Love You जिंदगी – 78

Love You Zindagi – 78

Love you Zindagi - 78
love-you-zindagi-78

(Love You Zindagi) नैना ने जब सूना की उसके लिए रिश्ता आया है तो वह गुस्सा हो गयी और अंदर चली आयी। अंदर आकर देखा सोफे पर एक भारी भरकम पेट वाला , गले में सोने की चैन उंगलियों में सोने की अंगूठी पहने एक आदमी और उसके बगल में एक भारी भरकम महिला बैठी थी। सोफे की सिंगल कुर्सी पर शीला आंटी बैठी थी और उनके सामने वाली कुर्सी पर एक लड़का बैठा था जिसने तेरे नाम बाल बनाये हुए थे। लड़की देखने आना था शायद इसलिए क्लीन शेव आया था। उसे देखते ही नैना की भँवे तन गयी। नैना को वहा देखते ही शीला आंटी उसके पास आयी और अपनी जबान पर शहद घोलते हुए कहा,”अरे अरे नैना बिटिया आ गयी तुम , हम सब तो तबसे तुम्हारी ही राह देख रहे थे ,,,,,,, आओ आओ बैठो !” कहते हुए शिला ने उसे अपना सोफा बैठने के लिए दिया और खुद लड़के के पेरेंट्स के साथ बैठ गयी। आराधना मोंटी और विपिन जी भी अंदंर चले आये। मोंटी वाशरूम चला गया। नैना कभी गुस्से से विपिन जी को देखती और कभी अपने सामने बैठे उस लड़के को जो बार बार नैना को देखकर मुस्कुरा रहा था।
“और बेटा कैसी चल रही है जिंदगी ?”,शीला मौसी ने सवाल किया
“बहुत तेज चल रही है आंटी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,चलते चलते इतना आगे निकल गयी है की मुझे खुद नहीं पता”,नैना ने अपने गुस्से को रोककर कहा
“हे हे हे हे हे बड़ी मजाकिया है हमारी नैना सेन्स ऑफ़ ह्यूमर बहुत अच्छा है इसका”,शीला ने नैना की साइड लेते हुए कहा
“बेटा क्या करती हो आप ? देखो हमे ऐसी बहु चाहिए जो घर में रहे नौकरी ना करे क्योकि पैसा इतना है की बहुओ को बस खर्च करना है कमाना नहीं है”,लड़के की माँ ने कहा
“इतना पैसा है तो चैरिटी में क्यों नहीं दे देते”,नैना ने कहा तो सब उसका मुंह देखने लगे
“इसके कहने का मतलब है जो पैसा खर्च करना है इस से अच्छा क्यों ना उस से लोगो की मदद की जाये”,इस बार विपिन जी ने बात सम्हाली
“अच्छा अच्छा , ये तो बहुत अच्छा है। और बेटा क्या क्या बना लेती हो ?”,लड़के की माँ ने फिर सवाल किया
“चाय !”,नैना ने कहा
“चाय ?”,लड़के की माँ ने हैरान होकर कहा
“चाय पिएंगे आप लोग ?”,नैना ने सवाल किया
“हां हां बिल्कुल !”,लड़के के पापा ने कहा
“ठीक है आप सभी बातें कीजिये मैं बनाकर लाती हूँ”,कहते हुए जैसे ही आराधना जाने लगी नैना ने उठते हुए कहा,”अरे मम्मा आप बैठिये ना मैं बनाती हूँ”
नैना जैसे ही विपिन जी के पास से गुजरी विपिन जी ने फुसफुसाकर कहा,”चाय के नाम पर कोई गड़बड़ तो नहीं करने वाली हो ना तुम ?”
“ट्रस्ट मी डेड ऐसा कुछ भी नहीं , चाय से मौत थोड़ी आनी है आपके रिश्तेदारों को”,कहकर नैना चली गयी (Love You Zindagi)


