Author: Story With Sanjana

साक़ीनामा – 30

Sakinama – 30 सागर हाथ में निवाला लिए मृणाल को देखे जा रहा था। मृणाल की आँखों में आँसू देखना उसे अच्छा नहीं लग रहा था। मृणाल ने सागर का हाथ नीचे किया और कहा,”मुझे इन सब की आदत नहीं है”सागर...

साक़ीनामा – 29

Sakinama – 29 Sakinama – 29 मृणाल की कलाई थामे सागर नम आँखों से उसे एकटक देखे जा रहा था। वही मृणाल अपने सामने खड़े उस शख़्स को देखकर हैरान थी। उसने सागर के हाथ से अपनी कलाई छुड़ाई और उठकर...

साक़ीनामा – 28

Sakinama – 28 Sakinama – 28 मृणाल की लिखी किताब से सागर को एक क्लू मिला कि मृणाल बनारस में हो सकती है। सागर उठा और तुरंत नीचे चला आया। उसने हर्ष को बाहर बुलाया और कहा,”मुझे तेरी गाड़ी चाहिए”“गाडी ,...

साक़ीनामा – 27

Sakinama – 27 Sakinama – 27 सागर फ़टी आँखों से उस तस्वीर को देखता रहा उसकी आँखों के सामने वो सारे पल घूमने लगे जो उस किताब में लिखे थे। सागर ने अपना बैग उठाया और तुरंत वहा से निकल गया।...

साक़ीनामा – 26

Sakinama – 26 Sakinama – 26 रात के 2 बज रहे थे और सागर उस खाली पड़े स्टेशन की बेंच पर बैठा हाथ में पकड़ी किताब को देखे जा रहा था। उसके जहन में सिर्फ मृणाल का ख्याल था। राघव आज...
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