Pasandida Aurat Season 2 – 38
पृथ्वी और नकुल , लक्षित को चिढ़ाकर अंदर चले आये। अवनि भी दरवाजा बंद करके उनके पीछे अंदर आयी और पृथ्वी से कहा,”पृथ्वी ! वो तुम्हारा छोटा भाई है तुम्हे उसके लिए खेलना चाहिए”
“छोटा भाई ! आप भूल गयी उस दिन उसने मुझसे कितना अकड़कर बात की थी , एक बार तो मुझे उसकी अक्कल ठिकाने लानी ही होगी”,पृथ्वी ने अवनि की तरफ देखकर कहा
“अरे भाभी ! आप क्यों टेंशन ले रही है ? वैसे भी उन लोगो को हमसे हारने की आदत है , एक बार और सही,,,,,,,,क्यों पृथ्वी ?”,नकुल ने पृथ्वी की तरफ हाथ बढाकर कहा तो पृथ्वी ने उसे हाई फाइव दिया और कहा,”बिल्कुल,,,,,,,,,पृथ्वी उपाध्याय को कोई हरा सके ऐसा आज तक सोसायटी में कोई पैदा नहीं हुआ”
अवनि ने सुना तो पृथ्वी को एकटक देखने लगी उसके मन में क्या चल रहा था ये तो बस वही जानती थी लेकिन कुछ तो चल रहा था उसके मन में , वह पृथ्वी को देखकर मुस्कुराई और कहा,”आल द बेस्ट”
“थैंक्यू मैडम जी,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने सीने पर हाथ रखा और बहुत ही अदा के साथ अपना सर झुकाकर कहा
अवनि नाश्ते के बर्तन उठाकर किचन में चली गयी और पृथ्वी नकुल के साथ सोफे पर आ बैठा। अवनि के किचन में जाने के बाद पृथ्वी ने नकुल से धीमे स्वर में कहा,”वैसे तू सन्डे के दिन यहाँ क्या कर रहा है ? तुझे पता है ना मेरी नयी नयी शादी हुई है मुझे अवनि के साथ थोड़ा क्वालिटी टाइम बिताने दे यार,,,,,,,,!!!”
“और कितना क्वालिटी टाइम बिताएगा भाई , जबसे शादी हुई है मैंने तुझे घर से बाहर निकलते नहीं देखा,,,,,,,,,,पूरा दिन तू अवनि के साथ रहता है,,,,,,!!!”,नकुल ने पृथ्वी को कोहनी मारकर कहा
“कहा यार ? पिछले तीन दिन से तो रोज ऑफिस जा रहा हूँ और दो दिन से अवनि की तबियत खराब थी , आज सन्डे है सोचा आज बैठकर पूरा दिन उस से बातें करूंगा , उसके साथ थोड़ा टाइम स्पेंड करूंगा तो तुम आ गए,,,,,,,,,,,,जाओ न यहाँ से”,पृथ्वी ने बच्चो की तरह कुनमुनाते हुए कहा
“भाई कितनी बाते करोगे तुम लोग ? शादी के बाद सिर्फ बातें ही नहीं होती है और भी बहुत कुछ होता है,,,,,,,,,!!”,नकुल ने शब्दों को चबाते हुए कहा
“क्या होता है ?”,पृथ्वी ने पूछा क्योकि उसे नकुल की बातें ज़रा भी समझ नहीं आ रही थी
“अरे वही सब,,,,,,,जो शादी के बाद होना चाहिए,,,,,,,,,अब मैं तुम्हे सीधे सीधे कैसे बताऊ ? अरे वही सब यार,,,,,,,,!!”,नकुल ने कहा
“देख मुझे तेरी कोई बात समझ नहीं आ रही है तू , तू जा यहाँ से,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने उसे खुद से दूर धकियाकर कहा
“समझ नहीं आ रही या न समझने का नाटक कर रहे हो,,,,,देख रहा हूँ मैं उपाध्याय शादी के बाद बदल गए हो तुम,,,,,,,अच्छा ये तो बता दो कैसी रही ?”,नकुल ने शरारत से पूछा
“क्या ?”,पृथ्वी ने सामने पड़ा पानी का बोतल उठाया और मुँह से लगाते हुए पूछा
“अरे तुम दोनों की फर्स्ट नाईट,,,,,,,,!!!”,नकुल ने दबे स्वर में कहा
नकुल की बात सुनकर पृथ्वी के मुँह में भरा पानी बाहर आकर गिरा और वह खांसने लगा। उसने बोतल रखा और नकुल को वहा से भगाते हुए कहा,”चलो निकलो यहाँ से,,,,,,,,!!”
