Love You जिंदगी – 48

Love You Zindagi – 48

Love you Zindagi
Love You Zindagi

अवि को अपने सामने देखकर नैना हैरान रह गयी उस पर आराधना का अवि को बेटा कहकर बुलाना नैना के साथ साथ रुचिका और शीतल को भी हैरानी में डाल गया। नैना को सामने देखकर अराधना ने कहा,”अरे नैना आ गयी तुम , अंदर आओ अंदर आओ”
“मॉम ये,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!”,अवि की और हाथ करके अंदर आते हुए कहा तो आराधना नैना की बात पूरी होने से पहले से बोल पड़ी,”अरे बेटा ये अवि है सामने वाले फ्लेट में रहता है बड़ा ही अच्छा लड़का है। सुमि के यहाँ से आते हुए मैंने तेरे लिए छोले भठूरे बनाने का सामान ले लिया ,, लिफ्ट बंद थी सीढ़ियों से आते हुए इसने ही हेल्प की और इसने बताया की ये छोले भठूरे बहुत अच्छा बनाता है तो मैंने कहा ले फिर तू ही बना दियो , और ये ख़ुशी ख़ुशी मान भी गया।”
आराधना की बात सुनकर रुचिका और शीतल ने अवि की और देखा तो अवि ने हां में गर्दन हिला दी। नैना ने सूना तो उसका दिमाग घूम गया और उसने झुंझलाकर कहा,”मॉम ऐसे किसी को भी घर में बुला लोगी आप ? और छोले भटूरे मिल जाते है दिल्ली में”
नैना का गुस्सा देखकर अवि किचन की और चला गया।
“हां बेटा लेकिन घर पर ज्यादा टेस्टी बनते है और फिर बाहर पता नहीं कौन कैसे बनाता है ?”,आराधना जी ने कहा
“मॉम,,,,,,,,,,,,,,,,,,!”,नैना ने कहा तो आराधना ने कहा,”बेटा तू चेंज करके आ तब तक मैं तेरे लिए गर्मागर्म अदरक वाली चाय बनाती हू” नैना को भेजकर आराधना ने किचन में खड़े अवि से कहा,”अवि बेटा नैना के लिए चाय भी बना दो , एक काम करो सबके लिए ही बना लो”
नैना ने अपना सर पिटा और वहा से चली गयी। कमरे में आकर वह गुस्से से यहाँ वहा घूमने लगी रुचिका और शीतल उसके पीछे पीछे आयी तो नैना ने कहा,”ये यहाँ मॉम डेड के साथ क्या कर रहा है ? कही कही इसने मॉम डेड को सब बता तो नहीं दिया ,,,, साला तभी हमाई अम्मा उसे बेटा बेटा बुला रही उन्होंने तो मन ही मन में उसे दामाद मान लिया होगा , ये लखनऊ वालो का कोई भरोसा नहीं है जरूर कुछ कांड करेंगे ? मेरी तो लंका लगा देंगे ये तीनो मिलकर” कहते हुए नैना निचे जमीन पर आलथी पालथी मारकर बैठ गयी और हाथ सर से लगाकर कहने लगी,”मेरी जिंदगी झंड करके रख दी है इस बन्दे ने यार मैं क्या करू ? दिल्ली आकर भी मेरे माँ बाप को चैन नहीं ,, साला नहीं खाने मुझे छोले भटुरे यार मॉम को कोई समझाओ”
