Manmarjiyan Season 5 – 20

Manmarjiyan Season 5 – 20

Manmarjiyan Season 5
Manmarjiyan Season 5 by Sanjana Kirodiwal

मंगल फूफा के हाथ में कटहल काटने वाला बड़ा छुरा देखकर गोलू का दिल बैठ गया। एक तो बेचारा अंदर पिंकी के पैर पकड़कर आया था और बाहर मंगल फूफा को इस रूप में देखकर उसकी तो जान ही सूख गयी। वह डरते डरते मंगल फूफा के सामने आया और मरे हुए स्वर में कहा,”का हुआ रे फूफा ! इत्ता जोर से काहे चिल्लाये ?”
मंगल फूफा रुके और गोलू को देखकर गुस्से से कहा,”उह्ह्ह तुम्हरा दोस्त गुड्डू मिश्रा,,,,,,,,,उह्ह्ह साले की गर्दन उड़ा देंगे हमहू , ओह्ह्ह के हाथ पैर काटकर सीक कबाब बनाएंगे , ओह्ह के बचे हुए शरीर के छोटे छोटे छोटे छोटे छोटे छोटे टुकड़े कर के मछलियों को खिला देंगे और बाकि बचा हम खा लेंगे”

गोलू ने सुना तो मुँह फाड़कर मंगल फूफा को देखने लगा और कहा,”का दानव हो जो ज़िंदा आदमी को खा जाओगे और का किया हमाये गुड्डू भैया ने जो तुमहू बिना तेल नमक के ओह्ह्ह की पूरी रेसीपी बताय दिए ?”
“का किया ?”,मंगल फूफा ने गुस्से से कहा
“हाँ हाँ वही पूछ रहे है का किया हमाये गुड्डू भैया ने जो इत्ता भड़के हुए हो ओह्ह्ह पे ?”,गोलू ने झुंझलाकर कहा

“उह्ह्ह साला गुड्डू हमायी रूपा को लेकर उह्ह्ह जल्लाद को सौंपने चला गया और ऊपर से फोन करके तुमको भी बुला रहा है ताकि तुमको भी हमायी बर्बादी का तमाशा दिखा सके,,,,,,,,तुम्हरा दोस्त होकर उह्ह्ह हमरी पीठ मा कैंची भोंका , उह्ह्ह साले को हमहू छोड़ेंगे नाही,,,,,,,,,,,!!!”,मंगल फूफा ने गुस्सा होकर कहा
गोलू ने सुना तो उसका सर घूम गया , गुड्डू रूपा को लेकर नवरत्न के यहाँ क्यों गया होगा इस बात का अंदाजा तो गोलू ने नहीं लगाया लेकिन मंगल फूफा के मुँह कैंची सुनकर कहा,”ए फूफा कैंची नाही छुरा भोंका जाता है पीठ मा”

“छुरा हमाये हाथ मा है और कैंची इहलीये कहे कि हमायी फूल सी नाजुक रूपा को तुम्हरा गुड्डू उह्ह्ह नवरतन के हाथ में सौपने चला गया”,मंगल फूफा ने कहा
“ए फूफा कुछ भी कहो लेकिन नाजुक तो नाही है तुम्हायी रूपा , बॉडी देखे हो ना ओह्ह्ह की तुम्हाये जैसे चार फूफा तो अपनी बगल में दबा के रख ले उह्ह्ह,,,,,,,,,,,,,,,!!”,गोलू ने कहा
“गोलूउउउउउउ खबरदार जो हमायी रूपा के बारे मा कुछ भी कहा तो हम हमरा तुम्हरा रिश्ता भूल जाही है”,मंगल फूफा ने गुस्से से कहा

“हमरा तुम्हरा का रिश्ता बे ! तुम साले जीजा लगे हो हमाये ? उह्ह तो हमायी अम्मा के रिश्तेदार हो इहलीये फूफा फूफा कह देते है तुमको वरना भाड़ मा जाओ तुम हमे का ?”,गोलू ने मंगल फूफा को फटकार लगाकर कहा
मंगल फूफा ने सुना तो रोने लगे ये देखकर गोलू उनके पास आया और कहा,”अरे फूफा ! अरे रोने काहे लगे ? अरे यार हमहू तो बस मजाक कर रहे थे ,, अच्छा बताओ का कहा गुड्डू भैया ने तुम्हे ?”

