Author: Shama Khan

लेटते ही नींद आ गयी-10

Lette Hi Neend Aagyi-10 Lette Hi Neend Aagyi-10 अचानक अज़ान की आवाज़ कानों में पड़ते ही रमीज की आँख खुलती है आज का ख्वाब उसे हैरान करने वाला होता है पेसानी पर पड़े पसीने को पोछते हुए अपनी तेज चलती सांसो...

लेटते ही नींद आ गयी-09

Lette Hi Neend Aagyi-09 Lette Hi Neend Aagyi-09 क़ब्रिस्तान में सन्नाटा चारों ओर फैला होता है ! शबीना वापस आलती पालती मार कर बैठ अपना अमल पढ़ना शुरू कर देती है ! रमीज़ कुदाल अपने हाथ मे लिये शबीना के पास...

लेटते ही नींद आ गयी-08

Lette Hi Neend Aagyi-08 Lette Hi Neend Aagyi-08 नक़ाब पोश औरत के अचानक चले जाने के बाद  रमीज़ वापस अपने काम में लग जाता है , पूरे क़ब्रिस्तान में झाड़ू देकर वो अपने अम्मा- अब्बा के क़बर की मिटटी को सही कर के नहाने...

लेटते ही नींद आ गयी-07

Lette Hi Neend Aagyi-07 Lette Hi Neend Aagyi-07 “आज मोहब्बत को किसने मेरे घर का पता दे दिया, जो वो मेहरबान कदमों से चल कर मेरी तरफ आगये !” बेर के पेड़ के नीचे खड़े रमीज़ को देख लाइबा परी ने...

लेटते ही नींद आ गयी-06

Lette Hi Neend Aagyi-06 Lette Hi Neend Aagyi-06 रमीज़ इतना थक चुका होता है के अब उसकी हिम्मत नही होती के वो क़ब्रिस्तान में क़बर के पास बैठी औरत के पास जाकर पूछे के वो आखिर किया कर रही है इतनी...

लेटते ही नींद आ गयी-05

Lette Hi Neend Aagyi-05 Lette Hi Neend Aagyi-05 बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हो चुकी थी बादलों ने भी चमकना और गर्जना बंद कर दिया था ! मगर क़ब्रिस्तान का सन्नाटा वैसे ही बरक़रार होता है ! लड़की का बाप इस तरह...

लेटते ही नींद आगयी-04

Lette Hi Neend Aagyi-04 Lette Hi Neend Aagyi-04 रमीज़ को गिरता देख दोनों आदमी लपक कर रमीज़ की तरफ बढ़ते है , बारिश और अंधेरे की वजह से रमीज़ उनकी शकल नहीं देख पा रहा होता है उनमे से एक आदमी आगे बढ़...

लेटते ही नींद आगयी-03

Lette hi neend aagyi-03 Lette hi neend aagyi-03 सुबह के बचे हुए खाने को खा कर रमीज़ अपने बिस्तर पर लेट जाता है दिन भर का थका रमीज़ फ़ौरन ही नींद के वादियों में खो जाता है जहा से शुरू होता है उसके...

लेटते ही नींद आगयी-02

Lette hi neend aagyi-02 Lette hi neend aagyi-02 सुबह हो चुकी थी मगर ना ही बारिश रुकी ओर ना ही तूफान थमने का नाम लेरहा होता है आज रमीज़ ने अपने कमरे में ही नमाज़ पढ़ा और दुआ करने में लग...

लेटते ही नींद आगयी-01

Lette hi neend aagyi-01 Lette hi neend aagyi-01 तेज़ तूफ़ान में क़ब्रिस्तान में कुदाल लिए क़ब्र खोदता 50 साल का अब्दुल रमीज़ निहायत ही शरीफ ईमानदार और नूरानी सख्सियत का मालिक रहता है ! सादा लिबास सिर पर हर वक़्त टोपी हाथों में...
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