“नैना नैना रिलेक्स कुछ नहीं हुआ है , हो सकता है अवि ने उन्हें कुछ ना बताया हो , तुम इतना स्ट्रेस मत लो। वैसे भी आलरेडी हम एक मुसीबत में फंसे है पहले उस से बाहर निकले फिर अवि से बात कर लेंगे”,शीतल ने उसके सामने बैठकर उसे समझाते हुए कहा
नैना उठी बाथरूम में गयी कपडे चेंज किये और बाहर आयी उसने देखा विपिन जी बालकनी में खड़े आराधना से बात कर रहे है नैना सीधा किचन एरिया में आयी और अवि को अपनी और घुमाकर कहा,”क्या चल रहा है ये सब ?’
“चाय बना रहा हूँ”,अवि ने शांत भाव से कहा
“बावर्ची हो ? और मेरे मॉम डेड से क्या कहा तुमने ? और तो और मेरे घर तक चले आये ,, बोलो क्या किया ?”,नैना ने थोड़ा गुस्से से कहा तो अवि ने कहा,”कुछ भी नहीं उन्होंने ही बोला था की चलो”
“हां और तुम मुंह उठा के चले आये , डेड को पता चला ना ये सब के बारे में तो लग जाने है मेरे”,नैना ने बालकनी की और झांकते हुए कहा
“रिलेक्स मैंने उनसे कुछ भी नहीं कहा इन्फेक्ट उनके हिसाब से मैं तुम्हे जानता भी नहीं हु , और मैं भी नहीं जानता था की अंकल तुम्हारे डेड है बट यार क्या डेड है तुम्हारे एकदम कूल और फ्रेंक , हमारी बॉन्डिंग काफी अच्छी हो गयी पहली मुलाकात में”,अवि ने खुश होकर कहा
“ज्यादा चहकने की जरूरत नहीं है , और ये छोले भटुरे बनाने को किसने कहा तुमसे ?”,नैना ने कहा
“अरे वो तुम्हारी मॉम गलत रेसेपी बता रही थी छोले बनाने की तो मैंने करेक्ट किया एंड देन शी सेड की बेटा तुम ही बनाओ”,अवि ने सफाई दी
“हां और तुम बनाने चले आये ,मास्टर सैफ”,नैना ने मुंह बनाकर कहा
“कोई शक है , बाय द वे तुम्हे इतनी अच्छी कुकिंग करने वाला हस्बंड नसीब वालो को मिलता है”,अवि ने थोड़ा रोमांटिक होते हुए कहा
“तुम ,,, पहले तो तुम मेरे घर से निकलो अभी इसी वक्त”,नैना ने गुस्से से कहा
“क्या क्या क्या किसके घर से ?”,अवि ने नैना को देखते हुए कहा तो नैना को याद आया घर तो अवि का ही है वह उसे जाने को कह नहीं सकती है उसने अवि को घुरा और कहा,”देख लुंगी तुम्हे”
“मैं भी तो यही चाहता हूँ की तुम मुझे देखो”,अवि नैना की आँखों में देखने लगा नैना पैर पटकते हुए वहा से चली गई। अवि को उसे परेशान करने में बड़ा मजा आता था।

