Love You जिंदगी – 36

Love You Zindagi – 36

Love you Zindagi
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अवि , रुचिका , शीतल और सार्थक बैठकर कॉफी पी रहे थे ! नैना चाय का कप हाथ में थामे कभी चाय को तो कभी अवि को देखती अवि ने जब नैना की और देखा तो नैना ने मन ही मन कहा,”जरुर मुझे अपने वश में करने की प्लानिंग कर रहा है ये बन्दा , पता नहीं क्या मिलाया होगा इस चाय में !” अवि नैना को देखते हुए मन ही मन कहने लगा,”दूध चायपत्ती अदरक और चीनी के साथ ढेर सारा प्यार मिलाया है इसमें !” नैना को चुप बैठा देखकर अवि ने कहा,”पी लो इतनी बुरी भी नहीं बनी है” नैना ने एक घूंठ भरा चाय बहुत अच्छी बनी थी और नैना हैरान थी अवि के हाथ की चाय में वही टेस्ट था जो उसके पापा के हाथो बनी चाय में होता है ! नैना ने अवि की और देखा और कहा,”हम्म्म्म अच्छी है !” “कितनी अच्छी है ?’,अवि ने बड़े प्यार से कहा  नैना जिस से सीधे जवाब की उम्मीद करना बेकार है उसने अवि की और देखकर कहा,”इतनी अच्छी है की तुम चाय की दुकान खोल सकते हो !” नैना ने जैसे ही कहा सार्थक के मुंह में भरी कॉफी हंसी के कारण बाहर आ गिरी ! बेचारा अवि मुंह लटका कर रह गया और नैना चाय का कप लेकर बालकनी की और चली गयी ! अवि ने सार्थक को घुरा तो सार्थक ने अपनी हंसी रोककर कहा,”सॉरी भाई !” “यार शीतल ये तुम्हारी दोस्त ऐसी क्यों है ? सीधे मुंह किसी से बात नहीं करती क्या ?”,अवि ने शीतल से कहा  “पता नहीं , जबसे इस से मिले है तबसे ये ऐसी ही है लेकिन मुझे बहुत पसंद है ! इसका बोलना , बातें करना , हँसना , सबकी परवाह करना सब पसंद है सिवाय इसके मूड स्विंग्स के !”,शीतल ने कहा  “मूड स्विंग्स ?”,अवि ने थोड़ा हैरानी से कहा तो इस बार जवाब रुचिका ने दिया,”मूड स्विंग्स वो भी इतने की पूछो मत , ये लड़की एक पल में खुश अगले पल में गुस्सा , प्यार आएगा तो इतना प्यार दिखाएगी की सामना वाला मर ही जाये और गुस्सा आएगा तो इतना की किसी की खैर नहीं ,, कभी खाने में सब खा लेती है कभी कुछ भी नहीं ,, इसकी पसंद ना हर वक्त बदलती है सिर्फ चाय को छोड़कर , चाय के लिए तो वह कभी ना नहीं कहती उसका मन किया तो आधी रात को भी चाय बनाकर पि लेती है ! “यार इतनी चाय कौन पीता है ?”,अवि ने हैरानी से बालकनी में खड़ी नैना को देखते हुए कहा !  “किसी का पता नहीं लेकिन नैना पीती है पहले पहले मुझे भी अजीब लगता था लेकिन अब अच्छा लगता है , चाय का कप जब उसके हाथो में होता है तो उसका एक अलग ही रूप दिखता है , उसकी आँखों में चमक और चेहरे पर सुकून नजर आता है !!    “चाय की गर्माहट में वो अपने ठंडे पड़े जज्बातो को दबाना चाहती है !”,अवि ने एकदम से अपनी सर्द आवाज में कहा तो शीतल , रुचिका और सार्थक हैरानी से अवि को देखने लगे ! उन्हें अपनी और देखता पाकर अवि ने उठते हुए कहा,”तुम लोग बातें करो मैं खाने का इंतजाम करके आता हूँ !अवि चला गया तो सार्थक ने घडी में टाइम देखते हुए कहा,”आई थिंक मुझे भी अब चलना चाहिए !” “मैं बाहर तक छोड़कर आती हूँ”,शीतल ने उठते हुए कहा और सार्थक के साथ फ्लैट से बाहर चली आयी ! सार्थक जाने लगा तो शीतल ने उसे रोकते हुए कहा,”सार्थक सुनो !” “हां !”,सार्थक ने पलटते हुए कहा ! शीतल सार्थक के पास आयी और कहा,”सार्थक तुम तो जानते ही हो , जबसे हम तीनो यहां आयी है तबसे कुछ न कुछ प्रॉब्लम्स होती रहती है !  मैं नहीं चाहती ये सब बातें अपार्टमेंट में हो प्लीज तुम अपनी मम्मी से ये सब बातें मत करना !”