(Love You Zindagi) “अरे भाईसाहब ! आप तो कुछ ले ही नहीं रहे ,, समोसे लीजिये !”,विपिन जी ने कहा
“अरे नहीं नहीं भाईसाहब बहुत खा लिया अब तो बस नैना के हाथ की चाय पीनी है”,लड़के के पापा ने कहा ! लड़के ने तो नैना को देखते ही पसंद कर लिया था और उसके घरवालो ने भी आराधना बार बार किचन की और देख रही थी। मन ही मन घबरा भी रही थी की नैना आज चाय कैसे बना रही है ? कही वो कोई गड़बड़ ना कर दे। मोंटी भी आ पहुंचा तो शीला ने उस से दो कुर्सियां और लाने को कहा। विपिन और आराधना जी आकर उनपर बैठ गए। शीला मौसी बढ़ा चढ़ाकर लड़के के गुणों का बखान कर रही थी। विपिन जी को भी रिश्ता ठीक ही लगा लड़के का अपना खुद का शोरूम था और अच्छा खुशहाल परिवार था। कुछ देर बाद नैना ट्रे में चाय के कप लेकर वहा आयी और सबको चाय दी। जब लड़के की ओर कप बढ़ाया तो लड़के ने अपनी बत्तीसी नैना को दिखाई लेकिन नैना ने कोई रिएक्शन नहीं दिया चुपचाप आकर बैठ गयी उसने साइड टेबल से अख़बार उठाया और जोर जोर से पढ़ने लगी,”घर आये मेहमानो को चाय में जहर देकर होने वाली दुल्हन ने खत्म की उनकी कहानी”
नैना ने जैसे ही कहा लड़के और उसके मम्मी पापा के मुंह से चाय फंवारे के साथ बाहर आ गिरी। उन्होंने घबराकर नैना की और देखा तो नैना ने मासूमियत से कहा,”अरे पेपर में लिखा है आंटी , ये आजकल पता नहीं कैसी कैसी न्यूज आती है ?”
“हां बड़ी भयानक न्यूज है !”,लड़के की माँ ने घबराकर कहा
“अरे ! आंटी चाय और लीजिये ना”,नैना ने कहा
“नहीं नहीं बेटा , बस पेट भर गया।”,बेचारी ने डरते हुए कहा
मोंटी को ये देखकर बहुत मजा आ रहा था वह नैना को अच्छे से जानता था इसलिए वहा उनके बीच ना बैठकर वह डायनिंग टेबल के पास कुर्सी लेकर बैठ गया और शो देखने लगा। नैना ने अख़बार समेटकर साइड में रख दिया तो शीला आंटी ने कहा,”वैसे बड़ी होनहार है हमारी नैना , इतनी सुंदर है की कोई भी इसे पसंद कर लेगा”
“मुझे तो ये पसंद है !”,लड़के ने ऊँगली होंठो के बिच दबाकर शरमाते हुए कहा नैना को उसकी ये हरकत नागवार गुजरी तो उसने कहा,”ये आपका सगा बेटा है ?”
“ये कैसा सवाल है ? हमारा इकलौता बेटा है ये”,लड़के की माँ ने नाराज होकर कहा
“हरकते मैच नहीं कर रही है इसकी आपसे”,नैना ने कहा
“कहना क्या चाहती हो तुम ?”,लड़के की माँ ने कहा
“कतई मीठा हो रहा है जे”,नैना ने कहा तो उधर मोंटी ने काउंटिंग करनी शुरू कर दी वन,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,टू,,,,,,,,,,,,,,,,,थ्री,,,,,,,,,,,,,,,,,,,बूम !!
नैना की बात सुनकर लड़का हक्का बक्का रह गया तो शीला ने कहा,”नैना ये कैसी बातें कर रही हो बेटा ? ऐसे कोई बोलता है क्या ?” (Love You Zindagi)

