Pasandida Aurat Season 2 – 6
Pasandida Aurat Season 2 – 6

पृथ्वी के कमरे में बिस्तर पर उदास बैठी पृथ्वी अपनी बिखरी जिंदगी के बारे में सोच रही थी। शुरू से लेकर अब तक अवनि ने कुछ गलत नहीं किया था। उसने अपने आत्मसम्मान के लिए मुकुल से शादी तोड़ी , विश्वास जी का सम्मान बनाये रखने के लिए घर से दूर सिरोही में नौकरी की , सिद्धार्थ के झूठे प्यार को सच मानकर उसके साथ आने वाली जिंदगी के सपने देखे और वक्त रहते सम्हल भी गयी।
पृथ्वी उसे भूलकर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाए ये सोचकर उसने किसी और का हाथ थामने का फैसला किया लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। सबके खिलाफ जाकर पृथ्वी का हाथ थामा और यहाँ आकर फिर अवनि सबकी नफरत और गुस्से का शिकार बन गयी। अवनि के अवनि से नाराज थे तो पृथ्वी के घरवालों की नजरो में भी अवनि ही गलत थी पर इन सब में एक इंसान ऐसा था जो अवनि के सामने ढाल बनकर खड़ा था और वो था पृथ्वी,,,,,,,,,,
पृथ्वी ने ना केवल अवनि को अपनाया बल्कि सबके खिलाफ जाकर उसे ये अहसास भी दिलाया कि वह उसके साथ है। दोनों की शादी हो चुकी थी लेकिन दोनों एक कमरे में साथ ना रहकर अलग अलग थे और ये फैसला अवनि से पहले पृथ्वी ने किया क्योकि पृथ्वी जानता था जिस्म पर लगे घाव तो एक दो दिन में भर जायेंगे लेकिन जो घाव अवनि के मन पर लगे थे उन्हें भरने में वक्त लगेगा और पृथ्वी नहीं चाहता था कि उसकी वजह से अवनि को अब किसी भी तरह की तकलीफ हो या पृथ्वी को लेकर उसका विश्वास डगमगाए।
बैठे बैठे अवनि की आँखे बोझिल होने लगी तो वह वही बिस्तर पर लेट गयी और नींद ने उसे अपने आगोश में ले लिया।
बाहर हॉल में सोफे पर लेटा पृथ्वी जाग रहा था। उसकी आँखों के सामने आज जो कुछ हुआ वो सब किसी फिल्म की तरह चल रहा था। पृथ्वी अवनि से शादी करना चाहता था और धूम धाम से उसे अपने घर अपनों के बीच लाना चाहता था लेकिन उसे अवनि को ऐसे और इस हाल में मुंबई लाना पडेगा उसने सोचा नहीं था।
घरवालों ने अवनि को अपनाने से इंकार कर दिया और साथ ही अवनि के लिए उनकी नफरत भी बढ़ जाएगी सोचकर पृथ्वी के चेहरे पर चिंता के भाव उभर आये। उसने अवनि से कह तो दिया कि उसके घरवाले मान जायेंगे , लता उसे बहू के रूप में स्वीकार कर लेगी पर क्या सच में ऐसा हो पायेगा ? पृथ्वी का दिमाग उलझने लगा , जितना आसान वह ये सब समझ रहा था उतना आसान ये सब था नहीं,,,,,,,,,,,,वह उठकर बैठ गया और अपने हाथो की उंगलियों को आपस में फंसाकर सोच में डूब गया।
“अवनि ने ऐसा क्यों कहा कि ये सब बाते ससुराल वाले घर में अच्छी लगती है,,,,,,,,,क्या ये उसका घर नहीं है,,,,,,,,,,ऑफकोर्स ये उसका ही घर है फिर उसने ऐसा क्यों कहा ? अह्ह्ह्हह कही वो घरवालों की वजह से तो ऐसा नहीं कह रही,,,,,,,हम्म्म अब समझ आया , मैं समझ सकता हूँ अवनि अपनी को लेकर तुम्हारे कई सपने होंगे वैसे ही जैसे मेरे थे पर मैंने कभी नहीं सोचा था मुझे तुम से इस तरह शादी करनी पड़ेगी। इन सबकी नफरत से बचाकर तुम्हे अपने पास महफूज रखने का इस से बेहतर तरीका और कुछ नहीं था।
हाँ जानता हूँ तुम्हे इस शादी से निराशा हुई होगी और तुम खुश नहीं हो लेकिन मुझे ये करना पड़ा,,,,,,,सिर्फ इसलिए क्योकि मैं तुम्हे खोना नहीं चाहता अवनि,,,,,,,,मैं सबको मना लूंगा और तुम देखना सब तुम से बहुत प्यार करेंगे,,,,,,,बस मुझसे थोड़ा कम,,,,,,,,हाह !
