Pasandida Aurat – 86

Pasandida Aurat – 86

Pasandida Aurat
Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal

पृथ्वी के मुँह से महादेव के खिलाफ बात सुनकर अवनि का दिल टूट गया। वह महादेव को बहुत मानती थी लेकिन आज पृथ्वी ने उसके महादेव पर ही सवाल उठा दिया। फोन के उस पार मौजूद पृथ्वी बच्चो की तरह रो रहा था। उसने जो गलती की उसका अहसास उसे भी था लेकिन उस से भी ज्यादा तकलीफ उसे इस बात से हो रही थी कि वह अवनि को किसी भी हाल में खोना नहीं चाहता था। फोन कान से लगाया अवनि अवाक् खड़ी थी उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे और वह कुछ बोलने की हालत में नहीं थी।

उसे लग रहा था उसकी वजह से पृथ्वी की आई हॉस्पिटल में है। वह एक बार फिर उस गिल्ट में चली गयी जिसकी वह हकदार भी नहीं थी। पृथ्वी का रोना अवनि को तकलीफ दे रहा था उसने कहा,”पृथ्वी ! पृथ्वी मेरी बात सुनो , कुछ मत करो पहले जाकर उन्हें सम्हालो और प्लीज रोना बंद करो,,,,,,,,,तुमने जो किया वो तुम्हे नहीं करना चाहिए था,,,,,,,,मेरी वजह से तुम्हे अपने घरवालों को परेशानी में नहीं डालना चाहिए था पृथ्वी,,,,,!!!”


“मुझे नहीं समझ आ रहा था मैं क्या करू ? मैंने आपसे तो कह दिया कि घरवाले नहीं माने तो मैं देख लूँगा लेकिन बाद में जब अकेले में बैठकर सोचा तो मुझे अहसास हुआ कि अगर वो नहीं माने तो क्या होगा ? मैं कैसे समझाऊंगा उन्हें ? जानता हूँ उनकी मर्जी के बिना आप भी मुझे कभी हाँ नहीं कहेंगी , और फिर ख्याल आया कि आप मेरी जिंदगी से चली गयी तो मैं कैसे रह पाऊंगा , आपके बिना मैं अपनी जिंदगी इमेजिन भी नहीं कर सकता मैडम जी,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने रोते हुए कहा


अवनि अपनी जिंदगी में पहली बार किसी लड़के को ऐसे रोते सुन रही थी , वह समझ नहीं पा रही थी पृथ्वी को कैसे समझाए ? पृथ्वी ने बस अपने प्यार को बचाने की कोशिश की लेकिन उसका तरीका गलत साबित हुआ , उसे लगा कि जैसे घर में पहले भी लव मैरिज हुई है वैसे इस बार भी हो जाएगी और घरवाले ख़ुशी ख़ुशी मान जायेंगे लेकिन अवनि के पास्ट के बारे में बताकर उसने गलती कर दी और सब उलटा हो गया।


अवनि ने पृथ्वी को समझाया और सबसे पहले पृथ्वी को अपनी आई का ख्याल रखने को कहा।
“मैं आपको फिर फोन करूंगा”,पृथ्वी ने सुबकते हुए कहा
“हम्म्म ठीक है”,अवनि ने अपने दिल को मजबूत करके कहा क्योकि अब उसका दिल किसी अनहोनी के डर से घबरा रहा था।
पृथ्वी ने फोन काटकर सोफे पर रखा 

कुछ देर बाद रवि जी का फोन आया और उन्होंने बताया कि लता ठीक है और थोड़ी देर में वे उन्हें लेकर घर आ रहे है। पृथ्वी ने जब सुना कि लता ठीक है तो उसके दिल को शांति मिली और वह उनके घर लौटने का इंतजार करने लगा।

अवनि ने फोन टेबल पर रखा और बिस्तर पर आ बैठी उसके कानो में बस पृथ्वी की कही बातें गूंज रही थी। पृथ्वी ऐसा कुछ करेगा अवनि ने कभी सोचा नहीं था , वह पहले ही इतनी परेशानियों में उलझी थी कि पृथ्वी ने उसके सामने एक नयी मुसीबत खड़ी कर दी। पृथ्वी के घरवाले अवनि को नहीं जानते थे , ना वे कभी उस से मिले थे और यही बात अवनि को परेशान कर रही थी कि अब उसके घरवाले अवनि को लेकर ना जाने क्या सोचेंगे और कही उसकी वजह से पृथ्वी के घरवाले उस के खिलाफ ना हो जाये। अवनि का सर दर्द से फटने लगा उसे इस वक्त कुछ समझ नहीं आ रहा था।

