Pasandida Aurat Season 3 – 62
भरत का सच सामने आ चुका था और मिस्टर देसाई ने उसे पुलिस के हवाले भी कर दिया , नीलेश को देसाई ग्रुप में MD की पोजीशन मिल गयी और साथ ही मिस्टर देसाई का साथ भी , पृथ्वी ने प्राची के खिलाफ कुछ ना कहकर उसे शर्मिंदा होने से बचा लिया और देसाई ग्रुप छोड़कर चला गया , प्राची को भी अपनी गलतियों का अहसास हो चुका था उसने अब पृथ्वी का ख्याल अपने दिल से निकाल दिया। मिस्टर देसाई ने प्रवीण , मिस्टर राव और चेतन को कम्पनी में उनकी जगह वापस दे दी। सब ठीक हो चुका था।
पृथ्वी ने प्राची से सब भूलकर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने को कहा और खुद चुपचाप बिना किसी से मिले ऑफिस से बाहर निकल गया। देसाई ग्रुप वह जिस मकसद से आया था वह अब पूरा हो चुका था ! ऑफिस से बाहर आकर पृथ्वी ने एक गहरी साँस ली और खुद में ही बड़बड़ाया,”हाह ! फाइनली सब सही हो गया , अब मुझे और नाटक नहीं करना पड़ेगा। इस भरत के चक्कर में मैं कितना उलझ गया था , अपनी जॉब , अपना काम सब भूल गया और अवनि को भी वक्त नहीं दे पाया ,,,
आई नो वो बहुत अच्छी है मुझे समझती है लेकिन एक अच्छा पति होने के नाते मुझे उसे भी पूरा वक्त देना चाहिए,,,,,,,,आज शाम घर जाकर सबसे पहले तो उसे ये सब बताऊंगा ताकि प्राची को लेकर उसकी टेंशन कम हो,,,,,,,,,,पर क्या उसने सच में प्राची और मुझे लेकर कभी कुछ गलत सोचा होगा ?
अह्ह्ह्हह नहीं वो ऐसी बिल्कुल नहीं है , उसे पता है जो उसका है वो सिर्फ उसका ही रहेगा , यही सब तो लिखती है वो अपनी कहानियो में,,,,,,,,,कितने टाइम से मैंने उसकी किसी कहानी को नहीं पढ़ा , क्या करू वक्त ही नहीं मिल रहा लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं पढ़ना नहीं चाहता , मैं तो आज भी उसका फेन हूँ”
“तुम्हारी ये खुद से बात करने की आदत कभी नहीं जाएगी”,नीलेश ने पृथ्वी के बगल में खड़े होकर कहा
नीलेश की आवाज से पृथ्वी की तन्द्रा टूटी उसने अपने बगल में खड़े नीलेश को देखा और धीरे से मुस्कुरा दिया।
“तुम बिना बताये क्यों चले आये ?”,नीलेश ने पृथ्वी से पूछा
“मेरा काम खत्म हुआ , अब मुझे वापस मौर्या ग्रुप जाना होगा। आई नो मैंने जयदीप सर को बहुत परेशान किया है जाकर उनसे भी तो माफ़ी मांगनी है”,पृथ्वी ने कहा
“मिस्टर मौर्या काफी अच्छे इंसान है और काफी कूल भी , तुम्हे एक अच्छा बॉस मिला है पृथ्वी”,नीलेश ने कहा तो पृथ्वी ने मुस्कुराते हुए हामी में गर्दन हिला दी।
“बाय द वे थैंक्यू सो मच , तुम नहीं होते तो मैं ये सब कभी नहीं कर पाता,,,,,,,,तुमने हिम्मत दी और साथ दिया इसलिए आज सब ठीक है”,नीलेश ने अपना हाथ पृथ्वी की तरफ बढाकर कहा
