Pasandida Aurat – 70

Pasandida Aurat – 70

Pasandida Aurat
Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal

अवनि अपने बैंक का काम कर रही थी और उसका लेपटॉप एक बार फिर सुरभि के हाथो में था और आँखों के सामने थी पृथ्वी की प्रोफाइल , सुरभि ने अवनि और पृथ्वी की चैट नहीं देखी हाँ अब वो इतनी भी बेशर्म नहीं थी कि अवनि की निजी चैट देखे लेकिन पृथ्वी के आखरी मैसेज का जवाब अवनि की जगह उसी ने दिया जिसके बाद पृथ्वी कुछ भी करने को तैयार था। सुरभि ने बहुत सोचा और फिर लिखकर भेजा “ठीक है ! तुम्हारी सजा ये है कि तुम अभी 100 बार “i am sorry , I will never do that again” लिखकर भेजो”

“मैसेज में भेजना होगा न मैं अभी लिख देता हूँ” पृथ्वी ने तुरंत जवाब दिया
सुरभि मुस्कुराई क्योकि वह अवनि जितनी सीधी तो थी नहीं इसलिए लिखकर भेजा “जी नहीं , तुम्हे ये पेपर पर पेन से लिखना होगा वो भी अपने हाथ से”
“पेपर पर , मैं मैसेज में टाइप करके भेज देता हूँ ना , i promise मैं पक्का 100 बार लिखूंगा copy paste नहीं करूंगा” पृथ्वी ने लिखकर भेजा

“तुम्हे क्या मैं बेवकूफ लगती हूँ ? देखो तुम्हारे पास सिर्फ 30 मिनिट है अगर 30 मिनिट के अंदर तुमने लिखकर नहीं दिया तो फिर मैं तुम्हे ब्लॉक कर दूंगी,,,,,,,,,और इसके लिए तुम खुद जिम्मेदार होंगे” सुरभि ने लिखकर भेजा , वह बस पृथ्वी को परेशान कर रही थी।
“Ma’am ऐसा मत कीजिये ना प्लीज , मैं अपने फ्लेट में हूँ और यहाँ पेन और पेपर भी नहीं है , मैं टाइप करके भेज देता हूँ” पृथ्वी ने अपनी मज़बूरी बताई

“तो अपने पड़ोसियों से ले लो लेकिन मुझे तो पेपर पर ही चाहिए,,,,,,,यही तुम्हारी सजा है” सुरभि ने लिखकर भेजा
“प्लीज Ma’am मैं इस बिल्डिंग में ज्यादा किसी से बात नहीं करता,,,,,,,!!” पृथ्वी ने लिखा
“29 मिनिट और बचे है,,,,,,,,!!” सुरभि ने पृथ्वी को चेताया तो पृथ्वी ने लिखकर भेजा “अह्ह्ह्ह ठीक है”
इसके बाद पृथ्वी ऑफलाइन हो गया और सुरभि उसकी हालत पर हसने लगी।

सुरभि ने पृथ्वी के आखरी मैसेज को देखा और मन ही मन खुद से कहा,”क्यों बच्चू उस दिन बनारस में मुझे नीचे गिराया था ना , बदला तो बदला होता है अब लिखो 100 बार सॉरी नोट , मैं भी तो देखु कितना एफर्ट करते हो अपनी मैडम जी के लिए”
मन ही मन खुद में खुश होते हुए सुरभि ने जैसे ही अवनि की तरफ देखा पाया कि अवनि हैरानी से उसे ही देख रही है।  
अवनि ने अपनी भँवे उचकाई तो सुरभि ने हेडफोन नीचे किये और कहा,”कुछ नहीं ! आज की सीरीज बहुत मस्त है i think तुम्हे भी एक बार देखनी चाहिए”

“अभी तुम देख लो मैं बाद में देख लुंगी , मैं अपने लिए चाय बनाने जा रही हूँ तुम लोगी ?”,अवनि ने फाइल साइड में रखकर उठते हुए कहा
“हाँ लेकिन थोड़ी कड़क,,,,,,,,!!”,सुरभि ने कहा तो अवनि किचन की तरफ चली गयी।
सुरभि ने देखा पृथ्वी अभी तक ऑफलाइन ही था ये देखकर उसने मुंह बनाया और कहा,”हाह ! कोई लड़का किसी लड़की के लिए इतने एफ्फोर्ट्स क्यों ही करेगा ? ये मजनू भी इसमें फ़ैल हो गया ,, खैर मैं तब तक अपनी सीरीज पूरी कर लू”
सुरभि ने पृथ्वी को साइड किया और एक बार फिर अपनी सीरीज देखने लगी।

