Pasandida Aurat Season 3 – 3

Pasandida Aurat Season 3 – 3

Pasandida Aurat Season 3
Pasandida Aurat Season 3 by Sanjana Kirodiwal

पृथ्वी के बिना जयदीप को अपना ऑफिस सुना सुना लग रहा था। वह पृथ्वी को बहुत मिस कर रहा था। अपने केबिन में बैठा जयदीप पृथ्वी के बारे में सोच रहा। पृथ्वी के घरवालों ने अवनि को पुरे दिल से अपना लिया लेकिन पृथ्वी ने नौकरी छोड़ दी है इस बारे में सोचकर जयदीप  परेशान था। इतनी जल्दी पृथ्वी को दूसरी नौकरी भी नहीं मिलेगी यही सब बाते जयदीप को अंदर ही अंदर खाये जा रही थी। जयदीप अपनी सोच में गुम था कि तभी उसका फोन बजा , जयदीप ने फोन देखा स्क्रीन पर रीना का नाम देखकर जयदीप ने फोन उठाया और कान से लगाकर कहा,”हाँ रीना ! कहो कैसे फोन किया ?”

“जय ! तुमने पृथ्वी और अवनि को आज शाम घर आने के लिए इन्वाइट किया ना ?”,रीना ने पूछा
“कैसा इन्वाइट ?”,जयदीप ने पूछा
“जय ! तुम भूल गए ना , अवनि और पृथ्वी अपनी पगफेरे की रस्म के लिए आज हमारे घर आने वाले है ! तुमने अवनि को अपनी छोटी बहन माना है उस हिसाब से अब ये उसका मायका हुआ ना और शादी के बाद लड़किया पगफेरे के लिए अपने मायके जाती है।”,रीना ने कहा
“अरे हाँ ! ऑफिस आकर काम में थोड़ा बिजी हो गया था ! मैं अभी पृथ्वी को फोन करके शाम में आने के लिए कह देता हूँ”,जयदीप ने कहा

“सिर्फ पृथ्वी को ही नहीं अवनि को भी और हाँ आज घर थोड़ा जल्दी आ जाना”,रीना ने कहा
“ठीक है मैं कोशिश करूंगा जल्दी निकलने की , अब मैं फोन रखता हूँ”,जयदीप ने कहा और फोन काट दिया।
रीना से बात करने के बाद जयदीप ने पृथ्वी का नंबर डॉयल किया और फोन कान से लगा लिया। एक दो रिंग के बाद पृथ्वी ने फोन उठाया और कहा,”हेलो,,,,,,!!!”
“हेलो पृथ्वी ! क्या कर रहे हो ?”,जयदीप ने पूछा
“वही जो लोग अक्सर शादी के बाद करते है”,पृथ्वी ने कहा

“ओह्ह्ह मतलब तुम्हारा रोमांस अभी तक खत्म नहीं हुआ”,जयदीप ने मुस्कुरा कर कहा
“रोमांस ? घर की सफाई करना कब से रोमांटिक होने लगा ?”,पृथ्वी ने चौंककर कहा
 “क्या ? तुम्हारे कहने का मतलब , तुम घर की सफाई कर रहे हो ?”,जयदीप ने चौंककर कहा क्योकि वह तो कुछ और ही समझ रहा था।

“मेरा मतलब छोड़िये और ये बताईये आपने मुझे फोन क्यों किया है ?”,पृथ्वी ने कहा
“मैं और रीना चाहते है आज शाम तुम और अवनि अपने पगफेरे की रस्म के लिए मेरे घर आओ”,जयदीप ने कहा
“पगफेरे की रस्म ? आना जरुरी है क्या ?”,पृथ्वी ने कहा

“हाँ बहुत जरुरी है ! अवनि मेरी छोटी बहन है और मेरा घर उसका मायका इसलिए तुम चुपचाप उसे लेकर शाम में घर आ रहे हो मैं कोई बहाना नहीं सुनूंगा,,,,,,,,आस पास अवनि है तो उसे फोन दो”,जयदीप ने कड़क स्वर में कहा
“जी मालिक,,,,,,,,,,,!!!”,कहकर पृथ्वी ने फोन अवनि की तरफ बढ़ा दिया और बात करने का इशारा किया
“हेलो”,अवनि ने धीरे से कहा
“हेलो अवनि ! कैसी हो बेटा ?”,जयदीप ने बड़े प्यार से कहा  
“मैं ठीक हूँ आप कैसे है ?”,अवनि ने पूछा

