Pasandida Aurat Season 2 – 91
घरवालों के साथ दादी को देख अवनि के साथ साथ पृथ्वी भी हैरान था। दादी ने पृथ्वी को देखा और कठोर स्वर में कहा,”अंदर आने दोगे या फिर यही खड़े रखने का इरादा है ?”
“अह्ह्ह्हह हाँ ! आईये ना”,पृथ्वी ने कहा और साइड हो गया। सभी एक एक करके अंदर चले आये लेकिन किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट नहीं थी बल्कि गंभीर भाव थे। अंदर आकर दादी सोफे पर आ बैठी और बाकि सबसे बैठने का इशारा किया।
बड़े पापा , रवि जी और पंकज दादी के बगल में पड़े बड़े सोफे पर आ बैठे , बड़ी मम्मी , लता जी और चाची एक तरफ खड़ी हो गयी। नीलम भुआ दादी के बगल में पड़े सिंगल सोफे पर आ बैठी तो वही हिमांशु नीलम भुआ के सोफे के हत्थे पर आ बैठा।
अवनि और पृथ्वी भी डरे सहमे से सबके बीच चले आये। अवनि ने आगे बढ़कर दादी के पैर छुए तो उन्होंने अवनि को आशीर्वाद दिया और अवनि साइड हो गयी।
उसे नहीं पता था सब लोग यहा क्यों इकठ्ठा हुए है ? पृथ्वी ने सबको साथ देखा और फिर दादी से कहा,”आपने बताया नहीं आप मुंबई आ रही है ?”
“तूने भी तो कहा बताया कि तूने शादी कर ली है ?”,दादी ने पृथ्वी को ताना मारकर कहा
पृथ्वी ने सुना तो दादी से नजरे चुराकर दूसरी ओर देखने लगा और फिर दादी ने पृथ्वी को सुनाना शुरू किया,”इतना बड़ा हो गया है तू कि सबके खिलाफ जाकर खुद की पसंद से शादी कर ली और मुझ बूढी को बताना जरुरी भी नहीं समझा !! ये नहीं कम से कम एक फोन करके बता दू लेकिन सही है मैं लगती ही क्या हूँ तुम्हारी ?”
“ऐसी बात नहीं है दादी मैं बताना चाहता था लेकिन हालात ऐसे थे कि,,,,,,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने इतना ही कहा कि दादी ने उसकी बात काटकर कहा,”ये हालात और ये सब की बाते तू मुझसे मत कर समझा ,उस दिन अगर मैंने तेरा साथ नहीं दिया होता तो क्या तू ये शादी कर पाता?”
पृथ्वी ने सुना तो सर झुकाकर मुस्कुराने लगा लेकिन बाकि घरवालों ने हैरानी से दादी की तरफ देखा और बड़े पापा ने कहा,”आई आप भी,,,,,,,,,,,,,!!!”
“अरे तो और क्या करती ? तुम सब इस बेचारे के पीछे ही पड़ गए तो फिर मुझे ही इसका साथ देंना पड़ा और मैंने कहा लेकर भाग जा लड़की को बाद में जो होगा वो देखा जाएगा”,दादी ने कहा
पृथ्वी ने सुना तो आकर दादी के पैरों में बैठ गया और उनका घुटना दबाते हुए कहा,”इसके लिए मैं जिंदगीभर आपका अहसानमंद रहूंगा दादी”
दादी ने पृथ्वी के सर पर हाथ फेरा और उसका ललाट चूमकर कहा,”काहे का अहसान पगले , तूने कुछ गलत नहीं किया जिस से प्रेम हो उसके लिए अगर भगवान् से भी लड़ना पड़े तो लड़ जाओ,,,,,,,,,,,,!!!”