आनंद निलय अपार्टमेंट , मुंबई
अवनि की अजीबोगरीब सजा सुनकर पृथ्वी बड़बड़ाया,”ऐसी सजा कौन देता है यार ? आप मुझसे कुछ और करने को कहती मैं वो कर लेता लेकिन ये , 100 टाइम्स सॉरी नोट वो भी अपने हाथ से , आज तक मैंने कभी स्कूल में ये सब नहीं लिखा,,,,,,,,,,!!”
बड़बड़ाते हुए पृथ्वी की नजर घडी पर पड़ी तो उसने देखा अवनि के दिए टाइम में से 5 मिनिट बीत चुके है। वह उठा और फोन जेब में डालकर फ्लेट से बाहर आया क्योकि सच में उसके फ्लेट में पेन और पेपर मिलना मुश्किल था वह यहाँ सिर्फ सोने आता था। कुछ कपड़ो और खाने पीने के सामान के अलावा यहाँ बस कुछ किताबे थी।

पृथ्वी के सामने वाले फ्लेट में ही एक पति पत्नी और उनकी 6 साल की बिटिया रहती थी जो की स्कूल जाती थी। पृथ्वी ने पहले उनसे लेने का सोचा लेकिन जैसा कि पृथ्वी ने कहा था वह इस बिल्डिंग में किसी को ना ज्यादा जानता था ना ही किसी से ज्यादा बात करता था। हताश होकर पृथ्वी लिफ्ट की तरफ चला आया। वह नीचे आया और अपार्टमेंट से बाहर निकल गया। उसने फोन में टाइम देखा 5 मिनिट निकल चुके थे और अब पृथ्वी को भागना पड़ा। वह भागते हुए सोसायटी के बाहर आया सामने दूकान खुली थी पृथ्वी वहा आया और हाँफते हुए कहा,”एक पेन और पेपर”

दुकानवाले ने एक सफ़ेद पन्ना और पेन निकालकर पृथ्वी को दे दिया। उसने पैसे दिए वैसे ही भागते हुए अपार्टमेंट आया लेकिन जैसे ही लिफ्ट के सामने आया लिफ्ट बंद , पृथ्वी सीढ़ियों की तरफ भागा और सीढिया चढ़कर अपने फ्लेट में आया। उसने टाइम देखा 7 मिनिट निकल चुके थे पृथ्वी ने जल्दी से पेपर टेबल पर लिखा और पेन का ढक्कन खोलकर जैसे ही लिखना शुरू किया पेन ही नहीं चला , पृथ्वी ने पेन झटका , उसे हाथ पर घिसा लेकिन पेन ने तो जैसे कसम खा ली थी ना चलने की।

पृथ्वी उठा और पेन लेकर फिर भागा , भागते हुए सीढ़ियों से नीचे आया और एक बार फिर वह दूकान के सामने था और हाँफते हुए कहा,”ये नहीं चल रहा दुसरा दीजिये प्लीज”
दूकानदार ने पृथ्वी को दूसरा पेन दिया और इस बार पृथ्वी ने पहले ही उसे चलाकर देख लिया और भागा अपार्टमेंट की तरफ और बेचारा सीढिया चढ़कर फ्लेट में आया। उसने घडी में समय देखा उसके पास अब बस 6 मिनिट बचे थे। अवनि कही उसे फिर ब्लॉक ना कर दे इस डर से वह जल्दी जल्दी पेपर पर सॉरी नोट लिखने लगा और उसे लिखते हुए सहसा ही उसे अपने स्कूल के दिनों की याद आ गयी

जब टीचर उसे होमवर्क ना करने पर सॉरी नोट लिखने को कहती थी और पृथ्वी बड़ी अकड़ के साथ उन्हें ना बोल देता था पर आज अवनि के लिए वह सॉरी नोट लिख रहा था और इसे लिखते हुए सहसा ही वह मुस्कुराने लगा।
सच ही कहा है किसी ने मर्द जब मोहब्बत में होते है तो अपनी पसंदीदा औरत के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते है। पृथ्वी लगभग 90 बार लिख चुका था वह आगे लिखता इस से पहले उसे उबकाई आयी और वह उठकर बाथरूम की तरफ चला आया। दोपहर बाद से ही पृथ्वी की तबियत खराब थी और उसने ध्यान नहीं दिया।