“उह्ह्ह बोला अपना स्कूटी उठाओ और तुरंत पहुंचो नवरतन के हिया ,, हमहू रूपा को लेकर आये है , कसम से गोलू इह सुनकर ही हमरा दिल टूट गवा , हमरी आत्मा तड़प उठी और हमरा पूरा बदल गुस्से की आग मा जलने लगा। अपना गुड्डू ऐसा करेगा हमहू कबो सोचे नाही थे”,मंगल फूफा ने रोते हुए कहा
गोलू ने सुना तो हैरानी से कहा,”अरे गुड्डू भैया हम तो आपको राम समझे थे आप तो रावण निकले,,,,,,सोचे नाही थे हमाये बिना रंगबाजी करोगे”

“हमाये बिना से का मतलब है तुम्हरा ? अब का तुम भी हमायी रूपा के पीछे पड़ना चाहते हो ?”,मंगल फूफा ने भड़ककर कहा
“अरे हम काहे पड़ेंगे उह्ह पहिलवान के पीछे हमाये पास हमायी पिंकिया है हमहू तो गुड्डू भैया के बारे मा सोच रहे है ओह्ह्ह की पसंद को का हुई गवा ? उनको मिली भी तो रूपा,,,,,,,,,,,,,रूपा , दिस इज नॉट फेयर फूफा”,गोलू ने आखिर में अंग्रेजी में डायलॉग मारा

“फेयर हो या लवली , अभी चलो उह्ह्ह नवरतन के हिया और हमाओ फैसला करो”,मंगल फूफा ने कहा चिल्लाकर कहा तो गोलू चिढ गया
“चिल्लाते काहे हो ! चुनाव मा खड़े हो का ? लेकर चलते है तुमको नवरतन के घर , वही चलकर देखते है का मामला है ?”,गोलू ने कहा
“मामला साफ है गोलू आज या तो रूपा हमे मिलेगी या फिर कानपूर मा एक ठो नए गुंडे का जन्म होगा,,,,,,,,,,,,गाड़ी निकालो”,मंगल फूफा ने गुस्से से कहा

“गाड़ी निकालो तो ऐसे कह रहे है जैसे रूपा के पिताजी दहेज़ मा फॉर्चूनर दे रहे है , बाहिर आओ रिक्सा से चलेंगे”,गोलू ने कहा और तार पर सूख रहा अपना पेंट शर्ट पहना और मंगल फूफा के साथ बाहर चला आया। मंगल फूफा भी छुरा हाथ में लिए बाहर आये ये देखकर गोलू ने कहा,”जे छुरे का सब्जी काटने के लिए लिया है , अंदर रखो जे का”
“जे छुरा गर्दन काटने के लिए लिया है गोलू , प्यार की आग को तुम नाही समझोगे”,मंगल फूफा ने गुस्से से कहा

गोलू को गुड्डू पर पूरा विश्वास था कि उसके गुड्डू भैया ऐसे नहीं है वो शगुन को छोड़कर किसी और लड़की को देखते तक नहीं फिर रूपा को साथ लेकर घूमना ये बात गोलू को कुछ हजम नहीं हुई तो उसने मंगल से कहा,”मंगल फूफा ! गुड्डू भैया को छोड़िये हमे तो आपकी जे रूपा मा ही कोनो मिस्टेक लग रही है , देखो ना पहिले तुम , फिर नवरत्न , हुआ गुड्डू के घर मा उह्ह्ह आदर्श फूफा और अब गुड्डू भैया,,,,,,,,,,इह तुम्हायी रूपा ना हमको सही नाही लग रही है”

गोलू की बात सुनकर मंगल फूफा फिर भड़क गए। मंगल फूफा को इतने सालो बाद कोई लड़की मिली थी और उसके प्यार में वो इतना बौराय गए कि उन्हें रूपा में कोई गलती नजर ही नहीं आती थी।
उन्होंने छुरा हवा मा उठाया और चिल्लाकर बोले,”खबरदार जो हमायी रूपा के बारे मा ऐसी घिनौनी बात कही तो काट डालेंगे”
“इह का जब देखो तब काट डालेंगे काट डालेंगे , पिताजी कसाई थे का ?”,गोलू ने चिढ़कर कहा

गोलू को चिढ़ा हुआ देखकर मंगल फूफा थोड़ा शांत हुए और कहा,”ए गोलू ! हमायी प्रेम कहानी सुरु होने से पहिले ही इह का दी एंड् नाही होन दयो बबुआ , तुम्ही हो जो हमायी नैया को पार लगा सकते हो,,,,,,,,,,,,,!!!”
गोलू ने अपना सर खुजाया और बोला,”साला इह मेटर का है समझने के लिए नवरत्न के हिया जाना ही पड़ेगा फूफा”
“तो चलो न हिया खड़े होकर वक्त बर्बाद काहे कर रहे हो ?’,मंगल फूफा ने कहा