“अरे लेकिन,,,,,,,,,!!”,नकुल ने कहा लेकिन तब तक पृथ्वी ने उसे दरवाजे के बाहर किया और कहा,”शाम में ग्राउंड में मिलते है,,,,,,,!!”
“अरे मेरी बात,,,,,,,!!”,नकुल कहता ही रह गया और पृथ्वी ने दरवाजा उसके मुँह पर बंद कर दिया।
दरवाजा बंद कर पृथ्वी ने अपने सीने पर हाथ रखा और राहत की साँस लेकर पलटा तो चौंका क्योकि सामने अवनि खड़ी थी। पृथ्वी को परेशान देखकर अवनि ने कहा,”क्या हुआ और नकुल जी कहा गए ?”
“वो वो उसे कुछ जरुरी काम याद आ गया था इसलिए वह चला गया”,पृथ्वी ने कहा
“हम्म्म ठीक है,,,,,,,,पृथ्वी”,अवनि ने कहा
“हाँ,,,,,!!”,पृथ्वी ने कहा वह अब अवनि से नजरे चुरा रहा था क्योकि नकुल की कही बात अभी भी उसके जहन में घूम रही थी।
फर्स्ट नाईट तो दूर पृथ्वी ने तो अभी तक अवनि को पति के हक़ से छुआ तक नहीं था। पृथ्वी को नजरें चुराते देखकर अवनि को अजीब लगा तो उसने कहा,”मेरी तरफ देखो”
पृथ्वी ने एक नजर अवनि की तरफ देखा और फिर दूसरी तरफ देखने लगा तो अवनि ने कहा,”क्या हुआ है तुम्हे ?”
“अह्ह्ह कुछ कुछ नहीं आप मुझसे कुछ कह रही थी ?”,पृथ्वी ने कहा
“हाँ ! तुम्हे अगर ऐतराज ना हो तो मैं नीचे घूमकर आऊं ?”,अवनि ने धीरे से कहा
“हाँ तो चलिए ना मैं भी साथ चलता हूँ,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने कहा
“पृथ्वी,,,,,,,,,मैं कुछ वक्त अकेले रहना चाहती हूँ , बाहर खुली हवा में कुछ वक्त बिताना चाहती हूँ,,,,,आई हॉप यू अंडरस्टेंड”, सधे हुए स्वर में कहा
पृथ्वी ने सुना तो सोच में पड़ गया और फिर कहा,”अह्ह्ह्ह हाँ ठीक है,,,,,,,,आप जाईये और आपको कही आने जाने के लिए मेरी परमिशन की जरूरत नहीं है। आपका जब मन हो आप बाहर जा सकती है ऐसे कोई बॉउंड्री नहीं है आप पर,,,,,,हाँ आप जाईये”
“थैंक्यू,,,,,,!!”,कहकर अवनि ने टेबल पर रखा अपना फोन उठाया और वहा से चली गयी।
अवनि के जाने के बाद पृथ्वी अपने नाख़ून चबाते हुए वही हॉल में घूमने लगा और बड़बड़ाया,”ये अवनि एकदम से अकेले क्यों रहना चाहती है ? ऐसा क्या हुआ होगा ? क्या वो अपने पास्ट को लेकर कुछ सोच रही है ? अह्ह्ह्ह नहीं पास्ट के बारे में क्यों सोचेगी उसका प्रेजेंट इतना खूबसूरत है और जब से वो मुंबई आयी है उस बारिश के अलावा उसने एक बार भी अपने पास्ट के बारे में बात नहीं की,,,,,,,,,,तो क्या फिर उसे अपनी फॅमिली की याद आ रही है ?