दादी की बात सुनकर पृथ्वी मुस्कुरा उठा और अपना सर उनके घुटने पर रख दिया उस वो सारे पल याद आने लगे जब अवनि के लिए वह सबसे लड़ा था ,झगड़ा था।
उसकी आँखों में आँसू भर आये लेकिन उसने अपने आँसुओ को आँखो में ही रोक लिया।
अवनि अलग थलग खड़ी चुपचाप सब देख रही थी। बाकि सब घरवालों से तो वह पहले ही मिल चुकी थी बस दादी से पहली बार मिल रही थी। अवनि को खामोश खड़ी देखकर बड़े पापा ने कहा,”अवनि ! यहाँ आओ बेटा”
सर पर रखे दुपट्टे को सम्हाले अवनि बड़े पापा के सामने चली आयी और नजरे झुकाकर खड़ी हो गयी।
“घर में सबसे बड़ा होने के चलते मैं सबकी तरफ से तुमसे माफ़ी चाहता हूँ बेटा , अब तक जिसने तुम्हे जो कुछ भी कहा , तुम्हारे साथ जो भी बर्ताव किया , तुम्हारा दिल दुखाया , तुम्हारे मन को जितनी भी ठेस पहुंचाई उस सब के लिए , सबकी तरफ से मैं तुमसे माफ़ी चाहता हूँ बेटा,,,,,,,,,,,,,यहाँ मौजूद किसी भी इंसान के दिल में तुम्हारे लिए नफरत नहीं है ना ही आज के बाद किसी को तुम से कोई शिकायत होगी”,बड़े पापा ने कहा
अवनि ने सुना तो अपनी पलकें झुकाये रखी और कहा,” मुझसे माफ़ी मांगकर आप मुझे शर्मिंदा कर रहे है , आप सब मुझसे बड़े है आप अगर मुझे दो बातें कह भी दे तो मुझे उसका बुरा नहीं लगेगा,,,,,,,,,,,जो कुछ भी हुआ उसके लिए हम में से कोई जिम्मेदार नहीं है इसलिए माफ़ी मत मांगिये प्लीज”
अवनि की बात सुनकर बड़े पापा मुस्कुराये और कहा,”पृथ्वी ने जितना बताया था तुम उस से ज्यादा समझदार हो बेटा”
“अवनि यहाँ आओ”,दादी की आवाज अवनि के कानो में पड़ी तो अवनि उनकी तरफ पलटी। दादी ने अवनि से अपने बगल में बैठने का इशारा किया। अवनि ने देखा पृथ्वी दादी के पैर के पास नीचे जमीन पर बैठा है ऐसे में वह उस से ऊपर दादी के बगल में कैसे बैठ सकती थी ? अवनि पृथ्वी के ठीक सामने दादी के दूसरे पैर के पास अपने घुटने मोड़कर आ बैठी। ये देखकर दादी ने कहा,”अरे तुम नीचे क्यों बैठ गयी ?”
पृथ्वी ने देखा तो वह समझ गया और दादी की तरफ देखकर कहा,”ये राजस्थान वालो के मोरल है दादी , अपने पति के सम्मान में वो नीचे बैठी है”
दादी ने सुना तो पृथ्वी के सर पर एक चपत लगायी और कहा”बड़ा आया पति बनने वाला , अरे सिर्फ शादी करने से कुछ नहीं होता लड़की को पत्नी का हक़ और सम्मान भी दिलाना पड़ता है , कुछ सोचा है इस बारे में,,,,,,,,,,,,!!”
“मैं कुछ समझा नहीं,,,,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने हैरानी से कहा
“पृथ्वी हम सबने मिलकर ये फैसला किया है कि तुम्हारी और अवनि की शादी पुरे रीति-रिवाज से एक बार फिर हो और हम ख़ुशी और धूमधाम से अपनी बहू को अपने घर लेकर आये”,इस बार रवि जी ने कहा
पृथ्वी ने सुना तो उसे अपने कानो पर यकीन ही नहीं हुआ उसने चौंककर रवि जी की तरफ देखा तो पाया रवि जी मुस्कुरा रहे है। उसने बाकि सबकी तरफ देखा तो पाया बाकि सब के चेहरे भी ख़ुशी से खिले हुए है। आखिर में उसने दादी की तरफ देखा और कहा,”दादी ! बाबा जो कह रहे है वो सच है क्या ?”
“लो तुम्हे दादा की बात का यकीन ही नहीं है , अरे भाई हम सबने तुम्हे माफ़ कर दिया है इसलिए तो हम सब यहाँ है”,चाचा ने कहा
पृथ्वी ने सुना तो मारे ख़ुशी के सामने बैठी अवनि का चेहरा अपने हाथो में लिया और कहा,”मैंने कहा था ना अवनि एक दिन सब मान जायेंगे,,,,,,,,,,,,अब तो तुम खुश हो ना ?”
