Pasandida Aurat Season 2 – 2

Pasandida Aurat Season 2 – 2

Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal

पृथ्वी अवनि को साथ लेकर एक बार फिर एयरपोर्ट के लिए निकल गया। कैब की पिछली सीट पर पृथ्वी के साथ बैठी अवनि ख़ामोशी से खिड़की के बाहर देख रही थी। पृथ्वी ने अवनि को उदास देखा तो खुद भी उदास हो गया। कुछ देर पहले जो कुछ हुआ वो पृथ्वी की आँखों के सामने चलने लगा। जिस पृथ्वी ने अवनि को उसका परिवार लौटाया था आज उसी पृथ्वी के लिए अवनि ने वो परिवार फिर छोड़ दिया और इस बार तो अवनि के लिए इस घर के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके थे।

अवनि के घरवालो से तो पृथ्वी सामना कर चुका था लेकिन अब अपने घरवालों से सामना कैसे करेगा वो भी अवनि के साथ ? पृथ्वी जानता था उसके घरवाले कभी भी अवनि से उसकी शादी नहीं होने देंगे इसलिए उसने मन ही मन एक फैसला किया और एयरपोर्ट पहुंचने का इंतजार करने लगा। पृथ्वी ने नकुल से अपना रिटर्न टिकट बनाने को कहा था लेकिन अब अवनि उसके साथ थी सोचकर उसने नकुल को फोन लगाया। कुछ देर बाद ही नकुल ने फोन उठाया तो पृथ्वी ने कहा,”अह्ह्ह नकुल ! सुन ना भाई वो,,,,,,,,,,,,,!!!”

“अपना मेल चेक कर”,नकुल ने सधे हुए स्वर में कहा
 पृथ्वी ने अपना मेल चेक किया तो हैरान रह गया नकुल ने सिर्फ पृथ्वी की ही नहीं बल्कि अवनि की भी रिटर्न टिकट बनाई थी। पृथ्वी ने फोन कान से लगाया और चौंककर कहा,”तुझे कैसे पता वो मेरे साथ आ रही है ?”
“भाई जिस कॉन्फिडेंस के साथ तू गया था मुझे पूरा यकीन था तू जा अकेला रहा है लेकिन आएगा अवनि के साथ ही,,,,,,,वैसे फ्लाइट दो घंटे लेट है , आराम से आ”,नकुल ने ख़ुशी भरे स्वर में कहा

पृथ्वी ने सुना तो मुस्कुराया , इस वक्त अगर नकुल उसके सामने होता तो वह पक्का उसे चुम ही लेता। पृथ्वी ने राहत भरी साँस ली और कहा,”थैंक्स यार”
“भाग साले दोस्त को थैंक्स बोलेगा अब तू , अच्छा ये बता वहा सब ठीक है ना ?”,नकुल ने चिंतित स्वर में पूछा

“कुछ ठीक नहीं है यार , अवनि मेरे साथ है लेकिन एक बहुत बड़े सेक्रिफाइज के बाद,,,,,,,,,,खैर मुंबई आकर बताता हूँ सब अभी वो अकेली है उसे मेरी जरूरत है”,पृथ्वी ने कुछ दूर बैठी अवनि को देखते हुए कहा
“हम्म्म्म ठीक है उसका ख्याल रख और अपना भी,,,,,,,,!”,नकुल ने कहा
“अच्छा सुन,,,,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने एकदम से कहा
“हाँ बोल न”,नकुल ने कहा तो पृथ्वी ने उसे कुछ कहा और नकुल बड़े ध्यान से सब सुनता रहा। नकुल के हाँ बोलने के बाद पृथ्वी ने फोन काट दिया और जेब में रख लिया।

पृथ्वी वही खड़े होकर अवनि को देखता रहा उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी अवनि के पास जाकर उस से बात करने की फिर भी उसने हिम्मत की और अवनि के पास चला आया। अवनि खामोश बैठी किसी सोच में गुम थी कि पृथ्वी की नजर उसके मेहन्दी से रचे हाथो पर चली गयी जिनमे पृथ्वी के हाथो पहनाई कांच की हरे रंग की चुडिया बहुत ही खूबसूरत लग रही थी।