चाय बनाकर अवि विपिन जी और आराधना जी को देने आया उन्हें चाय देकर वह भी उन्ही के पास खड़ा हो गया और चाय पीते हुए उनसे बातें करने लगा। अवि को अपने मॉम डेड के साथ हॅसते खिलखिलाते देख नैना को अच्छा नहीं लग रहा था। एक अजीब सी जलन जैसे नैना को महसूस हो रही थी वही नैना से बेखबर अवि विपिन जी से बात करने में मशगूल था। नैना को अवि की और घूरता पाकर रुचिका उसके पास आयी और कहा,”क्या नैना ऐसे क्यों देख रही हो उस बेचारे को ?”
“ये लौंडा पक्का किसी बंगाली बाबा के टच में है , देख कैसे दाँत फाड़ रहा है मेरे डेड के सामने जैसे अपनी आँखों से मुझपर जादू करता है वैसे मॉम डेड पर भी कर दिया है इसने”,नैना ने बड़बड़ाते हुए कहा
“क्या बंगाली बाबा ? वो कौन है ?”,रुचिका ने पूछा
“अरे वही 121 रूपये में जो प्रेमिका वशीकरण , खोया हुआ प्यार वापस दिलवाता है वही बाबा ये उसी का चेला है , चेला नहीं मुझे तो लगता है वो सब इस से जादू करना सीखते है”,नैना कुछ भी बोले जा रही थी रुचिका ने सूना तो उसके सर पर चपत मारकर कहा,”तेरा ना दिमाग खराब हो गया है , जाकर सो जा थोड़ी देर”
“चाय ! मुझे चाय चाहिए ऐसे मेरा दिमाग नहीं चलेगा”,नैना ने सोफे पर बैठते हुए कहा
रुचिका उसके लिए चाय ले आयी और उसे देकर कहा,”पी ले इसे और थोड़ा शांत हो जा , जबसे दिल्ली आयी है बस सोचे जा रही है ,, ऐसे तो तेरा दिमाग फट जाना है एक दिन।”
“थैंक्स यार रूचि तू ही मेरा असली पांडा है”,नैना ने चाय पीते हुए कहा। कुछ देर बाद विपिन और आराधना भी वहा आकर बैठ गए और उनके साथ अवि भी चला आया। अवि ने चाय पीकर कप टेबल पर रखा और कहा,”ओके आंटी अंकल मैं अब चलता हूँ , और हां आंटी छोले रेडी है आप देख लेना”
“अरे बेटा तुम ऐसे कैसे ? खाकर जाओ”,आराधना ने कहा
“मॉम उसके घर में खाना बनता है वो खा लेगा”,नैना ने जबरदस्ती स्वीट बनते हुए कहा
“बड़ी बद्तमीज हो गयी नैना”,आराधना ने कहकर अवि की तरफ देखा तो अवि ने कहा,”अरे नहीं आंटी इट्स ओके , मैं घर पर खा लूंगा। आप लोग इंजॉय कीजिये बाय”
अवि चला गया ! अवि के जाने के बाद नैना ने आराधना से कहा,”मॉम ये ज्यादा हो रहा है , ऐसे किसी लड़के को बिना जान पहचान के आपने अंदर बुला लिया।”
“नैना बेटाजी मैं कौन हूँ ?”,विपिन जी ने पूछा
“आप मेरे डेड है और मेरी मॉम के हस्बेंड है और कौन है ?”,नैना ने झुंझलाकर कहा
“राईट तो किसी इंसान को पहचानने की काबिलियत ज्यादा किसमें होगी ? वो लड़का बहुत अच्छा लड़का है उसने आज तुम्हारी मॉम की हेल्प की एंड बदले में तुम्हारी मॉम ने उसे से थोड़ा प्यार से बात कर ली देट्स इट , इसमें ओवर रियेक्ट क्यों करना ?”,विपिन जी ने प्यार से समझाया तो नैना को समझ आया और साथ ही ये भी समझ आया वो तबसे ओवर रिएक्ट ही कर रही है। वह विपिन जी के पास आयी और उन्हें हग करते हुए कहा,”सॉरी।”
“मुझसे नहीं अपनी मॉम से कहो”,विपिन जी ने कहा तो नैना ने आराधना को भी सॉरी कहा।
“रूचि शीतल बेटा जाओ हाथ मुंह धोकर आओ मैं सबके लिए गर्मागर्म खाना लगा देती हूँ”,आराधना जी ने किचन की और जाकर कहा
सभी खाना खाने डायनिंग के पास आ गए सबने खाना खाया उसके बाद रुचिका विपिन जी के साथ बैठकर चेस खेल रही थी और आराधना सोफे पर बैठकर शीतल के बालों में तेल लगा रही थी। शीतल को बहुत अच्छा लग रहा था इन कुछ दिनों में उसे भरपूर माँ का प्यार मिल रहा था। रुचिका और विपिन जी की बॉन्डिंग काफी अच्छी थी दोनों साथ साथ खेल रहे थे चीटिंग भी कर रहे थे और हंस भी रहे थे। उधर नैना किचन में खड़े खड़े एक प्लेट में छोले भटूरे रख रही थी। आराधना ने देखा तो कहा,”नैना ये जाकर अवि को दे आओ और हा सॉरी भी बोल देना उसे”

