Sakinama – 26 Sakinama – 26 रात के 2 बज रहे थे और सागर उस खाली पड़े स्टेशन की बेंच पर बैठा हाथ में पकड़ी किताब को देखे जा रहा था। उसके जहन में सिर्फ मृणाल का ख्याल था। राघव आज...
Sakinama – 24 Sakinama – 24 “9 बजे से पहले बस नहीं है क्या ?”,मैंने पूछा“नहीं मैडम”,उसने कहा तो मैं और परेशान हो गयी ना मेरे पास ज्यादा पैसे थे और ना ही वहा मैं किसी को जानती थी। पहली बार...
Sakinama – 21 Sakinama – 21 कुछ निवाले खाकर मैंने दवा ली और ऊपर अपने कमरे में चली आयी। क्या हो रहा था ? क्यों हो रहा था ? कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैं बिस्तर पर आकर लेट गयी।...
Sakinama – 20 Sakinama – 20 वो अजीब बिहेव कर रही थी और डॉक्टर के पास भी नहीं जाना चाह रही थी। मैं हैरान परेशान सी बस उन्हें देख रही थी। कुछ देर बाद उन्होंने सोफे पर बैठते हुए कहा,”रघु को...
Sakinama – 15 Sakinama – 15 राघव मुझसे दूर जा रहा था ये बात मैं जानती थी राघव नहीं । कुछ दिन यु ही गुजर गए। राघव और मेरे बीच सिर्फ खामोशियों का रिश्ता था। हमारे बीच ज्यादा कोई बात नहीं...