अह्ह्ह्ह नहीईई फॅमिली वालो से उसने पहले ही रिश्ता तोड़ दिया फिर वह उन्हें याद क्यों करेगी ? तो फिर अकेले रहना क्यों चाहती है ? मैंने तो ऐसा कुछ नहीं किया जिस से वो हर्ट हो,,,,,,,,,,,,!!!”
कहते हुए पृथ्वी ने पानी का बोतल उठाया और पीने के लिए ढक्कन खोला लेकिन पीने से पहले ही एक ख्याल उसके दिमाग में आया और उसने ढक्कन वापस बंद करते हुए कहा,”पर क्या पता मैंने उसे हर्ट कर दिया हो और इसलिए वो मुझसे दूर अकेले रहना चाहती है,,,,,,,,,पर मैंने ऐसा क्या किया होगा ?
अह्ह्ह्ह अजीब है यार मुझे पता भी नहीं है मैंने क्या किया है और मुझे अब ये पता लगाना है कि मैंने ऐसा क्या किया होगा जिस से अवनि हर्ट है और अकेले रहना चाहती है,,,,,,,,,,,!!!”
कहते हुए पृथ्वी ने बोतल वापस टेबल पर रखा और किचन की तरफ चला आया। किचन में आकर पृथ्वी फिर बड़बड़ाने लगा,”लेकिन मैंने ऐसा क्या किया होगा जिस से वो मेरे सामने रहना नहीं चाहती है ? क्या वो मेरी शक्ल तक नहीं देखना चाहती है ?
अह्ह्ह नहीं नहीं ऐसा नहीं है अभी कुछ देर पहले ही तो उन्होंने मुझसे कहा कि पृथ्वी मेरी तरफ देखो , क्या पता वो आखरी बार मुझे देखना चाह रही हो,,,,,,,,,,,अरे नहीं , ऐसा थोड़े होता है यार , कम से कम मुझे पता तो हो मेरी गलती क्या है ?
कहते कहते पृथ्वी किचन प्लेटफॉर्म पर आ बैठा और रेंक में रखा डिब्बा उठा लिया जिसमे कुकीज रखी थी।
उसने अवनि के बारे में सोचते हुए डिब्बे का ढक्कन खोला और उसमे से एक कुकी निकालकर खाते हुए कहा,”हो सकता है वो सच में कुछ देर के लिए अकेले रहना चाहती हो , उसे खुली हवा में जाना हो,,,,,,,,,,पर हवा तो बालकनी में भी आती है ना और अकेले क्यों वो मेरे साथ भी तो जा सकती है मैं थोड़े ना उसको रोक रहा था,,,,,,,,,,,लेकिन अकेले रहना है हाह ये बात कुछ समझ नहीं आ रही,,,,,,,,,!!!”
कहते हुए पृथ्वी ने दूसरी कुकी निकाल ली और उसे खाते हुए फिर बड़बड़ाया,”अरे ! कही उसने मेरी और नकुल की बात तो नहीं सुन ली,,,,,,,,,,,,नकुल ने जो कहा कही वो सुनकर उसे लगा हो मैं उसके साथ फर्स्ट नाईट,,,,,,,,,,छी छी , मतलब मैं चाहता हूँ लेकिन उनकी मर्जी के बिना नहीं चाहता,,,,,हाँ यही हुआ है तभी वो मुझसे दूर चली गयी,,,,,,,,अह्ह्ह्हह वो सोच रही होगी मैं कितना बड़ा ठरकी हूँ जो ये सब चाहता हूँ , अरे नहीं मैंने ऐसा कुछ भी नहीं सोचा कसम से वो तो उस नालायक नकुल ने कहा,,,,,,,,,,,,,,
कही उसे ये तो नहीं लग रहा कि मैं ये सब पहले भी कर चुका हूँ या मेरा लड़कियों के साथ चक्कर चल चुका है,,,,,,,,,अरे नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है , मैंने तो आज तक किसी लड़की को किस तक नहीं किया है , मैं एकदम प्योर हूँ यार सच में,,,,,,,,,,,!!!”