आज हमारी शादी की पहली रात है”,कहते हुए पृथ्वी अपने हाथो को सर के पीछे लगाकर एक बार फिर सोफे पर लेट गया और आगे कहने लगा,” और मुझे कितनी ही सारी बाते तुमसे करनी थी लेकिन पास होकर भी हम दोनों एक दूसरे से कितने दूर है।
मुझे तुम्हे बताना था कि उस दिन के बाद से आज तक मैंने खुद को कैसे सम्हाला था ? मुझे तुम्हे बताना था दिन में कितनी ही बार तुम्हारे बारे में सोचकर मैंने अपनी आँखे नम की,,,,,,,,,,मेरे जैसा कठोर लड़का जो कभी किसी की मौत पर भी नहीं रोया वो तुम्हारे लिए उस रात कितना रोया था,,,,,,मुझे तुम्हे बताना था कि तुम्हारे जाने के बाद मैं हर रोज मंदिर जाकर उनसे बस एक ही बात कहता था कि वो तुम्हे मेरी किस्मत में लिख दे,,,,,,,,तुम्हारा दिल जीतने के लिए मैं फिर से मेहनत करूंगा अवनि , तुम साथ हो मेरे लिए बस इतना ही काफी है,,,,,,,,,,,गुड नाईट”
पृथ्वी ने अपनी आँखे मूँद ली और कुछ देर बाद उसे नींद आ गयी। सुबह दोनों देर तक सोते रहे न अवनि की आँख खुली ना ही पृथ्वी की आँखे खुली। सोफे पर लेटा पृथ्वी करवट बदल रहा था लेकिन वो इतना लंबा और हट्टा कट्टा लड़का कि उसके पैर सोफे से बाहर जा रहे थे।
पृथ्वी कोई बहुत ही प्यारा सा सपना देख रहा था कि तभी डोरबेल बजी। पृथ्वी ने एक बार इग्नोर किया तो अगली बार फिर बजी और इस बार पृथ्वी को उठना ही पड़ा। पृथ्वी नींद में आँखे मसलते उबासी लेते हुए दरवाजे की तरफ आया और दरवाजा खोला तो देखा सामने नकुल खड़ा है। सुबह सुबह नकुल को देखकर पृथ्वी चिढ गया उसे याद ही नहीं रहा कि उसकी शादी हो चुकी है और उसके साथ अवनि भी है उसने नकुल को देखकर चिढ़े हुए स्वर में कहा,”तुम सुबह सुबह यहाँ क्या कर रहे हो ? देखो आज ना तो संडे है और ना ही सोसायटी में कोई मैच है तो प्लीज तुम जाओ यहाँ से और मुझे सोने दो”
कहकर पृथ्वी ने नकुल की बात सुने बिना ही दरवाजा उसके मुँह पर बंद कर दिया और बिना लॉक किये सोफे पर आकर सो गया।
बाहर खड़ा नकुल बंद दरवाजे को देखकर हैरानी से बड़बड़ाया,”इसे सुबह सुबह क्या हो गया ?”
नकुल ने दरवाजा खोला और अंदर आया तो देखा पृथ्वी हॉल में रखे सोफे पर सो रहा है तो वह ठिठका और फिर पृथ्वी के कमरे की तरफ देखा जिसका दरवाजा बंद है तो खुद में ही बड़बड़ाया,”कही इन दोनों का झगड़ा तो नहीं हुआ , ये दोनों अलग अलग क्यों सो रहे है ?”
नकुल पृथ्वी के पास आया और उसका कंधा थपथपाकर कहा,”पृथ्वी , ए पृथ्वी उठ ना , तू यहाँ क्यों सो रहा है ?”
नकुल पृथ्वी की नींद में खलल डाल रहा था इसलिए पृथ्वी ने अपनी गर्दन उठाकर उसे देखा और कहा,”मेरा फ्लेट है मैं कही भी सोऊ , तू जा ना यहाँ से मुझे सोने दे,,,,,,,,,,!!!”
