Pasandida Aurat Season 3 – 19
Pasandida Aurat Season 3 – 19

लीगल टीम के हेड ने प्रवीण से पेन ड्राइव ले ली और अपने केबिन में चला गया। प्रवीण भी अपने केबिन में आ बैठा और काम करने लगा। आज वह भरत को लेकर देसाई सर को सब कुछ बता देने वाला था। वह पिछले कुछ दिनों अकाउंट्स में हुए बदलाव और घोटाले की लिस्ट बनाने लगा
मिस्टर देसाई ऑफिस आये और अपने केबिन में ना जाकर सीधा मीटिंग रूम की तरफ बढ़ गए ! उन्होंने साथ चलते भरत से सबको मीटिंग रूम में बुलाने को कहा।
भारत ने ऑफिस बॉय से कहा और खुद मिस्टर देसाई के साथ मीटिंग रूम में चला आया। कुछ देर बाद मिस्टर देसाई और भरत के साथ प्रवीण , लीगल टीम के हेड और ऑफिस के हर डिपार्टमेंट के लोग वहा मौजूद थे।
प्रवीण की नजरे भरत पर ही थी और वह मन ही मन ये फैसला कर चुका था कि सिर्फ मिस्टर देसाई के सामने ही नहीं बल्कि सबके सामने वह भरत का असली चेहरा लेकर आएगा। मिस्टर देसाई अपनी जगह पर खड़े हुए और पिछले एक महीने में हुए नुकसान और ऑफिस के काम को लेकर सबको अच्छे से सुनाया !
वे अपनी जगह बैठे और ऑफिस में क्या चल रहा है और क्या बदलने की जरूरत है इस पर सबसे अपनी अपनी राय रखने को कहा।
मीटिंग रूम में मौजूद आधे से ज्यादा लोग भरत की तरफ थे इसलिए सबने भर भर कर भरत और उसके काम की तारीफ की , वही कुछ लोग भरत से डरकर चुप बैठे थे और खुश भरत के खिलाफ थे लेकिन खड़े होकर बोलने की हिम्मत उनमे भी नहीं थी
प्रवीण हिम्मत करके उठा और कहा,”मिस्टर देसाई मैं सबके सामने कुछ कहना चाहता हूँ”
“बिल्कुल प्रवीण ! तुम इस कम्पनी में सबसे पुराने स्टाफ में से एक हो तुम बेझिझक अपनी बात रख सकते हो”,मिस्टर देसाई ने कहा
प्रवीण ने एक नजर भरत को देखा तो भरत के चेहरे पर परेशानी के भाव उभर आये लेकिन वह खामोश बैठा रहा। प्रवीण ने सबको एक नजर देखा और बोलना शुरू किया,”सर ! जब तक प्राची मेडम MD की पोस्ट पर थी तब तक इस ऑफिस में होने वाली किसी भी डील या कॉन्ट्रेक्ट में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ नहीं हुई ना ही किसी कन्फर्म डील को केंसल किया गया लेकिन जब से उनकी जगह मिस्टर भरत आये है , माफ़ कीजियेगा लेकिन मिस्टर भरत अपना काम सही से नहीं कर रहे है सर”
भरत ने सुना लेकिन कोई प्रतिक्रया नहीं दी बस खामोश रहा वही मिस्टर देसाई ने थोड़ा हैरानी भरे स्वर में कहा,”ये तुम क्या कह रहे हो ? जब से ये कम्पनी शुरू हुई है तब से भरत हमारे साथ है और इस कम्पनी के प्रति ईमानदार भी है ,, वह भला कोई नुकसान क्यों करेगा ?”
