Author: Story With Sanjana

साक़ीनामा – 7

Sakinama – 7 Sakinama – 7 मैं जिंदगी के एक नए सफर पर थी जिसमे ख़ुशी थी , अपनापन था , एक दूसरे की परवाह थी , छोटे छोटे सपने थे और खूबसूरत अहसास जिस से हर लड़की अपनी जिंदगी में...

साक़ीनामा – 6

Sakinama – 6 Sakinama – 6 मैं राघव को गुड बाय बोल चुकी थी और मुझे नहीं लगता इसके बाद वो मुझे मैसेज या कॉल करेगा। कुछ दिन बाद मेरी जिंदगी फिर से पहले जैसी हो गयी। वही दिनभर ऑफिस ,...

साक़ीनामा – 5

Sakinama – 5 Sakinama – 5 मैं अपना फोन लेकर छत पर चली आयी। मैंने फ़ोन उठाया तो दूसरी तरफ से राघव ने कहा,”हेलो !!”“जी कहिये”,मैंने कहा“क्या कर रही हो ?”,राघव ने बहुत ही अपनेपन से पूछा“कुछ नहीं बस अभी थोड़ी...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 48

Pakizah – 48 Pakizah – 48 “आज पता चला सर , इस मुस्कराहट के पीछे कितना दर्द छुपा है !”,पाकीजा ने रूद्र की आँखों में देखते हुए कहा l रूद्र की आँखों में नमी तैर गयी वह पाकीजा को देखने लगा...

साक़ीनामा – 4

Sakinama – 4 Sakinama – 4 अगले दिन शाम में ऑफिस से आने के बाद मैं बार बार अपना फोन चैक कर रही थी। ऐसा मेरे साथ पहले कभी नहीं हुआ था , एटलीस्ट किसी के फोन का इंतजार मैंने कभी...
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