“तुम्हारा फ्लेट है मैं जानता हूँ लेकिन अब तुम यहाँ अकेले नहीं रहते वो भी तुम्हारे साथ रहती है”,नकुल ने कहा
पृथ्वी ने सुना तो अपनी आँखे खोली और नकुल की तरफ देखकर कहा,”कौन वो ?”
नकुल ने सुना तो उसने अपनी कमर पर दोनों हाथो को रखा और पृथ्वी को घूरने लगा , अगले ही पल पृथ्वी को याद आया कि नकुल अवनि की बात कर रहा है और इसी के साथ उसे सब याद भी आ गया। वह उठकर बैठ गया और कहा,”मैं बस ऐसे ही सो रहा था तुम यहाँ क्या कर रहे हो ?”
“ये घर का कुछ सामान लेकर आया था सोचा सुबह सुबह तुम्हारी मैडम जी को चाय पीने की आदत होगी,,,,,,,,,वैसे वो है कहा ?”,नकुल ने कहा
“शायद सो रही होगी”,पृथ्वी ने कहा
“तुम दोनों का झगड़ा हुआ है क्या ?”,नकुल ने एकदम से पूछा तो पृथ्वी अंगड़ाई लेते लेते रुक गया और नकुल की तरफ हैरानी से देखकर कहा,”झगड़ा क्यों होगा ? ऐसा तो कुछ नहीं हुआ है”
“तो फिर तुम अपने कमरे में सोने के बजाय यहाँ क्यों सो रहे हो ?”,नकुल ने पूछा
“क्योकि वहा अवनि सो रही है इसलिए”,पृथ्वी ने कहा
“हाँ तो वो अब तुम दोनों का कमरा है तुम दोनों वहा सो सकते हो,,,,,,!!”,नकुल ने कहा
पृथ्वी ने सुना तो चुप बेचारा कहे तो क्या कहे लेकिन नकुल तो उसके पीछे हाथ धो के पड़ चुका था इसलिए उसने कहा,”अह्ह्ह वो क्या है ना उस कमरे में सिंगल बेड है इसलिए,,,,,,,,!!”
पृथ्वी ने इतना कहा और उठकर जाने को हुआ तो नकुल ने उसकी बाँह पकड़कर उसे वापस बैठा लिया और कहा,”अरे ये तो और भी अच्छी बात है,,,,,,,,वैसे भी अब तुम दोनों पति पत्नी हो बेड शेयर कर सकते हो,,,,,,,!!!”
“शट-अप,,,,,,,उठो और जाकर चाय बनाओ”,पृथ्वी ने कहा
“मैं चाय बनाऊंगा तो तुम क्या करोगे ?”,नकुल ने कहा
“मैं ज़रा आई को फोन कर लू”,पृथ्वी ने कहा और अपना फोन लेकर बालकनी की तरफ चला आया। नकुल दूध का पैकेट और सामान लेकर उठा और किचन की तरफ चला गए और पृथ्वी लता का नंबर डॉयल करके उनके फोन उठाने का इंतजार करने लगा।
एक दो रिंग के बाद लता जी की जगह रवि जी ने फोन उठाया और गुस्से से कहा,”आज के बाद यहाँ फोन मत करना , समझे तुम”
पृथ्वी ने सुना तो मायूस हो गया। वह जानता था लताजी उस से बहुत नाराज है साथ ही घरवाले भी और पृथ्वी उन्हें मनाने की हर कोशिश कर रहा था। पृथ्वी वापस हॉल में चला आया उसने अपना फोन टेबल पर रखा और वाशबेसिन के सामने मुँह धोने लगा। मुँह धोकर उसने उसने अपनी टीशर्ट को ही ऊपर उठाया और मुँह पोछते हुए किचन में चला आया।
“क्या हुआ बात हुई आंटी से ?”,नकुल ने चाय कप में छानते हुए कहा
“फोन बाबा ने उठाया था , उन्होंने कहा मैं आज के बाद फोन ना करू”,पृथ्वी ने मायूस होकर कहा
“परेशान मत हो यार सब ठीक हो जाएगा , बेहतर होगा जब एक ये मामला थोड़ा ठंडा पड़ने तक तू उनसे बात ना ही करे,,,,,,,,,हम्म्म , जा अवनि को उठा चाय तैयार है,,,,,,,,!!”,नकुल ने कहा तो पृथ्वी किचन से बाहर चला आया
अपने कमरे के सामने आकर पृथ्वी में दरवाजा खटखटाया और कहा,”मैडम जी , सुबह हो गयी है और चाय तैयार है”
