Main Teri Heer Season 5 – 78

Main Teri Heer Season 5 – 78

Main Teri Heer - Season 5
Main Teri Heer – Season 5 by Sanjana Kirodiwal

मुन्ना गौरी को अपनी बांहो में लिए अपनी आने वाली जिंदगी के बारे में बात कर रहा था कि तभी वंश बिना दरवाजा खटखटाये कमरे में आया और कहा,”मुन्ना आखिर ये बाबा मुझसे,,,,,,,,,,,,,,!!”
वंश ने इतना ही कहा कि जैसे ही उसकी नजर मुन्ना और गौरी पर पड़ी और उसने पलटकर कहा,”ऊप्स ! लगता है मैं गलत समय पर आ गया , यू गाईज केरी ऑन,,,,,,,,,,!!”
गौरी जल्दी से मुन्ना से दूर हटी और मुन्ना ने पीछे से वंश की कोलर पकड़ कर उसे रोका और कहा,”वैसे तुम यहाँ कर क्या रहे हो ?”


वंश पलटा और चिढ़े हुए स्वर में कहा,”यार मुन्ना आखिर बाबा मुझसे चाहते क्या है ? मैंने उनकी बात पर हाँ क्या कर दिया अब वो कह रहे है कल सुबह जाकर मैं टेलर को नाप दे आउ क्योकि कल कोई फंक्शन नहीं है तो वो चाहते है मेरी और सुमन की सगाई हो जाये,,,,,,,,!!”
“सुमन ? ये कैसा नाम है और तुम तो निशि से प्यार करते हो ना फिर ये सुमन कहा से आ गयी ?”,मुन्ना से पहले गौरी ने कहा


वंश ने गौरी को सब बताया तो गौरी अपनी आँखे बड़ी करके सब सुनती रही वह कभी वंश की बात सुनती और कभी मुन्ना को देखती। मुन्ना तो चाहता था कि ये मामला कम से कम लोगो के बीच रहे और ख़ामोशी से निपट जाए लेकिन वंश एक के बाद एक सबको इसमें शामिल करते जा रहा था। वंश की बात सुनकर गौरी खामोश हो गयी और फिर एकदम से कहा,”ये बाबा तुम्हारे साथ ऐसा कैसे कर सकते है ? तुम तुम चलो मेरे साथ मैं अभी बाबा से बात करती हु , मुन्ना और काशी को अपना लाइफ पार्टनर चुनने का हक़ है तो फिर तुम्हे क्यों नहीं ? चलो अभी चलकर बाबा को सच बताते है,,,,,,,!!”


गौरी की बाते सुनकर वंश मुन्ना की तरफ देखने लगा तो गौरी ने भी मुन्ना को एक नजर देखा और कहा,”तुम्हे यहाँ किसी से डरने की जरूरत नहीं है वंश , तुम्हारी भाभी तुम्हारे साथ है समझे,,,,,,चलो”
कहकर गौरी वंश का हाथ थामकर जैसे ही आगे बढ़ी मुन्ना ने उसे वापस पीछे खींचा और कहा,”बेटा ! तुम जितना समझ रही हो ये उतना आसान भी नहीं है”


गौरी ने सुना तो मुन्ना की तरफ पलटी और कहा,”तो क्या वंश निशि को भूल जायेगा ?”
“भूलेगा क्यों और भूलना क्यों है ? वंश की शादी निशि से ही होगी”,मुन्ना ने कहा
“अच्छा और ये किसने कहा ? वहा बाबा तो वंश का रिश्ता उस सु,,,,,,,,,,,,,!!”,गौरी कहते कहते सुमन का नाम भूल गयी तो वंश ने कहा,”सुमन”


“हाँ सुमन , बाबा तो वंश का रिश्ता सुमन से कर रहे है”,गौरी ने कहा
“वंश की शादी निशि से ही होगी और ये हम कह रहे है”,मुन्ना ने भी गौरी के सामने तनते हुए कहा
“अच्छा ! तुम कोई अन्तर्यामी हो ?”,गौरी ने भी तनकर कहा
“तुम अभी हमे जानती नहीं हो गौरी शर्मा”,मुन्ना ने गौरी की ठुड्डी के नीचे ऊँगली लगाकर धीरे से ऊपर उछालकर कहा