अवनि दुल्हन की तरह सजी थी और यही वजह थी कि आस पास बैठे लोगो की नजरे अवनि पर थी। पृथ्वी ने अपना फोन निकाला और किसी को मैसेज करके फोन वापस जेब में रख लिया।
अवनि की तंद्रा टूटी और उसने पृथ्वी की तरफ देखा तो पृथ्वी ने उसकी आँखे देखी जो कि रोने की वजह से सूज चुकी थी।

“आप ठीक हो ना मैडम जी ?”,पृथ्वी ने हिम्मत करके पूछा
अवनि ने कुछ नहीं कहा बस खाली आँखों से पृथ्वी को देखते रही। अवनि का यू देखना पृथ्वी को बैचैन कर रहा था इसलिए उसने अवनि से नजरे हटाकर कहा,”आप कुछ खाएंगी , मैं कुछ लेकर आउ आपके लिए ?”
“पानी,,,,,,,,,,,,,!”,अवनि के होंठ धीरे से बुदबुदाए

“हहहहह,,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने चौंककर कहा क्योकि अवनि ने जो कहा वह नहीं समझ पाया
“पानी चाहिए”,अवनि ने मुश्किल से कहा उसका गला सुख गया था।
“अह्ह्ह्ह हां मैं मैं अभी लेकर आया , आप यही रुको मैं आता हूँ”,कहते हुए पृथ्वी उठा और वहा से चला गया

कुछ देर बाद पृथ्वी हाथ में पानी की बोतल , एक डिब्बा जिसमे सेंडविच था और दूसरे हाथ में एक कप चाय लेकर अवनि के पास आया। पृथ्वी ने देखा उसकी जगह एक बुजुर्ग महिला आकर बैठ गयी है तो वह अवनि के ठीक सामने नीचे जमीन पर ही बैठ गया। अवनि ने जैसे ही उसके लिए उठना चाहा पृथ्वी ने कहा,”अरे बैठिये ना मैडम जी , मैं यहाँ ठीक हूँ,,,,,,आपके पैरो में”

अवनि ने सुना तो फिर खाली आँखों से पृथ्वी को देखने लगी और एक बार फिर पृथ्वी का दिल धड़क उठा उसने अवनि से नजरे हटाई और हाथ में पकड़ी पानी की बोतल अवनि की तरफ बढाकर कहा,”पानी , वैसे आपने सिर्फ पानी मांगा था लेकिन मैं आपके लिए चाय और सेंडविच भी ले आया , भूख लगी होगी आपको
कहते हुए पृथ्वी ने अपने निचले होंठ पर जीभ फिराई जिस से ये अंदाजा लगाया जा सकता था कि भूख उसे भी लगी थी।

पृथ्वी ने डिब्बा खोलकर अवनि की तरफ बढ़ा दिया , अवनि ने डिब्बा लिया और पृथ्वी से खाने का इशारा किया तो पृथ्वी शरमा कर अपना सर खुजाने लगा और एक सेंडविच उठा लिया। अवनि ने चाय का कप भी पृथ्वी की तरफ बढ़ा दिया और कहा,”तुम पी लो तुम्हे इसकी ज्यादा जरूरत है”
पृथ्वी ने चाय का कप लिया और नजरे झुकाकर धीरे से कहा,”आपसे मिलने की जल्दी में मैंने आज सुबह से कुछ खाया पिया ही नहीं था”

“खा लो,,,,,,!!”,अवनि ने  उदासी भरे स्वर में कहा
पृथ्वी ने चाय पी और सेंडविच खाने लगा , वह सच में बहुत भूखा था और ये अवनि उसके चेहरे पर साफ देख पा रही थी। अवनि ने डिब्बे से एक सेंडविच उठाया और धीरे धीरे उसे खाने लगी। इस वक्त उसके जहन में बहुत कुछ चल रहा था जिसका अंदाजा पृथ्वी को नहीं था।