अवनि का चेहरा मारे शर्म के लाल हो रहा था वह कुछ बोल ही नहीं पायी क्योकि सब घरवालों के बीच बैठी थी और पृथ्वी जिसे ख़ुशी के मारे होश नहीं था कि वह घरवालों के सामने ही अवनि के इतना करीब है।
अवनि के अलावा उस पगले को कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था और जब उसने अवनि को खामोश देखा तो समझा कि वह ख़ुशी के मारे बोल नहीं पा रही है। पृथ्वी ने उसके चेहरे को थामे रखा और अपनी ख़ुशी जाहिर करने के लिए जैसे ही अपने होंठो को अवनि के ललाट की तरफ बढ़ाया सब एक साथ चिल्लाये,”ऐऐऐऐऐऐऐ”
सबकी आवाज सुनकर पृथ्वी होश में आया और उसे महसूस हुआ वह सबके बीच बैठा है वह अवनि से दूर हटा और बेचारी दादी ने अपना हाथ अपने ललाट से लगा लिया।
अवनि तो मारे शर्म के किसी को देख ही नहीं पा रही थी वह उठी और किचन की तरफ चली गयी। लता जी ने अपने पास खड़ी चाची को अवनि के पास जाने का इशारा किया तो वे मुस्कुराते हुए वहा से चली गयी।
हॉल में फैली शांति को देखकर पृथ्वी सर झुकाकर उठा और कहा,”मैं अभी आया,,,,,,,,,,,,!!!”
इतना कहकर पृथ्वी बालकनी की तरफ भाग गया और बाकि घरवाले एक दूसरे को देखकर हंस पड़े। हिमाँशु भैया उठे और बालकनी की तरफ चले आये।
किचन में आकर अवनि ख़ुशी और शर्म के भाव से भरी हुई हुई थी। उसकी आँखों में ख़ुशी के आँसू थे और चेहरे पर शर्म की लाली। वह प्लेटफॉर्म की तरफ मुँह करके खड़ी थी और मन ही मन अपने महादेव का शुक्रिया अदा कर रही थी। दिन रात वह बस एक ही प्रार्थना करती थी कि पृथ्वी के घरवाले पृथ्वी को माफ़ कर दे और इस शादी को स्वीकार कर ले और आज वह दिन आ गया। अवनि बहुत खुश थी उसके पास अपनी ख़ुशी जाहिर करने के लिए शब्द नहीं थे।
चाची ने पीछे से आकर अवनि के कंधो पर हाथ रखे और कहा,”क्या हुआ शरमा गयी ?”
अवनि ने जल्दी से अपनी आँखों के किनारे साफ किये और चाची की तरफ पलट गयी। चाची ने उसकी आँखो की नमी को भांप लिया उन्होंने अवनि के गाल को छुआ और बड़े प्यार से कहा,”ख़ुशी के इस मौके पर इतनी प्यारी आँखों में ये आँसू क्यों ?”
