Manmarjiyan Season 4 – 13
Manmarjiyan Season 4 – 13

गुड्डू ने मंगल फूफा को अपने साथ काम पर रख लिया और पहले ही दिन उन पर काम की जिम्मेदारी भी डाल दी। गुड्डू ने टेंट के सामान के साथ मंगल फूफा को सोनू भैया की फंक्शन लोकेशन पर भेज दिया और खुद गोलू के साथ बाइक से जाने लगा लेकिन बाइक का टायर पंचर देखकर गुड्डू का दिमाग फिर खराब हो गया उसने बाइक के टायर को लात मारी और कहा,”साला ! जब भी कुछो अच्छा करने जाते है जे पहिले खराब होती है”
गोलू ख़ामोशी से चुपचाप अपने नाख़ून कुतर रहा था ये देखकर गुड्डू और ज्यादा चिढ गया और कहा,”नाख़ून का कुतर रहे हो हिया आकर हमायी मदद करो”
गोलू ने सुना तो मुँह बनाया और गुड्डू के पास चला आया। बाइक भारी थी और उसे पंचर टायर के साथ घसीटकर ले जाना आसान काम नहीं था इसलिए एक तरफ का हेंडल पकड़ा गोलू ने और दूसरे तरफ का हेंडल पकड़ा गुड्डू ने और दोनों पंचर की दुकान के लिए आगे बढ़ गए जो कि 500 मीटर दूर ही थी। गुड्डू की बात का गोलू पर ऐसा असर हुआ कि गोलू ने तो जैसे अपने होंठो को सिल ही लिया हो।
वह ख़ामोशी से चल रहा था। गोलू बात करे तो गुड्डू को दिक्कत और खामोश रहे तो भी दिक्कत उसने गोलू की तरफ देखा और कहा,”मौन व्रत रखने को नाही कहे थे हमहू , चुप रहने को कहे थे”
गोलू ने चलते चलते गुड्डू की तरफ देखा और कहा,”अभी कुछो बोल दिए तो फिर आपको दिक्कत हो जाएगी , अच्छा है ना हमहू चुप ही रहे,,,,,,,,,,,!!!!”
गुड्डू ने महसूस किया कि उसने कुछ देर पहले शायद गोलू को कुछ ज्यादा ही डांट दिया था इसलिए कहा,”अच्छा ठीक है सॉरी ! पर तुमहू भी ना आजकल बहुते बकैती करने लगे हो,,,,,,,,,तुम्हायी बकैती के चक्कर मा हर बार लंका लग जाती है हमायी और फिर हम दोनों को वो भी भुगतना पड़ता है जो हमने किया भी नाही बस इसलिए कहते है कम बोला करो,,,,,,,,,,,,!!!”
“एक ठो बात बताये गुड्डू भैया ! लंका लगनी होगी ना तो चुप रह के भी लग जाएगी का है कि हमायी और आपकी कुंडली बनाई है ‘केशव पंडित’ ने और उह्ह हम दोनों की कुंडली मा कुछो अच्छा लिख दे जे इह जन्म मा मुश्किल है,,,,,,,,,,तो ऐसा है ना भैया जो विथ गोलगप्पा”,गोलू ने कहा और कहते कहते आखिर में उसकी आँखे चमक उठी
“Go with flow होता है गोलू कहा गोलगप्पा बीच मा घुसाय रहे हो तुमहू,,,,,,,,,!!!”,गुड्डू ने कहा
“अरे भैया हम गोलगप्पे की बात कर रहे है , बाबू गोलगप्पा उह्ह रहा , खिलाय दयो ना,,,,,,,,,,!!!”,गोलू ने बच्चो की तरह पैर पटककर कहा
“अब जे टाइम पे गोलगप्पे खाने है तुमको , तुम्हरा बस चले न तो साला किसी दिन खुद को खा जाओ तुमहू,,,,,,,!”,गुड्डू ने गोलू को झिड़ककर कहा
“ए भैया ! खिला दो ना यार सुबह से बस मार ही खा रहे है , दुई पारले जी बिस्कुट खाये थे उह्ह भी आधे चाय मा ही डूब गए,,,,,,,खिला दो ना यार”,गोलू ने रिक्वेस्ट की
गुड्डू ने बाइक को स्टेण्ड पर लगाया और लॉक करके बाबू गोलगप्पे वाले की तरफ जाते हुए कहा,”आओ मरो”
“लब यू,,,,,,,!!!”,गोलू ने गुड्डू से चिपककर कहा और दोनों बाबू के पास चले गए
पिकअप में ड्राइवर के साथ निकले मंगल फूफा गाडी में बजते गाने को चेंज करते हुए बोले,”का मनहूसियत फैलाये हो गाडी मा , रुको गाना बदलते है”
मंगल फूफा ने जैसे ही बटन दबाया गाना बजने लगा,”मैं तेरे इश्क़ में मर ना जाऊ कही , तू मुझे आजमाने की कोशिश ना कर”
“आये हाय हाय क्या गाना है जे गाना तो हमहू अपनी गर्लफ्रेंड को डेडिकेट करेंगे,,,,,,,,,,,आहा खूबसूरत है तू तो हूँ मैं भी हसीन मुझसे नजरे चुराने की कोशिश ना कर,,,,,,,,,क्या बात है ?”,मंगल फूफा ने गाने की तारीफ में कहा
ड्राइवर ने जब मंगल फूफा के मुँह से गर्लफ्रेंड का नाम सुना तो हैरानी से उसे देखा और कहा,”तो तुम्हायी गर्लफ्रेंड भी है ?”