दोनों वही बैठकर इंतजार करने लगे , कुछ देर बाद हाथ में एक बैग थामे सुरभि वहा आयी। सुरभि को वहा देखकर अवनि हैरान थी वह अपनी जगह से उठ खड़ी हुई। पृथ्वी भी उठकर अवनि के बगल में चला आया। सुरभि दोनों के पास आयी और पृथ्वी को घूरने लगी। सुरभि को अपनी और घूरते पाकर पृथ्वी ने शर्माने की एक्टिंग करके कहा,”ऐसे मत देखो मुझे , मैं अब शादीशुदा हूँ”

“ओह्ह्ह रियली ! कब हुई तुम्हारी शादी ?”,सुरभि ने पृथ्वी को घूरकर गुस्से से कहा
“ऑफिसियली नहीं हुई है बट मैं अवनि को दिल ही दिल में अपनी “बायको” मान चुका हू”,पृथ्वी ने फिर शरमाते हुए कहा
“तो मुझे यहाँ क्यों बुलाया है वो इन कपड़ो के साथ ? पता है मैं अनिकेत के साथ कितनी जरुरी बात कर रही थी और तुम मुझे मैसेज करते हो कि अगर मैं अभी ये कपडे लेकर यहाँ नहीं आयी तो तुम मुझे ब्लॉक कर दोगे”,सुरभि ने कहा

अवनि ने सुना तो हैरानी से पृथ्वी की तरफ देखा और पृथ्वी अनजान बनने का नाटक करते हुए इधर उधर देखने लगा।
“इसकी तरफ से मैं माफ़ी मांगती हूँ सुरभि , प्लीज गुस्सा मत करो”,अवनि ने कहा
“मैं गुस्सा नहीं कर रही अवनि , उलटा मैं तुम्हारे लिए परेशान हूँ चाचाओं ने तुम्हारे साथ जो किया,,,,,,,,,,अंकल अगर होते तो वो तुम्हारे साथ ऐसा बिल्कुल नहीं करते”,सुरभि कहते कहते रुक गयी

“इसमें उन सबकी कोई गलती नहीं है सुरभि , एक बार फिर मैंने उन्हें सबके सामने शर्मिन्दा किया है उन्होंने जो किया ठीक किया। तुम यहाँ क्यों आयी हो ?”,अवनि ने पूछा
“पूछो अपने इस मजनू से इसी ने मुझे यहाँ बुलाया है”,सुरभि अभी भी पृथ्वी से गुस्सा थी
“ए मैं कोई मजनू नहीं हूँ और मैंने तुम्हे यहाँ इनके कपडे लेकर बुलाया है , इन कपड़ो में ये ट्रेवल कैसे करेगी ? लाओ ये बैग इधर दो”,पृथ्वी ने कहा और सुरभि के हाथ से बैग ले लिया

पृथ्वी ने बैग अवनि की तरफ बढ़ाया और कहा,”मैडम जी ! आप ये कपडे चेंज कर लीजिये फ्लाइट में अभी एक घंटा बाकि है”
अवनि ने खुद को देखा तो उसे समझ आया क्यों पृथ्वी उसे कपडे बदलने को कह रहा था। अवनि ने भारी भरकम हरे रंग का लहंगा पहना था , साथ में गहने और शादी का दुपट्टा जिसके साथ सफर करना मुश्किल था।
अवनि सुरभि को अपने साथ लेकर वाशरूम की तरफ चली गयी ताकि कपडे बदल सके।

अवनि ने कपडे बदले और बाथरूम के वाशबेसिन के सामने आकर अपना मुँह धोने लगी। अवनि ने सफ़ेद रंग का अनारकली सूट पहना था जिसके गले और बाजू पर सुनहरे रंग की किनारी थी। अवनि ने अपने बालों को गूंथकर चोटी बना ली , चेहरे पर लगा सारा मेकअप उतार दिया बस ललाट पर बिंदी रहने दी। अवनि के हाथो में चूडिया देखकर सुरभि ने कहा,”तुमने ये कांच की चूडिया क्यों पहनी है ? लाओ मैं इन्हे भी उतार देती हूँ”

