Pasandida Aurat Season 2 – 20
Pasandida Aurat Season 2 – 20

पृथ्वी जयदीप की एक फीमेल क्लाइंट “मिस प्राची देसाई” के साथ मीटिंग में था। फॉर्मल कपड़ो में , स्लीवस की बाजू ऊपर चढ़ाये पृथ्वी प्राची को नए प्रोजेक्ट के बारे में बता रहा था। पृथ्वी का ध्यान प्रोजक्ट फाइल पर था और प्राची का पृथ्वी पर , वह बड़े प्यार से पृथ्वी को देख रही थी। पृथ्वी ने अपनी बात खत्म की और फाइल प्राची की तरफ खिसका कर कहा,”आप एक बार इसे देख लीजिये एंड इसमें कोई करेक्शन करना हो तो आप मुझे मेल कर सकती है”
प्राची ने बिना देखे ही फाइल को बंद किया और पृथ्वी से बैठने का इशारा किया। पृथ्वी अपनी कुर्सी पर आ बैठा।
प्राची ने अपने बगल में खड़े अपने मैनेजर से दो कप कॉफी भिजवाने को कहा तो मैनेजर वहा से चला गया। पृथ्वी ने कलाई पर बंधी घडी को देखा उसे सुबह से लंच का इंतजार था आखिर वह देखना चाहता था अवनि ने उसके लिए टिफिन में क्या रखा है ? ये सोचकर सहसा ही उसके होंठो पर मुस्कान तैर गयी। प्राची ने पृथ्वी को मुस्कुराते देखा तो मुस्कुराई और कहा,”सो मिस्टर उपाध्याय”
“जी मेम,,,,,,,,!!”,पृथ्वी की तंद्रा टूटी
“आपका प्रोजेक्ट मुझे काफी पसंद आया , डेड से कहकर मैं इसे जल्दी ही फाइनल करवा दूंगी”,प्राची ने कहा
“जी मेम ! थैंक्यू,,,,,,,,,,,मुझे लगा आज की मीटिंग में मिस्टर देसाई आएंगे”,पृथ्वी ने कहा
“क्यों मिस्टर उपाध्याय आपको मेरा आना अच्छा नहीं लगा ?”,प्राची ने पृथ्वी की आँखों में देखते हुए पूछा जिस से पृथ्वी को कुछ असहज महसूस हुआ। इम्पोर्टेन्ट मीटिंग थी इसलिए पृथ्वी इसे बीच में छोड़कर भी नहीं जा सकता था। उसने अपनी नजरे नीची की और कहा,”अह्ह्ह्ह नहीं ! ऐसी बात नहीं है , आपसे मिलकर अच्छा लगा मिस देसाई”
“मुझे भी,,,,,,,,,,!!!”,प्राची ने मुस्कुराते हुए कहा उसकी नजरे अभी भी पृथ्वी के चेहरे पर टिकी हुई थी। ऑफिस बॉय कॉफी ले आया और दोनों ख़ामोशी से कॉफी पीने लगे। प्राची चाहती थी कि पृथ्वी उस से कुछ बात करे लेकिन पृथ्वी का ध्यान बस जल्दी से जल्दी अपनी कॉफी खत्म कर यहाँ से जाने पर था।
कॉफी खत्म होने के बाद पृथ्वी ने कप रखा और उठकर कहा,”मैं अब चलता हूँ,,,,,देसाई सर को मेरा हेलो कहियेगा”
“अह्ह्ह हां जरूर ! आईये मैं आपको बाहर तक छोड़ देती हूँ”,प्राची ने उठते हुए कहा और पृथ्वी के साथ दरवाजे की तरफ बढ़ गयी
दरवाजे पर आकर प्राची ने कहा,”मिस्टर उपाध्याय ! आपने कहा मुझे किसी करेक्शन की जरूरत हो तो मैं आपको मेल कर दू ?”
