Pasandida Aurat Season 2 – 8
रिया की बात सुनकर पृथ्वी खांसने लगा। लड़किया पृथ्वी की दोस्त रह चुकी थी लेकिन इतना गहराई में वह कभी लड़की के साथ नहीं गया कि उसे इन सबके बारे में पता रहे और अवनि के बारे में तो ऐसा उसने कभी नहीं सोचा। पृथ्वी को खाँसते देखकर नकुल हसने लगा। उसे हँसते देखकर रिया ने उसकी बाँह पर एक मुक्का जड़ते हुए कहा,”तुम क्या हंस रहे हो ? और ये लड़की कौन है ?”
“पृथ्वी की वाइफ है”,नकुल ने कहा
“क्या ? तुमने शादी कब की ?”,रिया ने पृथ्वी की तरफ पलटकर हैरानी से कहा
“अह्ह्ह्ह वो एक लम्बी कहानी है नकुल तुम्हे बाद में बता देगा”,पृथ्वी ने कहा पानी का बोतल टेबल पर रखकर कहा
“मतलब तुमने उस से घरवालों के अगेंस्ट जाकर शादी की है ? इसका मतलब तुम्हारी लव मैरिज है ,, वाओ पृथ्वी तुमने कभी बताया नहीं तुम्हारी गर्लफ्रेंड भी थी”,रिया ने हैरानी से ख़ुशी भरे स्वर में कहा
“वो मेरी गर्लफ्रेंड नहीं है,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने धीरे से कहा
“गर्लफ्रेंड नहीं है ओह्ह्ह्हह मतलब तुम दोनों ने सीधा एक दूसरे को I Love You कहा और फिर तुमने उस से शादी कर ली”,रिया ने कहा
“अह्ह्ह नहीं उसने मुझसे कभी I Love You नहीं कहा”,पृथ्वी ने कहा
रिया ने सुना तो उलझन में पड़ गयी और कहा,”वो तुम्हारी गर्लफ्रेंड भी नहीं है और उसने तुम्हे I Love You भी नहीं कहा तो क्या इसका मतलब ये One Sided है ? एंड उसने तुमसे शादी कैसे कर ली ? ओह्ह्ह्ह पृथ्वी मेरा तो दिमाग फट जायेगा”,रिया ने अपना सर पकड़ कर कहा
“तुम्हारा सर फ़टे इस से पहले तुम अपने बेबी को लेकर यहाँ से जाओ,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने नकुल और रिया को दरवाजे की तरफ ले जाते हुए कहा
“हाह ! तुम कितने बुरे हो , मैं अभी ठीक से तुम्हारी वाइफ से मिली भी नहीं और तुम मुझे यहाँ से भगा रहे हो,,,,,,,,,!!”,रिया ने कहा
“उस से तुम बाद में मिल लेना वैसे भी अब वो यही रहने वाली है। हमारी नयी नयी शादी हुई है तुम दोनों को नहीं लगता तुम लोगो को हमे अकेला छोड़ देना चाहिए”,पृथ्वी ने दोनों को फ्लेट से बाहर करके कहा
“सही है बेटा ! अवनि के आते ही दोस्त को घर से बाहर कर दिया,,,,,,,,,!”,नकुल ने ताना मारकर कहा
“मुझे उसे गुड बाय तो कहने दो,,,,,,,,!!”,रिया ने अंदर जाने की कोशिश करते हुए कहा तो पृथ्वी ने उसका रास्ता रोककर कहा,”उसकी कोई जरूरत नहीं है मैं उसे कह दूंगा,,,,,,,,,अब तुम दोनों यहाँ से जाओ”
“ठीक है बाय , अपना ख्याल रखना और अवनि का भी,,,,,,,,एंड हाँ कोन्ग्रेचुलेशन,,,,!!”,रिया ने कहा तो पृथ्वी ने उसे साइड हग किया और उसके बाद नकुल और रिया वहा से चले गए।