सुरभि काम से बाहर गयी हुई थी वह घर आयी और अवनि को इस हाल में देखा तो उसके पास आयी अवनि ने सुरभि को सब बताया तो सुरभि भी परेशान हो गयी। सब इतना अच्छा चल रहा था और एकदम से ये होगा किसी ने सोचा नहीं था पृथ्वी अवनि से मोहब्बत करता है और उसे लेकर सीरियस है ये बात सुरभि जानती थी लेकिन वह ऐसी कोई गलती करेगा ये तो सुरभि ने भी नहीं सोचा था , जल्दबाजी में पृथ्वी ने खुद ही अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली जिसका असर अवनि की जिंदगी पर भी हो रहा था सुरभि को अवनि के लिए बहुत बुरा लग रहा था


अवनि ने सुरभि की कमर को अपनी बाँहो में लपेटा और अपना सर उसके पेट से लगाकार रोते हुए कहा,”उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था सुरभि , उसके घरवाले अब मुझे गलत समझेंगे जबकि मैं तो उन्हें जानती तक नहीं हूँ , वो लोग मुझसे नफरत करेंगे , मुझे कभी नहीं अपनाएंगे,,,,,,,,,,,उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था,,,,,,,,,!!!”


अवनि को रोते देखकर सुरभि का मन भी भारी हो गया और उसने उसका सर सहलाते हुए कहा,”पृथ्वी तुम्हे चाहता है अवनि वह बस तुम्हे खोना नहीं चाहता था इसलिए उसने बिना सोचे समझे ये कर दिया,,,,,,,,,,हाँ बस उसे इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी लेकिन ये सब के लिए तुम खुद को दोष मत दो , इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है अवनि , और तुम परेशान मत हो उसकी आई ठीक हो जाएगी , उन्हें कुछ नहीं होगा”


“अगर उन्हें कुछ हुआ तो मैं जिंदगीभर खुद को माफ़ नहीं कर पाऊँगी सुरभि,,,,,,,,वो लड़का सच में गधा है उसे इतनी भी समझ नहीं है कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए , अपने स्वार्थ के लिए वो किसी और को तकलीफ कैसे दे सकता है ? उसका प्यार अब प्यार नहीं जिद बन चुकी है , जिद मुझे पाने की”,अवनि ने रोते हुए गुस्से से कहा , पृथ्वी ने जो किया वो जानकर अवनि को इस वक्त बहुत तकलीफ हो रही थी।

अवनि की बात सुनकर सुरभि ने उसे समझाते हुए कहा,”ऐसा कुछ नहीं है अवनि वो बस तुमसे प्यार करता है और तुम्हे खोने के डर से उसने अपने घर पर ये सब बता दिया , वैसे भी एक दिन तो उसे ये सब बताना ही था,,,,,,,,,,उसने कुछ गलत नहीं किया हाँ बस उसने जो किया उसका नतीजा ये होगा इस बात का अहसास उसे भी नहीं था। तुम इस बारे में ज्यादा मत सोचो एंड रिलेक्स कुछ नहीं होगा उसकी आई को,,,,,,,,,,उसने अचानक ये सब कहा तो हो सकता है वो बस ये सब एक्सेप्ट ना कर पायी हो,,,,,,,,,,,शांत हो जाओ मैं पानी लेकर आती हूँ”


सुरभि अवनि के लिए पानी लेने चली गयी , कुछ देर बाद पानी का गिलास लेकर आयी और अवनि को पिलाकर गिलास साइड में रख दिया। सुरभि ने अवनि के गालों पर आये आँसुओ को पोछा और कहा,”कुछ नहीं होगा उन्हें , सब ठीक हो जाएगा। तुम्हे अपने महादेव पर भरोसा है ना,,,,,,,वो सब ठीक कर देंगे”
सुरभि के मुँह से महादेव का नाम सुनकर अवनि को पृथ्वी की गुस्से में कही बात याद आ गयी और उसने रोआँसा होकर कहा,”वो कहता है कि क्या कर लिया आपके महादेव ने ? वो ईश्वर से इतनी नफरत कैसे कर सकता है सुरभि ?”