सार्थक ने शीतल के हाथ को छूकर कहा,”तुम टेंशन मत लो , मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा !” सार्थक की आँखों में विश्वास देखकर शीतल को अच्छा लगा ! सार्थक चला गया शीतल वापस अंदर आयी उसका फोन बजने लगा उसने देखा राज का फोन था शीतल फोन लेकर राज से बात करने लगी रुचिका सोफे पर पसरी फोन चला रही थी ! अवि ने सबके लिए खाना आर्डर कर दिया और अपने रूम में आकर नहाने चला गया ! नैना ने चाय पीकर कप सिंक में रख दिया ! उसका मन बिल्कुल शांत नहीं था उसे यहाँ रुकना बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था साथ ही निरंजन को लेकर उसके मन में गुस्सा उठ रहा था ! नैना ने जेब से फोन निकाला और देखा तो पाया की  उसका फोन बंद पड़ा है नैना चार्जर देखने लगी कही नहीं दिखा तो वह अवि के रूम में चली आयी , चार्जर ढूंढते हुए उसकी नजर कमरे की दिवार पर गयी जहा नैना की एक बहुत ही प्यारी सी तस्वीर लगी हुई थी नैना कुछ देर उसे देखती रही और फिर चार्जर ढूंढने लगी , कमरे के कोने में टेबल से कुछ ऊपर चार्जर लगा दिख गया ! नैना ने अपना फोन चार्जिंग पर लगाया टेबल पर कुछ बुक्स पड़ी थी नैना ने उनमे से एक उठाई और नाम पढ़ा “मनमर्जिया” नैना ने किताब टेबल पर पटकी और कहा,”मनमर्जिया , बाबू  मेरे सामने नहीं चलेगी !” कहकर नैना पलटकर जाने लगी तभी बाथरूम का दरवाजा खुला और खाली ट्राउजर पहने , तौलिये से अपने बाल पोछते हुए अवि बाहर निकला नैना की नजर जैसे ही अवि पर गयी वह पलट गयी और कहा,”व्हाट द,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, तुम यहाँ क्या कर रहे हो ? वो भी ऐसे नंगे” “एक्सक्यूज मी ये मेरा कमरा है और कपडे पहने है मैंने”,अवि नैना को वहा देखकर थोड़ा हैरान था ! अवि की बात सुनकर नैना ने झल्लाकर कहा,”तुम्हे क्या बहस करने की बीमारी है ? टीशर्ट कहा है ? और ऐसे कौन घूमता है घर में ?” “मेरा घर है मैं जैसे चाहे घुमु , तुम यहाँ क्या कर रही हो ? ओह्ह्ह वेट तुम कही मेरी जासूसी तो नहीं करने तो नहीं आयी मेरे कमरे में !”,अवि ने नैना को छेड़ते हुए कहा तो नैना गुस्से से पलटी लेकिन अवि अभी भी बिना टीशर्ट के ही था तो वह आँखे मीचे वापस पलट गयी और कहा,”पहले कपडे पहनो तूम” अवि ने मुस्कुराते हुए कबर्ड से टीशर्ट निकाली और पहन कर कहा,”हम्म्म बोलो , क्या कर रही हो यहाँ ?” “चार्जर लेने आयी थी”,नैना ने पलटकर कहा  “अच्छा सॉरी , मुझे तुमसे इस तरह बात नहीं करनी चाहिए थी !”,अवि ने नैना के सामने पिघलते हुए कहा नैना उसके थोड़ा पास आयी और कहा,”क्यों तुम मेरे रिश्तेदार लगते हो ?” “लगता तो नहीं हूँ , तुम चाहो तो बन सकता हूँ !”,अवि ने भी नैना की आँखों में देखते हुए कहा तो नैना ने