पृथ्वी ने दरवाजा बंद किया और अंदर चला आया। अवनि के कपड़ो के साथ पृथ्वी खाने का सामान भी लेकर आया था। अवनि कमरे में थी इसलिए पृथ्वी किचन में चला आया। उसे नकुल की सुबह कही बात याद आयी और वह खुद अवनि के लिए चाय बनाने लगा।
अवनि को लेकर जो छोटे छोटे सपने पृथ्वी ने देखे थे वो धीरे धीरे अब पुरे हो रहे थे। वह हमेशा सोचता था किसी दिन अवनि उसके साथ होगी और वह उसके लिए खुद अपने हाथो से चाय बनाएंगा और आज वो पल आ चुका था। पृथ्वी ने बहुत ही प्यार से अवनि के लिए चाय बनायीं। अवनि नहाकर अपने गीले बालों को पोछते हुए बालकनी में चली आयी क्योकि इस वक्त सिर्फ यही जगह थी जहा थोड़ी धूप थी। अवनि अपने बालों को पोछने लगी और पृथ्वी प्यार से एकटक उसे देखता रहा।
अगले ही पल पृथ्वी बालकनी में अवनि के सामने था और ये देखकर अवनि के हाथ रुक गए। वह पृथ्वी को देखने लगी तो पृथ्वी ने उसके हाथो से तौलिया लिया और अवनि के पीछे आकर उसके बालों को पोछने लगा। खामोश खड़ी अवनि ने पृथ्वी को नहीं रोका। बालकनी में आती धूप सीधा अवनि के चेहरे और कंधे पर पड़ रही थी जिसमे उसका गोरा रंग चमक रहा था। बालों से झरती पानी की कुछ बुँदे अवनि के कंधे पर गिरी चमक रही थी।
पृथ्वी की नजर उन पर पड़ी तो उसके हाथ रुक गए। अवनि पलटी तो उसके गीले बाल पृथ्वी के चेहरे पर आ लगे जिन्हे पृथ्वी ने अवनि को देखते हुए बहुत ही आहिस्ता से हटा दिया। सुबह सुबह अवनि का चेहरा कितना मासूम और प्यारा लग रहा था उस पर उसके भीगे बाल पृथ्वी बैचैन कर रहे थे। उसने देखा अवनि के चेहरे पर बालों की लट है जैसे ही पृथ्वी ने उसे हटाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया उसके कानो में कुछ उफनने की आवाज पड़ी।
पृथ्वी की तंद्रा टूटी उसने देखा चाय उफनकर गिरने ही वाली है तो उसने जल्दी से गैस बंद कर दिया और राहत की साँस ली , पृथ्वी किचन में ही खड़ा था और अवनि बालकनी में खड़ी अपने बाल पोछ रही थी। पृथ्वी ने जो महसूस किया वो सिर्फ उसका भरम था। उसने चाय दो कप में छानी और लेकर बाहर चला आया। अवनि ने देखा तो उसने अपने बालो को समेटकर पीछे बाँध लिया और पृथ्वी की तरफ चली आयी।
अवनि सोफे पर आ बैठी तो पृथ्वी ने चाय का कप उसकी तरफ बढाकर कहा,”ये मैंने खुद बनायी है , उम्मीद है आपको पसंद आएगी”
“अच्छी है”,अवनि ने कप हाथो में थामकर कहा
“आपने पी भी नहीं और अच्छी है,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने कहा
“मेहनत से बनायीं हर चीज अच्छी ही होती है पृथ्वी,,,,,,!!”,अवनि ने कहा और चाय का कप होंठो से लगा लिया।
पहले ही घूंठ में अवनि ने महसूस किया कि चाय अच्छी बनी थी। पृथ्वी भी वही बगल में पड़े सोफे पर बैठकर अपनी चाय पीने लगा। अवनि ने देखा नकुल और रिया कही नजर नहीं आ रहे तो उसने पृथ्वी से पूछा,”वो दोनों कहा गए ?”
