Pasandida Aurat Season 3 – 1

Pasandida Aurat Season 3 – 1

Pasandida Aurat Season 3
Pasandida Aurat Season 3 by Sanjana Kirodiwal

आनंद निलय अपार्टमेंट , पनवेल , मुंबई
सातवे माले पर बने 2BHK फ्लेट के सजे हुए कमरे में खिड़की के पास खड़े दो लोगो के जवान दिल आज एक दूसरे के लिए धड़क रहे थे। कहानी की नायिका अवनि के होंठ कहानी के नायक पृथ्वी के होंठो की गिरफ्त में थे और अवनि आँखे मूँदे खुद को समर्पित कर चुकी थी। वह पृथ्वी को अपने पति होने का हक़ दे चुकी थी। कुछ देर एक दूसरे के करीब रहने के बाद पृथ्वी धीरे से अवनि से दूर हटा और पीठ दिवार से लगाकर आँखे मूँद ली और सर ऊपर उठा लिया।

अवनि ने अपनी आँखे खोली और सामने खड़े पृथ्वी को देखा , चाँद की दूधिया रौशनी में वह कितना प्यारा लग रहा था उस पर उसके बिखरे बाल और होंठो की सुर्ख रंगत उसे और भी आकर्षक बना रही थी। पृथ्वी अवनि से दूर क्यों हटा अवनि नहीं जानती थी लेकिन वह खुश थी , सारे हक़ पाकर भी पृथ्वी ने उसके साथ कोई जल्दबाजी नहीं की बल्कि वह अभी भी अवनि की भावनाओ का सम्मान कर रहा था।
“पृथ्वी,,,,,,,,,,!!!”,अवनि ने धीरे से कहा

अवनि की आवाज से पृथ्वी की तन्द्रा टूटी और उसने आँखे खोलकर अवनि की तरफ देखा। पृथ्वी को खामोश देखकर अवनि उसके पास आयी और कहा,”क्या हुआ ?”
पृथ्वी हल्का सा मुस्कुराया और ना में गर्दन हिला दी। अवनि प्यार भरी नजरो से एकटक उसे देखने लगी। पृथ्वी ने उसका हाथ पकड़ा और अपने सीने से लगाकर कहा,”मैं चाहता हूँ इस रात की कभी सुबह ना हो,,,,,,,,,ये वक्त , ये वक्त यही रुक जाए और तुम मेरे पास रहो। अवनि मैंने कभी तुम से खुलकर नहीं कहा शायद लेकिन मैं , मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ अवनि,,,,,,,,,,,इतना जितना मैंने कभी किसी से नहीं किया। तुम मेरी जिंदगी में आने वाली पहली और आखरी मोहब्बत हो लेकिन”

अवनि ने सुना तो हैरानी से पृथ्वी की तरफ देखा और कहा,”लेकिन,,,,,,,,,,?”
पृथ्वी ने अवनि को अपने सामने किया और उसके कंधो को थामकर उसकी आँखों में देखकर कहा,”मैंने तो अपने प्यार का इजहार कर दिया अवनि लेकिन तुमने अभी तक नहीं कहा,,,,,,,,,,,!!!”

अवनि ने सुना तो उसका दिल धड़कने लगा , ये सच था कि वह पृथ्वी से प्यार करती थी लेकिन उसने ये कभी कहा नहीं , अवनि को खामोश देखकर पृथ्वी समझ गया कि अवनि के मन में क्या चल रहा है इसलिए उसने अवनि के कंधो से हाथ हटाया और पीछे हटकर अपने हाथो को बांधकर कहा,”मैं जानता हूँ तुम भी मुझसे प्यार करती हो , बहुत प्यार करती हो लेकिन कहोगी नहीं क्योकि मुझे सताने में तुम्हे बड़ा मजा आता है लेकिन ठीक है मैं भी इंतजार करूंगा उस पल का जब तुम मुझे “I Love You” कहोगी,,,,,,,,,,और उस से पहले”