“जी मेम”,पृथ्वी ने कहा
“क्यों न वो सब करेक्शन हम आज के लंच पर आमने सामने बैठकर डिस्कस कर ले ?”,प्राची ने पृथ्वी को लंच के लिए इन्वाइट किया
पृथ्वी ने सुना तो ख़ामोशी से प्राची के चेहरे की तरफ देखने लगा और फिर मुस्कुरा कर कहा,”थैंक्यू मेम ! लेकिन आज का लंच मैं अपने ऑफिस में करना पसंद करूंगा , मेरी वाइफ बहुत प्यार से बनाया है”
प्राची ने सुना तो उसके चेहरे से ख़ुशी और मुस्कराहट एकदम से गायब हो गयी। जब उसे पता चला कि पृथ्वी शादीशुदा है तो उसका दिल ही टूट गया और वह मायूस नजर आयी।
उसने जबरदस्ती मुस्कुराकर कहा,”ओह्ह्ह अच्छा ! कोई बात नहीं,,,,,,,,मैं जल्दी ही आपको प्रोजेक्ट के लिए कन्फर्मेशन मेल कर दूंगी”
“जी मेम , थैंक्यू ! Have a nice day !”,पृथ्वी ने कहा और वहा से चला गया प्राची उसे जाते देखती रही और फिर अंदर चली आयी। पृथ्वी का चेहरा अब भी उसकी आँखो के सामने आ रहा था और फिर प्राची ने अपना सर कुर्सी पर पीछे झुका लिया और अफ़सोस भरे स्वर में बुदबुदाई,”Why मिस्टर उपाध्याय Why ?”
पृथ्वी देसाई ग्रुप एंड कम्पनी ऑफिस से बाहर आया और खुले आसमान के नीचे आकर गहरी साँस ली और कहा,”ये जयदीप सर हमेशा मुझे ऐसी मीटिंग्स में क्यों फंसा देते है ? वो मिस देसाई कैसे देख रही थी मुझे ? हाह ! मैं शादीशुदा हूँ फिर भी,,,,,,,मिस्टर उपाध्याय ! क्यों न वो सब करेक्शन हम आज के लंच पर आमने सामने बैठकर डिस्कस कर ले ?
हुंह क्यों करूंगा मैं तुम्हारे साथ लंच ? मैं अपनी मेडम जी के हाथ से बना टिफिन खाऊंगा ,,,,, हहहहहह सुबह सुबह उठकर उन्होंने कितने प्यार से मेरे लिए सब बनाया होगा,,,,,,,मैं उनकी मेहनत वेस्ट जाने दू ऐसा हरगिज नहीं होगा,,,,,,,,,मुझे अब जल्दी से ऑफिस जाना चाहिए”
पृथ्वी अपने ख्यालो से बाहर आया और पार्किंग में खड़ी गाडी में आ बैठा जो कि जयदीप की थी। पृथ्वी गाड़ी लेकर वहा से निकला और ऑफिस पहुंचा।
पृथ्वी ने गाड़ी की चाबी गार्ड को देकर गाड़ी पार्किंग में लगाने को कहा और खुद अंदर चला आया। जयदीप बाहर किसी स्टाफ की डेस्क के पास खड़े होकर उसे कुछ समझा रहे थे या यू कहे उसे फटकार लगा रहे थे। पृथ्वी आया और उनकी बाँह में अपना हाथ डालकर उसे अपने साथ ले जाते हुए कहा,”मेरे साथ आईये मुझे आपसे कुछ जरुरी बात करनी है”
जयदीप हैरानी से पृथ्वी के साथ चला गया और जैसे ही दोनों केबिन में आये जयदीप ने कहा,”ओह्ह्ह्ह ये तुम क्या कर रहे हो ? तुम सबके सामने मुझे ऐसे ले आये मैं तुम्हारा बॉस हूँ,,,,,,,,,,,,,!!!”
