Pasandida Aurat – 108 पनवेल , मुंबईअपनी सोसायटी के फुटपाथ पर खड़े पृथ्वी ने कुछ ऐसा सुना कि उसके हाथ से फोन नीचे जा गिरा और बंद हो गया। उसका दिल तेजी से धड़क रहा था और आँखों के सामने अवनि...
Pasandida Aurat – 105 मयंक की जगह अर्थी को कंधा देने वाला सख्स कोई और नहीं बल्कि पृथ्वी था। हॉस्पिटल में बैठी सुरभि ने उस वक्त पृथ्वी को ही मैसेज किया था और जैसे ही पृथ्वी को विश्वास जी के गुजर...
Pasandida Aurat – 104 विश्वास जी अब इस दुनिया में नहीं रहे , वे अवनि को हमेशा के लिए अनाथ करके जा चुके थे। अवनि फटी आँखों से विश्वास जी को देखते रही ना वह रो पायी ना ही कुछ बोल...
Pasandida Aurat – 103 सिद्धार्थ अवनि को लेकर अपनी गाड़ी में आ बैठा। उसने अपना सीट बेल्ट लगाया और देखा बगल में बैठी अवनि परेशान सी अपनी उंगलिया तोड़ मरोड़ रही है। अपने पापा को लेकर अवनि बहुत घबराई हुई थी...
Pasandida Aurat – 102 अपने कमरे की बालकनी में खड़ी अवनि अवाक् सी सामने खड़े पृथ्वी को देखे जा रही थी। आसमान में चमकती रौशनी में उसे पृथ्वी का चेहरा साफ नजर आ रहा था और इसी के साथ उसका दिल...