अवनि शायद पृथ्वी से पहले ही उठ गयी थी बस बाहर आने में झिझक रही थी। जैसे ही पृथ्वी ने दरवाजा खटखटाया अवनि ने दरवाजा खोला और बाहर आयी। सुबह सुबह अवनि का चेहरा देखकर पृथ्वी का दिल धड़क उठा। बालों की लटें अवनि के चेहरे पर झूल रही थी , रोने की वजह से आँखों में हलकी सूजन थी , चेहरे पर उदासी के साथ साथ मासूमियत भी छाई थी ,
अवनि के सुर्ख होंठ जिन्हे इस वक्त किसी लिपस्टिक की जरूरत नहीं थी , बड़ी बड़ी पलकें जिन्हे अवनि ने एक दो बार झपकाया। पृथ्वी बस एकटक उसे देखता रहा। आज की सुबह पृथ्वी की जिंदगी में सबसे खूबसूरत सुबह थी जब अवनि उसके सामने थी।
“तुम कुछ कह रहे थे ?”,अवनि ने कहा तो पृथ्वी की तंद्रा टूटी और उसने हड़बड़ाकर कहा,”अह्ह्ह हां ! वो चाय , चाय तैयार है”
पृथ्वी इतना कहकर हॉल की तरफ चला आया और अवनि भी उसके पीछे चली आयी। नकुल ने अवनि को देखा तो मुस्कुरा कर कहा,”गुड मॉर्निंग भाभी”
“गुड मॉर्निंग,,,,,,,आप यहाँ ?”,अवनि ने पूछा
“जी मैं यहाँ , ये चाय भी मैंने ही बनाई है,,,,,,,,,आप अपने पति से इस चीज की उम्मीद बिल्कुल मत कीजियेगा कि वो आपके लिए चाय बनाएगा”,नकुल ने चाय का कप अवनि की तरफ बढाकर कहा
अवनि ने कप लिया और पृथ्वी की तरफ देखा तो पृथ्वी ने धीरे से कहा,”मैं बना सकता हूँ”
अवनि ने कुछ नहीं कहा बस चुपचाप अपनी चाय पीने लगी , पृथ्वी ने भी अपना कप उठाया और चाय पीने लगा। नकुल ने अपने कप से चाय का एक घूंठ भरा और पृथ्वी से कहा,”सो आज का क्या प्लान है ?”
“प्लान तो कुछ नहीं है हाँ घर साफ करना था और बाहर से कुछ सामान भी लाना है,,,,,,,,!!”,कहते हुए पृथ्वी ने अवनि की तरफ देखा तो उसे अहसास हुआ कि अवनि राजस्थान से मुंबई बस एक जोड़ी कपडे में आयी है तो उसने कहा,”और उस से पहले हम दोनों शोरूम जायेंगे”
“शोरूम क्यों ?”,नकुल ने पूछा
“बस ऐसे ही मुझे कुछ जरुरी काम है”,पृथ्वी ने कहा
“और भाभी ? क्या ये यहाँ अकेली रहेंगी ?”,नकुल ने पूछा
“मैडम जी आप,,,,,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने कहना चाहा तो अवनि उसकी बात पूरी होने से पहले ही बोल पड़ी,”मैं रुक जाउंगी”
“बस ऐसे ही तुम हमेशा मेरे बोलने से पहले मेरे दिल की बात समझ लेना अवनि बाकि मैं सब ठीक कर दूंगा”,पृथ्वी ने अवनि को देखकर मन ही मन कहा
“तुम्हारी चाय”,पृथ्वी को अपनी ओर देखते पाकर अवनि ने कहा
“हहहहह ?”,पृथ्वी चौंका वह अक्सर अवनि को देखते रहने के चक्कर में ना जाने कहा खो जाता था
“तुम्हारी चाय ठंडी हो रही है”,अवनि ने कहा तो पृथ्वी दूसरी तरफ देखते हुए अपनी चाय पीने लगा , सामने बैठे नकुल ने सुना तो मंद मंद मुस्कुराने लगा
चाय पीकर पृथ्वी और नकुल अवनि को फ्लेट पर अकेले छोड़कर चले गए। लिफ्ट से बाहर आते हुए नकुल ने एक बार फिर पृथ्वी से वही सवाल पूछा,”ए तुमने बताया नहीं तुम बाहर क्यों सो रहे थे ?”
पृथ्वी चलते चलते रुका और कहा,”आखिर तुम्हे ये सब क्यों जानना है ?”