“अभी वो गुस्से और तकलीफ में है इसलिए ऐसा कह रहा है , तुम उसकी बातो को दिल पर मत लो,,,,,,!!”,सुरभि ने कहा वह बस पृथ्वी के हालात समझने की कोशिश कर रही थी।
अवनि खामोश हो गयी उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। रोने की वजह से नाक और गाल लाल हो चुके थे। उसका दिल भारी हो चुका था और आँखों में नमी थी। वह उठी और हॉल में बने मंदिर के सामने चली आयी जहा महादेव की मूर्ति रखी थी। अवनि उनके सामने आकर खड़ी हो गयी और हाथ जोड़कर उनसे प्रार्थना करने लगी।

सुरभि ने देखा तो उसने अवनि को कुछ देर के लिए उसके हाल पर छोड़ दिया और खुद खाना बनाने किचन में चली आयी। कहा सुरभि अवनि और पृथ्वी की प्रेम कहानी शुरू होने के सपने देख रही थी और कहा पृथ्वी ने इतनी बड़ी गड़बड़ कर दी।

पृथ्वी का घर , मुंबई
सोफे पर बैठा पृथ्वी खामोश बैठा रवि जी के घर आने का इंतजार कर रहा था। कुछ देर बाद रवि जी लता को लेकर घर चले आये लेकिन वे अकेले नहीं आये थे उनके साथ पृथ्वी के बड़े पापा , बड़ी मम्मी , चाचा-चाची , नीलम भुआ , हिमांशु भैया , साक्षी भाभी और चाचा का लड़का मोहित भी आया था। चाचा की लड़की हिमानी अपने घर रुक गयी और कुल मिलाकर पृथ्वी के खानदान के आधे से ज्यादा लोग उसके सामने खड़े थे।

पृथ्वी ने जो बाते लता से कही थी वो अब तक सबको पता चल चुकी थी और इसीलिए सब वहा मौजूद थे। पृथ्वी ने लता की तरफ देखा जिनका चेहरा उतरा हुआ था और रोने से आँखे लाल और सूजी हुई थी।


रवि जी ने साक्षी से लता को कमरे में लेकर जाने को कहा तो साक्षी उन्हें लेकर अंदर चली गयी। सभी हॉल में आ बैठे। पृथ्वी अकेला एक तरफ बैठा था और बाकि सब उसके सामने वह ख़ामोशी से नजरे झुकाये बैठा था। हिमांशु भैया अपने हाथो को बांधे दिवार से पीठ लगाए खड़े थे। हिमांशु भैया खुद कुछ साल पहले इन हालातों से गुजर चुके थे लेकिन पृथ्वी के मामले में चुप थे।


बड़े पापा , चाचा और रवि जी एक तरफ बैठकर पृथ्वी को देख रहे थे , नीलम भुआ वही बगल में कुर्सी पर बैठी थी। बड़ी मम्मी और चाची चेहरे पर परेशानी के भाव थे। लक्षित और मोहित दोनों ही पृथ्वी से छोटे थे लेकिन आज दोनों ही पृथ्वी से नाराज थे। लक्षित घर में सबसे ज्यादा क्लोज अपनी आई से था और आज  उन्हें इस हाल में देखकर उसे अपने बड़े भाई पर बहुत गुस्सा आ रहा था।
“पृथ्वी ! तुमने लता से जो कहा क्या वो सच है ?”,बड़े पापा ने हॉल में फैली ख़ामोशी को तोड़ते हुए कहा


पृथ्वी ने पलकें उठाकर सबको एक नजर देखा और कहा,”हम्म्म , मैं उस से प्यार करता हूँ और उस से शादी करना चाहता हूँ”
“दिमाग खराब हो गया है तुम्हारा ? कौन लड़की है ? किस जात की है ? उसका बैकग्राउंड क्या है कुछ जाने समझे बिना ही तुमने उस से शादी करने का फैसला भी कर लिया”,रवि ने गुस्से से थोड़ा चिल्लाकर कहा
“आप लोग एक बार उस से मिल तो लीजिये,,,,,,,,वो अच्छी लड़की है और मैं उसे बहुत पसंद करता हूँ”,पृथ्वी ने तकलीफ भरे स्वर में कहा


“वो लड़की इस घर में नहीं आएगी समझे तुम,,,,,,,,,,!!”,रवि जी ने फिर कहा
“रवि ! शांत हो जाओ,,,,,,,,,,!!”,बड़े पापा ने कहा
रवि जी अपने बड़े भाई की तरफ पलटे और कहा,”शांत हो जाऊ ? आप सुन रहे है ना भाईसाहब ये लड़का क्या कह रहा है ? ये राजस्थान की किसी लड़के से प्यार करता है और उस से शादी की बातें कर रहा है , पागल हो गया है ये,,,,,,,,,,!!”