अपनी बांयी भंव ऊपर चढ़ाई और कहा,”तो बन जाओ मेरे पापा के बेटे और मेरे भा,,,,,,,,,,,,,,!”,नैना के आगे बोलने से पहले ही अवि ने होंठो पर अपना हाथ रखा और कहा,”बन जाऊंगा बेटा तो नहीं पर दामाद बन सकता हूँ !” नैना ने उसका हाथ साइड में झटका और जाने लगी अभी दो ही कदम आगे बढ़ाये थे की उसका पैर फिसला और वो जैसे ही गिरने को हुई अवि के मजबूत हाथ ने उसकी कमर पकड़ उसे गिरने से बचा लिया ! नैना की आँखे अवि की आँखों से जा मिली दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते रहे कुछ देर बाद नैना को याद आया तो उसने गुस्से से कहा,”छोडो मुझे !” “सोच लो !”,अवि ने नैना की आँखों में देखते हुए कहा  “मैंने कहा न छोडो मुझे !”,नैना ने गुस्से से कहा तो अवि ने नैना को छोड़ते हुए कहा,”ओके !” बेचारी नैना निचे फर्श पर जा गिरी उसकी कमर में लगी तो मुंह से आह निकल गयी लेकिन अवि ने पलटकर उसकी और देखा तक नहीं नैना ने खुद को सम्हाला और उठते हुए कहा,”तुम्हारे जितना बद्तमीज इंसान मैंने आज तक नहीं देखा , मेरा बेड लक है जो आज की रात मुझे यहाँ तुम्हारे साथ रहना पड़ रहा है !”   “खाने में क्या लोगी तुम ?”,अवि ने ऐसे पूछा जैसे कुछ देर पहले कुछ हुआ ही ना हो ! “जहर !”,नैना ने गुस्से से कहा  “सॉरी वो तो नहीं है , कुछ और मँगवादु !”,अवि ने कहा तो नैना पैर पटकते हुए वहा से बाहर चली गयी !

अवि मुस्कुराने लगा और फिर शीशे के सामने आकर हेयर ड्रायर से बाल सुखाने लगा ! कुछ देर बाद अवि बाहर चला आया नैना और रुचिका सोफे पर बैठी थी , शीतल फोन में लगी थी बेल बजी तो अवि ने दरवाजा खोला उसका आर्डर किया हुआ खाना आ चुका था ! खाना लेकर अवि अंदर आया उसने टेबल पर खाना लगाया और बालकनी में खड़ी शीतल को इशारे से आने को कहा ! शीतल आ गयी तो अवि सबके लिए खाना परोसने लगा उसे ये सब करते देखकर शीतल ने कहा,”अरे तुम रहने दो मैं करती हूँ !” अवि ने खुद ही सबकी प्लेटो में खाना सर्व किया और कहा,”डोंट वरी मुझे इन सबकी आदत है , मैं ये सब करता रहता हूँ !” “अपनी गर्लफ्रेंड्स के लिए ?”,नैना ने ताना मारते हुए कहा  “नहीं अपनी मॉम के लिए !”,अवि ने प्लेट नैना की और बढ़ा दी नैना को अपनी ही बात बुरी लग गयी ! अवि ने अपनी प्लेट में खाना लिया और नैना के साइड में आ बैठा ! सभी खाने लगे रुचिका ने खाते हुए कहा,”अच्छा तुम्हारी फॅमिली में कौन कौन है ?” “मॉम , डेड , मैं , छोटी बहन है”,अवि ने कहा  “स्वीट फैमिली !”,शीतल ने कहा तो अवि मुस्कुरा दिया और कहा,”वैसे मेरी मॉम डॉक्टर है डेड बिजनेस करते है , चाहते थे मैं भी वही करू लेकिन मुझे बिजनेस में कोई इंट्रेस्ट नहीं !” “कैसे होगा तुम्हे तो दुसरो को टॉर्चर करने में इंट्रेस्ट है !”,नैना