पृथ्वी ने अवनि को परेशान करने के लिए जान बूझकर अपनी बात अधूरी छोड़ दी।
“उस से पहले क्या ?”,अवनि ने घबराहटभरे स्वर में कहा पृथ्वी मुस्कुराया और कहा,”उस से पहले मुझे आपसे बहुत सारे बदले लेने है मैडम जी,,,,,,,,,,,,!!!”
अवनि ने सुना तो अपनी गर्दन झटकी और हैरानी से पृथ्वी को देखने लगी। आज की रात पृथ्वी आखिर उस से कौनसा बदला लेना चाहता था ? पृथ्वी अवनि के सामने से हटा और बिस्तर की तरफ चला आया। वह बिस्तर पर आकर बैठा और अपनी से अपने बगल में आकर बैठने का इशारा किया।

अवनि का दिल फिर धड़कने लगा। एक तो पृथ्वी की ये पहेलियों जैसी बातें उस पर पृथ्वी का उसे यू प्यारभरी नजरो से देखना। अवनि शर्माते संकुचाते आकर पृथ्वी के बगल में बैठ गयी। दोनों के बीच थोड़ी दूरी थी जिसे देखकर पृथ्वी मुस्कुराया और फिर आलथी पालथी मारकर अवनि की तरफ मुँह करके बैठ गया और कहा,”तुम भी ऐसे बैठो”
अवनि नहीं समझ पा रही थी पृथ्वी क्या चाहता है ? उसने अपने पैर ऊपर किये तो लहंगे की वजह से दिक्कत हुई ये देखकर पृथ्वी ने उसके पैरों को हाथ लगाकर जैसे ही ऊपर रखना चाहा अवनि ने पीछे हटकर कहा,”छी छी ! ये क्या कर रहे है आप ? आपको मेरे पैरो को हाथ नहीं लगाना चाहिए”

“अच्छा ! और ये कहा लिखा है ? पति और पत्नी में कोई बड़ा नहीं होता अवनि दोनों बराबर होते है। अगर मुझे सम्मान देने के लिए तुम मेरे पैर छू सकती हो तो तुम्हारे पैर दुखने पर मैं भी उन्हें दबा सकता हूँ”,पृथ्वी ने अवनि के पैरों को अपने हाथो में थामकर कहा
अवनि ने जल्दी से अपने पैरों को पीछे खींचा और घुटने मोड़कर बैठते हुए कहा,”कोई जरूरत नहीं है , मेरे पैर कभी नहीं दुखेंगे”

“नहीं भी दुखेंगे तब भी मैं दबा दिया करूंगा,,,,,,,उसके बदले में तुम चाहो तो मुझे थोड़ा प्यार कर सकती हो”,पृथ्वी ने अपने नाख़ून चबाते हुए साइड में देखकर धीरे से कहा क्योकि अवनि से सीधे सीधे ये सब कहने में उसे शर्म आ रही थी।
अवनि ने सुना लेकिन अनजान बनते हुए कहा,”आप मुझसे कुछ कहने वाले थे ?”
पृथ्वी ने अवनि की तरफ देखा और कहा,”हाँ ! मैं तुमसे बदला लेना चाहता हूँ”
“कैसा बदला और मैंने क्या किया ?”,अवनि ने प्यार से कहा

“मैडम जी ! आप शायद भूल गयी है लेकिन मैं नहीं भुला , याद है उस दिन तुमने मुझे 100 बार “I am sorry , I won’t do this again.” लिखने को कहा था , और मैंने कैसे लिखा मैं ही जानता हूँ”,पृथ्वी ने बच्चो की तरह मुँह बनाकर कहा
अवनि ने सुना तो पृथ्वी की तरफ देखा और कहा,”लेकिन वो तो मैंने आपको गलती पर पनिशमेंट दी ना पृथ्वी , उसके लिए कैसा बदला ?”