(Love You Zindagi) “जे बात सही है , इह कर रहा है और कछु बोले भी ना,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!”,नैना ने कहा
“भाईसाहब आपकी बेटी बड़ी बद्तमीज है , इसे बड़ो के सामने बात करने की ज़रा भी तमीज नहीं है”,लड़के की माँ ने गुस्सा होकर कहा
“आपके बेटे ने तमीज वाला कौनसा काम किया है ? जबसे आया है घूरे जा रहा है कभी लड़की नहीं देखी क्या जिंदगी में इसने अपनी”,नैना ने कहा
“नैना बेटा ये सब,,,,,,,,,,,,,!”,विपिन जी ने कहना चाहा लेकिन नैना कहा किसी की सुनने वाली थी वह लड़के के पापा की और मुड़ी और कहा,”और आप अंकल जी समोसे ठूसना बंद कर करो और अपनी बिटिया मेरा मतलब बेटे को किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाओ !”
“नैना तुम्हे पता भी है ये कितने रईस लोग है , अरे जूतों का शोरूम है रमेश (लड़के का नाम) का , घर में नौकर चाकर है”,शीला आंटी ने कहा तो उनकी हां में हां मिलाते हुए लड़के की माँ भी बोल पड़ी,”और ऍम.बी.ए. किया है मेरे बेटे ने”
नैना पलटी और क़हां,”किस में ? जूते चप्पल में !”
“मम्मी ये फिर मेरी इंसल्ट कर रही है”,लड़के ने मचलते हुए कहा तो नैना ने उसे देखा और कहा,”अबे ओह्ह बिन पानी की मछली सीधा खड़ा रह ,, ऍम.बी.ए में एडमिशन दिया किसने तेरे को ? पहले घरवालों के पैसे बर्बाद किये अब जवानी बर्बाद कर रहा है।”
“बस बहुत गया यहाँ हम लोग अपनी बेइज्जती करवाने नहीं आये है”,रमेश की मम्मी ने कहा
“तो फिर आप लोग अपनी बेइज्जती करवाने कहा जाते है ? आप लोगो को अपने बेटे के लिए बहु नहीं बल्कि घर में चुपचाप बैठने वाली एक रोबोट चाहिए जो आपके हिसाब से रहे जिए और एक दिन मर जाये। पहली ही मीटिंग में आपने अपने पैसो का बखान करना शुरू कर दिया ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,और शीला आंटी आप याद है लास्ट टाइम आपने क्या कहा था “कोई गधा हो होगा जो तुमसे शादी के लिए हां कहेंगा” तो अब इन गधो को यहाँ लेकर आप खुद क्यों आयी है ? दलाली का मामला होगा 2-4 तो इन्होने दिए ही होंगे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,बड़ी आयी रिश्ते लाने वाली मेरे पापा आपकी अभी रिस्पेक्ट करते है इसलिए मना नहीं किया और आप ऐसे लोगो को घर ले आयी,,,,,,,,,,,,,,,,,खैर इन बेचारो की क्या गलती इन्हे क्या पता ये किनके चक्कर में फंसे है ? बहुत हो गया मिलना जुलना अभी निकलो यहां से।”,नैना गुस्से से फट पड़ी (Love You Zindagi)


