Site icon Sanjana Kirodiwal

Pasandida Aurat Season 2 – 95

Pasandida Aurat Season 2 – 95

Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal

पृथ्वी से दूर नीलम भुआ के घर और बाकि सब घरवालों के बीच अवनि को बहुत अच्छा लग रहा था। कई दिनों बाद वह बहुत खुश थी ,घर में कोई न कोई हर वक्त अवनि के साथ ही था।  कोई उसके लिए नया नया खाना लेकर आता तो कोई नए कपडे , सभी अपना प्यार अवनि पर लुटा रहे थे और ये देखकर अवनि
बहुत खुश थी। रात के खाने पर लता और रवि जी नीलम भुआ के घर चले आये ताकि अवनि के साथ खाना खा सके।

अवनि ने नीलम भुआ के साथ मिलकर सबके लिए खाना बनाया और साथ ही नीलम भुआ को भरवा करेला बनाना भी सीखा दिया। खाना खाने के बाद लता जी और रवि जी कुछ देर वहा रुके और फिर अपने घर चले गए। लक्षित अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में गया था इसलिए उसने खाना बाहर ही खा लिया।

अवनि कमरे में आयी और अपना फोन देखा , स्क्रीन पर पृथ्वी के नाम से नोटिफिकेशन देखकर अवनि ने जल्दी से मैसेज खोला जिसमे लिखा था
“Sorry बेटा ! i konw मैंने सुबह से एक बार भी तुम्हे फोन और मैसेज नहीं किया , यहाँ काम में इतना बिजी था न कि तुमसे बात कर ही नहीं पाया। वैसे इस बार तुम्हे लेकर थोड़ा सा बेफिक्र भी हूँ मैं क्योकि इस बार सब तुम्हारे साथ है और मैं जानता हूँ तुम उनके साथ खुश होंगी ! मैं कल सुबह यहाँ से निकल जाऊंगा आकर मिलता हूँ,,,,,,,,,,,,,अपना ख्याल रखना”

पृथ्वी का मैसेज पढ़कर अवनि के दिल को तसल्ली मिली , पृथ्वी ठीक है और अपने काम में थोड़ा ज्यादा बिजी है सोचकर अवनि ने पृथ्वी से कोई सवाल नहीं किया बल्कि उसके मैसेज के जवाब में लिखकर भेजा “मैं इंतजार करुँगी”
अवनि ने फोन साइड में रख दिया क्योकि रात बहुत हो चुकी थी और अब तक शायद पृथ्वी सो चुका था। अवनि भी सोने चली गयी।

अगली सुबह नीलम भुआ के घर में फिर महफ़िल जम गयी। चाचा ने शादी के लिए गेस्ट हॉउस बुक कर दिया था हिमांशु के साथ मिलकर बाकी सब  तैयारियां भी हो चुकी थी। दो दिन बाद शादी का शुभ मुहूर्त था इसलिए रवि जी ने हिमांशु और चाचा को अवनि ,चाची , साक्षी और नीलम भुआ के साथ खरीदारी करने भेज दिया। खुद लता जी और बड़े मम्मी पापा के साथ नीलम भुआ के घर में ही रुक गए ताकि दादी के साथ मिलकर आगे की बाते कर सके। सब सही चल रहा था बस रवि जी और बाकि सबको अवनि के घरवालों के ना आने का दुःख था।

पृथ्वी सुबह सुबह फ्लाइट से मुंबई पहुंचा। उसके होंठो पर एक मुस्कान और चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे। जिस काम से वह मुंबई से बाहर गया था शायद वह काम हो चूका था।

 पृथ्वी अपने फ्लेट पर चला आया। उसने बैग रखा और पुरे घर को नजर भर देखा अवनि के बिना ये घर उसे काटने को दौड़ता था लेकिन आज पृथ्वी उदास नहीं हुआ बल्कि आज वह खुश था। पृथ्वी अपने कमरे में आया कबर्ड से कपडे निकाले और नहाने चला गया। तैयार होकर पृथ्वी किचन में आया और अपने लिए सेंडविच और चाय बना ली और लेकर बाहर चला आया। मुस्कराहट पृथ्वी के होंठो से जाने का नाम नहीं ले रही थी वह मुस्कुराते हुए नाश्ता करने लगा।