पृथ्वी ने अवनि की तरफ देखा और कहा,”तुमने भी तो मुझे खुद से दूर रखने की गलती की ना अवनि , तो मैं भी तो तुम्हे इस गलती की पनिशमेंट दे सकता हूँ ना ?”
अवनि ने सुना तो मुस्कुराई और कहा,”ठीक है ! आप जो सजा देंगे मुझे मंजूर है,,,,,,,,,कहे तो मैं आपके सामने 100 बार उठक बैठक कर दू या फिर 100 बार  आपके लिए सॉरी नोट लिख दू ? बताईये क्या करू ?”
पृथ्वी ने सुना तो मुस्कुराया और कहा,”तुम सच में बच्ची हो अवनि , मैं तुम्हे ये सब करने को थोड़ी कहूंगा”

“तो क्या तुम्हे मुझसे वो सारे पैसे और गिफ्ट्स चाहिए जो मुझे शादी में मिला है ?”,अवनि ने मासूमियत से कहा
पृथ्वी ने सुना तो अपना हाथ अपने ललाट पर मारा और कहा,”अरे भाई ! तुम्हे क्या मैं इतना चिन्दी लगता हूँ ?'”
अवनि ने ना में गर्दन हिला दी तो पृथ्वी उसकी तरफ खिसका और उसके हाथो को थामकर कहा,”मुझे तुम्हे ये सब सजा नहीं देनी”
“फिर ?”,अवनि ने पूछा

पृथ्वी ने जैसे ही कहने के लिए अवनि की तरफ देखा उसकी नजरे अवनि के होंठो पर जाकर ठहर गयी और उसने कहा,”तुम्हारे होंठ कितने अच्छे है अवनि”
अवनि ने सुना तो उसका दिल धड़का और उसने पीछे  खिसककर कहा,”मतलब ?”
“मतलब ये कि तुमने मुझे 100 बार सॉरी नोट लिखने को कहा तो अब बदले में तुम्हे मुझे 100 बार “I Love You कहना पड़ेगा या फिर 100 बार मुझे किस करना होगा”,पृथ्वी ने अवनि की आँखों में देखते हुए कहा।

अवनि ने सुना और पृथ्वी को देखने लगी , ना उसमे इतनी हिम्मत थी कि वह पृथ्वी से 100 बार I Love You” कहे ना ही इतनी हिम्मत थी कि उसे किस करे उसने धीरे से कहा,”मैं , मैं आपसे”
“अच्छा छोडो ! I Love You तो तुम मुझे कभी न कभी बोल ही दोगी तुम मुझे 100 बार किस करो,,,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने एकदम से कहा
“हहहहह,,,,,,,,,,,,पृथ्वी”,अवनि ने कहा

“शुरू करो”,पृथ्वी ने अपना गाल अवनि के सामने करके कहा , अवनि के पास पृथ्वी की बात मानने के अलावा और कोई चारा नहीं था उसने जैसे ही अपने होंठो को पृथ्वी के गाल की तरफ बढ़ाया पृथ्वी का फोन बजा और पृथ्वी ने चिढ़कर अपनी आँखे बंद कर ली। वह पीछे हटा और अवनि की तरफ देखकर कहा,”इसे भी अभी बजना था”
पृथ्वी की ये प्यारभरी चिढ देखकर अवनि मुस्कुराने लगी। पृथ्वी उठा और बिस्तर के दूसरी तरफ रखे अपने फोन को उठाकर देखा। स्क्रीन पर चाचा का नंबर देखकर पृथ्वी ने फोन उठाया और हाँ हूँ करके फोन काट दिया। पृथ्वी ने फोन रखा और अवनि की तरफ आया तो अवनि ने पूछा,”किसका फोन था ?”