वह भाग दौड़ रहा था जिस वजह से उसने शाम में जो खाना खाया वह ठीक से डायजस्ट नहीं हुआ और उसे फिर उलटी हो गयी। पृथ्वी ने अपना मुँह धोया और शर्ट की बाजु से पोछते हुए बाहर आया और देखा कि अवनि ने उसे जो टाइम दिया था वो खत्म हो चुका है। पृथ्वी ये सोचकर उदास हो गया कि अवनि ने उसे शायद ब्लॉक कर दिया होगा। उसने अपना फोन देखा तो उसे राहत मिली अवनि ने अभी तक उसे ब्लॉक नहीं किया था इसलिए पृथ्वी ने जल्दी से लिखकर भेजा

“मैंने 90 बार लिख दिया है बस 10 बार लिखना बाकि है प्लीज़ गिव मी टू मिनट्स”
सुरभि जो कि सीरीज देख रही थी एकदम से पृथ्वी का मैसेज जब स्क्रीन पर पॉप अप हुआ तो उसने खोलकर देखा। सुरभि तो पृथ्वी को सजा देकर भूल चुकी थी , उसने सोचा पृथ्वी ऐसा कुछ नहीं करेगा लेकिन अब उसे पृथ्वी के माँगे दो मिनिट के खत्म होने का इंतजार था और कुछ देर बाद सुरभि ने जो देखा उसकी आँखे खुली की खुली रह गयी।

पृथ्वी ने सच में सफ़ेद पेपर पर नीले रंग के पेन से 100 बार “i am sorry , i  will vere do it again” लिखा था। पृथ्वी ने जिस पेपर पर ये लिखा था पेपर की फोटो खींचकर भेजी थी और ये सच था कि लड़के ने सच में वो कर दिखाया जो सुरभि ने नहीं सोचा था।

“मैडम जी ! मैंने पुरे 100 बार लिखा है , मैंने दो मिनिट भी इसलिए माँगे क्योकि इसे लिखते लिखते अचानक से मुझे वोमिट होने लगी थी तो मुझे जाना पड़ा वरना , पेन पेपर भी नहीं था मेरे पास इसलिए भागकर दुकान गया वहा से पेन पेपर लेक वापस आया तो पेन नहीं चल रहा था , भागते हुए वापस गया और दोनों बार सीढिया चढ़कर ऊपर आया क्योकि लिफ्ट बंद थी बस इसलिए मैं इसे टाइम पर पूरा नहीं कर पाया,,,,,,

प्लीज अब तो मुझे माफ़ कर दीजिये , मैं सच कह रहा हूँ मैंने आज तक अपने स्कूल में टीचर के कहने पर कभी सॉरी नोट नहीं लिखा है पर आज लिखा सिर्फ आपकी माफ़ी के लिए,,,,,,,,,प्लीज माफ़ कर दीजिये”
सुरभि सॉरी नोट देखकर अवाक् थी कि तभी उसे पृथ्वी का मैसेज मिला जिसे पढ़कर सुरभि को और ज्यादा दुःख हुआ। उसने मजाक में कहा और पृथ्वी ने सच में अवनि के लिए ये सब कर दिया देखकर सुरभि खुश भी थी लेकिन बेचारे पृथ्वी के लिए उसे बुरा लग रहा था। उसने लिखकर भेजा,”माफ़ किया ! पर तुम्हे ये नहीं करना चाहिए था तुम मना भी कर सकते थे”

“अरे मैडम जी ! आप कुछ कहे और मैं ना करू ऐसा कैसे हो सकता है ? हाँ बस आगे से कोई सजा देनी हो तो मुझे चार चाँटे मार लेना लेकिन मुझसे ये सब मत लिखवाना , मुझे तो लगता है मेरी स्कूल टीचर का बदला लेने भगवान् ने आपको भेजा है। जो काम वो नहीं करवा पायी और आपने करवा लिया” पृथ्वी ने लिखकर भेजा
सुरभि ने पढ़ा तो मुस्कुरा उठी , वह पहली बार किसी लड़के में इतनी मासूमियत देख रही थी। उसने लिखकर भेजा “हाँ ये भी हो सकता है , लेकिन तुम्हे सच में ये नहीं करना चाहिए था”