“काहे ? काहे नाही हो सकती हमायी गर्लफ्रेंड ? हमहू भी स्मार्ट दिखते है”,मंगल फूफा ने अपने सर पर बचे थोड़े से बचे बालों को जमाते हुए कहा
ड्राइवर ने सुना तो सर झुकाकर हंसा उसे हँसते देखकर मंगल फूफा चिढ गए और कहा,”हंस काहे रहे हो बे ?”
“तुम्हारी और गर्लफ्रेंड,,,,,,,,,,मैं मान ही नहीं सकता , वैसे कहा मिली ये तुम तुमको ?”,ड्राइवर ने अपनी हंसी रोककर कहा
मंगल फूफा ड्राइवर की तरफ पलटकर बैठे और बहुत ही दिलचस्प तरीके से अपनी कहानी सुनाने लगे,”तो बात उन दिनों की है जब हमहू बीहड़ बन मा डाकू थे और पुरे उत्तर प्रदेश मा हमाओ खौफ,,,,,,,अरे हमे देखकर लोगो का दिल शरीर छोड़कर बाहर आ था”
“फिर ?”,ड्राइवर ने गाड़ी चलाते हुए कहा
जिंदगी मा सब कुछ था बस एक ही चीज की कमी थी और उह्ह्ह था “पिरेम” , अब भैया हमहू शुरू से डाकू रहे तो हमे हमेशा से जे ही सिखाया गया कि डाकुओ की कोनो पिरेम कहानी नाही होती , हमरा कोनो सगा नाही कोनो रिश्तेदार नाही बस जे कानपूर मा एक ठो रिश्तेदार थी हमायी ओह्ह से मिलने एक दिन कानपूर आये और ओह्ह्ह के बाद यही के होकर रह गए,,,,,,,
डाकुओ की कोनो पिरेम कहानी नहीं होती पर हर डाकू के सीने मा दिल तो होता है न बस फिर का था जैसे ही हमायी नजरे उनसे मिली हमाओ दिल जो धड़धड़ धड़धड़ धड़धड़ करके धड़को है का बताये,,,,,,,,,,,,,,!”,मंगल फूफा ने बहुत ही जबरदस्त तरीके से अपनी कहानी सुनाई
“फिर ?”,ड्राइवर ने मंगल फूफा की बातो में दिलचस्पी दिखाते हुए पूछा , उसे भी धीरे धीरे अब इस कहानी में मजा आ रहा था
“फिर , फिर का नजर से नजर मिली तो देखा आँखों ने सपना ,, हमहू ओह्ह्ह के प्यार मा ऐसा बौराये कि सब छोड़छाड़ कर यही रह गए,,,,,,,,,,,लेकिन”,कहते कहते मंगल फूफा उदास हो गए
“लेकिन , लेकिन का कहानी में कोनो और ट्विस्ट भी है का ?”,ड्राइवर ने पूछा
“कहानी ? तुमको जे कहानी लग रही है ? मतलब हमहू झूठ बोल रहे है ?”,मंगल फूफा ने चिढ़कर कहा
“अरे नहीं नहीं,,,,,,!!”,ड्राइवर ने झेंपकर कहा
“नहीं हम झूठ बोल रहे है”,मंगल फूफा ने कहा
“अरे नहीं ना , विश्वास है हमको तुमहू बताओ”,ड्राइवर ने कहा
“विश्वास ना भी हो तो करो , हमको उस से बहुते पिरेम है और उह्ह्ह भी हमको पसंद करती है जे बात भी हमहू जानते है”,मंगल फूफा ने कहा
“जब उह्ह तुमको पसंद करती है तो फिर दिक्कत का है ?”,ड्राइवर ने कहा