ने बिल्कुल धीरे से दबी जबान में कहा तो अवि ने उसकी और पलटकर कहा,”तुमने कुछ कहा ?” “हम्म्म खाना अच्छा है !”,नैना ने बिना अवि की तरफ देखे हुए कहा और खाती रही अवि बड़े प्यार से उसे देख रहा था शीतल और रुचिका ने देखा तो रुचिका ने झूठ मुठ का खांसने का नाटक किया इस से अवि झेंप गया और कहा,”हां तो मैं कह रहा था की,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!” अवि की बात बिच में काटते हुए नैना ने कहा,”तुम कह रहे थे की तुम्हारी मॉम डॉक्टर है ,, तो फिर तुम्हरा इलाज क्यों नहीं करती है वो ?” “मुझे क्या हुआ है ?”,अवि ने हैरानी सी एक बार फिर नैना की और देखा लेकिन इस बार अवि की नजरे उसके होंठो पर जाकर ठहर गयी ! उसके होंठ से निचे कुछ खाना लगा हुआ था अवि ने हटाने के लिए जैसे ही हाथ बढ़ाया नैना ने हाथ को बिच में रोककर कहा,”अह्हह्हं , ये मजनूपनती ना कही और दिखाना ,, खाना खाओगे तो जायज सी बात है वो तो लगेगा ही इसलिए ज्यादा रोमांटिक बनने की जरूरत नहीं है ,, खाना खाओ चुपचाप !” कहते हुए नैना अपनी प्लेट लेकर उठी और हाथ धोने चली गयी ! बेचारा अवि चुपचाप खाने लगा !

रात के 11.30 बज रहे थे हमेशा 10 बजे से पहले सो जाने वाली नैना जाग रही थी ! बालकनी में खड़ी नैना आसमान को देखते हुए सोचने लगी,”यहाँ रुकना सही नहीं है , डेड को पता चला तो उन्हें बुरा लगेगा और मैं उनसे झूठ नहीं बोल सकती ! वैसे भी ये लड़का कुछ ज्यादा ही सर पर सवार है मेरे ,, घूरता तो ऐसे है जैसे खा ही जाएगा ,,, कुछ भी हो नैना बस जल्द से जल्द यहाँ से निकलना है इस से पहले कुछ और भसड़ मचे कल सुबह होते ही लखनऊ के लिए निकल जाओ ! वीकेंड है ऑफिस भी बंद है और इतनी जल्दी रहने के लिए दूसरी जगह ढूंढना भी मुश्किल है ! मेरे गुस्से की वजह से रुचिका और शीतल भी प्रॉब्लम में फंस गयी है ! साला वैसे असली प्रॉब्लम तो इनकी लाइफ में है रुचिका फिर से किसी और के प्यार में पड़े इसके दिल में परमानेंट किसी को सेट करना होगा , बची शीतल तो बस एक बार इस निरंजन सर की बेंड बजा दी उसके बाद शीतल की बारी , उस राज नाम के सांप को इसकी जिंदगी से निकालना ही पडेगा !! सोच था सार्थक इसे सपोर्ट करेगा लेकिन वो तो खुद एक नंबर का फट्टू निकला ,, मम्मी के पीछे छुप गया ! कुछ सोच नैना कुछ सोच कैसे इन सबकी जिंदगी को लाइन पर लाना है सोच ?” “मैं पहली बार ऐसी लड़की देख रहा हूँ जो खुद से बातें करती है !”,बगल में खड़े अवि ने सामने देखते हुए कहा ! अवि को वहा देखकर नैना जाने लगी तो अवि ने कहा,”नैना !” “क्या है ?”,नैना ने पलटकर कहा  “सॉरी , मैंने आज जान बुझकर तुम्हे परेशान किया ! फ्लेट छोड़ने के बाद तुम काफी अपसेट थी और गुस्से में भी , शीतल ने बताया की तुम्हे गुस्सा बहुत जल्दी आता है !  