Pasandida Aurat Season 2 – 13
पृथ्वी मासूम सी शक्ल बनाकर अवनि के सामने खड़ा था और अवनि अपने दोनों हाथो को आपस में बांधकर पृथ्वी को घूर रही थी जबकि वही पास में खड़ा नकुल हाथ में पकड़ी किताबो को एक एक करके देख रहा था तभी उसके सामने उसकी वही पुरानी किताब आयी जो वह बनारस लेकर गया था पढ़ने के लिए , लेकिन उस किताब को फटेहाल देखकर नकुल ने पृथ्वी से कहा,”ये तो मेरी किताब है ना , ये तेरे पास कैसे आयी और ये फ़टी कैसे ?”
अवनि के सामने पृथ्वी का झूठ पहले ही आ चूका था और अब तो नकुल के सामने भी पृथ्वी का नया झूठ सामने आ चूका था। पृथ्वी खामोश और दोनों पृथ्वी को घूरे जा रहे थे। पृथ्वी को खामोश देखकर नकुल ने वही किताब अवनि की तरफ बढ़ाई और कहा,”इसे छोड़िये भाभी ! आप ये पढ़िए बनारस पर लिखी बहुत अच्छी किताब है आपको पसंद आएगी,,,,,,,,,,!!”
अवनि ने किताब ली और राइटर का नाम देखकर मुस्कुराई , उसने किताब नकुल की तरफ बढ़ाई और सहजता से कहा,”इसे मैंने ही लिखा है”
नकुल ने सुना तो पहले हैरानी से अवनि को देखा और फिर किताब पर लिखे राइटर के नाम को , नकुल को अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ जिसकी किताब पढ़कर वह बनाकर गया था वह लड़की उसके सामने खड़ी थी “अवनि मलिक” “बनारस ही क्यों ?” की लेखिका , नकुल को समझ नहीं आया क्या कहे और क्या प्रतिक्रया दे ? वह अवनि की तरफ देखकर झेंपते हुए मुस्कुराया और फिर पृथ्वी की तरफ देखा तो पृथ्वी दूसरी तरफ देखते हुए अपनी गर्दन खुजाने लगा।
भाभी आप दो मिनिट के लिए अंदर जाएँगी प्लीज”,नकुल ने अवनि से रिक्वेस्ट की हालाँकि अवनि पृथ्वी से गुस्सा थी और उस से जवाब चाहती थी लेकिन नकुल की बात मानकर वह वहा से चली गयी। जैसे ही कमरे का दरवाजा बंद हुआ नकुल ने हाथो में पकड़ी किताबे सोफे पर रखी और पृथ्वी पर टूट पड़ा
“कुत्ते कमीने , तूने मुझसे ये सब छुपाया,,,,,,,तूने बोला किताब ट्रेन में छूट गयी है और तू किताब लिखने वाली को भी नहीं जानता,,,,,,,,,,इन्फेक्ट तुझे तो ऐसी किताबे पढ़ना बोरिंग लगता है फिर ये किताब तेरे बुक रेंक में क्या कर रही है ? तूने मुझे बताया कि तू एक लड़की को पसंद करता है जो राजस्थान से है लेकिन ये क्यों नहीं बताया कि वो लड़की कोई और नहीं बल्कि उसी किताब की राइटर है,,,,,,,,,,,हाह ! कमीने तू मेरा दोस्त होकर मुझसे ये सब कैसे छुपा सकता है ? मैं तुझे छोडूंगा नहीं,,,,,,,,,,,,!!”,कहते हुए नकुल ने पृथ्वी की दो चार घुसे तो जड़ ही दिए ,
जवाब में पृथ्वी बस अपना बचाव करता रहा क्योकि उसकी गलती थी उसने ये सब नकुल से छुपाया था।
पृथ्वी को चुपचाप मार खाते देखकर नकुल साइड हटा और कहा,”छः ! खुद को मेरा दोस्त कहता है और मुझसे ये सब छुपाया , क्या मुझे ये सब जानने का हक़ नहीं था,,,,,,,,,,,,पता होता तू जिस लड़की को पसंद करता है वो “अवनि मलिक” है तो मैं उसके बारे में कभी गलत नहीं बोलता,,,,,,,,!!!”