“मैं भी ठीक हूँ , अच्छा सुनो आज शाम तुम्हे और पृथ्वी को मेरे घर आना है,,,,,,!!”,जयदीप ने कहा
“आपके घर ? आप एक बार इनसे कह दीजिये”,अवनि ने कहा
“हाँ फोन दो उसे”,जयदीप ने कहा तो अवनि ने फोन पृथ्वी की तरफ बढ़ा दिया। पृथ्वी ने फोन लिया तो दूसरी तरफ से जयदीप ने थोड़ा नरम स्वर में कहा,”पृथ्वी अवनि से मेरी बात हो चुकी है शाम में तुम दोनों घर आ रहे हो ठीक है”

“ठीक है ! हम आ जायेंगे”,पृथ्वी ने कहा
जयदीप ने कुछ देर पृथ्वी से बात की और फिर फोन रख दिया।
अवनि ने देखा घर साफ हो चुका है बस कुछ छोटे मोटे काम बचे है तो उसने पृथ्वी से कहा,”आप नहा लीजिये तब तक मैं आपके लिए कुछ खाने को बना देती हूँ”
“हम्म्म ठीक है”,पृथ्वी ने कहा और कमरे की तरफ चला गया। अवनि भी दूसरे कामो में लग गयी।

पृथ्वी ने कपडे लिए और नहाने के लिए बाथरूम में चला गया। उसने कपडे रेंक पर टाँग दिए और खुद शीशे के सामने आकर ब्रश करने लगा। पृथ्वी शीशे में खुद को देखते हुए ब्रश कर ही रहा था कि तभी उसके कानो में एक जानी पहचानी आवाज पड़ी,”हाह ! बेचारे की क्या किस्मत है , दो बार शादी करके भी अभी तक सुहागरात नहीं मना पाया,,,,,,,,,,,!!!”

पृथ्वी ने अपने दांयी तरफ देखा , हाथ में टूथब्रश पकडे उसका दिमाग अपने दाँत घिस रहा था। पृथ्वी अपने दिमाग से कुछ कहता इस से पहले एक और आवाज उसके कानों में पड़ी,”इसमें बेचारा होने की क्या बात है ? ये तो बस अवनि की भावनाओ का सम्मान करता है”
पृथ्वी ने अपने बाँयी तरफ देखा तो पाया उसका दिल अपने हाथो में फेस वाश निकाल रहा है
“कोई गधा ही होगा जो इतनी सुंदर बीवी होने के बाद भी उस से दूर रहता है”,दिमाग ने झाग थूककर कहा और पृथ्वी की गर्दन एक बार फिर दांयी तरफ घूम गयी

“सब तुम्हारी तरह ठरकी नहीं होते , इसका प्यार हवस नहीं बल्कि एक अहसास है”,दिल ने अपने मुँह पर फेसवाश मलते हुए कहा तो पृथ्वी की गर्दन बांयी ओर घूम गयी
“हवस नहीं इसे प्यार कहते है और ये अहसास भी तब महसूस होता है जब दोनों एक दूसरे के करीब आये”,दिमाग ने अपना ब्रश फेंककर कहा

दिल आपने मुँह धो चुका था इसलिए दिमाग की तरफ पलटकर मुँह पोछते हुए पृथ्वी से कहा,”ए पृथ्वी ! तुम इस खटारा दिमाग की बातो में नहीं आना , तुम अवनि से प्यार करते हो इसलिए दोनों के एक होने का इंतजार करो”  
“आधी उम्र निकल चुकी है इसकी इंतजार करते करते अब क्या बुढ़ापे तक करे ?”,दिमाग ने दिल को फटकार लगाई और फिर पृथ्वी से कहा,”ए पृथ्वी ! तुम इसकी बात मत सुनो , तुम्हारे पास अच्छा मौका है”
“कैसा मौका ?”,पृथ्वी ने हैरानी से कहा

“अवनि के सामने ये दिखाने का तुम कितने रोमांटिक हो”,दिमाग ने खुश होकर कहा
“अवनि को पता है ये रोमांटिक है अब क्या दिल चीरकर दिखाए”,दिल ने भड़ककर कहा  
“काश ऐसा हो पाता तो तुम्हारा किस्सा ही ख़त्म हो जाता और तुम हर बार मेरे मामले में टाँग नहीं अड़ाते”,दिमाग ने शब्दों को चबाकर कहा
पृथ्वी ने आज पहली बार अपने दिल पर ध्यान नहीं दिया और दिमाग की तरफ पलटकर कहा,”मुझे क्या करना चाहिए ?”