(Love You Zindagi) “चलो रमेश !”,लड़के के पापा ने कहा और अपनी बीवी को साथ लेकर जाने लगा तो रमेश ने नैना की और देखकर कहा,”लेकिन ये बहुत सुंदर है पापा”
“अबे ओह्ह्ह सब्जी मंडी के कद्दू निकल लो बेटा वरना सुन नहीं पाओगे ,,,,,,,,,,,,,,,,,,कानो से खून बहेगा ! नाजुक दिल है तुम्हारा चलो निकलो !”,नैना ने कहा तो विपिन जी ने अपना सर पीट लिया और आराधना गुस्सा होकर वहा से चली गयी। मोंटी का हंस हंस कर बुरा हाल था और बेचारी शीला नैना की रिश्तेदार होने की सजा भुगत रही थी ! रमेश के घरवाले चले गए उनके साथ साथ शिला जी भी चली गयी। विपिन जी जानते थे अब ये बम उनपर ही फटने वाला है तो वह चुपचाप अंदर आकर सोफे पर बैठ गए। नैना अंदर आयी और कमर पर दोनों हाथ रखकर विपिन जी को घूरते हुए कहा,”और आप इधर देखिये , आपने परमिशन दी इन्हे घर में घुसने की। डेड सीरियसली मतलब हो क्या गया है आपको ? मॉम का तो समझ आता है की वो मेरी शादी को लेकर सपने देखती है लेकिन आप भी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,ये पंसद किया आपने ये रमेस,,,,,,,,,,,,,,,,,डेड उस से अच्छा नाम तो आपका है और खराबी नाम में नहीं उस बन्दे में ही,,,,,,,,,,,,,,,क्यों डेड क्यों ? ये सब देखकर तो लगता है जैसे मैं आपकी औलाद नहीं हु कचरे के डिब्बे से उठाकर लाये हो मुझे,,,,,,,,,,,खामोश क्यों हो बोलो कुछ ?,,,,,,,,,,,,,,,,,,,जिस शीला आंटी ने आपकी , मॉम की इंसल्ट की उन्ही का रिश्ता अपने एक्सेप्ट कर लिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,खुद की बेटी 36 की हो चुकी है लेकिन नहीं उन्हें तो दुसरो का घर बसाना है अपने घर में भले आग लगी हो !
“बेटा मैंने तो कहा था शीला जी से की अभी मत बुलाओ लेकिन,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!”,विपिन जी ने कहा
“हां हां सही है आपको तो फर्क पड़ता नहीं है इन सब से”,कहते हुए नैना नीचे जमीन पर बैठ गयी और अपना हाथ सर से लगाकर अपना दुखड़ा रोने लगी,”हमाई जिंदगी में ये सब नमूने लिखे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अरे हम हे कौनसा शाहरुख़ खान मांग रहे है आपसे एक्को ढंग का लड़का ढूंढने को कहे तो ये उठाकर लाये है,,,,,,,,,,,,,जब देखो तब शादी शादी शादी,,,,,,,,,,,,जिनकी शादी नहीं होती वो खुश नहीं रहते है क्या ? और क्या उखाड़ लिया शादी करके सबने”
“तुम्हारे जैसी नालायक औलाद पैदा कर दी ये कम है क्या ?”,अंदर से आराधना ने आते हुए कहा
नैना ने उन्हें घुरा और फिर से खुद से ही कहने लगी,”अब इसमें हमाई गलती है जो हमे लड़के पसंद नही आते,,,,,,,,,,,,,,,,और हम बोले थे की घर बुलाओ उनको,,,,,,,,,,!”
“हां हां बेटा तुम्हारी गलती नहीं है हमारी गलती है जो तुम्हे इतनी छूट दे रखी है तुम्हारी उम्र में शादी करके इनका (विपिन जी की और इशारा करके) घर सम्हाल लिए थे ,, 600 रूपये नाश्ते के बर्बाद हो गए तुम्हारी वजह से”,आराधना ने टेबल पर रखे बर्तन समेटते हुए कहा
“तो नाश्ते के पैसे क्या मैं भरू ? मॉम मॉम मॉम लिस्टन”,नैना उनके सामने कूदते हुए कहने लगी
“बात मत करो मुझसे , ना मुझे तुमसे कोई बात करनी है। अच्छा है बेटा जी माँ बाप की इज्जत को उड़ाओ सबके सामने”,कहते हुए आराधना वहा से चली गयी
नैना विपिन जी के सामने आयी और कहा,”सुन लिया क्या कह रही है मॉम ,,, डेड मैंने क्या किया ?”
“ये तुम मुझसे पूछ रही हो नैना,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अभी कुछ देर पहले जो हुआ तुमने ही तो किया था ,, नहीं पसंद था तो मना कर देती ये सब खैर तुमसे बहस करना बेकार है”,कहते हुए विपिन जी उठे और वहा से चले गए
बेचारी नैना मुंह लटका कर मोंटी के पास आयी और कहा,”यार मैंने क्या किया ?”
मोंटी ने अपनी हंसी रोकी और नार्मल होने की कोशिश करते हुए कहा,”अपनी लंका लगाने में तुम खुद माहिर हो नैना , किसी और को क्यों दोष दे ?” (Love You Zindagi)

क्रमश – Love You Zindagi – 79

Read More – love-you-zindagi-77

Follow Me On – facebook

Follow Me On – instagram

संजना किरोड़ीवाल ! (Love You Zindagi)

17 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!