“अवनि तुमने मुझे बताया क्यों नहीं तुम्हारे घरवाले सुबह की ट्रेन से वापस जा रहे है ?”,पृथ्वी ने अवनि के सामने आकर पूछा
“सुरभि ने मना किया था”,अवनि ने धीरे से कहा
पृथ्वी ने सुना तो कलाई पर बंधी घडी में समय देखा जो कि रात के ढाई बजा रही थी। उसने अपना हाथ नीचे किया और कहा,”अवनि ! जाओ कपडे बदलकर आओ”
“मतलब ?”,अवनि ने हैरानी से कहा

“मतलब ये कि हम स्टेशन जा रहे है , उनकी ट्रेन 5 बजे है और यहाँ से स्टेशन जाने में जायेगा 1 घंटा ,, जाने से पहले तुम आराम से उनके साथ एक डेढ़ घंटा बिता सकती हो”,पृथ्वी ने कहा
अवनि ने सुना तो ख़ामोशी से पृथ्वी को देखने लगी , जब सुरभि ने बताया कि सब सुबह वापस जा रहे है तो वह सबसे मिलना चाहता थी लेकिन आज उसकी और पृथ्वी की शादी की पहली रात थी ऐसे में वह पृथ्वी से ये कैसे कह देती लेकिन पृथ्वी ने अवनि के कहे बिना ही उसके मन की बात जान ली और अपनी पहली रात की परवाह किये बिना वह अवनि को लेकर स्टेशन जा रहा था।

अवनि को खामोश देखकर पृथ्वी ने कहा,”तुम उनसे मिलना चाहती थी ना ?”
अवनि ने सुना तो नम आँखों से हामी में गर्दन हिला दी। पृथ्वी मुस्कुराया और अवनि के गाल को छूकर प्यार से कहा,”तो जाओ ! कपडे बदलकर आओ मैं तब तक कैब बुक कर देता हूँ”
अवनि ने देखा पृथ्वी के माथे पर कोई शिकन नहीं थी ना ही अपनी रात ख़राब होने का मलाल ! अवनि ने कबर्ड से कपडे लिए और बाथरूम की तरफ चली गयी।

वापस आयी तब तक पृथ्वी भी कैब बुक कर चुका था और साथ ही खुद भी कपडे बदल लिए अब ससुराल वालो के सामने ट्राउसर टीशर्ट में तो नहीं जा सकता था न।
अवनि सूट पहनकर आयी। उसने अपने आधे बालों में क्लेचर डाला और ड्रेसिंग पर रखी चूडिया हाथो में वापस चढ़ा ली। उसने दुपट्टा लिया और पृथ्वी के पास चली आयी। पृथ्वी ने देखा अवनि के ललाट पर बिंदी नहीं है तो उसने अवनि से रुकने का इशारा किया और ड्रेसिंग से उसके लिए एक बिंदी ले आया और खुद ही उसके ललाट पर चिपकाकर कहा,”चले ?”

“हम्म्म,,,,,,,,,,,,!!!”,अवनि ने धीरे से कहा
पृथ्वी अवनि के साथ कमरे से बाहर निकल गया। जाते जाते उसने पलटकर सजे हुए कमरे को देखा और मुस्कुरा दिया। उसके लिए अपनी भावनाओ से ज्यादा जरुरी था अवनि का मन रखना। वह अवनि को लेकर फ्लेट से बाहर निकल गया।

रवि और सभी घरवालों ने कौशल चाचा से कुछ दिन और रुकने को कहा लेकिन उन्होंने कहा कि वे फिर आएंगे और इसी वादे के साथ सभी विदा लेकर रवि जी के घर से निकल गए। हिमांशु भैया और चाचा सबको छोड़ने स्टेशन जा रहे थे। अवनि को अच्छा घर और अच्छा परिवार मिला है ये देखकर कौशल चाचा और सभी घरवाले बहुत खुश थे। स्टेशन पहुचंकर सब अपने अपने सामान के साथ अंदर जाने लगे।

