"अक्षत जी आप ना कभी कभी बच्चे बन जाते हो , हमारी पसंद को अच्छा बुरा कहे तो उस से क्या फर्क पड़ता है ? हम जानते है हमे जो पसंद है वो सबको पसंद नहीं आता इसका मतलब ये तो...
"थैंक्यू इसलिए की तुम मेरी जिंदगी में आयी, थैंक्यू तुमने मुझ जैसे सडु (मुस्कुराते हुए) इंसान को सुधार दिया , थैंक्यू तुमने मुझसे शादी की और थैंक्यू हमारे बीच इस नन्ही सी जान को लाने के लिए ,, तुम माँ बनने...
"हाँ,,,,,,,,,,,,,,नहीं मेरा मतलब नहीं , तुम सीधी बात नहीं कर सकती क्या ? तुम्हे पता है मैं कितना जल्दी में आया हूँ ,, मुझे तुमसे बात करनी थी तुम्हे बताना तो चाहिए ना तुम जा रही हो",वंश ने बच्चो की तरह...
,"मीरा मैं तुम्हे कंट्रोल नहीं करना चाहता पर मैं चाहता हूँ जब घर में सब साथ हो तो तुम भी वहा मौजूद रहो ,, काम इम्पोर्टेन्ट है लेकिन फॅमिली से ज्यादा नहीं,,,,,,,,,,,,,,ये बोलकर मैं तुम्हारे काम को कम नहीं आंक रहा...