कलाई पर अवनि की दी घडी में समय देखा आज वह ऑफिस बाकि दिनों के बजाय देर से पहुंचने वाला था। उसने नाश्ता किया ,अपना ऑफिस का बैग उठाया और फ्लेट से बाहर निकल गया। बिल्डिंग से बाहर आकर पृथ्वी ने अपना फोन निकाला और अवनि का नंबर डॉयल किया।  अवनि ने पहली ही रिंग में फोन उठा लिया तो पृथ्वी ने प्यार से कहा,”का बेटा ? मेरे ही फोन का इंतजार कर रही थी ?”
“आप घर आ गए ?”,अवनि ने सामने से सवाल किया

“हाँ और अभी बस ऑफिस के लिए निकला हूँ,,,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने कहा
“ऑफिस ? घर में सब आपकी शादी की  तैयारिया कर रहे है और आप ऑफिस जा रहे है”,अवनि ने पृथ्वी को ताना मारकर कहा
“मेरी नहीं हमारी शादी की बोलो अवनि और इसलिए तो मैं ऑफिस जा रहा हूँ ताकि आज जाकर ऑफिस से एक हफ्ते की छुट्टी ले सकू”,पृथ्वी ने कहा
“आप इस शादी में जयदीप भैया को भी बुलाएँगे ना ?”,अवनि ने पूछा

“अह्ह्ह्ह बॉस होने के नाते तो नहीं लेकिन हाँ मेरा साला होने के नाते मैं उन्हें जरूर बुलाऊंगा”,पृथ्वी ने कहा
“वो आपके बॉस है”,अवनि ने कहा
“हाँ जानता हूँ,,,,,,,,,,छोडो ये सब मुझे ये बताओ तुम कहा हो ?”,पृथ्वी ने पूछा
“घरवालों के साथ मार्किट आयी हूँ,,,,,,,,,शादी की खरीदारी करने”,अवनि ने आखरी शब्दों पर थोड़ा जोर देकर कहा
“तो क्या खरीदा तुमने ?”,पृथ्वी ने पूछा
“मैं क्यों बताऊ ? शाम में घर आकर खुद ही देख लेना”,अवनि ने कहा

पृथ्वी ने सुना तो कुछ देर खामोश रहा और फिर कहा,”सीधा कहो न मिसेज उपाध्याय की तुम्हे मेरी याद आ रही है और तुम मुझे देखना चाहती हो”
अब अवनि इतनी जल्दी अपने दिल की बात पृथ्वी के सामने बयां कैसे कर दे इसलिए कहा,”ऐसा कुछ नहीं है”
“अच्छा वेट”,कहकर पृथ्वी ने फोन काट दिया। पृथ्वी के फोन काटने के बाद अवनि हैरानी से अपने फोन की स्क्रीन देखने लगी। कुछ देर उसका फोन बजा। पृथ्वी ने अवनि को मैसेज किया था अवनि ने मैसेज खोलकर देखा जिसमे पृथ्वी का 30 सेकेण्ड का एक वीडियो था।

अवनि ने विडिओ प्ले किया। सफ़ेद टीशर्ट में पृथ्वी बाकि दिनों के बजाय कुछ ज्यादा ही प्यारा लग रहा था।  पृथ्वी ने चलते चलते विडिओ बनाया था वह मुस्कुराया और बोलना शुरू किया
“मैं जानता हूँ कल से तुम मुझे बहुत मिस कर रही हो। मैंने कहा था ना अवनि मेरे साथ साथ रहते रहते एक दिन तुम्हे भी मेरी आदत हो जाएगी। सच बताऊ तो मैं भी तुमसे मिलने के लिए मरा जा रहा हूँ,,,,,,,,,बस थोड़े काम है वो खत्म कर लू उसके बाद सिर्फ तुम , मैं और हमारी दुनिया,,,,,,,,आई लव यू”