अवनि ने नम आँखों से चाची को देखा और कहा,”मैंने कभी सोचा नहीं था आप सब मुझे अपनायेंगे,,,,,,,,,,,,,खुद से भी ज्यादा उनके लिए बुरा लगता था जब उन्हें आप सब से दूर देखती थी”
चाची ने सुना तो उन्हें अवनि की बात सुनकर दुःख हुआ उन्होंने अवनि के हाथो को अपने हाथ में लिया और कहने लगी,”अवनि ! तुम्हे बुरा लगाने की जरूरत नहीं है ना ही खुद को दोष देने की जरूरत है। जो कुछ हुआ उसे एक बुरा सपना समझकर भूल जाओ क्योकि तुम दोनों का आने वाला कल बहुत खूबसूरत होने वाला है,,,,,,,,,अब किसी को तुम से कोई शिकायत नहीं है , सब पृथ्वी के फैसले से और इस शादी से खुश है”
अवनि ने सुना तो हामी में गर्दन हिला दी। चाची ने उसके गालों पर आँसुओ को पोछा और मुस्कुराते हुए कहा,”इन्हे अपनी विदाई के लिए बचाकर रखो”
अवनि ने सुना तो शरमाकर चाची के गले आ लगी। चाची बातें करते हुए अवनि के साथ मिलकर सबके लिए चाय बनाने लगी।
पृथ्वी सबके बीच से उठकर बालकनी मे चला आया। कुछ देर पहले उसने घरवालों के सामने जो कुछ भी किया उसके बारे में सोचकर उसे अब खुद पर शर्म आ रही थी। हिमांशु भैया पृथ्वी से बात करने बालकनी में चले आये। पृथ्वी अपने नाख़ून चबाते हुए बालकनी में यहाँ से वहा चक्कर लगा रहा था कि हिमांशु भैया को देखकर रुक गया। पहले तो पृथ्वी को उन पर गुस्सा आया क्योकि उसने अवनि को बड़े पापा के घर हिमांशु भैया की जिम्मेदारी पर ही भेजा था लेकिन बाद में उस बात को भूलकर पृथ्वी ने उनसे कहा,”सॉरी ! वो ख़ुशी के मारे मैंने ध्यान नहीं दिया कि सब वही है,,,,,,,,,,,,,,छः वो सब मेरे बारे में क्या सोच रहे होंगे ?”
“कुछ नहीं सोचेंगे उन्हें पता है उनका लड़का प्यार में पागल है,,,,”,हिमांशु भैया ने पृथ्वी को ताना मारकर कहा तो पृथ्वी झेंप गया और दूसरी तरफ देखने लगा
हिमांशु भैया पृथ्वी के बगल में आकर खड़े हो गए और कहा,”अवनि के साथ जो हुआ उसके लिए क्या तुम अभी भी मुझसे नाराज हो ?”
हिमांशु की बात सुनकर पृथ्वी ने उनकी तरफ देखा तो उन्होंने मायूस होकर कहा,”पृथ्वी ! मुझे सच में नहीं पता था कि ऐसा कुछ हुआ है , मैंने जब भी देखा अवनि को सब के साथ खुश और नार्मल ही देखा था और फिर मैं सबके सामने उस से ज्यादा बात भी तो नहीं कर सकता था ना , मैं रिश्ते में उस से बड़ा हूँ ऐसे नयी बहू से जायदा बात करना अच्छा नहीं लगता,,,,,,,,,,,,,,नीलम भुआ भी अपने बर्ताव के लिए बहुत शर्मिंदा है उन्होंने सबसे माफ़ी भी मांगी और वे अवनि और तुम्हारे पास भी आयी थी माफ़ी मांगने”
पृथ्वी ने सुना तो चौंका क्योकि वह तो नीलम भुआ से मिला ही नहीं था और ना ही अवनि ने उसे कुछ बताया। पृथ्वी ने हिमांशु की तरफ देखा और कहा,”भाई ! मुझे आपसे कोई शिकायत नहीं है , सब ने अवनि को दिल से अपना लिया ये सुनकर ही मैं सारी शिकायते भूल गया”
“तुम्हारा दिल हम से बड़ा है यार पृथ्वी”,हिमांशु ने कहा
“उसका दिल मुझसे भी बड़ा है भाई ! तभी तो उसने मेरे लिए इतना अपमान सह लिया ,, हाह ! इस जन्म में मैं उसके लिए जितना करू उतना कम होगा”,पृथ्वी ने कहा
“उसने तुम्हारे लिए खामोश होकर सब सुना कोई वो तुम से बहुत प्यार करती है पृथ्वी और ये तुम्हारी जिम्मेदारी बनती है कि तुम उसके इस प्यार पर कभी कोई आँच ना आने दो”,हिमांशु ने कहा