“लेकिन इन्होने किया है सर ! प्राची मैडम ने मौर्या एंड ग्रुप कम्पनी के साथ जिन 6 डील्स को कन्फर्म किया था आपके जाते ही भरत सर ने उन्हें केंसल कर दिया,,,,,,,उन डील को कन्फर्म रखने की कीमत इन्होने ‘मिस्टर पृथ्वी उपाध्याय’ के रिजाइन से लगाई और उसके बाद उन डील्स को कन्फर्म किया। हमारी कम्पनी से माल लेने वाली कम्पनीज को इन्होने “0” डाउन पेमेंट पर लाखो का माल सप्लाई किया है , मिस्टर चौधरी जिन्हे माल देने से आपने मन किया था उन्हें एक बार फिर लाखो का माल भेजा गया और मुझे अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि मिस्टर चौधरी के पिछले 6 महीने के पेंडिंग चेक के साथ एक और चेक जुड़ चूका है।
कम्पनी में जो होनहार काम करने वाले एम्प्लॉय थे उनकी जगह ऐसे लोगो को दे दी है जिन्हे कम्प्युटर ऑन तक करना नहीं आता है,,,,,,,,,,,,,सर मिस्टर भरत को कम्पनी में MD चुनना आपका फैसला है लेकिन माफ़ कीजियेगा अभी तक इन्होने MD होने की कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई है उलटा कम्पनी को नुकसान ही किया है,,,,,,,,,,,,,और जो कुछ भी मैंने कहा वो सच है सर , अकाउंट्स में जितनी भी हेरा फेरी और गड़बड़ इन्होने की है उसकी सभी डिटेल्स मेरी पेनड्राइव है में जिसे मैं यहाँ सबके सामने दिखाना चाहता हू”
भरत के खिलाफ इतना सब सुनकर मिस्टर देसाई का दिमाग चकरा गया और वे एक पल के लिए खामोश गए। प्रवीण ने जब पेन ड्राइव की बात की तो मिस्टर देसाई ने हामी में गर्दन हिला दी।
“थैंक्यू सर”,प्रवीण ने कहा और लीगल हेड की तरफ हाथ बढ़ाया
लीगल हेड ने पेन ड्राइव प्रवीण की हथेली पर रख दी। प्रवीण ने उसे अपने लेपटॉप में लगाया और सामने स्क्रीन से कनेक्ट कर दिया। सबकी गर्दन स्क्रीन की तरफ घूम गयी और सब उस तरफ देखने लगे।
इन सब में अगर कोई शांत और बेफिक्र बैठा था तो वो था भरत। भरत कुर्सी के हत्थे पर अपनी कोहनी टिकाये , ऊँगली होंठो से लगाये स्क्रीन की तरफ देखने लगा। प्रवीण को पूरा यकीन था कि आज इस भरत का खेल खत्म हो जाएगा। उसने एक विडिओ प्ले किया और भरत की तरफ देखा लेकिन अगले ही पल उसके कानो में किसी कार्टून की आवाज पड़ी।
प्रवीण ने स्क्रीन की तरफ देखा तो पाया कि वहा भरत के खिलाफ क्लिप नहीं बल्कि कार्टून शो चल रहा है। प्रवीण की हैरानी का कोई ठिकाना नहीं रहा उसने जल्दी से उसे हटाया और दूसरे क्लिप चलाये लेकिन वो सब भी किसी कार्टून के ही क्लिप थे ये देखकर वहा मौजूद स्टाफ हसने लगा तो कुछ आपस में बातें करने लगे।
मिस्टर देसाई भी इसे एक भद्दा मजाक समझकर प्रवीण की तरफ पलटे और कहा,”ये क्या मजाक है प्रवीण ?”
“सर , सर ये वो क्लिप नहीं है सर , लगता है पेन ड्राइव बदल गयी है,,,,,,,सच्चाई कुछ और है सर”,प्रवीण ने घबराहट भरे स्वर में कहा
भरत ने सुना तो एक गहरी साँस ली और खड़े होकर कहा,”सच क्या है ये मैं आप सबको बताता हूँ,,,,,,,,,,,,,,!!!!”
भरत की बात सुनकर सब उसे देखने लगे और प्रवीण मन ही मन गुस्से से भर उठा लेकिन उसके पास बोलने को कुछ नहीं था। भरत ने एक नजर मिस्टर देसाई को देखा और कहा,”प्रवीण ने जो कुछ भी कहा वो सब सच है,,,,”
भरत की बात सुनकर सब हैरानी से उसे देखने लगे , खुद प्रवीण भी हैरान था कि आखिर भरत ने इतनी आसानी से अपनी गलती कैसे मान ली ? तभी भरत ने आगे कहा,”हाँ सब सच है लेकिन सच्चाई वो नहीं जो इसने आप सबको बताई है , असली सच मैं आपको बताता हूँ,,,,,,,,,,,
माफ़ कीजियेगा सर मैं थोड़ी कड़वी बात कहूंगा लेकिन जो फेक्ट है मैं वही सबके सामने रखूंगा। मुझसे पहले मिस प्राची इस कम्पनी में MD की पोजीशन पर थी ! कम्पनी की जो भी डील्स , मीटिंग्स होती थी वो सब वही करती थी। मौर्या ग्रुप एंड कम्पनी के साथ उन्होंने एक डील की और उन्हें वहा के मैनेजर मिस्टर पृथ्वी इतना पसंद आये कि उन्होंने बेक टू बेक उस कम्पनी के साथ 5 डील और साईन कर दी।
MD की पोजीशन मिलने के बाद मैंने जब स्टडी की तो मुझे पता चला कि जिन 6 डील्स को प्राची ने फिक्स किया है उनमे कई सारे एरर थे और उन्ही ऐरर को ठीक करने के लिए मैंने उन डील्स को होल्ड पर रखा ,, इस कम्पनी का MD होने के नाते मेरी इतनी जिम्मेदारी तो बनती है कि मैं गलतियों पर ध्यान दू ना कि भावनाओ में बहकर उन्हें स्वीकार कर लू,,,,,,,,,,,,,!!!”