“लो इतनी अच्छी जगह खड़े हो और पूछ रहे हो क्या करना चाहिए ? बाथरूम है , शॉवर है , तुम हो और अवनि भी होगी तो तुम समझ जाओ,,,,,,,,,,,,,मुझे आगे बोलने में शर्म आ रही है”,दिमाग ने अपने शर्ट का कोलर अपने मुँह में दबाकर कहा
“इसे उलटी पट्टी पढ़ाते हुए शर्म नहीं आ रही तुम्हे ?”,दिल ने कहा
दिल की बात सुनकर दिमाग ने मुँह बना लिया वह दिल के मुँह लगना ही नहीं चाहता था।

ब्रश हाथ में पकडे पृथ्वी सोच में पड़ गया तो दिमाग ने कहा,”अबे सोच क्या रहे हो , टॉवल देने के बहाने अवनि को बुलाओ और जैसे ही वह टॉवल दे उसका हाथ पकड़कर उसे अंदर खींच लो,,,,,,,,,,बस उसके बाद माहौल अपने आप बन जाएगा”

दिल ने सुना तो घबराकर कहा,”नहीं नहीं पृथ्वी ऐसा कुछ मत करना उसे बुरा भी लग सकता है”
“क्यों बुरा लगेगा ? पृथ्वी उसका पति है , दोनों एक दूसरे से प्यार करते है ऐसे में एक दूसरे के करीब आ जाये तो क्या खराबी है ? ऐसे तो बढ़ गया उपाध्याय खानदान का वंश आगे”,दिमाग ने उखड़े स्वर में कहा

पृथ्वी ने अपना हाथ अपने मुँह से लगाकर दिल को दिखाया और कहा,”ए क्या कुछ बोल रहे हो तुम ?”
“हाँ कुछ भी बोलता है ये , तुम इसकी बात मत मानना”,दिल ने कहा
“क्या खराबी है मेरी बात मानने में ?”,दिमाग ने पृथ्वी की खुजाकर नजाकत से कहा

“वैसे इसने इतना गलत भी नहीं कहा”,पृथ्वी ने पहली बार दिमाग की साइड लेकर कहा
“ओह्ह्ह पृथ्वी तुम इसकी बात मत मानो , ये तुम्हे फंसा देगा”,दिल ने मायूस होकर कहा
“मैं तो चाहता हूँ तुम आज यहाँ अवनि के साथ फंस जाओ”,पृथ्वी की बाँह से चिपके दिल ने शरारत भरे स्वर में कहा  
दिमाग की बात सुनकर पृथ्वी को एक अजीब सी ख़ुशी का अहसास हुआ। उसने ब्रश किया और ब्रश को धोकर स्टेण्ड में रख दिया।
दिल ने देखा सीधा सादा पृथ्वी दिमाग की बातों में आ चुका है तो मायूस हो गया। दिल को मायूस देखकर दिमाग उसके पास आया और गाना गाते हुए आगे बढ़ गया
“भीगे होंठ तेरे , प्यासा दिल मेरा,,,,,,,,,,,,,!!”

दिल ने सुना तो गुस्से से दिमाग को देखा और दिमाग मुस्कुराते हुए गायब हो गया , दिमाग गया तो दिल को भी जाना पड़ा और पृथ्वी अवनि के बारे में सोचकर मुस्कुराने लगा। उसने एक दो गहरी साँस ली और फिर बाथरूम का दरवाजा थोड़ा सा खोलकर अवनि को आवाज दी,”अवनि ! जरा मेरा टॉवल तो देना”
अवनि हॉल में थी और सोफे के कवर बदल रही थी उसने पृथ्वी की आवाज सुनी तो कमरे में आयी और कहा,”क्या हुआ पृथ्वी , तुम्हे कुछ चाहिए ?”

“हाँ वो बेड पर मेरा टॉवल पड़ा होगा वो देना जरा”,पृथ्वी ने बाथरूम के अंदर से हाथ बाहर निकालकर कहा
अवनि ने बिस्तर पर पड़े टॉवल को उठाया और पृथ्वी की तरफ बढ़ा दिया।

अब जैसा पृथ्वी के दिमाग ने कहा था पृथ्वी ने टॉवल के साथ साथ अवनि का हाथ भी पकड़ लिया और उसे अंदर खींच लिया। अवनि ने हैरानी से पृथ्वी को देखा उसे पृथ्वी से इस हरकत की उम्मीद नहीं थी अगले ही पल अवनि ने देखा कि पृथ्वी ने पुरे कपडे पहने है और वह बिल्कुल सूखा है तो उसने कहा,”आप अभी तक नहाये नहीं ?”
“मैंने सोचा क्यों ना आज हम साथ में नहाये ?”,पृथ्वी ने शरारत भरे स्वर में कहा

