Pakizah – 48 Pakizah – 48 “आज पता चला सर , इस मुस्कराहट के पीछे कितना दर्द छुपा है !”,पाकीजा ने रूद्र की आँखों में देखते हुए कहा l रूद्र की आँखों में नमी तैर गयी वह पाकीजा को देखने लगा...
Sakinama – 4 Sakinama – 4 अगले दिन शाम में ऑफिस से आने के बाद मैं बार बार अपना फोन चैक कर रही थी। ऐसा मेरे साथ पहले कभी नहीं हुआ था , एटलीस्ट किसी के फोन का इंतजार मैंने कभी...
Pakizah – 47 Pakizah – 47 लिफ्ट निचे आकर रुकी l एक एक कर सभी बाहर जाने लगे l“पाकीजा !!”,रूद्र के मुंह से मुश्किल से एक शब्द निकलापाकीजा तेजी से रूद्र से दूर हुई l रूद्र उसे लेकर लिफ्ट से बाहर...
Sakinama – 3 Sakinama – 3 कुछ देर बाद मौसाजी ने आकर मुझसे बैठक में आने को कहा। मैं जैसे ही जाने लगी राघव की मम्मी ने कहा,”सर ढककर जाओ”मुझे थोड़ा अजीब लगा लेकिन बड़ो की बात मानने के अलावा मेरे...
Sakinama – 2 Sakinama – 2 सुबह सुबह सागर ऑफिस के लिए निकल गया। सितम्बर का महीना चल रहा था। सागर ने अपने सभी जरुरी काम निपटाए और ऑफिस से 4 दिन की छुट्टी लेकर फ़्लैट पर चला आया। शाम 6...