खुद से बाते करते हुए पृथ्वी ने आधा डिब्बा खाली कर दिया और अगली कुकी खाते हुए कहा,”ये सब उस नकुल की वजह से हुआ है,,,,,,,,,उसकी बात सुनकर ही अवनि ने मुझे गलत समझा है,,,,,,,,,!!!!”
“ओह्ह्ह्ह तो तुम्हे ये अब समझ आ रहा है,,,,,,,,!!”,एक जानी पहचानी आवाज पृथ्वी के बांयी तरफ से आयी तो पृथ्वी ने गर्दन घुमाकर देखा उसका दिल अपने सफ़ेद पंखो को फड़फड़ा रहा था। पृथ्वी उस से कुछ कहता या समझाता इस से पहले दाँयी तरफ से आवाज आयी,”इसमें इसकी क्या गलती है इस बेचारे को तो पता भी नहीं है इसने किया क्या है ?”
“हाँ सही कहा”,पृथ्वी ने अपने दाँयी तरफ घूमते दिमाग को देखकर कहा
“कुछ सही नहीं कहा है , इसका तो दिमाग खराब हो गया है ,, उलटा सीधा सोचेगा और तुम्हे वो करने पर मजबूर करेगा,,,,,,,,!”,दिल ने कहा
“अबे मैं ही दिमाग हूँ और क्या उलटा सीधा सोचा मैंने मैं हमेशा लॉजिकल बात सोचता हूँ,,,,,,,,,,ए पृथ्वी तुमने कुछ गलत नहीं किया,,,,,,,अवनि तुम्हारी वाइफ है उसे लेकर फीलिंग्स रखना गलत नहीं है”,दिमाग ने कहा
“फीलिंग्स रखना गलत नहीं है लेकिन उन्हें किसी से शेयर करना तो गलत है न”,दिल ने कहा
“ओह्ह्ह शट अप , पृथ्वी ने कुछ गलत नहीं किया,,,,,,,!!”,दिमाग ने कहा
“गलत किया है और तुम्हे अवनि के पीछे जाना चाहिए ये जानने के लिए कि तुम्हारी गलती क्या है ?”,दिल ने अपने हाथो को बांधकर कहा
“हाह ! क्या बकवास है अब क्या तुम जिंदगीभर अवनि से बस माफ़ी ही मांगते रहोगे ? तुम्हे अपने रिश्ते में आगे बढ़ना चाहिए और यही सही वक्त है,,,,,,,!!”,दिमाग ने भी कठोरता से कहा
“माफ़ी मांगने में क्या बुराई है ? अगर तुम उस से प्यार करते हो तो तुम उस से जिंदगीभर माफ़ी मांग सकते हो,,,,,!!”,दिल ने कहा
“हाँ सही कहा इसने मैं उनसे जिंदगीभर मांग सकता हूँ”,पृथ्वी ने डिब्बे से कुकी निकाली और खाते हुए मासूमियत से कहा
“ए तू इसकी बातो में मत आ,,,,,सिर्फ तू उस से प्यार करता है लेकिन उसके प्यार का क्या ? उसे भी तो तुमसे प्यार करना चाहिए तभी तो तुम दोनों के बीच,,,,,,,,,,,अहममम अहम्म्म्म मैं नहीं बोलूंगा मुझे शर्म आ रही है”,दिमाग ने शर्माते हुए कहा
“ऐसे फालतू ख्याल तुम्हे ही आ सकते है , सुनो पृथ्वी अवनि तुम से प्यार करती है तुमने देखा ना वो कैसे तुम्हारी परवाह करती है , तुम्हारे लिए खाना बनाती है , हर मुश्किल सिचुएशन में तुम्हे सम्हाल लेती है , तुम्हारे कहे बिना भी वो तुम्हारे मन का हाल जान लेती है , हाँ उसने होंठो से नहीं कहा लेकिन उसकी आँखे , उसकी आँखों में तो तुमने अपने लिए प्यार देखा है ना,,,,,,,,,,,फिर क्यों इस दिमाग की बातों में आकर इस खूबसूरत रिश्ते को खराब करना चाहते हो”
दिल ने पृथ्वी को समझाया और पृथ्वी एक बार फिर अपने दिल की तरफ झुकता नजर आया तो दिमाग ने उसकी कोलर पकड़कर उसे अपनी तरफ किया और कहा,”ये सब से जिंदगी आगे नहीं बढ़ती है और अब तुम्हे अवनि से माफ़ी मांगने की जरूरत नहीं है ,, नकुल से की बातें उसने सुन भी ली तो अच्छा है कम से कम उसे ये अहसास होना चाहिए कि तुम एक लड़के हो और तुम्हारी भी कुछ फीलिंग्स है,,,,,,,,!!!”