“आपको एक बात बताऊ , मैंने आज तक रुषाली के लिए भी ऐसा कुछ नहीं किया है पर जब आपने कहा तो मैं ना नहीं बोल पाया,,,,,,,,!!” पृथ्वी ने लिखकर भेजा। जिस पृथ्वी से सुरभि कुछ देर पहले बदला लेने का सोच रही थी अब उसी पृथ्वी से वह इम्प्रेस थी। उसने आज से पहले किसी लड़के को इतने एफ्फोर्ट्स करते नहीं देखा था। सुरभि नहीं जानती थी रुषाली कौन है और ना ही वह पृथ्वी से पूछ सकती थी वरना पृथ्वी को शक हो जाता।

अवनि अपना काम खत्म कर चुकी थी इसलिए सभी फाइलस सोफे के एक तरफ रहकर सुरभि से कहा,”अगर तुम्हारी सीरीज पूरी हो गयी हो तो छत पर घूमने चले ?”
“अवनि ! पहले ये देखो,,,,,,,,,,!!”,कहते हुए सुरभि ने लेपटॉप अवनि की तरफ घुमा दिया। स्क्रीन पर सॉरी नोट की फोटो देखकर अवनि ने हैरानी से सुरभि की तरफ देखा तो सुरभि ने पृथ्वी की चैट खोल दी जिसे पढ़कर अवनि समझ गयी कि ये क्या है ?

अवनि को जब पता चला कि पृथ्वी ने सजा के तौर पर उसके लिए 100 बार सॉरी नोट लिखा है तो उसे बहुत दुःख हुआ। आज से पहले किसी ने उसके लिए ये नहीं किया था , सिद्धार्थ ने भी नहीं और जब अवनि ने आखरी मैसेज पढ़ा  

“आपको एक बात बताऊ , मैंने आज तक रुषाली के लिए भी ऐसा कुछ नहीं किया है पर जब आपने कहा तो मैं ना नहीं बोल पाया”

तो ना जाने क्यों अवनि की आँखों में आँसू भर आये और दिल में एक मीठी सी चुभन महसूस हुई। सुरभि ने अवनि का उदास चेहरा देखा और कहा,”ये लड़का तुमसे सच में बहुत प्यार करता है अवनि”
“ऐसा कुछ नहीं है सुरभि,,,,,,,,,,!!”,कहकर अवनि ने लेपटॉप बंद कर दिया
“हो सकता है ऐसा कुछ न हो अवनि पर मैंने आज किसी लड़के को ये सब करते नहीं देखा , वो तुम्हारे लिए इतने एफ्फोर्ट्स क्यों कर रहा है अवनि क्या तुम नहीं जानती ?”,सुरभि ने अवनि का मन टटोलते हुए कहा

अवनि सुरभि को देखने लगी तो सुरभि ने आलथी पालथी मारकर बैठते हुए कहा,”हम्म्म्म तो बताओ बहुत कुछ है जो तुम कहना चाहती हो , मैं सुनने के लिए तैयार हूँ”
अवनि फोन पर उस दिन सुरभि को यही सब तो बताना चाहती थी। अवनि नीचे कालीन पर बैठी थी उसने सुरभि को देखा और उसे पृथ्वी के बारे में बताना शुरू किया। पृथ्वी से हुई पहली बातचीत से लेकर उसकी भावनाओ के बारे में उसने सुरभि को बताया और सुरभि मुस्कुराते हुए इत्मीनान से सब सुनती रही

आखिर में अवनि ने कहा,”लेकिन तुम्हे उसे ये सब करने के लिए नहीं कहना चाहिए था , उसने बताया न उसकी तबियत खराब थी”
“ओह्ह्ह्ह तो तुम्हे उसकी परवाह हो रही है”,सुरभि ने अवनि को छेड़ते हुए कहा
“ऐसी बात नहीं है सुरभि , मैं नहीं चाहती उसे मेरी वजह से कोई भी तकलीफ हो , ये सॉरी नोट देखकर मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा”,अवनि ने उदासी भरे स्वर में कहा