अवनि ने सुना तो पीछे हटी और कहा,”इन्हे रहने दो,,,,,,,,,!!”
“हहहहह,,,,,,,,,,अह्ह्ह अच्छा ठीक है , तुम ठीक हो न अवनि ?”,सुरभि को पहले हैरानी हुई लेकिन फिर जब उसने अवनि का बुझा चेहरा देखा तो पूछ लिया
“मैंने ठीक किया न सुरभि ?”,अवनि ने सुरभि की तरफ देखकर पूछा

अवनि को कमजोर पड़ते देखकर सुरभि आगे बढ़ी और अवनि को गले लगाकर कहा,”तुमने कुछ गलत नहीं किया अवनि , पृथ्वी बहुत अच्छा लड़का है वो तुम्हे हमेशा खुश रखेगा , तुम्हारी भावनाओ को समझेगा , हर कदम पर तुम्हारे साथ खड़ा रहेगा और मुझे यकीन है वो तुम्हे फिर से प्यार करना सिखाएगा”
सुरभि की बात सुनकर अवनि की आँखों से आँसू बह गए वह कुछ देर सुरभि के गले लगी रही और फिर दोनों बाहर चली आयी।  

वेटिंग एरिया में खड़ा पृथ्वी अवनि का इंतजार कर रहा था और जैसे ही उसकी नजर सामने से आती अवनि पर पड़ी उसका दिल जोरो से धड़कने लगा , पलकों ने झपकने से इंकार कर दिया। जो लड़की कुछ देर पहले दुल्हन के कपड़ो में खूबसूरत लग रही थी वही लड़की सादगी में और भी ज्यादा खूबसूरत नजर आ रही थी और उस पर अब वो पृथ्वी की थी। पृथ्वी ने एक गहरी साँस ली और अपने सीने के बांयी तरफ थपथपाया। अवनि जैसे ही पृथ्वी की तरफ आयी पृथ्वी ने खुद को सामान्य किया और कहा,”सादगी में आप ज्यादा अच्छी लगती है”

“उम्मम्मम ये लड़का अपनी मैडम जी की तारीफ करने का मौका कही भी नहीं छोड़ेगा,,,,,,,,,!!”,सुरभि ने शब्दों को चबाते हुए कहा
“कुछ कहा तुमने ?”,पृथ्वी ने पूछा
“हाँ मैंने कहा मुझे अब जाना चाहिए”,सुरभि ने कहा
“हाँ तो जाओ ना खामखा कबाब में हड्डी बन रही हो”,पृथ्वी ने भी अपनी उंगलिया अपने होंठो पर रखकर शब्दों को चबाते हुए कहा
“क्या कहा ?”,सुरभि ने पूछा जिसे कुछ कुछ सुन गया था
“चलो मैं तुम्हे बाहर तक छोड़ देता हूँ”,पृथ्वी ने अपनी बात बदलकर कहा

सुरभि ने मुस्कुराकर अवनि को गले लगाया और अपना ध्यान रखने का कहकर पृथ्वी के साथ वहा से चली गयी। पृथ्वी सुरभि के साथ दरवाजे तक आया और जैसे ही सुरभि जाने लगी पृथ्वी ने कहा,”सुरभि !”
सुरभि पलटी तो पृथ्वी ने आगे बढ़कर उसे गले लगाया और कहा,”Thankyou so much सुरभि , तुमने अगर हिम्मत नहीं दी होती तो आज अवनि मेरे साथ नहीं होती,,,,,,,,,,thankyou”
सुरभि ने सुना तो पृथ्वी को लेकर उसका गुस्सा पलभर में गायब हो गया।