“अरे दिक्कत उह्ह्ह साला यादववा है ना,,,,,,,,,जब देखो तब बीच मा आ जाता है”,मंगल फूफा ने मुँह बनाकर कहा
“अबे जे यादववा कौन है ?”,ड्राइवर ने पूछा
“अरे हमायी गर्लफ्रेंड का पति और कौन ?”,मंगल फूफा ने कहा
ड्राइवर ने जैसे ही सुना एकदम से गाडी को ब्रेक लगाया और मंगल सामने डेशबोर्ड पर टप्पा खाकर वापस अपनी सीट पर , ड्राइवर ने मंगल फूफा को देखा और कहा,”अबे का पगला गए हो ? शादीशुदा औरत के चक्कर मा पड़े हो,,,,,,साले ओह्ह्ह के पति को पता चला ना तो बहुते जूतियोगे याद रखना”
“तुम काहे इतना उबल रहे हो ?बे गर्लफ्रेंड हमायी , पिरेम ओह्ह से हम करते है , चक्कर मा ओह्ह के हम पड़े है तुमको का दिक्कत है ?”,मंगल फूफा ने तुनक कर कहा
ड्राइवर ने गाड़ी वापस स्टार्ट की और आगे बढ़ाते हुए कहा,”अरे जाओ ! हमहू नाही मानते तुम्हायी कोई बात”
“मतलब हम झूठ बोल रहे है”,मंगल फूफा ने कहा
“हाँ,,,,,,,,,!!!”,ड्राइवर ने मंगल फूफा की तरफ देखकर कहा
“मतलब तुमहू कहना चाह रहे हमायी कोनो गर्लफ्रेंड नाही है ?”,मंगल फूफा ने सीरियस होकर कहा
“अरे हमहू मान ही नाही सकते तुम्हाये जैसे चौखटे वाले आदमी की भी गर्लफ्रेंड हो सकती है,,,,,,,,,,हमको पागल बना रहे हो”,ड्राइवर ने कहा
“और हम दिखा दे तो ?”,मंगल फूफा ने कहा
“अगर दिखा दिए ना तो जिंदगीभर सलाम ठोकेंगे तुमको”,ड्राइवर भी तेश में आ गया
“घुमाओ फिर गाड़ी पटकापुर,,,,,,,,,,,!!!”,मंगल फूफा ने सीधे बैठते हुए कहा
“पटकापुर ? अबे जे कैसा नाम है ?”,ड्राइवर ने गाड़ी घुमाते हुए कहा
“अरे तुमहू चलो तो करवाते है तुमको हमायी फुलवारी के दर्शन,,,,,,,,,हाँ लेकिन गलत नजर से नाहीं देखना भाभी है तुम्हायी”,मंगल फूफा ने कहा
मंगल फूफा की बातो में आकर ड्राइवर ने गाडी पटकापुर मोहल्ले की तरफ मोड़ दी। गुड्डू ने दोनों को सोनू भैया की लोकेशन पर पहुंचने को कहा था और दोनों कही और ही निकल गए।
“अरे यार बाबू थोड़ा तीखा बढ़ाओ यार का फीका फीका खिला रहे हो”,गोलू ने प्लेट में रखा गोलगप्पा खाकर सी सी करते हुए कहा
“अबे कितना मिर्चा खाओगे ? पहिले से इतना जियादा है पता नाही चलता तुमको,,,,,,,!!”,गुड्डू ने कहा
बाबू ने गोलू के लिए एक्स्ट्रा मिर्ची डाली और कहा,”गुड्डू भैया ! अभी पता नाही चलेगा , उह्ह तो कल सुबह पता चलेगा गोलू भैया को,,,,,,,,,,,आपको भी दे एक ठो तीखा ?”
