Author: Story With Sanjana

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 49

Pakizah – 49 Pakizah – 49 पाकीजा को साड़ी थमाकर भावना वहा से चली गयी l पाकीजा सीधी थी इसलिए उसने भावना की बात मान ली लेकिन भावना के मन में क्या चल रहा था ये सिर्फ भावना जानती थी l...

साक़ीनामा – 8

Sakinama – 8 Sakinama – 8 मैं जैसे ही ऑफिस पहुंची मेरे साथ काम करने वाले लड़के मुझे देखने लगे। गलती उनकी नहीं थी आज से पहले किसी ने मुझे ऐसे अवतार में देखा भी तो नहीं था। कुछ ने तो...

साक़ीनामा – 7

Sakinama – 7 Sakinama – 7 मैं जिंदगी के एक नए सफर पर थी जिसमे ख़ुशी थी , अपनापन था , एक दूसरे की परवाह थी , छोटे छोटे सपने थे और खूबसूरत अहसास जिस से हर लड़की अपनी जिंदगी में...

साक़ीनामा – 6

Sakinama – 6 Sakinama – 6 मैं राघव को गुड बाय बोल चुकी थी और मुझे नहीं लगता इसके बाद वो मुझे मैसेज या कॉल करेगा। कुछ दिन बाद मेरी जिंदगी फिर से पहले जैसी हो गयी। वही दिनभर ऑफिस ,...

साक़ीनामा – 5

Sakinama – 5 Sakinama – 5 मैं अपना फोन लेकर छत पर चली आयी। मैंने फ़ोन उठाया तो दूसरी तरफ से राघव ने कहा,”हेलो !!”“जी कहिये”,मैंने कहा“क्या कर रही हो ?”,राघव ने बहुत ही अपनेपन से पूछा“कुछ नहीं बस अभी थोड़ी...
error: Content is protected !!