नैना जाना तो नहीं चाहती थी लेकिन उसे फिर से लेक्चर नहीं सुनना था इसलिए प्लेट उठाकर चल पड़ी। अवि कही और नहीं बल्कि सामने वाले फ्लैट में ही रह रहा था जिसमे पहले नैना रुचिका और शीतल थी , नैना ये भी जानना चाहती थी की अवि को वो फ्लैट कैसे मिला और मिला तो उसने रहने के लिए खुद का फ्लैट क्यों दियता ? सवाल बहुत थे सिर्फ अवि के पास था। नैना ने दरवाजे को सामने आकर बेल बजायी , किसी ने दरवाजा नहीं खोला , कुछ देर बाद नैना ने फिर बेल बजायी इस बार भी कोई नहीं आया आखिर में नैना ने साइड में देखते हुए दरवाजे पर हाथ मारा लेकिन हाथ सीधा जाकर अवि के चेहरे पर लगा और आवाज आयी,”आउच !”
नैना ने देखा अवि सामने ही खड़ा है तो उसने कहा,”वो मॉम ने तुम्हारे लिए भिजवाया है !
अवि ने प्लेट नैना के हाथ से ले लिया और जाने लगा तो नैना ने कहा,”तुमसे कुछ बात करनी है , अंदर आ सकती हूँ”
“या कम !”,कहकर अवि साइड हो गया और नैना अंदर चली आयी अवि ने दरवाजा बंद कर दिया और प्लेट किचन में रख दी और नैना के सामने आकर कहा,”हां कहो क्या बात करनी है ?”
“एक्चुअली तुम्हे सॉरी बोलना था , वो मैंने तुमसे बदतमीजी से बात की सो , सॉरी”,नैना ने शायद पहली बार अवि को सॉरी बोला था अवि ने अपने दोनों हाथ बांध लिए और कहा,”इट्स ओके मुझे बुरा नहीं लगा”
“क्या तुम्हे कभी बुरा नहीं लगता ?”,नैना ने सवाल किया
“नैना मेरी मॉम हमेशा कहती है जिसे हम पसंद करते है , प्यार करते है उनकी बातो का कभी बुरा नहीं मानना चाहिये”,अवि ने कहा
“तुम्हारी मॉम भी तुम्हारी तरह है ?’,नैना ने फिर सवाल किया
“हां शायद”,अवि ने कहा
“ओह्ह्ह क्रेज़ी फॅमिली , वो सब छोडो तुम्हे ये फ्लेट कैसे मिला ? ये तो उस मनहूस मैनेजर का है ना फिर उसने तुम्हे कैसे दे दिया ?”,नैना ने कहा
“एक्चुअली इन दिनों मैं तुम्हारे मैनेजर की बेटी को फोटोग्राफी सीखा रहा हूँ बदले में 6 मंथ के लिए मैंने ये फ्लैट लिया है , आज शाम में ही इसकी चाबी मिली है सोचा तुम लोगो को तुम्हारा फ्लेट वापस मिल जाएगा लेकिन उस पहले ही तुम्हारे मॉम डेड आ गए और मुझे अपना फ्लैट छोड़ना पड़ा”,अवि ने कहा
“ओह्ह्ह मुझे लगा ही था वो साला लीचड़ मैनेजर ऐसे कैसे मान गया ? और तुम क्या जरूरत है उसकी बेटी को फोटोग्राफी सिखाने की ?”,नैना ने कहा
“तुम्हे जलन हो रही है ?”,अवि ने नैना को छेड़ते हुए कहा
“मुझे और जलन वो भी तुमसे , चांस ही नहीं है मिस्टर अवि चौधरी ,,,, खाना खा लो ठंडा हो रहा है”,नैना ने कहा और जाने लगी तो अवि ने कहा,”वैसे मिस नैना जितना सख्त तुम बनने की कोशिश करती हो उतनी हो नहीं”
नैना ने पलटकर अवि को देखा और वहा से चली गयी !!

क्रमश – Love You Zindagi – 49

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संजना किरोड़ीवाल !!

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