साक़ीनामा – 23

Sakinama – 23 Sakinama – 23 दिवाली में अभी एक हफ्ता बाकि था और मम्मी पापा भी घर नहीं आये थे  ना ही आना चाहते थे। मम्मी ना जाने क्यों ऐसा कर रही थी। राघव अब पहले से ज्यादा चुप रहने...

साक़ीनामा – 22

Sakinama – 22 Sakinama – 22 जब राघव से पहली बार मिली तब मैंने ही उस से कहा था कि मेरे लिए मेरी सेल्फ रेस्पेक्ट और मेरे सपने बहुत मायने रखते है और उसने क्या किया ? उसने सबसे पहला वार...

साक़ीनामा – 21

Sakinama – 21 Sakinama – 21 कुछ निवाले खाकर मैंने दवा ली और ऊपर अपने कमरे में चली आयी। क्या हो रहा था ? क्यों हो रहा था ? कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैं बिस्तर पर आकर लेट गयी।...

साक़ीनामा – 20

Sakinama – 20 Sakinama – 20 वो अजीब बिहेव कर रही थी और डॉक्टर के पास भी नहीं जाना चाह रही थी। मैं हैरान परेशान सी बस उन्हें देख रही थी। कुछ देर बाद उन्होंने सोफे पर बैठते हुए कहा,”रघु को...

साक़ीनामा – 19

Sakinama – 19 Sakinama – 19 भाभी की बेटी मेरे पास चली आयी। वो बिल्कुल मेरे जैसी ही थी जैसे मैं हुआ करती थी बचपन में,,,,,,,,,,,वो वही मेरे पास बैठकर बातें करने लगी। रात 11 बजे भाभी मैं और उनकी बिटिया...
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