“तुम्हे जाना चाहिए और अवनि से पूछना चाहिए उसे तुम्हारी किस बात ने हर्ट किया”,दिल ने हताश होकर कहा
“नहीं तुम्हे नहीं जाना चाहिए”,दिमाग ने कहा
“तुम्हे जाना चाहिए”,दिल ने कहा
” नहीं जाना चाहिए”,दिमाग ने कहा
ये दिल और दिमाग की जंग में पृथ्वी कभी दाँये देखता कभी बाँये और आखिर में उसने झल्लाकर कहा,”शटअअअअअअअअअ प , चुप हो जाओ दोनों”
पृथ्वी का चिल्लाना सुन दोनों हवा में गायब हो गए। पृथ्वी ने हाथ में पकड़ा डिब्बा साइड में रखा और प्लेटफॉर्म से नीचे उतरा वह किचन से बाहर आया। वाशबेसिन के सामने आकर मुँह धोया और शीशे में देखकर कहा,”हाह ! मुझे अवनि से मिलना चाहिए और पूछना चाहिए कि आखिर अब मैंने क्या किया ? मैं उसे ऐसे अकेला नहीं छोड़ सकता यार,,,,,,,,,,,!!!”
अपार्टमेंट से बाहर आकर अवनि ने इधर-उधर देखा तो उसे सामने बने सोसायटी पार्क में लक्षित अपने दोस्त के साथ दिया। अवनि मुस्कुराई और पार्क की तरफ चली आयी। वह अंदर आयी और लक्षित से कुछ दूर रुककर कहा,”हेलो,,,,,,,,,!!!”
अवनि की आवाज सुनकर लक्षित ने पलटकर देखा लेकिन अवनि को देखकर वापस गर्दन घुमा ली और हाथ में पकड़ी बॉल नीचे जमीन पर मारकर कैच करने लगा। प्रशांत ने देखा लक्षित अवनि को इग्नोर कर रहा है तो उसने कहा,”तुम उन्हें इग्नोर क्यों कर रहे हो ? एटलीस्ट उनसे बात तो करो,,,,,,,,,,,,!!!”
अवनि ने देखा लक्षित ने उसे देखकर मुँह फेर लिया है तो वह उसके पास आयी और कहा,”लक्षित बाकि सब घरवालों की तरह क्या तुम भी मुझसे नाराज हो ?”
लक्षित ने सुना तो अवनि की तरफ देखा और फिर नजरे झुकाकर कहा,”आपने और दादा ने आई बाबा का दिल दुखाया है,,,,,,,,!!!”
अवनि ने सुना तो मुस्कुराई लेकिन उसकी मुस्कराहट में एक दर्द था , वह कुछ देर खामोश रही और फिर कहा,”पृथ्वी ने जो किया वो मैं तुम्हे नहीं समझा सकती लक्षित हाँ जब तुम उसकी उम्र के हो जाओगे और तुम्हे किसी से मोहब्बत होगी तब तुम्हे समझ आएगा उसने ये सब क्यों किया ?,,,,,,!!!”
