Author: Story With Sanjana

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 47

Pakizah – 47 Pakizah – 47 लिफ्ट निचे आकर रुकी l एक एक कर सभी बाहर जाने लगे l“पाकीजा !!”,रूद्र के मुंह से मुश्किल से एक शब्द निकलापाकीजा तेजी से रूद्र से दूर हुई l रूद्र उसे लेकर लिफ्ट से बाहर...

साक़ीनामा – 3

Sakinama – 3 Sakinama – 3 कुछ देर बाद  मौसाजी ने आकर मुझसे बैठक में आने को कहा। मैं जैसे ही जाने लगी राघव की मम्मी ने कहा,”सर ढककर जाओ”मुझे थोड़ा अजीब लगा लेकिन बड़ो की बात मानने के अलावा मेरे...

साक़ीनामा – 2 

Sakinama – 2 Sakinama – 2 सुबह सुबह सागर ऑफिस के लिए निकल गया। सितम्बर का महीना चल रहा था। सागर ने अपने सभी जरुरी काम निपटाए और ऑफिस से 4 दिन की छुट्टी लेकर फ़्लैट पर चला आया। शाम 6...

साक़ीनामा – 1 

Sakinama – 1 Sakinama – 1 कानपुर , उत्तर-प्रदेश शाम के 7 बज रहे थे , अपनी बाइक पर सवार “सागर” किसी गहरी सोच में डूबा चला जा रहा था । ट्रैफिक में आकर बाइक रुकी तो सागर की नजर पास...

पाकीजा – एक नापाक जिंदगी 45

Pakizah – 45 Pakizah – 45 पाकीजा को छोड़कर भावना निचे चली गयी lभावना को पाकीजा का इस तरफ घर आना बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था l भावना झल्लाहट से भरी निचे आयी और सीधा काव्या के कमरे में आकर...
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