वह मुस्कुराकर पृथ्वी से दूर हटी और कहा,”Thankyou तो मुझे तुम्हे कहना चाहिए पृथ्वी , तुमने साबित कर दिया कि तुम ही अवनि के लिए सही और लायक पार्टनर हो बस अब कभी उसकी आँखों में आँसू आने मत देना। उसने बहुत झेला है पृथ्वी अब उसे और तकलीफ मत देना,,,,,,,उसका ख्याल रखना और उसे इतना प्यार देना कि उसे कभी उदयपुर की याद भी ना आये”
“मैं उसका ख्याल रखूंगा सुरभि और जल्दी ही वो फिर से उदयपुर आएगी”,पृथ्वी ने कहा

सुरभि ने पृथ्वी को अलविदा कहा और वहा से चली गयी। पृथ्वी वापस अवनि की तरफ चला आया। कुछ देर बाद फ्लाइट की अनाउंसमेंट हुयी। पृथ्वी और अवनि अपनी जगह से उठ खड़े हुए। पृथ्वी ने एक नजर अवनि को देखा और अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ा दिया। अवनि ने पृथ्वी के हाथ को देखा और फिर अपने हाथ से उसके हाथ को थामकर आगे बढ़ गयी। पृथ्वी के सांवले हाथ में अवनि का गोरा हाथ अच्छा लग रहा था।

( पृथ्वी ने नकुल से ऐसा क्या कहा जिसे सुनकर नकुल ने हामी भर दी ? क्या अवनि स्वीकार कर पायेगी अपने लिए फैसले को या मुंबई जाकर होने वाला है उसे अफ़सोस ?  क्या पृथ्वी निभा पायेगा सुरभि से किया वादा या अभी बाकि है अवनि की जिंदगी के इम्तिहान ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल 

Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal
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Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal

वेटिंग एरिया में खड़ा पृथ्वी अवनि का इंतजार कर रहा था और जैसे ही उसकी नजर सामने से आती अवनि पर पड़ी उसका दिल जोरो से धड़कने लगा , पलकों ने झपकने से इंकार कर दिया। जो लड़की कुछ देर पहले दुल्हन के कपड़ो में खूबसूरत लग रही थी वही लड़की सादगी में और भी ज्यादा खूबसूरत नजर आ रही थी और उस पर अब वो पृथ्वी की थी। पृथ्वी ने एक गहरी साँस ली और अपने सीने के बांयी तरफ थपथपाया। अवनि जैसे ही पृथ्वी की तरफ आयी पृथ्वी ने खुद को सामान्य किया और कहा,”सादगी में आप ज्यादा अच्छी लगती है”

वेटिंग एरिया में खड़ा पृथ्वी अवनि का इंतजार कर रहा था और जैसे ही उसकी नजर सामने से आती अवनि पर पड़ी उसका दिल जोरो से धड़कने लगा , पलकों ने झपकने से इंकार कर दिया। जो लड़की कुछ देर पहले दुल्हन के कपड़ो में खूबसूरत लग रही थी वही लड़की सादगी में और भी ज्यादा खूबसूरत नजर आ रही थी और उस पर अब वो पृथ्वी की थी। पृथ्वी ने एक गहरी साँस ली और अपने सीने के बांयी तरफ थपथपाया। अवनि जैसे ही पृथ्वी की तरफ आयी पृथ्वी ने खुद को सामान्य किया और कहा,”सादगी में आप ज्यादा अच्छी लगती है”

वेटिंग एरिया में खड़ा पृथ्वी अवनि का इंतजार कर रहा था और जैसे ही उसकी नजर सामने से आती अवनि पर पड़ी उसका दिल जोरो से धड़कने लगा , पलकों ने झपकने से इंकार कर दिया। जो लड़की कुछ देर पहले दुल्हन के कपड़ो में खूबसूरत लग रही थी वही लड़की सादगी में और भी ज्यादा खूबसूरत नजर आ रही थी और उस पर अब वो पृथ्वी की थी। पृथ्वी ने एक गहरी साँस ली और अपने सीने के बांयी तरफ थपथपाया। अवनि जैसे ही पृथ्वी की तरफ आयी पृथ्वी ने खुद को सामान्य किया और कहा,”सादगी में आप ज्यादा अच्छी लगती है”

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