पृथ्वी ने सुना तो मुस्कुराया और नकुल को मनाने लगा , नकुल ने थोड़े नखरे किये लेकिन बाद में मान गया और कहा,”मेरा ठीक है लेकिन तूने अवनि को मराठी में क्या बोलना सिखाया ? और साथ ही उसका मीनिंग भी गलत बताया”
पृथ्वी मुस्कुराया और कहा,”उसके मुँह से मराठी में वो सब कितना प्यारा लग रहा है ना,,,,,,,जब वो बार बार ये कहती है “”पृथ्वी माझा नवरा आहे आणि मी त्याच्यावर खूप प्रेम करते, मी त्याला कधीही सोडणार नाही”‘ हाये ! ये सुनकर तो ऐसा लगता है दिल निकालकर उसके कदमो में रख दू”
नकुल ने सुना तो मुस्कुराया और फिर सीरियस होकर कहा,”और जब तेरे उसी दिल का वो कीमा बनाएगी तब कैसा लगेगा पृथ्वी बाबू तुम्हे उस से ये सब ही सुनना था तो उसे इस लाइन का सही मतलब बताते झूठ क्यों कहा ?”
पृथ्वी ने सुना तो खामोश हो गया अब वह नकुल को कैसे बताये कि अवनि ने तो कभी उसके सामने प्यार का इजहार किया ही नहीं , ना कभी उसने ये कहा कि वह पृथ्वी से प्यार करती है।
पृथ्वी को खामोश देखकर नकुल ने कहा,”वैसे भाभी बहुत गुस्से में है तू तो गया काम से,,,,,,,,,,!!”
“हाह ! उसे मनाना मेरे बाँये हाथ का खेल है,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने इतराकर कहा
“अच्छा ! तो जाओ मनाओ , मैं चला अपनी किताबे लेकर,,,,,,वैसे भी मुझे आज ऑफिस जाना है”,कहते होते नकुल ने किताबे उठाई और साथ ही उस किताब को भी जो पृथ्वी ने चुराई थी लेकिन नकुल उसे लेकर जाता इस से पहले पृथ्वी ने उस किताब को छीना और कहा,”ये मुझे दो,,,,,,,,,,!!”
“अब तुम्हे ये क्यों चाहिए ? इसे लिखने वाली पूरी की पूरी तुम्हारे पास है इसका तुम क्या करोगे ?”,नकुल ने हैरानी से कहा
“मुझे अवनि से मिलाने का जरिया यही किताब है इसे तो मैं अपनी आखरी साँस तक अपने पास रखूंगा”,पृथ्वी ने किताब को अपने सीने से लगाकर कहा
नकुल ने बेमन से सहमति में सर हिलाया और वहा से चला गया।
पृथ्वी किताब लेकर वापस बुक रेंक की तरफ आया और उस किताब को खोलकर देखा। किताब के पहले खाली पन्ने पर अवनि की लिखी लाइन पढ़ी “तुम मुझे जिंदगी की शाम में क्यों मिले , मिलना था तो दोपहर में मिलते”
पृथ्वी ने उन शब्दों को छूकर देखा और मुस्कुरा कर कहा,”मैडम जी ! आप शायद नहीं जानती जिंदगी हो या दिन शामें अक्सर दोपहर से ज्यादा खूबसूरत होती है,,,,,,,,,और आपकी जिंदगी की शामें तो यकीनन खूबसूरत होगीं क्योकि उनमे मैं जो आपके साथ रहूंगा,,,,,,,,,,,आपका हमसफ़र बनकर”
पृथ्वी ने किताब को बंद किया और बाकी किताबों के साथ बुक रैंक में सजा दिया . पृथ्वी वापस हॉल में चला आया और इसी के साथ उसे याद आया कि उसका झूठ अवनि के सामने आ चुका है और अवनि उस से नाराज है। पृथ्वी अवनि को मनाने के बारे सोचने लगा। कुछ देर बाद ही पृथ्वी को ख्याल आया और वह मुस्कुराया।
पृथ्वी किचन में चला आया। गैस पर पतीला चढ़ाया उसमे दूध , पानी , चायपत्ती और चीनी डाली। अदरक और इलायची को बड़े प्यार से कूटा और फिर उबलती चाय में डाल दिया।
रेंक में रखा कप उठाया और उसमे चाय को छान दिया। चाय से बहुत अच्छी खुशबु आ रही थी लेकिन पृथ्वी इसे नहीं पी सकता था क्योकि ये उसने अवनि के लिए बनायीं थी और उसने कुछ देर पहले ही कटोरी भरकर हलवा खाया था। पृथ्वी ने कप उठाया और किचन से बाहर जाने लगा। पृथ्वी रुका और खुद में ही बड़बड़ाया,”उम्मम्मम कुछ कमी है , एक सेकेण्ड,,,,,,,,,,,हम्म्म्म ठीक है”
कहते हुए पृथ्वी ने चाय के कप को अपने होंठो से छुआ और किचन से बाहर चला आया।
कमरे के सामने आकर उसने दरवाजा खटखटाया और कहा,”क्या मैं अंदर आ सकता हूँ ?”