आखरी में पृथ्वी ने अपनी चारो उंगलियों को अपने होंठो से छुआ और मुस्कुराते हुए अवनि की तरफ कर दिया।पृथ्वी का ये प्यारा सा विडिओ क्लिप देखकर अवनि के होंठो पर मुस्कान तैर गयी और उसका दिल ख़ुशी से भर गया। पृथ्वी चाहे उसे पास रहे चाहे उस से दूर वह अवनि के लिए अपना प्यार जाहिर करना कभी नहीं भूलता था।
“अवनि बेटा ! चले ?”,चाचा की आवाज अवनि के कानो में पड़ी तो अवनि ने फोन बंद किया और वहा से चली गयी लेकिन पृथ्वी के विडिओ ने उसके चेहरे पर ख़ुशी बनकर ठहर गयी थी और वह बहुत खुश थी।

देसाई मेंशन , मुंबई
प्राची अपना पर्स उठाये सीढ़ियों से नीचे हॉल में चली आयी जहा मिस्टर देसाई अपने और प्राची के बैग के साथ पहले से खड़े थे ! प्राची नीचे आयी और कहा,”डेड ! हम अचानक भुआ के घर क्यों जा रहे है ?”
“तुम्हारी भुआ पिछले काफी टाइम से तुमसे और मुझसे मिलना चाहती थी इसलिए मैंने सोचा क्यों एक हफ्ता उनके साथ बिताया जाए”,मिस्टर देसाई ने कहा
“क्या ! एक हफ्ता ? डेड ये कुछ ज्यादा नहीं हो जाएगा”,प्राची ने चौंककर कहा

“प्राची कितने सालो बाद मैं उनसे मिल रहा हूँ कम से कम थोड़ा वक्त तो मुझे उन्हें देना ही चाहिए और तुम भी कुछ दिन मुंबई से बाहर रहोगी तो तुम्हे अच्छा लगेगा,,,,,,,,,,,,अब चलो फ्लाइट का वक्त हो गया है”,मिस्टर देसाई ने कलाई पर बंधी घडी देखकर कहा
“आप चलिए डेड मैं आती हूँ”,प्राची ने कहा
“जल्दी आना”,मिस्टर देसाई ने कहा और नौकर से सामान लेकर आने का इशारा किया।

नौकर दोनों सूटकेस लेकर मिस्टर देसाई के पीछे चला गया। प्राची ने अपने बैग से अपना फोन निकाला और किसी का नंबर डॉयल करके फोन कान से लगा लिया। एक दो रिंग जाने के बाद दूसरी तरफ किसी ने फोन उठाया तो प्राची ने कहा,”काम हो गया ?”

“डोंट वरी प्राची मैडम काम हुआ नहीं है पर हो जाएगा। जयदीप मौर्या के पास मेरी बात मानने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। एक मामूली से एम्प्लॉय के लिए वह अपने 6 प्रोजेक्ट्स की डील केंसल होने नहीं देगा”,दूसरी तरफ से भरत ने कहा
“थैंक्यू मिस्टर भरत ! मैं जानती थी ये काम सिर्फ आप ही कर सकते है”,प्राची ने ख़ुशी भरे स्वर में कहा
“थैंक्यू मेडम ! यहाँ की टेंशन मत लीजिये मैं सब सम्हाल लूंगा , आप अपना कोलकाता ब्रेक इंजॉय कीजिये”,भरत ने कहा

प्राची ने भरत के मुँह से कोलकता का नाम सुना तो हैरानी भरे स्वर में कहा,”आपको कैसे पता मैं कोलकता जा रही हूँ ?”
“मैडम ! आप शायद भूल रही है कि मैं अब आपकी कम्पनी में प्रेजिडेंट की पोस्ट पर हूँ,,,,,,,,,,मुझे हर खबर रखनी पड़ती है”,भरत ने कहा
“अह्ह्ह्हह ठीक है , मैं फोन रखती हूँ और एक हफ्ते तक आप मुझे कोई फोन नहीं करेंगे,,,,,,,,!!!”,प्राची ने कहा और फोन काट दिया।

