्रेशर तुमने झेला है वो ये पिछले दो सालो से झेल रहा है , इसकी पढाई इसके सपने सब बर्बाद कर दिए तुम लोगो ने ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!! तुम लोगो को सबक सीखाने के लिए मैंने अपनी मौत का नाटक किया और तुम तीनो को उस विडिओ के नाम से ब्लेकमैल किया” (Blackmail)

(Blackmail) नीलिमा की बातें सुनकर उन तीनो को सब गलतिया याद आ गयी और सनी ने कहा,”आई ऍम सॉरी मिस हम लोगो से बहुत बड़ी गलती हुई है , हमे माफ़ कर दीजिये मिस”
“हां मिस हमे नहीं पता था हमारी शैतानियों की वजह से किसी को इतनी परेशानी हो सकती थी , हमे माफ़ कर दीजिये मिस !”,मोंटी भी रोने लगा
“हां मिस हम लोगो से बहुत बड़ी गलती हुई है , हमे कोई हक़ नहीं था विनोद के साथ ये सब करने का हम लोगो ने बहुत गलतिया की है मिस आज के बाद हम कभी किसी को परेशान नहीं करेंगे। हमे माफ़ कर दीजिये मिस”,चंदन ने कहा
विनोद सामने खड़ा बस उन्हें देखता रहा कुछ नहीं कहा कुछ देर बाद नीलिमा ने विनोद से जाने का इशारा किया उसके जाने के बाद नीलिमा तीनो लड़को के पास आयी और कहा,”हां हां ठीक है , ये पैसे छोडो और जाओ यहाँ से”
पैसे की बात सुनकर चंदन का दिमाग ठनका तो उसने कहा,”लेकिन मिस ये सब नाटक तो आपने हमे सबक सीखाने के लिए किया था ना फिर पैसे क्यों ?”
“चंदन अगर सबक सिखाने के साथ साथ मैं कुछ पैसे कमा भी लू तो इसमें हर्ज ही क्या है ? पैसे यहाँ छोडो और निकलो यहाँ और कीसी को इस सब के बारे में बताया तो जानते हो ना मैं तुम लोगो के साथ क्या करुँगी , पैसा यहाँ छोडो और जाओ यहाँ से”,नीलिमा ने कहा तो चंदन ने बैग निचे रख दिया
“चंदन चल यार यहाँ से , मेम हम किसी से कुछ नहीं कहेंगे आप भी किसी से कुछ मत कहियेगा”,सनी ने कहा
“मेम लेकिन एक बात समझ में नहीं आयी , हम तीनो की बाते आपको कैसे पता चलती थी ?”,मोंटी ने सवाल किया (Blackmail)

(Blackmail)
“जरा अपनी घडी देना मोंटी !”,नीलिमा ने कहां तो मोंटी ने अपनी घडी उतारकर नीलिमा को दे दी नीलिमा ने घडी में छुपाया माइक निकाला और मोंटी के हाथ में रख दिया। तीनो हैरानी से नीलिमा को देख रहे थे नीलिमा ने उन्हें जाने का इशारा किया तीनो वहा से चले गए नीलिमा ने अपना बैग उठाया और वहा से चली गयी !
“यार ये नीलिमा मिस तो बहुत चालू निकली , हमे पुलिस को बताना चाहिए !”,सनी ने कहा
“नहीं सनी , अभी अभी एक मुसीबत से निकले है अब दूसरी में नहीं पड़ना”,मोंटी ने कहा
“लेकिन भाई 6 लाख रूपये कोई छोटी रकम नहीं है , बेचारा चंदन तो फंस गया ना आज इसकी बहन की शादी है और इसने वो सब पैसा नीलिमा मिस को दे दिया”,कहते हुए सनी ने चंदन की और देखा चंदन ने कुछ नहीं कहा वह दोनों को लेकर वहा से अपनी बहन की शादी में पहुंचा सब सही चल रहा था। बारात आ चुकी थी खूब धूमधाम से शादी हुई चंदन मोंटी और सनी ने भी खूब डांस किया। विदाई के वक्त चंदन के पापा ने दहेज़ के पैसे जब अपने समधी को दिए तो सनी और मोंटी ने हैरानी से चंदन से कहा,”भाई ये पैसे तो तू नीलिमा मिस को दे आया था ना ?”
उनकी बात सुनकर चंदन मंद मंद मुस्कुराने लगा। (Blackmail)

(Blackmail) उधर निलिमा घर पहुंची ख़ुशी ख़ुशी उसने बैग खोला पैसो से भरा बैग देखकर उसकी आँखे चमक उठी। 100 100 के नोटों की गड्डिया थी उन पर हाथ फेरकर नीलिमा हंस पड़ी उसने नोटों की एक गड्डी उठायी और जैसे ही उसे मोड़कर देखा उसके होंठो की हंसी गायब हो गयी 100 के नीचे सफ़ेद कागज के टुकड़े थे। नीलिमा ने दूसरी गड्डी उठायी उसका भी यही हाल था। नीलिमा गुस्से से जल्दी जल्दी गड्डिया उठाकर देखने लगी ऊपर की दस गड्डी पर एक एक सौ का नोट था बाकि निचे कागज थे ये देखकर नीलिमा ने गुस्से से बैग को साइड में फेंक दिया। गुस्से से उसकी सांसे ऊपर नीचे हो रही थी उसका प्लान बिगड़ चुका था लड़को ने उसे धोखा दिया। तभी उसके फोन पर एक मैसेज आया नीलिमा ने अपना फोन देखा कोई विडिओ मेसेज था जिसमे नीलिमा अपना कट्टा चिट्टा खुद ही खोल रही थी। नीलिमा ने देखा तो उसका दिल धड़क उठा उसने जो चाल चली थी उसमे अब वह खुद फंस चुकी थी। उसने उस नंबर पर फोन किया लेकिन बंद गुस्से में नीलिमा ने फोन सोफे पर फेंका कुछ देर बाद फोन पर फिर मेसेज आया जिसमे लिखा था – बच्चे गलती करे तो टीचर उन्हें सजा देता है , ब्लैकमेल नहीं करता है।”
नीलिमा किसी कटे वृक्ष की तरह सोफे पर जा गिरी ! उसने जो षड्यंत्र रचा था उसका वह खुद शिकार हो चुकी थी। (Blackmail)

समाप्त ! (Blackmail)

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संजना किरोड़ीवाल

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