“लेकिन आपकी हरकते बिल्कुल,,हाह ! आज की मीटिंग अटेंड करने के लिए आपको मैं ही मिला ?”,पृथ्वी ने कहा
“ओह्ह्ह अब क्या किया मैंने ?”,जयदीप ने हाथो को नचाते हुए कहा
“मीटिंग में मिस्टर देसाई नहीं बल्कि उनकी बेटी आयी थी और मीटिंग के बाद उन्होंने मुझे लंच के लिए इन्वाइट किया”,पृथ्वी ने उखड़े स्वर में कहा
“हाँ तो ये तो अच्छी बात है , तुम्हे उनके साथ लंच करना चाहिए इस से बिजनेस रिलेशन स्ट्रांग होंगे,,,,,,,,!!!”,जयदीप ने कहा
“मैं शादीशुदा हूँ”,पृथ्वी ने जयदीप को घूरकर देखा
“तो क्या शादीशुदा लोग लंच नहीं करते ? ओह्ह्ह कम ऑन पृथ्वी क्लाइंट के साथ अच्छे रिलेशन बनाये रखने के लिए हमे कभी कभी ये करना पड़ता है। उसने तुम्हे सिर्फ लंच ऑफर किया है रिलेक्स,,,,,,,!!!”,जयदीप ने कहा
“मैं ये सब नहीं करूंगा और आगे से आप मुझे ऐसी मीटिंग्स अटेंड करने को नहीं कहेंगे”,पृथ्वी ने कहा
“अच्छा ठीक है ! चलो अब लंच करते है मैं बहुत एक्साइटेड हूँ ये देखने के लिए कि अवनि ने तुम्हारे लिए क्या भेजा है ?”,जयदीप ने खुश होकर दोनों हाथो को आपस में मिलाकर कहा
पृथ्वी पहले मुस्कुराया और फिर चेहरे पर कठोर भाव लाकर कहा,”बिल्कुल नहीं ! आप जाईये और जाकर अपने क्लाइंट्स के साथ लंच कीजिये,,,,,बिजनेस रिलेशन स्ट्रांग कीजिये”
“ए पृथ्वी , सुनो , सुनो ना,,,,,,,,,अह्ह्ह्ह ये लड़का”,जयदीप आवाज देते ही रह गया और पृथ्वी वहा से चला गया लेकिन जयदीप तो जयदीप है वह पृथ्वी को इतनी आसानी से भला कैसे छोड़ सकता था वह भी पृथ्वी के पीछे पीछे केबिन से बाहर निकल गया।
पृथ्वी जयदीप के केबिन से निकलकर बाथरूम की तरफ आया। उसने हाथ मुँह धोया और ख़ुशी ख़ुशी अपने केबिन में आया लेकिन जैसे ही केबिन में घुसा उसके चेहरे से ख़ुशी और मुस्कराहट गायब हो गयी। जयदीप पहले से अंकित , मनीष , तान्या और कशिश के साथ खाने की टेबल पर बैठा था और उनके बीच रखा था पृथ्वी का टिफिन,,,,,,,,,,,!!
अपनी टीम के सामने पृथ्वी जयदीप से भला क्या ही कहता , वह जयदीप के बगल में पड़ी कुर्सी पर आ बैठा और जैसे ही अपना टिफिन अपनी तरफ खिसकाया तान्या ने कहा,”पृथ्वी सर ! आज जयदीप सर भी हमारे साथ लंच करने वाले है,,,,,,,इनके साथ यहाँ बैठकर कितना अच्छा लग रहा है”
“हाँ सर ! हम तो खामखा आपको खड़ूस समझते थे पर आप तो बहुत कूल है”,कशिश ने कहा जो कि कभी कभार बिना सोचे समझे कुछ भी बोल जाती थी।
जयदीप ने हैरानी से कशिश की तरफ देखा तो कशिश इधर उधर देखने लगी। पृथ्वी बेचारा मन ही मन सोच रहा था कि कहा वह इन सबके बीच फंस गया। उसे सोच में डूबा देखकर जयदीप ने कहा,”अरे भाई टिफिन खोलो भूख लगी है,,,,,,,,,,,!!!”