पृथ्वी ने नीलेश से हाथ मिलाया और कहा,”सच्चाई कभी छुपती नहीं है नीलेश उसे एक न एक दिन बाहर आना ही होता है,,,,,,,मैं चलता हूँ , टेक केयर”
नीलेश ने हामी में गर्दन हिलायी , पृथ्वी को बाय बोला और वहा से चला गया। पृथ्वी ने भी अपने लिए कैब बुक की और नवी मुंबई के लिए निकल गया। पृथ्वी गाड़ी की पिछली सीट पर आकर बैठा और ड्राइवर से चलने को कहा। उसके चेहरे पर सुकून के भाव थे और होंठो पर मुस्कान थी। जयदीप के ऑफिस की तरफ जाते हुए उसका मन काफी खुश था और वह काफी हल्का महसूस कर रहा था।
मौर्या ग्रुप एंड कम्पनी , नवी मुंबई
“ओह्ह्ह ये सब क्या है अंकित , तुम्हारी टीम आखिर कर क्या रही है ? ना इनके रिपोर्ट्स क्लियर है ना इनकी फाइल कम्प्लीट है , शाम में मीटिंग है क्लाइंट को क्या जवाब दूंगा मैं ?”,जयदीप ने थोड़ा गुस्से से अपने केबिन में खड़े अंकित से कहा
अंकित चुपचाप सुनता रहा क्योकि जब तक पृथ्वी था तब तक सब उस से डरते थे और उसकी बात भी मानते थे लेकिन जब से पृथ्वी गया था तब से सब रिलेक्स हो गए और अपनी मर्जी से काम करने लगे।
अंकित को चुप देखकर जयदीप का गुस्सा और बढ़ गया उसने कहा,”चुप क्यों हो जवाब दो ? पृथ्वी के बाद तुम अपनी टीम को लीड कर रहे हो तो क्या तुम्हे ध्यान नहीं देना चाहिए वो क्या कर रहे है क्या नहीं ?”
“सर मैं कोशिश तो कर रहा हूँ न उनके साथ कोर्डिनेट करने की”,अंकित ने धीरे से कहा
“कोशिश , अंकित हमारा काम कोशिश पर नहीं चलता है , काश पृथ्वी यहाँ होता तो मुझे ये सब समझाने की जरूरत नहीं पड़ती”,जयदीप ने हताश होकर कहा तभी केबिन का दरवाजा खोलकर पृथ्वी अंदर आया और कहा,”इन्हे लेक्चर की नहीं लातों की जरूरत है”
पृथ्वी की आवाज सुनकर जयदीप पलटा , पृथ्वी को देखते ही उसका चेहरा खिल उठा लेकिन अगले ही पल उसने बुझे स्वर में कहा,”तुम आज यहाँ कैसे चले आये ? क्या तुम्हारे ऑफिस में कोई काम नहीं है ?”
“मेरे ऑफिस में काम है इसीलिए तो मैं आया हूँ”,पृथ्वी ने जयदीप की तरफ आते हुए कहा
“अच्छा हुआ तुम आ गये”,अंकित ने खुश होकर कहा
पृथ्वी ने अंकित के सर पर एक चपत लगाई और कहा,”मैं नहीं आता तो तुम सब मिल के पक्का इस कम्पनी को बंद करवा ही देते , मिस्टर शर्मा को जो मेल किया है उसमे प्रोडक्ट की डिटेल्स मेंशन क्यों नहीं है ?”
अंकित ने सुना तो हैरान की पृथ्वी की ये सब कैसे पता जबकि वह तो अब मौर्या ग्रुप में काम भी नहीं करता , फिर भी अपनी गलती छुपाने के लिए उसने कहा,”अह्ह्ह वो मेल काव्या ने किया है , शायद मेंशन करना भूल गयी,,,,,,,,,,,,मैं अभी जाकर उसे ठीक कर देता हूँ”
पृथ्वी कुछ और कहे इस से पहले अंकित वहा से चला गया। पृथ्वी ने जयदीप की तरफ देखा और कहा,”सो आज का क्या प्लान है ?”