“मैं उसका हमेशा ख्याल रखूंगा भाई खुद से भी ज्यादा”,पृथ्वी ने कहा तो हिमांशु ने मुस्कुरा कर कहा,”आओ चलते है”
“नहीं मैं नहीं जाऊंगा मुझे शरम आ रही है”,पृथ्वी ने बच्चो की तरह कुनमुनाते हुए कहा
“अरे आओ भी,,,,,,,,,,,,,!!!”,कहते हुए हिमांशु भैया उसका हाथ पकड़कर उसे खींचते हुए हॉल में सबके बीच ले आये।
चाची और अवनि सबके लिए चाय लेकर आ चुकी थी। दादी ने चाय का कप लिया और एक घूंठ भरकर कहा,”चाय अच्छी बनी है”
“वो खाना भी बहुत अच्छा बनाती है”,दादी के बगल में बैठे पृथ्वी ने धीरे से फुसफुसाकर कहा
“अह्ह्ह्ह ! बड़ा आया बीवी की तारीफ करने वाला , वो तो मैं खाकर बताउंगी कैसा है ?”,दादी ने भी फुसफुसाकर कहा
“ये आप दोनों आपस में क्या खिचड़ी पका रहे है ?”,बड़े पापा ने कहा
“कुछ नहीं ये बस कह रहा है कि इसे धूमधाम से शादी नहीं करनी”,दादी ने सबको सुनाकर कहा
“अरे ! मैंने कब कहा नहीं करनी है ,मुझे करनी है”,पृथ्वी ने एकदम से कहा सब उसे देखने लगे और फिर एकदम से हंस पड़े। पृथ्वी एक बार फिर झेंप गया और चाची के पास खड़ी अवनि पृथ्वी को देखकर मुस्कुरा उठी। पृथ्वी ने जैसे ही अवनि को देखा अवनि शरमाकर चाची के पीछे छुप गयी और पृथ्वी मुस्कुरा उठा।
चाय-नाश्ते के बाद दादी ने पृथ्वी और अवनि को साथ बैठाया और फिर सारी बाते समझायी। 5 दिन बाद शादी का शुभ मुहूर्त था और इन पांच दिनों में कौनसी रस्मे होंगी सब डिटेल में समझाया। पृथ्वी मुस्कुराते हुए सब सुन रहा था और अवनि ख़ामोशी से बस हाँ में गर्दन हिलाये जा रही थी।
सब बाते बताकर आखरी में दादी ने कहा,”बिटिया ! हमारे यहाँ फेरो की साड़ी मायके से आती है , तुम्हारी अपने घरवालों से बोलचाल बंद है अगर तुम कहो तो हम में से कोई जाकर उनसे बात कर सकता है”
अवनि ने मायके का नाम सुना तो उसके चेहरे पर दर्द के भाव उभरे।
माँ बचपन में चली गयी , पिता भी जा चुके थे और जो अपने बचे थे उन्होंने अवनि से सारे रिश्ते पहले ही खत्म कर लिए थे,,,,,,,,,,,,ना चाहते हुए भी उसकी आँखों में नमी उभर आयी और उसने दादी की तरफ देखकर कहा,”माफ़ कीजियेगा पर मैं नहीं चाहती आप लोग वहा बात करे और बदले में वे आपका अपमान करे। मेरे माता-पिता नहीं है और जो रिश्तेदार बचे है उन्होंने मुझसे उसी दिन रिश्ता खत्म कर लिया था जिस दिन मैंने इनका हाथ थामा था,,,,,,,,,,,,उस घर के दरवाजे मेरे लिए कभी नहीं खुलेंगे”
अवनि की बात सुनकर सब उदास हो गयी और पृथ्वी भी उदास आँखों से अवनि को देखने लगा। पृथ्वी को तो उसका परिवार मिल चुका था लेकिन अवनि , अवनि का परिवार हमेशा के लिए उस से दूर हो चुका था और यही बात पृथ्वी को अंदर ही अंदर चुभ रही थी।
सबको उदास देखकर नीलम भुआ ने कहा,”अवनि के लिए फेरो की साड़ी मेरी तरफ से आएगी”
नीलम भुआ की बात सुनकर सब हैरानी से उन्हें देखने लगे और अवनि की आँखों में भरे आँसू बह गए
अब आप बताईये कि नीलम भुआ ने अवनि को फेरो की साड़ी देने की बात क्यों कही ?”
Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91
Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91Pasandida Aurat Season 2 – 91
Continue With Pasandida Aurat Season 2 – 92
Read pasandda aurat
Follow Me On https://www.instagram.com/sanjanakirodiwal/
संजना किरोड़ीवाल
