Manmarjiyan – 46 पिंकी अपनी अगली चाल चल चुकी थी जिस से शगुन पूरी तरह अनजान थी। शाम में शगुन दादी माँ के पास बैठकर उन्हें भागवत-गीता का पाठ सूना रही थी। कुछ देर बाद गोलू वहा आया और कहा,”नमस्ते दादी”“अरे...
Kitni Mohabbat Hai – 44 सुबह जब मीरा उठी तो खुद को अक्षत में कमरे में पाकर हैरानी में पड़ गयी ! वह उठकर बैठ गयी उसका सर दर्द से फटा जा रहा था उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था...
Kitni Mohabbat Hai – 43 अक्षत और मीरा ख़ामोशी से अपने अपने प्यार का इजहार कर चुके थे ! लेकिन मुंह से बोलना अभी बाकि था , अक्षत चाहता था मीरा कहे और मीरा चाहती थी अक्षत कहे बस इसी कश्मकश...
Kitni Mohabbat Hai – 42 मीरा अक्षत का हाथ थामे उसके सामने घुटनो पर बैठी थी और आँसुओ से भरी आँखों से उसे देखे जा रही थी ! अक्षत ने देखा तो उसके आंसू पोछते हुए कहा,”पागल हो तुम सच में...
Manmarjiyan – 44 मंदिर की सीढ़ियों पर बैठा गुड्डू जाती हुई शगुन को देखता रहा। गुड्डू कुछ देर वही बैठा रहा और फिर मिश्राइन के आवाज लगाने पर उनके साथ चल पड़ा। ये दूसरी बार था जब गुड्डू शगुन के साथ...