फोन काटने के बाद प्राची ने उसे अपने होंठो से लगाया और मुस्कुरा उठी। मिस्टर देसाई तो क्या बल्कि किसी को भी इस बात की खबर तक नहीं थी कि प्राची मिस्टर भरत से हाथ मिला चुकी है। प्राची को लगा मिस्टर भरत प्रेजिडेंट की पोस्ट के बदले उसकी मदद कर रहे है जबकि प्राची ये नहीं जानती थी कि भरत ही वो शख्स था जो देसाई ग्रुप कम्पनी को बर्बाद करने पर तुला था और इसे बर्बाद करने के लिए अनजाने में प्राची का ही साथ देने जा रही थी।

गाड़ी के हॉर्न से प्राची की तन्द्रा टूटी और वह बाहर चली गयी। बाहर आकर वह मिस्टर देसाई के साथ गाड़ी की पिछली सीट पर आ बैठी और गाडी वहा से निकल गयी।

मौर्या Pvt. Ltd. कम्पनी , नवी मुंबई
अपने केबिन मे बैठा जयदीप किसी गहरी सोच में डूबा था। अंकित ने केबिन का दरवाजा खोला और कुछ फाइल्स लेकर अंदर चला आया। अंकित ने फाइल टेबल पर रखी और कहा,”सर लगता है पृथ्वी आज भी ऑफिस नहीं आएगा इसलिए ये रिपोर्ट्स आपको ही चेक करनी होगी अगर इनमे कोई करेक्शन चाहिए तो आप मुझे बता देना मैं ठीक करवा दूंगा”

कहकर अंकित जाने को हुआ लेकिन जयदीप से कोई जवाब ना पाकर रुका और जयदीप की तरफ देखा। जयदीप को खोया देखकर अंकित ने कहा,”सर , जयदीप सर , आप ठीक है ?”
जयदीप की तन्द्रा टूटी उसने सामने खड़े अंकित को देखा तो ठीक से कुर्सी पर बैठते हुए कहा,”अह्ह्ह ! हां अंकित , तुम कुछ कह रहे थे ?”
“सर ये इस हफ्ते की मीटिंगस की फाइल”,अंकित ने कहा
“हाँ ठीक है ! मैं देख लूंगा”,जयदीप ने बुझे स्वर में कहा

जयदीप का उतरा हुआ चेहरा देखकर अंकित समझ गया कि कुछ तो बात है जो जयदीप को परेशान कर रही है लेकिन जयदीप ऑफिस में पृथ्वी के अलावा ज्यादा किसी से कुछ शेयर भी नहीं करते थे। अंकित वहा से चला गया और जयदीप के बारे में सोचते हुए अपने केबिन की तरफ जाने लगा तभी सामने से आते पृथ्वी से टकरा गया।

“भगवान् ने तुम्हे दो आँखे दी है उनका इस्तेमाल क्यों नहीं करते तुम ?”,पृथ्वी ने सहजता से कहा
“अरे तुम यहाँ कैसे ?”,अंकित ने पृथ्वी को देखा तो चौंककर कहा
“तो मुझे और कहा होना चाहिए ?”,पृथ्वी ने कहा
“अह्ह्ह्ह मेरा मतलब तुम तो लीव पर थे ना ?”,अंकित ने कहा
“मैंने सिर्फ कल का लीव लिया था और तुम लोग ऑफिस मेल ठीक से पढ़ते नहीं हो क्या ?”,पृथ्वी ने चिढ़कर कहा

“अच्छा अच्छा ठीक है,,,,,,,,वैसे तुम्हे जाकर एक बार जयदीप सर से मिलना चाहिए , आज वो कुछ ज्यादा ही परेशान लग रहे है क्या पता तुम्हे कुछ बता दे”,अंकित ने कहा और अपने केबिन में चला गया
पृथ्वी ने सुना तो उसके चेहरे पर चिंता के भाव उभर आये। वह सीधा जयदीप के केबिन में चला आया और दरवाजा खटखटा कर अंदर आया।  पृथ्वी जयदीप से चाहे जितनी बहस करे , चिढ़े लेकिन वह जयदीप के बॉस होने के नाते वह हमेशा उसकी इज्जत करता था इसलिए जब भी उसके केबिन में आता था दरवाजा खटखटा कर ही आता था।