बाकि सब ने भी अपने अपने टिफिन टेबल पर खोलकर रखे और पृथ्वी की तरफ देखने लगे। पृथ्वी ने एक नजर सबको देखा और टिफिन खोला। जैसे ही उसने टिफिन निकालकर बाहर रखा खाने की खुशबु सबके नाक को छूकर गुजरी। अब तो जयदीप के साथ साथ बाकि सबकी नजरे भी पृथ्वी के टिफिन पर थी। पृथ्वी ने टिफिन का हुक हटाया और पहले डिब्बे से ढक्कन हटाया जिसमे चावल रखे थे , दूसरा डिब्बे से ढक्कन हटाया तो उसमे पनीर था , तीसरे डिब्बे में बहुत ही मुलायम और पतली चपाती थी और आख़री डिब्बे में दाल थी।
पृथ्वी ने जैसे ही उसे उठाकर साइड रखा उसकी नजर एक मोड़कर रखे हुए सफ़ेद कागज पर पड़ी। पृथ्वी ने हैरानी से उसे देखा और उठाकर खोला। अवनि ने पृथ्वी के लिए कुछ लिखा था और ये देखते ही पृथ्वी के चेहरे पर ख़ुशी और होंठो पर मुस्कान तैर गयी उसने टिफिन के डिब्बे साइड किये और अपनी जगह से उठकर साइड में चला आया।
पृथ्वी ने उस कागज पर लिखे अल्फाजों को पढ़ना शुरू किया
“Dear पृथ्वी ! सबसे पहले तो मैं तुम से माफ़ी चाहती हूँ कि मैंने तुम्हे गंवार फली और करेला खिलाया पर तुम इतने अच्छे हो कि तुमने ख़ुशी ख़ुशी वो भी खा लिया। मेरे लिए तुमने खुद को सच में कितना बदल लिया है लेकिन अब मेरी बारी,,,,,,,,,उम्मीद है आज का खाना तुम्हे पसंद आएगा,,,,,,,,,,,,अवनि”
पृथ्वी ने अवनि के लिखे इन अल्फाजों को एक बार पढ़ा , दो बार पढ़ा , चार बार पढ़ा और हर बार पढ़ने के साथ उसकी ख़ुशी बढ़ती गयी।
पृथ्वी अवनि के लिखे अल्फाज पढ़ने में बिजी था और उधर जयदीप बाकी सबके साथ पृथ्वी के टिफिन पर हाथ साफ कर चुका था। पृथ्वी ने कागज को मोड़कर जेब में रखा और जैसे ही अपनी कुर्सी पर आकर बैठा देखा चपाती का सिर्फ एक निवाला बचा है और बाकि सब खत्म,,,,,,,,,,उसने हैरानी से जयदीप और बाकि सबको देखा तो सब इधर उधर देखने लगे। जयदीप ने बेशर्मो की तरह आखरी निवाला उठाना चाहा तो पृथ्वी ने उनके हाथ पर हलके से मारकर उन्हें रोका और खुद वो निवाला उठाकर जैसे ही मुँह में रखा एक सुकून उसके चेहरे पर देखने को मिला।
“सच में पृथ्वी सर आज का खाना तो लाजवाब था”,तान्या ने कहा
“हाँ यार पृथ्वी सच में खाना बहुत टेस्टी था”,अंकित ने कहा
“अरे होता क्यों नहीं आज का लंच पृथ्वी की वाइफ ने जो बनाया था,,,,,,,,,,,!!”,जयदीप ने अपनी उंगलिया चाटते हुए कहा और अगले ही पल उसे अहसास हुआ कि उसे ये नहीं कहना चाहिए था। उसने डरते डरते पृथ्वी की तरफ देखा तो पाया पृथ्वी उसे ही घूर रहा है तो जयदीप ने झेंपते हुए धीरे से कहा,”आई ऍम सॉरी”
“क्या पृथ्वी सर की वाइफ ने ? सर आपने शादी कब की ?”,तान्या ने चौंककर कहा
“इसलिए आप शहर से बाहर थे और इतने दिन ऑफिस नहीं आये ?”,कशिश भी उतनी ही हैरान थी
“कॉन्ग्रैचुलेशन सर ! आपने शादी कर ली और बताया तक नहीं,,,,,,,,,,,बताया होता तो हम भी आपकी वाइफ से मिल लेते”,मनीष ने कहा
“तुम्हे उस से क्यों मिलना है ?”,पृथ्वी ने घूकर मनीष को देखा और चिढ़े हुए स्वर में कहा
“बस ऐसे ही,,,,,,,,आप नहीं चाहते तो मैं नहीं मिलूंगा,,,,,,,,,मेरी तरफ आप उन्हें शादी की मुबारकबाद दे देना”,मनीष ने घबराकर कहा
“पृथ्वी ! ये बहुत गलत है हाँ , तुमने शादी कर ली और किसी को बताया तक नहीं,,,,,,,,,,,,,क्या ये लव मैरिज है ?”,अंकित ने पूछा जो कि ऑफिस में पृथ्वी का अच्छा दोस्त भी था
बेचारा पृथ्वी उसे समझ नहीं आ रहा था क्या कहे ? जिस शादी को वह अभी के लिए सबसे छुपाना चाहता था जयदीप की वजह से सबके सामने आ चुकी थी। उसने जयदीप की तरफ देखा और कहा,”बताईये इन्हे,,,,,,,,,,,,!!”