“ओह्ह्ह पृथ्वी तुम बच्चे नहीं हो मैं जो कह रहा हूँ तुम सब समझ रहे हो , तुम्हारी और अवनि की शादी हो चुकी है न फिर वो रूम में और तुम हॉल में,,,,,,,,,कल तो तुम्हारी,,,,,,,,,!!”,नकुल ने कहा
वह आगे कुछ कहता इस से पहले पृथ्वी ने उसका मुँह बंद किया और कहा,”शादी का मतलब सिर्फ वही नहीं होता जो तुम कहना चाह रहे हो , अभी हम दोनों को एक दूसरे को समझने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए,,,,,,,,और अब तुम चुपचाप मेरे साथ चलोगे बिना कोई फालतू बात किये,,,,,,,,,!!!”
नकुल ने हामी में गर्दन हिलाई तो पृथ्वी ने उसके मुँह से अपना हाथ हटा दिया और आगे बढ़ गया।
“हाह ! लोग शादी से पहले एक दूसरे को समझने के लिए टाइम लेते है इसे शादी के बाद टाइम चाहिए,,,,,,,,,अजीब लड़का है”,नकुल बडबडाते हुए पृथ्वी के पीछे चल पड़ा
सुबह के 11 बज रहे थे पृथ्वी नकुल को लेकर सिटी मॉल चला आया और सीधा वुमन सेक्शन की तरफ चला आया ये देखकर नकुल ने कहा,”हम यहाँ क्यों आये है ?”
“अवनि के लिए कपडे लेने,,,,,,,,चलो अब कपडे सेलेक्ट करने में मेरी मदद करो”,पृथ्वी ने कहा
“मदद करो , मुझे उसका नाप थोड़े पता होगा और मेरी छोडो तुम्हे भी कहा पता है ?”,नकुल ने कहा
“एक मिनिट”,कहकर पृथ्वी ने अपने दोनों हाथ सामने किये और हवा में ही किसी को गले लगाने का इशारा किया और फिर थोड़ा सोचकर कहा,”मीडियम साइज और उसकी हाइट होगी 5’6 हम्म्म्म ये परफेक्ट है”
नकुल ने सुना तो हैरानी से कहा,”तुम्हे कैसे पता ?”
पृथ्वी ने सुना तो उसकी आँखों के सामने वो पल आ गया जब एयरपोर्ट पर पहली बार अवनि ने उसे गले लगाया था।
( क्या पृथ्वी जारी रखेगा लता जी को मनाने की कोशिश ? क्या अवनि ढ़ाल पायेगी नए शहर के माहौल में खुद को ? क्या एक बार फिर बढ़ने वाली है अवनि के लिए पृथ्वी की मोहब्बत ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत Season 2” मेरे साथ )
Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6
Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6Pasandida Aurat Season 2 – 6
- Continue With Pasandida Aurat Season 2 – 7
- Visit https://sanjanakirodiwal.com
- Follow Me On http://instagram.com/sanjanakirodiwal/
संजना किरोड़ीवाल


Yr yeh Prithvi innocent aur understanding ladka hai… Prithvi har ladki ka dream boy hai…lakin asal m Prithvi khud dream hai…khar Prithvi ne fir se ghar walo ko manane ki ek choti see koshish ki, but Ravi ji ne usse latad diya yeh bol kar ki dobara yaha phone mat karna… bechara Prithvi, lakin wo bhi abhi haar nhi manega… filhaal to Prithvi ko Avni ka dil jeetna hai…aur jab wo uske liye kapde lekar jayega, tab dekhna Avni kitni khush hogi…aur ghar ka saman lene gaya tha aur mere kapde bhi lekar aa gaya…kya hai yeh ladka…jo bhi hai aur jaisa bhi hai…ab tumhra hai Avni…
Ye gale lagne se to meera ka akshat ke liye sweater bnana yaad aagya ✨️
Hlo mam …. ur writings are perfect. Aap jo likhegi definitely aaccha hi hoga pr m ye khna chahti hu ki avni ka concern bhi dikhao i mean dono ko compare kia jaye to prithvi hi hr tarike se efforts daalta h avni bhi acchi h but usko bhi thoda participated wsy se behaviour rhna chahiye like prithvi ki pasandita aurat ki tarah … i think m smjha ni payi but i hope u got my point vo thoda baat kre apni feelings show kre prithvi ko special feel kraye. rest is ur choice
All the very best and please keep bringing stories u r my fav writer .