“नहीं हमारा हो गया हमको एक थो मीठा दयो”,गुड्डू ने अपनी प्लेट में रखा आखरी गोलगप्पा खाकर कहा
“का भैया ! सरेआम बाबू से मीठा मांग रहे हो,,,,,,,,शर्म नाही आती”,गोलू ने गुड्डू को देखकर शरारत से कहा
गुड्डू ने गोले के सर पर एक चपत मारी और कहा,”अबे मीठी पपड़ी की बात कर रहे है तुमहू जियादा दिमाग ना लगाओ,,,,,,,,फटाफट खाओ और चलो हमाये साथ बहुत काम बाकी है”
बाबू ने गुड्डू को मीठी पपड़ी दी , गुड्डू खाकर जैसे ही साइड हुआ उसका फोन बजा। गुड्डू ने फोन निकालकर देखा तो स्क्रीन पर सोनू भैया का नंबर देखकर कॉल रिसीव किया और फोन कान से लगाकर कहा,”हाँ सोनू भैया का हाल ?”
“हाल बेहाल है गुड्डू , हमाये मौसा ने हिया हमायी बत्ती बना रखी है तुमहू कहे थे 10 बजे तक तुम और तुम्हरा डेकोरेशन का सामान लोकेशन पर पहुँच जाएगा और अब बज रहे है 11 ना तुम पहुंचे ना ही तुम्हरा सामान,,,,,,,,,का रिश्तेदारी खराब करवा के मानोगे ?”,सोनू भैया ने रोआँसा होकर कहा
का ? डेकोरेशन का सामान लोकेशन पर नाही पहुंचा , अरे सोनू भैया हमहू कबका लड़के को भेज दिए सामान लेकर,,,,,,,,आप देखो बाहर ही होगा”,गुड्डू ने कहा
“गुड्डू हिया कोई नाही आया है अब हमायी हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट है भैया भेज दो किसी की 2 बजे मेहमान आने शुरू हो जायेंगे और मौसा ने जे जिम्मेदारी हमको दी है , बख्त पर बंदोबस्त नहीं हुआ न तो टेंट की जगह हमे ही टांग देंगे,,,,,,,,,,समझो बात को”,सोनू भैया ने गिड़गड़ाते हुए कहा
“अरे आप परेशान ना हो हमहू अभी आते है,,,,,शांति रखो”,गुड्डू ने कहा
“हमहू तो रख लेंगे लेकिन मौसा नहीं रखेंगे गुड्डू , हमायी इज्जत अब तुम्हाये हाथ मा है”,सोनू ने कहा और फोन काट दिया
गुड्डू ने फोन जेब में रखा और खुद में ही बड़बड़ाया,”जे साला गाड़ी अभी तक लोकेशन कैसे नाही पहुंची ? लोकेशन तो दुकान से 20 मिनिट की दूरी पर है और हिया से निकले उनको हो चुके 40 मिनिट,,,,,,,,!!”
गुड्डू ने जेब से फोन निकाला और ड्राइवर का नंबर डॉयल कर कान से लगा लिया मंगल फूफा ने गाड़ी में बज रहे गाने की आवाज इतनी तेज कर रखी थी कि फोन की रिंग उसमे दबकर रह गयी और रही सही कमी मंगल फूफा ने खुद गाना गाकर पूरी कर दी और ड्राइवर गुड्डू का फोन नहीं उठा पाया।
“जे साला फोन काहे नाही उठा रहा ?”,गुड्डू ने झुझलाकर कहा और एक बार फिर ड्राइवर का नंबर डायल किया लेकिन इस बार भी उसने फोन नहीं उठाया। गुड्डू परेशान सा गोलू की तरफ आया गोलू बेचारा मस्त अपने गोलगप्पे खाने में बिजी था। उसने प्लेट में रखा गोलगप्पा उठाया और जैसे ही मुँह में रखने जा रहा था गुड्डू ने आकर उसकी बाँह थपथपाकर कहा,”गोलू , गोलू बात सुनो”
गुड्डू ने जैसे ही गोलू की बाँह थपथपाई उसके हाथ में पकड़ा गोलगप्पा नीचे जा गिरा , वह पलटा और कहा,”का गुड्डू भैया ? हमाओ गोलगप्पा गिरा देओ”