हिमांशु और चाचा ने ट्रेन आने तक उनके साथ रुकने की बात की लेकिन मयंक चाचा ने मना कर दिया क्योकि हिमांशु और चाचा भी शादी में काफी थक चुके थे। उन्होंने बाहर से ही उन्हें वापस घर जाने को कहा और खुद अंदर चले आये। कार्तिक ने तत्काल में सबके लिए टिकट्स बुक किये थे इसलिए सब बेफिक्र थे।

कौशल चाचा , मयंक चाचा और सीमा बेंच पर आ बैठे। मीनाक्षी , मीनाक्षी , नितिन और अंशु दूसरी बेंच पर आ बैठे। सलोनी एक तरफ बैठकर अपना फोन चलाने लगी और कार्तिक सुरभि के साथ मिलकर वही प्लेटफॉर्म पर चक्कर काटने लगा। चलते चलते सुरभि की नजर सामने से आती अवनि पर पड़ी तो उसे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ ! वह रुकी और अपनी आँखों को जल्दी जल्दी मसलकर फिर सामने देखा तब तक अवनि उसके थोड़ा और नजदीक आ चुकी थी ये देखकर सुरभि उसके पास आयी और कहा,”तुम यहाँ क्या कर रही हो ?”

“सब मुझसे मिले बिना जा रहे थे तो मैं यहाँ मिलने चली आयी”,अवनि ने कहा
“मैं नहीं हम,,,,,हम मिलने चले आये”,अवनि के पीछे आते पृथ्वी ने कहा तो सुरभि और ज्यादा हैरान हुई और अवनि को साइड में लाकर दबी आवाज में कहा,”तुम दोनों पागल हो क्या ? आज तुम दोनों की फर्स्ट नाईट और तुम दोनों यहाँ हो ?”
पृथ्वी सुरभि अवनि को अकेला छोड़कर चाचाओं की तरफ आया और कहा,”आप लोग अवनि से मिले बिना ही वापस जा रहे है ?”

“अरे जमाई सा ! आपने आने की तकलीफ क्यों की ? शादी में हम सब अवनि से मिल ही चुके है ना और फिर कुछ दिन बाद दीपिका की शादी में आप और अवनि उदयपुर पधार ही रहे है इसलिए हम लोगो ने आपको तकलीफ नहीं दी”,कौशल चाचा ने कहा
“इसमें तकलीफ कैसी ? जैसे अवनि आपके घर की बेटी है वैसे उस से शादी करने के बाद मैं भी उस घर का बेटा हुआ,,,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने पुरे हक़ से कहा तो मयंक चाचा उसे एकटक देखने लगे ये देखकर पृथ्वी ने मयंक चाचा से कहा,”हूँ ना ?”
“हाँ हाँ जमाई सा ! बिल्कुल है,,,,,,,,लेकिन आपको इस वक्त यहाँ नहीं आना चाहिए था।”,सीमा चाची ने कहा

सब पृथ्वी से कुछ ना कुछ कहते रहे लेकिन पृथ्वी ने किसी की नहीं सुनी और जिद पकड़ ली की अब तो वह सबको विदा करके ही जाएगा और मीनाक्षी चाची की तरफ चला आया। पृथ्वी को पुरे घर में मीनाक्षी चाची ज्यादा पसंद थी वो इसलिए क्योकि उनकी बाते बहुत मजाकिया और चटपटी होती थी। मयंक चाचा ने कार्तिक से सबके लिए चाय ले आने को कहा।

दूसरी तरफ सुरभि अवनि को सुनाये जा रही थी ये देखकर पृथ्वी उठा और सुरभि के सामने आकर कहा,”ए साली साहिबा ! हमारी बीवी को कुछ मत कहना”
“कहूँगी तुम्हारी बीवी को भी कहूँगी और तुम्हे भी कहूँगी,,,,,,,,,,,कल तो अवनि से बात करने के लिए मरे जा रहे थे तुम और आज जब उसके साथ वक्त बिताने का मौका मिला तो उसे यहाँ ले आये”,सुरभि ने प्यारभरा गुस्सा दिखाकर कहा