भरत की बात सुनकर उसके चमचो ने उनके समर्थन में टेबल पीटना शुरू कर दिया भरत ने हाथ दिखाकर उन्हें रोका और आगे कहने लगा,”पृथ्वी उपाध्याय के रिजाइन का उन 6 डील्स से कोई लेना देना नहीं है , सर दरअसल उसका रिजाइन पर्सनल रीजन की वजह से था। हाल ही में उनकी शादी हुई है और अपनी शादी शुदा जिंदगी शुरू करने के लिए और अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए वे अपनी कम्पनी से दूर हुए है,,,,,,,,,,बात आती है कम्पनीज को ज़ीरो डाउन पेमेंट पर माल देने की तो सर ये सभी नयी कम्पनीज है ,
दोनों कम्पनीज के बीच भरोसे का रिश्ता बनाने के लिए मुझे ऐसा करना पड़ा और ये काफी सक्सेसफुल भी रहा है ,, ये रहे उन सभी कम्पनीज के सेकेण्ड आर्डर की लिस्ट और साथ में एडवांस चेक भी,,,,,,,,सर कम्पनी से उन्ही एम्प्लॉय को निकाला गया है जिन्होंने डबल सेलरी की मांग की और आपके जाते ही काम करना बंद कर दिया। इस कम्पनी में 30% एम्प्लॉय बस सेलेरी लेने आते थे काम करने नहीं उन्हें निकालकर मैंने कुछ नए एम्प्लॉय रखे उसी सेलरी पर हाँ मैं मानता हूँ नए एम्पलॉयज को अभी काम नहीं आता लेकिन वो सीख सकते है और सिखने के लिए उन्हें अलग से सेलरी की जरूरत भी नहीं है,,,,,,,,,,
अब आते है मिस्टर चौधरी के केस पर तो जरा प्रवीण से पूछिए कि इस कम्पनी में अकाउंट्स ये सम्हालते है या मैं ? बिना किसी जानकारी के मुझे कैसे पता चलेगा उन पर कितना बकाया चल रहा है और कितना नहीं ? कम्पनी से कितना पैसा जा रहा है कितना आ रहा है इसकी हर जानकारी मुझसे ज्यादा प्रवीण को है,,,,,,,,,,,,,जब मैं मिस्टर चौधरी की कम्पनी को माल दे रहा था तब इन्होने मुझे रोका क्यों नहीं ?”
प्रवीण ने सुना तो गुस्से से कहा,”ये क्या बकवास कर रहे है आप ?”