गौरी ने मुंह बनाया और वंश की तरफ पलटकर कहा,”देखो वंश मेरी बात मानो तो मान के चक्कर में मत पड़ो और जाकर बाबा से कह दो कि तुम्हे सुमन पसंद नहीं है और तुम निशि को पसंद करते हो। तुम इतनी आसानी से निशि को जाने कैसे दे सकते हो आफ्टर आल वो तुम्हारा प्यार है”
गौरी की बात सुनकर वंश ने मायूसी से कहा,”हाँ लेकिन पापा बाबा को वचन दे चुके है और सबको पता है गौरी पापा बाबा के खिलाफ कभी नहीं जायेंगे,,,,,,अब मैं क्या करू ?”


“कुछ नहीं करना कल सुबह जाकर टेलर को अपना नाप दे आओ”,मुन्ना ने अपने हाथो को बांधते हुए कहा
“मुन्ना तुम मेरे दोस्त हो या दुश्मन , तुम भी बाबा की साइड हो गए ?”,वंश ने खीजते हुए कहा
“किसने कहा हम बाबा की साइड है ? देखो वंश हमने कहा ना निशि की शादी तुम से ही होगी बस जैसा हम कहे वैसा करो , बाबा से जाकर कह दो कि तुम कल सुबह नाप दे आओगे”,मुन्ना ने गंभीरता से कहा
“हाह ! लगता है ये मान तुम्हारी लव स्टोरी पर फुल स्टॉप लगाकर छोड़ेगा , आल द बेस्ट वंश”,गौरी ने बड़े ही अफ़सोस भरे स्वर में कहा और वहा से चली गयी।

गौरी की बात सुनकर वंश और उदास हो गया और मुन्ना के बिस्तर पर आ बैठा। मुन्ना ने देखा तो वंश के बगल में आकर बैठा और कहा,”तुम्हे हम पर भरोसा है ना वंश ?”
“हम्म्म,,,,,,,,,!!”,वंश ने कहा और फिर वहा से चला गया। मुन्ना मुस्कुरा उठा और कहा,”सच में तुम अभी भी बच्चे हो वंश , अरे पागल जब तुम्हारे लिए हम अपना प्यार छोड़ने को तैयार हो गए तो क्या आज तुम्हारे प्यार को तुमसे दूर होने देंगे ? हमारे लिए हमारी ख़ुशी से भी बढ़कर तुम्हारी ख़ुशी है और यही एक बड़े भाई का फर्ज होता है”

मुन्ना से बात करके वंश नीचे चला आया और बाबा को टेलर के पास जाने का कहकर वहा से अकेला ही घर के लिए निकल गया क्योकि वंश को अब यहाँ अच्छा नहीं लग रहा था। मुरारी अपने दोस्तों के साथ बैठा था उसने देखा सब है लेकिन वंश नहीं तो वह उठा और लॉन में चला आया। अब तक मुरारी वंश से मजाक कर रहा था उसे चिढ़ा रहा था लेकिन अब उसे वंश को लेकर चिंता होने लगी थी।

मुरारी वही खड़ा सोच रहा था कि तभी बाबा ने कहा,”अरे मुरारी ! वंश कहा है उस से कहो सुमन बिटिया को घर तक छोड़ आये , रात बहुत हो गयी है अकेले जाना सही नहीं रहेगा”
“बाबा वंश को तो हमने किसी काम से बाहिर भेजा है एक ठो काम करते है हमहू किशना या ड्राइवर से कह देते है उह्ह सुरक्षित छोड़ आएगा”,मुरारी ने कहा