गुड्डू ने उसके हाथ से प्लेट लेकर नीचे रखी और उसे अपने साथ ले जाते हुए कहा,”जे छोडो पहिले हमाये साथ आओ”
“का हुआ इत्ता परेशान काहे हो ?”,गोलू ने कहा
“तुम्हाये पास उह्ह मंगल फूफा का फोन नंबर है ?”,गुड्डू ने पूछा
“फोन नंबर ? अरे उह्ह्ह बेचारे के पास फोन तक नाही है नंबर कहा से आएगा ? पर आपको ओह्ह का नंबर काहे चाहिए ?”,गोलू ने कहा
“सोनू भैया का फोन आया था , गाडी और तुम्हरे मंगल फूफा अभी तक लोकेशन पर नाही पहुंचे है,,,,,,,,, ड्राइवर को फोन कर रहे है तो उह्ह्ह नाही रहा , आखिर जे लोग सोनू भैया के हिया नाही गए तो गए कहा ?”,गुड्डू ने परेशानी भरे स्वर में कहा
“ह्म्म्मम्म ! हमहू भी वही सोच रहे है गुड्डू भैया”,गोलू ने बहुत ही गंभीरता से कहा
“का ?”,गुड्डू ने कहा
“कि आखिर जे लोग सोनू भैया के हिया नाही गए तो गए कहा ?”,गोलू ने गुड्डू की कही बात दोहराई तो गुड्डू खा जाने वाली नजरो से उसे देखने लगा
गोलू ने देखा तो मुस्कुराया ये देखकर गुड्डू चिढ गया और कहा,”जे सब ना तुम्हायी वजह से हो रहा है गोलू बताय रहे है हम”
“हमने का किया ?”,गोलू ने भी तुनककर पूछा
“तुम्ही लेकर आये थे ना उह्ह मंगल फूफा को , मनहूस आदमी आते ही यहाँ नुकसान किया अब पता नहीं सामान लेकर कहा गया होगा,,,,,,,,,कहे थे हमहू पहिले ही कि मत रखो जे पनोती को काम पर लेकिन नाही तब तो तुम्हाये अंदर ना जाने कौनसी आत्मा जाग गयी कि दया दिखाय दई ओह्ह्ह पे , ल्यो और दिखाओ दया साला इतने दिनों से एक ठो आर्डर मिला था उह्ह भी बर्बाद,,,,,,,,,,!!!”,गुड्डू ने अपनी भड़ास गोलू पर निकाल दी
“अरे तो जे सब मा का हमायी गलती है , हमको का पता हमहू तो तबसे आपके साथ ही है”,गोलू ने उछलकर कहा
“हाँ तो तुम कौनसा हमाओ गुड लक हो तुमहू भी तो साले पनौती ही हो जब भी मिलोगे कुछो न कुछो कांड होगा ही”,गुड्डू ने गुस्से से कहा
“हां तो जाओ ढूंढ लो अपना गुड लक , जा रहे है हम”,गोलू ने कहा
“हाँ तो जाओ तुम्हरे बिना का हमरा टेंट नाही लगेगा ?”,गुड्डू ने भी गुस्से से कहा
“हाँ तो लगाय ल्यो टेंट और उखाड़ भी खुद ही लेना”,गोलू ने पलटकर गुस्से से कहा
गुड्डू ने गुस्से से उसे देखा और फिर पैर से जूता निकालकर उसकी तरफ भागते हुए चिल्लाया,”साले धोखबाज आदमी ! मुसीबत मा अकेला छोड़कर जा रहे हो हमे,,,,,,,,,!!!”
गोलू ने सुना तो रुक गया , गुड्डू उसके पास आया और जूता नीचे फेंककर कहा,”चलो ना भाई गुस्सा थूक दयो”
गोलू ने एक नजर गुड्डू को देखा और उसके साथ इस नयी मुसीबत का सामना करने निकल पड़ा
( क्या मंगल फूफा ड्राइवर के सामने खुद को सही साबित कर पायेगा या होने वाली है पटकापुर में कोई नया कांड ? क्या गुड्डू और गोलू ढूंढ पाएंगे मंगल फूफा और ड्राइवर के साथ अपने डेकोरेशन के सामान को ? क्या गुड्डू और गोलू पर भरोसा करके सोनू भैया ने करदी है बड़ी भूल ? जानने के लिए पढ़ते रहे “मनमर्जियाँ सीजन 4” मेरे साथ )
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संजना किरोड़ीवाल