“रवि ! सारी गलती उस लड़की की है , उसी ने इसे अपनी बातों में फंसाया होगा और ये उसके पीछे पागल हो रहा है। ये आजकल की लड़किया अच्छे घरो के सेटल्ड लड़के देखती है और उन्हें अपने प्यार के जाल में फंसा लेती है”,नीलम भुआ ने कहा
“उसकी कोई गलती नहीं है भुआ , मैं उस से प्यार करता हूँ,,,,,,,,,,,,आप लोग मेरी बात तो सुनिए मैं सब समझाता हूँ”,पृथ्वी ने गुस्से से तेज आवाज में कहा और एक बार फिर वह सबके सामने गलत हो गया।

“नीलम सही कह रही है पृथ्वी ! जो लड़की अपनी शादी के मंडप से उठ गयी , जिसने अपने माँ-बाप की इज्जत के बारे में एक बार भी नहीं सोचा उसका क्या कैरेक्टर होगा ? अपना घर होते हुए भी वह अकेले किसी और शहर में रह रही है कैसी लड़की होगी वह ? उस लड़की ने तुम्हे फंसाया है और तुम उसकी बातो में आकर हम सब से बहस कर रहे हो”,बड़े पापा ने पृथ्वी को फटकार लगाकर कहा


“मैं बहस नहीं कर रहा , आप लोग मेरी बात तो सुनिए ,, वो अच्छी लड़की है उसने कुछ गलत नहीं किया है ताऊजी , आप लोग एक बार मुझे अपनी बात कहने का मौका तो दीजिये मैं सब समझाता हूँ,,,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने रोआँसा होकर कहा
“कुछ समझाने की जरूरत नहीं है तुम्हे , तुम्हारी वजह से आज तुम्हारी आई इस हाल में है ,, तुम्हे ज़रा भी शर्म नहीं है पृथ्वी , एक लड़की के लिए तुमने उनकी जिंदगी को जोखिम में डाल दिया,,,,,,,,,कान खोलकर सुन लो , तुम्हारी शादी उस लड़की से नहीं होगी और ना वो लड़की कभी इस घर में आएगी समझे तुम,,,,,,,,,!!”,रवि जी ने गुस्से से कहा


“पृथ्वी जरा अपनी आई के बारे में तो सोचो , तुम देख रहे हो ना लता की हालत , रो रोकर क्या हाल बना लिया है उसने अपना,,,,,,,,,,,,,तुम पर कितना भरोसा करती थी वो और तुमने उसे ये दिन दिखाया,,,,,,,,उस लड़की ने सच में तुम्हारा दिमाग खराब कर दिया है”,बड़ी मम्मी ने उदासी भरे स्वर में कहा
“मैंने कुछ गलत नहीं किया है , और क्या इस घर में पहले लव मैरिज नहीं हुई है ?”,पृथ्वी ने तड़पकर कहा उसका इशारा सीधा सीधा हिमांशु की तरफ था।


“हुई है लेकिन अच्छे खानदान में और तुम जिस लड़की की बात कर रहे हो उसका ना कोई खानदान है ना ही कोई कैरेक्टर,,,,,,,,,,वो लड़की तुम्हारे और इस घर के लायक नहीं है पृथ्वी , हम में से कोई भी इस शादी के लिए सहमत नहीं होगा,,,,,,,,!!”,बड़े पापा ने कठोरता से कहा
पृथ्वी ने देखा सब घरवाले उसके खिलाफ है। कोई उसकी बात तक नहीं सुन रहा है और उसके बाद शुरू हुआ सबका पृथ्वी को सुनाना , बड़े पापा से लेकर लक्षित तक ने अवनि के लिए गलत कहा ,  पृथ्वी खामोश बैठा चुपचाप सब सुनता रहा।