दरवाजा नहीं खुला तो पृथ्वी ने कुछ देर इंतजार किया और फिर साइड में देखकर जैसे ही दरवाजा खटखटाने के लिए हाथ बढ़ाया अवनि ने दरवाजा खोल दिया और पृथ्वी ने अनजाने में दरवाजे के बजाय अवनि के ललाट को नॉक कर दिया।
दरवाजे की जगह अवनि को देखकर पृथ्वी झेंप गया और जल्दी से हाथ नीचे करके कहा,”आई ऍम सॉरी वो मैं,,,,,,,,,,मैं आपके लिए चाय लेकर आया था,,,,,,,,,मैंने खुद बनायीं है,,,,,,,,,क्या मैं अंदर आ जाऊ ?”
अवनि ने कुछ नहीं कहा और अंदर चली गयी ये देखकर पृथ्वी समझ गया कि अवनि सच में उस से नाराज है और अवनि का नाराज होना जायज था पृथ्वी को उस से इतना प्यारा झूठ तो नहीं बोलना चाहिए था। अवनि बिस्तर पर आ बैठी तो पृथ्वी ने ट्रे वही सामने पड़ी टेबल पर रख दिया और हाथ बांधकर खड़ा हो गया।
अवनि ने देखा तो वह और चिढ गयी और कहा,”मेरे सामने ये मासूम बनने की एक्टिंग बंद करो तुम,,,,,,,,,,!!”
पृथ्वी ने सुना तो अपने हाथो को खोल लिया और सीधे खड़ा हो गया। अवनि ने एक नजर उसे देखा और कहा,”तुम ऐसा कैसे कर सकते हो ? मुझे मराठी नहीं आती इसका मतलब तुम मुझे कुछ भी बोलना सिखाओगे ? आज ये बोलने को कहा कल कुछ और कहोगे और मैं बेवकुफो की तरह सबके सामने वो दोहराती रहूंगी बिना ये जाने कि इसका असली मतलब क्या है ?
वो अंकल , तुम्हारे बॉस और तुम्हारी पड़ोसन क्या सोच रही होगी मेरे बारे मे,,,,,,,,,,,,,,हाह ! मैं कितनी बेवकूफ लगी होंगी उन्हें”
“आप बेवकूफ नहीं है,,,,,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने धीरे से कहा
अवनि एक तो पहले ही गुस्सा थी ऊपर से पृथ्वी ऐसी बाते करके उसे और गुस्सा दिला रहा था वह उठी और गुस्से से पृथ्वी की तरफ आते हुए कहा,”चुप रहो तुम , बिल्कुल चुप,,,,,,,,आइंदा से मैं तुम्हारी ऐसी किसी भी बात का विश्वास नहीं करुँगी,,,,,,,!!”
बेचारा पृथ्वी साँस रोक के खड़ा था क्योकि अवनि उसके बहुत करीब खड़ी थी और गुस्से से एकटक उसे देखे जा रही थी। जैसे तैसे उसने थूक निगला और कहा,”लेकिन मैंने आपको गलत क्या सिखाया ? मैं आपका पति ही तो हूँ”
“वो ठीक है लेकिन मैं तुम से प्यार,,,,,,,,,,,!!”,कहते कहते अवनि रुक गयी और फिर पीछे हटकर बिस्तर की तरफ जाते हुए कहा,”तुम्हे ऐसा नहीं करना चाहिए पृथ्वी,,,,,,!!!”
पृथ्वी ने सुना तो कुछ देर खामोश रहा। अवनि बिस्तर पर आ बैठी पृथ्वी ने चाय का कप उठाया और अवनि के सामने आकर उसकी तरफ बढाकर कहा,”मैं जानता हूँ मैंने गलती की है और इसके लिए आप मुझे जो सजा दो मुझे मंजूर है,,,,,,!!”