उन सब बातो पर से तुम्हारा ध्यान हटाने के लिए और तुम्हारा ध्यान अपनी और खींचने के लिए ये सब किया ,, मैं तुम्हे हर्ट नहीं करना चाहता था ,, सॉरी !”,अवि ने बड़े प्यार से कहा तो नैना उसके थोड़ा सा करीब आयी और कहा,”अब ये कोनसा नया नाटक है ? मुझे इम्प्रेस करने के लिए !”    अवि मुस्कुराया और कहा,”तुम्हे इम्प्रेस करने के लिए मुझे ये सब करने की जरूरत नहीं है नैना , मेरे लिए वो एक मोमेंट ही काफी होगा जब तुम्हे मुझसे प्यार होगा ! बाकि लड़को की तरह तुम्हारी झूठी तारीफ करके , तुम्हारे आगे पीछे घूम के , बार बार तुम्हे फोन मेसेज करके , तुम्हारा पीछा करके मैं तुम्हे इम्प्रेस नहीं करूं ऐसी सस्ती सोच नहीं है मेरी ! मैं उस मोमेंट का इंतजार करूंगा जब तुम मेरी फीलिंग्स समझोगी एंड ट्रस्ट मी वो दुनिया की सबसे लव स्टोरी होगी !” “ऐसा कभी नहीं होगा , बिकॉज आई हेट लव स्टोरी !”,कहकर नैना जाने लगी  “बट यू कांट हेट मी नैना”,अवि ने कहा तो नैना ने कुछ देर उसे देखा और फिर वहा से चली गयी !! नैना ने टाइम देखा और उसका दिमाग भी सवालो और उलझनों से भरा हुआ था , उसने सोफे के कुशन का तकिया लगाया और सोफे पर ही सो गयी ! अवि ने शीतल और रुचिका को अपने रूम में सोने को कहा तो शीतल ने कहा,”अवि इट्स ओके ऑलरेडी तुम हम सबके लिए इतना कर चुके हो , तुम रूम में सो जाओ हम लोग यही सो जाते है !” “अरे इट्स मैं सो जाऊंगा तुम दोनों आराम से रूम सो जाओ !”,अवि ने कहा तो शीतल ने सोफे पर लेटी हुई नैना की और देखा तो अवि ने कहा,”इसे यही सोने दो नींद उठेगी तो सर दुखेगा !” “हम्म्म ठीक है !”,शीतल ने कहा और रुचिका के साथ अवि के कमरे में चली आयी ! अवि ने अपने लिए बालकनी में गद्दा लगा लिया ! वह अपने कमरे में आया उसने एक चददर ली और बाहर आ गया ! चददर लेकर अवि नैना के पास आया , सोते हुए नैना बड़ी मासूम लग रही थी अवि कुछ देर वही खड़ा प्यार से नैना को देखता रहा और फिर चददर उसे ओढ़ाकर हॉल की लाइट बंद कर दी ! उसने पानी की बोतल उठायी और कमरे आकर रुचिका को देकर कहा,”पानी रखो और कुछ चाहिए हो तो अपना घर समझ के ले लेना !” कहकर अवि जैसे ही जाने लगा टेबल पर रखा नैना का फोन बजा ! अवि ने जाकर देखा तो स्क्रीन पर नंबर के साथ नाम शो हो रहा था “लाइफ-लाइन” ये नाम देखते ही अवि ने हैरानी से शीतल और रुचिका की और देखा और मन ही मन खुद से कहा,”कही ये वही तो नहीं जो नैना के दिल में दस्तक देने वालाथा या दे चुका है जिसके लिए रुचिका और शीतल आज शाम को बात कर रही थी”

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संजना किरोड़ीवाल !!  

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