Sakinama – 11 Sakinama – 11 राघव और मैं हमारे आने वाले कल की बातें करते हुए कुछ देर वही बैठे रहे। राघव का उपवास था और सुबह से उसने कुछ खाया नहीं था इसलिये हम वहा से निकल गए। मंदिर...
Sakinama – 10 एक दोपहर राघव ने बताया कि वह अपनी मम्मी के साथ राजस्थान आ रहा है। मैंने जैसे ही सूना ख़ुशी से मेरा चेहरा खिल उठा। उसने बताया कि उसके मामाजी की तबियत खराब है उन्ही से मिलने मम्मी...
Pakizah – 50 पाकीजा का खत पढ़कर रूद्र की आँखों से आंसू बहने लगे l खत में लिखा था “प्रिय रूद्र जी !!आज जो कुछ भी हुआ उसकी वजह सिर्फ और सिर्फ हम है l अगर हम आपकी जिंदगी में ना...
Sakinama – 9 देखते ही देखते एक महीना गुजर गया और इस बीच राघव से मेरी बातें होती रही। इस एक महीने में हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से जानने-समझने लगे थे। जून महीने का आखरी हफ्ता चल रहा था।...
Pakizah – 49 Pakizah – 49 पाकीजा को साड़ी थमाकर भावना वहा से चली गयी l पाकीजा सीधी थी इसलिए उसने भावना की बात मान ली लेकिन भावना के मन में क्या चल रहा था ये सिर्फ भावना जानती थी l...