“बिटिया तुम्हे कोनो दिक्कत तो नाही है ना ड्राइवर के साथ जाने मा ? देखो अगर तुम कहो तो हम साथ चलते है,,,,,,,,,!!”,बाबा ने अपने पन से साथ खड़ी सुमन से कहा
“नहीं नहीं बाबा आप परेशान मत होईये मैं चली जाउंगी,,,,,,,,,!!”,सुमन ने मुस्कुरा कर कहा
“ठीक है बिटिया , मुरलीधर से कहना कल सुबह हम सब शगुन लेकर पहुँच जायेंगे”,बाबा ने कहा
“जी बाबा , प्रणाम”,सुमन ने बाबा के पैर छूकर कहा


“खुश रहो बिटिया,,,,,,,मुरारी तुमहू ज़रा किशना से कहकर”,बाबा ने इतना ही कहा कि मुरारी बोल पड़ा,”बाबा ! काहे परेशान हो रहे है ? हमायी बिटिया जैसी है हम है ना हम करते है बंदोबस्त आप जाईये”
बाबा मुरारी को सुमन को घर छोड़ने की जिम्मेदारी सौंपकर वहा से चले गए  

गौरी की बात सुनकर वंश और उदास हो गया और मुन्ना के बिस्तर पर आ बैठा। मुन्ना ने देखा तो वंश के बगल में आकर बैठा और कहा,”तुम्हे हम पर भरोसा है ना वंश ?”
“हम्म्म,,,,,,,,,!!”,वंश ने कहा और फिर वहा से चला गया। मुन्ना मुस्कुरा उठा और कहा,”सच में तुम अभी भी बच्चे हो वंश , अरे पागल जब तुम्हारे लिए हम अपना प्यार छोड़ने को तैयार हो गए तो क्या आज तुम्हारे प्यार को तुमसे दूर होने देंगे ? हमारे लिए हमारी ख़ुशी से भी बढ़कर तुम्हारी ख़ुशी है और यही एक बड़े भाई का फर्ज होता है”

मुन्ना से बात करके वंश नीचे चला आया और बाबा को टेलर के पास जाने का कहकर वहा से अकेला ही घर के लिए निकल गया क्योकि वंश को अब यहाँ अच्छा नहीं लग रहा था। मुरारी अपने दोस्तों के साथ बैठा था उसने देखा सब है लेकिन वंश नहीं तो वह उठा और लॉन में चला आया। अब तक मुरारी वंश से मजाक कर रहा था उसे चिढ़ा रहा था लेकिन अब उसे वंश को लेकर चिंता होने लगी थी।

मुरारी वही खड़ा सोच रहा था कि तभी बाबा ने कहा,”अरे मुरारी ! वंश कहा है उस से कहो सुमन बिटिया को घर तक छोड़ आये , रात बहुत हो गयी है अकेले जाना सही नहीं रहेगा”
“बाबा वंश को तो हमने किसी काम से बाहिर भेजा है एक ठो काम करते है हमहू किशना या ड्राइवर से कह देते है उह्ह सुरक्षित छोड़ आएगा”,मुरारी ने कहा


“बिटिया तुम्हे कोनो दिक्कत तो नाही है ना ड्राइवर के साथ जाने मा ? देखो अगर तुम कहो तो हम साथ चलते है,,,,,,,,,!!”,बाबा ने अपने पन से साथ खड़ी सुमन से कहा
“नहीं नहीं बाबा आप परेशान मत होईये मैं चली जाउंगी,,,,,,,,,!!”,सुमन ने मुस्कुरा कर कहा
“ठीक है बिटिया , मुरलीधर से कहना कल सुबह हम सब शगुन लेकर पहुँच जायेंगे”,बाबा ने कहा
“जी बाबा , प्रणाम”,सुमन ने बाबा के पैर छूकर कहा


“खुश रहो बिटिया,,,,,,,मुरारी तुमहू ज़रा किशना से कहकर”,बाबा ने इतना ही कहा कि मुरारी बोल पड़ा,”बाबा ! काहे परेशान हो रहे है ? हमायी बिटिया जैसी है हम है ना हम करते है बंदोबस्त आप जाईये”
बाबा मुरारी को सुमन को घर छोड़ने की जिम्मेदारी सौंपकर वहा से चले गए  