अवनि ने सुना तो पृथ्वी की तरफ देखने लगी पृथ्वी ने आगे कहा,”लेकिन मैंने आपको जो सिखाया वो गलत नहीं है , मैं बेसब्र इंसान हूँ इसलिए आपके सामने अपनी भावनाये छुपा नहीं पाता लेकिन आप बहुत सब्र वाली है मैडम जी,,,,,,,,,आप इतनी जल्दी अपने दिल की बातें अपने होंठो पर नहीं आने देंगी,,,,,पर कोई बात नहीं मैं इंतजार कर लूंगा,,,,,,,,,!!”
पृथ्वी की बातें सुनकर अवनि का मन बैचैन हो गया वह पृथ्वी को देखने लगी तो पृथ्वी ने कहा,”मैं सच कह रहा हूँ , आप जो भी सजा देंगी मुझे मंजूर है बस मुझसे सॉरी नोट मत लिखवाना प्लीज वो मुझे बहुत बोरिंग लगता है”
अवनि ने पृथ्वी के हाथ से चाय का कप लिया और कहा,”खाने में क्या खाओगे ?”
पृथ्वी को अवनि से इतनी जल्दी माफ़ी की उम्मीद नहीं थी और तो और अवनि उस से खाने के बारे में पूछ रही थी। उसने खुश होकर कहा,”इसका मतलब आपने मुझे माफ़ कर दिया , खाने में आप जो खिलाये मैं सब खा लूंगा”
अवनि मुस्कुराई और चाय पीने लगी।
पृथ्वी अवनि के सामने से उठा और ख़ुशी ख़ुशी कमरे से बाहर चला आया। पृथ्वी ख़ुशी के मारे बड़बड़ाते हुए जा रहा था
“अवनि ने मुझे इतनी जल्दी माफ़ कर दिया ये तो कमाल ही हो गया,,,,,,,,,और तो और उसने मुझे खाने में क्या खाओगे पूछा , हाह ! मेरा तो ये सुनकर ही पेट भर गया ,, वैसे वो क्या बनाने वाली होगी ? उसने इतने प्यार से पूछा है इसका मतलब कुछ अच्छा ही बनाने वाली है। लेकिन उसने इस बार गलती करने पर मुझे मुझे सजा क्यों नहीं दी ? कही उसे मुझसे प्यार तो नहीं हो गया ?
ओह्ह्ह्ह लगता है यही बात है , जब किसी से प्यार हो जाता है तभी हम उसकी गलतियों को नजरअंदाज करते है और बुरा नहीं मानते जैसे मुझे अवनि को कोई बात नहीं लगती तभी तो वो ये कहते कहते रुक गयी कि ‘लेकिन मैं तुमसे प्यार,,,,,,’ हाह ! तुम मुझसे प्यार करती हो , बहुत प्यार करती हो बस तुम कहती नहीं या हो सकता है जताना नहीं चाहती , तुम्हे शायद डर लग रहा होगा कि कही मेरे प्यार के सामने तुम्हारा प्यार कम ना पड़ जाए,,,,,,,,,,
लेकिन ऐसा नहीं है मैंने तो तुमसे पहले भी कहा है कि तुम मुझसे प्यार नहीं भी करो तब भी मैं तुम्हारे साथ रहूंगा क्योकि मेरा प्यार हम दोनों के लिए काफी है,,,,,,,,,,,मैं कहा ये प्यार में उलझ गया , मुझे तो फ़िलहाल इस बात पर फोकस करना चाहिए कि आज अवनि मेरे लिए खाने में क्या बनाने वाली है ? लेकिन ये सुनकर मुझे इतनी ख़ुशी क्यों हो रही है ? अब मैं ये बात किस से शेयर करू ? हां ! नकुल , नकुल को फोन करता हूँ”
खुद से ये सब बातें करते हुए पृथ्वी पुरे हॉल का चक्कर लगा चुका था , खुद से बाते करते हुए वह कुछ ज्यादा ही प्यारा लग रहा था। खुद में बड़बड़ाते हुए वह कभी बालकनी में लगे पर्दो को हवा में उड़ाता तो कभी हॉल में लगे लेम्प को ऑन ऑफ करता , कभी गोल गोल घूमते हुए हुए यहाँ से वहा जाता तो कभी शरमाते हुए अपने नाख़ून कुतरता,,,,,,,,,,,,पृथ्वी इस वक्त वैसा ही लग रहा था जैसे ख्यालो की दुनिया में खोने वाले लोग दिखते है।
वह सोफे पर आ बैठा और टेबल पर रखा अपना फोन उठाया। उसने नकुल का नंबर डॉयल किया। नकुल बेचारा दो दिन बाद ऑफिस गया था और अपने बॉस के सामने खड़ा था कि उसका फोन बजा। स्क्रीन पर पृथ्वी का नाम देखकर नकुल ने फोन काट दिया। पृथ्वी ने फिर उसे फोन लगा दिया
“सर एक मिनिट”,अपने बॉस से कहकर नकुल साइड में आया फोन उठाकर दबे स्वर में गुस्से से कहा,”क्या है ? तुम मुझे इस वक्त फोन क्यों कर रहे हो ? मैंने कहा था ना मैं ऑफिस जा रहा हूँ,,,,,,,,,,,!!!”