“छी ! साथ में क्यों नहाना है ? और मैं पहले ही नहा चुकी हूँ,,,,,,,,,,,तुम खामखा पानी बर्बाद करना क्यों चाहते हो ?”,अवनि ने कहा
“अह्ह्ह्ह ! अनरोमांटिक लड़की , इसको पानी की फ़िक्र है मेरी फीलिंग्स की नहीं,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने मन ही मन खुद से कहा

“पृथ्वी ! मैं आपसे बात कर रही हूँ”,अवनि ने अपना हाथ पृथ्वी के सामने हिलाकर कहा
पृथ्वी की तंद्रा टूटी , अवनि उसके सामने थी ऐसे में वह उसे बाहर तो कैसे जाने देता ? उसने अवनि की कमर पर हाथ रखकर उसे अपने करीब किया और उसकी आँखों में देखकर कहा,”तुम इतनी अनरोमांटिक कैसे हो सकती हो ?”
“पृथ्वी क्या कर रहे हो छोडो,,,,,,,,,कोई आ जायेगा”,अवनि ने कहा

“हमारा घर है अवनि यहाँ हमारे अलावा कौन आएगा ?”,कहते हुए पृथ्वी ने शॉवर का बटन चालू कर दिया और पानी गिरने लगा। अवनि सुबह नहा चुकी थी एक बार फिर भीग गयी। पृथ्वी की मजबूत बाँह उसकी कमर से लिपटी थी अवनि उस से दूर भी नहीं जा पा रही थी। पृथ्वी की आँखों में उसे शरारत साफ़ नजर आ रही थी और शर्म भी आ रही थी। हर गुजरने वाले दिन के साथ पृथ्वी कुछ ज्यादा ही रोमांटिक होते जा रहा था।
पानी अवनि के बालों से होकर उसके चेहरे पर बहने लगा , उसके गुलाबी होंठो और भी खूबसूरत नजर आ रहे थे।

पृथ्वी की नजर एक बार फिर अवनि के होंठो पर ठहर गयी। उसने अवनि की कमर को अपनी बाँह से आजाद किया और जैसे ही अवनि के करीब जाने लगा अवनि ने पृथ्वी को धीरे से पीछे धक्का दिया और वहा से चली गयी।
पृथ्वी समझ गया कि ये अवनि का गुस्सा नहीं बल्कि उसकी शर्म थी। उसने मुस्कुराते हुए अपना चेहरा ऊपर उठाया और शॉवर का पानी उसके चेहरे पर आकर गिरने लगा। पृथ्वी नहाकर बाथरूम से बाहर आया। आज उसे कही जाना नहीं था वह पूरा दिन घर में ही था इसलिए उसने सफ़ेद टीशर्ट और ग्रे ट्राउसर पहन लिया। उसने अपने बाल बनाये और कमरे से बाहर चला आया।

हॉल में आकर पृथ्वी ने किचन में झाँककर देखा अवनि कपडे बदलकर किचन में काम कर रही थी। पृथ्वी सोफे पर आ बैठा और अपना फोन देखा। अंकित के कुछ मैसेज थे , ऑफिस से भी कुछ लोगो के मैसेज थे और सब उस से अचानक नौकरी छोड़कर जाने की बात कर रहे थे। पृथ्वी ने किसी के मैसेज का जवाब नहीं दिया और तभी उसकी नजर पड़ी एक मैसेज पर जिसमे लिखा था “क्या हम मिल सकते है ?”
पृथ्वी के चेहरे पर चिंता के भाव उभर आये आखिर ये कौन शख्स था जो पृथ्वी से मिलना चाहता था , पृथ्वी ने जवाब में लिखकर भेजा “कल शाम 5 बजे , ओरियन मॉल”

“पृथ्वी ,नाश्ता”,अवनि की आवाज पृथ्वी के कानों में पड़ी। पृथ्वी ने फोन बंद किया और साइड में रखकर कहा,”तुम्हारी प्लेट कहा है ?”
“मैं बाद में खा लुंगी”,अवनि ने कहा
“यहाँ बैठो”,पृथ्वी ने टेबल पर रखे सामान को साइड करके अवनि से अपने सामने बैठने का इशारा किया
अवनि चुपचाप पृथ्वी के सामने आ बैठी तो पृथ्वी ने एक निवाला तोडा और अवनि की तरफ बढ़ा दिया। अवनि ने ख़ामोशी से निवाला खा लिया। पृथ्वी ने दूसरा निवाला भी अवनि की तरफ बढ़ा दिया तो अवनि ने कहा,”आप खाइये”

अवनि को चुपचुप देखकर पृथ्वी ने कहा,”अवनि ! तुम मुझसे नाराज हो ?”
अवनि ने पृथ्वी की तरफ देखा और ना में गर्दन हिला दी तो पृथ्वी ने कहा,”तो फिर इतना चुप चुप क्यों हो , मुझसे कोई गलती हुई क्या ?”
अवनि ने देखा उसके उदास होने की वजह से पृथ्वी भी उदास हो गया है तो उसने एक निवाला तोडा और पृथ्वी की तरफ बढाकर कहा,”आपसे कोई गलती नहीं हुई पृथ्वी बल्कि मुझे खुद से ही शिकायत है , मैं ही आपकी भावनाये नहीं समझ पा रही और हर बार आपको खुद से दूर,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!!!”