“तो फिर आप यहाँ क्यों आयी है ?”,लक्षित ने उखड़े स्वर में कहा
“मैं चाहती हूँ आज का मैच तुम जीतो”,अवनि ने सहजता से कहा
लक्षित ने सुना तो हैरानी से अवनि को देखा , अवनि पृथ्वी की पत्नी होकर भी उसके हारने की बातें कर रही थी। प्रशांत ने सुना तो मायूसी से कहा,”हाँ लेकिन कैसे ? पृथ्वी भैया ने तो हमारी टीम में खेलने से मना कर दिया है ना”
“हाँ मना तो कर दिया है लेकिन मेरे पास उसे हराने का एक आइडिआ है”,अवनि ने कहा
लक्षित और प्रशांत ने एक दूसरे को देखा और फिर लक्षित ने कहा,”कैसा आइडिआ ?”
“तुम लोग मुझे अपनी टीम में ले लो,,,,,,!!!”,अवनि ने कहा
प्रशांत ने सुना तो हसने लगा और कहा,”अरे भाभी ! आप हमारे साथ कैसे खेल सकती है आप तो लड़की है न ? ये मैच लड़को के बीच होगा और आपको क्रिकेट थोड़े खेलना आता है”
“हाँ मुझे खेलना तो नहीं आता लेकिन मैं तुम लोगो को जितवा सकती हूँ”,अवनि ने कहा
“और आप हमारी मदद क्यों कर रही है ?”,लक्षित ने मासूमियत से कहा
“क्योकि वो पृथ्वी जो है ना , वो मुझे बहुत तंग करता है। जब देखो तब अपनी हाइट मुझसे कम्पेयर करता रहता है और अपने क्रिकेट को लेकर बड़ी बड़ी फेंकता है,,,,,,,,,!!!”,अवनि ने कुनमुना कर कहा
लक्षित ने सुना तो अवनि का चिढ़ा हुआ चेहरा देखकर हंसा लेकिन जैसे ही उसकी नजर अवनि से मिली वह चुप हो गया और प्रशांत को साइड में लाकर कहा,”कही ये दादा की कोई चाल तो नहीं ?”
“वो ऐसा क्यों करेंगे ? और अगर हमने भाभी को अपनी टीम में रखा तो क्या पता उन्हें देखकर पृथ्वी भैया खुद ही हार मान ले,,,,,,,,,!!!”,प्रशांत ने कहा
“तुम्हे कैसे पता ?”,लक्षित ने कहा
“तुम सच में बुद्धू हो तुम्हे कुछ नहीं पता,,,,,,,,,अरे हम भाभी को कहकर पृथ्वी भैया का ध्यान भटकायेंगे ना,,,,,,!!”,प्रशांत ने कहा
लक्षित ने उसकी बात मान ली और दोनों अवनि के पास चले आये। लक्षित ने अवनि की तरफ देखा और कहा,”ठीक है हम आपको अपनी टीम में ले लेंगे लेकिन आप सबसे लास्ट खेलेंगी और अगर हमारी टीम हारी,,,,,,,,,,,!!!”
“तो मैं तुम जो कहोगे वो करुँगी”,अवनि ने लक्षित की बात पूरी होने से पहले कहा
“डन,,,,,,,,!!”,प्रशांत ने अवनि को हाई फाइव देकर कहा तो अवनि ने अपना हाथ उसके हाथ से टकराया और फिर लक्षित की तरफ हाथ किया तो लक्षित ने अवनि को देखा और वहा से चला गया। अवनि ने मुस्कुरा कर अपना हाथ नीचे कर लिया।
( क्या सच में अवनि ने सुन ली थी नकुल और पृथ्वी की बातें ? पृथ्वी की ये ओवरथिंकिंग किसी पहुंचेगी किसी नतीजे पर या ऐसे ही खुद में उलझा रहेगा वो ? आखिर क्यो पृथ्वी के खिलाफ जाकर अवनि करना चाहती है लक्षित की मदद ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )
Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38
Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38Pasandida Aurat Season 2 – 38
- Continue With Pasandida Aurat Season 2 – 39
- Visit https://sanjanakirodiwal.com
- Follow Me On http://instagram.com/sanjanakirodiwal/
संजना किरोड़ीवाल