“वो घर चले गए,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने कहा जबकि उसने ये नहीं बताया कि उसने ही उन्हें घर भेजा था
“ओह्ह्ह्ह ! मैं उन्हें thankyou भी नहीं कह पायी”,अवनि ने कहा
“कोई बात नहीं कुछ दिन बाद हम उन्हें खाने पर बुला लेंगे तब कह देना,,,,,,,,,,,वैसे भी वो दोनों मेरे दोस्त है मैडम जी तो आप अगर उन्हें Thankyou ना भी कहे तो चलेगा”,पृथ्वी ने कहा
“पृथ्वी ! क्या तुम मुझे जिंदगीभर “मैडम जी” ही कहने वाले हो ? तुम मुझे मेरे नाम से क्यों नहीं बुलाते ?”,अवनि ने पृथ्वी की तरफ देखकर कहा
“ऐसी बात नहीं है , मैंने हमेशा आपसे आप कहकर बात की है तो नाम लेने थोड़ा अजीब लगता है बस इसलिए मैं आपको मैडम जी बोल देता हूँ”,पृथ्वी ने कहा
“लेकिन अब मैं तुम्हारे लिए मैडम जी नहीं हूँ पृथ्वी , हमारी शादी हो चुकी है और तुम मेरे पति हो इसलिए तुम मुझे अब मेरे नाम से बुला सकते हो”,अवनि ने नजरे झुकककर धीरे से कहा
पृथ्वी ने अवनि के मुँह से “तुम मेरे पति हो” सुना तो उसका चेहरा खिल उठा , दिल में तितलियाँ सी उड़ने लगी। उसने अवनि की तरफ देखा और मुस्कुरा कर कहा,”आपके मुँह से ये “तुम मेरे पति हो” कितना अच्छा लग रहा है ना , हाय काश मुझे ये रोज सुनने को मिले”
अवनि ने सुना तो हैरानी से पृथ्वी को देखा और कहा,”तुम मेरे साथ फ्लर्ट कर रहे हो”
“बिल्कुल नहीं ! मुझे क्या आपसे मार खानी है”,पृथ्वी ने मुँह बनाकर साइड में देखते हुए कहा जबकि मुस्कराहट अभी भी उसके होंठो पर थी , अवनि ने इतने प्यार से उसे अपना पति जो कहा था।
“आज से तुम मुझे अवनि बुलाओगे”,अवनि ने कहा
पृथ्वी की तरफ पलटा और कहा,”ठीक है फिर आज से मैं आपको अवनि कहकर बुलाऊंगा लेकिन,,,,,,,,,!!”
“लेकिन क्या ?”,अवनि ने पूछा
“वो अभी आपने कहा ना मैं आपका पति हूँ तो हमारे यहाँ पति को “आप” कहकर बुलाते है “तुम” नहीं”,पृथ्वी ने धीरे से कहा
“लेकिन तुम मुझसे छोटे हो”,अवनि ने कहा
“अरे तो क्या हुआ मैं रिश्ते में आपसे बड़ा हूँ,,,,,,और सब लड़को की तरह मेरा भी सपना है कि मेरी बायको मुझे “आप” कहकर बुलाये”,पृथ्वी ने बच्चो की तरह कुनमुनाते हुए कहा
अवनि ने सुना तो मुस्कुराई और कहा,”ठीक है जिस दिन ये सब ठीक हो जाएगा और तुम्हारे घरवाले मुझे अपना लेंगे मैं तुम्हे ये हक़ जरूर दूंगी”
पृथ्वी ने सुना तो अवनि की तरफ देखने लगा , पृथ्वी समझ गया कि उसे अभी बहुत मेहनत करनी पड़ेगी अवनि के मुँह से “आप” सुनने के लिए , वह मुस्कुराया और कहा,”वो दिन जल्दी ही आएगा अवनि,,,,,,,,,,,!!”