“प्रवीण ! बी इन योर लिमिट्स , भरत इस कम्पनी में MD है और उस से इतनी बदतमीजी से बात कर रहे हो”,मिस्टर देसाई ने गुस्से से कहा
“आई ऍम सॉरी सर लेकिन भरत सर झूठ बोल रहे है , मैंने इन्हे मना किया था”,प्रवीण ने कहा
“इन्होने मुझे मना किया था कि मैंने ये बात आपसे ना कहू , इन्होने तो मुझसे ये तक कहा कि ये अकाउंट्स में हेर फेर करके मिस्टर चौधरी का अकाउंट क्लियर भी कर देंगे”,भरत ने कहा
“कमीने ! सर ये झूठ बोल रहा है , मैंने इस से ऐसा कुछ नहीं कहा,,,,,,,,,,,,मैं खुद इनसे बात करने गया था और इन्हे बताया भी कि चौधरी सर का चेक क्लियर नहीं हुआ है और उन्हें अब कोई माल नहीं देना,,,,,,,,,,,,,,ये ये मुझे फ़साना चाहता है सर”,प्रवीण बोखला उठा
“सर मैंने तो ये तक सुना है कि इसके लिए इन्होने मिस्टर चौधरी से पैसे भी लिए है , अगर आपको मेरी बात पर यकीन नहीं है तो एक बार इसके केबिन को चेक कीजिये अभी सच सामने आ जायेगा”,भरत ने कहा
“ये सब झूठ है ! ये घटिया आदमी मुझे फ़साना चाहता है सर,,,,,,,,,,!!!”,प्रवीण ने कहा
“इनफ इज इनफ प्रवीण,,,,,,,,,,,,,,सच क्या है ये अभी पता चल जायेगा”,कहकर मिस्टर देसाई वहा से निकल गए और बाकि सब भी उनके पीछे बाहर चले आये। प्रवीण को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि एकदम से ये उसके साथ क्या हुआ ? लीगल हेड जैसे ही वहा से जाने लगा प्रवीण ने उसे रोककर कहा,”सर ! मैंने आपको जो पेन ड्राइव दी थी वो कहा है ?”
“क्या मतलब प्रवीण ? तुमने मुझे जो पेन ड्राइव दिया वो कुछ देर पहले ही मैंने तुम्हे दी है”,हेड ने कहा
“नहीं ये वो पेन ड्राइव नहीं है , आपने आपने उसे बदल दिया है ,, सच बताईये क्या अपने उसे बदल दिया है ?”,प्रवीण चिल्लाया
हेड ने प्रवीण का गाल थपथपाया और मुस्कुरा कर कहा,”तुम्हारा वक्त खत्म हुआ प्रवीण,,,,,,,,,,,,!!!”
प्रवीण ने सुना तो हक्का बक्का रह गया और उसका दिल धड़कने लगा। लीगल हेड जिसे वह अपना दोस्त मानता था वह भी भरत के साथ मिला हुआ है ये जानकर प्रवीण को एक धक्का लगा।
सिरोही , राजस्थान
सिद्धार्थ से गुस्सा होकर सुरभि ने उसे ऑटो से नीचे उतार दिया और खुद ऑटो में बैठकर आगे बढ़ गयी। ऑटो अभी कुछ ही दूर चला होगा कि सुरभि को सिद्धार्थ की कही बात याद आयी “पूरी दुनिया में क्या एक ही माथुर है ? उसने सही बोला तुमने सुनने में गड़बड़ की , जिस माथुर साहब के लड़के की कल शाम सगाई थी वो मेरा कजिन है मेरे बड़े पापा का लड़का,,,,,,,,,,हम सब वही थे इसलिए मैं बिजी था और तुम , तुम क्या गधी हो ? किसी ने कुछ बोला और तुमने बिना दिमाग लगाए कुछ भी सोच लिया”
सिद्धार्थ की बात याद आते ही सुरभि को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने कहा,”भैया ऑटो रोकिये”
“क्या ?”,ऑटोवाले ने चौंककर पूछा क्योकि सुरभि जबसे ऑटो में बैठी थी वह बेचारा कभी रुक रहा था कभी चल रहा था
“मैंने कहा ऑटो रोको”,सुरभि ने कहा
ऑटोवाले ने ऑटो साइड में रोक दिया। सुरभि जल्दी से नीचे उतरी और ऑटोवाले को पैसे देकर वापस पीछे भागी जैसे उसे यकीन हो कि सिद्धार्थ वही खड़ा होगा और हुआ भी वही सिद्धार्थ परेशान सा उदास सा वही खड़ा था।
सुरभि भागते हुए आयी और उसके सामने आकर हांफते हुए कहा,”ऑटो में क्या कहा तुमने मुझसे ?”