“मुझे तुमसे कुछ पूछना है छोडो पहले मुझे तुम्हे कुछ बताना है”,पृथ्वी ने ख़ुशी से चहकते हुए कहा
“हम्म्म बोलो”,नकुल ने दबे स्वर में कहा
“अवनि ने मुझसे पूछा खाने में क्या खाओगे ? लगता है आज वो मेरे लिए कुछ स्पेशल बनाने वाली है,,,,,,,,,,तुम्हे क्या लगता है वो मेरे लिए क्या बनाएगी ?”,पृथ्वी ने बच्चो की तरह खुश होकर पूछा
नकुल ने सुना तो अपना फोन अपने ललाट पर दे मारा और कहा,”सीरियसली पृथ्वी ! तुमने ये पूछने के लिए मुझे फोन किया है , लगता है तुम अवनि के प्यार में कुछ ज्यादा ही पागल हो गए हो”
“हाह ! तुम्हे मैं पागल लग रहा हूँ,,,,,,,भाड़ में जाओ तुम”,कहकर पृथ्वी ने फोन काट दिया। नकुल ने राहत की साँस ली और एक बार फिर अपने बॉस के सामने चला आया।
नकुल का फोन काटकर पृथ्वी फिर खुद में बड़बड़ाने लगा,”हाह ! अजीब लड़का है कहता है मैं अवनि के प्यार में पागल हो गया हूँ,,,,,,,,वो तो ऐसा बोलेगा ही क्योकि आज तक रिया ने उसको कुछ बनाकर जो नहीं खिलाया उसे क्या पता जब पार्टनर तुम्हारे लिए छोटे छोटे एफर्ट करता है तो कितना अच्छा लगता है , वो फीलिंग ही कुछ और होती है,,,,,,,,,तुम लोग क्या समझोगे आज ब्रेकअप कल पेचअप लेकिन यहाँ ऐसा नहीं है ,, मुझे वो हर एफर्ट अजीज है जो अवनि मेरे लिए करेगी,,,,,लेकिन मैं अब किस से पुछू ? क्या मुझे जयदीप सर को फोन करना चाहिए ?
अह्ह्ह्हह नहीं नहीं नहीं वो पहले ही मेरी और अवनि की लव स्टोरी में घुस चुके है मैं उन से ये सब क्यों शेयर करू ? अह्ह्ह्ह लेकिन मुझे जानना है अवनि मेरे लिए क्या स्पेशल बनाने वाली है ? क्यों ना मैं अवनि से ही जाकर पूछ लू,,,,,,,,,,,अह्ह्ह्ह नहीं फिर तो उसका सरप्राइज खराब हो जाएगा न,,,,,,,,,,,नहीं अवनि से नहीं,,,,,,,!!!”
अवनि अपनी चाय खत्म कर कमरे से बाहर आयी उसने जब पृथ्वी को खुद से बातें करते देखा तो कहा,”तुम ठीक हो ?”
अवनि की आवाज से पृथ्वी अपने ख्यालो से बाहर आया और जल्दी से उठकर कहा,”अह्ह्ह्ह हां हां मैं ठीक हूँ , आपको मेरी कोई मदद चाहिए ?”
“नहीं मैं कर लुंगी”,कहकर अवनि किचन में चली गयी और पृथ्वी ख़ुशी से अपने हाथो को बांधकर मुस्कुराने लगा , मुस्कराहट उसके चेहरे से जाने का नाम नहीं ले रही थी
( पृथ्वी से प्यार नहीं है कहते कहते क्यों रुक गयी अवनि ? पृथ्वी के गलती करने पर भी आखिर अवनि ने क्यों नहीं दी उसे कोई सजा ? वैसे आप लोगो के ख्याल से अवनि क्या बनाने वाली है पृथ्वी के लिए स्पेशल ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )
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संजना किरोड़ीवाल