अवनि एकटक पृथ्वी को देखने लगी , पृथ्वी था और किचन से प्लेट ले आया उसने अपने और अवनि के लिए नाश्ता लगाया और दोनों चुपचाप खाने लगे। दूर रहकर दोनों के पास करने के लिए जितनी बातें थी पास होकर अब ख़ामोशी में बदल गयी।
नाश्ता करने के बाद पृथ्वी उठा और अंगड़ाई लेकर कहा,”अब मुझे थोड़ी देर सोना चाहिए”
“ये सोने का वक्त नहीं है , तुम भूल रहे हो तुमने मुझसे कल क्या कहा था ?”,अवनि ने प्लेट उठाते हुए कहा
“क्या कहा था ?”,पृथ्वी ने अनजान बनते हुए कहा
“हम मिलकर इसे साफ करने वाले है , मैंने किचन और हॉल की सफाई कर दी है अब तुम्हारा रूम और स्टोर रूम बाकि है,,,,,,,,,चलो चलकर मेरी हेल्प करो”,अवनि ने किचन की तरफ जाते हुए कहा
“ये मैं कहा फंस गया,,,,,!!”,पृथ्वी अपने नाख़ून चबाते हुए खुद में ही बड़बड़ाया
अवनि बाहर आयी देखा पृथ्वी अभी भी वही खड़ा है तो उसने इशारे से उसे साथ आने को कहा और पृथ्वी को आना पड़ा आखिर वह मैडम जी की बात कैसे टाल सकता था।
अवनि ने पृथ्वी से कमरे का भारी सामान बाहर निकालने को कहा और खुद कबर्ड की तरफ चली आयी।
पृथ्वी अवनि को रोक पाता इस से पहले अवनि ने कबर्ड को खोला और उसमे ठुसे गए सारे कपडे अवनि पर आ गिरे जिस से अवनि को सम्हलने का मौका नहीं मिला और वह उन कपड़ो के साथ बिस्तर पर आ गिरी। पृथ्वी अवनि को बचाने उसकी तरफ बढ़ा लेकिन नीचे गिरा कपडा उसके पैर में आया और वह फिसलकर अवनि के बगल में आ गिरा।
दोनों कपड़ो को हटाने लगे और ऐसा करते हुए अवनि एकदम से पृथ्वी के करीब आ गयी , इतना कि दोनों के चेहरों में बस दो इंच का फर्क था। पृथ्वी का दिल जोरो से धड़क रहा था और अवनि का हाथ उसके सीने पर था जिस से वह पृथ्वी की धकड़ने साफ महसूस कर पा रही थी।
अवनि को होश आया तो वह जल्दी से पृथ्वी से दूर हट गयी। पृथ्वी ने भी अपने ऊपर गिरे कपड़ो को साइड किया और नीचे गिरे कपड़ो को उठाते हुए कहा,”अह्ह्ह आई ऍम सो सॉरी”
“कोई बात नहीं मैं इन्हे रख देती हूँ”,अवनि ने पृथ्वी के हाथो से कपडे लेते हुए कहा और सहसा ही उसकी उंगलिया पृथ्वी के हाथो से टकरा गयी। एक सिहरन जो सिर्फ पृथ्वी महसूस कर पा रहा था।
अवनि ने कबर्ड में रखे बाकि कपडे और सामान भी निकाला और बिस्तर पर रख दिया। अवनि ने कबर्ड साफ किया और सभी कपडे तह करके ज़माने लगी। पृथ्वी कमरे का बाकी सामान बाहर निकालकर रखने लगा। वह ऐसा करना तो नहीं चाहता था लेकिन अवनि को अकेले काम करते देखकर उसे अच्छा नहीं लग रहा था।
कमरे का सब सामान बाहर था और अवनि भी कबर्ड जमा चुकी थी। उसके बाद उसने पृथ्वी को थमाया झाड़ू और कमरे की दीवारे साफ़ करने को कहा जिन पर धूल मिटटी और जाले जमा थे। पृथ्वी ने झाड़ू हाथ में पकडे मायूसी से अवनि को देखा तो अवनि ने कहा,”तुम्हे अपने लम्बे होने का बहुत गर्व है ना चलो जाले साफ करो क्योकि मेरा हाथ वहा तक नहीं जाएगा”