“यही की तुम मुझे इग्नोर क्यों कर रही हो ?”,सिद्धार्थ ने कहा
“नहीं उसके बाद क्या कहा ? जब तुमने मुझे गधी कहा था”,सुरभि ने झुंझलाकर कहा
“तो तुम क्या वापस मुझसे उसका बदला लेने आयी हो ?”,सिद्धार्थ ने चौंककर कहा
“नहीं ! तुमने मुझे क्या कहा वो कल माथुर साहब , सगाई वो सब क्या था वो बोलो”,सुरभि ने इस बार थोड़ा गुस्से से कहा
“जिस माथुर साहब के लड़के की कल शाम सगाई थी वो मेरा कजिन है मेरे बड़े पापा का लड़का,,,,,,,,,,हम सब वही थे इसलिए मैं बिजी था”,सिद्धार्थ ने धीरे से कहा क्योकि वह डर रहा था पता नहीं फिर सुरभि कब किस बात पर उस पर चिल्ला दे
“मतलब कल शाम में सगाई तुम्हारे कजिन की थी तुम्हारी नहीं ?”,सुरभि ने अपनी आँखों को बड़ा करके कहा
“हाँ और मुझसे कौन सगाई करेगी ?”,सिद्धार्थ ने कहा
“ओह्ह्ह्ह माय बेड मैंने सोचा कि,,,,,,,,,,,!!!”,सुरभि ने इतना ही कहा कि इस बार सिद्धार्थ भड़क गया और सुरभि को अपनी चार उंगलिया दिखाकर कहा,”तुमने सोचा ! क्या सोचा तुमने ? भगवान् ने दिमाग दिया है तो क्या कुछ भी सोचोगी ? कुछ भी सोचने से पहले तुम अपना दिमाग इस्तेमाल क्यों नहीं करती ? किसी ने बोल दिया और तुमने मान लिया,,,,,,,,और मैं अगर सगाई करता तो तुम्हे बताता नहीं क्या ?”
सिद्धार्थ को भड़का देखकर सुरभि ने धीरे से कहा,”वो मुझे लगा जैसे अनिकेत ने मुझे बिना बताये अपने लिए लड़की पसंद कर ली वैसे ही तुमने भी,,,,,,,,,,,,!!!”
“वो तुम्हारा बॉयफ्रेंड था और तुम मुझे उस से क्यों कम्पेयर कर रही हो ? एक लड़के ने तुम्हे धोखा दिया तो क्या इसका मतलब ये हो गया कि दुनिया के सारे लड़के खराब है ?”,सिद्धार्थ ने गुस्से से कहा आज पहली बार उसे सुरभि पर गुस्सा आ रहा था
“सारे नहीं एक लड़का बहुत अच्छा है और वो है पृथ्वी,,,,,,,,,,,,,समझे”,सुरभि ने मुँह बनाकर कहा
“हाँ हाँ वो बहुत अच्छा है , उसकी किस्मत अच्छी है उसे अवनि मिल गयी मुझे नहीं मिली तो क्या मैं गलत लड़का हो गया ? मानता हूँ पहले कुछ गलतिया की है मैंने पर मैंने अवनि को कभी धोखा नहीं दिया,,,,,,,,,,,अवनि क्या मैंने कभी किसी लड़की को धोखा नहीं दिया”,सिद्धार्थ ने मायूस होकर कहा
सुरभि भला सिद्धार्थ से कहा दबने वाली थी उसने भी गुस्से से कहा,”मेरी क्या गलती है ? तुम्हारी पड़ोसन ने मुझसे कहा कि तुम सब सगाई में गए हो,,,,,,,,,,,!!!”
“उसने कहा और तुमने मान लिया , पूछा क्यों नहीं किसकी सगाई ? बस खुद से दिमाग लगाया और कल से सड़कर बैठी हो मुझसे ,, कितने फोन किये मैंने तुम्हे कितने मैसेज किये एक का भी जवाब नहीं और अभी भी मुँह फेरकर जा रही हो,,,,,,,,,,,,,,ठीक है जाओ”,सिद्धार्थ ने कहा
सुरभि ने सुना तो और चिढ गयी उसने अपना पैर जोर से सिद्धार्थ के पैर पर मारा और कहा,”जा ही रही थी , लेकिन गधी हूँ ना इसलिए वापस आयी पर तुम उस लायक हो ही नहीं,,,,,,,,,,,,भाड़ में जाओ तुम”
सिद्धार्थ से फिर झगड़ा करके सुरभि वहा से चली गयी ! सिद्धार्थ ने एक गहरी साँस ली और अगले ही पल सुरभि को रोकने उसके पीछे चल पड़ा क्योकि उसे थोड़ी देर से समझ आया कि लड़की जब गुस्सा हो तो उसे प्यार से मनाया जाता है चिल्लाकर नहीं,,,,,,,,,,,,,,,!!!