“आओ मरो,,,,,,,,,,साला एक तो सुबह से ठीक से कुछो खाये नाही है ऊपर से इह सब मिलकर हमाये हलक मा हाथ डाले हुए है”,गोलू ने कहा और मंगल फूफा को लेकर घर से निकल गया।
गली से होकर दोनों सड़क की तरफ जाने लगे ताकि वहा से रिक्शा पकड़ सके क्योकि स्कूटी तो आज गुप्ता जी लेकर चले गए थे। गली थोड़ी संकरी थी और इतनी संकरी की बस दो ही आदमी साथ साथ चलकर गली पार कर सके तभी सामने से कंधो पर अर्थी उठाये लोगो का झुण्ड आता दिखाई दिया।

“जे सबका भी अभी आना था , सुभ काम करने जा रहे थे और इह दर्शन,,,,,,,,,,,,,!!!”,मंगल फूफा ने कहा और भीड़ में आगे बढ़े तो गोलू ने पीछे खींचा और अर्थी पर लेटे आदमी की तरफ इशारा करके कहा,”का फूफा ? ओह्ह्ह से भी पहिले जाही हो ?”
मंगल फूफा ने गोलू की बात का मतलब समझा और जल्दी से ना में गर्दन हिलाकर साइड में खड़े हो गए। अर्थी जाने के बाद गोलू मंगल फूफा को लेकर फिर आगे बढ़ा और सड़क पर आकर रिक्शा रुकवाकर उसमे आ बैठा बगल में आ बैठे मंगल फुफा और दोनों वहा से निकल पड़े।

गोलू को फोन करके गुड्डू वापस अंदर आया तो रूपा ने कहा,”किस से बात कर रहे थे ?”
“आप ना हमाये पे ध्यान थोड़ा कम लगाइये”,गुड्डू ने भड़ककर कहा
“अरे हमहू तो बस पूछत रहे इत्ता भड़क काहे रहे हो ?”,रूपा ने मुँह बनाकर कहा
गुड्डू ने रूपा की तरफ देखा और जबरदस्ती मुस्कुरा कर कहा,”इह जोन फटफटिया पर बैठकर आप आयी है ना उह्ह्ह ना हमायी है ना हमाये पिताजी की , सामने वाले पडोसी की है ओह्ह का वापस चाही इहलीये जितना जल्दी हो सके नाप दीजिये और चलिए हिया से हमे और भी बहुते काम है”

“अरे तुमको काम है तो तुमहू जाओ ना गुड्डू इनको घर हम छोड़ देंगे अपने स्कूटर से , कल ही सर्विस कराये है”,हाथ में ट्रे पकडे नवरत्न ने अंदर आते हुए कहा
“कोनो जरूरत नही है , हमहू लेकर आये थे हमहू लेकर जाही है,,,,,,,,,,,,,तुमहू नाप ल्यो फटाफट”,गुड्डू ने कहा
“अरे नाप की का जरूरत है सीना 38 , कमर 36 , लम्बाई 40 , बाजु 16 , कन्धा 25 और गला 8,,,,,,,,9 करेंगे तो थोड़ा जियादा डीप हो जायेगा”,नवरतन ने ट्रे रखते हुए कहा आखरी शब्द रूपा को देखकर कहे तो रूपा मुस्कुरा दी।

गुड्डू ने नवरतन के कंधे पर हाथ रखकर उसे अपनी तरफ घुमाया और कहा,”बिना नाप लिए तुमको कैसे पता जे ही नाप होगा ?”
“अरे एक्सपीरियंस गुड्डू एक्सपीरियंस , आज सुबह गुप्ता जी के घर मा इह जब गिरने वाली थी और हमने इनको अपनी मजबूत बाँह में सम्हाला तबही अंदाजा लगा लिए थे”,नवरतन ने अपनी तारीफ में कहा

“वाह नवरतन जी ! आप तो बड़े टेलेंटेड निकले”,रूपा ने कहा तो नवरतन का दिल बाग़ बाग़ हो गया और उसने रूपा की तरफ पलटकर कहा,”बस कबो घमंड नाही किया , आप बैठी काहे है ? समोसा लीजिये ना हमहू अपने हाथो से करारे करारे छाटकर लाये है”
“आप भी लीजिये ना”,रूपा ने एक समोसा उठाते हुए कहा और खाने लगी ! नवरतन ने समोसा तो उठाया लेकिन खा पाता इस से पहले गुड्डू ने उसे अपनी तरफ करके कहा,”अरे काहे का टेलेंट ? दिनभर लोगो के फ़टे कच्छे सिलने के अलावा कोनो और टेलेंट है तुम्हाये अंदर,,,,,,,,,,,!!!”