अवनि के सामने अपने घरवालों को लेकर वह जितना कॉन्फिडेंट था आज सबके सामने उतना ही कमजोर महसूस कर रहा था। सबने पृथ्वी को खूब सुनाया और साथ ही अवनि के लिए भी गलत कहा और आखिर में एक एक करके सबने पृथ्वी को अवनि से रिश्ता खत्म करने को कह दिया।
पृथ्वी का दिल अंदर ही अंदर टूट रहा था। एक तरफ उसका प्यार था और दूसरी तरफ उसका पूरा खानदान और दोनों में से किसी एक को चुनना पृथ्वी के लिए आसान नहीं था।

हिमांशु भैया जिन्होंने लव मैरिज की थी उन्होंने भी आज पृथ्वी का साथ नहीं दिया। वे मजबूर थे या बाकि सबकी तरह अवनि को लेकर उनके विचार भी वैसे ही थे ये तो बस वही जानते थे। पृथ्वी को ना उन सब पर गुस्सा आ रहा था ना ही वह किसी से बहस करने की हालत में था। उसका मन दुःख और तकलीफ से भरा जा रहा था और आँखों में नमी थी। उसका दिल जोरो से धड़क रहा था , एक बारगी उसका दिल किया कि चिल्लाकर सबसे कह दे कि उसे सिर्फ अवनि चाहिए लेकिन वह नहीं बोल पाया , उसकी हिम्मत टूट चुकी थी।


“पृथ्वी भैया ! काकू ने आपको अंदर बुलाया है”,साक्षी ने कमरे से बाहर आकर कहा तो पृथ्वी की तंद्रा टूटी। सभी घरवाले पहले ही उसे अपना फैसला सुना चुके थे बस अब लता का फैसला सुनाना बाकि था। पृथ्वी उठा , उसके पैर काँप रहे थे , चेहरे पर कोई भाव नहीं थे लेकिन दिल जोर जोर से चीख़ रहा था। पृथ्वी लता के पास चला गया और उसके पीछे पीछे बाकी सब भी कमरे में चले आये।


पृथ्वी लता के पास आकर बैठा तो लता फिर रोने लगी। उन्हें रोते देखकर पृथ्वी को बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था। उसे अहसास था कि अनजाने में ही सही अपनी ख़ुशी के लिए उसने लता को तकलीफ दी है। उसने लता के हाथ को अपने हाथ में लिया और कहा,”मुझे माफ़ कर दो आई , मैंने नहीं सोचा था ऐसा कुछ हो जाएगा,,,,,,,,,,,मैं उसे बहुत पसंद करता है , उस से शादी करना चाहता हूँ , उसके अलावा मैं किसी और के बारे में सोच भी नहीं सकता आई,,,,,,,,वो बहुत अच्छी लड़की है , कोई मेरी बात नहीं सुन रहा है आई , आप तो कम से कम समझो”


“वो लड़की इस घर में नहीं आएगी पृथ्वी , मैं ऐसी लड़की को कभी अपनी बहू नहीं बनाउंगी,,,,,,तुम्हे उस लड़की और मुझ में से किसी एक को चुनना पडेगा पृथ्वी , वो लड़की इस घर के लायक नहीं है ,, चार दिन के प्यार में तुम अपने परिवार के खिलाफ कैसे जा सकते हो ?”,लता ने नम आँखों के साथ कठोरता से कहा तो वही पृथ्वी का दिल टूट गया। उसे लता से एक आखरी उम्मीद थी और उन्होंने ही उसे तोड़ दिया।


पृथ्वी फ़टी आँखों से लता को देखने लगा , उसके चेहरे पर दर्द के भाव उभर आये , आँखों में नमी जो किसी भी वक्त बहने को तैयार थी और गले में चुभन का अहसास होने लगा। सब पृथ्वी के खिलाफ थे और पृथ्वी का दिल और दिमाग अभी भी अवनि की तरफ था।

( क्या अवनि के लिए पृथ्वी मना पायेगा अपने घरवालो को या ले लेगा पीछे अपने कदम ? क्या लता और अवनि में से पृथ्वी चुन पायेगा किसी एक को ? पृथ्वी के घरवालों का रिएक्शन जानकर अवनि खड़ी रहेगी पृथ्वी के साथ या हो जाएगी उसके खिलाफ ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल 

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