Fiesta Beach Resort , गोवा
सुबह के 10 बज रहे थे , पृथ्वी की बाँहो में सिमटी , उसके सीने में अपना मुँह छुपाये अवनि गहरी नींद में सो रही थी। देर रात चलते तमाशे के बाद पृथ्वी भी अभी तक सो रहा था। टेबल पर रखा फोन वाइब्रेट हुआ तो पृथ्वी की आँख खुली और उसने फोन उठाकर देखा। स्क्रीन पर नकुल का नंबर देखकर पृथ्वी ने फोन उठाया और कान से लगाकर उन्मांद भरे स्वर में कहा,”हेलो,,,,,,,,इतनी सुबह फोन क्यों किया है तुमने ?”
“इतनी सुबह ? लगता है रात में कुछ ज्यादा ही पी ली तुमने , टाइम देखो 10 बजे रहे है और तुम अभी तक सो रहे हो,,,,,,,,,,,लगता है रातभर जाग रहे थे”,नकुल ने शरारत से कहा
पृथ्वी ने सुना तो उसे याद आया कि वह रातभर जाग तो रहा था लेकिन किन हालातो में ये बात वह नकुल को नहीं बता सकता था उसने कहा,”वो सब छोडो ये बताओ मुझे फोन क्यों किया है ?”
“अरे वो तुमने मुझे कल शाम एक ज़िप फाइल भेजा था ना उसकी सारी डिटेल्स मैंने क्लियर कर दी है,,,,,,,,,,,!!!”,नकुल ने कहा
पृथ्वी ने सुना तो उसकी आँखे खुल गयी और उसने कहा,”उसे मुझे फॉरवर्ड करो”
“कर देता हूँ लेकिन यार तू वहा अपने हनीमून पर गया है , अवनि के साथ क़्वालिटी टाइम बिताने की जगह ये सब क्या कर रहा है ? तू गोआ में ऑफिस का काम कर रहा है सीरियसली ?”,नकुल ने हैरानी से पूछा
“ऑफिस का नहीं है ये मेरा पर्सनल काम है , मुझे फॉरवर्ड करो और अब मुझे डिस्टर्ब नहीं करना”,पृथ्वी ने कहा
“क्यों,,,,!!!”,नकुल ने इतना ही कहा तभी उसके कानो में अवनि की आवाज पड़ी जो कि नींद में पृथ्वी से कह रही थी,”मत जाओ मेरे पास रहो” ये सुनकर नकुल ने कहा,”अच्छा अच्छा समझ गया,,,,,चल बाय मैं रखता हूँ”
कहकर नकुल ने फोन काट दिया। पृथ्वी का एक हाथ अवनि के सर के नीचे था और दूसरे से उसने फोन साइड में रखा। अवनि के बाल बिखकर उसकी आँखों और गालों पर आ रहे थे। पृथ्वी ने धीरे से उन्हें हटाया।
अवनि उसके करीब थी बहुत करीब , वह प्यार से उसके चेहरे को देखता रहा और अवनि नींद में फिर बड़बड़ाई,”मत जाओ , मेरे पास रहो”
पृथ्वी ने सुना तो दूसरे हाथ से अवनि को अपने करीब किया और बाँहो में भरकर अपने होंठो से उसके ललाट को छुआ और धीरे से बुदबुदाया,”मैं कही नहीं जा रहा , तुम्हारे पास ही हूँ”
अवनि के चेहरे पर सुकून और शांति के भाव थे और पृथ्वी की आँखों में थी उसके लिए बेइंतहा मोहब्बत,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!!
( क्या लीगल हेड ने प्रवीण को धोखा देकर मिला लिया है भरत से हाथ ? क्या सिद्धार्थ और सुरभि मे हो पायेगी सुलह या सिरोही वाले देखेंगे तमाशा ? आखिर नकुल किस जीप फाइल की बात कर रहा है ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत सीजन 5” मेरे साथ )
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Continue With Pasandida Aurat Season 3 – 20
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संजना किरोड़ीवाल


Pta tha ki Praveen k sath yahi hoga…legal team ka head usko dhoka dega… lakin yeh sab Praveen ko nhi pta tha na aur usse yeh pta sab Bhart se mil jayenge…ab to gai Praveen ki naukri…Bhart ka bhi time aayega…lakin sare paap krne k baad…aur idhar Surbhi ki galatfahmi kuch to door hui hai…ab wo fir se Siddarth k sath hogi…gud…lakin wo iss bare m Avni ko kaise batayegi…aur Prithvi to usse fir se gussa hoga…lakin abhi to Prithvi ko Avni pe pyar aa rha hai… mujhe to next part m Avni ko padhna hai…uska reaction dekhna hai.