“अरे गुस्सा काहे होते हो ? इह ल्यो समोसा खाओ,,,,,,,,,,,और चटनी बाहिर से लेइ ल्यो जाओ”,कहते हुए नवरतन ने अपने हाथ में पकड़ा समोसा गुड्डू के मुँह में ठूस दिया और चटनी के बहाने उसे दूकान से बाहर कर दिया जबकि चटनी वह खुद लेकर आया था।
गुड्डू समोसा मुँह में ठुसे बाहर चला आया जबकि नवरतन अंदर रूपा के साथ प्यार मोहब्बत की बात करना चाहता था।

गुड्डू ने समोसा मुँह से निकाला और एक टुकड़ा खाकर बोला,”साला जब चटनी नहीं लाना था तो समोसा कहे लेकर आये , बिना चटनी समोसे का का स्वाद”
गुड्डू ने बगल वाली दूकान से एक प्लेट पर चटनी ली और नवरतन की दुकान के बाहर खड़े होकर समोसा खाने लगा। उसने अभी दो निवाले ही खाये थे कि तभी गोलू उसके सामने आया और ताली पीटकर कहा,”वाह गुड्डू भैया वाह ! हमहू हिया टेंशन मा थे कि पता नहीं आप कोनसी मुसीबत मा होंगे और आप हिया चटनी के साथ समोसा पेल रहे है,,,,,,,,बहुत बढ़िया”

“टेंशन अंदर है और इह साला कोनो समोसा है ?”,गुड्डू ने चिढ़कर कहा
तब तक गोलू प्लेट में रखे आधे समोसे को उठा चुका था और हरी चटनी में लपेटकर खाते हुए कहा,”लाल वाली चटनी नाही लिए ?”
“लेकर का करेंगे ? समोसा तो तुमहू निपटाय दिए अब लाल वाली चटनी का चाटे ?”,गुड्डू ने भड़ककर कहा

मंगल फूफा ने देखा गोलू यहाँ आया था रूपा के लिए और आकर समोसा खा रहा है तो उसने गोलू को साइड किया और गुड्डू के सामने आकर कहा,”कहा है हमायी रूपा ? का किये ओह्ह्ह के साथ ?”
“हम का करेंगे ? जैसी ओह्ह्ह की हरकते है उह्ह खुद ही एक दिन अपना कल्याण करवाय लेगी”,गुड्डू ने मुँह बनाकर कहा

“अरे गुड्डू भैया आप और रूपा हिया का कर रहे है ? कही आप भी तो उह्ह्ह रूपा के चक्कर मा,,,,,,,,,,!!!”,गोलू ने इतना ही कहा कि गुड्डू ने गोलू की गुद्दी पकड़ी और कहा,”का बे ? तुमको हम का ऐसे वैसे दिखते है ? हमहू काहे पड़ेंगे रूपा के चक्कर मा ?”
“अरे तो फिर आप रूपा को हिया लेकर काहे आये है ?”,गोलू ने पूछा
“खुदहि जाकर पूछ ल्यो”,गुड्डू ने गोलू को दुकान के अंदर धकियाकर कहा

“ए गुड्डू ! हमहू तुमको अपना दोस्त समझे रे पर तुमहू तो हमाये दुश्मन निकले,,,,,,,,,,नाही नाही सौतन निकले , तुमहू कब से रूपा के पीछे पड़ गए सुबह तक तो रूपा हमायी थी दोहपर होते होते तुम्हायी हो गयी , शाम होते होते ना जाने किस किस की हो जाएगी,,,,,,,,,,,,,,,नाही नाही नाही इह नाही हो सकत हमहू शाम नाही होने देंगे”,मंगल फूफा ने गुड्डू के सामने आकर कहा तो गुड्डू ने उन्हें भी गोलू के पीछे अंदर धकिया दिया।

अंदर का नजारा देखकर गोलू और मंगल फूफा दोनों हैरान रह गए। रूपा के सामने बैठा नवरतन हाथ में पकड़ा समोसा मुस्कुराते हुए रूपा को खिलाने जा ही रहा था गोलू और मंगल फूफा दोनों एक साथ जोर से चिल्लाये,”अबे समोसा नीचे रख”