मुरारी ने किशना को फोन करके गाड़ी निकालने को कहा और खुद सुमन को गाडी तक छोड़ने उसके साथ चल पड़ा। सुमन की अब तक सब घरवालों से बात हो चुकी थी लेकिन मुरारी से नहीं हुई थी। मुरारी की पर्सनालिटी भी ऐसी थी कि जब तक कोई उस से बात ना करे सबको यही लगता था कि मुरारी में ऐटिटूड है।

दोनों धीरे धीरे चल रहे थे तभी मुरारी ने कहा,”हमारा वंश वैसे बहुते सीधा लड़का है , अब तुम से ओह्ह का रिश्ता होने जा रहा है और जे बहुते अच्छी बात है और कल तो जे बात ऑफिसियल भी हो जाएगी,,,,,,,,फिर तो कल तुमहाओ पासवर्ड भी चेंज हो जाही”
“पासवर्ड ?”,सुमन ने मुरारी की तरफ देखकर हैरानी से कहा


“पासवर्ड नाही समझती ? अरे वही माट साहब के छोटे वाले लौंडे , सूरज,,,,,,,!!”,मुरारी ने कहा
मुरारी के मुंह से सूरज का नाम सुनते ही सुमन के चेहरे का रंग उड़ गया और उसने घबराहट भरे स्वर में कहा,”आप आप सूरज को कैसे जानते है ?”


“उह्ह का है ना बिटिया हमहू किनारे पर खड़े रहकर बता देते है घाट का पानी कितना गहरा है। दुनिया जहाँ की खबर रखते है अपने घर मा का हो रहा है जे नाही पता चलेगा ? अरे हमहू किसी को नमस्ते करने से पहिले ओह्ह की पूरी कुंडली निकाल लेते है तुमहू तो फिर भी हमाये घर की बहू बनने जाय रही हो,,,,,देखो अगर तुम्हरे और वंश्वा के रिश्ते मा जे सूरज परोब्लम है तो हम पर छोड़ दयो हमहू सम्हाल लेंगे”,मुरारी ने कहा
“मतलब ?”,सुमन ने डरते हुए पूछा


“कहो तो अस्त कर दे ?”,मुरारी ने कहा हालाँकि उसका ऐसा कोई इरादा नहीं था वह बस सुमन को थोड़ा सा डराना चाहता था ताकि सुमन उसके सामने अपने और सूरज के रिश्ते का सारा सच उगल दे  
मुरारी की बात सुनकर सुमन घबरा गयी और कहा,”अरे नहीं नहीं ये क्या कह रहे है आप ? आप उसे कुछ मत कीजिये प्लीज मैं उस से बहुत प्यार करती हूँ”


“प्यार कोनो और से और शादी वंश्वा से ऐसा काहे ? और जब तुम्हायी जिंदगी मा पहिले से कोई है तो फिर वंश के लिए हाँ काहे की ?”,मुरारी ने पूछा

“बाबा के कहने पर”,सुमन ने धीरे से कहा
“जे साले दोनों बूढ़े मिलके काहे जे दोनों की लंका लगाने पर तुले है ?”,मुरारी ने मन ही मन खुद से कहा
“देखिये आप मुझे गलत मत समझिये , मैं यहाँ शादी से इंकार करने ही आयी थी लेकिन उस बेवकूफ वंश ने सबके सामने हाँ बोलकर मुझे फंसा दिया और मुझे भी बाबा को हाँ बोलना पड़ा , मैं और सूरज एक दूसरे को बहुत पसंद करते है अंकल और उसके अलावा मैं किसी और से शादी नहीं कर सकती , अगर मुझे वंश से शादी करनी पड़ी तो मैं जहर खा लुंगी”,सुमन ने बेचैनी भरे स्वर में कहा