“तो क्या हुआ ? अवनि के साथ मुझे अब जिंदगीभर रहना है लेकिन आज अगर इसके घरवाले चले जाते तो इसके मन में उनसे ना मिलने की कसक रह जाती ना , बस इसलिए मैं इसे यहाँ ले आया”,पृथ्वी ने प्यार से कहा तो सुरभि का गुस्सा कुछ शांत हुआ और उसने अवनि से कहा,”जाओ जाकर मिल लो अपने घरवालों से,,,,,,,!!!”
अवनि मुस्कुराई और वहा से चली गयी। अवनि के जाने के बाद सुरभि भी जाने लगी तो पृथ्वी ने उसकी कुर्ती का कोना पकड़कर उसे रोका और कहा,”अब तुम कहा चली ? थोड़ी देर रुको यार मैं अकेला बोर हो जाऊंगा”

सुरभि रुक गयी और पृथ्वी से बाते करने लगी बातो बातो में पृथ्वी ने कहा,”अच्छा सुरभि ! मेरे ख्याल से अब तुम्हे भी कोई अच्छा लड़का देखकर शादी कर लेनी चाहिए,,,,,,,,,!!”
“आजकल अच्छे लड़के मिलते कहा है ?”,सुरभि ने मुँह बनाकर कहा
“हाँ सही कहा , अब सबकी किस्मत अवनि जैसी तो नहीं हो सकती ना”,पृथ्वी ने इतराकर अपने हाथो को बांधकर कहा

सुरभि ने पृथ्वी को देखा और कहा,”जी नहीं ये कहो कि सब तुम्हारे जैसे नहीं हो सकते,,,,,,,,,,,,!!!”
“मतलब ?”,पृथ्वी ने पूछा
“मतलब ये कि तुम बहुत अच्छे हो पृथ्वी , हमेशा अवनि से इतना ही प्यार करना और उसे खुश रखना ,, कभी उसका साथ मत छोड़ना”,सुरभि कहते कहते उदास हो गयी
“अरे अरे ये क्या तुम तो सेंटी हो गयी,,,,,,,चिंता मत करो मैं उसे बहुत खुश रखूंगा और हमेशा उसके साथ रहूंगा”,पृथ्वी ने सुरभि के कंधो पर अपनी बाँह रखकर उसे साइड हग करके कहा

सुरभि मुस्कुराई और पृथ्वी से दूर हटकर हाथ में पकड़ी पानी की बोतल उसकी तरफ बढाकर कहा,”पानी”
“हम्म्म थैंक्स”,पृथ्वी ने बोतल लेकर कहा और उसका ढक्कन खोलते हुए आगे बोला,”तुम कहो तो तुम्हारे लिए मुंबई में कोई अच्छा लड़का देख लू ?”
“लड़का है पृथ्वी”,सुरभि ने खोये हुए स्वर में कहा
“कौन ?”,पृथ्वी ने बोतल से पानी मुँह में उड़ेलकर कहा

सुरभि ना जाने किन ख्यालो में खोयी थी उसने एकदम से कहा,”सिद्धार्थ,,,,,,,,,,,,,,,,!!!”
पृथ्वी ने सुरभि के मुँह से जैसे ही सिद्धार्थ का नाम सुना मुँह में भरा पानी एक झटके में बाहर आ गिरा और वह बुरी तरह से खाँसने लगा। अवनि और घरवालों ने देखा तो सब दौड़कर पृथ्वी के पास आये और साइड में खड़ी सुरभि ने धीरे से कहा,”मुझे पता था यही होगा”

( क्या आज की रात मिट जाएगी अवनि और पृथ्वी के बीच की ये दूरिया ? क्या पृथ्वी बताएगा अवनि को अपनी नौकरी छोड़ने के बारे में ? सुरभि के मुँह से सिद्धार्थ का नाम सुनकर क्या पृथ्वी समझ पायेगा उसे या करेगा उसे जज ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत सीजन 3” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल

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