पृथ्वी अंदर आया उसने देखा जयदीप परेशान सा किसी सोच में डूबा है , फाइल उसके सामने पड़ी है और उसका ध्यान कही और है। पृथ्वी कुछ देर खमोशी से जयदीप को देखता रहा और उसके चेहरे पर आये परेशानी के भावों को समझने की कोशिश करता रहा और कुछ देर बाद एकदम से कहा,”क्या हुआ ! मैडम ने घर से निकाल दिया क्या ? मैंने तो पहले ही कहा था एक न एक दिन आपको ये कॉफी बिल भारी पड़ जायेंगे”

पृथ्वी की आवाज कानों में पड़ी तो जयदीप की तंद्रा टूटी उसने देखा पृथ्वी सामने खड़ा है। पृथ्वी को अपने केबिन में देखकर जयदीप हैरान भी था और खुश भी , वह अपनी कुर्सी से उठा और पृथ्वी के सामने आकर कहा,”तुम कब आये और तुम तो लीव पर थे ना ?”
“अह्ह्ह्ह मुझे पता ही था राजा और प्रजा दोनों एक जैसी है,,,,,,,,,,,,क्या आपने मेरा मेल और मैसेज ठीक से नहीं पढ़ा , मैं सिर्फ कल लीव पर था आज तो मुझे ऑफिस आना ही था न”,पृथ्वी ने कहा

“अह्ह्ह्ह हाँ ! शायद मैंने ध्यान नहीं दिया”,जयदीप ने बुझे स्वर में कहा
जयदीप की शक्ल देखकर पृथ्वी समझ गया कि कुछ तो हुआ है इसलिए उसने मजाक से हटकर कहा,”क्या हुआ , आप कुछ परेशान नजर आ रहे है ?”
जयदीप ने सुना तो उदास आँखों से पृथ्वी को देखने लगा। जयदीप की ख़ामोशी से पृथ्वी समझ गया कि जयदीप बहुत ज्यादा परेशान है इसलिए उसने खुद से ही अंदाजा लगाकर कहा,”आप कल मिस्टर देसाई से मिलने उनके ऑफिस गए थे वहा कुछ हुआ है क्या ? आप उनसे मिले या नहीं ?”

“मैं जब तक उनके ऑफिस पंहुचा तब तक वो वहा से निकल चुके थे”,जयदीप ने बुझे स्वर में कहा  
“बस इतनी सी बात के लिए आप इतने परेशान है , मुझे तो लगा आपके और मिस्टर देसाई के बीच बहस हुई होगी इस वजह से आप परेशान है”,कहते हुए पृथ्वी टेबल की तरफ आया गिलास के ऊपर से ढक्कन हटाकर पानी का गिलास उठाया और जयदीप के सामने आकर कहा,”लीजिये पानी पीजिये”
जयदीप ने गिलास लिया लेकिन पानी ना पीकर उसे साइड में रखकर कहा,”मैं मिस्टर देसाई से तो नहीं मिला लेकिन मिस्टर भरत से मिला था,,,,,,,,,,,,,,!!!”

पृथ्वी ने सुना तो ख़ामोशी से जयदीप की तरफ देखा और जयदीप ने कहा,”एक बुरी खबर है पृथ्वी ,,,,,,,,,,,!!!”
जयदीप के मुँह से बुरी खबर सुनकर पृथ्वी बैचैन नहीं हुआ बल्कि सहज भाव से मुस्कुरा कर कहा,”और मेरे पास आपके लिए एक अच्छी खबर है” 

( आखिर वो कौनसा काम था जिसे पूरा करने पृथ्वी गया था मुंबई से बाहर ? क्या प्राची और भरत मिले हुए है ? जयदीप की तरफ से वो बुरी खबर क्या है और क्या है पृथ्वी की तरफ से अच्छी खबर ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” सीजन 2 मेरे साथ )

Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95

Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95Pasandida Aurat Season 2 – 95

Continue With Pasandida Aurat Season 2 – 96

Read Pasandida Aurat

Follow Me On https://www.instagram.com/sanjanakirodiwal/

संजना किरोड़ीवाल  

Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal
Exit mobile version