“तुम्हे मेरा प्लान क्यों जानना है ? तुम्हे इस वक्त मिस्टर देसाई के साथ होना चाहिए , मिस्टर मैनेजर”,जयदीप ने मुँह बनाकर कहा क्योकि उसे पृथ्वी का देसाई ग्रुप में जाना पसंद नहीं आ रहा था
“आप तो ऐसे चिढ रहे है जैसे मैं आपकी गर्लफ्रेंड हूँ और आप मेरे एक्स,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने भी मुँह बनाकर कहा तो जयदीप चिढ गया और थोड़ा गुस्से से कहा,”हाह ! मुझे एक बॉयफ्रेंड से भी ज्यादा गुस्सा आ रहा है , मैं तुम्हे उस देसाई के साथ नहीं देख पा रहा हूँ जानते हो क्यों क्योकि वहा वो नकचढ़ी प्राची है”
“वो इतनी बुरी भी नहीं है”,पृथ्वी ने सोफे पर बैठते हुए शांत स्वर में कहा
जयदीप ने सुना तो हैरानी से पृथ्वी को देखा , पृथ्वी प्राची की तरफदारी कर रहा था वो भी जयदीप के सामने , वह पृथ्वी की तरफ आया और उसके ललाट को अपनी उंगलियों से छूकर कहा,”तुम्हारी तबियत तो ठीक है ना , तुम प्राची की तरफदारी कर रहे हो ? अह्ह्ह्ह जिसका शक था वही हुआ , उन लोगो के बीच जाकर तुम उनके जैसे बन गए हो , वो तुम्हे अब अच्छे लगने लगे है,,,,,,,,,,,कही उस प्राची ने तुम पर कोई काला जादू तो नहीं कर दिया बताओ मुझे,,,,,,,,मुझे उस लड़की पर पहले से शक था वो जरुर तुम्हे अपने जाल में फसा चुकी है”
“क्या बकवास है ! वो ऐसा क्यों करेगी ? और आप ये ओवरथिंकिंग करना बंद कीजिये”,पृथ्वी ने कहा
जयदीप ने सुना तो मायूस होकर कहा,”देखा अब तुम उनके खिलाफ एक शब्द सुनना नहीं चाहते,,,,,,,और सुनोगे भी क्यों अब तुम उनके एम्प्लॉय जो हो”
“ऐसा आपसे किसने कहा ? मैं आज भी मौर्या ग्रुप में इम्प्लॉय हूँ”,पृथ्वी ने शांत स्वर में कहा
जयदीप ने सुना तो हैरानी से पृथ्वी को देखा और कहा,”क्या तुम वापस आ गए हो ?”
“मैं गया ही कब था ?”,पृथ्वी ने जवाब देने के बजाय सवाल किया , जयदीप का तो सर ही घूमने लगा , पृथ्वी क्या कह रहा था उसे कुछ समझ नहीं आया तो पृथ्वी ने उसे सोफे पर बैठने का इशारा किया और सब बता दिया ! पृथ्वी से सच्चाई सुनकर जयदीप भी हैरान था। उसकी आँखों के सामने इतना सब होता रहा और उसे पता तक नहीं चला।
“तुमने ये सब मुझे पहले क्यों नहीं बताया ?”,जयदीप ने पूछा
“बता देता तो आपको मेरी अहमियत कैसे पता चलती ?”,पृथ्वी ने कहा
“लेकिन भरत , तुम्हे नहीं लगता ये करके तुमने भरत से दुश्मनी बढ़ा ली है ?”,जयदीप ने चिंतित स्वर में कहा
“भरत की चिंता मत कीजिये वो अब कुछ नहीं कर सकता ! उसकी चिंता छोड़िये और मेरी सेलरी की चिंता कीजिये,,,,,,,,अब तो आप मेरी सैलरी बढ़ाने वाले है ना ?”,पृथ्वी ने कहा
“सैलरी क्यों बढ़ाऊंगा ?”,जयदीप ने चौंककर कहा
“क्योकि मैं आपकी कम्पनी वापस ज्वाइन कर रहा हूँ , वैसे भी 50 हजार कम है और अब तो मैं शादीशुदा भी हूँ , मेरी बायको है उसके लिए भी तो चाहिए होगा ना मुझे”,पृथ्वी ने कहा
“ठीक है , कल से टाइम पर ऑफिस आना शुरू कर दो , मुझे उलटे जवाब देना बंद कर दो और ऑफिस में स्ट्रिक्ट होना बंद कर दो , मैं तुम्हारी सैलरी बढ़ा दूंगा,,,,,,,,,,!!!”,जयदीप ने कहा
पृथ्वी उठा और कहा,”वैसे 50 हजार सैलरी इतनी भी कम नहीं है मैं एडजस्ट कर लूंगा”
इतना कहकर पृथ्वी वहा से चला गया और जयदीप बड़बड़ाया,”मतलब तुम नहीं सुधरोगे,,,,,,,,,,,,,लेकिन मैं खुश हूँ पृथ्वी , वेलकम बैक”
जयदीप के केबिन से निकलकर पृथ्वी अपने केबिन में चला आया। पृथ्वी को देखते ही कशिश , तान्या और मनीष पहले तो हैरान हुए और बाद में मनीष ने दबे स्वर में दोनों लड़कियों से कहा,”लगता है पृथ्वी सर हम सबसे मिलने आये है , थोड़ी देर में चले जायेंगे कौनसा हमेशा के लिए रुकने वाले है,,,,,,,,,,,!!!”