“अरे मैं क्या बताऊ ? तुम्हारी शादी हुई है तुम बताओ वैसे भी मुझे एक जरुरी कॉल करना है,,,,,,,,,अवनि से कहना खाना बहुत अच्छा था”,कहते हुए जयदीप उठा और अपनी जान बचाकर वहा से भाग गया।
अब तक चारो को ये पता था कि पृथ्वी की शादी हो चुकी है लेकिन अब चारो को पृथ्वी की वाइफ का नाम भी पता चल चुका था “अवनि” चारो पृथ्वी को देखकर मुस्कुरा रहे थे और पृथ्वी बस यहाँ से निकलने की सोच रहा था। उसे खामोश देखकर तान्या ने कहा,”सर ! क्या आपकी वाइफ का नाम ‘अवनि’ है ?”
“हम्म्म्म,,,,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने अपने खाली डिब्बों को समेटते हुए धीरे से कहा , शर्म से उसका चेहरा लाल हो रहा था।
“नाम तो बड़ा प्यारा है , अच्छा ये बताओ हम सबको कब मिलवा रहे हो अपनी ‘अवनि’ से ?”,अंकित ने कहा
“हाँ सर प्लीज मना मत करना , मुझे भी देखना है आखिर वो खुशनसीब लड़की कौन है जिसकी शादी आपसे हुई है ? प्लीज सर”,तान्या ने कहा
“पक्का वो सर से भी ज्यादा खूबसूरत होगी,,,,,,,,,,तभी तो सर पिघल गए”,मनीष ने कहा
सबकी बाते सुनकर पृथ्वी शर्माने लगा ये देखकर कशिश ने कहा,”ओह्ह्ह पृथ्वी सर ! क्या आप शरमा रहे है ?”
पृथ्वी ने सुना तो सबकी तरफ देखा और चिढ़कर कहा,”देखो तुम सब मुझे छेड़ना बंद करो मैं तुम्हारा सीनियर हूँ,,,,,,,,,!!!”
चारो ने जैसे ही सूना गर्दन झुकाकर मुस्कुराने लगे क्योकि इस वक्त ये सब कहते हुए पृथ्वी कुछ ज्यादा ही प्यारा लग रहा था।
पृथ्वी ने सबको मुस्कुराते देखा तो अपना टिफिन पैक किया और बॉक्स में डालकर जाने के लिए उठा तो अंकित ने कहा,”पृथ्वी ! बैठो ना , वैसे भी तुमने कहा था ऑफिस के लंच टाइम में हम सब दोस्त है जूनियर सीनियर नहीं,,,,,,,,,,,,बैठो तुमने खाना भी नहीं खाया”
“तुम सब ने मुझे खाने कब दिया ?”,पृथ्वी ने चिढ़े हुए स्वर में कहा और वापस अपनी कुर्सी पर आ बैठा।
“क्या करे सर खाना था ही इतना टेस्टी,,,,,,,,,,,एक काम कीजिये आप मेरे टिफिन से खा लीजिये”,तान्या ने अपना टिफिन पृथ्वी की तरफ बढ़ाकर कहा। पृथ्वी को भूख लगी थी इसलिए उसने तान्या का टिफिन अपनी तरफ किया और सर झुकाकर चुपचाप खाने लगा।
कशिश ने आया को कोहनी मारी और पृथ्वी से पूछने का इशारा किया तो तान्या ने मनीष से इशारा किया लेकिन तीनो ही पृथ्वी के सामने कुछ बोलने और पूछने में झिझक रहे थे। आखिरकार हिम्मत करके अंकित ने पूछा,”क्या सच में तुम्हारी लव मैरिज है ?”