“वाह बिटिया वाह का बढ़िया प्लान है , अरे साला तुम आजकल के बच्चो की यही तो सबसे बड़ी दिक्कत है , जहर खाने की हिम्मत है तुम लोगन मा पर अपने माँ-बाप के सामने इह नाही कह सकते कि हम किसी से पियार करते है और उस से शादी करना चाहते है,,,,,,,अरे घरवालों की जिद पर अपने प्यार को स्वाहा काहे कर रहे हो तुम दोनों ? तुमको पता है तुम्हाये जैसे उह्ह वंश्वा भी कोनो लड़की के पिरेम मा है पर बाबा के कहने पर तुम्हाये लिए हाँ कर दी ,पर साला गलती ओह्ह की नाही है हमहू सब जानते है फिर भी का उखाड़ लिए हम भी बाबा के कहे कहे चल रहे है,,,,,,,,,,,

लेकिन अब हम तुम्हायी और वंश की जिंदगी बर्बाद होने नाही देंगे,,,,,,,,,हम जाकर ओह्ह का सब बता देंगे ओह्ह के बाद जो होगा देखा जाएगा”,मुरारी ने कहा और जैसे ही जाने लगा सुमन ने मुरारी की बांह पकड़कर उसे रोक लिया और कहा,”अंकल ! अगर आप बाबा को बताएँगे तो उन्हें अपने ही फैसले पर पछतावा होने लगेगा”
“तो का करे ? तुम्हाये और वंश्वा की शादी का मुहूर्त निकलवा दे ?”,मुरारी ने खीजकर कहा


सुमन ने सुना तो ख़ामोशी से मुरारी को देखने लगी मुरारी ने थोड़ा नरम स्वर में कहा,”ए बिटिया ! देखो हमरी ना कोनो बिटिया नाहीं है पर अगर तुम्हरी जगह अगर हमरी कोनो बिटिया होती ना तो हमहू ओह्ह से भी जे ही कहते कि उह्ह अपना जीवनसाथी सोच समझकर चुने , किसी के प्रेम मा होते हुए किसी और से शादी करने का मतलब है जीते जी नर्क देखना , इहलीये कबो ऐसे इंसान से शादी नाही करो कि जिंदगी भर उह्ह मा अपने पुराने प्रेम को खोजती रहो , बाकि तुम्हायी मर्जी,,,,,,,,,!!”


इतना कहकर मुरारी सामने से आते किशना की तरफ बढ़ गया और उसे सब समझाकर वहा से चला गया।

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 संजना किरोड़ीवाल

Main Teri Heer - Season 5
Main Teri Heer – Season 5 by Sanjana Kirodiwal
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वाह बिटिया वाह का बढ़िया प्लान है , अरे साला तुम आजकल के बच्चो की यही तो सबसे बड़ी दिक्कत है , जहर खाने की हिम्मत है तुम लोगन मा पर अपने माँ-बाप के सामने इह नाही कह सकते कि हम किसी से पियार करते है और उस से शादी करना चाहते है,,,,,,,,अरे घरवालों की जिद पर अपने प्यार को स्वाहा काहे कर रहे हो तुम दोनों ? तुमको पता है तुम्हाये जैसे उह्ह वंश्वा भी कोनो लड़की के पिरेम मा है पर बाबा के कहने पर तुम्हाये लिए हाँ कर दी ,पर साला गलती ओह्ह की नाही है हमहू सब जानते है फिर भी का उखाड़ लिए हम भी बाबा के कहे कहे चल रहे है,,,,,,,,,,,

वाह बिटिया वाह का बढ़िया प्लान है , अरे साला तुम आजकल के बच्चो की यही तो सबसे बड़ी दिक्कत है , जहर खाने की हिम्मत है तुम लोगन मा पर अपने माँ-बाप के सामने इह नाही कह सकते कि हम किसी से पियार करते है और उस से शादी करना चाहते है,,,,,,,,अरे घरवालों की जिद पर अपने प्यार को स्वाहा काहे कर रहे हो तुम दोनों ? तुमको पता है तुम्हाये जैसे उह्ह वंश्वा भी कोनो लड़की के पिरेम मा है पर बाबा के कहने पर तुम्हाये लिए हाँ कर दी ,पर साला गलती ओह्ह की नाही है हमहू सब जानते है फिर भी का उखाड़ लिए हम भी बाबा के कहे कहे चल रहे है,,,,,,,,,,,

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