मनीष अपनी बात पूरी करके पीछे हटा ही था कि पृथ्वी ने अपनी डेस्क के सामने पड़ी कुर्सी खिसकाई और उस पर बैठते हुए कहा,”आज के रिपोर्ट्स क्या है ? पिछले दो हफ्तों में जो काम हुआ उसकी डिटेल्स और फाइल्स 10 मिनिट के अंदर मुझे अपनी टेबल पर चाहिए , वरना कल से तुम तीनो अपने लिए नयी जॉब देख लेना”
मनीष , तान्या और कशिश ने सुना तो हैरानी से तीनो ने एक साथ अंकित की तरफ देखा तो अंकित न हामी में अपनी गर्दन हिलाकर उन्हें ये चेता दिया कि उन सबका पुराना बॉस “पृथ्वी उपाध्याय” कम्पनी में वापस आ गया है।
अंकित का इशारा समझकर तान्या ने अपना हाथ अपने ललाट पर मारा , हालाँकि पृथ्वी की नजर सामने पड़ी फाइल पर थी उसने बहुत ही सधे हुए स्वर स्वर में कहा,”सर पटकने से कुछ नहीं होगा तुम लोगो के पास सिर्फ साढ़े नो मिनिट है,,,,,,,,बहुत कर लिया आराम नाऊ बैक टू वर्क”
कशिश और मनीष समझ गए कि चुपचाप काम करने में ही भलाई है इसलिए एक सभी फाइल्स जमा करने लगा और दूसरी डिटेल्स और बची तान्या तो वह कभी पृथ्वी को देखती कभी अंकित को,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!!’
कपूर मेंशन्स , मुंबई
बीती शाम से ही विक्रम अपने कमरे में कैद था , उसके पैर में फ्रेक्चर था इसलिए वह अपने कमरे में ही आराम कर रहा था। मिसेज कपूर ने घर के एक नौकर को खास विक्रम के लिए ही रखा ताकी उसे किसी तरह की दिक्कत ना हो ! अपने कमरे में लेटे लेटे विक्रम बोर हो गया। नशे में प्राची के साथ उसने जो किया उसका उसे कोई अफ़सोस नहीं था उलटा वह प्राची को ही गलत और कैरेक्टरलेस समझ रहा था। मिस्टर कपूर विक्रम से बहुत नाराज थे और इसलिए उन्होंने अपनी पत्नी और बेटी को भी विक्रम से दूर रहने को कहा।
दिनभर विक्रम बिस्तर पर पड़ा रहा , शाम होते होते उसके फोन पर एक फोन आया। विक्रम ने फोन उठाकर कान से लगाया तो दूसरी तरफ से किसी की आवाज आयी,”हेलो विक्रम ! मैं कुलकर्णी , कहा हो तुम मैं सुबह से तुम्हे फोन कर रहा हूँ लेकिन तुम फोन नहीं उठा रहे ,, मैं तुम्हारे ऑफिस भी आया था और तुम्हे बता देना चाहता हूँ कि मैं तुम्हारे रिकमेंड किये सभी राइटर्स से मिल चुका हूँ और मैंने दो लोगो को डेट भी दे दी है,,,,,,,,,,,,,,!!!!”