“ओह्ह्ह्ह अवनि ! तुम्हे तो खुश होना चाहिए कि तुम से इतनी दूर बैठे उस लड़के ने तुम्हारे लिए इतना एफर्ट किया , He is so romantic यार,,,,,,,वरना ऐसा कौन करता है वो भी सिर्फ एक माफ़ी के लिए,,,,,,,,,,,मेरे ख्याल से तुम्हे उसे अब माफ़ कर देना चाहिए”,सुरभि ने पृथ्वी की साइड लेकर कहा
“कर दिया”,अवनि ने कहा
“तो फिर आगे क्या सोचा है तुमने ? i think तुम्हे इस से मिलना चाहिए अवनि। ये लड़का सच में तुम्हे बहुत चाहता है”,सुरभि ने कहा

अवनि ने सुना तो उदासी फिर उसके चेहरे पर झिलमिलाने लगी और उसने कहा,”नहीं सुरभि ! मैं नहीं चाहती हम कभी मिले या हमारा आमना सामना भी हो ,,
मेरे बारे में तुम सब जानती ही हो मैं अपनी जिंदगी की तकलीफे इसके हिस्से में नहीं लिख सकती। मैं इसे नहीं अपना सकती , सिद्धार्थ ने जो किया उसके बाद मैं किसी और से प्यार नहीं कर पाऊँगी सुरभि,,,,,,,,,,,मैं नहीं चाहती ये मेरे पीछे अपना वक्त और फीलिंग्स बर्बाद करे”

अवनि की बात सुनकर सुरभि का मन भी उदास हो गया और उसने महसूस किया कि अवनि अभी तक पूरी तरह से सिद्धार्थ की यादो से खुद को दूर नहीं कर पायी है। वह इस बारे में बात करके अवनि को हर्ट करना नहीं चाहती थी इसलिए कहा,”अच्छा छोडो वो सब बाद में देखेंगे,,,,,,,फिलहाल मुझे भूख लगी है पिज्जा आर्डर करे ?”
“हम्म्म्म , मैं वाशरूम होकर आयी”,अवनि ने कहा और वहा से चली गयी।

सुरभि ने अपने फोन से पिज्जा आर्डर किया और फिर लेपटॉप भी बंद कर दिया। पृथ्वी से इस वक्त बात करके वह किसी तरह की गड़बड़ करना नहीं चाहती थी। सुरभि ने लेपटॉप वापस टेबल पर रखा और मन ही मन खुद से कहा,”मैंने कहा था न अवनि महादेव एक दिन तुम्हारी जिंदगी में सही इंसान को जरूर भेजेंगे और वो सही इंसान पृथ्वी ही है,,,,,,,,,,वैसे क्या नाम है बन्दे का “पृथ्वी उपाध्याय” हाह ! इसके तो नाम में ही ग्रीन फ्लेग है और यार ये सच में कितना प्यारा है अवनि , तुम्हे ना सच में अच्छे लड़को की पहचान नहीं है।

उस गधे सिद्धार्थ से तो तुम्हे दो दिन में प्यार हो गया और यहाँ ये बेचारा इतने दिन से तुम्हे मैडम जी मैडम जी कहकर अप्रोच कर रहा है तो तुम इसे इग्नोर कर रही हो,,,,,,,,बट इसमें तुम्हारी भी कोई गलती नहीं है अवनि उस सिद्धार्थ ने तुम्हारे भरोसे को इस कदर तोडा है कि पृथ्वी को तुम्हारा भरोसा जीतने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ेगी,,,,,,,,,,बट डोंट वरी पृथ्वी अगर तुम सच में अवनि से प्यार करते हो तो फिर मेरा वादा है मैं तुम्हे तुम्हारी मैडम जी से मिलवाकर ही रहूंगी,,,,,,,,,,

बस तुम्हे मेरे लिए एक बार उस चिलगोजे सिद्धार्थ की कुत्तो वाली धुलाई करनी पड़ेगी , अह्ह्ह्हह तब मिलेगी मेरे कलेजे को ठंडक,,,,,,,,,,,वैसे i am sorry मैंने अवनि की जगह तुम्हे कुछ ज्यादा ही पनिश कर दिया लेकिन तुमने भी उस दिन मुझे बहुत जोर से गिराया था सो हिसाब बराबर,,,,,,,,,!!”