“हम्म्म,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने खाते हुए बिना अंकित की तरफ देखे कहा
“मैडम कहा से है सर और क्या करती है ? क्या वो आपसे साथ मुंबई में ही रहती है ? आपसे भी ज्यादा सुन्दर है क्या ?”,कशिश ने खुश होकर पूछा
पृथ्वी ने सुना तो गर्दन उठाकर कशिश को देखा , पृथ्वी को अपनी ओर देखते पाकर कशिश झेंप गयी और कहा,”अह्ह्ह्ह मैं तो बस ऐसे ही पूछ रही थी , ऐसी बात नहीं है आप भी सुन्दर है”
पृथ्वी ने सर फिर झुका लिया और मुस्कुराकर कहा,”हाँ बहुत सुन्दर है , मुझसे भी ज्यादा,,,,,,,,,,,!!!”
चारो ने सुना तो एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे। पृथ्वी ने चारो को खामोश पाकर उनकी तरफ देखा तो समझ गया कि सब उसके बोलने का ही इंतजार कर रहे है। पृथ्वी समझ गया कि चारो बिना सच जाने उसका पीछा नहीं छोड़ेंगे इसलिए उसने चारो से कहा,”उनका नाम ‘अवनि मालिक’ है वो उदयपुर राजस्थान से है और वो एक Writer है , कुछ दिन पहले ही हमारी शादी हुई है और अब वो मेरे साथ मुंबई में ही रहती है,,,,,,,,इस से ज्यादा मैं कुछ नहीं बताने वाला,,,,,,,,!!!”
“वाओ सर ! आपकी मिसेज Writer है , मैंने सुना है Writers बहुत रोमांटिक होते है,,,,,,,,,,,क्या आपकी वाइफ भी,,,,,,,,,,,,!!!”,आया ने झिझकते हुए कहा
पृथ्वी ने सुना तो उसकी आँखों के सामने वो पल आ गया जब अवनि ने पृथ्वी से अपनी गोद में सर रखने को कहा था पृथ्वी को खोया देखकर कशिश ने कहा
“मिसेज का तो नहीं पता लेकिन पृथ्वी सर जरूर है , अभी कितने प्यार से इन्होने कहा ‘उनका नाम अवनि मलिक है’ अपनी वाइफ को लेकर कितनी रिस्पेक्ट है इनकी बातो में”
पृथ्वी ने सुना तो शरमाकर अपना सर खुजाने लगा और बाकि सब उसे देखकर मुस्कुराने लगे।
( पृथ्वी शादीशुदा है ये जानकर क्या प्राची पीछे ले लेगी अपने कदम या आना चाहेगी पृथ्वी के करीब ? क्या जयदीप पीटने वाला है पुरे ऑफिस में पृथ्वी की शादी का ढिंढोरा ? क्या पृथ्वी सुनाएगा इन चारो को अपनी और अवनि की प्रेम कहानी ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )
Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20
Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20Pasandida Aurat Season 2 – 20
- Continue With Pasandida Aurat Season 2 – 21
- Visit https://sanjanakirodiwal.com
- Follow Me On http://instagram.com/sanjanakirodiwal/
संजना किरोड़ीवाल


Prithvi ji sharmate huye kitne pyare lagte hai but yaar jaydeep sir ne bohot galat kiya sab pura tifin kha gaye
Prithvi sach m kitna innocent hai… bechare ka sab lunch kaa gaye aur uske apni junior ka lunch Krna pada…waise achcha hee hua jo Jaideep sir ne sabko bta diya ki Prithvi ki shadi ho chuki hai…ab Prithvi ko kisi se apni shadi cipane ki jarurat nhi hai…jaise aaj usne Prachi Desai ko clear Kiya ki wo married hai aur wo office m hee lunch krega…aur aaj k part best tha Avni ka usko likha letter…