पृथ्वी ने कुर्सी खिसकाई और उस पर चढ़कर जाले साफ करते हुए बड़बड़ाया,”साला इस दिन के लिए मैंने जिम जाकर ये बॉडी बनायीं थी,,,,,,,,,,अब पता चला शादी में ये सब भी होता है”
पृथ्वी को काम पर लगाकर अवनि बाहर आयी और बाहर पड़े सामान को साफ करने लगी। दोपहर हो चुकी थी लेकिन किचन में अभी खाना बनाने के लिए ना ही सामान था और ना ही सुविधा , अवनि काम में बिजी थी कि डोरबेल बजी।
वह उठी और दरवाजा खोला तो देखा सामने नकुल खड़ा था और इस बार भी उसके हाथो में एक बैग था। इस बार नकुल को देखकर अवनि हल्का सा मुस्कुराई और उसे अंदर आने को कहा।
अंदर आकर नकुल ने बैग अवनि की तरफ बढ़ाया और पृथ्वी के बारे में पूछा तो अवनि ने कमरे की तरफ इशारा कर दिया। नकुल कमरे की तरफ बढ़ गया और अवनि नकुल का लाया खाना लेकर किचन में चली आयी।
“आज आया ऊँट पहाड़ के नीचे , तुम्हे घर की सफाई करते देखकर मुझे कितना सुकून मिल रहा है मैं ये शब्दों में बयां नहीं कर सकता पृथ्वी,,,,,,,,अच्छे लग रहे हो”,नकुल ने पृथ्वी की टाँग खींचते हुए कहा
पृथ्वी ने नकुल को वहा देखा तो जल्दी से झाड़ू नीचे फेंकी और कुर्सी से उतरकर कहा,”ऐसा कुछ नहीं है वो तो अवनि अकेले काम कर रही थी इसलिए मैं बस उसकी हेल्प कर रहा था,,,,,,,,,,,और तुम फिर से यहाँ क्या कर रहे हो ?”
“तुम दोनों के लिए खाना लेकर आया हूँ,,,,,,,चलकर खा लो”,नकुल ने मुँह बनाकर कहा
पृथ्वी ने सुना तो नकुल के कंधो पर हाथ रखकर उसके साथ बाहर चला आया। वाशबेसिन के सामने आकर पृथ्वी ने हाथ धोये और नकुल के साथ हॉल में चला आया तब तक अवनि खाना लगा चुकी थी।
पृथ्वी और नकुल ने अपनी अपनी प्लेट ली और वही बैठकर खाने लगे। अवनि ने भी अपनी प्लेट ली और जैसे ही पहला निवाला खाया खाना उसके गले में अटक गया। वह खाँसने लगी ये देखकर पृथ्वी ने जल्दी से अपना प्लेट साइड में रखा और पानी का गिलास अवनि की तरफ बढ़ा दिया। पानी पीकर भी अवनि को आराम नहीं मिला तो पृथ्वी ने उसका सर धीरे धीरे थपथपाया और कहा,”ऐसा कभी हुआ है कुछ खाया हो और गले में ना लगा हो,,,,,!!!”
नकुल ने सुना तो मुस्कुरा उठा और प्यार से दोनों को देखने लगा
( आखिर कब आएगा वो दिन जब अवनि पृथ्वी को “आप” कहकर बुलाएगी ? क्या अवनि के साथ रहकर सुधर जाएगा पृथ्वी या अवनि को भी बना लेगा अपने जैसा ? क्या पृथ्वी की परवाह और उसका साथ भर पायेगा अवनि के दिल पर लगे जख्म ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )
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संजना किरोड़ीवाल
रिया ने सुना तो उलझन में पड़ गयी और कहा,”वो तुम्हारी गर्लफ्रेंड भी नहीं है और उसने तुम्हे I Love You भी नहीं कहा तो क्या इसका मतलब ये One Sided है ? एंड उसने तुमसे शादी कैसे कर ली ? ओह्ह्ह्ह पृथ्वी मेरा तो दिमाग फट जायेगा”,रिया ने अपना सर पकड़ कर कहा
“तुम्हारा सर फ़टे इस से पहले तुम अपने बेबी को लेकर यहाँ से जाओ,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने नकुल और रिया को दरवाजे की तरफ ले जाते हुए कहा