सुरभि पृथ्वी के बारे में सोचकर खुश हो रही थी और उधर बाथरूम में वाशबेसिन के सामने खड़ी अवनि शीशे में खुद को देख रही थी। शीशे में देखते हुए अवनि पृथ्वी से सवाल करने लगी “क्यों पृथ्वी ? आखिर क्यों तुम मेरे लिए ये सब कर रहे हो ? क्यों मुझे एक नयी उम्मीद दे रहे हो ? तुम जैसे लड़के असल जिंदगी में नहीं होते पृथ्वी उन्हें मैंने बस अपनी कहानियो में लिखा है फिर तुम , तुम कहा से आये हो ? मेरी ख़ुशी के लिए खुद को परेशानी में कैसे डाल सकते हो पृथ्वी ?

मैं चाहकर भी तुम्हे अपना नहीं सकती पृथ्वी , मोहब्बत सिर्फ दर्द देती है और मोहब्बत में जो दर्द मुझे मिला है वो मैं तुम्हारे हिस्से में नहीं लिखना चाहती , मैं कभी नहीं चाहती कि मुझे अपनाकर तुम्हे समाज के तानों का सामना करना पड़े , एक ऐसी लड़की जो अपनी शादी के मंडप से उठ गयी , एक ऐसी लड़की जिसने एक बेक़द्र इंसान से मोहब्बत की , एक ऐसी लड़की जिसका कोई अपना नहीं है , एक ऐसी लड़की जिसे उसके ही पिता ने घर से निकल जाने को कहा ,

तुम ऐसी लड़की को अपनी जिंदगी में शामिल करना चाहते हो पृथ्वी ये समाज मुझे कभी स्वीकार नहीं करेगा,,,,,,,,,,,मुझसे दूर रहना ही हम दोनों के लिए अच्छा है पृथ्वी,,,,,,,,!!”
कहते हुए अवनि की आँखों में आँसू भर आये वह नम आँखों से शीशे में खुद को देख रही थी। अवनि जिस कश्मकश में थी उसे सिर्फ वह महसूस कर सकती थी। पृथ्वी अवनि से प्यार करता था और अवनि को भी धीरे धीरे उसकी आदत होने लगी थी लेकिन अवनि ने आज भी खुद को एक दायरे में रखा हुआ था और यही वह समझ नहीं पा रही थी। जो अहसास पृथ्वी को लेकर थे अवनि उन अहसासों को प्यार का नाम देना नहीं चाहती थी।

सिद्धार्थ को अवनि अपनी जिंदगी से निकाल चुकी थी लेकिन उसने अवनि को जो दर्द दिया वो अभी भी कही न कही अवनि के दिल से जुड़ा था और यही वजह थी कि वह आज भी सिद्धार्थ के नाम से बैचैन हो जाती थी।
अवनि ने अपना मुँह धोया और बाहर चली आयी। सुरभि के सामने आने से पहले अवनि ने अपने होंठो पर झूठी मुस्कान चिपकाई और बाहर चली आयी। सुरभि ने जो पिज्जा और कोल्ड ड्रिंक आर्डर किया था वह आ चुका था। सुरभि ने अवनि के लिए सोफे पर जगह बनाई और अवनि उसके बगल में आ बैठी।

दोनों ने बातें करते हुए पिज्जा खाया , कोल्ड ड्रिंक पी और फिर दोनों सोने के लिए कमरे में चली आयी।
अवनि को पृथ्वी की परवाह हो रही थी , आज सुरभि ने उसे जो परेशान किया उसके लिए अवनि पृथ्वी से माफ़ी मांगना चाहती थी। अवनि को परेशान देखकर सुरभि ने कहा,”वैसे तुम्हे उसे एक मैसेज करके उसकी तबियत के बारे में पूछ लेना चाहिए”

अवनि ने सुना तो सुरभि की तरफ देखने लगी और हैरान हुई कि सुरभि ने इतनी आसानी से उसका चेहरा कैसे पढ़ लिया ? अवनि को खामोश देखकर सुरभि ने कहा,”वैसे तुम चाहो तो उसके लिए एक खत भी लिख सकती हो , जिस टाइप का वो है उसके लिए ये ज्यादा ख़ास होगा”
अवनि ने सुना और मायूसी से अपनी पलकें झुका ली

( क्या सुरभि की इस सजा से पृथ्वी और अवनि आ जायेंगे एक दूसरे के थोड़ा और करीब ? क्या पृथ्वी कर चुका है अवनि के लिए खुद को बदलने की तैयारी ? क्या अवनि लिखेगी पृथ्वी के लिए इस कहानी का पहला खत ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल  

Pasandida Aurat
Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal
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