“शशशशश ! ऐसा कुछ नहीं है , मैं तुम्हे जान बूझकर तंग करता रहता हूँ,,,,,,,,,,और मुझे समझने के लिए तुम्हारे पास पूरी जिंदगी पड़ी है अवनि , मुझे कोई जल्दी नहीं है। तुम मेरे साथ हो , मेरे सामने हो मेरे लिए इतना काफी है,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने अवनि की बात बीच में काटकर कहा
अवनि ने नजरे उठाकर पृथ्वी को देखा और मन ही मन सोचने लगी आखिर एक मर्द में इतना सब्र कैसे हो सकता है ? अवनि को खोया देखकर पृथ्वी ने छेड़ने के लिए कहा,”वैसे तुम चाहो तो हम कभी कभी साथ में नहा सकते है”

अवनि ने सुना तो पृथ्वी को घुरा और कहा,”आपको नहीं लगता आप कुछ ज्यादा ही बेशर्म हो गए है”
“तुम्हे देखकर हो जाता हूँ वरना मैं बहुत शरीफ लड़का हूँ”,पृथ्वी ने मासूम बनते हुए कहा  
“हाँ देखी है आपकी शराफत”,कहकर अवनि उठी और जैसे ही जाने लगी पृथ्वी ने हाथ पकड़कर उसे अपनी गोद में बैठा लिया और प्लेट अवनि के हाथ में थमाकर कहा,”चलो खिलाओ मुझे”

अवनि ने देखा पृथ्वी कभी कभी बिल्कुल बच्चो सी जिद करता था। वह मुस्कुराई और पृथ्वी को अपने हाथ से निवाले खिलाने लगी। जितने प्यार से अवनि उसे निवाले खिलाती पृथ्वी उतने ही प्यार से खाता।
“शादी के बाद थोड़ी मोटी हो गयी हो”,पृथ्वी ने अवनि को छेड़ने के लिए कहा तो अवनि मुँह बनाकर उठने लगी और पृथ्वी ने उसे वापस बैठाकर कहा,”अरे बाबा ! मजाक कर रहा हूँ,,,,,,,,,!!!”
कहते हुए उसने अपनी बाँहे अवनि की कमर के चारों ओर लपेट ली ये देखकर अवनि ने कहा,”और अगर मैं सच में मोटी हो गयी तो ?”

“तब भी मैं तुम से इतना ही प्यार करूंगा,,,,,,,,,,,अह्ह्ह नहीं इस से भी ज्यादा”,पृथ्वी ने अपना सर अवनि की बाँह से लगाकर कहा
“और अगर कभी आपका मुझसे मन भर गया तो ?”,अवनि ने कहा
“ऐसा कभी नहीं होगा,,,,,,मैं हर रोज तुम से प्यार करने की कोई एक वजह ढूंढ लूंगा”,पृथ्वी ने अपना सर अवनि की बाँह से लगाए कहा  
अवनि ने सुना तो उसके दिल को एक ख़ुशी महूसस हुई और उसने कहा,”मुझसे इतनी मोहब्बत मत कीजिये पृथ्वी कि मैं आपके बिना ना रह पाऊ”

पृथ्वी ने सुना तो अपना सर उठाकर अवनि की आँखों में देखा और सर्द आवाज में कहा,”हम हमेशा साथ रहेंगे अवनि”
अवनि ने सुना तो ना जाने क्यों उसकी आँखों में नमी उभर आयी लेकिन ये आँसू पहली बार ख़ुशी के आँसू थे।  

( क्या अवनि और पृथ्वी जायेंगे पगफेरे की रस्म के लिए जयदीप के घर ? आखिर वो कौन है जो पृथ्वी से मिलना चाहता है ? क्या अवनि और पृथ्वी रहेंगे हमेशा साथ या आगे जाकर हो जायेंगे एक दूसरे से अलग ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” सीजन 2 मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल 

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Pasandida Aurat Season 3 by Sanjana Kirodiwal
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