गोलू और मंगल फूफा को वह देखकर रूपा थोड़ा असहज हो गयी और नवरतन गुस्से से लाल , उसने समोसा नीचे रखा और दोनों की तरफ आकर कहा,”काहे नीचे रखे ? और तुम दोनों हिया का कर रहे हो ?”
मंगल फूफा ने हाथ में पकड़ा छुरा उठाया और गुस्से से कहा,”ताकि हम आज तुम्हरा किस्सा ही खत्म कर दे , ए गोलुआ देख का रहा है माल उठा और निकल हिया से”

मंगल के हाथ में छुरा देखकर नवरतन के तो हाथ पांव ही फूल गए। मंगल फूफा उसे मारने भागा और नवरतन वही दुकान में यहाँ वहा भागने लगा। मंगल फूफा ने गोलू से माल उठाने को कहा लेकिन गोलू ठहरा गोबरबुद्धि उसने आकर समोसे और इमरती से भरी ट्रे को उठाया और बाहर चला गया क्योकि भैया उसके लिए तो यही असली माल था।

( क्या दूर हो पायेगी मंगल फूफा की गुड्डू को लेकर गलतफहमी ? आज बच पायेगा नवरतन मंगल फूफा के वार से या हो जायेगा रूपा के प्यार में शहीद ? क्या गोलू समझ पायेगा माल का असली मतलब ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “मनमर्जियाँ सीजन 5” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल  

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Manmarjiyan Season 5 by Sanjana Kirodiwal
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Manmarjiyan Season 5 by Sanjana Kirodiwal

मंगल फूफा के हाथ में कटहल काटने वाला बड़ा छुरा देखकर गोलू का दिल बैठ गया। एक तो बेचारा अंदर पिंकी के पैर पकड़कर आया था और बाहर मंगल फूफा को इस रूप में देखकर उसकी तो जान ही सूख गयी। वह डरते डरते मंगल फूफा के सामने आया और मरे हुए स्वर में कहा,”का हुआ रे फूफा ! इत्ता जोर से काहे चिल्लाये ?”
मंगल फूफा रुके और गोलू को देखकर गुस्से से कहा,”उह्ह्ह तुम्हरा दोस्त गुड्डू मिश्रा,,,,,,,,,उह्ह्ह साले की गर्दन उड़ा देंगे हमहू , ओह्ह्ह के हाथ पैर काटकर सीक कबाब बनाएंगे , ओह्ह के बचे हुए शरीर के छोटे छोटे छोटे छोटे छोटे छोटे टुकड़े कर के मछलियों को खिला देंगे और बाकि बचा हम खा लेंगे”

मंगल फूफा के हाथ में कटहल काटने वाला बड़ा छुरा देखकर गोलू का दिल बैठ गया। एक तो बेचारा अंदर पिंकी के पैर पकड़कर आया था और बाहर मंगल फूफा को इस रूप में देखकर उसकी तो जान ही सूख गयी। वह डरते डरते मंगल फूफा के सामने आया और मरे हुए स्वर में कहा,”का हुआ रे फूफा ! इत्ता जोर से काहे चिल्लाये ?”
मंगल फूफा रुके और गोलू को देखकर गुस्से से कहा,”उह्ह्ह तुम्हरा दोस्त गुड्डू मिश्रा,,,,,,,,,उह्ह्ह साले की गर्दन उड़ा देंगे हमहू , ओह्ह्ह के हाथ पैर काटकर सीक कबाब बनाएंगे , ओह्ह के बचे हुए शरीर के छोटे छोटे छोटे छोटे छोटे छोटे टुकड़े कर के मछलियों को खिला देंगे और बाकि बचा हम खा लेंगे”

मंगल फूफा के हाथ में कटहल काटने वाला बड़ा छुरा देखकर गोलू का दिल बैठ गया। एक तो बेचारा अंदर पिंकी के पैर पकड़कर आया था और बाहर मंगल फूफा को इस रूप में देखकर उसकी तो जान ही सूख गयी। वह डरते डरते मंगल फूफा के सामने आया और मरे हुए स्वर में कहा,”का हुआ रे फूफा ! इत्ता जोर से काहे चिल्लाये ?”
मंगल फूफा रुके और गोलू को देखकर गुस्से से कहा,”उह्ह्ह तुम्हरा दोस्त गुड्डू मिश्रा,,,,,,,,,उह्ह्ह साले की गर्दन उड़ा देंगे हमहू , ओह्ह्ह के हाथ पैर काटकर सीक कबाब बनाएंगे , ओह्ह के बचे हुए शरीर के छोटे छोटे छोटे छोटे छोटे छोटे टुकड़े कर के मछलियों को खिला देंगे और बाकि बचा हम खा लेंगे”

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