“इतनी जल्दी क्या है मिस्टर कुलकर्णी ? अभी सबसे होनहार राइटर से तो आप मिले ही नहीं है”,विक्रम ने कहा
“होनहार राइटर ? क्या अब भी कोई बाकी है ? तुम्हे उसे आज ऑफिस बुला लेना था मैं मिल लेता”,मिस्टर कुलकर्णी ने कहा
“वो थोड़ी स्पेशल है मिस्टर कुलकर्णी ! मैंने उसे कल सुबह 11 बजे पार्क एवेन्यू होटल के रूम नंबर 301 में बुलाया है और वही आपकी मीटिंग फिक्स की है। आप मिल लीजिये”,विक्रम ने कहा , ये कहते हुए उसके चेहरे पर कठोर भाव थे और होंठो पर रहस्य्मयी मुस्कान भी
“क्या तुम वहा नहीं आ रहे ?”,मिस्टर कुलकर्णी ने पूछा
“आई ऍम सॉरी मिस्टर कुलकर्णी , एक्चुली मेरा एक्सीडेंट हो गया है और मैं इंजर्ड हूँ तो नहीं आ पाऊंगा लेकिन आप उस बेहतरीन राइटर से मिलने का मौका मत छोड़िये”,विक्रम ने कहा
“ओके मिस्टर विक्रम मैं कल उन से मिलकर बताता हूँ , अपना ख्याल रखिये,,,,,,,,बाय”,मिस्टर कुलकर्णी ने कहा और फोन काट दिया
विक्रम ने फोन साइड रखा और मुस्कुराते हुए कहा,”कल से तुम्हारी जिंदगी में ग्रहण लगने वाला है पृथ्वी,,,,,,,,!!!”
( मौर्या ग्रुप ज्वाइन करके क्या पृथ्वी ऐसे ही करने वाला है जयदीप को परेशान ? क्या पृथ्वी भरत लेगा पृथ्वी से अपने अपमान का बदला ? क्या अवनि पर आने वाली है कोई बड़ी मुसीबत ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत सीजन 3” मेरे साथ )
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Continue With Pasandida Aurat Season 3 – 63
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संजना किरोड़ीवाल
भरत का सच सामने आ चुका था और मिस्टर देसाई ने उसे पुलिस के हवाले भी कर दिया , नीलेश को देसाई ग्रुप में MD की पोजीशन मिल गयी और साथ ही मिस्टर देसाई का साथ भी , पृथ्वी ने प्राची के खिलाफ कुछ ना कहकर उसे शर्मिंदा होने से बचा लिया और देसाई ग्रुप छोड़कर चला गया , प्राची को भी अपनी गलतियों का अहसास हो चुका था उसने अब पृथ्वी का ख्याल अपने दिल से निकाल दिया। मिस्टर देसाई ने प्रवीण , मिस्टर राव और चेतन को कम्पनी में उनकी जगह वापस दे दी। सब ठीक हो चुका था।
भरत का सच सामने आ चुका था और मिस्टर देसाई ने उसे पुलिस के हवाले भी कर दिया , नीलेश को देसाई ग्रुप में MD की पोजीशन मिल गयी और साथ ही मिस्टर देसाई का साथ भी , पृथ्वी ने प्राची के खिलाफ कुछ ना कहकर उसे शर्मिंदा होने से बचा लिया और देसाई ग्रुप छोड़कर चला गया , प्राची को भी अपनी गलतियों का अहसास हो चुका था उसने अब पृथ्वी का ख्याल अपने दिल से निकाल दिया। मिस्टर देसाई ने प्रवीण , मिस्टर राव और चेतन को कम्पनी में उनकी जगह वापस दे दी। सब ठीक हो चुका था।
भरत का सच सामने आ चुका था और मिस्टर देसाई ने उसे पुलिस के हवाले भी कर दिया , नीलेश को देसाई ग्रुप में MD की पोजीशन मिल गयी और साथ ही मिस्टर देसाई का साथ भी , पृथ्वी ने प्राची के खिलाफ कुछ ना कहकर उसे शर्मिंदा होने से बचा लिया और देसाई ग्रुप छोड़कर चला गया , प्राची को भी अपनी गलतियों का अहसास हो चुका था उसने अब पृथ्वी का ख्याल अपने दिल से निकाल दिया। मिस्टर देसाई ने प्रवीण , मिस्टर राव और चेतन को कम्पनी में उनकी जगह वापस दे दी। सब ठीक हो चुका था।
